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जगदलपुर–रावघाट रेल परियोजना अटकाकर लाैह अयस्क के दाेहन काे रेल मंत्री बता रहे उपलब्धि – उमाशंकर शुक्ला

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जगदलपुर, 27 सितंबर । नक्सल मुक्त बस्तर को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल परियोजना का 95 किलोमीटर लंबा रेल कारिडोर अब पूरा हो गया है। 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी–रावघाट अंतिम खंड का काम पूरा होने पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया पर परियोजना से संबंधित वीडियो साझा करते हुए कहा कि इस रेल लाइन से लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। इस बयान पर कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए जिस दल्लीराजहरा–रावघाट रेल कनेक्टिविटी काे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव महत्वपूर्ण उपलब्धि बता रहे हैं, वास्तव में यह बस्तर के लिए जब तक महत्वपूर्ण उपलब्धि नही हाे सकती जब तक दशकाे से अटकी पड़ी जगदलपुर–रावघाट रेल परियोजना पूरी नही हाे जाती। उन्हाेने कहा कि बस्तर की जनता के लिए पहले भी बैलाडीला के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए बस्तर तक रेल लाईन पंहुचाई गई लेकिन बस्तर की जनता के लिए यात्री रेल सेवा की सुध नही ली जा रही है। भाजपा की डबल इंजिन की सरकार ने जगदलपुर–रावघाट यात्री रेल सेवा परियोजना काे अटकाकर यह साबित कर दिया है कि उसे बस्तर की जनता के लिए यात्री रेल सेवा से काेई मतलब नही है। उन्हे सिर्फ बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन के लिए नई रेल परियोजना बन जाने से छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि दिखता है। यह बस्तर की जनता के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रही है, जिसे बस्तर की जनता देख रही है, और समझ रही है, इसका जवाब आगामी विधानसभ चुनाव में बस्तर की जनता देगी। उन्हाेने कहा कि इन दिनाें बस्तर में भाजपा की डबल इंजिन की सरकार सिर्फ एक काम करने में लगी हुई है। जहां भी बस्तर के लाैह अयस्क के दाेहन की संभावना है वहां तत्काल नई रेल परियोजना की शुरूआत कर उन लाैह अयस्क का दाेहन के लिए अपने उद्याेगपित साथियाें काे बेचने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। वही जगदलपुर-रावघाट की अटकी यात्री रेल सेवा परियोजना बस्तर की जनता के लिए एक मजाक बनकर रह गई है।

छग शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने उठाए शिक्षक हित से जुड़े बड़े मुद्दे

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मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष किरण देव को सौंपा ज्ञापन

किरण सिंह देव ने सीएम और शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षक संवर्ग की समस्याओं के निराकरण व मांगों की पूर्ति के लिए बड़ी कवायद की है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव और अनेक शीर्ष अधिकारियों से पत्राचार किया है। मोर्चा के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए किरण सिंह देव ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक डॉ. लुदर्शन कश्यप और शेलेंद्र द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहागया है कि 17 अगस्त 2012 तक छतीसगढ़ में सहायक शिक्षक एवं शिक्षक संवर्ग के पद पर नियुक्ति हेतु टेट अनिवार्य योग्यता नहीं थी। अतः इसके पूर्व नियुक्त सहायक शिक्षक एवं शिक्षकों को टेट की बाध्यता से मुक्त करते हुए छत्तीसगढ़ विधान सभा में प्रस्ताव पारित कर सेवा सुरक्षित की जाए। शिक्षक एलबी संवर्ग को पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना कर पूर्ण पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त लाभ प्रदान किया जाए। समस्त शिक्षक संवर्ग की लंबित वेतन विसंगति को दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण किया जाए। विसंगतियुक्त छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम राजपत्र 13 फरवरी 2026 में एल बी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किया जाए। ब्रिज कोर्स से बीएड शिक्षक संवर्ग को शिक्षा विभाग द्वारा योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड प्रशिक्षित कराया जाए।

भारी बारिश और बाढ़ के बीच देवदूत बनकर मैदान पर उतरी बस्तर पुलिस

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राहत एवं बचाव अभियान में जुटे पुलिस, एसडीआरएफ, डीआरजी के जवान

बाढ़ से घिरे 540 ग्रामीणों का रेस्क्यू

जगदलपुर चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश के कारण जगदलपुर शहर सहित बस्तर जिले के अनेक क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी तटीय एवं निचले क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस्तर पुलिस ने पिछले दो दिनों से लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया है। पुलिस की विभिन्न टीमें संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तैनात हैं।

राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरए की टीमें, बस्तर पुलिस की विशेष रेस्क्यू टीमें, संबंधित थानों एवं चौकियों के बल, डीआरजी की टीमें एवं अन्य आपदा-प्रबंधन दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू एवं राहत कार्य संचालित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्र गोरिया बहार नाला, छेपड़ा गुड़ा, डोंगा घाट, तामाकुनी, आसना, धरमपुरा, पथरागुड़ा, पन्हारपारा, महादेव घाट, खड़क घाट, पुराना पुल, बस्तर थाना क्षेत्र के प्रभावित एरिया, आनंद ढाबा एवं नगरनार क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। बोड़ना एवं इंद्रावती नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में पुलिस एवं बचाव दलों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। डोंगाघाट क्षेत्र मे 500 से अधिक लोग को अभी तक सुरक्षित बाहर निकाला गया है, नगरनार क्षेत्र की बोड़ना नदी में आई बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को नाव की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर राहत शिविर में पहुंचाया गया। इसी प्रकार अन्य प्रभावित क्षेत्रों से भी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत शिविरों में प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, पेयजल, ठहरने एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बस्तर जिले में वर्तमान में कई राहत शिविर संचालित हैं, जहां सैकड़ों प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है।

पुलिस की अपील

बाढ़ की चुनौती के बीच बस्तर पुलिस के जवान दिन-रात प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहकर लोगों की सुरक्षा, रेस्क्यू, यातायात नियंत्रण तथा संवेदनशील स्थानों की निगरानी में जुटे हुए हैं। पुलिस द्वारा नदी, नालों, पुल-पुलियों एवं जलमग्न मार्गों पर लोगों को अनावश्यक रूप से जाने से रोकने के लिए लगातार बैरिकेडिंग, पेट्रोलिंग एवं समझाइश दी जा रही है।बस्तर पुलिस नागरिकों से अपील की है कि उफनती नदी या नाले के पास न जाएं। जलमग्न सड़क, पुल या रपटा पार करने का जोखिम न लें। अफवाहों पर विश्वास न करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें।

सर्पदंश से ग्रामीण की मौत

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जगदलपुर बाढ़ का कहर नगरनार के रैनू पिता सोनू पर भी टूटा है। जलभराव के कारण जहरीले जीव जंतु ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में घुस रहे हैं। कल ही रैनू को एक जहरीले सांप ने डस लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उसकी पांच बेटियां हैं, उसका परिवार अब चिंतित है कि उनका अब भरण पोषण कैसे होगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने विधायक निधि से शहर के लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण की दी स्वीकृति

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खिलाड़ियों की मांग पर तत्काल शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की दी स्वीकृति

जगदलपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव ने खिलाड़ियों के विशेष मांग पर शहर के लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य का विधायक निधि से स्वीकृत किया। लालबाग मैदान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव के निरीक्षण के दौरान मैदान में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों एवं बस्तर फाइटर्स के महिला जवानों ने मैदान में शौचालय नहीं होने से हो रहे परेशानी के संबंध में विधायक श्री किरण देव को अवगत कराया। उनके मांग पर विधायक श्री किरण देव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अपने विधायक निधि से राशि 9.50 लाख की लागत से लालबाग मैदान में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किया। वहीं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में भी मैदान में प्रेक्टिस करने वाले खिलाड़ियों ने मैदान में शौचालय निर्माण की मांग की ।

खिलाड़ियों की मांग रही है कि इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में निरंतर खेल आयोजन जिला, राज्य स्तरीय एवं अन्य खेल आयोजन होते रहते हैं। खेल आयोजन के दौरान विशेष कर महिला खिलाडियों को असुविधा होती है। विधायक श्री किरण देव ने खिलाड़ियों के मांग पर इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में विधायक निधि से लागत 9.50 लाख रुपए से शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव ने कहा कि हमारे खिलाड़ियों के विशेष मांग पर शहर के लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई है। जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जायेगा। दोनों मैदान में वर्षभर खेल आयोजन होते रहते हैं। साथ ही हमारे शहर के खिलाड़ी प्रतिदिन मैदान में अपने अपने खेलों का अभ्यास करती है । निरीक्षण के दौरान खिलाड़ियों ने शौचालय की मांग की थी जिसपर तत्काल संज्ञान लेते विधायक निधि से लालबाग मैदान एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में शौचालय सह चेंजिंग रूम निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई है। आगामी दिनों में हमारे खिलाड़ियों को समस्या नहीं होगी। श्री किरण देव ने कहा जनता के मांग के अनुरूप क्षेत्र में विकास कार्यों को किया जाएगा।

बस्तर में कहर बरपा रहा है उड़ीसा का पानी, बांधों के गेट खुलने से हाहाकार

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कई परिवार हो गए बेघर, जान बचाने छतों पर चढ़े ग्रामीण

उड़ीसा के दो बांधों से छोड़ा गया है पानी

अर्जुन झा

जगदलपुर लगातार दो दिनों तक हुई झमाझम बारिश बस्तर के लोगों ले लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गई है। ऊपर से ओडिशा के दो बांधों से छोड़ा जा रहा पानी बस्तर पर कहर बनकर टूट पड़ी है। ओड़िशा से आ रहे पानी के कारण बस्तर के लगभग सभी नदी नाले बौरा से गए हैं। हालात लगभग बेकाबू हो चले हैं। कई मकान टूट गए हैं, बस्तियों में पानी घुस गया है और जल स्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जान बचाने के लोग बहुमंजिली ईमारतों की छतों पर जा चढ़े हैं।

बंगाल के चक्रवाती तूफान के कारण लगभग पूरे बस्तर संभाग में दो दिन इस कदर बारिश हुई कि समूचा जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बस्तर के सारे नदी नाले उफान मार रहे हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। रास्ते बंद हो जाने से आवागमन ठप हो गया है। बस्तर जिले में भारी बारिश से चारों ओर तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। ओडिशा के खातिगुड़ा डैम और मुरान बांध के गेट खोल दिए जाने से जगदलपुर शहर के अलावा दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। बाढ़ के बीच एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई है, जहां ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं।नगरनार के बेलगांव में शुक्रवार दोपहर से ही लगातार जलस्तर बढ़ने से कई घर जलमग्न हो चुके हैं। जिससे ग्रामीण अपने घरों के छतों पर आश्रय लिए हैं। ग्रामीण अपनी जान बचाने छतों का सहारा लेने मजबूर हो गए हैं। बेलगांव के ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया में वायरल किया है और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इस वीडियो में महिलाएं भी दिख रही है, जो बता रही हैं किस तरह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ में घर में रखा हुआ सारा सामान बह गया लेकिन प्रशासन मदद के लिए नहीं पहुंचा है। वीडियो में ग्रामीण बता रहे हैं कि, लगातार जल स्तर बढ़ता ही जा रहा है। वहीं जगदलपुर के लालबाग, पथरागुड़ा, डोंगाघाट क्षेत्र में सैकड़ों लोग इंद्रावती नदी का पानी घुसने से परेशान हैं। पूरे इलाके में तीन से चार फीट तक पानी चढ़ गया है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई लोग अपने घरों की छतों पर बैठ कर खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। शहर के ही धरमपुरा क्षेत्र में रोड पर जल भराव होने से लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है।हालांकि शहर महापौर संजय पांडेय अपनी टीम के साथ लोगों की मदद करने सुबह से ही प्रभावित वार्ड का दौरा कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सलभ सिंहा के नेतृत्व में कलेक्टर के मार्ग दर्शन में लोगों को राहत पहुंचने पुलिस महकमा सक्रिय है।

टूटा 20 साल का रिकॉर्ड

जगदलपुर के लोगों के अनुसार बीस साल में ऐसी बाढ़ आई है। उड़ीसा के डेम खोलने से ऐसी विकट स्थिति बनी है। बकावंड ब्लॉक के दर्जनों पंचायत बेलगाम संगम के आसपास के इलाके तारापुर, भेज्जी, नगरनार क्षेत्र में इंद्रावती का पानी घुस आया है।अभी तक केवल कुछ घर गिरने फसल खराब होने के खबर है। कहीं से जनहानि की सूचना नहीं आई है। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद होकर कार्य कर रहा है। बस्तर सांसद महेश कश्यप सहित बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल क्षेत्र में जाकर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।*बॉक्स**करपावंड में 3 मकान ढहे*विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करपावंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण 3 परिवारों के कच्चे मकान भरभरा कर गिर गए। मकान गिरने से परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। करपावंड में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भरत ठाकुर, गोमती पिता रतन और दीपा देवांगन के कच्चे मकान पूरी तरह से ढह गए हैं। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर में रखा अनाज, बर्तन और घरेलू सामान मलबे में दबकर पूरी तरह खराब हो गया।पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना सरपंच और पटवारी को दे दी है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मदद नहीं की तो इन परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। वहीं तहसीलदार बकावंड ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजा जा रहा है, जांच के बाद नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों की मदद में उठें हाथ

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जगदलपुर. जिले में तीन दिन तक हुई मुसलधार बारिश से इंद्रावती नदी बौराइ हुई है. शहर के निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस आया है. वहीं कई मकान गिर गए हैं. बाढ़ पीड़ितों के लिए जहां जिला व नगर निगम प्रशासन की ओर से राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है. बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में एसडीआरीफ का बचाव दल भी सक्रिय रहा है. ओड़िशा सीमा नगरनार समेत शहर के अन्य बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में लगातार राहत कार्य किए जा रहे हैं.
इसके अलावा सामाजिक संगठन ने भी बढ़ चढ़कर बाढ़ पीड़ितों की मदद की है।


अधिवक्ता परिषद ने की बाढ़ पीड़ितों की मदद
संकट की इस घड़ी में सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करते हुए अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) जगदलपुर की टीम ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। परिषद के सदस्यों ने आज पथरागुड़ा स्थित भगतसिंह स्कूल राहत शिविर का दौरा कर पीड़ितों को तत्परता से राहत पहुंचाई।शिविर में रह रहे 100 से अधिक बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर परिषद की टीम ने उन्हें ब्रेड, बिस्किट, मिक्चर और अन्य आवश्यक नाश्ता वितरित किया। राहत सामग्री वितरण के साथ ही अधिवक्ताओं ने पीड़ितों से बातचीत की, उनका कुशलक्षेम जाना और उन्हें ढाढस बंधाया। इस सेवा कार्य में मुख्य रूप से अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की मध्य प्रांत की सहसंयोजक झरना बांगर सिंह, आरती दुआ, संभाग प्रमुख सपन देवांगन, एल. ईश्वर राव और अर्पित मिश्रा, अदिति रावत, अवनीत मिश्रा, रूिक्मणी निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में एबीएपी के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। परिषद के सभी सदस्यों ने आपदा के इस समय में पीड़ितों की हर संभव मदद करने का संकल्प दोहराया है।

गणेश उत्सव समिति ने खिचड़ी वितरण किया

मां हिंगलाजिंन गणेश उत्सव समिति हिकमी पारा की ओर से शनिवार को पनारा पारा में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचा. उनका हालचाल जानकर सांत्वना दिया गया. उनके लिए खिचड़ी की व्यवस्था की गई. इस दौरान काफ़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे.

नक्सलवाद खत्म होने के सरकारी दावे के बीच दल्लीराजहरा में भाजपा नेता को पुलिस सुरक्षा पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

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फिर कांग्रेस नेताओं को भी उपलब्ध कराई जाए सुरक्षा: रतिराम कोसमा

दल्ली राजहरा केंद्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त किए जाने तथा बस्तर में नक्सली हिंसा के दौर के समाप्त होने के दावे के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आ रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और बाद में सरकार की ओर से देश तथा छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त किए जाने की घोषणा की गई।इसी संदर्भ में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने दल्ली दल्ली राजहरा में एक भाजपा जिला पदाधिकारी को लगातार उपलब्ध कराई जा रही पुलिस सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन एवं शासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने कहा कि यदि सरकार के अनुसार छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों का अंत हो चुका है और राज्य शांति की ओर बढ़ चुका है, तो उस व्यक्ति को उपलब्ध कराई जा रही पुलिस सुरक्षा के पीछे सुरक्षा संबंधी वास्तविक और वर्तमान आधार क्या है, यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए।

कोसमा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार फरवरी 2026 में छत्तीसगढ़ के छह जिले—बीजापुर, दंतेवाड़ा, गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों की सूची में थे, जबकि बालोद जिला उस सूची में शामिल नहीं था। ऐसे में दल्ली राजहरा जैसे क्षेत्र में किसी राजनीतिक दल के ऐसे पदाधिकारी को लंबे समय तक सरकारी खर्च पर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का आधार क्या है, यह जानना आम नागरिकों का भी अधिकार है। रतिराम कोसमा ने कहा कि जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के दल्ली राजहरा नगर पालिका के पार्षद, नगर पालिका उपाध्यक्ष तथा भाजपा के कुछ जिम्मेदार नेताओं द्वारा पुलिस अधीक्षक, बालोद को लिखित रूप से संबंधित भाजपा जिला पदाधिकारी की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल को हटाने की मांग की जा चुकी है। यदि ऐसा पत्र पुलिस प्रशासन को प्राप्त हुआ है, तो उसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने का निर्णय किन परिस्थितियों और किस सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया गया, इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए।

कोसमा ने यह भी कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर वास्तव में कोई गंभीर एवं विशिष्ट खतरा है, तो पुलिस प्रशासन को उसका स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन करना चाहिए और उसी के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। लेकिन यदि कोई विशेष खतरा मौजूद नहीं है, तो सरकारी संसाधनों का उपयोग राजनीतिक पदाधिकारी की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए किए जाने पर स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठेंगे। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी गैर-संवैधानिक अथवा गैर-प्रशासनिक पद पर आसीन व्यक्ति को सरकारी खर्च पर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है, तो सुरक्षा के समान मापदंड कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर भी लागू होने चाहिए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा की मांग है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में पारदर्शिता बरते और स्पष्ट करे कि संबंधित व्यक्ति को किस सुरक्षा श्रेणी, किस खतरे के आकलन तथा किस प्रशासनिक आदेश के आधार पर पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही सुरक्षा उपलब्ध कराने में होने वाले सरकारी व्यय एवं सुरक्षा बल की तैनाती के औचित्य की भी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। रतिराम कोसमा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी वास्तविक सुरक्षा खतरे को नजरअंदाज करने के पक्ष में नहीं है। यदि किसी नागरिक या जनप्रतिनिधि को वास्तविक खतरा है तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था निष्पक्ष, पारदर्शी और समान मापदंडों पर आधारित होनी चाहिए, न कि राजनीतिक पद या प्रभाव के आधार पर। उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि यदि संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर कोई विशिष्ट खुफिया या सुरक्षा इनपुट उपलब्ध है, तो उसकी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक किए बिना कम-से-कम इतना स्पष्ट किया जाए कि सुरक्षा जारी रखने का प्रशासनिक आधार क्या है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा का स्पष्ट मत है कि कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए। शासन को सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक और पारदर्शी जवाब देना चाहिए।

बस्तर के ज्ञानगुड़ी से BAMS के लिए पहले हिमांशी का चयन , सभी ने दी बधाई

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-बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित निशुल्क ज्ञानगुड़ी कोचिंग से फिर एक बच्ची का चयन सरकारी BAMS कॉलेज में हो गया है । बच्ची ने कलेक्टर सर, कमिश्नर सर , विधायक जी मुख्यमंत्री जी , सांसद जी ,महापौर जी ,सभी का धन्यवाद ज्ञापित कर खा की ऐसे कोचिंग सेंटर का हम जैसे माध्यम वर्गीय गरीब बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। आर्थिक मानसिक परेशानियों को दूर कर फ्री होकर तैयारी का परिणाम सुखद होता है। कलेक्टर बस्तर ने अच्छे से पढ़ाई पूर्ण कर बस्तर में ही सेवा देने की अपील की एवं शिक्षकों को ,पेरेंट्स को बधाई दी।इससे पूर्व चार बच्चों का ज्ञानगुड़ी से MBBS के लिए हो चुका था। इस पर सभी बच्चों ने कहा कलेक्टर सर से प्राप्त टिप्स को ध्यान में रखकर पूरे वर्ष पढ़ाई किए , जिसका परिणाम MBBS /BAMS सीट के रूप में मिला। उल्लेखनीय है कि बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा लगातार ज्ञानगुड़ी में अपना मार्गदर्शन देते रहे है। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने अपने पढ़ाई और यूपीएससी की तैयारी की पिन प्वाइंट जानकारी बच्चों को लगातार देते रहे, जिसका परिणाम में 90 में से 50 बच्चों ने नीट क्वालीफाई किया और उनमें से पांच बच्चों ने MBBS /BAMS सीट प्राप्त कर लिए। है इस अवसर पर अधिकार गण एवं जनप्रतिनिधिगनो ने ज्ञानगुड़ी प्रभारी अलेक्जेंडर एम चेरियन,जी श्रीनिवास राव, मनीष श्रीवास्तव, संजीव बिस्वास को भी बधाई ।

खैरगुड़ा राहत शिविर में 13 प्रभावित परिवारों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था

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बस्तर लगातार बारिश और जलभराव के चलते प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन एवं ग्राम पंचायत कुंडगुड़ा मधोता 02 द्वारा खैरगुड़ा स्थित प्राथमिक शाला में राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। यहां जलभराव से प्रभावित 13 परिवारों के सदस्यों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है।प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लगातार व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सरपंच ईस्पर मंडावी सुबह से ही प्रभावित परिवारों की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।

वहीं मनोज कुमार, नंदो ठाकुर और जगरु कश्यप भी प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।राहत शिविर में रह रहे परिवारों के लिए भोजन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तहसीलदार बस्तर जॉली जेम्स प्रभावित परिवारों एवं स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और राहत व्यवस्था की जानकारी ले रहे हैं।बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों से सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। प्रशासन एवं ग्राम पंचायत द्वारा राहत शिविर में रह रहे परिवारों की आवश्यक जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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