City Media - Page 411 of 1852 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 411

कांटे के मुकाबले में विमल बोथरा ने 13 वोट से मारी बाजी

0

बस्तर चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के चुनाव में सिधे तौर पर विमल बोथरा और अशोक लुक्कड़ के बीच कांटे की टक्कर रही। 2117 मतदाताओं में से 1563 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। शाम बजे से चुनाव की गिनती शुरू हुई। चुनाव का माहौल जैसा था वैसा ही चुनाव परिणाम भी रोचक रहा।

पांचवें राऊंड की गिनती में विमल बोथरा को 784 तो अशोक लुक्कड़ को 771वोट मिले तथा विमल बोथरा ने 13 वोटों से जीत दर्ज किया।पहले 1563 राउंड की गिनती 300 मतों से हुई जोकि पांच राउंड तक चली।पहले राउंड में विमल बोथरा को 144 तो अशोक लुक्कड़ को 156 जिससे 8 वोट से अशोक आगे रहे। दूसरे राउंड में विमल बोथरा को 150 तो अशोक लुक्कड़ को 148 जिससे अशोक लुक्कड़ दो वोट से पिछड़े।तिसरे राऊंड में विमल बोथरा 149 तो अशोक लुक्कड़ 151 यहां भी अशोक लुक्कड़ दो पिछड़े। चौथे चरण की गिनती में विमल 166 तो अशोक लुक्कड़ 129 जिससे अशोक 38 रन से पिछड़े और पांचवें राऊंड में विमल बोथरा को 173 तो अशोक लुक्कड़ को 187 वोट मिला जिससे पांचवें राऊंड में 14 वोट की बढ़त बनाई किंतु चौथे राउंड में 34वोट के गड्ढे को नहीं भर पाए और पांचवें राऊंड तक की कुल गिनती में विमल बोथरा को 784 तो अशोक लुक्कड़ को 771 वोट मिला अंततः विमल बोथरा ने अशोक लुक्कड़ को 13 वोटों से हरा दिया।

ग्राम पंचायत बकावंड में फर्जी बिल लगाकर किए जा रहे लाखों के वारे न्यारे

0
  • फर्जी फर्म, फर्जी अकाउंट और भुगतान भी फर्जी

अर्जुन झा-

बकावंड ग्राम पंचायत बकावंड में फर्जी बिलों, फर्जी फर्म और फर्जी अकाउंट के जरिए लाखों के वारे न्यारे किए जा रहे हैं। यह सारा खेल अधिकारियों के संरक्षण में सरपंच और सचिव द्वारा किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत में बकावंड में काम तो कुछ कराया जाता नहीं, मगर कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट जरूर की जाती है। यह बंदरबांट दस्तावेजों में फर्जी कार्य दर्शाकर, फर्जी बिल लगाकर और फर्जी फर्मों को फेक पेमेंट शो करके की जा रही है। ग्राम पंचायत को शासन के विभिन्न मदों और जिला खनिज न्यास ट्रस्ट से प्राप्त लाखों की लूट बकावंड ग्राम पंचायत में चल रही है। बकावंड ग्राम पंचायत का सारा कामकाज सचिव ही सम्हाल रहे हैं और सरपंच को महज कठपुतली बनाकर रख दिया गया है। यहां लगातार फर्जी बिल लगाकर राशि का भुगतान प्राप्त किया जा रहा है। अगर जमीनी स्तर पर देखा जाए तो सन 2020 से 2024 के बीच कोई निर्माण कार्य ही नहीं हुआ है, मगर इस अवधि में करोड़ों रुपयों का भुगतान फर्जी बिल लगाकर प्राप्त कर लिया गया है। आंगनबाड़ी, स्कूल, पंचायत, गोठान, बाजार स्थल शेड, शौचालय, रनिंग वाटर, हैंडपंप मरम्मत, पाइप लाइन मरम्मत, नाली निर्माण व सफाई का काम यहां वर्षों से हुआ ही नहीं हैं, मगर इन कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर राशि जरूर प्राप्त कर ली गई है। लाखों रुपए गबन यहां किया जा चुका है। जिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार रोकने की जवाबदारी है, वे भी पैसों की चमक के आगे नतमस्तक हो चुके हैं और भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे दी गई है

35 हजार से फर्नीचर मरम्मत

भुगतान के दस्तावेज और बिलों से यह जाहिर नहीं हो पाता कि बिल असली है या फेक? ऐसे भुगतान की एक प्रति हमें मिली है, जिसमें मरम्मत कार्य के नाम पर तथाकथित पिंकी फर्नीचर मार्ट को मरम्मत कार्य के नाम पर 35 हजार रुपए के भुगतान का उल्लेख है। चूंकि भुगतान फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े फर्म को किया गया है, तो जाहिर सी बात है कि फर्नीचर्स की ही मरम्मत कराई गई होगी। हालांकि ग्राम पंचायत में ऐसे फर्नीचर हैं ही नहीं जिनकी मरम्मत की नौबत आई हो। जितनी बड़ी रकम तथाकथित मरम्मत में खर्च की गई है, उतनी रकम में तो 4 -5 सेट नए फर्नीचर ही खरीदे जा सकते हैं।दूसरी बात यह कि पिंकी फर्नीचर मार्ट कहां का है, इसका भी कोई अता पता नहीं है।आखिर ऊपर बैठे उच्च अधिकारी इस करप्शन को रोक क्यों नहीं पा रहे हैं, यह भी एक बड़ा सवाल है। कहीं उच्च अधिकारी की रजामंदी से यह सब तो नहीं हो रहा है? शायद इसी वजह से उच्च अधिकारी मौन रहते हैं। ऊपर बैठे अधिकारी पंचायत के कर्मचारियों के काले कारनामों व फेक बिलों की कभी जांच तक नहीं करते। कुल मिलाकर कार्रवाई न होना अधिकारियों की कमीशनबाजी की तरफ इशारा करता है। ग्राम पंचायत में लाखों रुपए की हेराफेरी की जा रही है, परंतु जिला पंचायत को इसकी कोई जानकारी जनपद पंचायत द्वारा दी जाती।

वर्सन

तो होगी कार्रवाई

एसडीम बकावड़ गगन शर्मा

अगर ग्राम पंचायत में फर्जी बिल लगाकर राशि की गड़बड़ी की जा रही है, तो कार्रवाई जरूर होगी।

गगन शर्मा,

           एसडीएम, बकावंड

देश के विभिन्न हिस्सों से आए सोशल मीडिया इनफ्लुरेंस करेंगे “द बस्तर मड़ई” का प्रमोशन

0
  •  द बस्तर मड़ई, सांस्कृतिक पुरातात्विक एवं पर्यटन स्थलों में आएं और करें अनुभव 
    जगदलपुर बस्तर की अपने नैसर्गिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनूठी सामाजिक ताना-बाना और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों के बारे में सोशल मीडिया के इनफ्लुरेंस अब देश-दुनिया को परिचित करवाएंगे। शुक्रवार को आसना स्थित बादल अकादमी में कलेक्टर विजय दयाराम के. और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए सोशल मीडिया इनफ्लुरेंस से चर्चा करते हुए “द बस्तर मड़ई” कॉन्सेप्ट के माध्यम से बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में सहयोग देने कहा। ज्ञातव्य है कि जिला प्रशासन द्वारा बस्तर में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु तैयार किए गए द बस्तर मड़ई के लोगो, बस्तर टूरिस्ट सर्किट मैप और थीम म्यूजिक का हाल ही में विमोचन किया गया है। इस मौके पर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बस्तर की खूबियों को रेखांकित करते हुए बताया कि लगभग 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा के दौरान विभिन्न पूजा विधान के अंतराल को देखते हुए दशहरा के साथ साथ बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों, एडवेंचर स्थल, सांस्कृतिक स्थलों से पर्यटकों को अवगत कराने के लिए प्रशासन द्वारा “द बस्तर मड़ई” का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया है। इसके तहत बस्तर में पर्यटकों को अन्य स्थलों का भ्रमण करने व देखने, समझने का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि द बस्तर मड़ई में नीले रंग में बस्तर की जल से संबंधित पर्यटन स्थल, हरे रंग में जंगल से संबंधित स्थल, भूरे रंग गुफा और पुरातव स्थल, पीले रंग में आदिवासी संस्कृति एवं बस्तर के हाट-बाजार और लाल रंग में बस्तर की आध्यात्मिक शक्ति विशेषकर आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा को प्रदर्शित किया गया है। बस्तर टूरिस्ट सर्किट मैप में चार रंगों के जरिए 42 पर्यटन स्थलों की जानकारी तथा स्थलों के संक्षिप्त विवरण के साथ रूट की जानकारी और बस्तर जिला में पहुंचने के लिए परिवहन सेवा रेलमार्ग, वायुमार्ग एवं सड़क मार्ग की जानकारी दी गई है। पहले लोग बस्तर के प्रसिद्ध दशहरा, चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कुटुमसर गुफा को देखने आते थे। इसमें परिवर्तन करते हुए बस्तर की अन्य ख़ूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत को भी दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।

धुरवा तुवाल से किया सम्मान
इस दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सोशल मीडिया इनफ्लुरेंस एवं युवाओं ने बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों तथा पर्यटन स्थलों को देखने समझने के लिए अपार उत्साह दिखाया और अगले दो दिन 31 अगस्त एवं 1 सितम्बर को पूरे बस्तर का भ्रमण कर बस्तर की खूबियों को संजोने के क्रम में भरपूर सहभागी बनने की बात कही। इस मौके पर कलेक्टर विजय ने सभी सोशल मीडिया इनफ्लुरेंस एवं युवाओं को धुरवा तुवाल भेंटकर सम्मानित किया और धुरवा तुवाल के संबंध में बताया कि बस्तर की धुरवा जनजाति के लोग अपने घर आए मेहमान को यह अंग वस्त्र सम्मान स्वरूप भेंट करते हैं। इस अवसर पर बादल अकादमी में बस्तर की लोक संस्कृति की छटा भी देखने को मिली, जिसमें पारम्परिक लोक कलाकारों द्वारा आकर्षक धुरवा लोक नृत्य एवं डंडारी लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान बादल अकादमी के लोक कलाकारों ने गोंडी लोकगीत की मधुर प्रस्तुति देकर बस्तर को देखने समझने और बूझने का प्रेरक संदेश दिया। कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, एसडीएम जगदलपुर भरत कौशिक सहित अन्य अधिकारी और पर्यटन से जुड़े युवाओं के साथ ही स्थानीय लोक कलाकार मौजूद रहे।

क्या हैद बस्तर मड़ई
लोक संस्कृति मड़ई में बस्तर की परंपरा और संस्कृति को एक आधुनिक समागम के साथ अनुभव किया जा सकता है। इसमें विविध सांस्कृतिक आयाम, सामुदायिक सहभागिता और बस्तर की धरोहर को पर्यटकों के मन में जीवंत ढंग से चित्रित करने की कोशिश है। बस्तर अंचल के नैसर्गिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति, प्रचुर खनिज एवं वनोपज संपदा के साथ ही ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करने सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के दौरान पर्यटकों को बस्तर को करीब से देखने-समझने एवं बूझने का अवसर प्रदान करने हेतु “द बस्तर मड़ई” कॉन्सेप्ट तैयार किया गया है।

विस्फोटक के साथ चार नक्सली सदस्य गिरफ्तार

0
  • पुलिस और सीआरपीएफ की बड़ी कार्रवाई 
    जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत 30 अगस्त को थाना बीजापुर, डीआरजी एवं सीआरपीएफ के संयुक्त बल ने चार नक्सलियों को विस्फोटकों के साथ पकड़ा है।
    यह संयुक्त बल बंडागुड़ा- गोरना की ओर एरिया डॉमिनेशन पर निकला था। अभियान के दौरान रास्ते में 4 संदिग्ध व्यक्ति मिले जो पुलिस पार्टी को देखकर छुपने की कोशिश कर रहे थे। बल ने घेराबंदी कर संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ करने पर अपना नाम सुक्कू ऊर्फ मेटटा कुरसम आरपीसी सीएनएम कमांडर, बच्चू कुरसम संघम सदस्य,
    सुदरू हेमला आरपीसी मनकेली सदस्य जंगल शाखा सदस्य, राकेश कुरसम डीएकेएमएस सदस्य बताया। पकड़े गए नक्सलियों से विस्फोटक, टिफिन बम, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर बरामद किए गए। थाना बीजापुर में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर चारों को न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया गया है। थाना बीजापुर एवं केरिपु 168 वाहिनी की संयुक्त कार्यवाही में ग्राम भोसागुड़ा के जंगल से मिलिशिया सदस्य मोड़ियम आयतू ऊर्फ रोटेल को पकड़ा गया। जिसके विरूद्ध थाना बीजापुर में हत्या, अपहरण, आगजनी, पुलिस पार्टी पर फायरिंग एवं आइईडी ब्लास्ट करने की घटना में शामिल होने का मामला पूर्व से दर्ज है। उक्त नक्सली के विरूद्ध थाना बीजापुर में 14 स्थाई वांरट लंबित हैं।

संजीवनी एंबुलेंस में में ही कराना पड़ा प्रसव, ताला लटका था अस्पताल में

0
  • 108 में गूंजी किलकारी, स्वास्थ्य कर्मी सोते रहे 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों में स्वास्थ्य सेवा किस कदर बदहाल है, इसके उदाहरण आएदिन सामने आते रहते हैं। अब अति नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से एक ऎसी खबर आई है, जो छत्तीसगढ़ सरकार के सारे किए धरे पर पानी फेरने वाली साबित हो रही है। दरअसल इस जिले के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका रहा और एक जननी ने अस्पताल की दहलीज पर एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया। फिर भी अस्पताल का ताला नहीं खुल पाया।

बस्तर संभाग के शहरों व कस्बों में पदस्थ सरकारी डॉक्टर जहां प्राइवेट प्रेक्टिस में मस्त हैं, वहीं अंदरूनी इलाकों में पदस्थ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मर्जी के मालिक बने वैठे हैं। अंदरूनी इलाकों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कपाट सांझ ढलते ही बंद कर दिए जाते हैं और डॉक्टर्स सहित सारे कर्मचारी घरों को लौट जाते हैं। इसका एक ज्वलंत उदाहरण संभाग के दंतेवाड़ा जिले के तुमनार उप स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला। ग्राम गुमलनार पटेलपारा की गर्भवती महिला प्रसव महिला पुंगार अटामी को शुक्रवार रात 11 से 12बजे के बीच प्रसव पीड़ा उठी। उसके परिजनों ने 102 जननी एक्सप्रेस को डायल किया, फिर भी एंबुलेंस न भेजकर उन्हें 112 में कॉल करने की सलाह दे दी गई। गर्भवती की हालत बिगड़ती देख संजीवनी 108 को कॉल किया गया।

 

लगभग आधे घंटे में संजीवनी टीम मितानिन के साथ पहुंच गई और गर्भवती महिला पुंगार अटामी को रात करीब 1 बजे उप स्वास्थ्य केंद्र तुमनार पहुंचाया गया। मगर उप स्वास्थ्य केंद्र का मेन गेट बंद मिला और कोई भी कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था। आखिरकार 108 में मौजूद ईएमटी रविंद्र कुमार, पायलट अशोक सिंह ठाकुर, मितानिन और गर्भवती के पति घासीराम तथा सास-ससुर ने मिलकर संजीवनी 108 एंबुलेंस में ही नार्मल डिलवरी करवाई। गनीमत रही कि कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई। सवाल यह उठता है कि आपातकाल के दौरान ही इन सेवाओं की जरूरत पड़ती है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि इन सेवाओं के प्रति कर्मी लापरवाह होते हैं और व्यवस्था में बड़ी खामियां देखने को मिल जाती हैं। बहरहाल दंतेवाड़ा जिले में नए सीएमएचओ की पदस्थापना के बाद व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जरुर जागी है, लेकिन अब भी लगातार स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं।

 

नशे के खिलाफ बड़ी कार्यवाही 32 लाख के अफ़ीम के साथ अंतरराज्यीय तस्कर को किया पुलिस ने गिरफ्तार

0
  • प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम के साथ पंजाब के अंतर्राज्यीय आरोपी कुलजिन्दर सिंह गिरफ्तार
  • थाना सिविल लाईन क्षेत्रांतर्गत पंडरी एक्प्रेसवे के नीचे प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम के साथ आरोपी को पकड़ा गया रंगे हाथ
  • थाना सिविल लाईन पुलिस टीम द्वारा की गई कार्यवाही
  • आरोपी मूलतः गुरदासपुर पंजाब का है निवासी
  • आरोपी के कब्जे से 2.106 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम तथा घटना प्रयुक्त एक्टिवा वाहन किया गया है जप्त
  • जप्त मशरूका की कुल कीमत है लगभग 32,13,340/- रूपये
  • आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 475/24 दर्ज कर धारा 18(बी) नारकोटिक एक्ट के तहत् की गई है कार्यवाही  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ. संतोष कुमार सिंह के दिशा निर्देश पर रायपुर पुलिस द्वारा निजात अभियान के तहत नशे के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें समस्त थाना एवं एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। नारकोटिक्स एक्ट पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु विशेष टीम का गठन किया गया है साथ ही समस्त थाना प्रभारियों को नशे की सामाग्री बिक्री करने वालों एवं सप्लाई करने वालों पर कठोर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है।

इसी क्रम में दिनांक 30.08.24 को सूचना प्राप्त हुई कि पंडरी एक्प्रेसवे के नीचे, एक सरदार काले रंग का पगड़ी पहने, एक्टीवा वाहन क्रमांक सीजी 04 पी.एस. 5109 में अवैध मादक पदार्थ अफीम रखा है तथा बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश कर रहा है। जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन श्री अनुराग झा द्वारा थाना प्रभारी सिविल लाईन को सूचना की तस्दीक कर आरोपी को अफीम के साथ रंगे हाथ पकड़ने निर्देशित किया गया, जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना सिविल लाईन पुलिस टीम द्वारा उक्त स्थान में जाकर रेड कार्यवाही कर मुखबीर द्वारा बताये हुए हुलिये के व्यक्ति को चिन्हांकित कर पकड़ा गया। जिससे पूछताछ करने पर अपना नाम कुलजिन्दर सिंह पिता सरदार चन्नन सिंह पता गुरदासपुर पंजाब का होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा तलाशी लेने पर उसके पास प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम रखा होना पाया गया। जिस पर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2.106 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम तथा घटना में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 पी.एस. 5109 जुमला कीमती लगभग 32,13,340/- रूपये जप्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 475/24 धारा 18(बी) नारकोटिक एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी के विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी

कुलजिन्दर सिंह पिता सरदार चन्नन सिंह उम्र 49 साल पता ग्राम कल्लू सोहना, थाना कादिया, जिला गुरदासपुर पंजाब। हालपता गुरूद्वारा के पीछे, टावर वाला मकान श्यामनगर, थाना तेलीबांधा रायपुर कार्यवाही में उनि. नरसिंह साहू, सउनि. प्रमोद शुक्ला, प्र.आर. 283 टीकेमणी कुमार, आर. 2600 महेन्द्र वर्मा, आर. कमलेश सिंह राजपुत, आर. दीपक पटेल, आर. तोरण उपाध्याय एवं आर. मेघराज बैस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विवादित युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया स्थगित, शिक्षकों में खुशी की लहर

0
  • युक्तियुक्तकरण रद्द होना शैक्षिक संगठनों के एकता की जीत :शंकर साहू प्रांताध्यक्ष

जगदलपुर प्रदेश सरकार ने फिलहाल शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को स्थगित कर दिया है। इससे शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। प्रदेश के लगभग 2 लाख शिक्षक युक्तियुक्तकरण का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि पूरी प्रक्रिया नियम विरुद्ध एवं विसंगति युक्त है। इसे तत्काल रद्द करने की मांग शुरू से उठने लगी थी। राज्य के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर रखी थी।छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन व छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक महासंघ के 16 तारीख को आंदोलन के आह्वान के बाद सरकार दबाव में आई तथा लगातार विभिन्न संगठनों की एकता एवं युक्तिकरण का विरोध हुआ।

 

आंदोलन की चेतावनी के बाद 28 तारीख को मंत्रालय और संचालनालय में बैठक हुई। बैठक में भी सभी कर्मचारी संघों ने विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण का घोर विरोध किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन ने भी डीपीआई की बैठक में युक्तिकरण को तत्काल रद्द करने का पुरजोर तरीके से मांग रखी। प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू, शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी, गवर्नमेंट एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार नवरंग, छग शैक्षिक समन्वयक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम राय, छत्तीसगढ़ सर्व शिक्षण कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र बनाफर, संयुक्त प्रधान पाठक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल दास मुरचुले, छत्तीसगढ़ शिक्षक अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष धरमदास बंजारे, छत्तीसगढ़ वरिष्ठ व्याख्याता संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र गिलहरे, प्रदेश शिक्षक सेवी कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष चेतन दास बघेल, विधि सलाहकार शिव सारथी व छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संरक्षक रेखराज साहू, अनिल रामटेके, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ के संयोजक हीना कश्यप, प्रदेश सचिव अशोक कुमार तेता, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष संजय मेहर, दीपक प्रकाश, नरेंद्र देवदास, प्रदेश मीडिया प्रभारी- रमेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यलाल साहू, प्रेमचंद सोनवानी, भुनेश्वरी सहारे, प्रदेश प्रवक्ता हेमलता बढ़ई, प्रदेश प्रभारी महामंत्री जितेंद्र साहू, प्रदेश महासचिव रत्नाकर खूंटिया, भूपेंद्र साहू, मितेंद्र कुमार बघेल द्वारा मंत्रालय व संचनालनय के सभी अधिकारियों को युक्तिकरण की प्रक्रिया तत्काल स्थगित करने के लिए साथ ही मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, राज्य सरकार एवं समस्त अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। यह जानकारी रमेश साहू प्रदेश मीडिया प्रभारी छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन ने दी।

सक्रिय महिला नक्सली सहित 5 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

0
  • छग शासन की पुनर्वास नीति से नक्सली प्रभावित 

अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति एवं नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से से सुकमा जिले में फिर एक सक्रिय महिला नक्सली समेत पांच नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में डीआरजी अल्फा टीम, थाना पुलिस बल पोलमपल्ली, 208 कोबरा वाहिनी एवं जी 188 वाहिनी सीआरपीएफ की आसूचना शाखा की विशेष भूमिका रही है।

बस्तर संभाग के सुकमा जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाया जा रहे छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति एवं ‘नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैंप स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर हिंसा से तंग आकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से नक्सली संगठन में सक्रिय 1 महिला सहित कुल 5 नक्सलियों ने समर्पण किया है। इनमें महिला दुधी भीमे पति सोड़ी रमेश अरलमपल्ली आरपीसी सीएनएम सदस्या उम्र 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी अरलमपल्ली बडापारा थाना पोलमपल्ली, वेट्टी राजा पिता वेट्टी हिड़मा टेटेमड़गू आरपीसी मिलिशिया सदस्य उम्र 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी कोमलपाड़ कोसनपाड़ थाना किस्टाराम, वंजाम गंगा पिता स्व. मासा टेटेमड़गू आरपीसी मिलिशिया सदस्य उम्र 27 वर्ष जाति मुरिया निवासी कोमलपाड़, दुधी पोज्जा उर्फ बोक्के उर्फ बैरा पिता भीमा टेटेमड़गू आरपीसी मिलिशिया सदस्य उम्र 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी कोमलपाड़ (कोसनपाड़) थाना किस्टाराम एवं कवासी भीमा पिता स्व. हिड़मा टेटेमड़गू आरपीसी मिलिशिया सदस्य) उम्र 49 वर्ष जाति मुरिया निवासी कोमलपाड़ कोसनपाड़ शामिल हैं। इन लोगों ने आज 30 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में शमनीष रात्रे उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, कृष्ण कुमार चंद्रा, सहायक कमांडेंट 188 वाहिनी सीआरपीएफ एवं आरक्षक एल. शेषागिरी, 208 कोबरा वाहिनी के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। महिला नक्सली दुधी भीमे पति रमेश को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में जी188 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा एवं थाना पुलिस बल पोलमपल्ली का विषेष प्रयास रहा एवं शेष नक्सलियों को आत्मसर्मण हेतु प्रोत्साहित करानें में रामकृष्ण तिवारी, सहायक कमांडेंट 208 कोबरा वाहिनी आसूचना शाखा एवं डीआरजी अल्फा टीम का विशेष प्रयास रहा। सभी सदस्य प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गश्त पार्टी की रेकी कर हमला करने, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाईक, बम लगाने, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करने, शासन- प्रशासन के विरूद्ध बैनर, नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने आदि घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं प्रदान कराई जाएंगी।

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में मनाई गई हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जयंती

0

जगदलपुर डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की 119 वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान प्राचार्य मनोज शंकर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में जन्मे ध्यानचंद की जयंती पर हर साल देश में 29 अगस्त को खेल दिवस मनाया जाता है। भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद ने तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में उनके रहते हुए टीम ने कमाल किया था और स्वर्ण पदक जीतने में सफलता पाई थी। देश में खेलों की परंपरा को याद करने के लिए और मेजर ध्यानचंद को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है और इसी क्रम में डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल मे हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की 119 वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना सभा में मेजर ध्यानचंद के छायाचित्र के समक्ष प्राचार्य मनोज शंकर एवं कैबिनेट स्पोर्ट के कप्तान द्वारा पुष्प अर्पित किया गया।

प्राचार्य मनोज शंकर ने बताया कि मेजर ध्यानचंद ने सेना में रहते हुए राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी प्रतियोगिताएं जीती और भारत का नाम रोशन किया। भारतीय हॉकी में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार को बदलकर मेजर ध्यान चंद पुरस्कार रखा गया।पढ़ाई के साथ ही शारीरिक विकास के लिए खेल भी आवश्यक होता है। खेल के क्षेत्र में भी जाकर हम अपना अच्छा भविष्य बना सकते हैं। शिक्षक देवसिंह नेताम ने कहा कि भारत में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का नाम ऐसे लोगों में शुमार है जिन्होंने अपने खेल से भारत को ओलंपिक खेलों की हॉकी स्पर्धा में स्वर्णिम सफलता दिलाने के साथ ही परंपरागत एशियाई हॉकी का दबदबा भी कायम किया। उनका जन्म राजपूत परिवार में हुआ था अपने पिता समेश्वर सिंह की तरह वे भारतीय सेना में शामिल हो गए और वहीं उन्हें इस खेल से लगाव हो गया। चांदनी रात में ही अभ्यास करते थे और इसलिए उनके साथियों ने उनका नाम ध्यानचंद रख दिया। इस अवसर पर विद्यालय में अनेक खेल प्रतियोगिताएं करवाई गई जिसमे सभी विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त छात्र -छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।

छिंदावाड़ा एकलव्य आवसीय विद्यालय के 30 आदिवासी बच्चे हुए फूड पॉयजनिंग के शिकार, 7 की हालत नाजुक

0
  •  23 को उपचार के बाद अस्पताल से मिली छुट्टी 
  • विधायक किरण देव और कलेक्टर विजय पहुंचे महारानी अस्पताल 

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर के आवसीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले आदिवासी बच्चों की सेहत से संबंधित संस्था प्रमुख खिलवाड़ कर रहे हैं। कहीं छात्रावास अधीक्षक छात्रावास में रात नहीं रुकते, तो कहीं बच्चों के भोजन की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता। ऎसी ही लापरवाही के चलते बस्तर जिले के दरभा विकासखंड के एकलव्य आवासीय विद्यालय छिंदावाड़ा के 30 बच्चे फूड पायजनिंग के हुए शिकार हो गए। हालांकि त्वरित उपचार मिल जाने से 23 बच्चे स्वस्थ होकर लौट चुके हैं, मगर 7 बच्चों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इन बच्चों का महारानी अस्पताल जिला चिकित्सालय जगदलपुर में गहन उपचार जारी है।

जानकारी के मुताबिक दरभा विकासखंड के छिंदावाड़ा में संचालित एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय के 30 बच्चों को एकसाथ उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। हालांकि संबंधित विभाग के अधिकारियों ने अपनी खाल बचाने के लिए जिला प्रशासन को झूठी जानकारी दी है कि बच्चों ने परिसर के बाहर जाकर कुछ भोजय पदार्थ खा लिया था, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ी है, मगर हमारे सूत्र का दावा है कि देर रात आवासीय विद्यालय का खाना खाने से बच्चे फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए हैं। हालत बिगड़ने पर सभी 30 बच्चों को आनन फानन में एंबुलेंस के जरिए महारानी अस्पताल जगदलपुर लाकर भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने पीड़ित बच्चों का तुरंत ईलाज शुरू कर दिया। इसके चलते 23 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो गए, उन्हें आज अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं सात बच्चों की हालत अभी भी नाजुक है और उनका सघन उपचार चल रहा है।सीएमएचओ, जिला शिक्षा अधिकारी और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त ने छिंदावाड़ा के एकलव्य आवासीय विद्यालय पहुंचकर जांच पड़ताल की।

आम है ऎसी लापरवाही

आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा बस्तर जिले में संचालित छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों में घोर लापरवाही आम बात हो चली है। कहीं बच्चों को भगवान भरोसे छोड़कर संबंधित अधीक्षक अपने निजी निवास में रात बिताते हैं, तो कहीं छात्र छात्राओं को गुणवत्ता विहीन भोजन परोसा जाता है। कुछ छात्रावासों में तो छात्राओं से बर्तन मंजवाने और परिसर में झाड़ू लगवाने की भी शिकायत मिल चुकी हैछात्रावासों में निवासरत आदिवासी बच्चों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण पौष्टीक भोजन देने का प्रावधान है, मगर अक्सर वहां आसपास मिलने वाली भाजी, आलू बैगन की ही सब्जी बनाकर परोसी जाती है। चावल भी घुन और कीड़ा लगा हुआ होता है। नाश्ते में भी साधारण पदार्थ दे दिया जाता है। शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को अधीक्षक और कर्मचारी प्रताड़ित करते हैं। दो दिन पहले ही बकावंड ब्लॉक के करीतगांव स्थित आवासीय आदिवासी बालक छात्रावास के अधीक्षक के छात्रावास में रात न रुकने की शिकायत सामने आई थी। बकावंड के जनपद उपाध्यक्ष रामानुजाचार्य ने भी छात्रावास अधीक्षक के रात में छात्रावास में न रहने की पुष्टि की है।

विधायक एवं कलेक्टर पहुंचे

जगदलपुर के विधायक किरण देव और कलेक्टर विजय दयाराम के. ने आज महारानी अस्पताल जाकर भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य के हालात की जानकारी ली और सभी 7 बच्चों का गहन उपचार करने एवं सतत निगरानी रखने के निर्देश डॉक्टरों तथा अधिकारियों को दिए। सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद ने बताया कि 30 अगस्त शुक्रवार को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छिंदावाड़ा दरभा के 30 बच्चे महारानी जिला अस्पताल जगदलपुर के आपातकालीन ओपीडी कक्ष में मौसमी बीमारी एवं उल्टी-दस्त के कारण उपचार हेतु लाए गए। 23 बच्चों को परीक्षण एवं प्राथमिक उपचार के बाद स्वस्थ्य होने पर वापस छात्रावास भेजा गया है एवं 7 बच्चों को उल्टी-दस्त के कारण चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। सातों बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय परीक्षण में पाया गया कि कुछ बच्चों ने क्रीड़ा परिसर के बाहर कुछ भोज्य पदार्थो का सेवन किया था। इस दौरान महापौर सफीरा साहू, अन्य जनप्रतिनिधि, सिविल सर्जन डाॅ. संजय प्रसाद सहित अस्पताल के चिकित्सक उपस्थित थे।

MOST POPULAR

HOT NEWS