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चार नये श्रम कानूनों के खिलाफ लौह अयस्क खदानों में हुई जबरदस्त हडताल

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केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जा रहे चार श्रम कानूनों के विरोध में पूरे देश हुई राष्ट्रव्यापी हडताल के साथ दल्लीराजहरा की लौह अयस्क खदानों में भी कल 12 फरवरी को सीटू के नेतृत्व में जबरदस्त हडताल हुई । दल्ली राजहरा में सात यूनियन होने के बावजूद सिर्फ सीटू ने ही इस हडताल का बीडा उठाया। अन्य सभी यूनियनों ने हडताल से किनारा कर लिया। यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर हडताल में शामिल इंटक, व एटक यूनियन ने भी हडताल का समर्थन नहीं किया । फिर भी सीटू ने अकेले ही खदान के सभी श्रमिकों के बीच जाकर इस हडताल के महत्व का जमकर प्रचार किया । नये श्रम कानूनों के मजदूर विरोधी प्रावधानों से सबको अवगत कराते हुए हडताल पर रहने की अपील की, जिसका अच्छा प्रतिसाद मिला, और खदान के बहुत से मजदूर कामबंद हडताल में शामिल रहे।जिससे खदानों मे उत्पादन प्रभावित हुआ।

सुबह 5 बजे से ही सीटू के साथियों ने मोर्चा संभालते हुए सभी खदानों में नाका बंदी कर दी। हर खदान का गेट एक धरना स्थल बना दिया गया था। इस माहौल से प्रभावित श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकांश श्रमिक ड्यूटी पर नहीं गये। लौह अयस्क समूह की राजहरा खदान में लगभग 60% उत्खनन कार्य नहीं हो सका।महामाया, डुलकी, और कलवर नागुर खदानों में 7 घंटे तक बिल्कुल उत्पादन नहीं हुआ। इसी तरह दल्ली खदान के उत्पादन में भी कमी रिकार्ड की गई। इसके साथ ही उत्पादन में सहायक मेंटेनेंस, केंटीन, सुरक्षा गार्ड, इत्यादि सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी दौरान सुबह 11बजे हडताली साथियों ने पूरे शहर में बाइक रैली निकाली। इस रैली मे नये श्रम कानूनों रद्द करने के नारों से शहर गूंज उठा।

हडताल के साथ ही शाम 4 बजे माइंस आफिस के सामने विशाल आमसभा का आयोजन भी किया गया। इस आम सभा को सबोधित करते हुए सीटू अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि- आज की हडताल पिछली सभी हडतालों से बिल्कुल अलग है।आज की हडताल में हम वेतन भत्ता बढाने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्षों पहले अपने संघर्षों से हासिल किए श्रमिक अधिकारों, को नये लेबर कोड के जरिये समाप्त किये जाने के खिलाफ हम आज सडकों पर हैं। मजदूरों के पुराने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 21 नवम्बर 2025 को अधिसूचित किए गए चार लेबर कोड पूरी तरह मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। इन कानूनों को बनाते समय , मजदूर प्रतिनिधियों से कोई चर्चा व विमर्श नहीं किया गया। केवल मालिक वर्ग के मुनाफे को बढाने के लिए मजदूरों के शोषण की खुली छूट इस कानून में दे दी गई है। जिसे एक लोकतांत्रिक व सभ्य समाज कभी स्वीकार नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा की मजदूर हितों की रक्षा के लिए बनाए गए कानून को न केवल कमजोर किया गया है, बल्कि हित रक्षक श्रमिक संगठनों को सीमित और समाप्त किए जाने का षड्यंत्र भी इस कानून में छुपा हुआ है। इसी तरह अपनी मांगों पर हड़ताल जैसे हथियार के इस्तेमाल पर भी लगभग पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है । मजदूरों के शोषण के लिए काम के घंटे को बढ़कर 12 घंटे तक कर दिया गया है। 300 तक मजदूर वाले खदानों कारखानों व संस्थानों में छटनी व तालाबंदी की खुली छूट मालिकों को दे दी गई है। इसी तरह से रात्रि पाली में महिलाओं की ड्यूटी लगाने की स्वतंत्रता मालिकों के हाथ में होगी , जिससे महिलाओं के जीवन के लिए खतरा और बढ़ जाएगा । सरकार इन कानूनों का अपनी भोंपू मीडिया से बेहद जोर-जोर से प्रचार कर यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि ये श्रमिक जगत में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है और श्रमिकों के लाभकारी है। जबकि इन कानूनों का गहराई से अध्ययन करने पर पता चलता है, कि वास्तव में ये लेबर कोड मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज है । जिसे लागू कर देने के बाद देश का मजदूर वर्ग सरकार, प्रबंधन, ठेकेदार,और कारखाना मालिकों का गुलाम बनकर रह जाएगा। अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कोई आवाज नहीं उठा पाएगा । ये कानून बिलकुल वैसे ही हैं, जैसे देश के किसानों के लिए सरकार तीन काले कानून लेकर आई थी ,जिन्हें किसानों ने कभी नहीं मांगा था ।

अब सरकार मजदूरों के लिए भी उसी तरह लेबर कोड लेकर आयी है। जिसे मजदूरों ने कभी नहीं मांगा है। ये कानून मालिकों की मांग पर बनाए गए हैं और मालिकों के हित साधने के लिए ही बनाए गए हैं । इसलिए ऐसे कानून का मजदूर वर्ग पुरजोर विरोध कर रहा है, और आज देश के 30 करोड़ मजदूर, किसान मोर्चा के समर्थन से हड़ताल में है। हम हर हाल में सरकार को पीछे ढकेलेगें और वर्षों पहले कुर्बानियों से हासिल किए गए अधिकारों में कटौती नहीं करने देंगे। उन्होंने बताया कि दुनिया के पूँजीवादी संकट में उलझे हमारे देश के उद्योगपतियों, कारखाना मालिको का मुनाफा कम हो रहा है। जिसकी भरपाई सरकार मजदूरों के पसीने को बंधक बनाकर करना चाहती है। जो हम कभी नहीं होने देंगे।जरूरत पडी तो आगे और बडे व लंबे संघर्ष के लिए देश का मेहनतकश वर्ग तैयार है। यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा किआज की हडताल किसी एक यूनियन की हडताल नहीं है बल्कि हर मजदूर के लिए स्वयं को और मजदूरों की अगली पीढ़ी को बचाने की लडाई है। पूंजीपति लोग करोड़ों रुपए इन्हें चुनाव में जीतने के लिए चंदा देते हैं । इसलिए सरकारें पूजीपतियों के फायदे के लिए ऐसे कानून ला रही है कि मजदूर, मालिकों के सामने खडा ही न हो पाए। इसीलिए इस कानून में हडताल करने वाले यूनियन नेताओं को जेल भेजने और उन पर जुर्माना लगाने का कडा प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि पिछले 10 -12 सालों में देश के पूजीपतियों का मुनाफा 100 गुना तक बढ गया है।लेकिन मजदूर वर्ग अपनी पूरी मजदूरी पाने के लिए अब भी संघर्ष कर रहा है। वर्तमान केंद्र सरकार आम जनता की सरकार नहीं है, ये पूंजीपतियों की सरकार है। इसलिए अपने पूजीपति मित्रों को देश की खनिज संपदा, जल जंगल, जमीन,और सभी संसाधन लुटा रही है। छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल की कटाई और अब बस्तर को अडानी के हवाले करने की तैयारी इस बात का सबूत हैं। हम वर्षों से ऐसी ताकतों से लडते आये हैं , आज भी लड रहे हैं,और कल भी लडेंगे, लेकिन मजदूरों पर गुलामी नहीं थोपने देंगे।यूनियन के सचिव कामरेड पुरुषोत्तम सिमैंया ने कहा कि आज की हड़ताल कितनी सफल हुई है यह हमारे अन्य मजदूर साथी देख रहे हैं । सीटू के साथी कितनी ईमानदारी के साथ हमारा रोजगार और हमारे अधिकार बचाने के लिए लड़ रहे हैं, । आज उन्होंने अपना एक दिन की वेतन भी हमारे अधिकार की रक्षा के लिए कुर्बान कर दिया । देश के 30 करोड़ मजदूर सरकार से लेबर कोड को रद्द करने की गुहार लगा रहे हैं । दल्ली राजहरा के तमाम श्रमिक वर्ग ने सहयोग दिया और इस हड़ताल में अभूतपूर्व सफलता मिली है जिसके लिए मै सबको धन्यवाद देता हूँ। यदि दल्लीराजहरा की अन्य यूनियनें भी देश के 30 करोड़ मजदूरों के साथ अपने हिस्से की लड़ाई लड़ते, तो दल्ली राजहरा में फिर एक बार इतिहास बन जाता, जिसके लिए दल्लीराजहरा जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सीटू के साथियों ने बेहद गंभीरता और बहादुरी के साथ यहां के मजदूरों की लड़ाई लडी है।आगे स्थानीय मांगों पर भी हमें इसी जज्बे के साथ संघर्ष में उतरना है।ज्ञानेन्द्र सिंह अध्यक्षसीटू राजहरा।आज केंद्र सरकार द्वारा लागू किये जा रहे चार श्रम कानून के विरोध में दल्ली राजहरा के मजदूर संगठनो में सिर्फ सीटू द्वारा की गई एक दिवसीय हड़ताल ने कई मायने में यह साबित कर दिया है कि वास्तव में मजदूरों के हक और अधिकार के लिए लड़ने वाला कौन संगठन है। आज मजदूर वर्ग को इस विषय पर विचार करना होगा । श्रम कानून यदि केंद्र सरकार लागू करने में सफल हो जाता है तो मजदूर वर्ग फिर से गुलाम जैसे काम करने पर मजबूर हो जाएंग। साथियों लड़ाई से यह कहकर पीछे हट जाना की यह केन्द्र का मुद्दा है सही नहीं है क्योंकि इन तमाम मुद्दों का असर सीधा श्रमिक वर्ग पर ही पड़ता है। इसलिए आज की हड़ताल अपने अधिकारों को बचाने की लड़ाई है जो श्रमिकों ने अनेकों संघर्षो और कुर्बानियों के बाद पाये है। हर एक अधिकार के लिये श्रमिक वर्ग को लड़ना पड़ा है। अतः आज इस हड़ताल के माध्यम से हम अपना विरोध दर्ज कर सरकार से यह मांग करते हैं कि चारों श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए और 29 श्रम कानूनों को बहाल करें।

आरएएमपी योजना अंतर्गत बालोद जिले में 3 दिवसीय फूड प्रोसेसिंग सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि रहे मंजू बैंस

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बालोद 10–12 फरवरी 2026केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आरएएमपी (रेसिंग एंड एसिलेरेटिंग एमएसएम पेरफॉर्मांस) योजना के अंतर्गत बालोद जिले के सखी महिला समूह, कुसुमकसा क्लस्टर में 10 से 12 फरवरी 2026 तक 3 दिवसीय फूड प्रोसेसिंग सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पॉजिटिव मंत्रा कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनर ऋषि सेन, तोशी वैष्णव एवं फूड इंजीनियर इंदु द्वारा प्रतिभागियों को फूड प्रोसेसिंग से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन तथा बाजार में उत्पाद की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।

इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमति वेद बाई पिसदा जनपद सदस्य श्रीमति मंजू बैस एवं बिहान से श्रीमति तेजकुमारी लेखपाल, कविता रामटेके, हेमीन बाई, मगली बाई आमय बाई और पॉजिटिव मंत्रा आपरेटर सुश्री देविका साहू की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण में कुल 30 स्वयं सहायता समूह, सदस्य, जो फूड प्रोसेसिंग एवं एमएफपी (लघु वनोपज) से जुड़े कार्यों में संलग्न हैं, ने भाग लिया।प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, बेहतर पैकेजिंग करने तथा बाजार में अधिक लाभ प्राप्त करने की दिशा में नई जानकारी मिली है।

सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का 13 फरवरी को होगा भव्य शुभ आरंभ

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जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी जलाशय में हो रहा आयोजन

बालोद, 12 फरवरी 2026 सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का 13 फरवरी को भव्य शुभारंभ होगा। बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय के मनोरम पर्यटन स्थल में 13 से 15 फरवरी तक सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बैंबू राफ्टिंग, फ्लोटिंग बलून, हाॅट एयर बलून, बोटिंग, एडवेंचर एक्टिविटी, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय व्यंजन, बच्चों के लिए मनोरंजन, युवाओं के लिए एडवेंचर आदि गतिविधियां की जाएगी। जिला प्रशासन बालोद द्वारा आयोजित यह इको एडवेंचर फेस्ट स्थानीय महिलाओं को सशक्त बनाने, रोजगार तथा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल है।

बालोद में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम के अवसर पर 163 जोड़ों का कराया गया विवाह संपन्न

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मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने नवदंपत्तियों की खुशहाल एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंजिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अतिथियों ने वर-वधुओं के बीच पहुँचकर दिया उन्हें आशीर्वाद बालोद, 10 फरवरी 2026 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित पोहा मिल में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम के अवसर पर बालोद जिले के कुल 163 जोड़े वर-वधुओं का विधिवत् रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद सहित आज प्रदेश भर में आयोजित सामूहिक विवाह में वर्चुअली रूप से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री ने आज पूरे प्रदेश भर में बड़ी संख्या में वर-वधुओं के परिणय सूत्र में बंधने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधने वाले सभी वर-वधुओं के खुशहाल एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इसी तरह आज जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित पोहा मिल में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती चुन्नी मानकर, जनपद पंचायत बालोद के महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती भूनेश्वरी चंद्राकर सहित अन्य अतिथियों ने भी सभी नवदंपत्तियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से उनके सफल, सुखद एवं खुशहाल जीवन की मंगल कामना की। इस अवसर पर अतिथियों ने आज परिणय सूत्र में बंधने वाले नवदंपत्तियों के बीच पहुँचकर अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। इस अवसर पर अतिथियों के द्वारा वधुओं को मंगलसूत्र एवं बिछिया भी भेंट किया गया। कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए सामूहिक कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज पूरे प्रदेश के बड़ी संख्या में वर-वधुओं के परिणय सूत्र में बंधने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

साय ने कहा कि आज पूरे प्रदेश भर में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से कुल 06 हजार 414 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधकर अपने नवजीवन की शुरूआत कर रहे हैं। उन्होंने आज के दिन को सभी वर-वधुओं के साथ-साथ उनके परिजनों के लिए भी अत्यंत शुभ एवं मंगलमय दिवस बताते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साय ने कहा कि आज से कुछ साल पहले तक गरीब परिवार के माता, पिता एवं उनके परिजनों के लिए बेटी का शादी कर उनका घर बसाना सबसे बड़ा चिंतनीय एवं कठिन कार्य होता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. रमन सिंह द्वारा अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरूआत कर समाज के गरीब एवं वंचित वर्ग के लोगों के बेेटे-बेटियों को परिणय सूत्र में बांधने का पुनीत कार्य किया गया है। इसके लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह को हृदय से धन्यवाद भी ज्ञापित किया गया। साय ने कहा कि जब प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरूआत की गई थी उस समय नवविवाहित दंपत्ति को केवल 05 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती थी परंतु आज इस राशि को बढ़ाकर 35 हजार रूपये कर दी गई है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़कर नवविवाहित दंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा में आयोजित जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी नवदंपत्तियों को विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर नव जीवन में प्रवेश करने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस पल को सभी वर-वधुओं के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण एवं सुखद पल बताते हुए ईश्वर से नवदंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य एवं खुशहाल जीवन के लिए मंगल कामना भी की। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज परिणय सूत्र में बंधने वाले नवदंपत्तियों को 35 हजार रूपये की सहायता राशि भी उनके खाते में अंतरित की जाएगी।

10 लाख रूपये की लागत के विकास कार्य का भूमिपूजन जनपद सदस्य मंजू बैंस ने किया

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ग्राम पंचायत अरमुरकसा में शाखा नहर नाली निर्माण विकास कार्य का भूमिपूजन जनपद सदस्य मंजू बैंस के मुख्यातिथि में सम्पन्न हुआ इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम सरपंच हलधर गोरे जी ने किया कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि ग्राम पटेल रतन लाल जी ताराम जी एवं ग्राम पंचायत के सभी पांच गण विशेष अतिथि रहे ग्राम पंचायत के सरपंच हलधर गोरे जी द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पमाला से अभिन्नदन कर स्वागत किया गया सभी अतिथियों के द्वारा पूजा अर्चनाकर कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया काम प्रारंभ करने के पूर्व जनपद सदस्य मंजू बैंस के हाथों पहला गैती चलाकर शुभांरभ किया गया स्वागत भाषण में सरपंच हलधर गोरे ने कहा कि गांव अब धीरे विकास राह की ओर धीरे धीरे अग्रसर हो रहा है इसी कड़ी में हम गांव के विकास के साथ लोगों को रोजगार के उद्देश्य से यहां विकास कार्य प्रारंभ किया गया है मुझे हमेशा अपने जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिलता है और उसी सहयोग के साथ विकास के अधोसंरचना को पूरा भी कर पा रहा हु मै जनपद सदस्य जी का विशेष धन्यवाद देता हु जो हमारे गांव को विकास की धारा से जोड़ने के लिए सदैव तत्पर रहते है ग्राम पटेल रतन लाल तारंम ने कहा कि हमारे जनपद सदस्य श्रीमती मंजू बैंस को जो भी काम लेकर हमारे गांव वाले जाते है कभी भी निराशा लेकर नहीं लौटते इसके पूर्व में भी जनपद सदस्य रहे संजय बैंस जी ने भी लाखों के विकास कार्य हमारे गांव में लेकर आए हमे खुशी है नया पारा से मुक्तिधाम जाने के रास्ते पर पुलिया जजर्र हो गया था जिससे आने जाने की समस्या होती थी उसे भी हमारे जनपद सदस्य मंजू बैंस ने 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृति कराए है हम सभी ग्रामवासी उनका आभार व्यक्त करते है

कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनपद सदस्य मंजू बैंस ने कहा कि मुझे खुशी होती है मेरे जनपद क्षेत्र में विकास के हर कामों के द्वार मेरे क्षेत्र में खुलते है और आज एक नींव और विकास का हो रहा है अभी तो शुरुवात हुआ है हम हमारे को बेहतर विकास के माध्यम से जिले में हमारा क्षेत्र चहुमुखी विकास के रास्ते में अग्रसर होगा मै गांव की हर समस्या का समाधान हमारे पार्टी के बड़े नेताओं के आशीर्वाद से पूरा करने की हर संभव प्रयास करूंगी कार्यक्रम का संचालन पंचायत के सचिव बीना टेकाम और आभार प्रदर्शन रोजगार सहायक भीष्म धनकर ने किया इस अवसर पर उप सरपंच ओम प्रकाश भूआर्य लिखन नरवास दुर्गा रावते भुनेश्वरी नायक पूर्व सरपंच सरोज बाई निर्मला बाई गोलू जगनायक लता निर्मलकार योगेश निर्मलकार बम्लेश्वरी ताराम जी सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे

मंदिरों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, पुलिस को बड़ी सफलता

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बालोद पुलिस को मंदिरों में चोरी की घटनाओं को सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन अलग-अलग चोरी के मामलों में संलिप्त एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई नगदी रकम ₹3,666/- बरामद की है।

गिरफ्तार आरोपी द्वारा थाना बालोद क्षेत्र के ग्राम तमोरा, ग्राम परसोदा तथा थाना गुरूर क्षेत्र में स्थित मंदिरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया गया था। आरोपी पूर्व में भी मंदिर चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश पटेल द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों एवं मंदिरों के आसपास सी.सी.टी.वी. कैमरे अवश्य लगवाएं, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।घटना का संक्षिप्त विवरणपुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग अभिषेक शांडिल्य के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बालोद बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में मंदिरों एवं घरों में हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पतासाजी के निर्देश दिए गए थे।निर्देशों के पालन में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा द्वारा थाना स्तर पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सायबर सेल बालोद के सहयोग से जांच करते हुए मंदिरों में चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

प्रकरणों का विवरणप्रकरण क्रमांक 01

दिनांक 04.02.2026 की रात्रि 20:00 बजे से 05.02.2026 के प्रातः 07:00 बजे के मध्य ग्राम तमोरा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर का ताला तोड़कर दान पेटी से लगभग ₹5,000/- की चोरी की गई। प्रार्थी दीनानाथ यादव, निवासी ग्राम तमोरा की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध किया गया।

प्रकरण क्रमांक 02

उसी रात्रि 21:00 बजे से 05.02.2026 के प्रातः 08:00 बजे के मध्य ग्राम तमोरा स्थित श्रीराम मंदिर की दीवार फांदकर दान पेटी से लगभग ₹7,000/- की चोरी की गई। इस संबंध में भी अपराध दर्ज किया गया।

प्रकरण क्रमांक 03

दिनांक 05.02.2026 की शाम 06:00 बजे से 06.02.2026 के प्रातः 05:00 बजे के मध्य ग्राम परसोदा स्थित शनि मंदिर से दान पेटी तोड़कर लगभग ₹3,000/- की चोरी की गई। प्रार्थी मन्नूलाल ठाकुर, निवासी ग्राम परसोदा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया।गिरफ्तार आरोपी का विवरणनाम : महेश यादवपिता का नाम : राधेलाल यादवउम्र : 33 वर्षनिवासी : ग्राम निपानी, थाना एवं जिला बालोदआरोपी के विरुद्ध थाना बालोद एवं थाना गुरूर में चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट सहित कुल 15 से अधिक आपराधिक प्रकरण पूर्व से पंजीबद्ध हैं।

कच्चे के पास भीषण सड़क हादसा: ट्रक–मोटरसाइकिल की टक्कर में दो युवकों की मौके पर मौत

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आयरन से भरे ट्रक की चपेट में आए बाइक सवार, एक शव ट्रक के चक्के में फंसा

कच्चे के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो मोटरसाइकिल सवार युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयरन से भरा ट्रक क्रमांक CG-07 BF-5400 सड़क पर आ रहा था, तभी सामने से आ रहे दो मोटरसाइकिल सवार उसकी चपेट में आ गए।हादसा इतना भयावह था कि एक युवक का शव ट्रक के चक्के में बुरी तरह फंस गया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के दौरान ट्रक का एक छक्का भी फट गया था।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभाला। समाचार लिखे जाने तक मृतक युवकों की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि संबंधित ट्रक भंसाली रोड लाइन का है।

पिंजरे से ‘टाइगर’ ने आते ही शुरू कर दिया खेल

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कांग्रेस का बेड़ागर्क करने का पुराना खेल शुरू किया कवासी लखमा ने

रिहाई के बाद लौटे लखमा को समर्थकों ने बताया बस्तर टाइगर

अभिनंदन के पोस्टर से कांग्रेस के बड़े नेता गायब

अर्जुन झा-

जगदलपुर पिंजरे से टाइगर बाहर निकल आया है और फिर से दहाड़ने लगा है, मगर यह दहाड़ कांग्रेस को कंपाने वाली और भाजपा को चैन की नींद सुलाने के लिए लोरी साबित हो रही है। पिंजरे से बाहर आते ही यह टाइगर अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहा है।

हम उस असल बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा की बात नहीं कर रहे हैं, जो स्वर्गवासी हो चुके हैं और जिनकी दहाड़ से खूंखार नक्सली भी कांप जाया करते थे। दिवंगत महेंद्र कर्मा को बस्तर टाइगर नाम कांग्रेस के लोगों ने नहीं बल्कि जनता ने दिया था। यहां हम बात तो पूर्व मंत्री कवासी लखमा की कर रहे हैं, जिन्हें बस्तर टाइगर नाम उनके खासम खास समर्थकों ने जेल से रिहाई के बाद दिया है। बहुचर्चित आबकारी घोटाला मामले में लंबे समय तक जेल में बंद रहे कवासी लखमा के समर्थक तब तो भीगी बिल्ली बने बैठे रहे, मगर उनकी रिहाई के बाद वे अब शेर शावक की तरह उछलने और झपट्टे मारने लगे हैं। कवासी लखमा की जमानत पर रिहाई के उत्सव को समर्थकों बड़े जश्न के रूप में मनाया। रिहाई के बाद कवासी लखमा के गृह नगर आगमन पर सुकमा को बड़े बड़े होर्डिंग्स और पोस्टरों से सजा दिया गया था। इन होर्डिंग्स और पोस्टर्स में कांग्रेस के शीर्ष नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को इंच भर भी जगह न दी गई। एक भी होर्डिंग पोस्टर में इन तीनों बड़े नेतोओं की न तो तस्वीर नजर आई, न ही किसी कोने में उनका नाम था। बड़े नेताओं में सिर्फ सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, डॉ. चरणदास महंत और टीएस सिंहदेव ही नजर आए। वहीं स्थानीय स्तर के नेताओं में विधायकद्वय लखेश्वर बघेल (बस्तर) और विक्रम शाह मंडावी (बीजापुर) व कुछ अन्य की ही तस्वीरें नजर आईं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुकमा द्वारा लगवाए गए इन पोस्टर्स और होर्डिंग्स में बड़े नेताओं की उपेक्षा ने कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी को तेज हवा दे दी है। बस्तर में तो कांग्रेस की गुटबाजी का खेल कोई नया नहीं है। इस गुटबाजी के खेल के सबसे बड़े खिलाड़ी या कहें मोहरा, कवासी लखमा ही रहे हैं। राज्य के ही कुछ बड़े नेताओं द्वारा कवासी लखमा के कंधे पर रखकर चलाई गई बंदूक ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को ढेर कर दिया था। इन चुनावों में न कांग्रेस हारी, न भाजपा जीती। असल जीत तो कांग्रेस में चल रही वर्चस्व की लड़ाई और साजिश की हुई। बस्तर में कांग्रेस का भट्ठा बिठाने के बाद जेल से छूटकर आए कवासी लखमा ने फिर से अपना पुराना तेवर दिखाना और उसी गुटबाजी वाले खेल को अंजाम देना शुरू कर दिया है। अपनी रिहाई के बाद कवासी लखमा जगदलपुर होते हुए सुकमा पहुंचे। अपने समर्थकों के बीच उन्होंने बीजेपी पर अपने ही अंदाज में निशाना साधा। खासकर उनके निशाने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, बीजेपी जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे और हुंगा राम मरकाम रहे। अपनी रिहाई का श्रेय उन्होंने कांग्रेस और पूर्व सीएम भूपेश बघेल को दिया। वे बार बार भूपेश बघेल का नाम दोहराते नजर आए। वहीं अब सुकमा के बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के लगाए होर्डिंग्स और पोस्टर्स के बहाने कांग्रेस को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। भाजपा नेता कांग्रेस की गुटबाजी का जमकर. मजाक उड़ा रहे हैं। कांग्रेस दो गुटों में विभाजित दिख रही है। लखमा के स्वागत वाले बैनर पोस्टर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज की तस्वीरें नहीं रहने से साबित होता है कि लखमा की जेल से रिहाई पश्चात सुकमा सहित दक्षिण बस्तर में गुटबाजी और तेज होगी तथा उसका पूरा फायदा पुनः बीजेपी को ही मिलेगा।

राष्ट्रपति के सामने हुआ बस्तर का अपमान: दीपक बैज

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बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों को मंच पर जगह न दी जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने जताई नाराजगी

विवादों की वजह बन गया बस्तर पंडुम का उद्घाटन समारोह

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर पंडुम का भले ही धूमधाम से शुरू हो गया है, लेकिन इसका उद्घाटन समारोह विवादों की वजह बन गया है। उद्घाटन समारोह राष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में हुआ, मगर मंच पर बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों को जगह नहीं दी गई। इसे अब कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। दोनों सांसदों के इस अपमान को आदिवासी अस्मिता और बस्तर के स्वाभिमान से जोड़ते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ी नाराजगी जताई है। दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर पंडूम के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रपति के मंच पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों को तो स्थान दिया गया, लेकिन बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों, कांकेर सांसद भोजराज नाग और बस्तर के सांसद महेश कश्यप को भाजपा सरकार ने मंच पर बैठने के लायक भी नहीं समझा। जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार सांसदों को मंच पर बैठाना था।

बैज ने कहा कि बस्तर के दोनों ही सांसद आदिवासी वर्ग से आते हैं और बस्तर संभाग की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें मंच पर जगह न देना महज इन सांसदों का ही नहीं बस्तर की जनता और बस्तरिया अस्मिता का अपमान है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर अपनी ब्रांडिंग तो कर रही है, लेकिन बस्तर के लोगों के स्वाभिमान पर हमला करने पर तुल गई है। जिस पंडुम में बस्तर के जनप्रतिनिधि अपमानित हो रहे हैं, वहां पर आम बस्तरिया आदिवासी की क्या स्थित होगी समझा जा सकता है। श्री बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को आदिवासी अस्मिता, आदिवासियों की धार्मिक आस्था, आदिवासी संस्कृति से कोई मतलब नहीं है। बस्तर में मची संसाधनों की लूट से ध्यान भटकाने के लिए केवल राजनैतिक इवेंट किया जा रहा है। अपने ही दल के चुने हुए सांसदों को अपमानित करके बस्तर की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं?प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को न बस्तर की समृद्धि से कोई सरोकार है न ही बस्तरिया संस्कृति से। केवल अपनी ब्रांडिंग के लिए आदिवासी समाज को यह सरकार बार बार अपमानित कर रही है।*बॉक्स**समारोह में ऐसा था नजारा*समूचे बस्तर संभाग में सिर्फ दो लोकसभा क्षेत्र हैं पहला बस्तर और दूसरा कांकेर। दोनों सीटों पर भाजपा के ही सांसद हैं। बस्तर से महेश कश्यप और कांकेर से भोजराज नाग। इन दोनों सांसदों को बस्तर पंडुम के उद्घाटन समारोह के मंच पर स्थान नहीं मिला। मंच पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राजयपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव, विराजमान थे। बस्तर के दोनों आदिवासी सांसद भोजराज नाग और महेश कश्यप दर्शक दीर्घ में बैठ कर भारत माता की जयकारे लगाते रहे। बस्तर पांडुम वेशभूषा में सज्जित दोनों सांसदों को आदिवासी कार्यक्रम के मंच पर जगह न दिया जाना चर्चा का विषय बन गया है।

कुसुमकसा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की नई शाखा का भव्य आगाज़ कॉमरेड अनिल यादव ने जन-संघर्ष को तेज करने का लिया संकल्प

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आज कुसुमकसा क्षेत्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की नई शाखा का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिसमें कुसुमकसा के आस पास के पांच गांवों को मिलकर एक शाखा कुसुमकसा ने बनाया गया इस अवसर पर आयोजित समारोह में पार्टी के वरिष्ठ कॉमरेड राजेन्द्र बेहरा ने सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के किसानों, मजदूरों व आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव कॉमरेड अनिल यादव ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से वंचितों की आवाज रही है। कुसुमकसा में नई शाखा के खुलने से स्थानीय स्तर पर जन-समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।

कॉमरेड यादव जी ने किसानों,मजदूरों और बेरोजगारों के लिए कहा कि वर्तमान आर्थिक नीतियों के कारण मेहनतकश वर्ग परेशान है और पार्टी उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी,स्थानीय क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों पर चर्चा की गई।कॉमरेड अजय नारायण मिश्रा ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि संगठन में युवाओं और महिलाओं से पार्टी की विचारधारा से जुड़ने और शोषण मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।उद्घाटन समारोह के दौरान क्षेत्र के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और कुसुमकसा शाखा में पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता को पदनाम दिया गया ताकि भविष्य की नींव युवा पीढ़ी के द्वारा कम्युनिस्ट विचारधार से पार्टी के कार्य को आगे गति मिलते रहे। इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव कॉमरेड अनिल यादव, छत्तीसग़ढ राज्य खदान श्रमिक संघ अध्यक्ष कॉमरेड राजेन्द्र बेहरा, कॉमरेड अजय नारायण मिश्रा, इंद्र कुमार साहू,हरीशंकर राव,बलवंतसिंग, पूर्व पार्षद नगरपालिका दल्ली राजहरा स्वप्निल तिवारी,नीलकंठ,रूपेंद्र,अश्वनी, परमेश्वर,साहिल,रूपेश,छगनलाल, अजय राजभोज, टिकेश्वर, वसीम रज़ा,मनीष,आर्यन साथ साथ पार्टी के अनेकों सदस्यों की उपस्थिति रही कार्यक्रम का समापन ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों के साथ हुआ।

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