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घरेलू विवाद के बाद युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, गांव में शोक

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दल्लीराजहरा। दल्ली राजहरा के समीप स्थित ग्राम पथराटोला में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पथराटोला के निचेपारा तालाब के पास रहने वाले 26 वर्षीय हेमंत कुमार पिस्दा, पिता सूरजभान पिस्दा, ने रविवार रात कथित रूप से बेर के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवक रविवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच घर से प्लास्टिक की नेवाड़ रस्सी लेकर निकला था।

इसके बाद रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच उसने गांव के समीप स्थित बेर के पेड़ पर फांसी लगा ली।सूत्रों के अनुसार घटना से पहले युवक का घरेलू विवाद हुआ था। विवाद के बाद वह घर से निकल गया और कुछ समय बाद उसका शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।मृतक हेमंत कुमार पिस्दा अविवाहित था। उसके परिवार में पिता सूरजभान पिस्दा हैं, जो राजमिस्त्री का कार्य करते हैं, जबकि छोटा भाई ट्रैक्टर चालक है। उसकी माता का पूर्व में ही निधन हो चुका है।समाचार लिखे जाने तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस के पहुंचने के बाद पंचनामा कार्रवाई और आगे की जांच की जाएगी। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।

वनमंत्री केदार कश्यप के हाथों अबूझमाड़ में स्मार्ट पुलिसिंग की नई शुरुआत

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नारायणपुर के सभी 14 थानों में शुरू हुआ ई मालखाना 2.0, डिजिटल पुलिसिंग को मिली गति

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया ई -मालखाना 2.0’ सॉफ्टवेयर शुभारंभ

नारायणपुर अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ अंचल में भी तकनीक आधारित सुशासन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने थाना कोहकामेटा में ई-मालखाना 2.0’ सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। इस डिजिटल व्यवस्था के शुरू होने के साथ ही नारायणपुर जिले के सभी 14 थानों में आधुनिक एवं स्मार्ट मालखाना प्रबंधन प्रणाली लागू हो गई है। इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित नवाचार शासन और प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने नारायणपुर पुलिस की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई मजबूती मिलेगी। ई-मालखाना 2.0’ के तहत अब प्रत्येक जप्त संपत्ति एवं कैश प्रॉपर्टी को यूनिक बारकोड आधारित डिजिटल पहचान प्रदान की जाएगी। बारकोड स्कैन करते ही संबंधित प्रकरण, जप्ती विवरण, जमा तिथि और वस्तु की वर्तमान स्थिति जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां तत्काल उपलब्ध होंगी। इससे मालखाना प्रबंधन अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगा। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अबूझमाड़ जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में डिजिटल व्यवस्थाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। इस प्रकार की तकनीकी पहलें न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाती हैं बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी बढ़ाती हैं।

नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि ‘ई -मालखाना 2.0’ को नारायणपुर पुलिस द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कागजी प्रक्रियाओं को डिजिटल स्वरूप देकर मालखाना प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। इससे अभिलेखों का संधारण सरल होगा और पुलिस अधिकारियों को कार्यों के बेहतर निष्पादन में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि नारायणपुर पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। ‘ई -मालखाना 2.0’ उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अबूझमाड़ सहित पूरे जिले में स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल प्रशासन को नई दिशा प्रदान करेगा।

सरपंच, सचिव डकार गए गरीब मजदूरों के पसीने की कमाई

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ग्राम पंचायत सतोसा-2 का मामला, अमृत सरोवर में काम की पगार खा ली

बकावंड बस्तर जिले बकावंड ब्लॉक में सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरती नजर आ रही है. बस्तर के गांवों में रोजगार व जमीन में वाटर लेवल को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में नियमों को ताक पर रखकर मशीनों से कार्य कराया गया. जबकि स्थानीय मजदूरों को काम से वंचित कर दिया गया। इतना ही नहीं जिन मजदूरों ने काम किया, उन्हें वर्षों बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं मिला है। अब ग्रामीण सरकारी दफ्तरों के दरवाजे खटखटा कर अपनी मजदूरी मांग रहे हैं। यह पूरा मामला बकावंड ब्लॉक की ग्राम पंचायत सतोसा क्रमांक 2 का है, जहां सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की मिली भगत से भ्रष्टाचार को अंजाम देकर मजदूरी की राशि डकार ली गई है। फिलहाल एसडीएम ने जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है।

पीड़ित ग्रामीण सोनसिंग ने बताया कि साल 2022 में अमृत सरोवर तालाब का निर्माण करवाया गया था। इस कार्य में जिसमें 10 लोगों का समूह बनाकर काम किया गया। तालाब के शुरुआती समय में फ़ोटो खिंचाने के लिए आम लोगो से कुछ दिन कार्य करवाया गया. जिसके बाद करीब 4 महीने तक जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर लगाकर काम करवाया गया। यह काम सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के कहने पर किया गया। ग्रामीणों ने मिलकर डेढ़ लाख रुपये डीजल के लिए जेसीबी मशीन मालिक को दिया और खुद का ट्रैक्टर लगवाकर काम किया। करीब 4 महीने तक उधारी मांगकर ट्रेक्टरों में डीजल डलवाया गया और काम किया गया, लेकिन उसके बाद काम के पैसे के लिए बार बार सचिव सरपंच और रोजगार सहायक से गुहार लगाई गई, लेकिन वे गोल मोल जवाब देते रहे और अपना चेहरा छुपाने लगे। जिसके कारण अब मजबूरी में एसडीएम बकावंड के समक्ष भुगतान के लिए गुहार लगाई गई है।

कई महीनों के काम और खुद की गाड़ी व पैसा लगाने के बाद केवल 7 हजार रुपये का भुगतान ही हुआ है। कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। मजदूरी भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें कर्ज लेकर परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है। इधर बकावंड एसडीएम मनीष वर्मा ने कहा कि अमृत सरोवर निर्माण में गड़बड़ी व भुगतान नहीं होने की लिखित शिकायत मिली है। इस मामले की जांच की जाएगी और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि अमृत सरोवर निर्माण कार्य में जेसीबी और अन्य भारी मशीनों का खुलेआम उपयोग किया गया, जबकि योजना के तहत मजदूरों को प्राथमिकता देकर रोजगार देना था। ग्रामीणों को हर साल रोजगार मिले इसी उद्देश्य से मनरेगा योजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन जिम्मेदार केवल ऐसे कार्यों में मशीनों से काम करवाकर न केवल बेरोजगारी को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पलायन जैसी समस्या भी पैदा करते हैं और मजदूरों की राशि डकार कर भारी भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं। अब देखना होगा कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लंबित मजदूरी भुगतान जल्द जारी करने में प्रशासन कितना सफल होता है?

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल ने आदिवासी महिलाओं के चेहरों लाई मुस्कान, बेचे 26 करोड़ के उत्पाद

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फेसपैक, टूथपेस्ट से लेकर आयुर्वेदिक दवाएं तक बना रही हैं माताएं

बस्तर व सभी वनांचलों की आदिवासी महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

अर्जुन झा

जगदलपुर अगर सरकार, मंत्री और विधायक दूरदर्शी हों, उनमें जनहित की भावना कूट कूट कर भरी हो, प्रजा कभी दुखी और अभावग्रस्त नहीं रह सकती। मंत्री और सरकार राह दिखाएं, संबल दें, तो जंगलों में रहने वाली आदिवासी महतारी भी सफलता का इतिहास रचने का माद्दा रखती है। छत्तीसगढ़ के जंगलों में वन संपदाओं का खजाना भरा पड़ा है। जरूरत इन संपदाओं के जरिए स्थानीय लोगों को आय का जरिया उपलब्ध कराने की है। ऐसा ही बड़ा नेक काम किया है छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने। उनकी पहल पर आदिवासी महिलाएं आज सफल उद्यमी के रूप में उभर कर सामने आई हैं। सुशासन क्या होता है, इसे बस्तर, कोरबा, कटघोरा, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, कवर्धा, मानपुर, मोहला के जंगलों जाकर देखें। बस्तर और कटघोरा में तो आदिवासी महिलाएं नया इतिहास रचती दिखाई दे रही हैं।प्रदेश में वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने और आदिवासी समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) योजना उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। कोरबा जिले के कटघोरा वन प्रभाग के डोंगनाला का हरिबोल स्वयं सहायता समूह आज महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सफल ग्रामीण उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।12 आदिवासी महिलाओं का यह समूह कभी दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था।सीमित आय और रोजगार के अभाव के बीच जीवन यापन करने वाली इन महिलाओं ने वन धन विकास केंद्र से जुड़कर अपने जीवन की दिशा ही बदल डाली है। वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ लिमिटेड के सहयोग से महिलाओं को हर्बल प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औषधीय पौधों और लघु वनोपजों का उपयोग करते हुए समूह ने त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, हर्बल फेस पैक, हर्बल हेयर पाउडर तथा हर्बल टूथ पाउडर जैसे उत्पादों का निर्माण प्रारंभ किया। गुणवत्तापूर्ण उत्पादों और बेहतर विपणन व्यवस्था के कारण इनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ती गई और समूह को बाजार में एक मजबूत पहचान मिली। समूह की उपलब्धियों को उस समय और मजबूती मिली जब आयुष विभाग से उन्हें बड़े पैमाने पर उत्पाद आपूर्ति का ऑर्डर प्राप्त हुआ। इस ऑर्डर से समूह को लगभग 20 लाख रुपये का लाभ हुआ तथा नए बाजारों तक पहुंच का मार्ग प्रशस्त हुआ।

सालभर में कमाए 39 लाख

हरिबोल स्वयं सहायता समूह ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 38.90 लाख रुपये का लाभ एवं कमीशन अर्जित किया। इससे समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया। वन धन विकास केंद्र डोंगनाला ने वर्ष 2020 से मार्च 2026 तक लगभग 26.11 करोड़ रुपये की संचयी बिक्री दर्ज कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन, महिलाओं की मेहनत और वन विभाग के सतत मार्गदर्शन का परिणाम है। इस पहल से समूह की प्रत्येक सदस्य की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1.7 लाख रुपये तक पहुंच गई है। आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।

ट्रायफेड से मिला सम्मान

हर्बल प्रसंस्करण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए समूह को ट्रायफेड तथा राज्य स्तर पर विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। हरिबोल स्वयं सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि वन मंत्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन आधारित आजीविका, कौशल विकास और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। डोंगनाला की यह उपलब्धि आज प्रदेश के अन्य स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और यह साबित करती है कि वन संपदा का वैज्ञानिक उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।

सीआरपीएफ के जवानों ने तो दिल ही जीत लिया शहर का

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फोर्स के 41वें स्थापना दिवस पर 80वीं वाहिनी ने चलाया सफाई अभियान

जगदलपुर हाथों में बंदूक की जगह झाड़ू थाम कर शहर की सड़कों पर निकले में सीआरपीएफ 80वीं वाहिनी के जवानों को देख शहरवासी गदगद हो उठी। जवानों ने अपनी सेवा भावना से पूरे शहर का दिल जीत लिया। सचमुच बेमिसाल हैं हमारे सुरक्षा जवान। ये दुश्मनों से हमारी सुरक्षा ही नहीं करते बल्कि हमारी सेहत का भी पूरा ध्यान रखते हैं।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 41वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बल की 80वीं वाहिनी के जवानों और अधिकारियों ने जगदलपुर के मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। कमांडेंट श्री जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में वाहिनी के अधिकारियों, जवानों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।अभियान के दौरान मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई की गई। जवानों एवं उपस्थित लोगों ने मिलकर परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का कार्य किया तथा आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। अभियान का उद्देश्य लोगों में साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं समाज को स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण के लिए प्रेरित करना रहा।

इस अवसर पर कमांडेंट जितेंद्र कुमार ने उपस्थित जवानों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, गांव, मोहल्ले एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संकल्प ले, तो हमारा देश स्वच्छ एवं सुंदर बन सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वच्छता अभियान से जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। इस अवसर पर स्वच्छता एम्बेसेडर कोटेश्वर राव नायडू एवं शरद श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। उन्होंने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने, साफ-सफाई को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया।कार्यक्रम में वाहिनी अधिकारी श्री पुरुषोत्तम कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी श्री ओम कुमार गुप्ता, सहायक कमांडेंट, अधीनस्थ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया तथा समाज को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।

बस्तर के जंगलों में दिखे स्फिरोथिका मस्की फ्रॉग

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रेतीली मिट्टी में धंसे रहते हैं, बारिश होते ही निकलते हैं ये निशाचर मेंढक

बाघ के पंजों के निशान देखते मिले ये मेंढक

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर के जंगलों में अब दुर्लभ प्रजाति के स्फिरोथिका मस्की या मस्की बरोइंग फ्रॉग (मेंढक) भी नजर आने लगे हैं।रेतीली मिट्टी में धंसे रहने वाला यह मेंढक पानी गिरने पर बाहर निकलने लगे हैं। बस्तर के माचकोट फॉरेस्ट रेंज में बाघ के पंजों के निशान देखने जाने के बाद अध्ययन दौरे पर रात 8 बजे क्षेत्र में निकले जूलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रत्यूष महापात्र को यह मेंढक सड़क पार करते हुए मिला। श्री महापात्र नेब ताया कि रात में यह विशेष मेंढक फुदक फुदक कर रास्ता पार करते हुए दिखा। उन्होंने बतया कि यह एक मध्यम आकार का लगभग 40 सेंटीमीटर लंबाई का मेंढक होता है। इसके सर लंबाई की तुलना में चौड़ा ज्यादा होता है और इसका थूथन थोड़ा लंबा होता है मगर मुंह से आगे बढ़ा हुआ नहीं होता है।

इसके नासा छिद्र आंख की तुलना में थूथन की तरफ होते हैं पिछली टांगों में उंगलियों के साथ एक छोटे फावड़े के समान आकार वाली संरचना रहती है, जिससे वह गीली मिट्टी को आसानी से खोद लेता है। पीले कत्थई रंग की भुजा के पीछे पीले धब्बे होते हैं पीठ पर अंग्रेजी के उल्टे वी के समान निशान होता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रत्यूष महापात्र ने बताया कि बारिश के मौसम में लगातार जंगलों में रात में भ्रमण करने पर और भी अनेक विशेष प्रजातियां पाई जा सकती हैं। एक समान रंग रूप आकार में दिखने वाले मेंढक जिसे सामान्य जन एक ही प्रजाति मान सकते हैं अक्सर डीएनए बार कोडिंग करने से प्रजातियां भिन्न भी हो जाती हैं। यह अस्थाई जल जमाव के गड्ढों में प्रजनन करते हैं भारत के बाहर यह पाकिस्तान नेपाल में भी पाए जाते हैं। बहुत ही शीघ्र पूरे छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले मेंढकों की विस्तृत जानकारी पुस्तक के रूप में प्रकाशित होने वाली है।

महंगाई पर शिवसेना का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, आम जनता को राहत देने की मांग

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रायपुर शिवसेना के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आज महंगाई चरम पर पहुंच गई है, जिससे आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है।चंद्रमौली मिश्रा ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की आर्थिक स्थिति पर भारी बोझ डाल दिया है। महंगाई के कारण आम नागरिकों को दैनिक जरूरतों की वस्तुएं खरीदने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने तथा जनता को राहत देने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले महंगाई कम करने और पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटाने का वादा किया था, लेकिन वर्तमान में देश और प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसके चलते आम जनता त्रस्त है और उसे राहत की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।शिवसेना नेता ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और उसका तंत्र महंगाई रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए विशेष प्रयास करने तथा पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में कमी कर आम जनता को राहत प्रदान करने की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि समय रहते महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आम लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। शिवसेना ने सरकार से जनहित में ठोस कदम उठाने की अपील की है।

बस्तर धाकड़ समाज की पहल, कल्याण निधि से गरीबी परिवारों और बेरोजगारों को मिलेगा स्वरोजगार

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जगदलपुर बस्तर धाकड़ समाज कल्याण समिति जिला बस्तर ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए “धाकड़ समाज कल्याण निधि” योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।

शनिवार को माता मावली मंदिर में हुई बैठक में अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में आज भी कई परिवार कठोर परिश्रम के बाद सिर्फ दो वक्त की रोटी जुटा पाते हैं। ऊंची ब्याज पर साहूकार से लिया कर्ज पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी का कारण बन रहा है। इसी को तोड़ने के लिए समिति ने हर सक्षम सदस्य से मासिक योगदान लेकर बेरोजगार युवाओं को बिना ब्याज पूंजी देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।

स्वरोजगार पर जोर

योजना के तहत किराना दुकान, ठेला, सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग और डेयरी फार्मिंग जैसे छोटे व्यवसाय शुरू करने वालों को शुरुआती पूंजी मिलेगी। समिति का मकसद केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि स्थायी आय का जरिया बनाना है ताकि लोग कर्ज के जाल में दोबारा न फंसें।निधि का वितरण पूरी तरह नियमबद्ध और पारदर्शी होगा। राशि का हिसाब सार्वजनिक रखा जाएगा। लाभार्थी का चयन गहन जांच के बाद होगा और मदद लेने वाले को राशि लौटानी होगी, ताकि वही पैसा दूसरे जरूरतमंद के काम आ सके।

चित्रकोट में बनेगा भव्य राम मंदिर

बैठक में चित्रकोट में प्रस्तावित भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण पर भी सहमति बनी। समाज ने इसे धार्मिक-सांस्कृतिक दायित्व मानते हुए निर्माण में तन, मन, धन से सहयोग का संकल्प लिया। बैठक में सचिव, सदस्य और समाज के वरिष्ठजन मौजूद रहे।

सांसद महेश कश्यप ने कार्यकर्ताओं संग सुनी मोदी के मन की बात

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झरनीगुड़ा स्थित निवास में उमड़ी भारी भीड़

जगदलपुर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद महेश कश्यप ने आज झरनीगुड़ा गांव स्थित अपने पैतृक निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी को बड़े उत्साह के साथ सुना।

‘मन की बात’ के प्रसारण के बाद सांसद महेश कश्यप ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह संवाद कार्यक्रम देश को एकसूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री जी ने जिन विषयों और जनभागीदारी की घटनाओं का उल्लेख किया, वे समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी हैं। सांसद श्री कश्यप ने आगे कहा प्रधानमंत्री जी का हर संबोधन हमें सेवा और समर्पण के साथ काम करने की नई ऊर्जा प्रदान करता है। हम सभी का यह दायित्व है कि ‘मन की बात’ के माध्यम से मिलने वाले प्रेरणास्पद संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।

मन की बात में अबूझमाड़ की झलक क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का क्षण: मंत्री केदार कश्यप

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मोदी के मन से निकली जनजातीय संस्कृति की तारीफ, खुशी से झूम उठे आदिवासी

पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए मंत्री कश्यप

अबूझमाड़ से मन की बात कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री केदार कश्यप

नारायणपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण के प्रसारण के दौरान नारायणपुर जिले के ईरकभट्टी (अबूझमाड़) में आयोजित कार्यक्रम की झलक राष्ट्रीय मंच पर दिखाई देने से क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है।प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने आज अबूझमाड़ के ईरकभट्टी में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। इस दौरान मंत्री केदार कश्यप पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा में नजर आए। कार्यक्रम के प्रसारण में ईरकभट्टी की झलक दिखाए जाने को उन्होंने बस्तर और अबूझमाड़ के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि देश के सबसे लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रम में अबूझमाड़ के ईरकभट्टी की तस्वीर दिखाई देना यहां के लोगों के लिए सम्मान और आत्मगौरव का विषय है।

इससे यह संदेश जाता है कि देश के दूरस्थ वनांचलों की पहचान और संस्कृति राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार सदैव समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले होते हैं। ‘मन की बात’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला संवाद का माध्यम बन चुका है। इसके माध्यम से समाज में नवाचार, जनभागीदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को नई प्रेरणा मिलती है। श्री कश्यप ने कहा कि ईरकभट्टी जैसे दुर्गम क्षेत्र की उपस्थिति राष्ट्रीय प्रसारण में दिखाई देने से स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इससे क्षेत्र के लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे विकास एवं राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ आज तेजी से विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है और यहां की सकारात्मक तस्वीर देश के सामने आना पूरे बस्तर अंचल के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की सोच का प्रभाव दूरस्थ क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रूपसाय सलाम एवं प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी भी उपस्थित रहे।

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