जगदलपुर की स्वच्छता दीदियों ने अत्याचार के खिलाफ खोला मोर्चा

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लगाया शोषण और फर्जीवाड़ा का आरोप

जगदलपुर नगर निगम जगदलपुर के अधीन वर्ष 2017 से स्वच्छ भारत अभियान के तहत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम करने वाली स्वच्छता दीदियों ने अन्याय और शोषण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्वच्छता दीदियों का आरोप है कि वर्ष 2017 से लगातार उनके साथ कई प्रकार से अत्याचार किया जा रहा है। कबाड़ी के पैसे का बेहिसाब घपला हो रहा है। कभी दीदियों से मनमाने तरीके से कार्य लिया जाता है किसी के यहां भी काम में भेज देतें हैं, नही तो काम से निकाले जाने की धमकी दी जाती है। स्वच्छता दीदियों ने महापौर संजय पाण्डेय को आवेदन देकर आग्रह किया है कि मिशन क्लिीन सिटी में जगदलपुर का कोई भी अधिकारी नहीं चाहिए। नगर निगम अगर किसी भी अधिकारी को मिशन क्लीन सिटी चार्ज दिया जाता है तो उसकी सम्पूर्ण जवाबदारी नगर निगम की होगी।

लगाए गंभीर आरोप

स्वच्छता दीदियों का आरोप है कि सेंटरों में रजिस्टर पर बहुत सारे फर्जी नाम दर्ज कर पैसा खाया जा रहा है। प्रभारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जब हमने प्रभारी श्रीवास्तव को जानकारी दी तो उन्होंने ने लालबाग सेंटर इंचार्ज को उन लोगों का नाम काटने के लिए कहा, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 29 अप्रैल 2024 को हुए नगर निगम में धरना प्रदर्शन पर बैठी दीदियों डराया, धमकाया जा रहा है, इसी शिकायत को लेकर स्वच्छता विभाग के चेयरमैन लक्ष्मण झा ने दीदियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए डराया धमकाया। प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पवन नायक पर नेतागिरी करके पैसा खाने का आरोप लगाया गया। खाद के पैसों की भी कोई जानकारी स्वच्छता दीदियों को नहीं दी जाती है। डोंगाघाट में खाद के पैसे को ब्याज पर चलाया जा रहा है। जानकारी होते हुए भी अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहें हैं। डोंगाघाट के इंचार्ज को सभी कर्मचारी हटवाना चाहतें हैं, मिशन क्लिन सीटी (मनी कंचन) में स्वच्छता दीदियों के कार्य करने के सेंटरों को बनाने के लिए बहुत पैसा आ चुका है। अभी तक इस विषय में भी हमें उन्हें जानकारी नही है। सेंटरों की छत क्षतिग्रस्त है एवं मशीनें भी खराब हैं, बारिश में पूरा कबाड़ भीग जाता है। कर्मचारियों के बैठने की भी जगह नहीं रहती है।

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