जगदलपुर बीएड कॉलेज कांकेर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्राचार्य कक्ष में एक जहरीला सांप आराम फरमाते दिखा। यह सांप प्राचार्य की कुर्सी के ठीक पीछे दीवार पर लगे बोर्ड पर बैठा हुआ था। सांप को देखते ही सर्प विशेषज्ञ ज्ञानू गौतम को बुलाया गया। ज्ञानू गौतम ने कुछ ही मिनटों में सांप को पकड़ लिया और उसे जंगल में ले जाकर छोड़ दिया।
8 हजार रू. की रिश्वत लेते एसडीएम के बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो ने पकड़ा
- नामांतरण के लिए मांगी थी 10 हजार रुपए की घूस
जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के एसडीएम कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक रिश्वतखोर बाबू रंगेहाथ धर दबोचा। एसीबी की कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।

एसीबी की टीम ने नारायणपुर जिला कलेक्ट्रेट एसडीएम शाखा में सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ शंकर कुमेटी को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। चांदनी चौक के नारायणपुर निवासी लवदेव देवांगन से जमीन के नामांतरण के बदले एसडीएम शाखा में सहायक ग्रेड 2 पर पदस्थ शंकेर कुमेटी कई दिनों से दस हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। लवदेव देवांगन ने मामले की शिकायत एसीबी जगदलपुर यूनिट से की। जिसके बाद एसीबी टीम ने जाल बिछाकर रिश्वतखोर बाबू को गिरफ़्तार कर लिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो जगदलपुर के उप पुलिस अधीक्षक रमेश मरकाम ने बताया ने रिश्वतखोर बाबू को पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस तरह के मामलों की शिकायत मोबइल नंबर 9479190031 पर कर सकते हैं।
बीएनएस में अब कुल 358 नई धाराएं, 175 धाराएं बदल गईं, 22 धाराएं खत्म
- नए कानूनों पर आयोजित कार्यशाला में दी जानकारी
कांकेर पूरे देश में एक जुलाई से देश में तीन नए कानून प्रभावशील हो गए हैं। जिनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 शामिल हैं।
ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1860 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) लागू हुई थी। केन्द्र सरकार ने 16 दशक बाद 2023 में व्यापक बदलाव किए हैं, जिसमें सिर्फ धाराएं ही नहीं बदलीं, बल्कि सजा और जुर्माने के प्रावधान में भारी परिवर्तन किए गए हैं। पुराने कानून की बहुचर्चित धाराएं 302 हत्या अब 103, ठगी या धोखाधड़ी 420 अब 318 (4), चोरी 379 अब 303(2) व दुष्कर्म 376 आईपीसी अब 64 बीएनएस कहलाएंगी। आने वाले समय में अब इंडियन पिनल कोड 1860 (आईपीसी) की जगह भारतीय न्याय संहिता 2023 (बीएनएस), क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) 1973 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस) और इंडियन एविडेंस एक्ट 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू हो गए हैं। नवीन कानूनों के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराने एवं आमजनता को जागरूक लाने ने के उद्देश्य से आज पुलिस विभाग द्वारा कार्यशाला आयोजित कर कांकेर के वरिष्ठ नागरिकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई। साथ ही सामान्यतः प्रयुक्त होने वाली अलग- अलग धाराओं एवं उनमें निहित उपधाराओं के बारे में बताया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में प्रशिक्षु आईपीएस संदीप कुमार पटेल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भानुप्रतापपुर ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की विभिन्न प्रमुख धाराओं व उप धाराओं के बारे में पीपीटी के माध्यम से बताया। इस अवसर पर डीएसपी जीएस साव ने नए कानून के विभिन्न प्रावधानों पर जानकारी दी। साथ ही कानून के विशेषज्ञ अधिवक्ताओं ने भी नवीन कानून पर प्रकाश डाला।
राजद्रोह खत्म, अब देशद्रोह
कार्यशाला में बताया गया कि अंग्रेजों के समय के कानून 124(क) आईपीसी को नए कानून के तहत खत्म कर उसकी जगह देशद्रोह कर दिया गया है। लोकतांत्रिक देश में सरकार की आलोचना कोई भी कर सकता है। मगर कोई सशस्त्र विरोध, बम धमाका करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी
आईपीसी में 511 धाराएं थीं, जबकि बीएनएस में 358 धाराएं है। 175 धाराएं बदल गई हैं, 18 नई जोड़ी गई हैं, साथ ही 22 धाराएं खत्म हो गई है। इसी तरह सीआरपीसी में में 533 धाराएं है, इनमें 160 धाराएं बदली गई हैं। नौ नई धाराएं जोड़कर नौ को खत्म कर दिया गया है। इसमें पूछताछ से ट्रायल तक सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करने का प्रावधान हो गया है।
सामने आई प्रतिक्रियाएं
नगर के वरिष्ठ नागरिक सतीश लटिया ने कहा कि सन् 1860 के ब्रिटिशकालीन कानून में बदलाव की महति आवश्यकता थी, जिसे दृष्टिगत रखते हुए केंद्र सरकार ने समय की मांग के आधार पर नवीन कानून लाया, जो बेहद प्रासंगिक हैं। आमजनता को नए नियमों व प्रावधानों से रूबरू कराने एवं जागरूक करने विधिक साक्षरता शिविर लगाया जाना चाहिए। अधिवक्ता ईश्वर लाल साहू ने कहा कि नवीन न्याय संहिता में केन्द्र शासन द्वारा सकारात्मक पक्ष पर अधिक फोकस किया गया है। विशेष तौर पर महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। इसमें सिर्फ धाराएं ही नहीं बदलीं, बल्कि न्याय व्यवस्था को और अधिक सुलभ और जनता के लिए सार्थक बनाने का प्रयास किया गया है। पत्रकार वीरेंद्र यादव ने कहा कि पुराने कानूनों के स्थान पर नई न्याय संहिता लागू किया जाना स्वागतेय है। इससे पीड़ितों को अपेक्षाकृत अच्छा और जल्द न्याय मिलेगा। आमजनता को नए नियमों-कायदों के प्रति जागरूक करने में मीडिया की अहम भूमिका रहेगी और इस सार्थक कार्य में हमारा सदैव सहयोग रहेगा। व्यवसायी राजा देवनानी ने कहा कि दंड संहिता के स्थान पर न्याय संहिता की शब्दावली से ही स्पष्ट है कि दण्डित करने के स्थान पर पीड़ित को न्याय दिलाना अधिक आवश्यक है। पुराने प्रावधानों में तब्दीली से भारत की न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
पत्रकार टिंकेश्वर तिवारी ने कहा कि नए कानून नागरिक केंद्रित अभियुक्त केंद्रित और पीड़ित केन्द्रित हैं, जो कल्याणकारी न्याय व्यवस्था की अवधारणा है। इससे लोगों को त्वरित, तात्कालिक न्याय और निष्पक्ष न्याय मिलेगा, साथ ही आज के दौर में ये अधिनियम बेहद प्रासंगिक सिद्ध होंगे।
नए कानून के प्रति जागरूकता लाने में मीडिया प्रतिनिधियों की अहम भूमिका: आईजी
- मीडिया कर्मियों से रूबरू हुए आईजी सुंदरराज पी.
- पारदर्शिता एवं जवाबदेही का नए कानून में है प्रावधान: एसपी शलभ सिन्हा
जगदलपुर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. एवं पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा द्वारा गुरुवार को लालबाग स्थित शौर्य भवन में मीडिया प्रतिनिधियों को नए कानून के संबंध में जागरूकता कार्यशाला के दौरान विस्तृत जानकारी दी गई।
इस मौके पर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि देश में 1 जुलाई से नया कानून प्रभावशील हो गया है। नवीन कानून के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग, विश्वविद्यालय एवं कॉलेजों में कार्यशाला इत्यादि के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है। साथ ही नए कानून के प्रति व्यापक जनजागरूकता निर्मित करने के लिए मीडिया की अहम भूमिका है। जो मीडिया विभिन्न प्लेटफार्मों से लोगों में नए कानून के संबंध में जागरूकता ला सकता है। इसे मद्देनजर रखते हुए शासन के निर्देशानुसार यह कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला में आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि भारतीय मूल्यों पर आधारित ये नए कानून दंडात्मक से न्याय- उन्मुख दृष्टिकोण में बदलाव का संकेत है, जो भारतीय न्याय व्यवस्था को प्रतिबिंबित करता है। इसका मुख्य लक्ष्य ऐसी आपराधिक न्याय प्रणाली बनाना है जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने सहित कानूनी व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाती है। जिससे सभी के लिए सुलभ एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित हो सके। इस दौरान पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि देश में पुराने कानून ब्रिटिश काल से चले आ रहे थे। जिसे प्रासंगिक बनाने एवं निर्धारित समय सीमा में प्रकरणों का समाधान करने के लिए बदलाव किया गया है। इस बदलाव से अपराधियों के खिलाफ एफआईआर करने में दिक्कत नहीं होगी तथा गंभीर अपराधियों के विरुद्ध प्रक्रिया का पालन करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। प्रकरणों के निराकरण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। पीड़ित पक्ष को ध्यान में रखा गया है। पीड़ित पक्षकार को ई-साक्ष्य, जीरो एफआईआर और ई- एफआईआर से राहत मिलेगी। पीड़ित पक्ष को न्याय जल्दी मिलेगा। यह कानून सभी नागरिकों तक पहुंच सके, इसके लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार जानकारी दी जा रही है।पुलिस अधीक्षक सिन्हा ने कहा कि ई- एफआईआर के लिए फोन, ई-मेल, व्हाट्सएप के माध्यम से अपराध घटित होने की सूचना दे सकते हैं। अब इसके लिए जवाबदेही तय हो जाएगी। प्रार्थी को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित थाने में जाकर हस्ताक्षर कर एफआईआर दर्ज करानी होगी। थाना प्रभारी या विवेचक को जांच की जरूरत लगने पर एसडीओपी या सीएसपी की लिखित अनुमति के बाद जांच होगी। झूठी शिकायत से बचने के लिए तीन दिवस में पुलिस अधिकारी जांच करेंगे। गंभीर मामला होने पर एफआईआर दर्ज होगी तथा विधिवत प्रकरण की विवेचना की जाएगी। यह महत्वपूर्ण है कि डिजिटल फॉर्म में शिकायतों को लेने से विश्वसनीयता बढ़ेगी। प्रकरणों के निराकरण के लिए नए कानूनों में समयावधि निर्धारित की गई है, जिससे जवाबदेही के साथ मामलों का निराकरण हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आईपीसी में 20 नए अपराध जोड़े गए हैं। कई अपराधों के लिए अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 6 छोटे अपराध से जुड़े आरोपियों के सुधार के लिए सामाजिक सेवा का प्रावधान किया गया है। कई अपराधों में जुर्माना वृद्धि सहित सजा की अवधि बढ़ाई गई है। कार्यशाला में उप पुलिस अधीक्षक दिलीप कोसले ने बताया कि 1 जुलाई से तीन मुख्य कानून भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 लागू हो गए हैं। पूर्व कानून में बदलाव किया गया है तथा अलग-अलग धाराओं में सजा के लिए परिवर्तन किया गया है। कानूनों में एकरूपता लाने के लिए नया कानून लाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रकरणों के निराकरण के लिए नए कानूनों में समय का निर्धारण किया गया है। पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए है। विशेषकर अपराधिक मामलों में तलाशी एवं जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से की जाएगी। इन कानूनों के संबंध में नागरिकों को जानकारी होना चाहिए। नए कानून में आरोपियों के लिए नये प्रावधान किए गए हैं। सभी के लिए आवश्यक है कि स्वयं भी इन कानूनों को समझें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करें। पुलिस समय पर विवेचना करें, इसके लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से कानून लागू होने के बाद कोई भी अपराध होने पर नए कानून के अंतर्गत घटना या अपराध पंजीबद्ध होगा। इसके अंतर्गत अपराधों के लिए न्याय व्यवस्था अंतर्गत यह व्यवस्था की गई है कि निर्धारित समय में उनका निराकरण हो सके। सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग करते हुए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। एफआईआर की प्रक्रिया, एफआईआर के निर्णय सभी डिजिटल फॉर्म में होंगे। सामाजिक-आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से अब नागरिक अलग-अलग स्थानों में भी रहते हैं,ऐसी स्थिति में दस्तावेज डिजिटल होने से फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नये टेक्नॉलॉजी को अपनाने से कार्य सुगम होंगे तथा अपराधियों को समय पर दण्ड मिल सकेगा। बच्चों एवं महिलाओं के खिलाफ आरोप होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है, इसे गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने नये कानून के धाराओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में मीडिया प्रतिनिधियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधि और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
महिला बालविकास आगन बड़ी के कार्यकर्ताओं कों किया गया इब्राहिम द्वारा वृक्ष वितरण
चिखलाकसा– एक पेड़ माँ के नाम पर प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी जी के अहवान पर चिखलाकसा आगन बड़ी में समस्त कार्यकर्ता को फलदार व छायादार वृक्षों को मुख्यअतिथि नगर पंचायत चिखलाकसा के उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैय्यद के हाथों से वितरण किया गया इब्राहिम ने कहा मेरा हर एक व्यक्ति से अपील है एक पेड़ माँ के नाम सभी कोई लगाये जिससे वातावरण दूषित होने से बचेंगा हमने कोरोना काल में आक्सीजन की कमी से कितनो की मृत्यु होते देखा है दोबारा ऐसा दिन न आए इसलिए पेड़ लगाये सारा जहां हरा भरा हो जाये जिसमे उजस्थित सेक्टर सुपर वाइजर सरोज सहारे कार्यकर्त्ता निशा मरकाम, अनीता, सविता विश्वास, माधुरी रथ, फूलबाशन, वीणा धनकर, मनीषा, अर्चना, तुलेशवरी आदि लोग सम्लित हुवे |

नगर निगम कार्यालय में कांग्रेस नेताओं ने की तालाबंदी, निगम प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन
- नेता प्रतिपक्ष मांगा कक्ष, भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी व समस्त कांग्रेस पार्षदों द्वारा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष हेतु आरक्षित कक्ष की मांग, महापौर के कथित भ्रष्टाचार की जांच, जनहित के मुद्दों, शहर में हो रहे जलभराव को लेकर आज नगर निगम में तालाबंदी कर घेराव एवं विरोध प्रदर्शन किया गया।

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आरोप लगाते हुए कहा कि जगदलपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स के लिए नगर निगम कार्यालय में अलग से कक्ष देने की मांग को लेकर नगर निगम आयुक्त व महापौर के विरुद्ध नगर निगम परिसर में समस्त कांग्रेस पार्षदों ने लगातार धरना प्रदर्शन किया। नगर निगम आयुक्त की मनमानी व बीजेपी में शामिल महापौर द्वारा लगातार कांग्रेसी पार्षदों के साथ भेदभाव का सिलसिला जारी है। वहीं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष को अलग से कक्ष देने हेतु निगम आयुक्त व महापौर का कोई जवाब नहीं मिल रहा है। जबकि नेता प्रतिपक्ष चुनने के पश्चात अतिरिक्त कक्ष देना निगम की जवाबदेही बनती है। निगम आयुक्त व महापौर का भेदभाव साफ दर्शाता है कि इन्हें कांग्रेस के पार्षदों से कोई मतलब नहीं है। कुल मिलाकर भेदभाव की राजनीति की जा रही है। श्री मौर्य ने आगे कहा कि निगम में पिछले नौ साल से कांग्रेस सत्ता में थी। नेता प्रतिपक्ष भाजपा का था। नगर निगम भवन में नेता प्रतिपक्ष के लिए चिन्हित कक्ष को भी आवंटित किया गया था। भाजपा ने कांग्रेस पार्षद दल में तोड़फोड़ कर महापौर सहित आधा दर्जन पार्षदों को अपनी पार्टी में मिलाकर सत्ता हथिया ली।सत्ता हाथ में आते ही भाजपा तानाशाही पर उतर आई है। कांग्रेस पार्षद दल के नेता, नेता प्रतिपक्ष के लिए चिन्हित कक्ष आवंटित नहीं करके दूसरा कक्ष दिया गया है। यह गलत परंपरा की शुरूआत है। श्री मौर्य ने महापौर पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की सबसे भ्रष्ट महापौर सफिरा साहू है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महापौर निधि से किए गए करोड़ों रूपये के भ्रष्टाचार की फाइल खुलने के डर से सफीरा साहू ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। वहीं बीजेपी में एंट्री करने के बाद अब इस फाइल की जांच के लिए चुनाव से पहले हल्ला बोल रहे बीजेपी के नेताओं व पार्षदो ने भी अपना मुंह बंद कर लिया है। साथ ही कांग्रेस पार्टी महापौर की फाइल की जांच की मांग भी करती है आज इन्ही सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा यह विरोध प्रदर्शन किया गया है
निगम फेल्योर : रेखचंद जैन
वहीं पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने नगर निगम पर तंज कसते शहर में जलभराव को लेकर कहा कि शहर में एक घंटे की बारिश ने ही नगर निगम की बरसात से पूर्व की तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। पिछले दो माह से नालों की सफाई नहीं हुई है। जिसके कारण ड्रेनेज सिस्टम फेल हो चुका हैं। लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर रहा है। जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया कई व्यापारियों को बड़ा नुकसान हुआ। पहली बारिश में ही शहर के कई इलाकों में पानी भर रहा है। बाजारों में और दुकानों तक में पानी पहुंच रहा है। इधर, शहर के नालों की सफाई अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। लेकिन निगम प्रशासन व सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।कुल मिलाकर जनहित के मुद्दों पर निगम प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स ने कहा कि कई बार इसको लेकर मेयर से बातचीत भी की गई। इसके बावजूद वह अपनी मनमानी कर रही हैं। खुद बीजेपी के पार्षदों ने मेयर फंड में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और उनकी फाइल की जांच की मांग नगर निगम के आयुक्त से की थी। उसके बाद इस मामले में सभी ने चुप्पी साध ली और अब यह फाइल कहां है? इसकी किसी को भी जानकारी नहीं है। पोल खुलने के डर से सफीरा साहू बीजेपी में शामिल हो गईं ताकि भ्रष्टाचार की फाइल हमेशा के लिए बंद हो जाए।महापौर निधि जनता का पैसा है, यह फ़ाइल जरूर खुलनी चाहिए और उनकी भ्रष्टाचार की सच्चाई सामने आनी चाहिए। इसके अलावा महापौर सफिरा साहू के साथ वरिष्ठ नेता यशवर्धन राव और अन्य 4 पार्षदों के कांग्रेस पार्टी छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. मेयर समेत इन पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने से खुद भाजपाई इसका विरोध कर रहे हैं। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी अंगद प्रसाद त्रिपाठी, हनुमान द्विवेदी, समस्त कॉंग्रेस पार्षदगण,युवा कांग्रेस, एनएसयूआई अध्यक्ष व कार्यकर्ता, सेवादल, महिला कांग्रेस पदाधिकारी सहित विभिन्न प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, सोशल मीडिया के प्रशिक्षित प्रभारी आदि मौजूद रहे।
जगदलपुर में दोहरे मर्डर पर गरमाई सियासत, पीसीसी चीफ बैज का सरकार से सवाल- यह सुशासन है, या जंगल राज
- अब विधानसभा का घेराव करेगी कांग्रेस: दीपक बैज
अर्जुन झा
जगदलपुर नगर में हुए दोहरे हत्याकांड से सियासत गरमा गई है। कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस दोहरे हत्याकांड को लेकर साय सरकार पर बड़ा सवाल दाग दिया है। उन्होंने पूछा है कि यह सुशासन है या जंगल राज?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की कानून- व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री से पूछना चाह रहे हैं क्या यही सुशासन है? क्या यह जंगल राज का प्रतीक नहीं है? कहीं अपराधियों को संरक्षण देने का काम सरकार तो नहीं कर रही है? दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। अपराधी बेखौफ होकर लगातार वारदातें करते जा रहे हैं। नाबालिग, वयस्क, बुजुर्ग, महिलाएं कोई भी इस राज्य में सुरक्षित नहीं रह गया है। बैज ने कहा कि आने वाले समय में कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा घेराव की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य की जनता को असहाय नहीं छोड़ सकती और सो रही साय सरकार को जगाने के लिए हर जरूरी कदम उठाने कांग्रेस तैयार है।
सहम उठा है जगदलपुर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि आज एक और परिवार तबाह हो गया। हत्यारों ने घर में घुसकर मां बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी, वहीं एक बेटा घायल है। आरोपी पुलिस की पकड़ के बाहर हैं। चांदनी चौक में उपद्रवी वाहनों को आग लगा देते हैं। संजय मार्केट में दिनदहाड़े तलवार लहराई जा रही है। जमीन विवाद में ककनार में युवक की हत्या कर दी गई। इरिकपाल में दो सगे भाइयों की हत्या कर दी गई। दीपक बैज ने कहा है कि सुशासन की सरकार होने का दावा ठोकने वाली भाजपा के हाथ से कानून व्यवस्था पूरी तरह निकल चुकी है। पिछले सप्ताह भर में तीन घटनाओं में 5 लोगों की हत्या से पूरा बस्तर सहमा हुआ है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा की आतंरिक खींचतान का खामियाजा अब जनता को भुगतना पड़ रहा है। जहां अपराधी सड़क पर बैखौफ घूम रहे हैं।
चना-चुर्रा व्यापारी के घर घुसकर दो लोगों की हत्या
- हत्याकांड से थर्रा उठा शहर, पुलिसिंग पर सवाल
जगदलपुर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में लगातार बढ़ रहे अपराधों के बीच बीती रात चित्रकोट रोड पर अनुपमा चौक के पास सबसे व्यस्तम मार्ग पर चना -मुर्रा का कारोबार करने वाले गुप्ता परिवार के दो लोगों की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड से शहर थर्रा उठा है औरफिर एकबार पुलिसिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शहर में वारदात के बाद दहशत फैल गई है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा भी मौके पर पहुंचे हैं और वह अब पुलिसिंग को लेकर सख्त कार्रवाई कर सकते हैं।
शहर के सबसे व्यवस्तम ईलाके अनुपमा चौक के पास कारोबार करने वाले गायत्री गुप्ता 50 वर्षीय अपने बेटे नीलेश गुप्ता 32 वर्ष और नितेश गुप्ता 29 वर्ष के साथ रहती थीं। अज्ञात हमलावरों ने दो लोगों की हत्या कर दी। जिसमें मां के साथ एक बेटे की हत्या कर दी गई। वही एक बेटा घायल है, जिसे महारानी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के अलावा कोतवाली व बोधघाट के साथ जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारी व फारेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है। अब तक हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
घटना स्थल पर उमड़ी भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही तमाशबीनों की भीड़ घटना स्थल पर उमड़ गई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ी। अनुपमा चौक में घटित- घटनाक्रम के बाद ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ा, जिसके चलते वाहन चालकों, चित्रकोट जाने वाले पर्यटको तथा नागरिकों को इससे असुविधा का सामना करना पड़ा।
मोटरसाइकिल और ट्रक की भिड़ंत 3 गंभीर रूप से घायल
कुसुमकसा __राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के लापरवाही के चलते ग्राम करियाटोला से मुख्यमार्ग में आ रहे मोटरसाइकिल की ट्रक की टक्कर हो गई जिसमे मोटरसाइकिल चालक सहित उसके साथी को गंभीर चोट आई है ,घायलों को 108 वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया है , जहां प्राथमिक उपचार के बाद उचित उपचार के लिए राजनांदगांव रिफर करने की तैयारी किए जाने की जानकारी मिली
घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार क्रमांक सी जी 08ए डी 1151 गिधाली से आयरन ओर भरकर रायपुर की ओर जा रहा था की ग्राम करियाटोला पूल के पास ग्राम करियाटोला से मुख्य मार्ग में आ रहे मोटरसाइकिल अचानक मुख्य मार्ग में आते ही ट्रक व मोटरसाइकिल की जबरदस्त टक्कर हो गई जिसमे मोटरसाइकिल सवार डौंडी निवासी राकेश धुर्वे व सेवाराम घायल हो गए घायल युवक राकेश ग्राम करियाटोला अपने ससुराल आया था तथा डौंडी जाने निकला था की दुर्घटना हो गई दुर्घटना की जानकारी मिलते ही राजहरा पुलिस घटनास्थल पहुंचकर दुर्घटना ग्रस्त मोटरसाइकिल तथा ट्रक को राजहरा थाना भिजवाया व रास्ता क्लियर कर दिया
ग्राम करियाटोला के ग्राम आने जाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 930 के सड़क चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य में मुख्य मार्ग से ग्राम करियाटोला जाने का मार्ग ना होने से ग्रामीण गांव पहुंच मार्ग निर्माण कराने की मांग करते आ रहे थे किंतु राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी निर्माण एजेंसी द्वारा वैकल्पिक एप्रोच सड़क का निर्माण करा दिया गया जो खतरनाक है जिसका खामियाजा मोटरसाइकिल सवार को चोटिल होकर भुगतना पड़ा घटना की जानकारी लगते ही ग्राम करियाटोला के ग्रामीण घटनास्थल पहुंचकर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों व निर्माण एजेंसी तथा शासन प्रशासन पर मुख्य मार्ग से गांव पहुँच मार्ग ठीक से ना बनाने पर जमकर भड़ास निकाली साथ ही आगामी दिनों में सड़क के लिए सड़क की लड़ाई लड़ने की बात कही
सरस्वती शिशु मंदिर कोंटा में शिशु वाटिका का लोकार्पण
- शिशु मंदिर में दी जाती है संस्कारों की शिक्षा: राणा
जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले की आध्यात्मिक नगरी कोंटा में वर्षो बाद एकबार फिर सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षण संस्था में स्थानीय निवासियों ने रूचि दिखाई है। वर्ष 1995 से संचालित सरस्वती शिशु मंदिर कोंटा बीते कुछ वर्षो से काफी उपेक्षित रहा। एकबार फिर से इस संस्था मे कुछ नए प्रयासों की शुरुआत की जा रही है। आज कोंटा नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में शिशु वाटिका का शुभारंभ सरस्वती शिशु मंदिर कंगोली जगदलपुर एवं जागृति मंडल रायपुर के अध्यक्ष कुंवर राज बहादुर सिंह राणा एवं रामराजा मनोज देव विभाग प्रभारी एवं अध्यक्ष सरस्वती शिशु मंदिर सुकमा के हाथों हुआ।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुंवर राज बहादुर सिंह राणा ने कहा कि आप हमें अबोध बालक दें, हम आपको सुयोग्य नागरिक देंगे। भैया, बहनों के सर्वांगीण विकास में विद्या भारती का प्रेरक एवं अनोखा प्रयास है यह शिशु वाटिका। यह विद्या भारती की अमूल्य धरोहर है।सुसंस्कारित, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा ही सरस्वती शिशु मंदिर योजना को विश्व के कोने- कोने तक ले जा रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हमें अपने मातृ संगठन, विद्या भारती, सरस्वती शिक्षा परिषद व समाज का सराहनीय सहयोग प्राप्त हो रहा है। आपके आत्मीय एवं प्रेरक सहयोग से हम शिक्षा जगत में ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम मे उपस्थित सरस्वती शिशु मंदिर सुकमा के अध्यक्ष मनोज देव ने कहा की शिशु वाटिका बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक अभिनव प्रयास है।सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार की शिक्षा को सर्वोपरि रखा जाता है। अनुशासित एवं व्यावहारिक जीवन जीने का ज्ञान देने वाला एकमात्र विद्यालय है सरस्वती शिशु मंदिर। इस अवसर पर खंड संघचालक सीएच राज शेखर प्राचार्य वेदमाता कालेज, जगदलपुर से तिवारी, समिति के अध्यक्ष पी. गणेश, व्यवस्थापक गिरीश, सचिव वी.नरेश, कोषाध्यक्ष टी. वेंकटेश राव, समिति के सदस्य सुभाष चतुर्वेदी, आर. मुरली, जी. वेंकट रमन्ना रेड्डी, जी. गंगाचलम, उदयराज सिंह, जेट्टी रामाराव, पी. रामडू, जी. विजय लक्ष्मी रेड्डी, पी. कृष्ण कुमारी, अन्नू घोष, टी. श्रीनिवास वासु, वेट्टी अनिल, नीली सतीश, नीली वंशी, सुनील, अरविंद गुप्ता, किरण, मनीष, संस्था के आचार्य, दीदियां, और कोंटा के गणमान्य नागरिक उपस्तिथ थे।


