जिला पंचायत का बड़ा फैसला: राशि जमा नहीं करने पर RRC से होगी वसूली, नारायणपुर और ओरछा के सचिवों पर
शिकंजासुनील कथूरिया
नारायणपुर आदिवासी अंचल नारायणपुर और अबूझमाड़ की ग्राम पंचायतों में विकास व निर्माण कार्यों के नाम पर निकाली गई सरकारी राशि के दुरुपयोग पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।जिला पंचायत ने अलग-अलग ग्राम पंचायतों के 30 सचिवों से 3 करोड़ 19 लाख 67 हजार रुपये की वसूली के कड़े आदेश जारी किए हैं। आरोप है कि सचिवों ने निर्माण कार्यों के लिए तय राशि का आहरण तो कर लिया, लेकिन धरातल पर काम अधूरे छोड़ दिए। कई मामलों में विभागीय जांच के दौरान भारी वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं RRC के तहत होगी वसूली, SDM को निर्देश**जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने 21 जुलाई को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया। आदेश के तहत नारायणपुर और ओरछा के एसडीएम को संबंधित सचिवों के खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (RRC)दर्ज कर 45 दिनों के भीतर पूरी राशि वसूलने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
प्रगति रिपोर्ट: एसडीएम को हर माह वसूली की प्रगति रिपोर्ट जिला पंचायत को भेजना अनिवार्य होगा।
खातों में जमा होगी राशि: वसूल की गई राशि को संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में वापस जमा कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन:** आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य *छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965* का उल्लंघन है और इसे *छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993* के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया है।
प्रमुख बकायेदार और वसूली की राशि सचिव का नाम | बकाया राशि (रुपये में) रमेश विश्वकर्मा | ₹40.82 लाख || कार्तिक नंदी| ₹40.32 लाख || विनोद गावड़े | ₹31.22 लाख || विमल द्विवेदी| ₹25.86 लाख || जितेन्द्र कुमेटी | ₹22.73 लाख (अन्य मद में ₹4.60 लाख पृथक) || गुड्डी कश्यप | ₹16.11 लाख || सुरेश साहू | ₹12.00 लाख || संतुराम शोरी| ₹11.32 लाख || मंगनी ध्रुव| ₹11.19 लाख || विभूति राय | ₹10.57 लाख |अन्य सचिव: इनके अलावा हुलसी कावड़े, शांतु शोरी, जयराम नाग, कमलू कुमेटी, महाबीर भोयर, बेलमती मांझी, मंगलराम सलाम और बलराम मरकाम सहित अन्य सचिवों के नाम भी वसूली सूची में शामिल हैं।> जिला पंचायत सीईओ ने सख्त हिदायत दी है कि 45 दिनों की तय सीमा के भीतर सभी सचिवों से शत-प्रतिशत राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।






