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बैंक की लापरवाही से गुम हो गया जीवन प्रमाण पत्र

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पेंशनर अब्दुल सत्तार भटकते रहे पेंशन पाने

संघ की पहल पर मिल गई सात माह की पेंशन

जगदलपुर बैंक प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा बेकसूर पेंशनरों को किस तरह भुगतना पड़ता है इसकी बानगी पेंशनर अब्दुल सत्तार खान के मामले में देखने को मिली है। मामला सेंट्रल बैंक मुख्य शाखा जगदलपुर का है। तुर्रा यह कि बैंक प्रबंधन न तो पेंशनरों से सीधे मुंह बात करने को तैयार रहता है और न ही अपनी गलती स्वीकार करने को। हताश, परेशान पेंशनर जब अपने संघ के संपर्क में आते हैं तब मामला तूल पकड़ता है।

पेंशनर्स संघ ने कहा है कि बैंक प्रबंधन अपने रवैये में तत्काल सुधार करे, अन्यथा पेंशनर सेंट्रल बैंक से खाते हटाकर अन्य बैंक में खोलने के लिए बाध्य हो जाएंगे। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ बस्तर संभाग के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मंत्री रामनारायण ताटी ने कहा है कि पेंशनरों को प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में जीवितता प्रमाण पत्र जमा करना होता है। अब्दुल सत्तार खान जो संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, उन्होंने भी नियमानुसार बैंक में जीवितता प्रमाण पत्र जमा किया था। किंतु बैंक प्रबंधन की लापरवाही से अब्दुल सत्तार खान का जीवितता प्रमाण पत्र गुम हो गया। प्रमाण पत्र गुम होने पर बैंक की जिम्मेदारी यह थी कि तत्काल संबंधित पेंशनर को इसकी सूचना दे जो नहीं दिया गया। 27 अप्रैल 2026 को बैंक से अब्दुल सत्तार खान के पास फोन आता है कि आपका जीवितता प्रमाण पत्र न होने के कारण आपका पेंशन बैंक खाते में जमा नहीं हो रही है, आप फौरन बैंक पहुंचकर जीवितता प्रमाण पत्र जमा करें। अब्दुल सत्तार खान ने पुनः जीवितता प्रमाण पत्र जमा किया।

इसके बाद भी अप्रैल माह के अंत में अन्य पेंशनरों के साथ अब्दुल सत्तार खान की पेंशन बैंक खाते में जमा नहीं हुई। मामला संगठन के संज्ञान में लाए जाने पर संगठन की ओर से ताटी ने सेंट्रल बैंक पहुंचकर शाखा प्रबंधक से इसका कारण जानना चाहा। उन्होंने जीवितता प्रमाण पत्र जमा न होने का कारण बताया। श्री ताटी ने कहा कि अब्दुल सत्तार खान ने समय पर जीवितता प्रमाण पत्र जमा कर दिया था, बैंक से मिसिंग हुआ तो उसकी सजा अब्दुल सत्तार खान क्यों भुगते? इस पर प्रबंधक ने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। श्री ताटी ने कहा देखिए जीवितता प्रमाण पत्र जमा करने के लिए जितनी जिम्मेदारी पेंशनर की है, उतना ही जिम्मेदारी बैंक की भी है। यदि कोई पेंशनर अत्यंत बुजुर्ग है, अशक्त है या लंबी बीमारी से ग्रसित है तो इन परिस्थितियों में बैंक की जवाबदारी बनती है कि वह अपने कर्मचारी को पेंशनर के घर भेजकर जीवितता प्रमाण पत्र ले। मगर आप लोग प्रायःऐसा नहीं करते।

जिसका खामियाजा बेकसूर पेंशनरों को भुगतना पड़ता है। ताटी स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब्दुल सत्तार की पेंशन आखिर कब आएगी?प्रबंधक ने मई माह के अंत में जमा करने का भरोसा दिलाया। ताटी ने कहा यह रवैया ठीक नहीं है अपने रवैये में सुधार करें, अन्यथा संघ से जुड़े सभी पेंशनर सेंट्रल बैंक से खाते हटाकर अन्य बैंक में खोलने के लिए बाध्य हो जाएंगे। संघ के आरएन ताटी, किशोर जाधव, अब्दुल सत्तार खान, शिव कुमार मिश्रा, रमापति दुबे, एलएस नाग, एसडी माझी, पीएस ठाकुर ,एमडी राठौर, सुरेश कुमार दलाई, बीएस नेताम, धरम सिंह मंडावी, अनिता राज करमजीत कौर, सरिता पांडे, सुषमा झा, जयमनी ठाकुर, शुभ्रा कुंडू, उषा चिखलीकर, रेखा सेन, के. बेलसरिया एवं जय ईशाक ने भी बैंक प्रबंधन के रवैए को गैरजिम्मेदाराना बताया है।

बंगाल में झालमुरी और बस्तर में पानी की बोतल का जादू

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मुख्यमंत्री विष्णु देव रुके एक छोटी सी किराना दुकान पर, सामने थी बदलाव की बड़ी गाथा

आत्मसमर्पित नक्सली की दुकान से मुख्यमंत्री साय ने खरीदी पानी की बोतल

अर्जुन झा

जगदलपुर हाल के दिनों में हमने देखा था कि बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक दुकान से खरीदी गई दस रुपए की झालमुरी ने बंगाल विधानसभा चुनाव की दिशा ही बदल दी थी, वहां दस रुपए की झालमुरी भाजपा के लिए जादुई करिश्मा साबित हुई। वैसा ही नजारा बस्तर में भी देखने को मिला है। बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के एक सुदूर गांव की एक छोटी सी किराना दुकान से प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दस रुपए की पानी की बोतल क्या खरीदी, उस पानी की स्नेहिल फुहार का जादू पूरे बस्तर में चल गया है। दरअसल मुख्यमंत्री ने जिस दुकान से पानी बोतल खरीदी, उसके मालिक आत्मसमर्पित नक्सली दंपत्ति हैं। मुख्यमंत्री को जब पता चला कि दुकान मालिक पहले नक्सली थे, उनके मुंह से ये बोल फूट पड़े- यही है बदलते बस्तर और नए बीजापुर की असल तस्वीर

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोंडापल्ली पहुंचे थे। जन चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी। लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी। यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

पुनर्वास केंद्र में नए जीवन का आगाज

बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से उन्हें जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोंडापल्ली में उनकी छोटी सी किराना दुकान शुरू हुई। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं। भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी हैं। दंपत्ति ने कहा कि कभी उन्होंने नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा। लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।

नए बस्तर की जीवंत तस्वीर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है। कोंडापल्ली की उस छोटी सी दुकान पर कुछ मिनटों का यह संवाद सुशासन तिहार का सबसे भावनात्मक पल बन गया। यह दृश्य बता रहा था कि बस्तर अब भय और हिंसा की नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और नई उम्मीदों की धरती बन रहा है। मासा तामो और जयमोती आज उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जो अंधेरे से निकलकर उजाले की राह चुनना चाहते हैं। उनकी कहानी संदेश देती है कि वापसी का रास्ता हमेशा खुला होता है और एक नया जीवन हमेशा संभव होता है।

बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास की सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार की जिम्मेदारी: अनवर खान

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तहसीलदारों की हड़ताल ने खोल दी सुशासन की पोल: अनवर खान =

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व सदस्य अनवर खान ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा है कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जनता समस्याओं से जूझ रही है, सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है मगर प्रदेश की जनता को जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के अलावा अपनी जरूरतों की आपूर्ति के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेता अनवर खान ने कहा है कि पंचायतों से सुशासन त्यौहार के लिए अवैध वसूली की जा रही है। शहरी निकायों सहित पंचायतों के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हुए हैं। कई पंचायत के जनप्रतिनिधि संसाधनों एवं बजट की कमी से चिंतित व परेशान हैं। पूरे प्रदेश में पंचायत व्यवस्था कमजोर हो रही है और ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है।उन्होंने कहा है कि सुशासन त्योहार से सरपंच परेशान व हताश होकर सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं। इस पर सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए सुशासन त्योहार के माध्यम से ध्यान भटकने का कार्य कर रही है। राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने में पूरी तरह विफल साबित हुई।अनवर खान के कहा है कि सीतापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार से तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। कलमबंद, कामबंद हड़ताल से राजस्व व शासकीय कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। एक तरफ छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार सुशासन त्यौहार मना रही है और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों का कलम बंद हड़ताल जारी है। सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ सुशासन का ढकोसला त्यौहार और दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी अत्याचार का शिकार हो रहे हैं।

जल शोधन संयंत्र की कार्यप्रणाली सुचारू

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पेयजल की गुणवत्ता पूरी तरह सुरक्षित : महापौर

जगदलपुर:– पावर हाउस स्थित फिल्टर प्लांट में इंटेकवेल, सेटलिंग टैंक व फिल्टर का महापौर संजय पांडेय ने अपने टीम के साथ अवलोकन किया। इस दौरान एलम, ब्लीचिंग, क्लोरीन सहित सभी रसायनों का सही ढंग से मिलावट कर टेस्टिंग किया गया। टेक्निकल टीम ने बताया वर्तमान में इंद्रावती नदी के पानी में टर्बिडिटी (गंदलापन) कम है। ऐसी स्थिति में जल शोधन प्रक्रिया के दौरान पानी को कीटाणुरहित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले केमिकल डोजिंग पंप के माध्यम से सोडियम हाइपोक्लोराइट की मात्रा निर्धारित स्तर से अधिक जाने की संभावना रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जलप्रदाय शाखा द्वारा सोडियम हाइपोक्लोराइट की संतुलित मात्रा सुनिश्चित करने के लिए नल की टोटी (वाल्व) का उपयोग किया जाता रहा है । इसके पश्चात पेयजल की गुणवत्ता की जांच एवं परीक्षण कराया जाकर स्वच्छ पानी सप्लाई की जातीहै ।महापौर ने स्पष्ट किया है कि जल शोधन संयंत्र की आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हैं तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। निगम प्रशासन द्वारा नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच की जा रही है और पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी भी की जा रही है।उन्होंने आगे बताया वर्तमान में नदी का पानी में गंदलापन कम है।

डोजिंग पंप से सोडियम हाइड्रोक्लोराइड की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है जिसे कंट्रोल करना मुश्किल होता है। जिसे देखते हुए लोकली कम सोडियम हाइपो क्लोराइड डालने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत नल की टोटी लगाकर बहुत ही कम मात्रा में सोडियम हाइड्रोक्लोरराइड डाला जा रहा है। डोजिंग पंप का कार्य बारिश होने पर फिल्टर प्लांट में किया जाएगा।

नगर निगम के तकनीकी अमले संजीव कर्ण ने बताया बरसात के मौसम में जो गंदा पानी आता है उसमें रसायन मिलाया जाता है। सामान्य दिनों में रसायन की मात्रा अधिक न हो जाए इस बात को ध्यान में रखते हुए मैन्युअल बूंद बूंद टपकाया जाता है। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर रसायन युक्त पानी का सैंपलिंग कर टेस्टिंग के बाद ही पानी टंकी में सप्लाई होता है। इस प्रकार स्वच्छ व पीने युक्त पानी टंकी से होकर घरों तक पहुंचता है।मौके पर जल कार्य एमआईसी सदस्य सुरेश गुप्ता, लक्ष्मण झा, संजय विश्वकर्मा, राजपाल कसेर, ईई गोपाल भारद्वाज, अमर सिंह, संजीव कर्ण, रितेश पांडे, राजकीरण अम्भोरे, माधोराव चौहान आदि उपस्थित रहे।

गौतम अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत पर चढ़ा सियासी रंग

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बीएमओ को निशाना बनाकर भेजे गए गुमनाम पत्र पर उठे सवाल

भानुप्रतापपुर तहसील दुर्गूकोंदल के ग्राम चाहचांड निवासी कमलेश कोमरा के परिवार में हुई जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अब स्वास्थ्य व्यवस्था और स्थानीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। इस संवेदनशील मामले में नया मोड़ तब आया, जब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानुप्रतापपुर के अध्यक्ष को एक गुमनाम शिकायती पत्र मिला। इस पत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर और बीएमओ डॉ. सचेंद्र गोटा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला द्रौपदी कोमरा को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानुप्रतापपुर में भर्ती कराया गया था। जांच में एमनियोटिक फ्लूइड (वाटर लेवल) अत्यंत कम पाए जाने के बाद परिजन बेहतर उपचार की उम्मीद में उन्हें भानुप्रतापपुर स्थित गौतम हॉस्पीटल ले आए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किया गया, जिसके चलते मां और नवजात दोनों की मौत हो गई। मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जच्चा-बच्चा की मौत के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। ऐसे में मौत के वास्तविक कारणों को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।

गुमनाम पत्र से बढ़ा विवाद

इस घटनाक्रम के बीच सामने आए एक गुमनाम पत्र में पूरे मामले के लिए बीएमओ डॉ. सचेंद्र गोटा को जिम्मेदार ठहराते हुए निजी अस्पतालों में मरीज भेजने और कथित कमीशनखोरी के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पत्र की विश्वसनीयता को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस गौतम हॉस्पीटल में उपचार के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हुई, उस अस्पताल की भूमिका पर पत्र में लगभग कोई चर्चा नहीं की गई है। इसके बजाय पूरा ध्यान केवल शासकीय अस्पताल और बीएमओ पर केंद्रित दिखाई देता है।

निशाने पर बीएमओ ही क्यों?

जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में लगातार सामने आ रहे घटनाक्रमों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि कहीं वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाकर किसी शासकीय अधिकारी को निशाना बनाने की कोशिश तो नहीं हो रही है। परिजनों के आरोप सीधे तौर पर उपचार और ऑपरेशन में कथित देरी से जुड़े हैं, लेकिन हाल के दिनों में चर्चा का केंद्र गौतम हॉस्पीटल के बजाय बीएमओ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बनाया जा रहा है। इससे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले में अब डाक विभाग की ट्रैकिंग रिपोर्ट ने एक नया मोड़ ला दिया है। शिकायत पत्र को बालोद से भेजा गया बताया जा रहा था, लेकिन स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग के अनुसार उसकी बुकिंग रविग्राम सब पोस्ट ऑफिस (पिनकोड 492001) से 26 मई को की गई थी। ट्रैकिंग रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बुक्ड एट रविग्राम सो दर्ज है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पत्र बालोद से भेजा गया था तो उसकी बुकिंग रविग्राम से कैसे हुई? वहीं पत्र में दर्ज मोबाइल नंबर भी बंद बताया जा रहा है और शिकायतकर्ता की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।

निष्पक्ष जांच की मांग*स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच का केंद्र वहीं होना चाहिए जहां उपचार हुआ तथा जहां घटना घटी। साथ ही यह भी जरूरी है कि बिना ठोस प्रमाण किसी व्यक्ति या अधिकारी को निशाना बनाने के प्रयासों की भी जांच की जाए।फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और तथ्यात्मक निष्कर्ष का इंतजार है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में जच्चा-बच्चा की मौत के वास्तविक कारण, गौतम हॉस्पीटल की भूमिका और गुमनाम पत्र के पीछे की सच्चाई सामने आ पाती है या नहीं?

बस्तर सामाजिक जन विकास समिति ने लगाया स्वास्थ्य शिविर, किए जनसेवा के कार्य

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संस्था के 26वें स्थापना दिवस पर रंधारीरास गांव में लगाया विशाल कैंप

जगदलपुर बस्तर सामाजिक जन विकास समिति द्वारा 30 मई को विकासखंड जगदलपुर की ग्राम पंचायत नेतानार अंतर्गत रंधारीरास में संस्था का 26वां स्थापना दिवस जनसेवा गतिविधियों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम संस्था के सचिव डॉ. सुशील कुमार पांडेय एवं कोषाध्यक्ष बी. नागेश के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

स्थापना दिवस समारोह का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, संस्था के पदाधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इस अवसर पर जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच साड़ी, लुंगी एवं चप्पलों का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की व्यवस्था की गई।स्वास्थ्य शिविर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बस्तर डॉ. संजय बसाक, डीटीओvडॉ. सी. मैत्री, डॉ. संजय वर्मा तथा डॉ. नारायण दास पंथ सहित चिकित्सकों की टीम ने बड़ी संख्या में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में चर्म रोग, उच्च रक्तचाप, आर्थराइटिस, मलेरिया, हाइपर एसिडिटी, एनीमिया सहित अन्य सामान्य एवं जटिल बीमारियों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं समय पर उपचार के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। वहीं सभी उपस्थित ग्रामीणों के लिए सामूहिक प्रेम भोज का आयोजन भी किया गया, जिससे सामाजिक समरसता एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा मिला। संस्था की विभिन्न परियोजनाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय एवं संस्था के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

चिखलाकसा निवासी युवक की हत्या का एक साल बाद खुलासा, पत्नी और प्रेमी सहित चार गिरफ्तार

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दल्लीराजहरा -: एक वर्ष पूर्व कांकेर जिले के बांदे थाना क्षेत्र में हुई चिखलाकसा निवासी मुकेश विश्वास की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त जांच में सामने आया है कि मृतक की हत्या उसकी पत्नी, उसके प्रेमी तथा अन्य सहयोगियों ने मिलकर की थी। मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार चिखलाकसा निवासी मुकेश विश्वास की 24 मई 2025 को बांदे थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटना अथवा सामान्य मौत जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने गहन जांच शुरू की।जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल डिटेल, साइबर विश्लेषण तथा आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध थे। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और मृतक पत्नी को तलाक देना चाहता था। इसी कारण पत्नी, उसके प्रेमी और अन्य सहयोगियों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पहले मुकेश विश्वास को खेत में बुलाया, जहां उसे अत्यधिक शराब पिलाई गई। इसके बाद बिजली का करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम को हादसे का रूप देने का प्रयास किया ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।मामले की परत-दर-परत जांच के बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक वर्ष पुराने इस अंधे कत्ल का खुलासा तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई विवेचना के आधार पर संभव हो सका। मामले के खुलासे को पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

सत्ता और संगठन दोनों ने झोंकी ताकत, फिर भी भाजपा को मिलेगी उप चुनाव में करारी हार: जावेद खान

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इंदिरा वार्ड के उप चुनाव जीत कर कांग्रेस तोड़ेगी भाजपा के सारे भ्रम

कांग्रेसियों की एकजुटता से जीत सुनिश्चित: खान

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता जावेद खान ने जगदलपुर के इंदिरा वार्ड के उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत का प्रबल दावा करते हुए कहा है कि भाजपा ने इस उप चुनाव में सत्ता और संगठन दोनों को ही झोंक डाला, बावजूद भाजपा जीत से कोसों दूर है। इस उप चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

जावेद खान ने कहा है कि भाजपा प्रत्याशी मनोहर दत्त तिवारी उप चुनाव नहीं जीत पाएंगे। इसकी सबसे बड़ी वजह सरकार बनने के बाद से केवल मोदी जी के “मन की बात” जनता को सुना रहे भाजपाई जनता के “मन की बात” सुनने तैयार नहीं हैं।वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी को जिता कर नगर निगम पहुंचाने कांग्रेसियों की एकजुटता, चुनावी रणनीति और मजबूत विपक्ष की भूमिका कारगर साबित होगी। जावेद ने कहा है कि भाजपा की सरकार प्रदेश में पिछले ढाई साल से है और निगम में भाजपा पिछले एक वर्ष से ज्यादा समय से काबिज है बावजूद एक वार्ड के उप चुनाव में राजा-महाराजा से लेकर मंत्री-संतरी तक को उतारना पड़ गया भाजपा को। यह दर्शाता है कि इन ढाई सालों में भाजपा जनता से कोसो दूर रही है और धरातल पर जनता के लिए भाजपा सरकार ने कुछ किया नहीं है।

जिसके चलते एड़ी-चोटी का जोर लगाने के बावजूद भी जनता ने इन्हें अस्वीकार कर दिया है,अब जनता का मोह भाजपा के जनप्रतिनिधियों से पूरी तरह भंग हो चुका है जिसके परिणामस्वरूप भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। जनता के आशिर्वाद से कांग्रेस पार्टी आगामी 4 जून को भाजपा के सारे भ्रम तोड़ देगी और जनता के विश्वास पर खरी उतरते हुए रामकृष्ण तिवारी को निगम में इंदिरा वार्ड की सेवा का अवसर प्रदान करेगी तथा कांग्रेस की तीन दशकों से काबिज रही इंदिरा वार्ड में एक बार फिर जीत का परचम लहरा कर अपना कब्जा बनाए रखने में सफल साबित होगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य, प्रभारी द्वय पूर्व क्रेडा अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार और पूर्व विधायक रेखचंद जैन के नेतृत्व में पूरी कांग्रेस पार्टी ने एकजुटता के साथ भाजपा को इस उप चुनाव में धूल चटाने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है और जनता ने भी कांग्रेस के परिश्रम को स्वीकार किया है और भाजपा के छलावे को बखूबी समझा है। जावेद ने कांग्रेस पार्टी की ओर से वार्ड के समस्त मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए बढ़-चढ़ कर मतदान में हिस्सा लेने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है और विश्वास दिलाते हुए कहा है कि स्वर्गीय रशीद खान की कमी वार्डवासियों को महसूस होने नहीं देगी कांग्रेस। हमारे प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी दिवंगत रशीद खान के नक्शे कदम पर चलकर वार्डवासियों की निस्वार्थ सेवा करेंगे।

चाकू दिखाकर मारपीट कर लुट करने वाले नाबालिक सहित दो आरोपी को पुलिस ने किया चंद धण्टे में गिरफ्तार

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आरोपियों से घटना में प्रयुक्त चाकू को किया गया जप्त। प्रार्थी से लुटे गये रकम मे से 11370 रू. को किया गया बरामद।मामले का संक्षिप्पत विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी डोमेश्वर पटेल पिता ग्राम रेंगनी थाना व जिला बालोद दिनांक 30.05.2026 को सुबह 09:30 बजे अपने टीव्हीएस पॉवर एक्सल मोटर सायकल क्र. CG 24 P 4861 में सब्जी खरीदने के लिए नगदी 25,000/- रूपये लेकर सब्जी मण्डी बुधवारी बाजार बालोद गया था, बाथरूम करने मण्डी से लगा हुआ मण्डी के पीछे शुलभ शौचालय में बने बाथरूम कमरे में गया तभी इनके पीछे-पीछे 02 लड़के आकर बाथरूम अंदर घुसकर दरवाजा को अंदर से बंद कर एक लोहे की धारदार चाकू को प्रार्थी के पेट में टीका कर मां-बहन की अश्लील गाली गलौज करते हुए अपने पास रखे रूपए हमे दो नहीं तो जान से मार दूंगा कहकर धमकी देते हुए प्रार्थी को 03-04 थप्पड़ मारकर कुल 25,000/- रूपये को लेकर भाग गया कि रिपोर्ट पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक 252/2026 धारा 127 (2), 296, 115(2), 351(3), 309(6), 3(5) बीएनएस अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुऐ श्रीमान पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश पटेल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद श्री बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में निरीक्षण शिशुपाल सिन्हा द्वारा एक विशेष टीम तैयार कर आरोपीगण सोमेश ध्रुवे एवं कमल ठाकुर को अभिरक्षा में लाकर पुछताछ करने पर बताये कि सोमेश ध्रुवे ने उधारी में लिए सेकेण्ड हैण्ड मोबाईल का उधारी रूपया जमा करने के लिए व शराब पीने, गांजा एवं नशीली गोली के लिए रूपया नहीं होने से लूट-पाट करने की योजना बनाए, सब्जी मंडी में सोमेश ध्रुवे द्वारा आम खरीदते समय सब्जी खरीदने आए लड़के के पास बहुत ज्यादा रूपया रखे होना देखे थे उसी लड़के को सब्जी मंडी के शौचालय में अकेले बाथरूम करने जाते देखकर कमल ठाकुर को शौचालय के बाहर व्यक्ति देखने के लिए एवं सोमेश ध्रुवे, अपचारी बालक दोनो बाथरूम के अंदर जाकर दरवाजा को अंदर से बंदकर सब्जी वाले लड़का को चाकू दिखाकर, मां-बहन की गाली-गलौच करते जान से मारने की धमकी देकर थप्पड़ से गाल में मारकर उनके पैट के जेब से अपचारी बालक ने 25,000/- रूपए लूटकर भाग गए, आरोपियों द्वारा अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।पुरे प्रकरण में विवेचना एवं आरोपियों के पतासाजी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि सुरज साहू, सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य एवं उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही है।नाम आरोपीगणः सोमेश ध्रुवे उर्फ दाउ पिता मूल शंकर ध्रुवे उम्र 27 वर्ष पता वार्ड क्र. 06 शिव मंदिर गली पाण्डेपारा बालोद थाना व जिला बालोद (छ.ग.)कमल ठाकुर पिता मंगल सिंह ठाकुर उम्र 26 वर्ष पता वार्ड क्र. 05 हीरापुर रोड पाण्डेपारा बालोद थाना व जिला बालोद (छ. ग.)

नव आगमन” का विशेषांक डॉ. शिरोमणी माथुर को समर्पित, 2 जून को विमोचन व सम्मान समारोह

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साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान” – अगासदिया परिवार करेगा सम्मान | राजमाता फुलदेवी कांगे होंगी मुख्य अतिथि अगासदिया परिसर से प्रकाशित मासिक पत्रिका नव आगमन` का मई अंक प्रसिद्ध लेखिका एवं साहित्यकार डॉ. शिरोमणी माथुर के व्यक्तित्व-कृतित्व पर केंद्रित है। 02 जून को राजहरा नगर में इस विशेष अंक का विमोचन होगा।

लेखन पर चर्चा, सम्मान से अलंकरण

इस अवसर पर डॉ. शिरोमणी माथुर के साहित्यिक अवदान पर विस्तृत चर्चा आयोजित की गई है। साहित्य के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए अगासदिया परिवार द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजमाता फुलदेवी कांगे होंगी। अध्यक्षता पूर्व एडीशनल कलेक्टर जी.पी. राना करेंगे। विशेष अतिथि के रूप में कमलेश चंद्राकर एवं मुनीलाल निषाद मंच साझा करेंगे।डॉ. अशोक आकाश, श्रीमती स्मिता वर्मा एवं राजकुमारी कांगे, डॉ. माथुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखेंगे। आयोजनीय वक्तव्य डॉ. परदेशीराम वर्मा देंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनी नेलसन करेंगी तथा आभार प्रदर्शन नेहा माथुर करेंगी।

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