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मतांतरित व्यक्ति के कफन दफन को लेकर फिर बवाल

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अब ग्राम पंचायतों में भी मिशनरी हो रही हावी

जगदलपुर अब बस्तर की ग्राम पंचायतों में भी मिशनरी का कब्जा होने लगा है। धर्म विशेष के व्यक्ति को सरपंच चुनवा कर पूरे गांव को कन्वर्ट करने का खेल खेला जाने लगा है। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चित्रकोट के पदरगुड़ा पारा से सामने आया है। पदरगुड़ापारा गांव के निवासी धर्मांतरित परिवार के व्यक्ति पुरेंद्र बघेल के कफन दफन को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। परिजन शव को गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम में दफनाना चाहते थे।इसके

विरोध में चित्रकोट, पदरगुड़ा समेत आसपास के पांच गांवों के आदिवासी सामने आ गए। खबर मिलते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, विभाग सेवा प्रमुख अनिल अग्रवाल, जिला संयोजक विष्णु ठाकुर, सह संयोजक योगेश रैली, प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला, मंत्री शिवा नाग, पूर्व जिला संयोजक नरेश कोरी , पवन नामदेव, अजय बघेल, लोकेंद्र नाथ नाग, संजय बघेल, रोहित झा, इंद्रा भी मौके पर पहुंच गए।. पूर्व सरपंच रैतूराम कश्यप और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मिशनरी के लोग ग्राम पंचायतों में अपने लोगों को चुनाव लड़वा कर सरपंच, पदों पर कब्जा कर लेते हैं

और फिर धीरे धीरे पूरे गांव के लोगों को मातांतरित कराने लग जाते हैं।ग्राम के माटी पुजारी नाईक, पाइक, सिरहा गुनिया और ग्रामीणों के मुताबिक मिशनरी के लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जानबूझ कर शवों को हिंदू मुक्तिधामों में दफनाने की कोशिश कर विवाद की स्थिति पैदा करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने गांव का माहौल और परंपरा को प्रभावित नहीं होने देंगे। अंततः प्रबल विरोध के बाद मृतक के छोटे भाई पुष्पेंद्र बघेल ने लोहंडीगुड़ा तहसीलदार को आवेदन देकर शव को नजदीकी मसीही कब्रिस्तान में दफनाने की सहमति जताई।

भारतीय जनता पार्टी जिला प्रशिक्षण वर्ग ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ के द्वितीय दिवस का सफल आयोजन

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भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित जिला प्रशिक्षण वर्ग “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026” के द्वितीय दिवस का सत्र उत्साहपूर्वक प्रारंभ हुआ। दूसरे दिन की शुरुआत योग एवं प्रार्थना के साथ हुई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां भारती, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैलचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् एवं संगठन गीत के माध्यम से कार्यक्रम को गति प्रदान की गई।दिनभर आयोजित विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया।द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय श्रीमती रंजना साहू जी ने “अपनी सरकारों की गरीब कल्याण योजनाएं एवं उनके क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका” विषय पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया।द्वितीय सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता माननीय अमित चिमनानी जी ने “मीडिया प्रबंधन” विषय पर कार्यकर्ताओं को बारीकी से जानकारी प्रदान की।तृतीय सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ आईटी सेल के प्रदेश सहसंयोजक माननीय प्रमोद सिंह जी ने “स्थायी कार्यक्रम, बूथ प्रबंधन, मन की बात एवं आईटी सेल” विषय पर प्रशिक्षण दियाचतुर्थ

सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य माननीय श्री योगेश साहू जी ने “सोशल मीडिया का उपयोग, नई तकनीक AI, प्रभावी सूचना तंत्र एवं संगठन के सकारात्मक परसेप्शन निर्माण” विषय पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया।पंचम सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री अशोक साहू जी ने “कार्य विस्तार” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।अंतिम सत्र में प्रशिक्षण वर्ग प्रभारी माननीय श्री शिरीष अग्रवाल जी ने “लाभार्थी संपर्क, सोशल मीडिया, आईटी सेल, AI मातृशक्ति समूह, कार्यालय एवं कोष प्रबंधन, मीडिया प्रबंधन एवं विमर्श (नैरेटिव)” विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।प्रशिक्षण वर्ग में डिजिटल साक्षरता एवं मूल्यांकन प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की विशेष बात यह रही कि प्रतिभागियों को अंत में डिजिटल सर्टिफिकेट वितरित किए गए तथा जिला परीक्षा प्रमुखों द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया भी अपनाई गई, ताकि कार्यकर्ताओं के सीखने के स्तर का आकलन सुनिश्चित किया जा सके।प्रशिक्षण वर्ग के दौरान प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के इतिहास एवं विकास यात्रा को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।पूरे प्रशिक्षण वर्ग का संचालन जिला महामंत्री श्री राकेश छोटू यादव द्वारा किया गया। यह दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण वर्ग था, जिसमें कुल 11 सत्र आयोजित किए गए।कार्यक्रम के समापन पर ध्वज अवतरण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सभी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक जलपान किया तथा अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन कार्य को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही आगामी चुनाव एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर रणनीति पर भी चर्चा की गई।प्रशिक्षण वर्ग में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। युवा कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने एवं समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।महिला कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति भी कार्यक्रम की विशेषता रही। उन्होंने संगठन विस्तार एवं सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र, संगठन एवं समाज सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में जिला अध्यक्ष द्वारा अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।कमल पनपालिया जिला मीडिया प्रभारी भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद

संजीवनी साधना शिविर में शामिल हुए परिव्राजक

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अभनपुर शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित 9 दिवसीय संजीवनी साधना शिविर में गायत्री शक्तिपीठ खोरपा का भी 39 सदस्यीय जत्था शामिल हुआ। जत्थे में 28 बालिकाएं और 11 पुरुष शामिल थे। गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा और वंदनीय माताजी भगवती देवी शर्मा एवं मां गायत्री की कृपा से इस साधना की अदभूत अनुभूति सहभागियों को हुई। शिविर में व्यक्ति कल्याण और आत्म कल्याण के लिए प्रशिक्षण दिया गया। परिव्राजकों को हरिद्धार के आसपास हिमालय की गोद के वातावरण का अदभूत दृश्य भी देखने को मिला।गंगा मैय्या के निर्मल जल में स्थान कर शरीर को भी पावन बनाने का अवसर मिला। हम बदलेंगें युग् बदले की भाव को लेकर युग निर्माण योजना के भाव जन जन पहुंचाने का हर मानव में भाव जगाने से ही सभी का कल्याण संभव है। यह जानकारी साथ में गए सामाजिक कार्यकर्ता राघवेंद्र साहू ने दूरभाष पर दी

नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदल चुके बस्तर का शानदार नजारा

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पहली बार इंद्रावती नदी के उस पार माड़ क्षेत्र में तेंदूपत्ता का संग्रहण == नाव से हो रहा तेंदूपत्ता बोरों का परिवहन

तेंदूपत्ता श्रमिकों और नविकों को मिला रोजगार का जरिया, खिले चेहरे

अर्जुन झा-

जगदलपुर नक्सल समस्या के खात्मे के बाद बस्तर में आए बदलाव का शानदार नजारा देखने को मिल रहा है। जहां कभी नक्सलियों के खौफ के चलते निरीह आदिवासियों के रोजगार का बड़ा जरिया छिन गया था, वहां अब उम्मीदों की फसल लहलहा रही है। जिंदगी फिर से पटरी पर दौड़ने लगी है।श्रमिकों और नाविकों की जिंदगी में खुशियों की बहार आ गई है।

बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से जो तस्वीर आई है, वह बस्तर में आए बदलाव की कहानी बयां कर रही है। बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी के उस पार स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य चल रहा है। बीजापुर वन मंडल द्वारा यहां मई के प्रथम सप्ताह से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य शुरू किया गया है। प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के फड़ों में संग्रहित तेंदूपत्ता का उपचारण के बाद बोरा भर्ती कार्य कर फड़ों से अस्थायी एवं स्थायी गोदामों तक परिवहन का कार्य करवाया भी किया जा रहा है। जिला यूनियन बीजापुर के उप मंडलाधिकारी के अनुसार 346 फड़ों से सीधे फड़ से बीजापुर एवं मद्देड़ स्थित स्थायी गोदामों एवं 236 फड़ों का फड़ से समिति हेतु निर्धारित अस्थायी गोदामों तक तेंदूपत्ता के बोरों का परिवहन करवाया जा रहा है। फड़ों से तेंदूपत्ता का परिवहन संबंधित फड़ ग्राम के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ट्रैक्टरों के माध्यम से करवाया जा रहा है। वर्तमान में कृषि कार्य बंद होने पर ग्रामों में ट्रैक्टरों का उपयोग नहीं के बराबर होता है।

ऐसी स्थिति में स्थानीय ट्रैक्टर मालिक किसानों को आर्थिक नुकसान होता है, मगर अब तेंदूपत्ता बोरों का परिवहन करने से उन्हें अतिरिक्त आय हो रही है। नक्सलमुक्त होने के बाद तेंदूपत्ता तोड़ाई और विक्रय से यहां के श्रमिकों को भी आमदनी का बड़ा जरिया मिल गया है। तेंदूपत्ता संग्रहण में ग्रामीण और परिवहन में ट्रैक्टर मालिक किसान बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति गुदमा के लॉट क्रमांक 23 अ गुदमा के 11 फड़ों पर संग्रहित 3163 मानक बोरा एवं 23 ब गुदमा के 10 फड़ों पर संग्रहित 4165 मानक बोरा तेंदूपत्ता का परिवहन 42 ट्रैक्टरों से मात्र एक सप्ताह के अंदर कर ट्रैक्टर मालिकों ने 11.35 लाख की आय अर्जित की है। यह राशि उनके बैंक खातों में विभाग द्वारा डाली जाएगी।

नाविकों की भी बल्ले- बल्ले

इंद्रावती नदी के उस पार स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र के 7 तेंदूपत्ता फड़ों से तेंदूपत्ता बोरों का परिवहन स्थानीय लकड़ी की नावों के माध्यम से किया जा रहा है। दो-दो नावों को जोड़कर तेंदूपत्ता बोरों को परिवहन किया जा रहा हैं जिससे स्थानीय ग्रामीण नाविकों को भी अतिरिक्त आमदनी का जरिया प्राप्त हो रहा है। इन फड़ों पर संग्रहित लगभग 1712 बोरा तेंदूपत्ता का परिवहन कराने पर स्थानीय नाविकों को 1.16 लाख रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे आदिवासी श्रमिक भी अब अच्छी कमाई कर रहे हैं। बदल चुके बस्तर में ट्रैक्टर मालिक किसान, नाविक और तेंदूपत्ता श्रमिक सभी खुश हैं।

डायरेक्टर रुंडवाल ने देखी पीएम आवास की प्रगति

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जगदलपुर भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक वैभव रुंडवाल (आईईएस) ने नगर निगम जगदलपुर में प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत एएचपी घटक के एमपीएम साइट अघनपुर में स्लम से व्यवस्थापित हितग्राहियों से मुलाकात की एवं उनके जीवन में इस योजना से आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। एएचपी घटक अंतर्गत परियोजना स्थल धरमपुरा 116 यूनिट में निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उनके साथ नगर निगम जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज, संबंधित सीएलटीसी भूपेश साहू एवं संजय पांडेय तथा संभाग कार्यालय से क्षेत्रीय कार्यपालन अभियंता प्रशांत शुक्ला एवं डिवीजनल सीएलटीसी अतुल डोंगरे, विकल्प चंद्रवंशी व प्रतीक जोशी और समस्त सर्वेयर उपस्थित थे।

रुंडवाल ने निर्माण पूर्ण होने के उपरांत लंबे समय से रिक्त एएचपी आवासों की जानकारी लेते हुए जल्द से जल्द व्यवस्थापन के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने उन साइटों में निवासरत हितग्राहियों से निवास उपरांत आ रही समस्याओं को सुना तथा त्वरित निवारण हेतु निगम के कार्यपालन अभियंता को आदेशित किया। उन्होंने निर्माणाधीन एएचपी साइट का निर्माण कार्य अगस्त माह से पूर्व पूर्ण करने आदेशित किया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अंतर्गत बीएलसी के क्रमशः 1-1 कच्चे घर, निर्माणाधीन मकान व पूर्ण आवास का भौतिक निरीक्षण कर हितग्राहियों से चर्चा की और उन्हें जल्द निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया गया।

कृषि के छात्रों ने सीखा आधुनिक पोल्ट्री का मैनेजमेंट मॉडल, औरी गांव बना लर्निंग हब

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दुर्ग कृषि के क्षेत्र में केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव ही भविष्य की राह तय करता है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कृषि महाविद्यालय दुर्ग भिलाई की बीएससी कृषि छात्रा कुसुमश्री रेड्डी ने अपने शैक्षणिक मॉड्यूल के तहत भिलाई-3 के पास औरी गांव स्थित आधुनिक पोल्ट्री फार्म का विस्तृत अध्ययन किया।

इस विज़िट का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि कैसे पारंपरिक खेती से हटकर तकनीक के माध्यम से एक सफल ‘बिजनेस सिस्टम’ खड़ा किया जा सकता है।अध्ययन के दौरान यह बात सामने आई कि युवा उद्यमी प्रसंग चंद्राकर ने अपने फार्म को एक प्रोफेशनल सिस्टम के रूप में विकसित किया है। उन्होंने पुणे से प्राप्त पोल्ट्री डिप्लोमा के ज्ञान को जमीन पर उतारते हुए यहां एनवायरमेंट कंट्रोल हाउस स्थापित किया है। छात्रों के लिए यह देखना दिलचस्प था कि कैसे ऑटोमेशन के जरिए तापमान और आर्द्रता को नियंत्रित कर पक्षियों की मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सकता है और उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।

सेल्फ-सस्टेनेबल मॉडल पर जोर

छात्रों ने सीखा कि बिजनेस में लागत कम करने के लिए स्वयं का प्रबंधन कितना जरूरी है। फार्म में मक्का और सोयाबीन आधारित संतुलित फीड (दाना) खुद तैयार किया जाता है, जिससे लागत पर नियंत्रण रहता है। साथ ही बायो सिक्योरिटी और नियमित टीकाकरण के जिस सख्त सिस्टम को यहां अपनाया गया है, वह कृषि के छात्रों के लिए एक बेहतरीन व्यावहारिक सबक है।

मार्केट लिंकेज और भविष्य की संभावनाएं

इस केस स्टडी के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सही प्रबंधन और मार्केट लिंकेज के साथ पोल्ट्री फार्मिंग को एक लाभकारी उद्योग बनाया जा सकता है। कॉलेज प्रशासन और छात्रों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर मौजूद ऐसे आधुनिक फार्मिंग सिस्टम भविष्य के कृषि स्नातकों के लिए किसी प्रयोगशाला से कम नहीं हैं।

कागजों की उलझन में फंसा बुढ़ापा: संजय बैंस की पहल से 70 वर्षीय गणेशिया बाई को मिली पूरी महतारी वंदन राशि

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संजय बैंस के मदत से अब 1000 मिलेंगे तो मैं तो पूरी तरह से उम्मीद ही छोड़ दी थी,भगवान बनकर आए मेरे लिए संजय बेटा ।” यह कहते हुए 70 वर्षीय गणेशिया बाई देशमुख की आंखें भर आईं। कुसुमकसा निवासी गणेशिया बाई पिछले कई महीनों से महतारी वंदन योजना की आधी-अधूरी राशि के कारण परेशान थीं। सरकारी योजना में महिलाओं को 1000 रुपये मिलते हैं, लेकिन उनके खाते में हर माह सिर्फ 500 रुपये ही पहुंच रहे थे।दरअसल, फॉर्म भरते समय हुई विभागीय त्रुटि ने गणेशिया बाई का सहारा छीन लिया था। उनके आवेदन में गलती हो गया, जबकि उन्होंने कभी वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन ही नहीं किया था। नतीजा यह हुआ कि महतारी वंदन योजना से 1000 की जगह केवल 500 रुपये मिलने लगे। बार-बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर काटने पर भी उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं।गणेशिया बाई अपने पति के साथ रहती हैं। दोनों की उम्र 70 पार है और उनकी कोई संतान नहीं है। बुढ़ापे में जीवनयापन का एकमात्र सहारा सरकार की यह योजना ही थी। आधा पैसा मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा था।हताश होकर गणेशिया बाई ने पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस से गुहार लगाई। संजय बैंस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी जुटाई। उनकी पहल पर विभागीय चूक सुधारी गई और इस माह से गणेशिया बाई के खाते में पूरे 1000 रुपये आना शुरू हो गए हैं।खाते में पूरी राशि देखकर गणेशिया बाई भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “संजय भैया ने बुढ़ापे में हमारा सहारा बनकर दिखाया। अब दो वक्त की रोटी की चिंता थोड़ी कम होगी।”स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि संजय बैंस ने फिर साबित किया है कि जनप्रतिनिधि संवेदनशील हो तो कागजों में अटकी योजनाएं भी जमीन पर उतरती हैं। यह मामला बताता है कि एक छोटी सी लिपिकीय गलती किसी बुजुर्ग की जिंदगी कितनी मुश्किल बना सकती है।इस पर संजय बैंस ने कहा, “प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनना हमारा फर्ज है। जब कोई बुजुर्ग मदद के लिए आता है तो उसकी समस्या को टालना नहीं चाहिए। आज गणेशिया बाई के चेहरे की मुस्कान देखकर लगता है कि प्रयास सार्थक हुआ।” एक जनप्रतिनिधि की पहल ने न सिर्फ 70 साल की बुजुर्ग महिला को उसका हक दिलाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि व्यवस्था में संवेदना जिंदा हो तो समाधान निकल ही आता है।

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित जनसमसया निवारण शिविर के अवसर पर जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का किया शुभारंभ

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जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित कार्यक्रम के दौरान चयनित ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का किया जाएगा आयोजन

बालोद, 19 मई 2026 जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सोमवार 18 मई को जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमसया निवारण शिविर के अवसर पर जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को इस उत्सव के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर सभी विभाग प्रमुखों को कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देने के अलावा कार्ययोजना के संबंध में उन्मुखीकरण भी किया गया। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री विजय सिंह कंवर ने बताया कि बालोद जिले में 18 से 25 मई तक आयोजित इस जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान धरती आबा अंतर्गत जिले के चयनित आदिवासी बहुल ग्रामों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जनजातीय गरिमा उत्सव के इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान एवं उपलब्धियों का सम्मान सुनिश्चित करने के अलावा जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न उपक्रमों और योजनाओं के परिवर्तनकारी प्रभाव को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि यह उत्सव एक जनभागीदारी अभियान है जिसकी थीम ‘‘सबसे दूर, सबसे पहले’’ है। इस दौरान उन्होंने इसके अंतर्गत प्रत्येक दिवसों में आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत इसका समुचित प्रचार-प्रसार, लाभार्थी संतृप्ति, स्वास्थ्य शिविर, ट्रांसेक्ट वॉक, वृक्षारोपण सेवा केंद्र में जनसुनवाई आदि गतिविधियां शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद अध्यक्ष मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य मिथलेश निरोटी एवं सुश्री नीलिमा श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

जब मिले देश के धर्मयोगी और बस्तर के कर्मयोगी

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धर्म गुरु मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से महापौर सनातनी संजय पाण्डेय की खास मुलाकात

संजय पाण्डेय को क्या गुरु मंत्र दे गए महंत योगी आदित्य नाथ

-अर्जुन झा

जगदलपुर जब धर्म और कर्म का मेल होता है, तो उसका लाभ आम जन मानस को अवश्य मिलता है। ऐसा ही एक अनूठा और अविस्मरणीय मेल आज जगदलपुर में देखने को मिला, जब देश दुनिया में विख्यात धर्म गुरु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सनातनी कर्मयोगी महापौर संजय पांडेय की बड़ी दिलचस्प मुलाकात हुई।धर्म और कर्म का यह मेल क्या जगदलपुर के इतिहास के पन्नों में नया अध्याय लिखेगा? इस बात की चर्चा यहां जोरों पर है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जगदलपुर में मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भाग लेने आए थे। एक तरफ जहां योगी आदित्य नाथ की एक झलक पाने लोग लालायित नजर आ रहे थे और कई दिग्गज नेता उनसे मिलने के लिए आतुर थे, मगर मिल नहीं पाए।

वहीं मेयर संजय पाण्डेय की योगी आदित्य नाथ से दो बार मुलाकात हुई। पहली भेंट जगदलपुर के हवाई अड्डे पर हुई, जहां संजय पाण्डेय ने योगी जी का स्वागत किया और योगी जी ने महापौर की पीठ थपथपा कर उन्हें मुस्कुराते हुए आशीर्वाद दिया,युवा एवं सनातनी महापौर संजय पाण्डेय की दूसरी मुलाकात कई मायने निकालने वाली रही। ये मायने समय आने पर सामने आएंगे, लेकिन योगी जी ने जिस प्रकार सनातनी महापौर संजय पाण्डेय को महत्व दिया है, उसके दूरगामी परिणाम जगदलपुर और बस्तर को अवश्य देखने को मिलेंगे। फिलहाल नक्सल मुक्त बस्तर में आए योगी आदित्यनाथ ने महापौर संजय पाण्डेय को विशेष महत्व दिया है। चूंकि भाजपा संगठन में योगी आदित्य नाथ की अच्छी पैठ है। इस लिहाज से उनके साथ हुई मेयर संजय पाण्डेय की विशेष मुलाकात के राजनैतिक मायने भी हो सकते हैं। एक हैं शहर की राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी संजय पाण्डेय और दूसरे देश के प्रख्यात हिंदू हृदय सम्राट न्यायप्रिय बुलडोजर बाबा योगी आदित्य नाथ, जिनके डर से उत्तरप्रदेश के बड़े बड़े माफिया भी थर थर कांपते हैं। सुरक्षा के साथ विकास के मूल मंत्र पर चलने वाले धर्मयोगी योगी आदित्य नाथ ने जगदलपुर के कर्मयोगी सनातनी महापौर को जरूर कुछ न कुछ गुरु मंत्र दिए होंगे। इस गुरु मंत्र से जगदलपुर शहर के लोगों को धर्म और कर्म के मिलन का लाभ जरूर निकट भविष्य में मिलेगा, ऎसी उम्मीद है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक शुरू

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जगदलपुर मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक जगदलपुर में शुरू हो गई है। बैठक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ले रहे हैं। बैठक में भाजपा शासित चार राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भाग ले रहे हैं।

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