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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इमली प्रसंस्करण संयंत्र का किया शुभारंभ

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जगदलपुर, 7 अक्टूबर मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने आज लोहंडीगुड़ा विकासखंड के धुरागांव में इमली प्रसंस्करण संयंत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उद्योग एवं जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, विधायक राजमन बेंजाम, मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर चंदन कुमार सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने संयंत्र का अवलोकन किया और संयंत्र के स्वामी से इसकी तकनीकी, क्षमता एवं आवश्यक मानव संसाधन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इमली प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की संभावना बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यहां रोजगार सृजन के लिए स्थानीय वनोपज और कृषि उपज का यहीं पर प्रसंस्करण आवश्यक है तथा यह संयंत्र इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। संयंत्र के स्वामी कार्तिक कपूर ने बताया कि इस संयंत्र में प्रतिदिन 10 मिट्रिक टन इमली गुदा, 5 मिट्रिक टन इमली चपाती और 3 मिट्रिक टन इमली बीज का पाउडर बनाने की क्षमता है। यह संयंत्र सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ पीईबी और पफ पैनल में कुल निर्माण के 35000 वर्ग फुट के साथ 2 एकड़ में फैला हुआ है। खाद्य प्रयोगशाला का निर्माण यहां किया गया है। यहां एफएसएसएआई के सभी मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। यह संयंत्र पूरी तरह से स्वचालित है, पावर बैकअप, निर्बाध निर्माण के लिए मैनुअल मोड में काम करने का प्रावधान है।

बस्तर के बाग मोहलई सर्किल में काट डाले गए सागौन के सैकड़ों पेड़ !

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  • सबूत मिटाने के लिए जड़ों को उखाड़ कर भर दिए गए गड्ढे
  • वनोपज यूनियन ने कटाई के खिलाफ खोला मोर्चा, कार्रवाई की उठाई मांग


अर्जुन झा
जगदलपुर। लकड़ी माफिया द्वारा बस्तर वन मंडल अंतर्गत भानपुरी रेंज के बागमोहलई सर्किल के आमादुला बीट में सप्ताह भर में सागौन के सैकड़ों विशालकाय पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों की कुछ तस्करों के साथ सांठगांठ के चलते इस अवैध कटाई को अंजाम दिया गया है. यही नहीं लकड़ी तस्कर इन अधिकारियों के संरक्षण में कटे गए पेड़ों के गोलों को ठिकाने भी लगा चुके हैं. वहीं विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को लेकर चुप्पी साधे बैठे हैं. जिनके कंधों पर जंगलों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी है वही अफसर अपनी तिजोरी भरने के लिए जंगलों का सफाया करने में जुटे हुए हैं। मौके पर सबूत मिटाने के लिए काटे गये पेड़ों के बचे भाग को जड़ से निकालकर मिट्टी डालने की कवायद भी जारी है।


इसके पूर्व इसी रेंज के बनियागांव सर्किल में साल के सैकड़ों पेड़ों की कटाई की गई थी। ज्ञातव्य हो कि शासन द्वारा प्रतिवर्ष करोड़ों रूपए पौधरोपण एवं जंगल बचाने के नाम पर खर्च किए जते हैं। वहीं जंगल के रक्षक ही भक्षक बनकर शासन की मंशा पर पानी फेरने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। अवैध कटाई की जानकारी मिलने के बाद भी विभाग रोक लगाने में नाकाम नज़र आ रहा है। ताज़ा मामला भानपुरी वन परिक्षेत्र के बागमोहलई सर्किल के आमादुला बीट का है। इस बीट में बिना किसी भय के तस्करों द्वारा बेशकीमती सागौन के सैकड़ों विशालकाय पेड़ों की अवैध कटाई कर लकड़ी को ठिकाने लगाया जा चुका है। यह अवैध कटाई जिला मुख्यालय से लगभग 60 किमी दूर के जंगलों में चल रही है। विभाग को इसकी जानकारी मिलने के बाद भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का कोई ठोस प्रयास नहीं किया जाना विभाग की उदासीनता एवं इलाके में पदस्थ कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता को भी दर्शाता है।
बनियागांव में भी हो चुकी है साल के पेड़ों की बेतहाशा कटाई
ज्ञातव्य हो कि जून के महीने में भानपुरी रेंज के ही बनियागांव सर्किल में भी साल के सैकड़ों पेड़ों की कटाई कर वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था. इस दौरान मामले में कुछ विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता की बात भी सामने आई थी। बाद में वन मंडल अधिकारी श्री साहू व कुछ अन्य उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के कारण वन भूमि पर अवैध कब्जा होने से बचा लिया गया था। अन्यथा पाचसों एकड़ वन भूमि पर बस्ती आबाद हो गई होती. डीएफओ श्री साहू ऐसे मामलों में तुरंत कड़ा एक्शन लेने वाले अधिकारी माने जते हैं. वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं सहायक परिक्षेत्र अधिकारी की सह पर आमादुला बीट में सागौन पेड़ों की कटाई विभाग की मनमानी को दर्शाता है। खबर है कि काटे गए पेड़ों के लाखों रु. के सागौन गोलों को ठिकाने भी लगाया जा चुका है. खबर है कि इसके एवज में क्षेत्र के विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को अच्छी खासी भेंट पूजा चढ़ाई गई है।
सबूत मिटाते छोड़ गए प्रमाण …
अवैध कटाई में संलिप्त वन माफिया को क्षेत्र के वन अधिकारियों का वरदहस्त किस कदर मिला हुआ है, इसका प्रमाण अवैध कटाई वाली जगह पर देखा जा सकता है. वन माफिया और विभागीय कर्मियों द्वारा अवैध कटाई का सबूत मिटाने के फेर में आपसी सांठगांठ का प्रमाण मौके पर छोड़ दिया गया है. माफिया के आदमियों के साथ मिलकर वनकर्मियों ने काटे गए सागौन पेड़ों के तने के सबसे निचले भाग को जड़ समेत निकाल कर उसमें मिट्टी भर दिया है, ताकि जांच हो तो अवैध कटाई का सबूत ही ना मिल पाए. मगर यहां उन्होंने बड़ी चूक कर दी. विभागीय सूत्रों के मुताबिक जब भी अवैध कटाई के किसी मामले की जांच होती है तो काटे गए पेड़ों के जड़ से थोड़ा ही ऊपर वाले बचे हुए तने के हिस्से का माप कर काटे गए पेड़ की गोलाई और लंबाई का आंकलन किया जाता है तथा तने के बचे हुए हिस्सों की गिनती की जाती है. इस तरह वन माफिया और वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों व कर्मचारियों की आपसी सांठगांठ स्वतः उजागर हो गई है. ऐसा काम जानकार विभागीय कर्मी ही कर सकते हैं.
वनोपज यूनियन आई सामने
आमादुला बीट में सागौन पेड़ों की कटाई की खबर मिलने के बाद मौके का मुआयना करने पर सैकड़ों पेड़ों के काटे जाने के सबूत देखने को मिले। मुआयना के समय विभाग का एक भी कर्मचारी फील्ड में नजर नहीं आया. जबकि सभी सर्किल में बीट गार्ड, नाकेदार, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी और क्षेत्र अधिकारी को जंगल बचाने की जिम्मेदारी दी गई है। आखिरकार इतनी संख्या में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई का जिम्मेदार कौन है ? भानपुरी रेंज जिला यूनियन एवं वन मंडल के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों के संरक्षण में सागौन पेड़ों की कटाई हुई है. उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने और डिप्टी रेंजर एवं रेंजर को हटाने तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अफसर का गोलमोल जवाब
भानपुरी के अधिकारी से जब पूछा गया कि सर्किल में सागौन की कटाई हुई है या नहीं ? उन्होंने कटाई होने की बात तो स्वीकार की लेकिन कितनी संख्या में पेड़ों की कटाई हुई है इस मामले में वह गोलमोल जवाब देते हुए अपना बचाव करते रहे।
वर्ज़न———-
दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-मो. शाहिद
वन संरक्षक, जगदलपुर वन वृत्त

राहुल गांधी का सपना साकार, बस्तर की महिलाएं देंगी इमली कैंडी को आकार

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(अर्जुन झा)

जगदलपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर टाटा प्रभावित आदिवासियों की जो सैकड़ों एकड़ जमीन लौटाई गई थी, उस जमीन पर बस्तर की महिलाएं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सपने को साकार कर इमली कैंडी को आकार देंगी. इस जमीन पर स्माल फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई गई है. जिसमें महिलाएं इमली कैंडी बनाएंगी. इस सुखद बदलाव के मद्देनजर बस्तर सांसद दीपक बैज का कहना है कि आज का दिन बस्तर के लिए बहुत बड़े गौरव का दिन रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुरिया दरबार में पधारे. सौगातों की झड़ी लगा दी और इमली कैंडी फूड प्रोसेसिंग प्लांट का लोकार्पण हो गया. यह बस्तर की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बहुत बड़ा कदम है.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर लोहंडीगुडा जनपद के धुरागांव में आदिवासियों की जमीन टाटा से लौटाई गई थी। इस जमीन के कुछ हिस्से मे लघु प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना की गई है. इसमें महिलाएं जुड़ कर लाभ ले रही हैं. इस यूनिट में महिलाओं द्वारा इमली कैंडी के उत्पादन का द्वार आज खुल गया. इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया.
विदित है कि मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन टाटा इस्पात संयंत्र को दी गई थी. वहां स्टील प्लांट की स्थापना नहीं हो पाई. जिसके बाद आंदोलन हुआ. कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जमीन लौटाने की बात कही थी. राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद राहुल गांधी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर जमीन आदिवासियों को वापस की गई थी. तब श्री गांधी ने मुक्त जमीन के कुछ हिस्से में लघु खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगवाने की घोषणा थी. जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने इसका भूमिपूजन किया था। अब इस लघु प्रसंस्करण केंद्र में इमली कैंडी बन रही है।

दल्ली राजहरा थाना की सक्रियाता से चोर पुलिस की गिरफ्त में

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दल्ली राजहरा दिनाक 07.10:22 को रेल्वे कालोनी में एक सुने मकान में चोरों द्वारा घर क घुस कर चोरी को कर रहे थे तभी आस पास से किसी व्यक्ति ने थाना राजहरा को सूचना की की रेलवे कालोनी के एक मकान में चोर घुसे हुए हैं। चूंकि सूचना कर्ता को यह बात पता था कि मकान में निवास करने वाला व्यक्ति परिवार सहित शहर बाहर गया हुआ ,विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली की पुलिस थाना राजहरा की सक्रियता से चोरी को अंजाम दे कर मोके से फरार हो चुके चोरों को रात में ही घेरा बंदी कर गिरफ्त्तार कर लिया जबकि प्रार्थी द्वारा घटना की रिपार्ट दर्ज नही कराई गयी हो चोर अभी भी पुलिस की गिरफ्त में है रेल्वे कालोनी में सुबह से ही चर्चा का विषय बना हुआ था कि सुने मकान मे चोरी की घटना घटी किंतु पुलिस के द्वारा अभी तक घटना की आधिकारिक पुष्टि नही की गई हैै

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संसदीय सचिव रेखचंद जैन के प्रयासों से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र को मिली करोड़ों की सौगात

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14 समाजों को सामाजिक भवनों के लिए प्रदान की गई सामाजिक पट्टे

5867.17 लाख रुपए के 11 कार्यों का लोकार्पण एवं 2655.52 लाख रुपए के 27 कार्यों का लोकार्पण

प्रयास आवासीय विद्यालय भवन निर्माण धरगुडा जगदलपुर लागत ₹ 1726.40 नियानार बिरनपाल मावलीपदर रोड लंबाई 12.8 किलोमीटर लागत 1284.63 लाख,मावलीपदर से मारेंगा बाईपास रोड 9.41 लाख रुपए,सरगीपाल रेलवे कॉलोनी से नानगूर पोडागुडा बिल्लोरी मार्ग लागत 622.03 लाख , नेतानार में विधुत उप केंद्र निर्माण लागत 361.38 लाख ,सी मार्ट पुराना बस स्टैंड लागत 155.10 लाख, बस्तर विश्व विद्यालय में 100 सीटर बालक छात्रावास का निर्माण कार्य लागत 299.70 लाख,धान उपार्जन केन्द्र सरगीपाल में 500 मैट्रिक टन गोदाम लागत 26.50 लाख ,धान उपार्जन केन्द्र नगरनार में 500 मेट्रिक टन गोदाम लागत 26.50 लाख ,उलनार से छोटे बादाम वाया पराली मार्ग लागत 384.80 लाख रुपए, 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण कार्य धरमपुरा लागत 178.88 लाख रुपए के कार्य का लोकार्पण किया

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उसमें
1) विभाग ग्रह परिसर जगदलपुर मे नवीन विश्रामगृह का निर्माण लागत 68,34 लाग

(2) केन्द्रीय जेल जगदलपुर में 03 नग बंदी बैरक एवं बंदी सौचालय का निर्माण लागत राशी- 179

3) केन्द्रीय जेल, जगदलपुर में 50-50 बन्दी क्षमता वाले नग बैरक का निर्माण काही (प्रति बैरक 59.75 लाख) भावन- 119-50

4) स्वामी आत्मानन्द इंग्लीश मिडियम स्कूल दरता में विभिन्न निर्माण एवं जिर्णोधार कार्य (पुराना हामर मेकेन्डरी स्कूल) दरमा (D.M.FT)लागत- 148-27

5) स्वामी आत्मानन्द इग्लीश मिडियम स्कूल धरमपुरा में विभिन्न निर्माण एवं जिर्णोधार कार्य (पुराना हायर सेकेण्डरी परिसर) D.M.FIT लागत- 248.20

6) स्वामी आत्मानन्द इग्लीश मिडियम स्कूल नानगुर मे विभिन्न निर्माणएवं जिर्णोधार कार्य (पुराना हायर सेकेन्डरी स्कूल परिसर) लागत-197.59

7) शहीद महेन्द्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय डिपरापाल जगदलपुर में पिंडिया आई.सि.यू वार्ड का निर्माण (P.HI.FT) लागत 170.00 लागत

(8) बाबू सेमरा मे मिल्ख प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण कार्य (DMAT)लागत – 66.98

(9) भीम राव अम्बेडकर स्कूल परिसर जगदलपुर (बली शंभ करप पाई) में विभिन्न निर्माण कार्य (P.M.F.T) लागल – 49.96

(10) आडापाल स्थित दिव्यान्या विद्यार्थीयों के छात्रावास का जिर्णोधार कार्य लागत 39.99

11) सिरहासार चौक में स्थित शहीद स्मारक परिसर में झारा सिरहा कि प्रतिमा का अनावरण लागत- 12.83

12) मां दंतेश्वरी मन्दिर में ज्योतिकलश भवन के जीर्णोद्धार कार्य 39-72 लाख

(13) – जिला न्यायालय चौक से श्री गुरु गोविन्द सिंह चौक तक ही सी सी नाली निर्माण कार्य 31-09 लाख रुपए

14) तितिर गांव से बस्तर विश्वविद्यालय के बिएड कालेज भवन तक डामरीकरण कार्य लागत 40.83 लाख

15) बस्तर विश्वविद्यालय के बि-ण्ड, एम.बि.ए. एम-से-ए एक डामरीकरण कार्य लागत- 36:34 लागत

(16) महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल परिसर जगदलपुर में हायर सेकेन्ड्री स्कूल भवन का निर्माण कार्य लागल – 17-6:31

(17) माहरा समाज हेतु सामुदायिक सक्न निर्माण कार्य लागत-200-00 लाख

18] भतरा समाज हेतु सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 49.99

19) अनुपमा चौक का सौंदर्यकरण / विकास कार्य पुराना रामपुर माघलागत – 50.00 लाख रुपए

(२०) अनुपमा चौक का सौंदर्यकरण/विकाश कार्य चित्रकूट लागत 48.24

(21) एन-एच 30 आडावाल से मगदुकचोरा हहाथा हाटजुड़ा आडावाल को जोड़ने वाला लिंक रोड का निर्माण कार्य लागत-32,85

22) लाल चर्च से स्टार मेडिकल शालीनगर का रोड चौडीकरण कार्य (D.M.FT) लागत – 36:46 लाख

(23) पिक्षा को समाज हेतु सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य लागत 49.99

(24) विकाशखण्ड दरभा में विश्राम गृह भवन का निर्माण CO.M.CT) लागत 68.37

(25)डडसेना कलार समाज (कुर्मी) सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत- २०.०० लाख

(26) ग्राम नेतानार में विधुत उप केंद्र का निर्माण 361.38 लाख

(27) इतवारी बाजार महारानी अस्पताल में विधुत उप केंद्र का निर्माण कार्य लागत 173.10 लाख रुपए के कार्य का भूमि-पूजन किया गया

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा की हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुरूप गढबो नवा छत्तीसगढ़ की अवधारणा को साकार करने के लिए करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी का आभार व्यक्त करते हैं

14 समाजों को मुख्यमंत्री के हाथों मिली सामाजिक भवनों के लिए भूमि

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  • मुख्यमंत्री ने जिले में ग्रामीण सचिवालय का किया शुभारंभ
  • टी बी मुक्त्त बस्तर के लिए निःक्षय बस्तर 108 ग्रामों में फ्री वाईफाई की सुविधा हेतु एमओयू में हस्ताक्षर

जगदलपुर 07 अक्टूबर 2022 विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के प्रमुख रस्मों में एक मुरिया दरबार मे शामिल होने जगदलपुर पहुँचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 14 विभिन्न समाजों को सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए भूमि की सौगात दी।

टॉउन क्लब मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बढ़ाई समाज, कायस्थ समाज, घसिया समाज, नाई समाज, कलार समाज, यादव समाज,विश्वकर्मा समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज, सुंडी समाज, उरांव(कुडुख) समाज, साहू समाज, मुंडा समाज पोटानार व सौतनार और भतरा समाज के सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए पट्टा प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को भवनों के मालिकाना हक, पट्टा मिलने से सामाजिक कार्यों सहित अपने समाज के उन्नति और विकास में भवनों का उपयोग करेंगे। उन्होंने पट्टा वितरण के लिए समाज के साथ साथ जिला प्रशासन के राजस्व विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दी ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले के 437 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक सुविधाओं के लिए ग्रामीण सचिवालय का शुभारंभ किया। साथ ही टी बी मुक्त्त बस्तर अभियान के लिए निःक्षय बस्तर का शुभारंभ किए। इसके अलावा स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए विद्या जतन एप्प का लॉच किये। मुख्यमंत्री के समक्ष जिले के 108 ग्रामों में फ्री वाई फाई सेवा के लिए जिला प्रशासन और बी एस एन एल के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।

इस अवसर पर उद्योग व जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल,उपाध्यक्ष संतराम नेताम, विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम,चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साह,नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साह,कमिश्नर श्याम धावड़े, आई जी सुंदर राज पी., कलेक्टर चंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि,विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने चखा बस्तर का मसाला काजू, लिया जामुन जूस का स्वाद

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सी-मार्ट से लौटेगा छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान, मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में संभागीय सी-मार्ट का किया शुभारंभ

जगदलपुर, 07 अक्टूबर 2022/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने एक दिवसीय बस्तर जिला प्रवास पर जगदलपुर में संभागीय सी-मार्ट का शुभारंभ किया। उन्होंने सी-मार्ट में उपलब्ध हस्तशिल्प, बांसशिल्प, बेल मेटल, बस्तर कोसा से निर्मित कपड़े, हथकरघा, वन उत्पाद, महिला समूहों द्वारा निर्मित विविध उत्पादों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने जामुन जूस, आमला आचार, आमला जूस, महुआ लड्डू, महुआ कुकीज, बस्तर काजू, जिमिकंद आचार, फॉरेस्ट हनी, टमाटर चटनी, विष्णु ब्राह्मी भृंगराज केश तेल, हवन एवं पूजन सामग्री की खरीदी की और संभागीय सी-मार्ट की बोहनी कराई। मुख्यमंत्री संग सी-मार्ट पधारे सभी जनप्रतिनिधियों ने जामुन जूस और मसाला काजू का स्वाद लिया ।

उल्लेखनीय है कि कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के साथ ही कृषक एवं वनोपज संग्राहक, हस्तशिल्पकार,स्थानीय प्रसंस्करणकर्ता व निर्माताओं की आय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर के पुराने बस स्टैण्ड के निकट नगर निगम के काॅम्पलेक्स में संभागीय सी-मार्ट का शुभारंभ किया। लगभग एक करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से निर्मित सी-मार्ट में विभिन्न शासकीय व अर्धशासकीय संस्थाओं, गोठानों, स्व-सहायता समूहों, कृषि उत्पादक संगठनों के माध्यम से राज्य के कृषकों, कामगारों, शिल्पकारों, बुनकर इत्यादि के द्वारा उत्पादित सामाग्री विक्रय के लिए उपलब्ध होगी।


यहां एग्री बिजनेस से संबंधित उत्पाद जैसे बीज, खाद, कृषि यंत्र, कृषि उपकरण, पम्प, सहित कृषकों के दैनिक उपयोग की सामग्री भी उपलब्ध होगी.जगदलपुर नगर निगम द्वारा 10 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से निर्मित काॅम्पलेक्स के प्रथम तल पर सी-मार्ट का संचालन किया जाएगा। सी-मार्ट में संभाग के सभी जिलों के वन, कृषि, हस्तशिल्प सहित अन्य उत्पाद उपलब्ध रहेंगे।

सी-मार्ट के शुभारंभ के अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, विधायक बीजापुर विक्रम मंडावी, विधायक कोंडागांव मोहन मरकाम,महापौर श्रीमती सफीरा साहू,नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साहू,कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी., मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर चंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा, वन मंडलाधिकारी डीपी साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

फर्ज़ी बस्तर फाइटर से मिलेंगे मुख्यमंत्री?

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  • खुद को आदिवासी बताकर नौकरी हथिया ली है ओड़िशा के युवक ने
  • ग्राम पंचायत के खुलासे के बाद भी आरोपी पर अब तक कार्रवाई नहीं
  • फर्जी मिसल रिपोर्ट बनाने वाले पटवारी को भी बख्शा जा रहा है


जगदलपुर. बस्तर जिला पुलिस बल की विशेष यूनिट बस्तर फाइटर फोर्स में फ़र्ज़ी तरीके से नौकरी हथियाने वाले युवक के फर्जीवाड़े की पोल ग्राम पंचायत द्वारा खोल दी जाने के बाद भी आरोपी युवक पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. वहीं आरोपी युवक के लिए फर्जी वंशावली बनाकर उसकी मदद करने वाले पटवारी पर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है. इससे जांच प्रक्रिया को शक की नज़र से देखा जाने लगा है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज जगदलपुर में बस्तर फाइटर तथा अन्य सुरक्षा जवानों से मुलाक़ात करने वाले हैं. लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या मुख्यमंत्री की भेंट नकली आदिवासी बस्तर फाइटर से भी होगी?
जिले के आदिवासी युवकों को भटकने से बचाने तथा अपराधों की रोकथाम में उनकी मदद लेने के ध्येय से बस्तर जिला पुलिस प्रशासन ने बस्तर फाइटर नाम से अपना एक विशेष दस्ता तैयार किया है, जिसमें करीब 300 युवकों को शामिल किया गया है. बस्तर फाइटर फोर्स में सिर्फ जिले के ही मूल निवासी तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के युवकों को ही नियुक्ति देने प्रावधान था. मगर इसमें ओड़िशा के भी एक गैर आदिवासी युवक ने नौकरी पा ली है. बताते हैं कि ओड़िशा के युवक कमलोचन पिता पाकलू ने बकावंड तहसील के ग्राम छोटे देवड़ा निवासी आदिवासी सोमारु भतरा के परिवार की वंशावली में अपने दादा दशा, पिता पाकलू और खुद का नाम जुड़वाकर फर्जी जाति व निवास प्रमाण पत्र तैयार करा लिए. ऐसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसने बस्तर फाइटर की नौकरी पा ली. वर्तमान में वह पुलिस लाईन जगदलपुर में तैनात है. मामले की शिकायत सोमारु भतरा के नाती मानसिंग ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से की थी. प्रशासन ने एसडीएम जगदलपुर ओपी वर्मा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी. जांच के दौरान ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा द्वारा विशेष बैठक में तैयार एक दस्तावेज भी सामने रखा गया. इस दस्तावेज में सोमारु भतरा के परिवार के वास्तविक सदस्यों के नामों का उल्लेख है. बताया गया है कि कमलोचन तथा उसके पिता व दादा के नाम का कहीं भी उल्लेख भतरा परिवार के सदस्य के रूप में नहीं है. इसके बावजूद कमलोचन पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई है. उसकी फर्जी वंशावली (मिसल ) बनाने वाले पटवारी को भी बख्शा जा रहा है.
आदिवासियों का हक़ मारने वालों पर कार्रवाई करेंगे मुख्यमंत्री ?
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज जगदलपुर प्रवास पर रहेंगे. खबर है कि श्री बघेल बस्तर फाइटर फोर्स, जिला पुलिस बल तथा विभिन्न सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाक़ात करेंगे. जवानों से मुख्यमंत्री की इस मुलाक़ात को लेकर आदिवासी युवाओं में काफ़ी जिज्ञासा है. ख़ासकर बस्तर फाइटर के जवानों से सीएम की भेंट पर आदिवासी युवाओं की निगाहें हैं. इन युवाओं का कहना है कि क्या मुख्यमंत्री आदिवासियों का हक़ मरने वालों तथा ऐसे लोगों का साथ देने वाले सरकारी कर्मियों पर कार्रवाई करेंगे?

राहुल गांधी के सपने को आज से साकार करेंगी बस्तर की महिलाएं

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  • ईमली कैंडी फैक्ट्री का आज मुख्यमंत्री बघेल करेंगे लोकार्पण


जगदलपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर टाटा प्रभावित आदिवासियों की जो सैकड़ों एकड़ जमीन लौटाई गई थी, उस जमीन पर बस्तर की महिलाएं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सपने को साकार करेंगी. इस जमीन पर स्माल फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई गई है. इस यूनिट में महिलाएं ईमली कैंडी बनाएंगी.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर लोहंडीगुडा जनपद के धुरागांव में आदिवासियों की जमीन टाटा से लौटाई गई थी। इसजमीन के कुछ हिस्से मे लघु l प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना की गई है. इसमें महिलाएं जुड़ कर लाभ ले रही हैं. इस यूनिट में महिलाएं आज से इमली कैंडी बनाएंगी. इसका लोकार्पण आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे. समारोह आयोजित है. मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन टाटा इस्पात संयंत्र को दी गई थी. वहां स्टील प्लांट की स्थापना नहीं हो पाई. जिसके बाद आंदोलन हुआ है ,कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जमीन लौटाने की बात कही थी. राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद गांधी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर जमीन आदिवासियों को वापस की गई थी. तब श्री गांधी ने मुक्त जमीन के कुछ हिस्से में लघु खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगवाने की घोषणा थी. जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने इसका भूमिपूजन किया था। अब इस लघु प्रसंस्करण केंद्र में इमली कैंडी बनाई जाएगी 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दोपहर बाद धुरागांव में इसका लोकार्पण किया जायेगा।

बस्तर के ऐतिहासिक दशहरा में आत्मनिर्भरता का नया दौर

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दीपक के उजाले में सब कुछ उजला- उजला

(अर्जुन झा)

जगदलपुर। बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा आत्मनिर्भर हो गया है। दीपक के उजाले में सब कुछ उजला उजला दिख रहा है। आज दुनिया के इस सबसे बड़े दशहरा समारोह की समापन बेला में आयोजित मुरिया दरबार में छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल की मौजूदगी में जब भव्यतम और सुव्यवस्थित बस्तर दशहरा का उल्लास चर्मोत्कर्ष पर है,

तब बस्तर के चप्पे चप्पे से पधारे लाखों बस्तरियों के साथ ही प्रदेश, देश और विदेशों से दशहरा देखने आये पर्यटकों के बीच यह चर्चा है कि बस्तर दशहरा समिति ने इस आयोजन को अध्यक्ष बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में जिस तन्मयता से सम्पन्न किया है, वह अद्भुत है। बस्तर सांसद दीपक बैज के दशहरा समिति अध्यक्ष बनने के बाद बस्तर दशहरा आत्मनिर्भर हो गया है।

सर्वाधिक समय तक चलने वाले इस विराट धर्मायोजन में सारी व्यवस्थाएं समिति ने की हैं।कहीं भी किसी भी तरह का कोई भी भुगतान बाकी न होना बस्तर दशहरे की आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। यह विशिष्ट उपलब्धि समिति के अध्यक्ष बस्तर सांसद दीपक बैज और समिति के सभी सहयोगियों के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। अब बीते 3 वर्षो से बस्तर दशहरा पर कोई व्यवस्थागत व्यय भुगतान शेष नहीं है। सांसद दीपक बैज हर पूजा विधि विधान और सभी आयोजनों में अपना शत प्रतिशत योगदान देते हैं और हर रस्म में उपस्थित रहते हैं। उनके अध्यक्ष बनने के बाद काछन गुड़ी एवं रैला माता गुड़ी, जिया डेरा का जीर्णोधार हुआ है। इनके कार्यकाल में रथ बनाने के लिए जो लकड़ियां लाई जाती हैं, उनकी क्षतिपूर्ति के रूप में 1000 पेड़ लगाए जाते हैं। 2 वर्ष कोरोना काल चुनौती भरा था। परंतु उसमें भी निर्विघ्न रूप से दशहरा मनाने में सांसद दीपक बैज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इनके कार्यकाल में मांझी चालकी, मेंबर, मेंबरीन, मुंडाबाजा, जोगी, रथ बनाने वाले कारीगर एवं अन्य सेवादारों का वेतनमान बढ़ा है। जिसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सहयोग प्राप्त हुआ। साज सज्जा भव्यता के साथ 3 वर्षों से बस्तर दशहरा मनाया जा रहा है। जिससे इस विश्वविख्यात दशहरे की ख्याति को चार चांद लग गए हैं। जहां तक बस्तर सांसद दीपक बैज की सक्रियता की बात है तो उनकी ऊर्जा का प्रकाश सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र में समान रूप से फैला हुआ है। संसद में बस्तर, छत्तीसगढ़, आदिवासी, किसान हित में बुलंद आवाज उठाने वाले सांसद दीपक बैज मैदानी संघर्ष में भी विशेष छाप छोड़ते हैं और जनहित, क्षेत्रहित और राज्यहित में समर्पण ऐसा कि विपरीत विचारधारा की केंद्र सरकार के मंत्रियों से भी अपनी धरती के विकास के लिए परियोजनाएं मंजूर करा लेते हैं। व्यवहार ऐसा कि राजनीति से ऊपर उठकर हर किसी का दिल जीत लेते हैं और श्रेय की राजनीति से परे हर उस शख्सियत को मान सम्मान और कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं, जो बस्तर और छत्तीसगढ़ का भला करने में सहयोग करे। अपने नेता भूपेश बघेल की भावना को संसद में स्वर देने वाले दीपक बैज बस्तर के विकासदूत बन गए हैं।

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