जगदलपुर 16 सितंबर 2022/ कलेक्टर एवं आमचो बस्तर हेरिटेज सोसायटी के अध्यक्ष चंदन कुमार की निर्देशानुसार 28 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक प्रतिदिन संध्या 6 बजे से 9 बजे तक मां दंतेश्वरी एवं बस्तर की लोक संस्कृति पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा । बस्तर दशहरा में लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम में प्रस्तुति देने हेतु दलों का पंजीयन 19 सितम्बर तक किया जाएगा। प्रस्तुतियों के स्क्रीनिंग के पश्चात की मुख्य कार्यक्रम में प्रस्तुति देने की पात्रता होगी। सांस्कृतिक आयोजन के संबंध में 14 सितम्बर को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में उपायुक्त विवेक दलेला की अध्यक्षता में सभी जनजाति समाज प्रमुखों, जिले के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं स्थानीय कलाकारों तथा बादल स्टाॅफ की उपस्थिति में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु बैठक आहूत की गई थी ।
महापौर सफीरा और अध्यक्ष कविता के नेतृत्व में जगदलपुर नगर निगम पूरे प्रदेश में सबसे फिसड्डी साबित- संजय पाण्डेय
आर्थिक रूप से कमज़ोर सामान्य वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग, सूची के अनुमोदन नहीं होने के कारण लाभ से वंचित – नेता प्रतिपक्ष नगर निगम
जगदलपुर भाजपा पार्षद दल ने किया प्रदर्शन, ज्ञापन देकर कहा सामान्य सभा शीघ्र हो आज भारतीय जनता पार्टी पार्षद दल ने नगर निगम कार्यालय में सामान्य सभा शीघ्र आहूत करने नगर निगम की अध्यक्ष को प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया ! ज्ञापन में कहा गया है कि सामान्य सभा को हुए छह माह बीत चुके हैं, और आजतक सामान्य सभा नही बुलाना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है ! नगर निगम आप द्वय के नेतृत्व में विकास के कार्यों तथा शहर की समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा कराने लगातार अनदेखी कर रहा है ! ज्ञापन में सत्ता पक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि महापौर सफीरा साहू और अध्यक्ष कविता साहू के सत्तारूढ़ होने के बाद से ही कार्यों के प्रति असंवेदना,निगम एक्ट के पालन में घोर लापरवाही करना
जनता के प्रश्नों से बचने ,विकास की चर्चाओं से दूरी बनाकर बहानेबाज़ी की जा रही है !शुरुआती 2 साल कोरोना संकट के नाम पर सामान्य सभा को टाला गया और अब सत्ता की दादागिरी करते हुए नियम विरूद्ध सामान्य सभा नहीं की जा रही है संजय पांडे ने ज्ञापन में आरोप लगाते हुए कहा है कि आज से लगभग दो महीने से भी अधिक समय पहले दिनांक 8/7/22 को आनन फ़ानन में “विशेष सम्मेलन” आहूत किया गया था ! विषय बहुत गंभीर था तथा इस सम्मेलन में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वे सूची का अनुमोदन किया जाना था ! इतने गंभीर विषय को भी आप द्वय ने कूटरचना करते हुए महापौर परिषद मे प्रस्ताव लाए बिना,सामान्य सभा में पेश किया ! यह मात्र गलती नहीं थी बल्कि यह कूटरचना जानबूझकर की गई थी ! विपक्ष की सजगता के कारण न केवल यह प्रस्ताव फ़ेल हो गया बल्कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों की सूची में जो अपात्र लोग शामिल किए गए थे,उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखाया गया ! पूरे प्रदेश में यह अत्यंत गंभीर विषय की सूची का अनुमोदन हो गया, परंतु निगम जगदलपुर में आज दिनांक तक आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को सूची का अनुमोदन नहीं होने के कारण ,उन्हें बड़े लाभ से वंचित कर दिया गया है ! यूँ तो अध्यक्ष कविता साहू ने सामान्य सभा की मिनट्स में सात दिवस का अल्टीमेटम देकर सूची को सुधारने फ़रमान जारी किया था परंतु अब वह फ़रमान घोर लापरवाही तथा गंदी राजनीति की भेंट चढ़ गया और आज दो महीने से भी अधिक समय बीतने के पश्चात भी विशेष सम्मेलन का कहीं अता पता नहीं है !
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि नगर निगम एक्ट में प्रत्येक दो माह में सामान्य सभा बुलाए जाने का निर्देश है और इस प्रकार लगभग 16 सामान्य सभा बुलायी जाना था ! वो यह बहुत शर्मनाक है कि 16 सामान्य सभा के विरुद्ध मात्र 6 सामान्य सभा बुलाया गया है ! इस दृष्टि से नगर निगम जगदलपुर आप दोनों के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सबसे फिसड्डी साबित हुआ है ! आप द्वय के कार्यप्रणाली से नगर निगम जगदलपुर की कार्यप्रणाली से इसकी बदनामी भी हो रही है वहीं जगदलपुर की जनता जानना चाहती है कि नगर निगम अपने दायित्वों के प्रति इतना उदासीन क्यों है?
पार्षदों के दस्तख़त किए हुए ज्ञापन में शीघ्र सामान्य सभा बुलाने , आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची का अनुमोदन करने तथा जनता की समस्याओं और शहर विकास की दृष्टि से सार्थक चर्चा करने की बात कही गई है !
भाजपा कार्यकर्ता रैली के रूप में नगर निगम कार्यालय पहुँचे और प्रदर्शन किया ! प्रदर्शन के दौरान संजय पांडे, राजपाल कसेर, निर्मल पानीग्रही,दिगंबर राव, धनसिंग नायक,अलोक अवस्थी ,मोतीराम बघेल,त्रिवेणी रंधारी, सविता सुरेश गुप्ता , रीना घोष,ममता पोटाई, नीलम यादव , संभू नाग ,महेन्द्र पटेल, अतुल कौशल,संग्राम सिंह राणा, आशुतोष पाल अभय दीक्षित, शाशीनाथ पाठक, अतुल सिम्हा, प्रकाश झा, पंकज आचार्य, लक्ष्मण झा, सुरेश कश्यप, प्रेम यादव, कृष्णा निषाद, राज पांडे, राजेंद्र कश्यप, अभिलाष यादव आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे !
पोषण माह बैजनपुरी मे मनाया गया
कोरर -शुक्रवार को सेक्टर बैजनपुरी अंतर्गत ग्राम बैजनपुरी में सेक्टर स्तरीय राष्ट्रीय माह मनाया गया । कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि सरपंच श्रीमती वंदना नेताम् एवं विशेष अतिथि सेक्टर सुपरवाइजर महिला बाल विकास विभाग से श्रीमती फरहीन शेख, एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताए उपस्थित रहे । कार्यक्रम के प्रारम्भ में सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती फरहीन शेख महिला बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह 1 से 30 सितम्बर तक दैनिक गतिविधि कैलेंडर अनुसार प्रतिदिन की गतिविधि व विभाग की योजना के विषय मे विस्तार से बताया गया । एवं कलेक्टर डा. प्रियंका शुक्ला मैडम के मार्गदर्शन के आधार पर सुपोषण भोज प्रत्येक गावं मे सुपोषण भोज का आयोजन किया जाये , गावं मे होने वाले सामाजिक कार्यक्रम (छट्टी, गणेश उत्सव ,कन्या भोज) आदि में गावं के कुपोषित बच्चो को प्रथम भोज कराया जाये ताकि जन समुदाय मे कुपोषण को दूर करने हेतु जनजाग्रति लाया जा सके । ग्राम् सरपंच वंदना नेताम् द्वारा सुपोशित् भोजन् के बारे मे बताया गया गावं के समस्त कुपोषित बच्चो की सूची पंचायत मे चस्पा करवाया गया व आगामी 3 माह तक उन्हे सुपोषित करने हेतु शपथ ली गयी |
नवा रायपुर वाणिज्यकर भवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए आबकारी एवं वाणिज्य मंत्री कावसी लखमा
मंत्री कवासी लखमा ने जानकारी देते हुए बताया कि त्यौहार को मद्देनजर सभी जिलों के आबकारी अधिकारी के साथ समीक्षा बैठक ली। ओवर रेटिंग, शराब में पानी की मिलावट, कोचियागिरी व बाहर से आने वाले शराब को लेकर कार्यवाही हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होंने बोला कि गुजरात में जहरीली शराब पीने से हुई अप्रिय घटना न हो इस हेतु अधिकारियों को सावधानी बरतें। त्यौहार में अधिकतर एक राज्य से दूसरे राज्य शराब की तस्करी होती है उसे रोकने के लिए अधिकारियो को सख्त निर्देश भी दिए गए है।
राजीव गांधी आश्रय योजना के अंतर्गत स्थाई पट्टा वितरण में चिखलाकसा वासियों के साथ भेदभाव– विक्रम ध्रुवे
जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला बालोद व सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे जी के नेतृत्व में अनुविभागीय कार्यालय में दल्ली राजहरा में पुजारी बाबू को ज्ञापन दिया ज्ञापन में की श्रीमती संगीता साहू पार्षद वार्ड क्रं . 02. श्री अब्दुल इब्राहिम सैय्यद एवं 18 वार्ड वासियों द्वारा चिखलाकसा प.ह.न. – 10 , तहसील डौण्डी , जिला बालोद में स्थित शासकीय घास भूमि ( मद – चट्टान ) खसरा नंबर 500 रकबा 0.12 हे . भूमि भाग पर लगभग 45-50 वर्षो से लगातार काबिज व्यक्तियों द्वारा पट्टा प्रदान किये जाने के संबंध में कलेक्टर महोदय , को दिनाक को 9/5/2022 को जिला-कलेक्टर बालोद को प्रदाय किया गया व मंत्री अनिला भेड़िया को भी ज्ञापन के माध्यम से दिनांक 22/5/2022 मांग किया गया , किन्तु उक्त पत्र पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही हुई ।


ध्रुवे ने आगे कहा की कार्यवाही नही होने के स्थिति में कलेक्टर द्वारा जारी राजस्व विभाग के हेल्पलाईन नंबर पर उक्त विषय के संबंध में शिकायत दर्ज की गई थी , लेकिन उक्त शिकायत पर भी किसी प्रकार की कार्यवाही नही हुई है । प्रदेश में जहाँ एक ओर भूमिहीन व्यक्तियों को राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत स्थायी पट्टा प्रदाय किया जा रहा है लेकिन चिखलाकसा प्रभावित वार्ड वासियों को भेदभावपूर्ण तरीके से पट्टा प्रदाय नही किया जा रहे है। ऐसे में चटटान मद से प्रभावित वार्ड वासियो की समस्या को शासन दर किनार कर रहा है। जो की कांग्रेस शासन इस तरह का व्यवहार बेहद शर्मनाक है।

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स्वास्थ्य मंत्री ने की विभाग के कार्यों की संभाग स्तरीय समीक्षा
जगदलपुर 16 सितंबर 2022/ स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने गुरुवार को डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में आयोजित बैठक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बस्तर संभाग में दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान बेहतर चिकित्सा सुविधा पर जोर देने के साथ ही सभी भर्ती होने वाले मरीजों को आयुष्मान और डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सके। मंत्री ने विभागीय मद के साथ ही अन्य मद से दवा एवं अन्य सामग्री का क्रय सीजी एमएससी के माध्यम से करने के निर्देश भी दिए।

मंत्री सिंहदेव ने मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत दी जा रही सेवाओं की समीक्षा करते हुए सभी हाट-बाजारों में क्लीनिक संचालन के लिए शेड निर्माण के निर्देश दिए, जिससे विपरीत मौसम में भी मरीजों की चिकित्सा का कार्य बिना किसी बाधा के हो सके। उन्होंने कहा कि क्लीनिक संचालन के लिए स्थान निर्धारित होने से मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी और इसके माध्यम से अधिक लोगों को सेवा दी जा सकेगी।
मंत्री ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए बेहतर प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिशु एवं मातृ मृत्यु के अधिक दर का कारण आमतौर पर माताओं का कुपोषित होना है। माताएं एनीमिया से पीड़ित हों तो शिशु और मातृ मृत्यु की संभावना बढ़ती है। उन्होंने हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने के लिए पोषण आहार पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में विपरीत परिस्थितियों के बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं, जिसके लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देश में मलेरिया पर नियंत्रण के लिए 30 साल लगे, वहीं बस्तर में लगभग 6 चरणों में ही मलेरिया पर बहुत अधिक नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया है और अब इसकी दर मात्र 0.97 रह गई है। उन्होंने वेक्टर जनित अन्य रोग जैसे डेंगू और जापानी इंफेलेटाईटिस के मामलों की भी समीक्षा की। मंत्री ने कोरोना की जांच में किसी भी प्रकार की ढील नहीं लाने के लिए भी निर्देशित करते हुए कहा कि प्रति विधानसभा में प्रतिदिन कम से कम 100 लोगों की जांच हो और आरटीपीसीआर के माध्यम से अधिक से अधिक जांच सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने टीबी के मरीजों की पहचान के लिए भी अधिक से अधिक जांच करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही टीबी मरीजों को क्षय पोषण योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से राशि प्रदाय करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने जिला अस्पतालों में ओपीडी, आईपीडी, डायलिसिस आदि की समीक्षा की। उन्होंने सब हेल्थ सेंटर तक हमर लैब के माध्यम से स्वास्थ्य जांच की सुविधा पहुंचाने की बात भी कही। मंत्री ने इसके पूर्व डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की और मेडिकल कॉलेज में बेहतर से बेहतर सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने तथा मरीजों व उनके परिजनों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार बरतने के निर्देश भी दिए। बैठक में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, स्वास्थ्य सचिव आर प्रसन्ना सहित स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय एवं बस्तर संभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता :- रेखचंद जैन
छत्तीसगढ़ की 12 जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन सहित विधायकों ने खुशी जाहिर की प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से मिल कर आभार जताया छत्तीसगढ़ की 12 जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन सहित विधायकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है और अपनी शुभकामनायें प्रेषित की है. इसके लिए आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर आभार व्यक्त किया संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि समवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजातियों में शामिल कराने के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है उन्होंने कहा कि विधायकों के लगतार माँग करने पर मुख्यमंत्री जी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा जिस पर त्वरित कारवाई करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ की 12 जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की स्वीकृति दी है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 11 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री श्री मोदी को पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का आग्रह किया था संसदीय सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के 12 जाति समुदायों को छ.ग.राज्य के अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल करने हेतु छ ग.शासन , रायपुर द्वारा समय – समय पर जनजातिय कार्य मंत्रालय द्वारा भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया गया है । उपरोक्त प्रस्ताव में मात्रात्मक त्रुटि सहित समावेश / संशोधन किये जाने हेतु प्रस्ताव किया गया है । जिसका परीक्षण उपरांत भारत के जनगणना महानिदेशक ( RGI ) द्वारा अनुमोदन किया जा चुका है एवं राष्टीय अनुसूचित जनजातिय आयोग ( NCST ) भारत सरकार नई दिल्ली की बैठक संख्या 122 दिनांक 11.12.2019 को अनुमोदन छ.ग.राज्य के संबंध में भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित जनजाति ( ST ) की सूची में संशोधन / समावेश कर छ.ग.राज्य में 12 जाति समुदायों को सम्मिलित करने हेतु क्रमश : 1 भारिया , भूमिया ( भूईया , भूईयों . भूवा . भूरया , भिया ) 2. धनवार ( धनुहार , धनुवार ) 3. नगेसिया ( नागासिया ) के समनार्थी किसान 4. सौरा , सवर , सवरा , संवरा 5. धांगड़ 6. विझिया 7. कोड़ाकू , कोडाकू 8. कोंध , कोंद 9. भारिया ( भरिया ) 10. पंडो , पन्डो , पण्डो 11. गोंड ( गोड़ ) 12. गदबा उल्लेखनीय है मात्रात्मक त्रुटि के कारण छग राज्य के उक्त समुदायों के लगभग 60 लाख लोगों को अनुसूचित जनजाति को प्राप्त होने वाली संवैधानिक अधिकार के लाभों से वंचित है , साथ ही यह समुदाय पिछले 18 वर्षों से शिक्षा , स्वास्थ्य , रोजगार , नौकरी , उच्च शिक्षा ( मेडिकल इंजीनियरिंग ) व राजनीतिक अधिकारों से लाभ से वंचित हो रहे है अब छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति के सूची में उपरोक्त समुदायों को समावेश / संशोधन किये से इन समुदाय के लोगों को लाभ होगा |
लेबोरेटरी को बनाया मौत की प्रयोगशाला
पॉलिटेक्निक कॉलेज क़े लिए प्रयोगशाला उपकरण खरीदी में घालमेल- जांच में स्तरहीन पाए गए उपकरण, फिर भी प्राचार्य ने लैब में खपा दिया. -घटिया उपकारणों क़े उपयोग से मंडरा रहा है विद्यार्थियों की जान पर खतरा- जगदलपुर/दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के गीदम जावंगा में संचालित एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक कॉलेज में इलेक्ट्रीकल एवं मैकेनिकल विभाग की प्रयोगशाला क़े लिए उपकरण खरीदी में घालमेल का मामला उजागर हुआ। जब क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ताा की जांच की गई, तो सारी सामग्री बहुत ही स्तरहीन ( डिग्रेड ) पाई गई. बावजूद संस्था क़े प्राचार्य ने जांच रिपोर्ट को दरकिनार कर सारे उपकरणों को मंजूरी देते हुए उन्हें विद्यार्थियों क़े प्रायोगिक कार्य क़े लिए प्रयोगशाला में रखवा दिया. प्रयोगशाला में कभी भी भीषण दुर्घटना हो सकती है और विद्यार्थियों की जान क़े लाले पड़ सकते हैं. वहीं जिला प्रशासन मामले की जांच क़े नाम पर महज खानापूर्ति करने में जुटा हुआ है. ज्ञातव्य हो कि शासन आदिवासी बाहुल क्षेत्र के बच्चों को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटा है. वहीं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी तकनीकी शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति कर आदिवासियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला दंतेवाड़ा जिले के गीदम में संचालित पॉलिटेक्निक कॉलेज का उजागर हुआ है, जहां प्रयोगशाला में घटिया सामग्री का उपयोग कर लाखों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं। प्राचार्य ने डिग्रेड सामग्री को किया मंजूर जानकारी के अनुसार अगस्त 2021में उक्त कॉलेज की जरूरतों को देखते हुए प्रयोगशाला उपकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा टेण्डर बुलाया गया था। टेंडर क़े अनुसार 50 लाख की लैब सामग्री की खरीदी की जानी थी। टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने के छह माह बाद लैब सामग्री सप्लाई का कार्य रायपुर के हनुमान पेपर वर्क्स को सामग्री आपूर्ति का आदेश दिया गया था. इस फर्म ने छह माह बाद उपकरण की सप्लाई की थी. कॉलेज के अनुभवनी स्टाफ द्वारा उक्त उपकारणों की जांच की गई, तो उपकरण डिग्रेड पाए गए थे। जांच दल ने प्राचार्य क़े समक्ष लिखित में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। प्रतिवेदन में कहा गया था की सामग्री अमानक स्तर की है, जिन्हें प्रयोगशाला में उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसके उपयोग से हादसे का भी आशंका पत्र में जाहिर की गई थी। उक्त सामग्री जनवरी 2022 में सप्लाई होने की बात लिखी गई थी। प्राचार्य ने जांच रिपोर्ट ठुकराई विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो अनुभवी विभाग प्रमुखों द्वारा जांच उपरांत सौंपी गई रिपोर्ट और जताई गई खतरे की आशंका को प्राचार्य ने दरकिनार कर दिया. खबर है कि उस दौरान अवकाश पर रहे प्राचार्य के करीबी इलेक्ट्रीशियन विभाग प्रमुख क़े अवकाश से लौटने के बाद पुन: जांच रिपोर्ट तैयार कराकर उपकरणों क़े बेहतर होने का प्रमाण पत्र बनवा लिया गया. इसके बाद प्राचार्य ने सारी सामग्री को प्रायोगिक कार्य क़े लिए प्रयोगशाला में भिजवा दिया। प्रसनिक जांच भी संदिग्ध इस मामले की शिकायत दंतेवाड़ा कलेक्टर तक पहुंच गई है। तत्कालीन कलेक्टर सोनी द्वारा मामले की जांच संयुक्त कलेक्टर से कराई गई थी. लेकिन जांच में क्या निष्कर्ष निकला और क्या कार्रवाई की गई, इसका अब तक क़ुछ भी अता-पता तक नहीं है। फिर दोबारा हुई शिकायत के बाद पुन: उसी संयुक्त कलेक्टर को जांच की जिम्मेदारी वर्तमान कलेकटर द्वारा सौंपी गई है। मामले की जांच क़े लिए निष्पक्ष विशेषज्ञ टीम गठित ना किए जाने से जिला प्रशासन की भी भूमिका संदेह के घेरे में है। चर्चा है कि प्राचार्य जिला प्रशासन के जांच अधिकारी से सांठगांठ कर मामले की लीपापोती करने में जुटे हैं. कॉलेज के प्राचार्य से इस मामले में प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
ये क्या हो रहा है बस्तर के शिक्षा विभाग में!
-पहले जवाइंट डायरेक्टर फिर एक विद्यार्थी की अकाल मौत-
-प्रभारी प्रधान पाठक का निलंबन कर मामले को सलटा लिया डीईओ ने-
-दोनों मामलों की गहराई से जांच क्यों नहीं कराई जा रही?
जगदलपुर। बस्तर जिले के शिक्षा विभाग में पिछले कुछ अरसे से जो कुछ घटित हो रहा है उसने पालकों के साथ ही विभागीय कर्मचारियों को भी चिंता में डाल दिया है. ऐसी घटनाओं से जिम्मेदार अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि अफसर ऐसे मामलों की गहराई से जांच क्यों नहीं कराते, सिर्फ निलंबन की कार्यवाही कर मामले को ठंडे बस्ते में क्यों डाल दिया जाता है?

बुरुंदवाड़ा सेमरा में चार दिन पहले शाला अवधि के दौरान दूसरी कक्षा के एक विद्यार्थी की गड्डे में डूबकर हुई मौत के मामले में स्कूल की प्रभारी प्रधान पठिका शालिनी राव पर कार्यवाही करते हुए उन्हें ब्लाक शिक्षा कार्यालय में अटैच कर दिया गया है, लेकिन इस संवेदनशील मामले की विभागीय जांच होगी या जिम्मेदार लोगों को यूं ही बख्श दिया जाएगा. क़ुछ ऐसे ही सवाल जनमानस में तैर रहें हैं। प्रभारी प्रधान पाठिका पर कार्रवाई का आदेश जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने जारी किया है. आदेश में मामले की जांच की बात कहीं नहीं लिखी गई है, जिसके कारण आदेश ही सवालों के घेरे में है।
जगदलपुर खंड शिक्षा कार्यालय के अधीनस्थ प्राथमिक विद्यालय बुरुंदवाड़ा सेमरा के एक बच्चे की 12 सितम्बर 2022 को एक गड्डे में डूबकर मौत हो गई थी। यह वाकिया तब घटित हुआ जब सोमवार को दोपहर भोजन अवकाश के दौरान छात्र चंद्रशेखर बिसाई खेलते – खेलते मुरुम के गड्ढे में चला गया. छात्र की लाश वहां उसी गड्ढे में पाई गई थी.
सवालों के घेरे में डीईओ
इस घटनाक्रम के बाद बुरुंदवाड़ा ग्राम के ग्रामीण आक्रोशित हो उठे तथा घटना के लिए सीधे तौर पर पूरे स्कूल स्टॉफ को जिम्मेदार ठहराते हुए सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे. इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रधान ने मामले को दबाते हुए सिर्फ निलंबन की कार्यवाही का आदेश जारी किया जबकि इस मामले में विभागीय जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित करना था. ऐसा नहीं किया गया. जिसके कारण अब जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं सवालों के घेरे में आ गई हैं.
राज बना हुआ है अफसर की मौत
पूर्व में भी शिक्षा विभाग के एक अफसर की ऐसी ही विषम परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. इस मौत पर से अब तक पर्दा नहीं उठ पाया है. सूत्रों के मुताबिक एक जिला शिक्षा अधिकारी और उनके प्रश्रयदाता क़ुछ लोगों की मनमानी तथा नियम विरुद्ध कार्यों की वजह से उक्त अफसर मानसिक रूप से बेहद परेशान चल रहे थे.
स्कूली बच्चे की डबरी में मौत के मामले में डीईओ सवालों के घेरे में…
जगदलपुर। बुरुंदवाड़ा सेमरा स्कूल के बच्चे की गड्डे में डूबकर हुई मौत के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी सवालों के घेरे में आ गई हैं क्योंकि भारी जन आक्रोश के बाद उन्होंने शाला की प्रभारी प्रधान अध्यापक को निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच तो कर दिया लेकिन विभागीय जांच के लिए आदेश जारी नहीं किया। बताया जा रहा है कि प्रभारी प्रधान अध्यापक रचना राव पर कार्यवाही करते हुए ब्लाक कार्यालय में अटैच तो कर दिया गया है। लेकिन निष्पक्ष विभागीय जांच होगी या उपकृत किया जायेगा, इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह निलंबन आदेश जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने जारी किया है। जिसके कारण आदेश ही सवाल के घेरे में है। जगदलपुर खंड शिक्षा कार्यालय के अधीन प्राथमिक विद्यालय बुरुंदवाड़ा सेमरा के एक बच्चे की 12 सितम्बर को एक गड्डे में डूबकर मौत हो गई थी। यह घटना तब घटित हुई, जब मध्यान्ह भोजन अवकाश के दौरान चंद्रशेखर बिसाई बिना बताए मुरुम गड्डे में गया और वहां उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बुरुंदवाड़ा के ग्रामीण आक्रोशित हो गए तथा प्राचार्य राव व शिक्षिका आचार्य पर कार्यवाही की मांग करते रहे। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रधान द्वारा मामले को दबाते हुए सिर्फ निलंबन की कार्यवाही का आदेश जारी हुआ जबकि इस मामले में विभागीय जांच अधिकारियों की टीम गठित करना था। वह नहीं की गई। जिसके कारण अब जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं कठघरे में खड़ी हो गई हैं।



