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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कोविड-19 का टीका लगवाया

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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता माननीय ”केदार कश्यप” जी ने गृह ग्राम भानपुरी सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र में कोविड-19 का टीका लगवाया। भारत में विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण आज से शुरू हो चुका है। कोरोना मुक्त भारत बनाने के लिए आप सभी से अनुरोध है कि इस महाअभियान से ज़रूर जुड़ें, अफवाहों से दूर रहें।

मास्क नहीं लगाने वालों पर कार्यवाही में आई सख्ती, कलेक्टर और एसपी ने शहर में जगह-जगह लगाई गश्त

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जगदलपुर।कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए इसके नियंत्रण के लिए सबसे सरल उपाय के रुप में मास्क के उपयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं मास्क लगाने से परहेेज करने वालों पर भी अब सख्त कार्यवाही शुरु हो चुकी है।
गुरुवार को कलेक्टर रजत बंसल और पुलिस अधीक्षक दीपक झा ने स्वयं शहर में कई स्थानों का गश्त करते हुए मास्क नहीं लगाने वालों पर हो रही कार्यवाही का मुआयना किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त प्रेम पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ आरके चतुर्वेदी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

अधिकारियों के इस दल ने संजय बाजार, चांदनी चैक, शहीद पार्क सहित शहर के अधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पहुंचकर मास्क नहीं लगाने वालों पर हो रही कार्यवाही को देखा। उन्होंने स्वयं तथा अपने परिजनों की कोरोना से सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक सतर्कता बरतने, मास्क बिना पहने सार्वजनिक स्थानों में नहीं जाने, अपने हाथों को नियमित तौर पर साबुन से धोने के साथ ही सेनेटाईजर का उपयोग करने की अपील आम नागरिकों से की।

राजहरा माइंस हॉस्पिटल में 1 अप्रैल से कोविड 19 टीकाकरण

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आज दिनांक 1 अप्रैल से , राजहरा माइंस हॉस्पिटल में शासन के निर्देशानुसार 45 वर्ष या इससे अधिक उम्र के सभी लोगों को टीके लगेंगे लोगों को कोविड वैक्सीन लगाए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई आज दिनांक 1 अप्रैल से 10:00 बजे राजहरा माइंस हॉस्पिटल में कोरोना वैक्सीन (टीकाकरण) चालू हो गया है

टीकाकरण का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक तथा 2:00 बजे से संध्या 5:00 बजे तक लगाया जाएगा
इस केंद्र में टीकाकरण का फायदा 45 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति ले सकता है यहां टीकाकरण, नि: शुल्क है ।
संयुक्त खदान मजदूर संघ के संगठन सचिव तोरण लाल जी; कार्यकारी अध्यक्ष दान सिंह चंद्राकर तथा कार्यालय सचिव राजेश कुमार साहू ने टीकाकरण के संबंध अनुविभागीय दंडाधिकारी से मिले टीकाकरण की संबंध में अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी जी ने बताया कि एक दिन में 500लोगों तक का टीकाकरण किया जा सकता है उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक नगरवासि टीकाकरण करवाएं ताकि कोरोनावायरस संक्रमण को रोका जा सके ।

टीकाकरण का कार्य सुचारू रूप से हो तथा वैक्सीन लगवाने वालों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके लिए राजहरा माइंस हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ मनोज डहरवाल तथा महा प्रबंधक सत्येंद्र साहब टीकाकरण करवाने वालों के संपर्क में है

रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उम्र प्रमाणित करने आधार कार्ड या अन्य कोई पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य है मोबाइल नंबर भी बताना होगा ताकि ओटीपी सहित अन्य जरूरी प्रोसेस पूरी हो सके।

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नगरवासियों से जागरूक हो कर वैक्सीन लगवा कर इस महामारी से मिल कर लड़ने की अपील की है ।

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प्रतिबंधित कच्चे लकड़ियों का आरा मिलों में हो रहा अवैध भंडारण: जानकारी के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन

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गुंडरदेही – अर्जुन्दा विकास खण्ड के ग्रामों में गर्मी शुरू होते ही खेतों में स्थित बड़े बड़े पेड़ों की कटाई की जा रही है। प्रतिबंधित पेड़ों की भी कटाई कर अंचल के आरा मिलो में खपाई जा रही है। वही आरा मिल के मालिकों द्वारा दूसरे स्थानों में लकड़ी का भारी भरकम स्टॉक किया गया। अवैध रूप से छुपाकर प्रतिबंधित लकड़ी का परिवहन भी किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन व वन विभाग के नाक के नीचे प्रतिबंधित पेड़ो की कटाई धडल्ले से जारी

अर्जुन्दा विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में इन दिनों लकड़ी कटाई का काम काफी तेजी से चल रहा है। शासन द्वारा कटाई के लिए प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई स्थानीय प्रशासन व वन विभाग के नाक के नीचे होने लगी है। इस पर कोई रोक लगाने वाला नहीं है। बता दे कि अर्जुन्दा के आरा मिल के मालिकों द्वारा किसानों की पेड़ो को औने पौने दामों में खरीदकर अलग अलग स्थानों में इन लकड़ी को छुपा कर रखा जाता हैं। आरा मिल के मालिकों द्वारा भारी भरकम लकड़ी की स्टॉक रखने की जानकारी स्थानीय प्रशासन व वन विभाग को होने के बाद भी कोई कार्यवाही नही की जाती जिसके कारण अर्जुन्दा के आरा मिल मालिकों की हौसला बुलंद होते जा रहे हैं।मिल मालिकों द्वारा पेड़ो की अवैध कटाई कर आरा मिल में अलग अलग साइज में काटकर मेटाडोर में लकड़ी को भरकर ताल पत्री से ढककर अन्य राज्यो में भेजकर लाखो रुपये का व्यारा न्यारा किया जा रहा ।

आरा मिल के मालिकों द्वारा गांव गांव में रखा हैं दलाल

ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में गर्मी के दिनों में ही बड़े बड़े पेड़ों को काटने वाले दलालों की सक्रियता रहती है। किसानों के खेत से फसल कटाई के बाद खेत खाली हो जाते हैं। किसानों को पैसों का लालच देकर दलालों द्वारा लकड़ी की कटाई तेजी से की जाती है। इसके लिए अर्जुन्दा आरा मिलों के मालिकों द्वारा गांव गांव में दलालों को भी रखा गया है जोकि की किसानों को अपने चंगुल में आसानी से फंसा लेते हैं। पकड़े जाने पर किसानों पर कार्रवाई होती है दलाल बच जाते हैं।ऐसा खेल कई वर्षों से मिल मालिकों के द्वारा किया जा रहा हैं।

दिन में कटाई रात को ढुलाई

लकड़ी काटने वालों द्वारा आजकल मशीन का उपयोग किये जाने लगा है। बताया जाता है कि दिन में लड़की की कटाई की जाती है। ज्यादातर शाम के पांच बजे के आसपास कटाई की जाती है। इसके बाद रात भर लकड़ी का गोले बनाने का काम किया जाता है। रात में ही गाड़ियों में लकड़ी को लोड किया जाता है। सुबह चार बजे से लकड़ी का परिवहन छुपाकर किया जाता है।

अर्जुन्दा के आरा मिलो में खपाई जा रही

लकड़ी काटने वालों का एक पूरा सरगना है। इनके द्वारा लकड़ी को काटकर अर्जुन्दा के मिलों में सप्लाई की जाती है। बताया जाता है कि क्षेत्र के आरा मिलो में लकड़ी का स्टाक भारी मात्रा में है। इसके अलावा बड़े शहरों में भी लकड़ी की सप्लाई की जाती है। इस तरह से लकड़ी आरा मिलो में खपाई जाती है।

मॉनिटरिंग का आभाव

लकड़ी की कटाई को रोकने व अवैध रूप से लकड़ी परिवहन पर रोक लगाने वन विभाग व राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन ये दोनों विभाग लकड़ी कटाई व परिवहन को रोक पाने में अक्षम है। वन विभाग व राजस्व के अधिकारी कर्मचारी द्वारा मॉनिटरिंग की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इस कारण लकड़ी कटाई व परिवहन का काम तेजी से फल फूल रहा है।

रात में आरा मिलो में कच्चा पेड़ो की कटाई की जा रही हैं

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा वन क्षेत्र बढ़ाने के नाम पर वृक्षारोपण सहित कई और अन्य योजनाएं संचालित की जा रही है। किंतु इनका कोई भी सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहा है, जबकि विभिन्न योजनाओं के नाम पर सरकार जमकर धनराशि खर्च कर रही है। दूसरी ओर अर्जुन्दा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगी आरा मशीनों पर प्रशासन की अनदेखी के चलते हरे भरे भरे पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से चल रही है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता हरियाली की दुश्मन बनी हुई है। क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन से अधिक अवैध आरा मशीनों का संचालन हो रहा है। दिन मे पेड़ काटने के बाद लकड़ी को रात के अंधेरे में ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर आरा मशीनों पर आकर बेचा जाता है। जहां इसी लकड़ी से तख्ते बना दिए जाते है। अर्जुन्दा क्षेत्र में माफिया लगातार इस हरी लकड़ी को काटने का काम कर रहा है। क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों की सख्या में हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। जिसके चलते अर्जुन्दा क्षेत्र में पेड़ पूरी तरह समाप्त हो गई है। अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के बारे में प्रशासन से लेकर वन विभाग तक जानकारी है। इसके बावजूद भी वन माफिया के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो पा रही है।

महुआ के लिए जंगल में ग्रामीणों ने लगाई आग, वन विभाग बेफिक्र

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वन परिक्षेत्र करपावंड के अंतर्गत चिउरगांव के मारीगुड़ा दाबडीगुड़ा जंगल तक करीब 10 किमी क्षेत्र में जंगल में आग लगी है। महुआ बीनने के लिए ग्रामीणों के द्वारा पेड़ के नीचे फैले सुखे पत्तों को जलाने के लिए आग लगाया जाता है। होली के दिन से लगी आग निरंतर बढ़ते जा रही है। जिसके चलते आसपास के वन क्षेत्र में खतरा बना हुआ है। सुखे जलाऊ और ईमारती लकड़ियाँ भी जल कर खाक हो रहे हैं। लेकिन करपावंड परिक्षेत्र के वन विभाग को आग बुझाने और जंगल में आग न लगाने ग्रामीणों को रोकने तथा समझाईश देने की पहल नहीं की जा रही है।

वन्य प्राणियों का शिकार करीब 15 दिन पहले पाथरी के जंगल में जगली सूअर का अवैध शिकार किया गया था। वही रोजाना खरगोश को मारकर शिकारी हत्या कर रहे है। जनवरी महीने में एक हिरण को मारा गया था। वन विभाग के द्वारा खानापूर्ति कर हिरण की मौत को कुतो के द्वारा हमला किया जाना बताकर फाईल बंद कर दी गई। लेकिन लोगों का कहना है हिरण का शिकार किया गया था। उसे किसी हथियार से मारा गया। इस तरह वन के साथ-साथ वन्य प्राणियों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। संभाग मुख्यालय के नजदीक जहां आलाधिकारी रहते हैं वहां इस तरह वन विनाश होने से राष्ट्रीय क्षति हो रही हैं।

करपावंड वन परिक्षेत्र में आगजनी की सूचना मिली है। महुआ बीनने के लिए ग्रामीण हर साल सूखे पत्तों में आग लगाते हैं। लेकिन आग भड़कने से वन और वन्यप्राणी को नुकसान होता है। वन विभाग को तत्काल आग बुझाने स्थल पर कारवाई करनी चाहिए। साथ ही ग्रामीणों को मी आग लगाने से बचना चाहिए क्योंकि वन है उनकी जीविका जुड़ी हुई है। वन सम्पदा वनवासियों का रोजी-रोटी का जरिया भी है।

लखेश्वर बघेल, विधायक बस्तर

विशाल वन क्षेत्र को 2-4 चौकीदारों के भरोसे छोड़ दिया गया है। बताया गया कि यह आग बड़कोट कादोमाली जंगल तक फैल गई है। इस संबंध में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से पुछे जाने पर उनका कहना है कि ग्रामीणों ने आग लगाया है हमने नहीं लगाया है। महुआ सीजन में हर साल ऐसा होता है। गांव वालों को जंगल की रक्षा के लिए खुद सोचना चाहिए। इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान से ग्रामीणों के हौसले बढ़ रहे हैं। कहा जा रहा है कि जहां आग लगी है उस क्षेत्री सागौन, सरगी समेत अनेक प्रजाति के पेड़ों के बहुतायत है। यदि आग पर जल्दी काबुनहीं पाया गर तो काफी नुकसान की आशंका है |

कोतवाली पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर प्रार्थिया का मोबाईल ढुंढकर, प्रार्थिया को सुपुर्द किया गया

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पुलिस थाना कोतवाली में प्रार्थिया शकंुतला गुप्ता ने उपस्थित आकर लिखित आवेदन प्रस्तुत किया कि दिनांक 30.03.2021 को माॅ दंतेष्वरी मंदिर से इनके मोबाईल को किसी व्यक्ति ने उठा लिया है कि सूचना प्राप्त होने पर तुरंत उक्त मोबाईल का पतासाजी किया गया किया।

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जिस पर पुलिस अधीक्षक महोदय, दीपक झा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाष शर्मा के मार्गदर्षन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में थाना स्टाफ-आरक्षक भुपेन्द्र नेताम व हिमांषु यादव डाॅलय-112 के द्वारा सूचना प्राप्त होते ही तत्काल सीसीटीव्ही फुटेजों के आधार पर मोबाईल का खोजबीन किया गया। खोजबीन करने पष्चात तस्दीक बाद विधिवत् मोबाईल प्रार्थिया को सुपुर्द किया गया। थाना स्टाफ द्वारा तुरंत मोबाईल ढुंढकर देने पर प्रार्थिया द्वारा समस्त थाना स्टाफ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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सरपंच ने की पटवारी को हटाने की मांग, मामला ग्राम पंचायत सरगीपाल का

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जगदलपुर ।ग्राम पंचायत सरगीपाल की सरपंच व पंचों ने बस्तर जिला कलेक्टर से पटवारी को हटाने लिखित शिकायत की है।
ग्राम पंचायत सरगीपाल की सरपंच चंपा नाग ने बताया कि पटवारी पाठक जबसे ग्राम पंचायत सरगीपाल में पदस्थ है तब से उनके द्वारा शासकीय भूमि पर इनके रिश्तेदार एवं परिचित द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण किया जा रहा है।साथ ही उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह पूर्व में भी कलेक्टर से इसकी शिकायत कर चुकी है, किंतु आज दिनांक तक इस पर कार्यवाही नहीं की गई और ना ही इसकी जांच की गई है।

उन्होंने बताया कि अतिक्रमण करने वाले लोगों को मना करने पर धमकी भी उन्हें दी जा रही है। उन्होंने मांग की है कि 9-10 वर्षों से जो लोग अपना मकान बनाकर रह रहे हैं उन्हें स्थाई माना जाए जो लोग खाली जमीन पर बाउंड्री वाल बनाकर अवैध रूप से कब्जा किए हैं उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए साथ ही उन्होंने मांग की है कि वर्तमान पटवारी इस स्थान से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए ताकि इस प्रकार के अवैध रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा करने पर रोक लग सके और नजूल सरकारी भूमि को बचाया जा सके।

दल्लीराजहरा के वार्ड क्र 13 लोडिंग क्वार्टर में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

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दल्लीराजहरा के वार्ड क्र 13 लोडिंग क्वार्टर घोडा मंदिर वार्ड में कुछ समय पूर्व युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की | मौत का कारण अज्ञात है | युवक का नाम मनीष माटे बताया जा रहा है उम्र लगभग 25-30 वर्ष बताया जा रहा है | कुछ समय से वार्ड क्र 21 रेल्वे कॉलोनी में निवास कर रहा था एवं पूर्व में वार्ड क्र 13 में भी निवास करता था | सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक बीएसपी माइंस में ठेकेदारी ड्राईवर का कार्य करता था | जानकारी मिलने तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी |

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कोरोना के दुसरे चरण में कम्युनिटी स्प्रेड एवं मौत से आमजन के मन में दहशत का माहौल

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कोरोना की दूसरी लहर में कम्युनिटी स्प्रेड एवं लोगों की लापरवाही से संक्रमितों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है बालोद जिले के कुछ क्षेत्र कंटेंटमेंट जोन की श्रेणी में आ चुके है जहाँ जल्दी ही जागरूकता का परिचय नहीं दिया अथवा प्रशासनिक कड़ाई नहीं की गई तो जल्द ही दुर्ग व रायपुर के जैसे बालोद के कई क्षेत्र भी कंटेंटमेंट जोन को घोषित करना पड़ सकता है | पिछले दो-तीन दिनों में कई मौते हो चुकी है |

कोरोना की दूसरी लहर बालोद जिले के लिए भयावह साबित हो रहा है | कल से जिला कलेक्टर द्वारा रात्रिकालीन कर्फ्यू का आदेश जारी किया गया है | किन्तु सबसे ज्यादा जरुरी है कोविड के नियमों का पालन करने से ही इस वैश्विक महामारी से बचा जा सकता है |

दल्लीराजहरा में इस प्रकार कोरोना संक्रमण को देखते हुए कल से कोविड केयर सेंटर का पुनः संचालन किया जा रहा है |

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज 31 मार्च 2021 को दल्लीराजहरा और चिखलाकसा से 38 मरीजों की पुष्टि हुई है जिसमे दल्लीराजहरा से 18 संक्रमितों की वार्डवार जानकारी मिली है जो इस प्रकार है –

|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध कता है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||

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स्वास्थ्य विभाग में सीएमएचओ के शह पर पदौन्नति घोटाला, नप गए बाबू देवांगन, सीएमएचओ पर भी गिर सकती है गाज, 15 अप्रैल तक होगी नए सिरे से पदोन्नति

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जगदलपुर, 31 मार्च 2021/ कलेक्टर श्री रजत बंसल ने बस्तर जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवम्बर 2020 में जारी चतुर्थ वर्ग के पदोन्नति आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से पदोन्नति करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ आरके चतुर्वेदी के विरुद्ध विभागीय जांच सहित गंभीर अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं को अनुशंसा करते हुए उनके स्थापना लिपिक श्री डीके देवांगन को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर श्री बंसल द्वारा चतुर्थ वर्ग की पदोन्नति के मामले में अनियमितता की शिकायतों की जांच के लिए गठित समिति को प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर यह कार्यवाही की गई है।

उल्लेखनीय है कि नवम्बर 2020 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा बस्तर जिले के स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों का पदोन्नति आदेश जारी किया था। इस पदोन्नति आदेश में अनियमितता की शिकायत पाए जाने पर कलेक्टर श्री बंसल ने अपर कलेक्टर श्री अरविंद एक्का की अध्यक्षता में संयुक्त जांच समिति गठित की थी। इस जांच समिति द्वारा पदोन्नति के मामले की सुक्ष्मता से जांच कर प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा था। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित पदोन्नति समिति के अन्य सदस्य एवं स्थापना लिपिक को नोटिस जारी किया गया था। संयुक्त जांच समिति ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के जवाब को संतोषप्रद नहीं पाया वहीं पदोन्नति की प्रक्रिया को पूरी तरह दोषपूर्ण पाया गया। जांच समिति ने पाया कि कार्यालय द्वारा अपात्र कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और स्थापना लिपिक को संदेह के दायरे में यह कार्यवाही की गई।

कलेक्टर ने नवम्बर 2020 में जारी सभी आठ पदोन्नति आदेश को निरस्त करते हुए 15 अप्रैल के पूर्व शासन के सभी नियमों का पालन करते हुए पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति के निर्देश दिए गए हैं।

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