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भाजपा जिला कार्यालय बालोद में जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख जी ने किया ध्वजारोहण

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  • भारी बारिश भी नहीं रोक पाई ध्वजारोहण का कार्यक्रम भाजपा जिला कार्यालय में दिखा देशभक्ति का जज्बा
  • ध्वजारोहण कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ नेता ,जनप्रतिनिधि गण ,एवं समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बालोद। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय जुंगेरा, बालोद में जिला अध्यक्ष श्री चेमन देशमुख ने निर्धारित समय पर बरसते पानी में पूजा-अर्चना के साथ ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया।

 

इस अवसर पर  देशमुख ने कहा कि “यह स्वतंत्रता हमें लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। इस दिन को याद करना हर देशवासी के लिए गर्व और राष्ट्रभाव का विषय है। स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन क्रांतिकारियों के बलिदान को स्मरण करने का दिन है जिन्होंने हमें गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया।”

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देना आवश्यक है कि आज़ादी कितने संघर्षों के बाद मिली है। आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तेजी से विकास की ओर अग्रसर है, और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का सुशासन राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

 

श्री देशमुख ने सभी प्रदेशवासियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम, समर्पण और त्याग की भावना हर नागरिक के मन में जागृत रहनी चाहिए।

कार्यक्रम में नव-नियुक्त भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, वरिष्ठ नेता कृष्णकांत पवार, पवन साहू, राकेश यादव, यज्ञ दत्त शर्मा, पूर्व विधायक प्रीतम साहू, वीरेंद्र साहू, जिला महामंत्री राकेश ‘छोटू’ यादव ,जिला प्रवक्ता जितेन्द्र साहू, जिला पदाधिकारी भुवनेश्वरी ठाकुर, प्रेम साहू, सुरेंद्र देशमुख ,मंडल अध्यक्ष अमित चोपड़ा, अरुण साहू, धर्मेंद्र साहू, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष अकबर तिगाला ,लोकेश श्रीवास्तव,कार्यालय प्रभारी विनोद जैन ,मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया, नरेंद्र सोनवानी , शेखर वर्मा, अबरार सिद्धकी,संजय साहू,रवि पाण्डेय,मनीष गांधी, पुष्पेंद्र तिवारी, उमाशंकर मंत्री,विरेन्द्र साहु , रश्मि साहू , फिरोज,बालसिंग साहु, संतोष चंद्राकर, सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस संगोष्ठी

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  • विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पाण्डेय।
  • भारत विभाजन के चार पत्र जिम्मेदार थे, गांधी जी के राष्ट्रभक्ति पर प्रश्न चिह्न नहीं, हमारे देश का एक महा विनाशकारी विभाजन हुआ-प्रेम प्रकाश पाण्डेय
  • विभाजन सिर्फ जमीन का बंटवारा नहीं था, यह जीवन, मंदिर, परिवार, संस्कृति, और सभ्यता की निरंतरता का बंटवारा था।-चेमन देशमुख
  • विभाजन की सोच आज भी जिंदा है,”सर तन से जुदा”शाहीन बाग जैसे आंदोलन अलग कानून और विशेषाधिकार की मांग उसी कड़ी का हिस्सा है-पवन साहू
  • कांग्रेस ने 70 साल तक विभाजन पीड़ितों को सम्मान नहीं दिया- राकेश छोटू यादव

बालोद -आज भारतीय जनता पार्टी जिला का विभाजन विभीषिका दिवस संगोष्ठी का कार्यक्रम कुर्मी भवन बालोद में संपन्न हुआ, इस कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए, इस कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन जिला अध्यक्ष चमन देशमुख ने किया, एवं इस कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव ने किया।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, मुख्य वक्ता प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने इस संगोष्ठी में सभा को सम्बोधित करते हुए कहा –

भारत के विभाजन विभाजन के लिए 4 पात्र जिम्मेदार थे। पहला अंग्रेज थे। हमारे देश के ऊपर शासन करने वाले अंग्रेज इसके लिए दोषी थे। अंग्रेजों ने विभाजन का बीज बोया। हिन्दू-मुस्लिम के बीच दरार पैदा करके उन्होंने यह काम किया। विभाजन के लिए दूसरा पात्र मुस्लिम लीग जिम्मेदार था। मुस्लिम लीग ने प्रस्ताव पास किया था कि हमें भारत में नहीं रहना है, अलग देश चाहिए। गांधीजी के राष्ट्रभक्ति पर प्रश्नचिह्न नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा था कि देश का विभाजन मेरी लाश पर होगा, लेकिन विभाजन हो गया और वह जीवित रहे। इस विभाजन का तीसरा पात्र है कांग्रेस। उस वक्त कांग्रेस का लचर और सत्ता प्रेमी नेतृत्व इसका कारण रहा और चौथा पात्र रहा वामपंथ। कांग्रेस और अंग्रेजों की इस लड़ाई को बुर्जुआ लड़ाई कहकर वामपंथी अंग्रेजों के साथ खड़े हो गए थे।

विभाजन की विभीषिका के रूप में विभाजन की त्रासदी को याद करने और नई पीढ़ी को उससे अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2021 से इस दिवस के आयोजन की परंपरा को शुरू किया। हमारे देश का एक महाविनाशकारी विभाजन हुआ। आज का यह दिन हमको इस विषय पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है और इसलिए संपूर्ण देश के अंदर भारत विभाजन दुःखांतिका का स्मरण कराने का काम हम कर रहे हैं।

जब देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के जश्न में डूबा था, उसी समय देश के अंदर लाखों लोगों के घर लूटे गए, उनकी अपनी खुद की भूमि से उनको अलग होना पड़ा, हमारे ही समान उन्होंने भी स्वतंत्रता के लिए आंदोलन किया था, वह भी जेल गए। कांग्रेस के अधिवेशन लाहौर कराची के अधिवेशन में भी गए थे। 2 लाख से लेकर 20 लाख तक की संख्या की आबादी विभाजन के कारण हत्या की शिकार हुई। डेढ़ करोड़ लोगों की आबादी के अपनी भूमि से निर्वासित होना पड़ा और 78 हजार वर्ग मील भूमि हमारे हाथ से चली गई। भारत माता खंडित हो गई।

विभाजन के बाद जब हम अमृतसर के लिए लाहौर और कराची से चलते थे, वहां से हजारों लोग चले थे पर भारत आते-आते यह संख्या महज 10, 20, 25 बचती थी। अभी उसकी कल्पना करके देखें तो उस समय की विभीषिका कितनी भयानक रही होगी? आज का जो कोलकाता है, वहाँ जब मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को डायरेक्ट एक्शन किया तब 10 हजार लोगों का कत्ल हुआ था। एयरपोर्ट पर पैर रखने के लिए जगह नहीं थी और लोग लाशों के ऊपर चल रहे थे। हमारे देश के ऊपर शासन करने वाले साम्राज्यवादी शक्तियों के प्रतीक अंग्रेजों को जब ऐसा लगा कि देश का देश को छोड़कर जाना ही पड़ेगा तो जाते-जाते वह इसका विभाजन कर गए। अंग्रेज सोचते थे कि यहां भारत पाक संघर्ष होता रहेगा हम पंच के रूप में यहां पर नेता बने रहेंगे, भारत कमजोर रहेगा। इसलिए उन्होंने विभाजन के बीज बोने का काम किया।

1857 स्वाधीनता का जो प्रथम समर है, उसमें कहीं हिंदू और मुस्लिम का भेद नहीं दिखता है। बहादुरशाह जफर के नेतृत्व में भारत अपनी स्वतंत्रता के लिए निकला। अंग्रेज जानते थे कि अगर यह स्वतंत्रता की लड़ाई मिलकर लड़ते रहेंगे तो हम लंबे समय तक शासन नहीं कर पाएंगे, इसलिए मुस्लिम लीग की स्थापना 1906 में ढाका में हुई और फूट डालो-राज करो की नीति पर काम किया। टू-नेशन थ्योरी के तहत दो ही राष्ट्र मुस्लिम देश अलग, हिंदू राष्ट्र अलग। इसके लिए मुस्लिम लीग ने 1940 में कहा हम भारत में नहीं रह सकते हैं। यदि राष्ट्र का आधार धर्म है तो पाकिस्तान ,पूर्वी पाकिस्तान, आज का पाकिस्तान और बांग्लादेश का विभाजन क्यों हुआ? अफगानिस्तान और पाकिस्तान क्यों संघर्ष हुआ? दोनों ही मुस्लिम देश हैं। इस तरह एक गलत सिद्धांत को रचने का काम किया गया।

तत्कालीन नेतृत्व ने काश धैर्य का परिचय दिया होता तो यह विभाजन नहीं होता। विभाजन तय होने के बाद जिन्ना जब कराची पहुँचे तो अपने एड़ीसी से उन्होंने कहा कि मुझे कल्पना नहीं थी इतनी जल्दी पाकिस्तान मिल जाएगा और कांग्रेस में मान जाएगी। पाकिस्तान बनने के 11 महीने के बाद जिन्ना का इंतकाल हो गया। इसी प्रकार आजाद हिंद फौज के बढ़ते प्रभाव के बावजूद भारतीय नेताओं ने धैर्य का परिचय नहीं दिया। अंग्रेजों को लगता था कि आजाद हिंद फौज के सैनिकों की फौज उनके साथ खड़ी रही तो हम विभाजन नहीं कर सकते, इसलिए विभाजन की जो तारीख तय हुई थी, अंग्रेज उससे जल्दी भारत छोड़कर चले गए।

 

1905 में अंग्रेज बंग भंग लेकर आई थी। 1916 के लखनऊ अधिवेशन के बाद इस देश में एक परंपरा, जिसके दंश भारत आज भी भुगत रहा है, तुष्टीकरण शुरू हुई। हिंदी के नाम पर हिंदुस्तानी भाषा का नामकरण किया गया। तुष्टिकरण कल्चर से भारत झुकता चला गया।

 

इस देश के अंदर संविधान का गौरव बढ़ाने का काम पिछले 10 वर्षों में श्री मोदी ने किया। यह कांग्रेस ने नहीं किया था लेकिन कहा गया कि वह संविधान बदल देगा। जिन्होंने बाबा साहब को चुनाव नहीं जीतने दिया, वे लोग कह रहे हैं कि संविधान बदल देंगे। पहले समाज के लोगों को यह मालूम होना चाहिए कि सत्य क्या है? और हम स्वयं ही सत्य बोलें। इसकी जानकारी भी इकट्ठा करें, इसका अध्ययन भी करें और अपने आने वाली पीढ़ी को इस बारे में बताइए। इन राष्ट्र विरोधी ताकतों की असलियत को समझते हुए उनके फेक नैरेटिव से बचाना है।

 

भारत का विभाजन देश का विभाजन नहीं था यह मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक थी। विभाजन का दंश जो पीढ़ी ने झेला है, उसे आने वाली पीढ़ी कभी नहीं भूलेगी। यह कभी भूलना भी नहीं चाहिए। भारत विभाजन के दौरान लोगों का विस्थापन हुआ लोग अपनों से बिछड़ गए लोगों ने मजबूरी में किस तरह पलायन किया उसकी तस्वीरें को कोई नहीं भूल सकता है। यह दिवस पर संप्रभुता और अखंडता के लिए एकजुट होने का सबक है। विभाजन विभीषका की यातनाएं लाखों लोगों ने सहन की है साथ ही निर्ममता से मासूमों की हत्या की गई, बहु बेटियों का माता बहनों का निर्मम बलात्कार हुआ, लाखों लोग अपने जड़ों से दूर होकर शरणार्थी बनने को विवश हुए और ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दो नेताओं ने अपनी स्वार्थ को,कुर्सी के मोह को और देश को अलग रखा। भारत ने कभी धर्म-मजहब के नाम पर किसी से भेदभाव नहीं किया क्योंकि हम सर्वे भवन्तु सुखीन और वसुधैव कुटुंबकम की भावना को मानने वाले है। यह हमारा सौभाग्य है।

 

इतिहास में इतनी बड़ी विभिषिका कोई दूसरी नहीं हुई होगी। हम आजादी का जश्न तो मानते हैं परंतु उस जश्न के साथ में करोड़ों लोगों के दुख पीड़ा जिन्होंने अपने जन्मस्थान को छोड़, अपनी जड़ों को छोड़, अपने परिवार को खोया, अपने परिवार के लोगों के साथ अत्याचार देखा है। शायद विश्व के इतिहास में इतनी बड़ी विभीषिका कोई दूसरी नहीं हुई होगी। विभाजन के दौरान 20-20 लाख लोगों की हत्या हुई करोड़ों लोगों को अपना देश, अपनी जन्म भूमि अपनी जमीन छोड़कर आना पड़ा और कभी उनको याद नहीं किया जाता रहा।

 

*इस विषय पर जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा* -75 साल तक हमारा दर्द दबा दिया गया हमारी कहानियों को नजरअंदाज किया गया हमारे कष्टों नकार दिया गया, आज के भारत के युवा चुप रहने से इनकार करते हैं, विभाजन सिर्फ जमीन का बंटवारा नहीं था यह जीवन मंदिर परिवार संस्कृति और सभ्यता की निरंतरता का बंटवारा था, विभाजन कोई दुर्घटना नहीं था यह धार्मिक अलगाववाद और राजनीतिक अवसरवाद से किया गया सुनियोजित षडयंत्र था, मुस्लिम लीग ने अलग इस्लामी देश की मांग की कांग्रेस ने मान ली, लाखों लोग मरे, वजह जनता नहीं बल्कि वो नेता थे जो राष्ट्रीय एकता के लिए लड़ नहीं सके,

हमें भुलाने को कहा गया लेकिन हम कहते हैं बस अब और नहीं।

यह माइग्रेशन नहीं था बल्कि पाकिस्तान में हुआ धार्मिक आधार पर हुआ नरसंहार था।

लाहौर से ढाका तक हिंदू सिख बस्तियां मिटा दी गई घर जलाए गए महिलाओं के साथ बलात्कार व ट्रेनें लाशों से भारी भारत आई ,

आज तक ना कोई न्याय न स्मारक ना ही जिम्मेदारों ने मांगी माफी, सवाल यह है कि भी विभाजन पर सहमति किसने दी।जवाब – कांग्रेस नेतृत्व ने।

 

*निर्वितमान जिला अध्यक्ष पवन साहू ने कहा* -14 अगस्त 1947 के विभाजन के दर्द को कभी नहीं बुलाया जा सकता हमारे लाखों भाई-बहन विस्थापित हुए और कई लोगों ने न समझ और हिंसा के कारण अपनी जान गवाई ,हमारे लोगों के संघर्ष और बलिदानों की याद में 14 अगस्त में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है, विभाजन बीसी का स्मृति दिवस हमें सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता की याद दिलाता है।

विभाजन की सोच आज भी जिंदा है “सर तन से जुदा “शाहीन बाग जैसे आंदोलन अलग कानून और विशेषाधिकार की मांग उसी कड़ी का हिस्सा है ,

जिन्ना से लेकर PFI तक मुस्लिम लीग से कट्टर इस्लामी संगठनों तक धार्मिक अलगाववाद की राजनीति आज भी जारी है।

आज भी लोग पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत भाग कर आते हैं और मोदी सरकार ने ही CCA से उन्हें न्याय दिया। विभाजन का कारण आम लोग नहीं बल्कि धार्मिक कट्टरता और तुष्टीकरण था।

 

जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव ने कहाविभाजन हमें याद दिलाता है कि अलगाववाद सांप्रदायिकता और तुष्टीकरण की राजनीति को पनपने देना कितना घातक है, यह उन राजनीतिक विचारधाराओं के खिलाफ चेतावनी है जो धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय एकता से ऊपर रखते हैं, विभाजन को याद करना धार्मिक अलगाववाद के खतरों को पहचानना और एकता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पुन स्थापित करना है, यह उन लाखों लोगों के साझा दर्द का स्मरण है जिन्होंने अपना घर परिवार और विरासत खो दी।

ना कोई स्मारक ना कोई संग्रहालय ना सार्वजनिक स्मरण क्योंकि कांग्रेस को डर था कि सच उसकी नैतिक सफलता को उजागर कर देगा, भाजपा ने यह छुपी तोड़ी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि मृतकों को सम्मान और भूले बिसरे लोगों को आवाज देने के लिए।

विभाजन विभीषिका संगोष्ठी पश्चात शहर में मौन जुलूस निकाला गया, जिसमें विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई और सामाजिक एकता का संकल्प दोहराया गया।

इस विभाजन विभीषिका संगोष्ठी कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, निर्वितमान जिला अध्यक्ष एवं हर घर तिरंगा अभियान के जिला संयोजक पवन साहू, पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण कांत पवार, पूर्व विधायक प्रीतम साहू,वरिष्ठ नेता यज्ञदत्त शर्मा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य अभिषेक शुक्ला, जिला महामंत्री द्वय राकेश छोटू यादव, सौरभ लुनिया, नगरपालिका अध्यक्ष तोरण साहू, वरिष्ठ नेता रमन टुवानी, लक्ष्मी चंद लुनीवाल,उपाध्यक्ष ठाकुर राम चंद्राकार,कौशल साहू, टिनेश्वर बघेल,प्रेम साहू पवन सोनबरसा, मंत्री सुरेंद्र देशमुख,सोमेश सोरी,निशा योगी, सह कोषाध्यक्ष मनीष झा,कार्यालय मंत्री विनोद जैन, मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया, राजेश दसोडे, नरेश यदू,सोशल मीडिया शेखर वर्मा,मंडल अध्यक्ष, अमित चोपड़ा धर्मेंद्र साहू आनंद शर्मा योगेंद्र सिंह कुलदीप साहू विश्वास गुप्ता सुरेश साहू विवेक वैष्णव प्रमोद जैन प्रदीप साहू संजीव मानकर,ईसा प्रकाश साहू, अश्वनी यादव,होरी लाल रावटे,चंद्र प्रकाश गांधी,अकबर तिगाला,अबरार सिद्धकी,रौनक कत्याल, जनार्दन सिन्हा ,पुरुषोत्तम चंद्राकर, रुपेश नायक ,देवघर साहू, कमलेश गौतम, सुमेंद्र देशमुख, अजेंद्र साहू, मोहंतीन बाई चोरका, रेखा चौहान, अमरिका ठाकुर, भुनेश्वरी कुंभकार, सुनीता मनहर, संदीप जैन, श्रीकांत वर्मा ,पुष्पेंद्र तिवारी, दीपक लोढ़ा, नितेश वर्मा ,शरद ठाकुर, संजय साहू, हरिकृष्ण गंजीर, पुरुषोत्तम गंगबेर, एवं बालोद जिले से आए सभी मोर्चा, प्रकोष्ठ, जनप्रतिनिधि गण, व समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

बस्तर जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 79वां स्वतंत्रता दिवस

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  •  केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर ली परेड की सलामी

जगदलपुर बस्तर जिले में 79वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामय और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम जगदलपुर के लालबाग परेड मैदान में आयोजित किया गया, जहां मुख्य अतिथि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।

कार्यक्रम में स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जनता के नाम जारी संदेश का वाचन किया गया। मंत्री श्री साहू ने परम्परा के अनुसार शहीद परिवारों और भूतपूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की। इस दौरान मंच पर कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा उपस्थित थे। स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगांठ के अवसर पर परेड कमांडर उप पुलिस अधीक्षक संगम राम और परेड टू आईसी निरीक्षक गणेश राम यादव के नेतृत्व में 15 प्लाटूनों ने बैंड की धुन पर आकर्षक मार्च पास्ट किया। शस्त्र रहित मार्चपास्ट में वन विद्यालय जगदलपुर को प्रथम, एनसीसी 9 वीं कंपनी सेजेस धरमपुरा की प्लाटून को द्वितीय पुरस्कार, तथा एनसीसी 10वीं कंपनी जगतू माहरा हॉयर सेकंडरी स्कूल जगदलपुर की प्लाटून को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं शस्त्र सहित मार्चपास्ट में सीआरपीएफ 80वीं बटालियन जगदलपुर को प्रथम, सीआरपीएफ की सेड़वा स्थित 241 बस्तरिया बटालियन (महिला) की प्लाटून को द्वितीय स्थान और जिला पुलिस बल महिला को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों से भेंटकर मुख्य अतिथि द्वारा शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्कूली बच्चों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यायाम प्रदर्शन किया गया। जिसमें हायर सेकंडरी स्कूल तितिरगांव के बच्चों की प्रस्तुति को सराहते हुए प्रथम पुरस्कार, विद्या ज्योति स्कूल की प्रस्तुति को द्वितीय पुरस्कार और सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल कंगोली की प्रस्तुति को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर संजय पांडेय, मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा, सीसीएफ वन्यप्राणी स्टायलो मंडावी, कमांडेंट 5वीं बटालियन जितेंद्र शुक्ला, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, अपर कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी, आयुक्त नगर निगम प्रवीण वर्मा और अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मंत्री साहू ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

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जगदलपुर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जगदलपुर शहर स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं अमर शहीदों को माल्यार्पण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर संजय पांडेय, कलेक्टर हरिस एस., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में स्वतंत्रता दिवस की धूम

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बकावंड डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। विद्यार्थियों द्वारा गांव में हर घर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करते हुए स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व ही भारत माता के जयकारे लगाते हुए प्रभात फेरी निकाली गई थी।   

कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समक्ष दीप प्रज्वलन, तिलक के साथ हुई। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज मुख्य अतिथि उलनार के सरपंच मधुसूदन नेताम, जनपद सदस्यों, प्राचार्य मनोज शंकर एवं ग्रामीणों द्वारा फहराया गया। राष्ट्रगान जन गण मन के साथ अपने देश ध्वज तिरंगे को सलामी दी गई और जयकारे लगाए गए।प्राचार्य एवं मुख्य अतिथियों ने परेड व मार्चपास्ट निरीक्षण किया। मार्च पास्ट विद्यालय में दयानंद, हंसराज, श्रद्धानंद, विरजानंद समूह के विद्यार्थियों द्वारा किया गया जिसमें परेड कमांडर गोपिका पाणिग्रही, दयानंद हाउस कमांडर तनूजा बघेल, हंसराज हाउस कमांडर रितेश पुजारी, श्रद्धानंद हाउस कमांडर नैंसी शोरी, विरजानंद हाउस कमांडर कृतिका जोशी एवं उनके समूह द्वारा मार्च पास्ट करते हुए तिरंगे झंडे को सलामी दी गई। मार्च पास्ट शारीरिक व खेल शिक्षिका विजय लक्ष्मी साहू के निर्देशन में किया गया। शिक्षिका मोनिका साहू एवं कक्षा दसवीं की छात्रा दिव्या पाणिग्रही ने मंच संचालन किया। प्राचार्य मनोज शंकर ने सभा को संबोधित करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए न्यौछावर हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की स्वतंत्रता पर चर्चा की। शिक्षिका रिजना फिलिप ने भी देश की आजादी में वक्तव्य प्रस्तुत किए। छात्रा निमिषा झाली व छात्र राज आचार्य ने भाषण दिया। शिक्षिका दीपा सागर एवं किरण आचार्य के निर्देशन में बच्चे भारत माता, श्रीकृष्ण, सैनिक, नेता, महात्मा गांधी वेशभूषा धारण कर मंच उतरे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न समूह नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया जिसमे कक्षा दूसरी के छात्रों द्वारा गीत वो कृष्णा है पर मनमोहक छवि प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में और चार चांद लगा दिए।कक्षा तीसरी से छठवीं के बच्चों के द्वारा देशभक्ति गीत सुनो गौर से दुनिया वालों पर बच्चों ने शिक्षिका प्रीति सिंह, डालेश्वरी ठाकुर, लेखनी दीवान के निर्देशन में छटा बिखेरी। योग के विभिन्न आसनों का महत्त्व बताते हुए शारिरिक शिक्षिका विजय लक्ष्मी साहू के निर्देशन में स्तूपी बनाते हुए नृत्य की प्रस्तुति दी गई। माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर पर देशभक्ति गीत में नृत्य की प्रस्तुति शिक्षक कृष्णकांत बर्मन एवं उर्मिला ठाकुर के निर्देशन में दी। और भी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकदीर्घा की तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। संगीत शिक्षक सहित शिक्षिका समूह द्वारा देशभक्ति गीत गाया गया। संगीत शिक्षक कृष्णकांत बर्मन के निर्देशन में उच्च स्तर के विद्यार्थियों के गीतों के माध्यम से देश भक्ति की भावना की लहर पूरे विद्यालय में गूंज उठी। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा का समूह गान किया गया। शिक्षिका श्रेजल विष्णु द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के कर्मचारी पदमन, हेमराज बलराम, दीपक, कृष्णा, मेघवती ने भी योगदान दिया।

बरसते पानी में वन मंत्री केदार कश्यप ने किया ध्वज वंदन

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  • मंत्री केदार कश्यप ने बालोद में फहराया तिरंगा, ली परेड की सलामी
  • जिला मुख्यालय बालोद में भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस समारोह बारिश के उपरांत भी बड़ी संख्या में जुटे लोग
  • स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित समारोह में मंत्री केदार कश्यप ने ध्वजारोहण कर परेड की ली सलामी
  • स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शहीद परिवारों का किया सम्मान, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित

बालोद जिला मुख्यालय बालोद में आज स्वतंत्रता दिवस हर्ष उल्लास तथा भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग मंत्री केदार कश्यप ने स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जनता के नाम संदेश का वाचन भी किया। इस दौरान मुख्य अतिथि शकश्यप ने शांति के प्रतीक श्वेत कपोत और हर्षोल्लास के प्रतीक रंगबिरंगे गुब्बारे भी आसमान में छोड़े।

कार्यक्रम में संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चैधरी, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत जैन, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, पूर्व विधायक प्रीतम साहू, वीरेंद्र साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, पवन साहू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश यादव, यज्ञदत्त शर्मा, केसी पवार, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, पुष्पेंद्र चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 14वीं वाहिनी धनोरा के सेनानी उमेश गुप्ता, वनमंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा, नूतन कंवर, एएसपी मोनिका ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर, अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आज के आयोजन में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि बारिश के बाद भी बड़ी संख्या में आम नागरिक पूरे समय उपस्थित रहे। समारोह में स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। सशस्त्र बल, पुलिस बल के जवानों तथा स्कूली विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट एवं हर्षफायर किया गया।

बलिदानी परिवारों का सम्मान

इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शहीद जवानों के परिजनों को शाॅल और श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने जिला स्तर पर कर्तव्यों का श्रेष्ठ निर्वहन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और परेड में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को भी सम्मानित किया गया।

पुलिस की परेडउत्कृष्ट

परेड सीनियर में जिला पुलिस बल को प्रथम स्थान, छत्तीसगढ़ शस्त्र बल 14वीं वाहिनी धनोरा को द्वितीय स्थान एवं नगर सेना को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी तरह परेड जुनियर के अंतर्गत एनसीसी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल बालोद प्रथम स्थान, रोवर्स स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल बालोद को द्वितीय स्थान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल रेडक्राॅस बालोद को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

 

महावीर स्कूल प्रथम

इसी तरह सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृखंला में महावीर अंग्रेजी माध्यम स्कूल बालोद को प्रथम स्थान, गुरूकुल विद्यापीठ स्कूल बालोद को द्वितीय एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल बालोद को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में परेड कमांडर के रूप में रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा एवं उप निरीक्षक अनुराधा बोरकर ने टूआईसी के दायित्वों का निर्वहन कर समारोह में आकर्षक मार्च पास्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बकावंड में आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया

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बकावंड विकासखण्ड के प्री मैट्रिक बालक छात्रावास बकावंड में आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया इस उपलक्ष में मुख्य अतिथि बकावड़ सरपंच डमरू मोर्य , हेमधर कश्यप, संतोष, बाली, ओम प्रकाश रजक झंकार प्रेम कांतो और ग्रामीण उपस्थित थे

पीतांबर बघेल बालक छात्रावास अधीक्षक 15 अगस्त दिवस में समोदित किये आज हम यहां पर 15 अगस्त के बेहद खास अवसर पर इकट्ठा हुए हैं। आज का दिन हम सभी के लिए गर्व, सम्मान और आत्मचिंतन का दिन है। 15 अगस्त 1947 को हमारा भारत ब्रिटिश हुकूमत से आज ही के दिन स्वतंत्र हुआ था लेकिन यह आजादी यूं ही नहीं मिल गई, इसके पीछे अनगिनत कुर्बानियां, त्याग और संघर्ष की कहानियां छिपी हुई हैंहमारे पूर्वजों ने हमें आजादी दिलाई लेकिन आज की जिम्मेदारी हमारी है। आज हमें इस आजाद भारत को और भी ज्यादा सुरक्षित, सुंदर और शिक्षित बनाना है।

आज हम जो झंडा फहरा रहे हैं, यह केवल एक कपड़ा नहीं है बल्कि यह हमारी अस्मिता, हमारी एकता और हमारे गर्व का प्रतीक है।

किरण देव ने दंतेवाड़ा में ली परेड सलामी

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  • ध्वजारोहण कर शहीदों के परिजनों का किया सम्मान
  • बलिदानी परिवारों को सम्मानित करते सजल हो उठीं किरण देव की आंखें

जगदलपुर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव ने दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्र ध्वज फहराया। उन्होंने पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त परेड की सलामी भी ली।

किरण सिंह देव ने इस अवसर पर शहीद जवानों के परिजनों को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। श्री देव ने इन बलिदानी परिवारों को भरोसा दिलाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार आपके हर सुख दुख में आप लोगों के साथ खड़ी है। आपके परिवार के वीरों ने जो बलिदान दिया है उसका छत्तीसगढ़ सदैव ऋणी रहेगा। किरण सिंह देव ने हाईस्कूल मैदान पर आयोजित भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने सबसे पहला राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराया, फिर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त परेड ने उन्हें सलामी दी, उनके साथ दंतेवाड़ा के कलेक्टर और एसपी भी खुली जिप्सी पर सवार थे।

किरण सिंह देव ने स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन कर समारोह को संबोधित किया।शहीद परिवारों को शाल श्रीफल भेंटकर सम्मानित करते समय किरण सिंह देव की आंखें सजल हो उठी थीं। एक शहीद जवान की विधवा को सम्मानित करने के दौरान किरण सिंह देव ने उनसे चर्चा भी की और उनके परिवार का हालचाल जाना।

गुलामी से आजादी दिलाने के लिए हमारे औलमा और मशाएरत ने दिया बलिदान-जहीरुद्दीन

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  • मुस्लिम समाज ने फहराया जामा मस्जिद ग्राउंड में तिरंगा

जगदलपुर बस्तर जिले की सबसे बड़ी मस्जिद के जामा मस्जिद ग्राउण्ड के सामने 79 वॉ यौम्मे आजादी झण्डारोहण किया। झंडावंदन अंजुमन इस्लामिया (एडहॉक कमेटी) जगदलपुर के सदर डॉ.एस. जहीरूद्दीन

द्वारा किया गया। उन्होनें मुस्लिम जमात को संबोधित करते हुए कहा कि गुलामी से आजादी दिलाने के लिए हमारे औलमा और मशाएरत और हमारे दानिश्वरों ने भरपूर जद्दोजहद की। एक तस्वीर मुद्दत तक जद्दोजहद करने के बाद 15 अगस्त 1947

को हमारे देश को आजादी दिलावाई हैं। इस देश में अमनों अमन कायम रखने के लिए हमारे औलामाओं ने हिन्दूस्तान की रक्षा के लिए हिन्दूस्तान की गंगा जमुना तहजीब को

बरकरार रखने के लिए इत्तेहाद किया और अंग्रेजो से जंग किया ।  जहीरूद्दीन ने आगे कहा कि मौलाना अब्दूल कलाम आजाद, जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गाँधी, सुभाषचंद्र बौस और हमारे औलमा

और दानिश्वरों ने काफी तकलीफ शिद्दत का सामना किया। हिन्दु, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई सब लोग ने मिलकर इत्तेहाद किया आजादी दिलवाई ।जहीरूद्दीन ने आगे कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर हमें शिक्षा, विज्ञान,

पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होनें कहा कि हम भारत को आर्थिक, नैतिक और

सांस्कृतिक रूप से विश्व में अग्रणी बनाने का संकल्प लेना चाहिए। हम सब मिलकर अपने देश को स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित बनाने का संकल्प ले। आज इस मंच सेयुवाओ, विद्यार्थियों और समाज के हर जिम्मेदार नागरिक से यह गुजारिश करता हुं कि

आइए हम सब मिलकर देश को और बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाए। उक्त कार्यक्रम में अंजुमन इस्लामिया (एडहॉक कमेटी) के मेंम्बर समस्त छात्राएं, शिक्षक मस्जिदों के मौलाना / मोअज्जन, अंजुमन उर्दू / हिन्दी स्कुल के छात्र – शिक्षिकाए एवं गणमान्य नागरिक लोग उपस्थित थे।

किरण देव के कार्यालय पहुंचे मंत्री तोखन साहू

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जगदलपुर केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और विधायक धरमजीत सिंह आज यहां नयापारा स्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव के कार्यालय में पहुंचे। किरण सिंह देव ने उनका पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।

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