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सहकारी बैंक की समीक्षा बैठक में खरीफ ऋण, धान उठाव और पैक्स कम्प्यूटराइजेशन पर ज़ोर

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कई अहम विषयों पर की गई विस्तृत समीक्षा

जगदलपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर प्रधान कार्यालय के निर्देशानुसार माह मई-2026 की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रातः 11 बजे जिला बस्तर तथा दोपहर 3 बजे दंतेवाड़ा शाखा भवन में दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिलों के नोडल अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों एवं पर्यवेक्षकों की बैठक हुई।बैठक में वर्ष 2025-26 की मांग वसूली की बैंक एवं समिति स्तर पर समीक्षा करते हुए अल्पकालीन खरीफ ऋण वितरण वर्ष 2026 की प्रगति पर चर्चा की गई। इसके अलावा धान उठाव एवं लेखा मिलान, खाद-बीज भंडारण एवं वितरण, वास्तविक स्टॉक एवं पास मशीन स्टॉक के मिलान संबंधी कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।साथ ही पोर्टल फेस-11 में एंट्री, पुनर्गठित समितियों को समयबद्ध योजना के तहत क्रियाशील बनाने, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन अंतर्गत बैंक मिलान, ऑडिट, रियल टाइम एंड डे, शाखा एवं समिति निरीक्षण की प्रगति पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में आधार सीडिंग एवं डीईएएफ फंड अंतर्गत अनक्लेम्ड डिपॉजिट खातों के विरुद्ध पूर्ण किए गए केवाईसी तथा शेष ग्राहकों की सूची प्रेषण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।समीक्षा बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी केएस ध्रुव, अतिरिक्त प्रबंधक एसए रजा, विपणन अधिकारी एसके कनौजिया एवं मुख्य लेखापाल गौरव शर्मा द्वारा की गई। अधिकारियों ने सभी विषयों में लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी जिलों के नोडल अधिकारी, शाखा प्रबंधक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

अंजुमन इस्लामिया कमेटी जगदलपुर को वक्फ बोर्ड ने बनाया बंधक: मुस्लिम समाज

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3 माह में चुनाव कराने के नाम पर लिया था चार्ज, बीत गए 17 माह

मुख्यमंत्री साय से हस्तक्षेप की अपील

जगदलपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी जगदलपुर के चुनाव की मांग को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने आज पत्रकार भवन में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। समाज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से वक्फ बोर्ड को अंजुमन इस्लामिया कमेटी का चुनाव कराने के लिए आदेशित करने की मांग की है।

मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता में कहा कि छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड द्वारा जगदलपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के निष्पक्ष चुनाव हेतु आज से 17 महिने पहले एक चुनाव संचालन समिति का गठन किया गया था, जिसके माध्यम से 3 माह में चुनाव करा कर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के गठन हेतु निर्देशित किया गया था। नगर पालिका निगम चुनाव की आचार संहिता लागू होने एवं ईद उल फितर के मद्देनजर चुनाव संचालन समिति को 3 माह की और मोहलत वक्फ बोर्ड द्वारा दी गई। जिसके उपरांत वक्फ बोर्ड द्वारा उक्त चुनाव संचालन समिति को एड्हाक कमेटी का दर्जा देकर जगदलपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के संचालन हेतु मनोनीत कर दिया गया। इसके बाद से आज दिनांक तक जगदलपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी का संचालन एड्हाक कमेटी कर रही है। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सीधा वक्फ बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि जगदलपुर की जमात को चुनाव संचालन समिति के नाम पर गुमराह कर वक्फ बोर्ड के द्वारा एड्हाक कमेटी को बैठा दिया गया है और एक तरह से पिछले 17 माह से जगदलपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी को वक्फ बोर्ड द्वारा बंधक बना कर रखा गया है तथा समाज द्वारा चुनाव कराने की मांग पर पूरी तरह से खामोशी इख्तियार कर ली गई है।समाज के प्रतिनिधि मंडल के द्वारा प्रेस वार्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जगदलपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी को वक्फ बोर्ड के बंधन से छुड़ाने और जल्द से जल्द निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की गई है। बस्तर दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आने पर उन्हें चुनाव हेतु ज्ञापन तथा वक्फ बोर्ड की कार्यशैली के खिलाफ शिकायत करने की भी बात कही गई है। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से जियाउल हक, असद रजा, शेख शाहिद अली, एसके हसन राजा, जावेद खान, समीर खान और सद्दाम रजा उपस्थित रहे।

माई दंतेश्वरी की धरा पर आदिवासियों का धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं: शुभम नाग

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अवैध कफन दफन को लेकर प्रांत संयोजक श्री नाग का बस्तर दौरा

जगदलपुर बजरंग दल के प्रांत संयोजक शुभम नाग के एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित सीताराम शिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। बैठक की शुरुआत संगठन की परंपरा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलित कर ब्रह्मनाद एवं विजय महामंत्र के साथ की गई

प्रांत संयोजक शुभम नाग ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कार्यकर्ताओं और युवाओं को संगठन से जुड़कर राष्ट्र एवं धर्म सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से साप्ताहिक मिलन केंद्र को और मजबूती से करने को कहा। क्योंकि साप्ताहिक मिलन हिंदू समाज को संगठित करने का प्रमुख केंद्र है एवं मठ मंदिरों की सुरक्षा भी होगी। नाग ने आगे कहा कि बजरंग दल का ध्येय वाक्य सेवा, सुरक्षा, संस्कार है। इसी ध्येय से बजरंग दल पर कार्य करता है। बजरंग दल हिंदू समाज का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। बस्तर में हो रहे अवैध कफन दफन के मामले आए दिन देखने को मिलते हैं।

ईसाई मिशनरी जानबूझकर गांवों का माहौल खराब करने का कार्य करती है। कांकेर आमाबेड़ा, नारायणपुर जैसी अप्रिय घटनाओं को अंजाम देने के फिराक में रहती हैं, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल होती है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र माता दंतेश्वरी माताऔर मावली की पवित्र भूमि है। भगवान श्रीरामचंद्र जी ने अपने वनवास काल का लंबा समय बस्तर की धरती पर गुजारा। बस्तर देवी देवताओं की भूमि है। यहां के लोग माटी को अपनी मां मानते हैं और मां के साथ कोई खिलवाड़ करे, यह बर्दास्त योग्य नहीं है। श्री नाग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करना चाहिए। मिशनरी अपनी हरकतों से बाज आ जाए अन्यथा भोगने के लिए तैयार रहे। बैठक के दौरान संगठन की आगामी कार्य योजना एवं गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा कर रायपुर में होने वाले बजरंग दल प्रशिक्षण वर्ग में सभी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण लेने का आग्रह किया। विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने बस्तर में हो रहे अवैध धर्मांतरण का पुरजोर विरोध करके कहा कि बजरंग दल अब बर्दाश्त करने वाला नहीं है। हमारे भोले भाले आदिवासी समाज को गुमराह करना बंद करें। जिला बस्तर शंकर लाल गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को धर्म विरोधी लोगों से निपटने के लिए हमेशा तत्पर रहने का आह्वान किया। बैठक में प्रांत संयोजक शुभम नाग, विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, जिला धर्म प्रसार देवेंद्र कश्यप, जिला संयोजक विष्णु ठाकुर, सह संयोजक योगेश रैली, नगर संयोजक जगदीश ठाकुर, सह संयोजक अजय सिंह, गौरक्षा प्रमुख शत्रुघ्न कश्यप, सह प्रमुख पवन, काशी चालकी, हेमराज कश्यप एवं नगर के दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित थे।

महावीर सिंह राठौर के निधन से शोक की लहर

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दल्लीराजहरा कर्मशील समाजसेवी महावीर सिंह राठौर के निधन की खबर से शुभचिंतकों और परिचितों में शोक की लहर छा गई है। नगर के युवा समाजसेवी एवं उद्योगपति आशुतोष माथुर ने राठौर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। माथुर ने कहा है कि चाचाजी का हमारे बीच न रहना अत्यंत पीड़ादायक है। उनसी जुड़ी अनेक स्मृतियां मानस पटल पर चलने लगीं। वे एक दमदार निडर व्यक्तित्व, विपरीत परिस्थितियों का सामना हिम्मत से करने और हिम्मत बंधाने वाले शख्सियत थे।

मै उन भाग्यशाली लोगों में से एक हूं कि उनका प्यार व अपनापन मुझे प्राप्त हुआ। मेरे लिए तो हिम्मत का दूसरा नाम थे चाचाजी। मेरे निजी और व्यवसायिक जीवन के हर सुख और तकलीफ में साथ रहने, मेरी गलतियों पर पूरे अधिकार से डांटने और फिर मजबूती से साथ देने व तमाम विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकालने वाले देवदूत थे चाचा जी। उनका होना मात्र ही मेरा मनोबल ऊंचा रखता था। मेरे जीवन में आई कई विपरित परिस्थितियों में उनका निडरता से साथ देना और मुझे उन परिस्थितियों से बाहर निकालने की अनेक शौर्य गाथाएं है जो मेरे मानसपटल पर आज जीवंत हो रही हैं और हमेशा मेरे साथ रहेंगी। उनके साथ इतनी स्मृतियां है कि पूरी किताब कम पड़ जाए। चाचाजी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि और ईश्वर से कामना की वे उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।

बेटी पूर्वा ने किया सबको गौर्वान्वित

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राजहरा निवासी अजय सिंह परिहार एवं श्रीमती प्रेमा सिंह की सुपुत्री पूर्वा सिंह ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 95% अंक अर्जित कर सबको गौरवान्वित किया है। कुमारी पूर्वा सिंह शुरू से ही मेधावी छात्र रही है उन्होंने डीएव्ही स्कूल दल्ली राजहरा में 10वीं तक की शिक्षा ग्रहण की है।,10वीं में भी उन्होंने 93% अंक अर्जित किये थे। तत्पश्चात आगे की शिक्षा के लिए सेक्टर 10 स्कूल भिलाई में प्रवेश हासिल किया।

कड़ी मेहनत करते हुए 12वीं के कॉमर्स संकाय में 95% अंक हासिल कर,उन्होंने अपने स्कूल, शहर, और परिवार का नाम रोशन किया है । कुमारी पूर्वा सिंह दल्ली राजहरा में सिंह ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रबंधक अजय सिंह परिहार एवं वीरांगना ग्रुप भिलाई की सक्रिय सदस्या श्रीमती प्रेमा सिंह की सुपुत्री है। कुमारी पूर्वा सिंह के बड़े भाई हर्षित परिहार पारुल यूनिवर्सिटी गुजरात में इंजीनियरिंग बी टेक के द्वितीय वर्ष के छात्र है। बेटी पूर्वा सिंह की इस सफलता पर सभी इष्ट मित्रों एवं वीरांगना समूह भिलाई के पदाधिकारी ने बधाइयां एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है ।

सुशासन तिहार में दूर की समस्याएं हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

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अभनपुर नगर पालिका में हुआ शिविर का आयोजन

विधायक इंद्र कुमार साहू की रही मौजूदगी

अभनपुर सुशासन तिहार के तहत अभनपुर नगर पालिका परिषद में शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में आमजन की समस्याओं का निराकरण किया गया तथा हितग्राहियों को शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक इंद्र कुमार साहू ने विभिन्न विभागों के कार्यों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पीएम स्वामी आत्मानंद विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में नगर के पार्षदगण रूपनारायण साहू, मीना साहू, गब्बू ध्रुव, भाजपा कार्यकर्ता बिहारी साहू, किशोर साहू, ईश्वर साहू, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गोयल भट्ट, राजा राय, नगर पालिका के जनप्रतिनिधि, तहसीलदार, एसडीएम, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्र सरकार के संरक्षण में हो रहे हैं नीट पेपर लीक: सुशील मौर्य

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मोदी सरकार कर रही है युवाओं के भविष्य से खिलवाड़: मौर्य

जगदलपुर कांग्रेस नेता सुशील मौर्य ने कहा है कि लगातार दूसरे वर्ष नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटना मोदी सरकार की पूरी तरह विफलता और लापरवाही को उजागर करती है।बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सिस्टेमेटिक घोटाला है, प्रयोग है, जो भाजपा सरकार के संरक्षण में चल रहा है। सुशील मौर्य ने कहा- भूल एकबार हो सकती है, लेकिन लगातार दूसरी बार पेपर लीक होना स्पष्ट प्रमाण है कि नीट घोटाले में केंद्र सरकार की मिलीभगत है। देश के लाखों मेधावी छात्र एक साल तक रात-दिन मेहनत करते हैं।

परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबर सुनकर उनकी मेहनत और सपने दोनों चूर-चूर हो जाते हैं। इस गंभीर लापरवाही की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए के अधिकारियों को लेनी चाहिए।

पिछली बार के दोषी को इनाम

सुशील मौर्य ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि 2024 में नीट पेपर लीक मामले में एनटीए के तत्कालीन महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को हटाया तो गया, लेकिन जैसे ही जनता का गुस्सा शांत हुआ, उन्हें स्टील मंत्रालय में एडजस्ट कर दिया गया। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ भेजा गया, जहां वे वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं। सुशीलमौर्य ने कहा- यह घटनाक्रम साफ दिखाता है कि पेपर लीक के असली गुनहगारों को भाजपा सरकार संरक्षण प्रदान करती है और उन्हें बड़े-बड़े पदों पर पुरस्कृत करती है।

छात्रों के भविष्य से सौदा

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ही बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं। शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए वे बेखौफ होकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं। भाजपा का फॉर्मूला साफ है कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम। लेकिन इस खेल की कीमत देश के मेहनती छात्रों को चुकानी पड़ रही है। 22 लाख छात्रों को दोबारा परीक्षा की मानसिक और आर्थिक यातना झेलनी पड़ेगी। श्री मौर्य ने कहा है कि एनटीए की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। सुशील मौर्य ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेपर लीक मामले के दोषियों के खिलाफ तुरंत सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दोबारा परीक्षा कराने का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करे।

रहस्यों से भरा है खनिज विभाग का मौन, अब बस्तर ब्लॉक में भी बेतहाशा अवैध रेत खनन

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प्रधानमंत्री आवास के लिए रेत लाएं, तो गुनहगार और रेत माफिया हैं प्रिय

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर जिले में रेत माफियाओं की मनमानी और खनिज विभाग की उदासीनता एवं मिलीभगत का खेल रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है।बकावंड विकासखंड में रेत माफिया द्वारा लगातार खनन के बाद अब बस्तर ब्लॉक के बड़े अमाबल क्षेत्र में भी रेत माफियाओं द्वारा माइनिंग विभाग की मिलीभगत से रेत का खनन खुलेआम किया जा रहा है। यहां भी खनिज विभाग मौन साधे बैठा है। यहां आलम यह है कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए जो ग्रामीण नदी से ट्रैक्टर के जरिए रेत लाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। वहीं दूसरी ओर रेत का व्यापार करने वाले लोग विभाग के प्रिय पात्र बने हुए हैं। बस्तर विकासखंड में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर स्थिति चरम पर पहुंच गई है।

जहां एक ओर खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर माफियाओं की सक्रियता धड़ल्ले से जारी है। बड़े आमबल पंचायत क्षेत्र की नारंगी नदी, पालबहार और हल्दी मारी में इन दिनों भारी मात्रा में अवैध रेत डंप किया जा रहा है। अवैध रैत परिवहन जोरों पर है। इस कृत्य को रसूखदारों द्वारा खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कई बार खनिज विभाग को इस काले कारोबार के बारे में अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे साफ हो जाता है कि खनिज विभाग की मिलीभगत से ही यह खेल चल रहा है। जबकि खनिज विभाग के अधिकारी प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए रेत परिवहन पर ग्रामीणों के ट्रैक्टर पर कार्रवाई करने से नहीं चूकते हैं। खनिज अधिकारी रसूखदारों की करतूतों पर मौन नजर आ रहे हैं।

बिफरे पूर्व विधायक कश्यप

बस्तर जिले में रेत के अवैध खनन और परिवहन को लेकर नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कड़ी नाराजगी जाहिर करतेहुए खनिज विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं।बस्तर विकासखंड के जिन गांवों में रेत का अवैध खनन, परिवहन और और भंडारण हो रहा है, वे गांव नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित हैं। पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि अवैध उत्खनन की पूरी पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच हो और इसमें लिप्त रेत तस्करों तथा उन्हें संरक्षण देने वाले खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि पूरे बस्तर जिले में रेत का अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा। इस काले कारोबार को बढ़ावा देने वाले माइनिंग अधिकारी पर सरकार कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है? कश्यप ने आरोप लगाया है कि रेत के खेल में भाजपा के नेता भी भागीदार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही साय का सुशासन है?

जगदलपुर की स्वच्छता दीदियों ने अत्याचार के खिलाफ खोला मोर्चा

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लगाया शोषण और फर्जीवाड़ा का आरोप

जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर के अधीन वर्ष 2017 से स्वच्छ भारत अभियान के तहत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम करने वाली स्वच्छता दीदियों ने अन्याय और शोषण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्वच्छता दीदियों का आरोप है कि वर्ष 2017 से लगातार उनके साथ कई प्रकार से अत्याचार किया जा रहा है। कबाड़ी के पैसे का बेहिसाब घपला हो रहा है। कभी दीदियों से मनमाने तरीके से कार्य लिया जाता है किसी के यहां भी काम में भेज देतें हैं, नही तो काम से निकाले जाने की धमकी दी जाती है। स्वच्छता दीदियों ने महापौर संजय पाण्डेय को आवेदन देकर आग्रह किया है कि मिशन क्लिीन सिटी में जगदलपुर का कोई भी अधिकारी नहीं चाहिए। नगर निगम अगर किसी भी अधिकारी को मिशन क्लीन सिटी चार्ज दिया जाता है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी नगर निगम की होगी।

लगाए गंभीर आरोप

स्वच्छता दीदियों का आरोप है कि सेंटरों में रजिस्टर पर बहुत सारे फर्जी नाम दर्ज कर पैसा खाया जा रहा है। प्रभारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जब हमने प्रभारी श्रीवास्तव को जानकारी दी तो उन्होंने ने लालबाग सेंटर इंचार्ज को उन लोगों का नाम काटने के लिए कहा, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 29 अप्रैल 2024 को हुए नगर निगम में धरना प्रदर्शन पर बैठी दीदियों डराया, धमकाया जा रहा है, इसी शिकायत को लेकर स्वच्छता विभाग के चेयरमैन लक्ष्मण झा ने दीदियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए डराया धमकाया। प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पवन नायक पर नेतागिरी करके पैसा खाने का आरोप लगाया गया। खाद के पैसों की भी कोई जानकारी स्वच्छता दीदियों को नहीं दी जाती है। डोंगाघाट में खाद के पैसे को ब्याज पर चलाया जा रहा है। जानकारी होते हुए भी अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहें हैं। डोंगाघाट के इंचार्ज को सभी कर्मचारी हटवाना चाहतें हैं, मिशन क्लिन सीटी (मनी कंचन) में स्वच्छता दीदियों के कार्य करने के सेंटरों को बनाने के लिए बहुत पैसा आ चुका है। अभी तक इस विषय में भी हमें उन्हें जानकारी नही है। सेंटरों की छत क्षतिग्रस्त है एवं मशीनें भी खराब हैं, बारिश में पूरा कबाड़ भीग जाता है। कर्मचारियों के बैठने की भी जगह नहीं रहती है।

मातृत्व अवकाश देने से इंकार करना असंवैधानिक

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मिलने पर श्रम विभाग, राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत कर सकती है रायपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में अधिकांश विभागों में प्लेसमेंट कर्मचारियों की सेवाएं ली जाती है। उनके कार्य के घंटे या उपस्थिति के आधार पर उनकी सैलरी बनती है। उन्हें शासकीय कर्मचारियों की तरह मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। ऐसा ही परिवहन संचालनालय के एक मामला सामने आया है, इसमें एक महिला कर्मचारी ने मातृत्व अवकाश के लिए पिछले साल नवंबर माह में आवेदन लगाया। विभाग ने उन्हें प्लेसमेंट में होने के कारण देने से मना कर दिया। विभागीय अधिकारी कहते है कि उनके लिए यह नियम लागू नहीं होता। अफसर को शायद यह नहीं मालूम की मातृत्व अवकाश महिला का मौलिक अधिकार है, जिसे नियोक्ता मना नहीं कर सकताद्ध सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, मातृत्व अवकाश प्रत्येक महिला का मौलिक मानवाधिकार है, जिसे नियोक्ता मना नहीं कर सकते। 26 सप्ताह (6 महीने) का सवेतन अवकाश वैधानिक अधिकार है। गोद लेने वाली मां को भी अब 12 सप्ताह की छुट्टी का अधिकार है। मातृत्व अवकाश प्रसव की संभावित तारीख से पहले 12 महीनों में कम से कम 80 दिन काम करने वाली महिला 26 सप्ताह के सवेतन अवकाश की हकदार है। यह अधिकार मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के तहत सुनिश्चित है, और इसे देने से इनकार करना असंवैधानिक है। भारत में एक बड़ी समस्या यह है कि अधिकांश कामकाजी महिलाएं, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं, जिससे वे इस सुविधा का लाभ उठाने से वंचित रह जाती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में मातृत्व अवकाश के अधिकार पर जोर दिया है. एक मामले में यह कहा गया है कि मातृत्व अवकाश सभी महिला कर्मचारियों का अधिकार है, चाहे उनकी नौकरी कैसी भी हो।

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