- रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन की मंजूरी से मिथिला समाज में खुशी की लहर
- केंद्र सरकार व सांसद का समाज ने जताया आभार
जगदलपुर केंद्र सरकार द्वारा बस्तरवासियों को दी बड़ी सौगात के रूप में रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन की स्वीकृति दी जाने पर आज बस्तर जिला मिथिला समाज बस्तर के सदस्यों ने बस्तर सांसद महेश कश्यप से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।

मिथिला समाज के सदस्यों ने सांसद के निवास पर पहुंचकर पुष्प माला के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। समाज के अध्यक्ष अजय पाठक ने बताया कि बस्तरवासियों को मिली इस सौगात से जल्द ही बस्तरवासियों को ट्रेन के माध्यम से सरल व सुगम परिवहन कर रायपुर तक जाने की सुविधा मिलेगी। सांसद कश्यप द्वारा इस रेल लाइन की मंजूरी के लिए किए गए प्रयासों की मिथिला समाज के सदस्यों ने सरहाना की। समाज के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ सदस्य बृजबिहारी झा ने कहा कि हम मिथिलांचल वासियों को बिहार जाने के लिए जगदलपुर से रायपुर तक कि दूरी बस से तय करनी पड़ती थी ,जो कि बहुत ही कष्ट भरा सफर होता था। डबल इंजन सरकार ने रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन की स्वीकृति देकर इस सफर को सुगम बनाने की ओर सेतु का कार्य किया है। मै समाज की ओर से डबल इंजन सरकार के सभी नेताओं का इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। समाज के वरिष्ठ सदस्य संपत झा ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा बस्तरवासियों के बहुप्रतीक्षित सपने को पूरा करते हुए रावघाट से जगदलपुर तक की रेल लाइन परियोजना के लिए साढ़े 3 हजार 513 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। 140 किमी लंबी इस रेलवे ट्रैक के पूर्ण होने से बस्तर के जिन हिस्सों के लिए रेल का सफर एक सपने के समान था वह शीघ्र ही हकीकत में तब्दील होगा। इस बहुप्रतीक्षित मांग के पूर्ण होने पर मिथिला समाज के सदस्यों द्वारा हर्ष व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार एवं बस्तर के सांसद महेश कश्यप का हार्दिक आभार व्यक्त कर उनका अभिनंदन किया गया। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मोदी सरकार द्वारा आमजनों के हितार्थ समस्त कार्यों को पूर्ण किए जाने की बात कही। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ को भाजपा सरकार ने बनाया था अब उसे संवारने का काम भी भाजपा सरकार ही कर रही है। रावघाट- जगदलपुर रेल लाईन कार्य पूर्ण होने से जल्द ही अनेक ट्रेनों का संचालन भविष्य में बस्तर तक हो सकेगा। बस्तर से देश के अनेक छोर तक बस्तरवासी आरामदायक सफर का अनुभव ले सकेंगे। बस्तरवासियों व आज मिथिला समाज के सदस्यों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं सम्मान अभिनंदन के लिए सांसद ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान सूर्यकांत झा, रामशंकर झा, अरुण पाठक, भोगेंद्र राय, विजय झा, रूपेश झा, देव कुमार झा, विनय झा, विवेकानंद झा, बेचन झा, शशि भूषण झा, उमा झा, इंद्रकुमार झा, दिलीप झा, विकास झा, मनोज ठाकुर, आनंद झा सहित मिथिला समाज के सदस्य उपस्थित थे।



गायब करने की कोशिश की जा रही है, जहां 350 परिवार निवास कर रहें हैं। क्या उसे कम्पनियों को या सर्वे करने वाले अधिकारियों को दिखाई नही दे रहा है? गांव के सभी परिवारों को रोजगार तो दूर किसी भी प्रकार सुविधा नहीं दी जा रही है और बहारी व्यक्तियों को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। आदिवासियों की पारंपरिक प्रथा को कुचलने की कोशिश की जा रही है।आदिवासियों एंव ग्रामीणों के साथ छल किया जा रहा है। सीएसआर मद एंव खनिज न्यास निधि से वंचित किया जा रहा है। बीएसपी एवं सभी निजी कंपनियों से पुरानी एव वर्तमान सीएसआर फंड एव खनिज न्यास निधि की राशि का गांव को भुगतान किया जाए। गांव को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार एवं प्रभावित 350 परिवारों को मुआवबा दिया जाए।आदिवासियोंi के जल जंगल जमीन अधिग्रहण कर एवं हमारे पूर्वजों के देवी देवता जो पहाड़ी पर स्थापित है वहां ग्रामीण पूजा अर्चना करने आने जाने के रास्तों को हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसे खुलवाया जाए।






