जगदलपुर। 20 कदम स्वच्छता की ओर अभियान के संचालन के दौरान नगर निगम मुस्तैद नजर आ रहा है.
निगम आयुक्त निरंतर वार्डों की साफ-सफाई में लगे हुए हैं, वही, गंदगी करने वालों पर कड़ाई भी बरती जा रही है, ऐसा ही एक मामला आज संजय बाजार का आया जहां पान गुटखा खा कर सड़क पर थूकने वाले एक व्यक्ति से निगमायुक्त प्रेम कुमार पटेल ने सड़क धुलवाया और वहीँ एक दुकानदार द्वारा अपने दुकान के सामने कचरा एकत्रित किए जाने पर उससे भी झाड़ू लगवाकर सफाई करवाई गई और जुर्माना भी वसूला गया।
स्वच्छ जगदलपुर, सुंदर जगदलपुर की तर्ज पर संचालित हो रहे इस कार्यक्रम के तहत पान ठेलों के आसपास पाई जाने वाली गंदगी को भी इन ठेलों के संचालकों द्वारा साफ करवाया जा रहा है व इन पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दुकानदारों से अपील की है कि वे अपने दुकानों के सामने कचरा ,कचरा पेटी में एकत्रित कर कचरा वाहन में ही डालें
जनता को अपने हाल पर छोड़कर, असम के प्रत्याशियों की आवभगत में लगे हैं बघेल- नरेन्द्र नाग
अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था कब तक होगी?
एक तरफ पुरे प्रदेश में करोना महामारी के कारण 20 जिलो में पूर्ण लाकडाउन लगाया गया है, अस्पतालों में बेड व अन्य दवाइयों की कमी से प्रदेश की जनता को सामना करना पड रहा है वर्तमान में प्रदेश में कोरोना जाँच में 10 में से 4 लोग पाजिटिव मिल रहे है पूर्व में हुये बैठक में छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर, केंद्र द्वारा मिले वेंटिलेटर के ठीक से काम नहीं करने व डेसिरेमवीर इंजेक्शन की भी कमी कि बात स्वीकारी थी छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामलों के देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया था की हवाई मार्ग के साथ रेल मार्ग से दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य है. सीएम भूपेश बघेल ने अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट की 72 घंटे के भीतर की निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य करने की बात की थी पर असम से लाये गये प्रत्याशियों का अभी तक RT-PCR टेस्ट कराने की पुष्टि कांग्रेस द्वारा नही की गयी है, जिससे साफ पता चलता है की प्रदेश सरकार को प्रदेश की जनता की कोई चिंता नहीं है वह असम में जोड़तोड़ करने में व्यस्त है, ऐसे हालत में प्रदेश सरकार को असम पर ज्यादा फोकस न कटे हुये अपना पूरा ध्यान प्रदेश की जनता के लिए लगाना चाहिए, बेड , वेंटिलेटर व डेसिरेमवीर इंजेक्शन की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से सीधे बात करनी चाहिए |
कोविड केयर सेंटर एवं होम आईसोलेशन में रहने वालेे मरीजों के स्वास्थ्य पर विडियो कॉल के जरिये रखें निगरानी-कलेक्टर धर्मेश साहू
नारायणपुर, 12 अप्रैल 2021- सैय्यद वली आज़ाद
कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिला स्तरीय कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कलेक्टर ने जिले में कोरोना वायरस के रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले में कोविड-19 के प्रसार को रोकने हेतु हर संभव प्रयास किये जाये। भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिला मुख्यालय में संचालित 2 कोविड केयर सेंटरों के अलावा एक और कोविड केयर की स्थापना की जाये और इन सभी सेंटरों में आवश्यक मूलभूत सुविधायें उपलब्ध हो इस बात का अधिकारी विशेष ध्यान रखें। बैठक में कलेक्टर साहू ने जिले में ज्यादाता पॉजीटिव केस किन क्षेत्रों से एवं किन कारणों से आ रहे हैं, इस पर नजर बनाये रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके साथ ही उन्होंने कोविड के पॉजीटिव पाये गये मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग सघन तरीके से करने पर बल दिया। बैठक में वनमंडलाधिकारी एनआर खुंटे, एसडीएम दिनेश कुमार नाग, संयुक्त कलेक्टर निधि साहू, डिप्टी कलेक्टर गौरीशंकर नाग, वैभव क्षेत्रज्ञ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ए.आर.गोटा, जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर साहू ने जिले में अब तक पॉजिटिव पाये गये मरीजों की जानकारी लेते हुए कहा कि कोविड केयर सेंटर एवं होम आईसोलेशन में ईलाज करा रहे मरीजों की समय-समय पर विडियो कॉल के जरिये निगरानी हेतु स्वास्थ्य टीम का गठन किया जाये, इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को दिये जाये। उन्होंने जिले में उपलब्ध दवाईयां एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया के वे यथाशीघ्र आईसीयू कक्ष, आवश्यक दवाईयों एवं उपकरणों की पूर्ति हेतु मंागपत्र तैयार कर शासन को प्रेषित करंे। बैठक में कलेक्टर ने जिले में कोविड-19 टीकाकरण की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि अवकाश के दिनों में टीकाकरण की दर कम पायी जाती है। इस संबंध में संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित कर ग्रामवार रोस्टर तैयार करें और टीकाकरण की गति में अद्यतन प्रगति लाये।
कलेक्टर ने कहा कि जिले कोरोना वायरस के रोकथाम हेतु कोविड व्यवहार के पालन हेतु निगरानी दल का गठन किया जाये। दल में राजस्व, नगर पालिका एवं पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों को शामिल किया जाये। दल द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक स्थानों, हाट-बाजारों और चौक-चौराहों में कोरोना व्यवहार का पालन नहीं करने वालों के विरूद्ध जुर्माने की कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिये कि जो व्यक्ति बिना मास्क लगाये सार्वजनिक स्थानों, दुकानों, हाट-बाजारों में पाये जाते हैं, उनके विरूद्ध जुर्मान की कार्यवाही की जाये।
रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान शहर के मदिरा प्रेमियों को दुकान बंद होने के पश्चात कालाबाजारी के माध्यम से आबकारी विभाग ने उन्हें शराब उपलब्ध कराने का अनोखा तरीका अपनाया है. देखा जा रहा है कि आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारी एवं उनके सहयोगी अपने-अपने या कुछ परिचितों के वाहन की डिक्की में विभिन्न ब्रांडों की शराब अधिक मात्रा में निकाल कर रख लेते हैं और दुकान बंद होने के पश्चात ऐसे मदिरा प्रेमियों को जो नियत समय पर शराब लेने पहुंच नहीं पाते हैं; उन्हें अधिक मूल्य पर शराब बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं.
आपदा में अवसर तलाशने का आबकारी विभाग के इस कारनामे को शासन के विभिन्न विभाग के लोग भी जान रहे हैं, किंतु जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का के कहावत को चरितार्थ करते हुए पुलिस विभाग एवं आबकारी विभाग जब आपसी मिलीभगत से ऐसी घटना घटित होने देते हैं तो प्रशासन द्वारा लगाए गए रात्रिकालीन कर्फ्यू का कोई मायने निश्चित ही नहीं रह जाता है.
पुलिस भले रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान सैकड़ों लोगों को पकड़ने का दावा करे लेकिन उन्हीं से संबंधित कुछ विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी जब कर्फ्यू का फायदा उठाकर शराब की कालाबाजारी करें और आपदा को अवसर में बदलकर अपनी जेबे गर्म करना शुरू कर दें तो ऐसे मामलों का कोरोनाकाल के दौरान आम जनता पर क्या असर होगा यह आम आदमी स्वयं समझ सकता है.
शहर स्थित शराब दुकान के आसपास के सूत्रों ने जानकारी दी कि शासन द्वारा निर्धारित सुबह 09:00 से 06:00 बजे संध्या के पश्चात आबकारी विभाग नियमानुसार अपनी दुकान तो बंद कर देता है; किंतु, शराब के शौकीन कुछ लोग देर से शराब की खोज में निकलते हैं, ऐसे लोगों को पहचान कर उन्हें शराब उपलब्ध कराने के लिए आबकारी विभाग के उच्च दलाल किस्म के लोग शराब दुकान के 50 से 100 मीटर के दायरे में खड़े रहते हैं. जैसे ही उन्हें पता चलता है यह व्यक्ति शराब लेने के लिए आया है, वे किसी अन्य के माध्यम से चर्चा कराकर विशेष व सामान्य किस्म की शराब का अधिक मूल्य तय कर ऐसे लोगों को शराब तत्काल उपलब्ध कराते हैं.
चांदनी चौक व नया बस स्टैंड मार्ग पर तकरीबन शाम 7:00 बजे के बाद रोजाना ऐसा माहौल देखने को मिलता है. कई बार तो डिक्की वाली वाहनों में ये कोचिये घूमते नजर आते हैं और मौके की तलाश मिलते ही नगद राशि लेकर तत्काल शराब उपलब्ध करा देते हैं. सूत्र बताते हैं कि जो पव्वा Rs 200 से Rs 250 रुपए में मिलता है; उसे धड़ल्ले से Rs 300 से Rs 500 तक बेचा जा रहा है, जिसकी सुध अब तक ना आबकारी विभाग ने ली है और ना ही पुलिस विभाग ने.
इस संबंध में अधिक जानकारी लेने के लिए आबकारी विभाग के निरीक्षक रवि पाठक को निरंतर फोन किया गया लेकिन उन्होंने व्यस्तता के चलते फोन नहीं उठाया.
मुख्यमंत्री ने नक्सलियों के कब्जे से कोबरा बटालियन के जवान को रिहा कराने वाली मध्यस्थ टीम के सदस्यों का किया अभिनंदन
मध्यस्थ टीम के सदस्य, जवान श्री राकेश्वर सिंह मन्हास को उनके घर सकुशल छोड़ने जम्मू जाएंगे
रायपुर, 12 अप्रैल 2021/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में नक्सलियों के कब्जे से रिहा हुए कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास और उन्हें रिहा कराने वाली मध्यस्थ टीम के सदस्यों पद्मश्री धर्मपाल सैनी, जय रुद्र करे, तेलम बौरैया, सुखमती हप्का और कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास तथा पत्रकार गणेश मिश्रा और मुकेश चंद्राकर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनका शाल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और उद्योग मंत्री कवासी लखमा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कोबरा बटालियन के जवान को रिहा कराने के लिए मध्यस्थ टीम ने संकट के समय में बड़ी सूझबूझ का परिचय देते हुए बड़े सहज रूप से अपने काम को अंजाम तक पहुंचाया और जवान को सकुशल रिहा कराने में सफल हुए। इस कार्य की जितनी भी सराहना की जाए कम है। इस पूरे घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर थी। जवान के रिहा होने पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश ने राहत की सांस ली। टीम के सदस्यों ने एक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व निभाया और साहस के साथ अपनी भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान राकेश्वर सिंह मन्हास की माता जी को उन्होंने मन्हास की सकुशल वापसी का वचन दिया था। मुझे संतोष है कि सभी के सहयोग से यह वचन पूरा हुआ। मध्यस्थ टीम के सदस्यों, स्थानीय सामाजिक नेताओं, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, स्थानीय अधिकारियों की सूझबूझ और प्रयासों से श्री मन्हास की सकुशल वापसी हुई है। मध्यस्थ टीम राकेश्वर सिंह मन्हास को उनके घर तक सकुशल छोड़ने के लिए जम्मू जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस काम में सहयोग देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यस्थ टीम के सदस्यों द्वारा समाज में शांति स्थापना के लिए किए जा रहे कार्यो की प्रशंसा की। मध्यस्थ टीम के सदस्य पद्मश्री श्री धरमपाल सैनी, माता रूखमणी आश्रम डिमरापाल, बस्तर के संस्थापक हैं। श्री जयरूद्र करे भी इसी आश्रम से जुड़े हुए हैं। तेलम बौरैया और सुखमती हप्का आदिवासी नेता हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर की नक्सल घटना के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री भी बस्तर आए थे। जवान को रिहा कराने की हमारी रणनीति सफल रही। इस कार्य में पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन, महानिदेशक सीआरपीएफ, आईजी बस्तर, बीजापुर के एसपी और डीएसपी, मध्यस्थ टीम के सदस्यों, स्थानीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीजापुर और बस्तर अंचल के स्थानीय लोगों ने एक बड़ा चुनौतिपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को रिहा कराने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री लगातार बस्तर पुलिस से संपर्क में थे और इस मामले में की जा रही कार्यवाही की लगातार जानकारी ले रहे थे। मुख्यमंत्री ने जवान की रिहाई पर मध्यस्थता करने वाली टीम और जवान राकेश्वर सिंह को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑपरेशन) अशोक जुनेजा, डीआईजी नक्सल ऑपरेशन ओ.पी. पाल, सीआरपीएफ के आईजी प्रकाश डी. भी उपस्थित थे। बीजापुर से वीडियो कॉन्फ्रंेस के माध्यम से बीजापुर के कलेक्टर रीतेश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप सीआरपीएफ के अधिकारी अखिलेश सिंह सहित पत्रकारगण पी. रंजनदास, यूकेश चंद्राकर, चेतन कांपेवार और के.शंकर, जगदलपुर से कमिश्नर बस्तर जी.आर. चुरेन्द्र, आईजी बस्तर सुंदरराज पी., डीआईजी कोबरा ए.पी.सिंह और पत्रकार राजा राठौर जुड़े।
बस्तर के ग्राम चपका में मारकंडे नदी के किनारे प्रस्तावित आयरन एंड स्पंज फैक्ट्री के विरोध में चपका सहित आसपास के 12 गांवो के हजारों ग्रामवासियों द्वारा हाईवे सड़क को जाम किया गया है।
फैक्ट्री कंपनी के साथ साथ शासन प्रशासन के विरोध में लगातार नारेबाजी कर रहे हैं ग्रामवासी |
स्थानीय विधायक चंदन कश्यप के द्वारा ग्रामवासी को सही जवाब नहीं मिलने से ग्रामवासी हो गये उग्र ग्रामवासी सड़क जाम कर लगातार विधायक को बुलाकर जवाब देने की मांग कर रहे हैं।
बस्तर ब्लॉक के ग्राम चपका , मारकंण्डेय नदी किनारे सबका में प्रस्तावित आयरन एंड स्टील उद्योग का मामला, पर्यावरण एवं नदी की बर्बादी रोकने ग्रामीण लांबा 11 गांव के लोग का बना संघर्ष समिति, मेसर्स गोपाल स्पंज एंड प्राइवेट उद्योग प्रस्तावित है जिस पर आज उसके विरोध में लगभग 15 गांव से राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल30 धरना प्रदर्शन कर विरोध कर रहे हैं जगदलपुर से रायपुर के जाने और और उधर से आने के गाड़ियां का पहिया लगभग 12:00 बजे से थम गया है सड़क के बीचो बीच बैठे लोगों का आगबबुला गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा मौके पर जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन के कुछ अधिकारी पहुंचे हैं लोगों को शांत कराने के लिए एड़ी चोटी जोर मार रहे हैं फिर भी लोग मानने को तैयार नहीं |
क्या है मामला
बस्तर विकास खण्ड के मार्कण्डेय नदी के किनारे ग्राम चपका में मेसर्सगोपाल स्पंज एंड पावर प्रायवेट उद्योग प्रस्तावित है जिस पर ग्राम पंचायत चपका के सरपंच एवं उपसरपंच ने ग्रामीणों को बिना विश्वास में लिए ग्रामसभा कर प्रस्ताव पारित कर दिया।
इस उद्योग के विरोध में बनी संघर्ष समिति के सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित उद्योग बस्तर संभाग के 5वीं अनुसूची क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन है। बावजूद इसके ग्राम के सरपंच, उपसरपंच द्वारा ग्रामवासियों को बिना सूचना कियेही फर्जी ग्राम सभा पारित किया गया। इसके विरोध में 11 गांवों के लोगों ने संघर्ष समिति बनाई है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थान पार्मिक मान्यता (घोड़साड़ डांड व चरुदेव) का स्थल है। साथ ही बाढ़ग्रस्त इलाका है। यदि यहां उद्योग लगता है तो बाढ़ का पानी पूरे गांव को डुबान में लेगा। इसके अलावा ग्रामीणों ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा को प्रमुख कारण बताया।
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा के एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है | मृतक का नाम गगनदीप बाला उर्फ राजू पिता निंदी बाला उम्र 29 वर्ष है | मृतक शादीशुदा है एवं 02 बच्चों का पिता है | मृतक वार्ड क्र 27 गुरुघासीदास वार्ड में रहता था | आत्महत्या का कारण अज्ञात बताया जा रहा है | कुछ समय से घर के आसपास कोरोना संक्रमण फैलने के कारण कुछ समय पूर्व अपनी पत्नी व् बच्चों अपने पिता के घर वार्ड क्र 06 हॉस्पिटल सेक्टर में भेज दिया था तथा मृतक अपने घर में अकेले रहता था व् और
कल खाना के लिए घर न जाने एवं फ़ोन न उठाने के बाद परिजनों द्वारा आसपास वालों से पता करने का प्रयास किया गया तब बंद घर को खटखटाने एवं आवाज लगाने पर न खोले जाने पर संदेह हुआ पड़ोसियों द्वारा उनके परिजनों को सुचना दी गई | पत्नी द्वारा आसपास के लोगों के मदद से दरवाजा तोड़कर देखा गया तो युवक फांसी में लटका हुआ मिला | मौके पर पुलिस को सुचना दी गई एवं पुलिस द्वारा पहुँचने के पश्चात् शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया |
जगदलपुर… बस्तर जिला वैसे तो अलग-अलग प्रकार के खनिजों से शासन को करोड़ों रुपए का राजस्व देने वाला जिला है जितना राजस्व बस्तर जिला खनिज उत्खनन के नियमों का पूर्ण पालन करते हुए शासन को देता है उससे ज्यादा तो खनिज विभाग अवैध उत्खनन करने वालों से सेटिंगबाजी कर जेब गर्म कर लेता है… जी हां बात थोड़ी अजब है पर यही सच्चाई है दरअसल करोड़ों रुपए का राजस्व
शासन को देने वाले खनिज विभाग को बस्तर जिला प्रशासन ने एक प्रभारी अधिकारी के भरोसे छोड़ दिया है जो प्रभारी बनने से पूर्व ही अवैध खनिज का परिवहन करने वालों से सेटिंग बाजी कर पैसे वसूली के लिए मशहूर रहे हैं…
संभाग मुख्यालय जगदलपुर से लगे जनपद पंचायत जगदलपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत आसना में विगत कई महीनों से सरपंच के संरक्षण में अवैध रेत उत्खनन का गोरखधंधा फल फूल रहा है जिसमें असामाजिक तत्वों की भागीदारी सरपंच के साथ होती है असामाजिक तत्व नदी से रेत निकालने के बाद अवैध रूप से भंडारित कर रखते हैं जिसे वर्षा काल में मनमाने रेट पर बेच देते हैं और खनिज विभाग सिर्फ कार्यवाही करने का दावा करता रह जाता है अवैध रेत उत्खनन के चलते ग्रामीणों का गांव की सड़कों पर चलना दूभर हो गया है बेतरतीब और बेहिसाब सड़कों पर दौड़ते ट्रैक्टरों से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है कृषि कार्य के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर अवैध रेत खनन के कार्य में लगे हुए हैं जिस पर कार्यवाही करने वाला कोई नहीं…
आसना के आश्रित ग्राम तामाकोनी में जिस जगह इंद्रावती नदी में अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है वह जगह इंद्रावती नदी के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में आता है जहां नदी की चौड़ाई इंद्रावती की सामान्य चौड़ाई की अपेक्षा दोगुनी से भी ज्यादा है बेहिसाब और बेरोकटोक अवैध रेत उत्खनन के चलते वर्षा काल में तटबंध बहने का खतरा भी बना हुआ है जिससे नदी क्षेत्र से लगे हुए खेतों को भी नुकसान पहुंचने की संभावनाएं बनी हुई है सबसे दिलचस्प बात यह है कि अवैध रेत उत्खनन करने वाले ट्रैक्टर सरपंच के घर के सामने से ही दौड़ते फिरते हैं बावजूद इसके उन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही ना होना आसना सरपंच को संदेह के दायरे में खड़ा करता है जब हमारे समाचार प्रतिनिधि ने गांव का दौरा किया तो ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच की जवाबदारी अब तो गांव के विकास और लोगों की सुविधाओं का ख्याल रखने की शायद खत्म हो चुकी है क्योंकि सरपंच महोदय का फोन हमेशा बंद ही रहता है यदा-कदा ही सरपंच महोदय पंचायत में नजर आते हैं दरअसल सरपंच महोदय पंचायत में आने वाले विकास कार्यों की ठेकेदारी में व्यस्त हैं उसे भी सरपंच एडवांस राशि का आहरण कर रोड रोलर की रफ्तार में चालू कर विकास की गाड़ी को आगे बढ़ा रहे हैं |
पूर्व में भी बस्तर जिला प्रशासन का अवैध रेत उत्खनन के संबंध में समाचार के माध्यम से ध्यान आकृष्ट कराया गया था जिसके बाद दो-तीन दिनों तक तो अवैध रेत उत्खनन का कार्य बंद हो जाता है जिसके बाद पुनः धड़ल्ले से असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं जिनके गुर्गे राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर नदी घाट तक फैले रहते हैं जो शाम ढलते ही चंदा बांटने की प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं बताया जाता है कि हर ट्रैक्टर से ग्राम पंचायत आसना 200 से 300 रुपए की वसूली करती है जिसे पंचायत के राजस्व में नहीं गिना जाता और इस पैसे का रोजाना बंदरबांट होता है ग्रामीणों के अनुसार रोजाना 70 से 120 ट्रिप तक अवैध रेत का परिवहन ट्रैक्टर के माध्यम से होता है जिसका कोई हिसाब किताब पंचायत के पास नहीं है एक बार जब हमारे समाचार प्रतिनिधि ने सरपंच से बात की तो सरपंच ने अभद्रता करते हुए जानकारी देने से पहले तो इंकार कर दिया बाद में उनके द्वारा इस पूरे अवैध धंधे से उनका कोई लेना-देना नहीं होने की बात कही अब सवाल यह उठता है कि जब गांव का सरपंच इस तरीके का बात करें तो फिर गांव की व्यवस्थाओं को कौन सुधार सकता है… फिलहाल तो खनिज विभाग सेटिंग बाजी में व्यस्त है और पूरे जिले भर में अवैध रेत उत्खनन का कारोबार फल फूल रहा है जिसे समय-समय पर खनिज विभाग जुर्माने की कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपा कर शाबाशी देने में लगा हुआ है…
अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत आसना ने कितनी राशि का चुना अवैध रेत उत्खनन कार्य से शासन को लगाया है और इस खेल में कितने लोग शामिल हैं लेकिन इस प्रकार खनिज विभाग की मौन ग्रामीणों के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है गांव की सड़कों की खस्ताहाल हालत खुद ही बयान करती है कि ग्राम पंचायत आसना की सुध लेने वाला अब नहीं रहा…
जगदलपुर:-लागातार कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला पुलिस बल अपनी सख्ती बढ़ते हुए रोकथाम हेतु कार्यवाही कर दिशा निर्देश जारी किए जा रहे है। जिले में धारा 144 लागू की गई है, वही रात्रि कर्फ्यू की घोषणा भी जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। जिसे पालन कराने के लिए बस्तर के पुलिस अधीक्षक श्री दीपक झा ने सभी थानों को लगातार निर्देश जारी किया जा रहा है जिस के पालन में आज कोतवाली पुलिस द्वारा अनावश्यक बिना कोई काम के घूमने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गयी।
आपको बता दे कि रात्रि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले लोगो की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, पुलिस विभाग की ओर से कई समझाईस के बाद अब सख्ती का दौर जारी हो चुका है। लगातार पुलिस विभाग बिना मास्क सहित रात्रि कर्फ्यू के दौरान सड़क पर घूमने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही करते नजर आ रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम प्रकाश शर्मा व नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सागर सिदार स्वयं जगदलपुर स्थित एस बीआई चौक में खड़े होकर बेवजह घूमने वाले दो पहिया ,चार पहिया वाहनों को चेकिंग कराते हुए कार्यवाही करने का निर्देश देते नजर आए |
कोतवाली Ti एमन साहू ने बताया कि कर्फ्यू का पालन नही करने वाले 168 लोगो के खिलाफ चलानी कार्यवाही करते हुए 23000 रु समन शुल्क लिया गया। तथा लोगों से घर के बाहर बेवजह ना घूमने की अपील पेट्रोलिंग के माध्यम से लगातार की जा रही है कर्फ्यू का पालन नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी करोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पूरा सख्ती बरती जायेगी।