स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल करपावंड में लॉटरी के माध्यम से विद्यार्थियों की भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न की गई । भर्ती के लिए कुल 554 आवेदन जमा हुए थे जिनमें चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 151 है । लॉटरी प्रक्रिया चंपावती कश्यप सरपंच,श्री अनोज गुप्ता उपसरपंच, श्रीमती ज्योति कश्यप जनपद पंचायत सदस्य, प्रतिमा भारती जनपद पंचायत सदस्य क्षेत्र बड़ेदेवड़ा, श्री साभो राम कश्यप अध्यक्ष शाला विकास समिति,श्री उत्तम नाईक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष क्षेत्र करपावंड, श्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता विधायक प्रतिनिधि, श्री बी.के. डोंगरे सहायक संचालक जगदलपुर , बीईओ श्री अरुण देवांगन, खरे सर, चंद्रिका देवांगन जिला शिक्षा कार्यालय जगदलपुर, श्री दयमन देवांगन, श्री सदन दास पंच, श्री अर्जुन पांडे कांग्रेस कार्यकर्ता , प्रिंसिपल श्री डी. के.कश्यप, समस्त शिक्षकगण एवम पालकगण की उपस्थिति में सम्पन्न किया गया । चयनित अभ्यर्थियों को दाखिले के लिए जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र , निवास, जाति, पिछले कक्षा के अंकसूची की छायाप्रति, स्थानांतरण प्रमाण पत्र की मूलप्रति एवम बीपीएल श्रेणी के अभ्यर्थी बीपीएल राशन कार्ड की छाया प्रति अनिवार्यतः जमा करें।
बस्तर सांसद दीपक बैज ग्राम पंचायत गुफनी में तेलगिन माता का पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की
इस दौरान बस्तर सांसद बैज ने कहा की हमे हमारी आदिवासी ग्रामीण संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए। जिस तरह से हमारी संस्कृति को हमारे पूर्वजों ने संजो कर रखा था उसको हमें निरंतर बरकरार रखना है। साथ ही सभा के दौरान सांसद बैज ने ग्रामीणों की मांग को ध्यान में रखते हुए उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया ।

इस दौरान सरपंच राम्या राम मौर्य,मंगतू बघेल,गुमान,सहदेव पुजारी,कोटवार सोनसाय बघेल, बैसाखू,रामेश्वर पांडे, लच्छू कश्यप पटेल,पुजारी रतिराम,गोपाल बघेल, रसिया कश्यप,सिरहा धनसिंग ठाकुर, सकरू, सांसद प्रतिनिधी सोसल मीडिया अनुराग महतो, जार्ज टोप्पो सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे |
दल्लीराजहरा से दुर्ग मार्ग पर माहला प्रेट्रोल पंप के पास ट्रक एवं पिकप के टक्कर से एक ड्राइवर की मौत
दल्लीराजहरा झलमला से कोहका तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 में माहला पेट्रोल पंप के के पास तेज रफ्तार ट्रक क्रमांक सीजी 07 सीए 8723 के ड्राइवर टाकेश साहू पिता अरुण साहू निवासी ग्राम खुरसूर बोरिया आईरन ओर माइन्स से माल लेकर आ रहा था जिसने पिकअप जो कि दुर्ग की ओर से फल लेकर राज रा की ओर आ रही थी रात्रि 11:30 बजे के आसपास माला पेट्रोल पंप के पास ट्रक ड्राइवर ने पिकअप को अपनी चपेट में ले लिया पिकअप ड्राइवर नरेश नागवंशी उर्फ शिवा नागवंशी निवासी ग्राम धोबीदंड की मृत्यु मौके पर ही हो गई सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि ट्रक ड्राइवर टाकेश साहू अत्यधिक नशे में था उक्त निर्माणाधीन सड़क में रात्रि कालीन समय में बड़े वाहनों की आवाजाही से धूल का गुबार ऐसा उठता है कि 10 मीटर तक कुछ भी दिखाई नहीं देता ऐसे में आम नागरिकों एवं छोटे वाहन चालकों का उस रोड से गुजर ना हो मुश्किल हो गया है निर्माण एजेंसी द्वारा नहीं सड़कों में सूचना बोर्ड लगाया गया है और ना ही नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाता है भविष्य में भी इस तरह की बड़ी दुर्घटनाएं घटने की आशंका है देखना है कि प्रशासन की नींद कब खुलती है और निर्माणाधीन एजेंसी से नागरिकों की सुरक्षा का उपाय कराया जाता है




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विश्व हिन्दू परिषद् मातृ शक्ति का प्रांतीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न
जगदलपुर: विश्व हिन्दू परिषद् मातृ शक्ति का प्रांतीय प्रशिक्षण वर्ग 02 मई से 4 मई 2022 तक बस्तर जिले के जगदलपुर स्तिथ शौन्डिक भवन परिसर में था , जो कि सफलापूर्वक संपन्न हुआ | जिसमें छत्तीसगढ़ प्रांत से 143 मातृशक्तियो ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।कार्यक्रम का प्रारंभ मां भारती श्री राम दरबार के छायाचित्र में पूजा अर्चना क्षेत्रीय संयोजिका सुनीता गर्ग दीदी , प्रांत उपाध्यक्ष रामचरण कोर्राम प्रांत मंत्री विभूति पांडे , प्रांतसंगठन मंत्री जितेन्द्र वर्मा , प्रांत संयोजिका सरिता यादव के द्वारा किया गया।
सत्र प्रारंभ में मुख्य वक्ता सुनीता गर्ग जी के द्वारा अध्यात्म ही मातृत्व विषय पर प्रबोधन दिया गया। साय कालीन सत्र में समता खेलों एवं सत्संग का आयोजन किया गया तत्पश्चात रात्रि कालीन सत्र में मनोरंजन सत्र पश्चात दीप निर्माण किया गया
प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में प्रातः जागरण योग शिक्षा व्यायाम प्राणायाम के साथ प्रारंभ हुआ |प्रथम सत्र में वर्ग गीत का अभ्यास कराया गया । द्वितीय सत्र में दुर्ग से डॉ मानसी गुलाटी जी के द्वारा स्त्री विमर्श विषय पर प्रबोधन दिया जिसमें उन्होंने मातृशक्ति के भ्रूण अवस्था से लेकर प्रौढ़ावस्था तक आनेवाली परिवर्तनों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया , बच्चों में संस्कार का निर्माण भ्रूण अवस्था से दिया जाना चाहिए जिसमें उन्होंने महाभारत के अभिमन्यु के चक्रव्यूह में प्रवेश की नीति को लेकर बताया। प्रत्येक सफल पुरुष के पीछे उनकी माता का आशीर्वाद होता है , चाहे रामजी हो या शिवाजी उनकी माता भी श्रेष्ठ थी। प्रत्येक माता का दायित्व होता है कि वे अपने बच्चों को संस्कारवान बनाए।
द्वितीय सत्र में कुटुंब प्रबोधन विषय पर कुवर राजबहादुर सिंह राणा जी के अपने विचार प्रकट किए जो बहुतों की प्रेरणा दायी थी हमारा संस्कार , आचार -विचार मानवता के ओतप्रोत है हम वसुदेव कुटुम्बकम पर विश्वास करने वाले है । सायंकालीन सत्र में खेल एवम् सत्संग का आयोजन किया गया।
तृतीय दिवस प्रथम सत्र आध्यात्म ही मातृत्व विषय पर प्रेमलता बिसेन प्रांत उपाध्यक्ष विहिप के द्वारा उद्बोधन दिया गया।
द्वितीय सत्र चर्चा सत्र संगठन एवम् कार्यकर्ता निर्माण विषय पर श्रीमती सरिता यादव प्रांत संयोजिका मातृशक्ति के द्वारा प्रशिक्षणार्थियों के साथ चर्चा किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य छत्तीसगढ़ प्रांत में स्थित मातृशक्तियो में प्रबल कार्यकर्ता निर्माण , संस्कार, आध्यात्म , अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का निर्माण करना जिससे परिवार एवं समाज मे धार्मिकता एवं राष्ट्रीयता की भावनाएं प्रसारित हो सकेl
मातृशक्ति पर समाज के उत्थान का दायित्व:सरिता यादव
प्रशिक्षण में आने वाली बहनों का उनके द्वारा किये गए प्रशिक्षण में कुशलता से भाग लेने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया |
मातृशक्ति प्रांत अध्यक्ष श्रीमती सरिता यादव जी ने बताया कि व्यक्ति निर्माण से लेकर विश्व निर्माण तक महिलाओं के महत्व और भूमिका को हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं I परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है I परिवार संयुक्त हो या एकाकी उसकी आन्तरिक रीति – नीति, सामाजिक व्यवहार और उसकी जीवन पद्धति का स्वरुप उस परिवार की प्रमुख महिला के संस्कारों से ही प्रतिबिम्बित और निर्मित होता है I परिवार के छोटे से बड़े तक को संस्कारों से परिष्कृत करने का प्रत्यक्ष और परोक्ष दायित्व परिवार की प्रमुख नारी शक्ति पर आ पड़ता है I इतिहास इस सत्य का सबसे बड़ा साक्षी है कि विश्व के महान से महान चरित्रवान व्यक्तियों के चरित्र को गढ़ने ,बनाने में उस परिवार की माताओं का सबसे बड़ा हाथ रहा है I चाहे वह महाराजा शिवाजी रहें हों या लाल बहादुर शास्त्री और चाहे वह लाला लाजपत राय रहें हों या ईश्वरचन्द्र वि द्यासागर – उन सबके चरित्रों को उनकी माताओं के चरित्रों की द्रढ़ता, निष्ठा, संकल्प और लक्ष्य-सिद्धि के संस्कारों ने ही महान उपलब्धियों की ओर प्रेरित किया था I
मातृशक्ति सेवा की जीवंत प्रतिमा है उसके ममत्व का कभी अंत नहीं होता I उसके पास सबके कल्याण की कामना है वह किसी का अहित नहीं सोचती I स्वयं उसका व्यक्तिगत स्वार्थ परिवार में नगण्य हो जाता है और अपने व्यक्तिगत सुख और स्वार्थ की भावना को त्याग कर जो पूरे परिवार के मंगल और हित के लिए नि:स्वार्थ भाव से समर्पित है उस माता का चरित्र “सर्वजनहिताय” एक आदर्श चरित्र हैI मातृशक्ति का भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च महत्व है। जीवन का प्रवाह, हमारी प्राणशक्ति का स्रोत मातृशक्ति ही है। ब्रह्मांड के हर तत्व में निहित व हर तत्व की सृजनकर्ता मातृशक्ति ही है। इसलिए हिंदू धर्म के अनुसार मातृशक्ति को सच्चिदानंदमय ब्रह्मस्वरूप भी कहा गया है।
प्रांत संयोजिका मातृशक्ति सरिता यादव ने कहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ , विश्व हिन्दू परिषद् के सभी आयाम ,शौडिंक समाज व सभी समाज के कार्यकर्ता पदाधिकारियों का सहृदय आभार प्रकट करती हूं जिन्होने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस कार्यक्रम को सफल बनाने सहयोग किया।और यह भी कहा यह प्रशिक्षण अब समस्त विभाग व जिलों में होगा ताकि मातृशक्ति और भी सशक्त व राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके ।
ग्राम बाबूसेमरा के गंगादेई मात मंडई में शामिल हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन
विधि विधान से पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ बस्तर के सुख शांति समृद्धि की कामना की
विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव (नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग) रेखचंद जैन ने ग्राम पंचायत बाबू सेमरा के मां गंगादेई माता मंडई में शामिल हुए एवं विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ बस्तर के सुख शांति समृद्धि की कामना की |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी बस्तर की आस्था के केंद्र माता गुड़ियों के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं इस हेतु मांग अनूरूप बस्तर आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मद से राशि स्वीकृत की जा रही है आज माता के आशिर्वाद से बस्तर में वामपंथ हिंसा पर काबू पाकर पुनः विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है हमारी सरकार बनने के बाद से आदिम संस्कृति एवं मान्यताओं को संरक्षित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है माता के आशिर्वाद से आज बस्तर कोरोनावायरस संक्रमण जैसी महामारी से निजात पाने में सफल हो गया है पिछले दो वर्षों से कोरोनावायरस संक्रमण के कारण मेला मंडई का आयोजन वृहद स्तर पर नहीं हो पाया था पर इस वर्ष यह आयोजन वृहद स्तर पर हो रहा है माता गंगादेई से कामना है की कोरोना यदि अगले वर्ष तक खत्म हो जाएगा तो इस मेले मंडई को और वृहद स्तर पर आयोजित किया जाएगा |
इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ जनपद सदस्य श्रीमती इंदिरा राव, वरिष्ठ नेता सूर्य नारायण राव, सरपंच ऊषा नाग,उप सरपंच गोपाल,चैतराम नागवंशी, महेन्द्र नागवंशी, पुजारी जयराम, रामनाथ,लैखन,सिरहा पतिराम,बन सिंह,चैतमन,घनोराम ,शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हेमू उपाध्याय,इंटक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विजय सिंह इंटक जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह भदौरिया सचिव राधा नाग समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे |
गिरदालपारा के किसानों में आए बदलाव की बयार देख कमिश्नर धावड़े ने जताई खुशी
जगदलपुर, 06 मई 2022/ जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर पर मलगेर नदी पर बने गिरदालपारा परियोजना का लाभ ले रहे किसानों मंे आए बदलाव की बयार देखकर कमिश्नर श्याम धावड़े ने खुशी जताई। गुरुवार को सुकमा जिले के प्रवास पर पहुंचे कमिश्नर ने गिरदालपारा परियोजना का अवलोकन किया और स्थानीय किसानों के साथ बातचीत की। इस दौरान कलेक्टर विनीत नंदनवार भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान इस परियोजना से खुश किसानों ने बताया कि उन्हें कभी भी इस बात की आस नही थी कि वे अपनी भूमि पर दोहरी फसल लेकर अतिरिक्त आय का लाभ कमा पाएंगे। पहले सिंचाई सुविधा सुदृढ़ नही थी जिसके कारण वे सीमित क्षेत्र मात्र में अपनी फसल लगा पाते थे। बरसात में भी फसल अच्छी नही होती थी, किंतु इस लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम की बदौलत अब अधिक रकबे में सिंचाई कर टमाटर, मिर्च आदि की फसल से लाभ कमा रहे हैं। किसानों ने कहा कि इस परियोजना से उनके जीवन में बदलाव की बयार आई है। जिन कृषकों ने कभी सोचा नहीं था की से धान के अलावा भी अन्य फसल से लाभ ले पायेंगे, आज कलेक्टर सहित जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग के प्रयासों से हम ग्रामीणों को कृषि में रुझान बढ़ा है और अपने खेतों में मूंग, मक्का, टमाटर, बैंगन, मिर्च आदि की अच्छी पैदावार ले रहे हैं।
किसानों ने बताया कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी के वे अपने खेत पर कृषि कार्य कर पाएंगे। क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था नहीं होने के कारण घर चलाने के लिए पड़ोसी राज्यों में जाकर रोजी-मजदूरी, ड्राईवरी का काम करते थे, जिसमें नाम मात्र आय ही अर्जित होती थी, जिससे परिवार चलाना मुश्किल था। बरसात के सहारे धान की फसल लेते थे, जो घर परिवार मात्र को ही पूरता था। गिरदालपारा परियोजना से हम कृषकों को सुविधा मिली और लगभग हर दूसरे दिन अधिकारियों ने आकर गांव के सभी किसानों को खेती के लिए प्रोत्साहित किया। इसी का परिणाम है कि गांव के सभी किसान इस परिययोजना का लाभ लेने को आतुर हुए और लगभग 80 एकड़ में खेती कर रहे हैं। सिंचाई सुविधा सुदृढ़ हो जाने से अब हम धान की बेहतर पैदावार के साथ ही अन्य फसल, साग सब्जियों से भी लाभ कमा पाएंगे।
कृषकों को सिंचाई सुविधा में विकास और विस्तार मिला है, प्रशासन के नवाचारी पहल से गिरदालपारा लिफ्ट इरिगेशन परियोजना इस का सशक्त उदाहरण है, जहां बिना किसी ईंधन के उपयोग मात्र पानी की गतिज उर्जा से ही क्षेत्र के कृषकों के खेत तक सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। जिससे कृषकों के जीवन के खुशहाली साफ नजर आती है। कृषकों ने इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री, कलेक्टर सहित सभी संबंधित विभागों को सहृदय धन्यवाद दिया है।
बिना ईंधन 24 घंटे पानी की उपलब्धता
मलंगेर नदी पर बने इस परियोजना की खासियत यह है टर्बाइन, जिसके मदद से पानी को पम्प करके नदी की सतह से 22 मीटर ऊंचे स्थान पर उठाया जाता हैं, उसमें किसी भी प्रकार के ईंधन जैसे पेट्रोल, डीजल, मिट्टी तेल या बिजली का उपयोग नहीं किया जाता। लगभग 1.5 किलोमीटर दूर 25×25 मीटर टंकी, जिसकी गहराई 1.20 मीटर की है में पानी स्टोर किया जाता है और यहां से छोटी नहरों की सहायता से पूरे 80 एकड़ भूमि को सिंचित किया जाता है।
दुब्बाटोटा मत्स्य हेचरी के कायाकल्प पर कमिश्नर धावड़े ने जताई खुशी
जगदलपुर, 06 मई 2022/ दुब्बाटोटा में नक्सलियों द्वारा ध्वस्त मत्स्य हेचरी के कायाकल्प पर कमिश्नर श्याम धावड़े ने प्रसन्नता जताई। गुरुवार को सुकमा प्रवास के दौरान कमिश्नर धावड़े ने कोंटा मार्ग में स्थित ग्राम दुब्बाटोटा स्थित मत्स्य हेचरी का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर विनीत नंदनवार भी मौजूद थे।
कमिश्नर धावड़े ने कहा कि दुब्बाटोटा में मत्स्य हेचरी के नवनिर्माण से आसपास के ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ ही जिले के मछलीपालकों को आसानी से मछली बीज भी मिलेगी और मछली बीज के लिए इनकी निर्भरता अन्य राज्यो पर नहीं रहेगी। उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को आधुनिक तकनिकों का उपयोग कर मत्स्य पालन के लिए जागरूक किसानों को जोड़कर अधिक से अधिक लाभ देने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि दुब्बोटोटा स्थित मत्स्य प्रसंस्करण केन्द्र स्थानीय ग्रामीणों और मछली पालकों के लिए आय का एक प्रमुख स्त्रोत था। नक्सल गतिविधियों के कारण वर्ष 2006 में मत्स्य उत्पादन का यह केंद्र पूर्णतः बंद हो गया। जिले में 1990 के आसपास दुब्बाटोटा में निर्मित मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में मत्स्य उत्पादन, मत्स्य बीज उत्पादन का कार्य प्रारंभ था। अंदरूनी गांव होने के कारण सलवा जुडूम का प्रभाव दुब्बाटोटा पर भी रहा और मत्स्य प्रसंस्करण का कार्य बंद करना पड़ा। समय का चक्का चला और शासन-प्रसाशन के प्रयास से एक बार फिर से यहाँ के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव तेज हुआ। आदिवासी अंचलों का विकास और उनके निवासियों को आर्थिक संवर्धन प्रदान करना शासन की प्राथमिकता है, और इसी का नतीजा है की इतने लंबे समय से बंद पड़े मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का जीर्णोधार किया गया। आज मत्स्य हेचरी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, और जल्द ही यहां मत्स्य उत्पादन भी प्रारंभ कर लिया जाएगा।
मत्स्य पालन में जिला होगा आत्म निर्भर, ग्रामीणों को आर्थिक स्थिति होगी मजबूत
दुब्बाटोटा में मत्स्य हेचरी शुरू होने पर यहां के ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें इससे रोजगार मिलेगा। अब तक मछली उतपादन हेतु बीज के लिए सीमावर्ती राज्य ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलांगना पर निर्भर रहना पड़ता था। मत्स्य हेचरी से क्षेत्र के मत्स्य पालकों को जीविकोपार्जन का साधन तो सशक्त होगा ही साथ ही मछली बीज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता पूर्ण रूप से बंद हो जाएगी। जिले भर में मत्स्य हेचरी से बीज लेकर ग्रामीण मछलियों का उत्पादन करेंगे और इसका क्रय-विक्रय होने पर ग्रामीण आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। जिलेवासियों को स्थानीय स्तर पर ही ताजी मछलियां उपलब्ध होंगी। प्रसंस्करण केंद्र के पुनः प्रारंभ होने से मत्स्य बीज उत्पादन हेतु सुकमा पूर्णतः आत्मनिर्भर हो जायेगा। इसके साथ ही बच्चों में कुपोषण को दूर करने में भी यह सहायक सिद्ध होगा और जिले में सुपोषण अभियान को गति मिलेगी।
दुब्बाटोटा में मत्स्य हेचरी का पुनः निर्माण शुरू होने से यहां के ग्रामीणों में खुशी की लहर है। गाँव के बुजुर्गों का कहना हैं कि पुराने दिन वापिस लौट रहें हैं ऐसा महसूस हो रहा हैं। एक समय था जब यहां के मछली बीज दूसरे इलाकों में पहुँचते थे, अच्छी आमदनी उन्हें होती थी। फिर सब कुछ बदल गया और यहां का मछली बीज का व्यापार बन्द हो गया। उनमें से किसी को यह विश्वास नहीं था कि यह सब कुछ वापिस से लौटकर आएगा। लेकिन शासन-प्रशासन के प्रयासों से अब उन्हें बेहद खुशी हैं कि पुराने अच्छे दिन लौटकर आ रहें हैं। दुब्बोेटोटा के ग्रामीणों के लिए मत्स्य प्रसंस्करण केन्द्र ना सिर्फ आय का साधन रहा, बल्कि उनकी जीवनशैली थी, जिसे प्रशासन ने उन्हें वापस लौटा दिया है। मत्स्य प्रसंस्करण केन्द्र के पुनः संचालन से क्षेत्र के सैकड़ांे मत्स्य पालकों को आजीविका का साधन उपलब्ध होगा। इस प्रसंस्करण केन्द्र में एक करोड़ स्पान, 40 लाख स्टैंडर्ड फ्राई का उत्पादन वार्षिक दर पर किया जाएगा जिससे मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी।
कमिश्नर ने की मातागुड़ी के सुंदरता की प्रशंसा
कमिश्नर श्री धावड़े ने दुब्बाटोटा में धानी माता के गुड़ी का अवलोकन भी इस अवसर पर किया। उन्होंने माता गुड़ी के सुंदरता की प्रशंसा की और आसपास के पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने पेड़ पौधों के आसपास चबतुरों के निर्माण के संबंध में भी निर्देश दिए। सुकमा जिले में लगभग 300 देवगुड़ी-देवस्थल और मृतक स्थल का विकास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की परंपरा को निभाते हुए लौह नगरी में भी धूमधाम से किया गया पुतरा – पुतरी का विवाह
बैंड बाजे के साथ निकली गुड्डे की बारात
किरंदुल के श्रृंगारपुर कैम्प में हुआ शादी समारोह
किरंदुल – लौह नगरी किरंदुल के श्रृंगारपुर कैम्प में अक्ति त्यौहार के पावन अवसर पर गुड्डा संग गुड़िया का विवाह पूरे विधि विधान के साथ संपन्न हुआ। सर्वप्रथम किरंदुल पालिका की वार्ड नं 15 की पार्षद ईला पटेल के निवास से गुड्डे की बारात बैंड बाजे के साथ निकाली गई। वधु पक्ष के दरवाजे पर गुड़िया के घर वालों ने बारातियों का स्वागत किया। तत्पश्चात सात फेरों के साथ गुड्डे संग गुड़िया का विवाह संपन्न हुआ। विदित हो कि अक्षय तृतीया या आख तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं । पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं उनका अक्षय फल मिलता है ।उल्लेखनीय है कि अक्ति त्यौहार को पुतरा पुतरी की भी शादी करवाने की परंपरा है ।दरअसल छत्तीसगढ़ राज्य में मंगलवार को गांव से लेकर शहर तक अक्ति पर्व का रंग दिखाई दे रहा है । मांगलिक कार्यों के अलावा किसान भाइयों के द्वारा अक्ति त्यौहार को माटी पूजन दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। महामाया मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित मनोज शुक्ला ने पहले अक्ति त्यौहार की मान्यता को लेकर बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में किसान अपने भरण पोषण और जीवन यापन के लिए अन्न को केवल वस्तु नही मानते बल्कि अन्न माता के रूप में उसकी पूजा अर्चना करते हैं । किरंदुल नगरी में रात भर चली गुड्डे संग गुड़िया की शादी में पार्षद ईला पटेल, रामादिन पटेल, शिव कुमार बारले,भास्कर भारती, रमेश देशमुख सहित श्रृंगारपुर कैम्प के सभी रहवासी उपस्थित रहे ।
महिला बाल विकास मंत्री ने बस्तर में आंगनबाड़ियों का किया औचक निरीक्षण
अव्यवस्था पाए जाने पर सुपरवाइजर और समूह पर कार्रवाई के दिए निर्देश
जगदलपुर, 06 मई 2022/ महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर हैं। प्रवास के दूसरे दिन मंत्री भेंड़िया ने बस्तर जिले के आंगनबाड़ियों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनबाड़ियों का अवलोकन कर सरकार की योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन का जायजा लिया। भेंड़िया ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मंत्री भेंड़िया ने विकासखंड लोहण्डीगुड़ा टाकरागुड़ा आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था पाए जाने पर सुपरवाइजर को तत्काल सस्पेंड करने और समूह को नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा है कि अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा शासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही होने पर संबंधितों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री भेंड़िया विकासखण्ड तोकापाल के आंगनबाड़ी केंद्र करंजी भी पहुंची और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां बच्चो को अपने हाथों से रेडी टू ईट खिलाया और अपनी मौजूदगी में बच्चों का वजन नाप करवाकर उनका पोषण स्तर देखा। भेंड़िया ने स्वच्छता पर जोर देते हुए महिलाओं और बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के स्थान और स्टोर की साफ सफाई का जायजा लिया। इसके साथ ही भेंड़िया ने ग्राम पंचायत बास्तानार के आयतुपारा आंगनबाड़ी केन्द्र का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और अन्य अव्यवस्थाओं को देखते हुए श्रीमती भेंड़िया ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्रीमती दिव्या मिश्रा सहित संचालनालय के अधिकारीगण भी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि मंत्री भेंड़िया के दौरे के पहले विभागीय संचालनालय के दो-दो अधिकारी बस्तर क्षेत्र के जिलों में मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेने पहुंचे हैं। ये अधिकारी मैदानी क्षेत्रों में वस्तुस्थिति के आंकलन की रिपोर्टिंग मंत्री भेंड़िया को करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास मंत्री योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश देंगी।
प्रभारी मंत्री कवासी लखमा बस्तर संभाग के द्वारा जिला स्तर में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक रखा गया
कवासी लखमा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्यक कर आबकारी वाणिज्य उद्योग एवं प्रभारी मंत्री बस्तर संभाग के द्वारा जिला स्तर में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक जगदलपुर प्रेरणाहाल कलेक्ट्रेट में रखा गया है |
इस दौरान बस्तर विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, जगदलपुर विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन जी, नारायणपुर विधायक एवं अध्यक्ष हस्तशिल्प विकास बोर्ड चंदन कश्यप, अक्षय ऊर्जा विकास बोर्ड अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार जी, जगदलपुर महापौर श्रीमती सफिरा साहू, ग्रामीण जिला अध्यक्ष बलराम मौर्य, जानकी राम सेठिया, जेल संदर्शक सदस्य दिनेश यदु, धर्मा पाढ़ी , राजेश कुमार, कलेक्टर बस्तर रजत बंशल, बस्तर एसपी अभिषेक मीणा, जीएसटी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अधिकारी गण मौजूद रहे |


