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ऑफिस अटैचमेंट सजा है या सरकारी मजा

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बुरूंदवाड़ा के जनप्रतिनिधियों ने डीईओ पर उठाए सवाल-निलंबन और संलग्ननीकरण को पर्याप्त नहीं मानते ग्रामीण
जगदलपुर स्थानीय जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान का आदेश अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। बुरुंदवाड़ा प्राथमिक शाला के बच्चे की मौत के मामले में प्रभारी प्रधान पाठिका शालिनी राव को जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर ब्लाक शिक्षा कार्यालय में अटैच कर दिया है.
डीईओ के इस आदेश पर अब सवालिया निशान लग रहे हैं। बुरुंदवाड़ा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पूछ रहें हैं कि प्रभारी प्रधान पाठिका को सजा दी गई है या प्रशासनिक तौर पर उपकृत किया गया है? एक मासूम बच्चे की अकाल मौत के मामले में शालिनी राव को ब्लाक कार्यालय में अटैचमेंट किया गया जोकि सजा नहीं, बल्कि उपकृत करने जैसा कदम है. क्योंकि बिना काम किए ही उन्हें आधी तनख्वाह मिलती रहेगी। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रभारी प्रधान पाठिका को जगदलपुर विकासखंड के बजाए दूसरे विकासखण्ड में अटैच करना था जिससे सजा के तौर पर वहां आना जाना और वहां उपस्थिति ही बड़ी सजा होती, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसी कार्रवाई नहीं की. अब उनके आदेश पर बुरुन्दवाड़ा के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण सवाल उठाते पूछ रहे हैं की जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्रधान पठिका के साथ ऐसी ढिलाई आखिर मजबूरीवश बरती या किसी स्वार्थवश ? वहीं बच्चे की मौत के मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बनाई गई शिक्षा विभाग की कमेटी पर भी सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि जांच कमेटी में महिला व बाल विकास विभाग से भी किसी अधिकारी को रखना चाहिए था.
दूर के गांव में पढ़ाने मेरे को कभी नहीं बताया वह कब आए भेजा जाए
ग्रामीणों का कहना है कि निलंबित प्रभारी प्रधान पाठिका को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच करने के बजाय बस्तर के ही सुदूर इलाके की किसी ग्रामीण शाला में अध्यापन सेवा देने के लिए भेजा जाना चाहिए. तभी मृत छात्र की आत्मा को शांति मिल सकेगी. विकासखंड शिक्षा कार्यालय में अटैचमेंट से तो बुरुन्दवाड़ा सेमरा की उक्त प्रभारी प्रधान पाठिका को और भी ज्यादा सहूलियत हो रही है. यानि शहर स्थित कार्यालय में संलग्न किये जाने से तो उनके और भी मजे हो गए हैं ।

खुली नेशनल हाईवे क़े चौड़ीकरण की राह

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रंग लाई कर्मयोद्धा सांसद दीपक बैज की पहल

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दी फोरलेन बनाने की मंजूरी

अर्जुन झा

जगदलपुर| रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क़े चौड़ीकारण का रास्ता खुल गया हैं. इसके लिए बस्तर क़े कर्मयोगी सांसद दीपक बैज ने ठोस पहल की थी. इस संदर्भ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा परिपत्र जारी कर दिया गया है. इससे बस्तर संभाग क़े नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है.

केंद्र सरकार क़े भूतल परिवहन मंत्रालय क़े अधीन रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव काफ़ी बढ़ गया है और इसी क़े साथ वाहन दुर्घटनाओं क़े आंकड़े भी तेजी से बढ़े हैं. जान- माल की लगातार हो रही क्षति को देखते हुए बस्तर क़े कर्मयोद्धा सांसद दीपक बैज नेशनल हाईवे क़े चौड़ीकारण क़े लिए लगातार प्रयासरत थे. इस सन्दर्भ में बैज ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा उनके मंत्रालय क़े अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) को पत्र लिखकर इस हाईवे का चौड़ीकरण जल्द से जल्द कराने का आग्रह किया था. सांसद श्री बैज क़े आग्रह को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण कर उसे फोरलेन बनाने क़े लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है. धमतरी से जगदलपुर तक नेशनल हाईवे क़े 215 किलो मीटर लंबे हिस्से को फोरलेन में तब्दील करने क़े लिए प्राधिकरण ने स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस संबंध में प्राधिकरण क़े परियोजना निदेशक ने प्राधिकरण क़े रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय को पत्र भी जारी कर दिया है. पत्र की प्रति सांसद श्री बैज को भी भेजी गई है. उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग का टू लेन सोल्डर निर्माण कार्य भारतीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) छत्तीसगढ़ क़े माध्यम से चार हिस्सों क्रमशः धमतरी से कांकेर, कांकेर से बेड़म, बेड़म से दहीकोंगा तथा दहीकोंगा से जगदलपुर तक कराया गया है. इनमें से तीन हिस्सों में टू लेन सोल्डर निर्माण का कार्य पूर्ण हो जाने क़े बाद विभाग ने हाईवे क़े इन हिस्सों को टोलिंग, ऑपरेशन एंड मेटनेन्स क़े तहत संबधित एजेंसी को हस्तान्तरित भी कर दिया है.

हो चुका है सर्वे भी

सांसद दीपक बैज का पत्र मिलने क़े बाद केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क चौड़ीकरण के लिए जरुरी मापदंड को परखने के लिए सर्वे भी करा लिया है. किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील करने के लिए यह जरुरी है कि सम्बंधित राजमार्ग पर ट्रैफ़िक 10 हजार पीसीयू से ज्यादा होना चाहिए. ट्रैफ़िक पीसीयू में 5 प्रतिशत वार्षिक क़ी दर से वृद्धि का भी अनुमान लगाया जाता है. इसके आधार पर ही चौड़ीकारण को मंजूरी दी जाती है. रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए बढ़ाईगुड़ा टोल प्लाजा में कराए गए एटीसीसी बेस्ड ट्रैफ़िक सर्वे में 9133 पीसीयू प्रतिदिन पाया गया, जो निर्धारित 10 हजार के आंकड़े थोड़ा ही कम था. इसमें सन 2022- 23 के दौरान यातायात क़ी अनुमानित वार्षिक पांच फीसदी वृद्धि दर को जोड़ने पर ट्रैफ़िक 10 हजार 548 माना गया. इसी आधार पर चौड़ीकरण को मंजूरी प्रदान क़ी गई है.

खुलेंगे बस्तर के विकास के द्वार

रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को बस्तर क़ी जीवन रेखा कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होंगी, क्योंकि यह मार्ग सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर समेत समूचे बस्तर को छत्तीसगढ़ के अन्य भागों से जोड़ने का काम करता है. इस नेशनल हाईवे के फोरलेन में तब्दील हो जाने से सड़क हादसे कम होंगे और ट्रकों, बसों तथा अन्य वाहनों क़ी आवाज़ाही सुगम हो जाएगी एवं धन व समय क़ी भारी बचत होंगी. इससे बस्तर के विकास का मार्ग और भी बेहतर ढंग से प्रशस्त हो सकेगा.

बस्तर क़ी भलाई ही मेरा जीवन- लक्ष्य

राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण क़ी मंजूरी मिलने पर ख़ुशी जाहिर करते हुए सांसद दीपक बैज ने कहा कि बस्तर के हित में यह एक बड़ा फैसला है. इससे बस्तर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा. सांसद बैज ने कहा कि बस्तर को विकास की राह में निरंतर आगे बढ़ाते रहना ही उनके जीवन का लक्ष्य है और इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए वे राजनीति में आए हैं. सांसद बैज ने कहा कि अपने जीवन- लक्ष्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए वे अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे.

बिजली बिल हाफ का वायदा कर 4 साल में 4 बार बिजली दर बढ़ा कर भी आम आदमी की हितैषी भूपेश सरकार – मनन गुप्ता

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दल्ली राजहरा:- भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ दल्ली राज़हरा मंडल के व्यापारी प्रकोष्ठ के सह संयोजक मनन गुप्ता प्रदेश की भूपेश सरकार पर तंज कसते कहा विधानसभा चुनाव को जितने के लिए लोगो को 10दिन में बिजली बिल हाफ करने का वादा कर सत्ता हासिल करने वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने 4साल पूरे करने से पहले ही बिजली बिल को दरों में चौथी बार वृद्धि कर किसान हितैषी, आम आदमी की हितैषी होने के ठोंग करने वाली , शवांग रचने वाली अपनी वास्तविक चरित्र को दिखा दिया।

मनन गुप्ता ने कहा विधानसभा चुनाव से पहले तक छत्तीसगढ़ सरप्लस व जीरो कट बिजली वाला अग्रणी राज्य था , मगर भूपेश बघेल के करिश्माई नेतृत्व में बिजली बिल की दर में जबरदस्त उछाल लेकर अघोषित बिजली कटौती में बुलंदी पर पहुंच चुका है ।ये कैसी मजदूर हितैषी, किसान हितैषी सरकार है । इस तरह के निर्णय से आम जन कितने दिक्कत में है इससे इस सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता परंतु सभा में अपने चमचों को एकत्रित कर खुद का गुणगान व बखान करने में आत्म सुकून जरूर हासिल कर रहे है।

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खुली नेशनल हाईवे क़े चौड़ीकारण की राह

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जगदलपुर रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क़े चौड़ीकारण का रास्ता खुल गया हैं. इसके लिए बस्तर क़े कर्मयोगी सांसद दीपक बैज ने ठोस पहल की थी. इस संदर्भ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा परिपत्र जारी कर दिया गया है. इससे बस्तर संभाग क़े नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है. केंद्र सरकार क़े भूतल परिवहन मंत्रालय क़े अधीन रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव काफ़ी बढ़ गया है और इसी क़े साथ वाहन दुर्घटनाओं क़े आंकड़े भी तेजी से बढ़े हैं. जान- माल की लगातार हो रही क्षति को देखते हुए बस्तर क़े कर्मयोद्धा सांसद दीपक बैज नेशनल हाईवे क़े चौड़ीकारण क़े लिए लगातार प्रयासरत थे. इस सन्दर्भ में बैज ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा उनके मंत्रालय क़े अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) को पत्र लिखकर इस हाईवे का चौड़ीकरण जल्द से जल्द कराने का आग्रह किया था. सांसद बैज क़े आग्रह को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण कर उसे फोरलेन बनाने क़े लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है. धमतरी से जगदलपुर तक नेशनल हाईवे क़े 215 किलो मीटर लंबे हिस्से को फोरलेन में तब्दील करने क़े लिए प्राधिकरण ने स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस संबंध में प्राधिकरण क़े परियोजना निदेशक ने प्राधिकरण क़े रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय को पत्र भी जारी कर दिया है.

पत्र की प्रति सांसद बैज को भी भेजी गई है. उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग का टू लेन सोल्डर निर्माण कार्य भारतीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) छत्तीसगढ़ क़े माध्यम से चार हिस्सों क्रमशः धमतरी से कांकेर, कांकेर से बेड़म, बेड़म से दाहिकोंगा तथा दाहिकोंगा से जगदलपुर तक कराया गया है. इनमें से तीन हिस्सों में टू लेन सोल्डर निर्माण का कार्य पूर्ण हो जाने क़े बाद विभाग ने हाईवे क़े इन हिस्सों को टोलिंग, ऑपरेशन एंड मेटनेन्स क़े तहत संबधित एजेंसी को हस्तातंरित भी कर दिया है. हो चुका है सर्वे भी सांसद दीपक बैज का पत्र मिलने क़े बाद केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क चौड़ीकरण के लिए जरुरी मापदंड को परखने के लिए सर्वे भी करा लिया है. किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील करने के लिए यह जरुरी है कि सम्बंधित राजमार्ग पर ट्रैफ़िक 10 हजार पीसीयू से ज्यादा होना चाहिए. ट्रैफ़िक पीसीयू में 5 प्रतिशत वार्षिक क़ी दर से वृद्धि का भी अनुमान लगाया जाता है. इसके आधार पर ही चौड़ीकारण को मंजूरी दी जाती है. रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए बढ़इगुड़ा टोल प्लाजा में कराए गए एटीसीसी बेस्ड ट्रैफ़िक सर्वे में 9133 पीसीयू प्रतिदिन पाया गया, निर्धारित 10 हजार के आंकड़े थोड़ा ही कम था. इसमें सन 2022- 23 के दौरान यातायात क़ी अनुमानित वार्षिक पांच फीसदी वृद्धि दर को जोड़ने पर ट्रैफ़िक 10 हजार 548 माना गया. इसी आधार पर चौड़ीकरण को मंजूरी प्रदान क़ी गई है. खुलेंगे बस्तर के विकास के द्वार रायपुर- जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को बस्तर क़ी जीवन रेखा कहें तो अतिशक्ति नहीं होंगी, क्योंकि यह मार्ग सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर समेत समूचे बस्तर को छत्तीसगढ़ के अन्य भागों से जोड़ने का काम करता है. इस नेशनल हाईवे के फोरलेन में तब्दील हो जाने से सड़क हादसे कम होंगे और ट्रकों, बसों तथा अन्य वाहनों क़ी आवाज़ाही सुगम हो जाएगी एवं धन व समय क़ी भारी बचत होंगी. इससे बस्तर के विकास का मार्ग और भी बेहतर ढंग से प्रशस्त हो सकेगा बस्तर क़ी भलाई ही मेरा जीवन- लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण क़ी मंजूरी मिलने पर ख़ुशी जाहिर करते हुए सांसद दीपक बैज ने कहा कि बस्तर के हित में यह एक बड़ा फैसला है. इससे बस्तर के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा. बैज ने कहा कि बस्तर को विकास की राह में निरंतर आगे बढ़ाते रहना ही उनके जीवन का लक्ष्य है और इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए वे राजनीति में आये हैं. बैज ने कहा की अपने जीवन- लक्ष्य को पूर्णता प्रदान करने के लिए वे अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे. |

लेबोरेटरी को बनाया मौत की प्रयोगशाला

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पॉलिटेक्निक कॉलेज क़े लिए प्रयोगशाला उपकरण खरीदी में घालमेल

जांच में स्तरहीन पाए गए उपकरण, फिर भी प्राचार्य ने लैब में खपा दिया

घटिया उपकारणों क़े उपयोग से मंडरा रहा है विद्यार्थियों की जान पर खतरा

जगदलपुर/दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के गीदम जावंगा में संचालित एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक कॉलेज में इलेक्ट्रीकल एवं मैकेनिकल विभाग की प्रयोगशाला क़े लिए उपकरण खरीदी में घालमेल का मामला उजागर हुआ। जब क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ताा की जांच की गई, तो सारी सामग्री बहुत ही स्तरहीन ( डिग्रेड ) पाई गई. बावजूद संस्था क़े प्राचार्य ने जांच रिपोर्ट को दरकिनार कर सारे उपकरणों को मंजूरी देते हुए उन्हें विद्यार्थियों क़े प्रायोगिक कार्य क़े लिए प्रयोगशाला में रखवा दिया. प्रयोगशाला में कभी भी भीषण दुर्घटना हो सकती है और विद्यार्थियों की जान क़े लाले पड़ सकते हैं. वहीं जिला प्रशासन मामले की जांच क़े नाम पर महज खानापूर्ति करने में जुटा हुआ है.

ज्ञातव्य हो कि शासन आदिवासी बाहुल क्षेत्र के बच्चों को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटा है. वहीं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी तकनीकी शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति कर आदिवासियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला दंतेवाड़ा जिले के गीदम में संचालित पॉलिटेक्निक कॉलेज का उजागर हुआ है, जहां प्रयोगशाला में घटिया सामग्री का उपयोग कर लाखों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं।

प्राचार्य ने डिग्रेड सामग्री को किया मंजूर

जानकारी के अनुसार अगस्त 2021में उक्त कॉलेज की जरूरतों को देखते हुए प्रयोगशाला उपकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा टेण्डर बुलाया गया था। टेंडर क़े अनुसार 50 लाख की लैब सामग्री की खरीदी की जानी थी। टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने के छह माह बाद लैब सामग्री सप्लाई का कार्य रायपुर के हनुमान पेपर वर्क्स को सामग्री आपूर्ति का आदेश दिया गया था. इस फर्म ने छह माह बाद उपकरण की सप्लाई की थी. कॉलेज के अनुभवनी स्टाफ द्वारा उक्त उपकारणों की जांच की गई, तो उपकरण डिग्रेड पाए गए थे। जांच दल ने प्राचार्य क़े समक्ष लिखित में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। प्रतिवेदन में कहा गया था की सामग्री अमानक स्तर की है, जिन्हें प्रयोगशाला में उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसके उपयोग से हादसे का भी आशंका पत्र में जाहिर की गई थी। उक्त सामग्री जनवरी 2022 में सप्लाई होने की बात लिखी गई थी।

प्राचार्य ने जांच रिपोर्ट ठुकराई

विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो अनुभवी विभाग प्रमुखों द्वारा जांच उपरांत सौंपी गई रिपोर्ट और जताई गई खतरे की आशंका को प्राचार्य ने दरकिनार कर दिया. खबर है कि उस दौरान अवकाश पर रहे प्राचार्य के करीबी इलेक्ट्रीशियन विभाग प्रमुख क़े अवकाश से लौटने के बाद पुन: जांच रिपोर्ट तैयार कराकर उपकरणों क़े बेहतर होने का प्रमाण पत्र बनवा लिया गया. इसके बाद प्राचार्य ने सारी सामग्री को प्रायोगिक कार्य क़े लिए प्रयोगशाला में भिजवा दिया।

प्रशासनिक जांच भी संदिग्ध

इस मामले की शिकायत दंतेवाड़ा कलेक्टर तक पहुंच गई है। तत्कालीन कलेक्टर श्री सोनी द्वारा मामले की जांच संयुक्त कलेक्टर से कराई गई थी. लेकिन जांच में क्या निष्कर्ष निकला और क्या कार्रवाई की गई, इसका अब तक क़ुछ भी अता-पता तक नहीं है। फिर दोबारा हुई शिकायत के बाद पुन: उसी संयुक्त कलेक्टर को जांच की जिम्मेदारी वर्तमान कलेकटर द्वारा सौंपी गई है। मामले की जांच क़े लिए निष्पक्ष विशेषज्ञ टीम गठित ना किए जाने से जिला प्रशासन की भी भूमिका संदेह के घेरे में है। चर्चा है कि प्राचार्य जिला प्रशासन के जांच अधिकारी से सांठगांठ कर मामले की लीपापोती करने में जुटे हैं. कॉलेज के प्राचार्य से इस मामले में प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

छात्र की मौत : बनी जांच कमेटी, अब जाकर खुली जिला शिक्षा अधिकारी की नींद

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जगदलपुर. विकासखंड क़े ग्राम बुरुन्दवाड़ा सेमरा में एक स्कूली छात्र की मौत क़े मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की नींद लगभग हफ्ते भर बाद खुल पाई हैं. खैर देर आए, दुरुस्त आए. अंततः इस मामले की जांच क़े लिए जांच टीम का गठन कर दिया है.

करीब सप्ताह भर पहले बुरुन्दवाड़ा सेमरा की प्राथमिक शाला की दूसरी कक्षा क़े एक छात्र की शाला अवधि क़े दौरान शाला क़े पास ही क़े डबरे में डूब जाने से मौत हो गई थी. तब पालकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग क़े खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की थी. जनता क़े गुस्से को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने आनन फानन में शाला की प्रभारी प्रधान पठिका को निलंबित कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर की थी. मामले की तह तक जाने क़े लिए तब जांच की जरुरत ही नहीं समझी गई. इस मामले को इस समाचार पत्र ने पूरी संवेदनशीलता क़े साथ उजागर किया था. तब कहीं जाकर जिला शिक्षा अधिकारी की नींद खुल पाई. अंततः जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच क़े लिए एक टीम का गठन कर दिया है. जांच टीम में जगदलपुर क़े विकासखंड शिक्षा अधिकारी एमएस भारद्वाज, कन्या शिक्षा परिसर परचनपाल क़े प्राचार्य एआर नोन्हारे तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जगदलपुर क़े नोडल अधिकारी बीके डोंगरे को शामिल किया गया है. जांच टीम को तीन दिनों क़े भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने क़े लिए कहा गया है.

छ्ग में ना हो गुजरात जैसी घटना

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शराब में मिलावट और तस्करी रोकने क़े भी निर्देश

मंत्री लखमा ने ली समीक्षा बैठक

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ क़े आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने शराब में मिलावट, शराब की तस्करी रोकने और गुजरात जैसी घटना छत्तीसगढ़ में ना होने पाए, इसके लिए विभागीय अधिकारीयों को कड़े निर्देश दिए हैं.

वाणिज्य कर भवन नवा रायपुर में राज्य क़े आबकारी एवं वाणिज्य मंत्री क्वासी लखमा ने विभाग क़े उच्च अधिकारीयों तथा जिला आबकारी अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की. लखमा ने अधिकारियों को शराब की ज्यादा कीमत वसूलने, शराब में पानी की मिलावट, कोचियागिरी व बाहर से आने वाली शराब की रोकथाम क़े लिए कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजरात में जहरीली शराब पीने से मौतों की अप्रिय घटना हुई है, वैसी घटना छत्तीसगढ़ में ना हो इस बात का गंभीरता से ध्यान रखा जाए. लखमा ने आगे कहा कि त्योहारों के दौरान एक राज्य से दूसरे राज्य में शराब की तस्करी बढ़ जाती है. इस पर भी सख़्ती से रोक लगनी चाहिए.

मंडी बोर्ड में चल रहा बाद में आओ, पहले पाओ का फार्मूला…

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किसी को पदोन्नति के पंद्रह रोज में पदस्थापना और कई की पोस्टिंग आठ माह से अधर में

विभाग व मंत्रालय के बीच झूल रही 5 पदोन्नत ए ई की फाइल

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागों में पदोन्नति को लेकर निर्धारित दिशा निर्देश का पालन हो रहा है, लेकिन मंडी बोर्ड में शासन के नियम कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां एक खास उप अभियंता को अगस्त माह में पदोन्नति के बाद पंद्रह दिन में नवीन पदस्थापना का सौभाग्य प्राप्त हो गया तो वहीं जनवरी माह में उप अभियंता से सहायक अभियंता पदोन्नत हुए पांच अधिकारी आठ माह से पदस्थापना आदेश जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ये पदोन्नति के बाद से पदस्थापना का रास्ता देखते रह गए और मंडी बोर्ड ने एक उप अभियंता को 01 अगस्त को सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति देकर 16 अगस्त को उनका नवीन पदस्थापना आदेश जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि मंडी बोर्ड ने 29 जनवरी को जिन पांच उप अभियंताओं को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति दी है, उनकी पदस्थापना की फाइल विभाग और मंत्रालय के बीच झूल रही है। इनकी पद स्थापना 8 माह से अधर में लटकी हुई है और मंडी बोर्ड की फुर्ती का एक नमूना यह है कि कबीरधाम में पदस्थ उप अभियंता मनोज कुमार चंद्राकर को पदोन्नत कर सहायक अभियंता के पद पर कबीरधाम में ही महज एक पखवाड़े में पदस्थ कर दिया गया। यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि मंडी बोर्ड में बाद में आओ, पहले पाओ का यह खेल कैसे चल रहा है। भेदभाव क्यों हो रहा है, किसके संरक्षण और मार्गदर्शन में ऐसा किया जा रहा है कि बाद में पदोन्नत अफसर को आनन फानन में जहां का तहां पदस्थ कर दिया गया और पहले से पदोन्नत अफसरों को पदस्थापना से अब तक वंचित रखा गया है। बाद में पदोन्नत एक अफसर को त्वरित पदस्थापना दी जा सकती है तो पहले से पदोन्नत अफसरों को पदस्थापना क्यों नहीं दी गई।

इसके पहले बताया जा रहा था कि पदोन्नति में जातिगत आरक्षण समाप्त किए जाने के बाद शासन द्वारा सभी विभागों में पदोन्नति पर लगी रोक को हटा लिया गया है। नियमानुसार सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। लेकिन तब शिकायत मिल रही थी कि मंडी बोर्ड में भी पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारम्भ तो हुई लेकिन पदोन्नति के मामले में जमकर भेदभाव किया जा रहा है। कहा जा रहा था कि तकनीकि शाखा के इंजीनियरों की पदोन्नति में तरह -तरह के रोड़े अटकाए जा रहे हैं। सीधी प्रक्रिया के तहत होने वाली पदोन्नति में जानबूझकर अड़चन पैदा की जा रही है। बताया जा रहा था कि सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता पद पर पदोन्नति में, पदोन्नति के साथ तबादले की शर्त भी जोड़ दी गई और इस प्रक्रिया में जान बूझकर देरी की जा रही थी। इससे उप यंत्रियों के होने वाले प्रमोशन में अनावश्यक विलम्ब हो रहा था। इस मामले में कहा जा रहा था कि एक प्रमोशन सूची तैयार होगी तब दूसरी सूची तैयार की जायेगी। इससे यह स्पष्ट था कि जब तक सहायक अभियंता पदोन्नत नहीं हो जाते तब तक उप अभियंताओं की पदोन्नति लटकी रहेगी। जबकि पात्र उप अभियंताओं की पदोन्नति भी साथ साथ होनी चाहिए थी। वहीं कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण यंत्री बनने वालों की फाइल कई तरह की अनियमितताओं की वजह से रुकी हुई बताई जा रही थी। तब यह भी शिकायत सामने आ रही थी कि मंडी बोर्ड ने विशेष कृपा दृष्टि दिखाते हुए मंडी निरीक्षकों को मंडी सचिव के पद पर आनन फानन में पदोन्नत करवा दिया। तब सवाल उठ रहा था कि जब तकनीकि शाखा के अफसरों की पदोन्नति प्रक्रिया पहले शुरु हुई थी तो उसे अधर में लटका कर मंडी निरीक्षकों को मंडी सचिव कैसे बना दिया गया? तब इस मामले में मंडी बोर्ड के प्रबंध निदेशक का कहना था कि क्रमवार तरीके से सभी पात्र लोगों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। किंतु मंडी बोर्ड के निरीक्षकों की पदोन्नति में क्रम की जगह कृपा की वजह क्या है, यह बताने कोई तैयार नहीं था। काफी किरकिरी होने के बाद मंडी बोर्ड ने पांच उप अभियंताओं को पदोन्नत तो कर दिया लेकिन उन्हें नवीन पदस्थापना नसीब नहीं हुई। जिस अफसर को पदोन्नति के पंद्रह रोज में मनचाही जगह पर पदस्थापना मिल गई, उनके बारे में बताया जा रहा है कि वे विधायक पति हैं।

जिजीविषा विशेष भर्ती अभियान के तहत फुटबॉल मैदान राजहरा में भर्ती कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

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दिनांक 16.09.2022 जिजीविषा विशेष भर्ती अभियान के तहत आज दिनांक 16.09.2022 फुटबॉल मैदान राजहरा में भर्ती कार्यक्रम का किया गया आयोजन।
 युवाओं के भविष्य निर्माण हेतु चलाएं जा रहे कार्यक्रम में सुरक्षा जवान एवं सुपरवाईजर पद के लिए विशेष भर्ती अभियान में बड़ी संख्या में नवयुवक हुए सम्मिलित।
 कल दिनांक 17.09.2022 को बटेरा मैदान लोहारा में शिक्षित युवकों को जिजीविषा विशेष भर्ती अभियान के तहत सुरक्षा जवान एवं सुपरवाईजर पद के लिए भर्ती लिया जाना है, जिसमें डौडी लोहारा, मंगचुवा, सुरेगाव, देवरी क्षेत्र के नवयुवकों को बड़ी संख्या में सम्मिलित होने हेतु किया जाता है

अपील।माननीय भूपेश बघेल मुख्यमंत्री छ.ग. शासन के मंशानुसार, कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय बालोद जितेन्द्र यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीष राठौर के मार्गदर्षन में जिजीविषा कार्यक्रम के तहत बालोद जिले के बेरोजगार शिक्षित नवयुवकों को रोजगार हेतु एस.आई. एस. सुरक्षा एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा सुरक्षा जवान 250 पद एवं सुपरवाईजर 50 पद का भर्ती लिया जाना है। आज दिनांक 16.09.2022 को फुटबाल मैदान में विशेष भर्ती कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें सुरक्षा जवान एवं सुपरवाईजर पद के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 212 नवयुवक सम्मिलित हुए जिसे योग्यता अनुरूप आज 83 अभियथियो को प्रशिक्षण हेतु चयन किया गया है जिसकी रिपोर्टिंग 10.10.22 को सुबह 10.00 बजे तक उपस्थित होने के लिए प्रशिक्षण नियुक्ति पत्र दिया गया और उसके उज्वल भविष्य की कामता की गई।

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इसी क्रम में दिनांक 17.09.2022 के सुबह 09.00 बजे से 04.00 बजे तक थाना डौण्डीलोहारा के पास मैदान बटेरा मैदान में थाना डौण्डीलोहारा, मंगचुवा, देवरी, सुरेगांव क्षेत्र के शिक्षित युवाओं का सुरक्षा जवान एवं सुपरवाईजर पद पर विशेष भर्ती अभियान आयोजित किया जाना है। सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा जिला बालोद के शिक्षित बेराजगार नवयुवको को रोजगार का सुनहरा अवसर प्रदाय किया जा रहा है। अतएव योग्यता रखने वाले उम्मीदवार अपने आवशयक दस्तावेज के साथ निर्धारित दिनांक व समय में बड़ी संख्या में उपस्थित होवें। इस कार्यक्रम में जिला एवम पुलिस प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।

विधायक चंदन कश्यप ने क्षेत्र के शिक्षकों का किया सम्मान

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भानपुरी – नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के समस्त शिक्षक – शिक्षिकाओं का नारायणपुर विधायक एवं छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम शिक्षक सम्मान समारोह में उपस्थित शिक्षक- शिक्षिकाओं को श्रीफल एवं साल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम शा.उ. मा. वि. करन्दोला (भानपुरी) के प्रांगण मे आयोजित हुआ जिसमें नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बस्तर ब्लॉक के शिक्षक- शिक्षिकाओं को विधायक ने सम्मानित किया साथ ही क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षक – शिक्षिकाओं को भी श्रीफल, साल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि हमारे गुरुओं के अनमोल मार्गदर्शन के बिना, समाज कुछ ही समय में ढह जाएगा, स्कूल को अक्सर एक छात्र के दूसरे घर के रूप में बताया जाता है और शिक्षकों को उनके माता-पिता के रूप में माना जाता है। एक बच्चे को नैतिकता, ईमानदारी, दया और नम्रता के रास्ते पर स्थापित करने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी जाती है, क्योंकि उनके जैसा कोई और बच्चों को प्रभावित नहीं कर सकता शिक्षक सम्मान समारोह उन सभी शिक्षकों की सराहना करने की मेरी एक छोटी सी कोशिश है, जो युवाओं को अपने भविष्य को खोजने में मदद करने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं. हमारे समाज का आधार हैं क्योंकि वे बच्चों के रूप में राष्ट्र के भविष्य को सही आकार देने में बड़ा योगदान देते हैं, अर्थात छात्रों को देश के आदर्श नागरिक बनने में मार्गदर्शन करते हैं। शिक्षकों का कार्यकाल जिम्मेदारी और चुनौतियों से भरी है क्योंकि प्रत्येक छात्र एक जैसा नहीं होता है, इसलिए शिक्षक को अलग-अलग छात्रों के लिए अलग-अलग शिक्षण पैटर्न अपनाना पड़ता है। शिक्षण एक सामाजिक अभ्यास है और ज्ञान से अधिक
है। एक शिक्षक अच्छा इंसान होना चाहिए जो अपने कर्तव्य की ज़िम्मेदारी को अच्छी तरह से अपने कंधों पर उठा सकता हो और उस स्थिति की संवेदनशीलता को समझ सकता हो जहां विभिन्न पृष्ठभूमि वाले छात्र सीखने के लिए एक साथ आते हैं, जहाँ पढ़ाते समय शिक्षक अपनी क्षमता के सर्वश्रेष्ठ कौशल और ज्ञान का इस्तेमाल कर सकें।
शिक्षा विभाग अंतर्गत छ०ग० शासन की उपलब्धियां :
आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना
• बंद पड़े स्कूल प्रारंभ
• शासकीय कर्मचारियों-शिक्षकों का पेशन प्रारंभ
• नवीन संकुलों का गठन कर शिक्षण व्यवस्था में सुधार किया गया है
• नवीन शिक्षकों के 14580 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, वर्तमान में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई है, जिसमें से 9 हजार पद सिर्फ बस्तर के हैं।
• स्थानांतरण नीति का सरलीकरण
साथ ही रिटायरमेंट शिक्षको का शिवराम मौर्य,ललित दामले, बी.आर. मरकाम,सी. आर.चंद्राकर,सीताराम पांडे, एच.आर. बघेल, मानिक राम कश्यप, बदरू राम कश्यप,श्रीमती शांति कर्ष,नीरा दामले समानित किया गया
इस दौरान विधायक प्रतिनिधि सालिक बघेल,श्याम दीवान धनुर्जय नेताम, निलय कश्यप,श्याम सुन्दर पांडे, महेंद्र पांडे,सावित्री यादव श्याम कुमारी ध्रुव, जया ध्रुव,भारती पांडे,अचल बाजपाई,लखेश्वर ठाकुर जीवन सेठिया, बीईओ बी आर सी,अन्य शिक्षक उपस्थित थे

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