City Media - Page 25 of 1802 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 25

विकास की सौगात ,विकास कार्यों में राशि की नहीं होगी कमी , प्राथमिकता से पूर्ण होंगे विकास के काम – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव

0

शहर में लाखों रुपए के विकास कार्यों का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने किया भूमिपूजन

जगदलपुर। नगर निगम क्षेत्र में अनवरत चल रहे विकास कार्यों की सौगात देते आज लाखों रुपए की विकास कार्यों का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने विधिवत भूमिपूजन किया। शहर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए लगातार पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जा रहा है इसी तारतम्य में आज शहर के जिसमें शहर के भंगाराम चौक के पास एवं पावर हाऊस के सामने के पुलिया एवं जगतू माहरा शासकीय बहुउद्देशीय विधालय में निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया गया ।

शहर के भंगाराम चौक में लागत 18.75 से पुलिया निर्माण कार्य,पावर हाऊस के सामने पुलिया निर्माण लागत 25 लाख रुपए से निमार्ण कार्य किया जायेगा। वहीं जगतू माहरा शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विधायक निधि से लागत 16.50 लाख रुपए से अतिरिक्त कक्ष एवं सायकल स्टैंड निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव ने कहा कि विकास कार्य अनवरत जारी रहेगा। विकास कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी। शहर विकास में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव जी के नेतृत्व में जगदलपुर विधानसभा में चौमुखी विकास कार्य हो रहे हैं। श्री देव ने कहा कि शहर में जलभराव की स्थिति को देखते हुए हमारी सरकार का संकल्प की जनता को मूलभूत सुविधा देना जिसमें जलभराव की समस्या को दूर करने में भंगाराम चौक एवं पावर हाऊस के सामने पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन मद से शहर में विभिन्न क्षेत्रों में पुलिया निर्माण कार्य किया जायेगा। पुलिया निर्माण से शहर में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगा । देव ने कहा क्षेत्र में विकास से जुड़े कार्य प्राथमिकता से पूर्ण होंगे। देव ने कहा विकास अनवरत जारी रहेगा। सभी निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा होगा।। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने कहा सभी के सहयोग से सभी के समन्वय से विकास की गति तय हो रही है। जनमानस को मूलभूत सुविधा देना हमारा कर्तव्य है। भूमिपूजन कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष श्री खेमसिंह देवांगन,जिला अध्यक्ष श्री वेदप्रकाश पांडे,एम आई सी सदस्य निर्मल प्रसाद पानीगाही , योगेन्द्र पांडे , सुरेश गुप्ता, संग्राम सिंह,संजय विश्वकर्मा, कलावती कसेर, लक्ष्मण झा,राणा धोष, त्रिवेणी रंधारी,पार्षद नरसिंह राव, आलोक अवस्थी, गौतम पानी ग्राही ,श्याम सुंदर,, मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा,कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज ,निगम के अधिकारी ,कर्मचारी ,काफी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे ।

नक्सल प्रभावित जगरगुंडा गांव पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा

0

जगदलपुर उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा आज सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित जगरगुंडापहुंचे। उन्होंने मिशन दृष्टि बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विजय शर्मा ने ग्रामीणों से मुलाकात की। वर्षों तक नक्सलियों के प्रभाव के चलते जगरगुंडा विकास से दूर रहा है। एडीजी नक्सल ऑप्श विवेकानंद सिन्हा व बस्तर आईजी सुंदरराज पी., सुकमा कलेक्टर अमित कुमार, एसपी किरण चव्हाण व जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर भी मौजूद रहे।

बस्तर के कोने कोने तक शांति और खुशहाली लाने शासन प्रतिबद्ध: डिप्टी

0

शर्मा ने नियद नेल्ला नार पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों से की चर्चा

बीजापुर के संवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा

केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानीबोली, अंबेली दरभा ग्राम हुए नक्सलमुक्ति के कगार पर

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा बुधवार को बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे, जहां उन्होंने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये ग्रामीण जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा आदि शामिल हुए।

इस दौरान उप उप मुख्यमंत्री शर्मा ने सभी से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर अंचल के कोने कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आएं और पुनर्वास का रास्ता अपना कर ग्राम और देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा बस्तर अंचल के सभी ग्रामों के विकास के लिए ग्राम स्तर पर विकास के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिसके तहत ग्राम की महिला समूहों और युवाओं को सक्षम बनाकर स्थानीय वनोपजों के प्रसंस्करण का कार्य गांव में किया जाएगा, जिससे ग्रामीण वनोपज संग्राहक से उत्पादक और उत्पादक से व्यवसायी बनेंगे और अपने उत्पादों का स्वयं प्रसंस्करण कर वनोपजों का उचित मूल्य भी प्राप्त करेंगे।

गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना शुरू की गई है, जहां स्थानीय कैम्प विकास का केंद्र बन गए हैं और गांव में विकास कार्यों को संचालित कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव गांव में शासकीय योजनाओं की संतृप्तता का कार्य करते हुए हर योजना का लाभ प्रत्येक ग्रामीण को दिलाया जा रहा है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में माओवादी गतिविधियों में सम्मिलित अपने ग्राम के युवाओं को समझाएं और पुनर्वास कराएं। ऐसे ग्राम जो अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर ग्राम को सशस्त्र नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित करेंगे, उन ग्रामों में इलवद पंचायत योजना के तहत 1 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर ग्राम पंचायत केतुलनार पेठा, मंगापेठा रानी बोली, अंबेली और दरभा जो नक्सल मुक्त होने के कगार पर है उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया। ताकि इलवंद गांव‌ के रूप में उनका विकास किया जा सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से उनके ग्रामों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार एवं आजीविका संवर्धन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनके ग्रामों में नक्सल गतिविधियों के कारण विकास नहीं पहुंच पाया था पर अब उनके ग्रामों तक सड़क, बिजली जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे वे बहुत खुश हैं। *बॉक्स**आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं*बीजापुर की जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे की विशेष पहल पर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं। इस दौरान ग्रामीण महिला स्व सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई थी। जिसका अवलोकन करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उनके खाद्य उत्पादों का भी स्वाद लिया और वनोपजों के बेहतर प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर चर्चा की। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह एवं संचालक अश्विनी देवांगन, एडीजी नक्सल आपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे, ग्रामों के समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

बस्तर में गोवंश संरक्षण संकट में, तस्करी, हादसों पर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

0

गौसेवकों के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर बस्तर संभाग में गोवंश संरक्षण की स्थिति दिनों दिन चिंताजनक होती जा रही है। हैप्पी फ्रेंड्स सोशल वेलफेयर सोसायटी हैप्पी कामधेनु गौशाला के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में जिले में बढ़ती गोवंश तस्करी, रेल दुर्घटनाओं में हो रही मौतों तथा अपर्याप्त पशु चिकित्सा व्यवस्थाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। संस्था ने बताया कि वह पिछले दस वर्षों से निःस्वार्थ भाव से गौसेवा में संलग्न है तथा वर्तमान में उसकी गौशाला में 300 से अधिक गोवंश का संरक्षण, पालन-पोषण एवं उपचार किया जा रहा है। किंतु प्रशासनिक सख्ती के अभाव में तस्कर बेखौफ होकर सक्रिय हैंl

जिससे गोवंश का अस्तित्व संकट में पड़ता जा रहा है। संस्था के अनुसार ग्राम पामेला में प्रत्येक रविवार और लोहंडीगुड़ा में शुक्रवार को लगने वाले पशु बाजार गोवंश तस्करी के केंद्र बनते जा रहे हैं, जहां से गोवंश को अन्य राज्यों में अवैध रूप से भेजा जा रहा है। तस्कर भोले-भाले ग्रामीणों को बहला फुसलाकर गोवंश खरीदते हैं और रात्रि के समय परिवहन कर कानून से बच निकलते हैं। संस्था ने मांग की है कि पशु बाजारों में खरीदारों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य किया जाए, खरीद की सीमा तय हो, खरीदे गए गोवंश की तत्काल टैगिंग व ऑनलाइन पंजीयन हो तथा गोवंश का परिवहन केवल दिन के समय ही किया जाए। साथ ही जिला एवं खंड स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर बजरंग दल जिला संयोजक मुन्ना बजरंगी ने कहा कि गोवंश की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि पशु बाजारों और परिवहन व्यवस्था पर तत्काल सख्ती नहीं की गई तो स्थिति और भयावह हो सकती है। हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि तस्करी पर कड़ा प्रहार करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा गौशालाओं और सेवा कार्यों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। संस्था ने रेल दुर्घटनाओं में प्रतिदिन हो रही गोवंश की मौतों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। जिले से गुजरने वाली मालगाड़ियों एवं यात्री ट्रेनों से टकराकर बड़ी संख्या में गोवंश व अन्य पशु काल का शिकार बन रहे हैं, जबकि घायल पशुओं को समय पर उपचार न मिल पाने से उनकी जान बचाना कठिन हो जाता है।

संस्था का कहना है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर रेलवे पटरियों के दोनों ओर फेंसिंग कराई जाने से इन हादसों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।इसके अतिरिक्त जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र में संचालित डेयरी संकुलों को शहर से बाहर चिन्हित भूमि पर स्थानांतरित करने की मांग करते हुए कहा गया है कि इससे सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश की समस्या से राहत मिलेगी और यातायात दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही जिला पशु चिकित्सालय के सीमित संचालन समय पर सवाल उठाते हुए संस्था ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण बीमार और घायल गोवंश के उपचार में गंभीर कठिनाइयाँ आती हैं, अतः पशु चिकित्सालय को 24 घंटे संचालित किया जाना आवश्यक है। हैप्पी फ्रेंड्स सोशल वेलफेयर सोसायटी ने प्रशासन से अपील की है कि गोवंश संरक्षण से जुड़े इन सभी मुद्दों की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बस्तर अंचल में गौवंश की रक्षा सुनिश्चित हो सके और गौसेवा के प्रयासों को मजबूती मिल सके।

शिवनागुड़ा में अवैध धान खरीदी पर मंडी प्रशासन का एक्शन, 60 बोरी धान जप्त

0

बकावंड विकासखंड बकावंड के ग्राम शिवनागुड़ा में अवैध धान खरीदी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यहां हर बुधवार को एक व्यापारी द्वारा खुलेआम कांटा लगाकर धान खरीदी की जा रही थी। शिकायत मिलने पर जगदलपुर मंडी के अधिकारियों ने गांव में औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जयमन बघेल द्वारा छोटे लाइसेंस के आधार पर नियमों की अनदेखी करते हुए अधिक मात्रा में धान खरीदी की जा रही थी।

मौके पर पहुंची मंडी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 60 बोरी धान जप्त कर लिया। इस कार्रवाई का नेतृत्व मंडी निरीक्षक पिंटू बघेल द्वारा किया गया। अचानक हुई इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं अवैध धान खरीदी में लिप्त अन्य कारोबारियों में भी प्रशासन का भय देखने को मिल रहा है। मंडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान खरीदी, भंडारण और परिवहन पर आगे भी सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन के इस ताबड़तोड़ एक्शन से नियमों को ताक पर रखकर धान खरीदी करने वालों को कड़ा संदेश मिला है।

नक्सलियों में भागम भाग, फिर 26 ने किया सरेंडर

0


नक्सल संगठनों में मचा अफरा तफरी का माहौल
-अर्जुन झा-

जगदलपुर केंद्र तथा राज्य सरकारों की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के आक्रामक तेवर के चलते बस्तर संभाग में सक्रिय नक्सलियों के हौसले पस्त पड़ गए हैं, नक्सली दलों के बीच भागम भाग की स्थिति बन गई है। बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने और आत्मसमर्पण करने का सिलसिला लगातार जारी है।इसी कड़ी में बस्तर के सुकमा जिले में फिर 26 हार्डकोर सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें सात महिला नक्सली शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी नक्सलियों पर 64 लाख की इनाम राशि घोषित है। इन नक्सलियों ने आज सुकमा एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ के अधिकारियों के समक्ष आज आत्मसमर्पण किया।आत्मसमर्पित नक्सली माड़ डिविजन, पीएलजीए और जिले के अलग अलग इलाकों में सक्रिय रहे हैं।सुकमा, उड़ीसा और माड़ क्षेत्र की कई घटनाओं में इनकी संलिप्तता रही है।एसपी किरण चव्हाण ने कहा है कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। चव्हाण ने बचे हुए नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण कर समाज व देश की मुख्यधारा से जुड़ने सरेंडर करने की अपील। उल्लेखनीय है कि बस्तर जिला लगभग पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। अभी नक्सल समस्या से सबसे ज्यादा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले प्रभावित हैं। कांकेर और कोंडागांव जिले भी तेजी से नक्सल मुक्त होते जा रहे हैं। टॉप नक्सली कमांडर हिड़मा के मारे जाने और हिड़मा के अनन्य सहयोगी नक्सल लीडर बारसे देवा के सरेंडर करने का बाद बस्तर में नक्सली नेतृत्व होने चुके हैं।
कुछ दिनों पहले hi माओवादी गुरिल्ला लिबरेशन आर्मी से जुड़े वरिष्ठ सदस्य बरसे देवा ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। बारसे देवा नक्सली संगठन के भीतर सक्रिय भूमिका में था और हथियारों की आपूर्ति सहित कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रहा था। आत्म समर्पण के दौरान देवा ने पुलिस को माउंटेन लाइट मशीन गन भी सौंपी है।
बारसे देवा के साथ 40 अन्य नक्सली सदस्यों ने भी आत्मसमर्पण मकिया है।
इसी बीच के सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र में मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए थे। जबकि बीजापुर जिले में इसी दिन दो नक्सली मारे गए थे।

मिट गया जोगी डबरी का नामोनिशान, आबाद हो गई साय डबरी; किसानों के जीवन में पैदा हुई नई लहर

0

मोर गांव-मोर पानी मुहिम के तहत बस्तर में खुशहाली की नई इबारत लिख रही हैं आजीविका डबरियां

जिले में 436 डबरियों के निर्माण का लक्ष्य, 255 डबरियों की मिली मंजूरी

-अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कार्यकाल में चलाई गई जोगी डबरी योजना तो इतिहास के पन्नों में दफ्न हो चुकी है, मगर मौजूदा भाजपाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यकाल में बन रही डबरियां बस्तर में नया इतिहास लिख रही हैं। ये बहुआयामी डबरियां न सिर्फ धरती माता के कोख को जल से सराबोर कर रही हैं, बल्कि ग्रामीणों और किसानों के जीवन में खुशहाली की नई गाथा भी लिख रही हैं। खेतों की सिंचाई के साथ ही मत्स्य पालन, बतख पालन और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में भी ये डबरियां बड़ी सहायक हो रही हैं।

डबरी हरे गांव के सिंगार, आथे समृद्धि, मिलथे रोजगार यह महज एक नारा नहीं, बल्कि बस्तर के सुदूर वनांचलों में बदलती तस्वीर का गवाह है। जिला प्रशासन के महत्वाकांक्षी मोर गांव-मोर पानी महाभियान ने मनरेगा के तहत आजीविका डबरियों के निर्माण से ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली के नए रंग भरने शुरू कर दिए हैं। इस अभियान का मुख्य ध्येय जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल संचय के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ चालू वित्तीय वर्ष में कुल 436 डबरियों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 255 डबरियों को स्वीकृति भी मिल चुकी है। जहां कभी पानी की कमी से खेत सूख जाया करते थे और किसानों के चेहरे मुरझा जाते थे, वहां अब जल संरक्षण की यह पहल उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। इन डबरियों से न केवल भू-जल स्तर सुधर रहा है, बल्कि खेतों में हरियाली लौटने के साथ ही किसानों के घरों में समृद्धि भी दस्तक देने लगी है। इन डबरियों की खासियत इनका वैज्ञानिक और तकनीकी मानकों पर आधारित निर्माण है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अनुसार, प्रत्येक डबरी 20 मीटर लंबी, 20 मीटर चैड़ी और 3 मीटर गहरी बनाई जा रही है।निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सही जगह के चुनाव के लिए जीआईएस और कार्ट एप जैसी आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, ताकि बारिश की एक-एक बूंद को सहेजा जा सके। पानी के सुचारू प्रवाह और गाद को रोकने के लिए इनमें इनलेट-आउटलेट सिस्टम और सिल्ट अरेस्टिंग चेंबर भी तैयार किए जा रहे हैं, जो इसे पारंपरिक तालाबों से अलग और अधिक उपयोगी बनाते हैं।

मछली, बतख पालन पर जोर

यह योजना केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूती देने का एक सशक्त माध्यम भी बन गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से ग्रामीणों को इन डबरियों से जुड़ी बहुउद्देशीय आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। विभाग के मैदानी अमले सहित स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और डबरी निर्माण के लिए आवश्यक दस्तावेजों व प्रक्रियाओं में उनकी मदद कर रहे हैं। किसानों को मत्स्य पालन, बतख पालन और डबरियों के मेड़ों पर उद्यानिकी फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें मत्स्य, कृषि और पशु पालन विभाग से अनुदान और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। कुल मिलाकर मनरेगा के तहत बन रही ये आजीविका डबरियां बस्तर को एक हरे-भरे और खुशहाल भविष्य की ओर ले जाने वाला एक मजबूत कदम साबित हो रही हैं।

एनएसएस स्वयंसेवकों ने गांव में बनाए चेकडेम

0

किलेपाल राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किलेपाल, बास्तानार का सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन हुआ शिविर थीम ‘नशा मुक्त भारत ‘पर स्वयं सेवकों ने सात दिवस नशा मुक्ति, साक्षरता, स्वच्छता, पानी बचाओ पर रैली एवं नुक्कड़ नाटक द्वारा लोगों को जागरूक किया ग्राम का सर्वे कर आधार, आयुष्मान, पेन कार्ड की जानकारी ली, श्रमदान कार्य में हैंडपंपों के आसपास नालियों की साफ-सफाई, सोखता गड्ढों का निर्माण, सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई, गलियों की कच्ची सड़क के गड्ढों में मिट्टी डाली, लोगों को पैरा उठाने में सहयोग किया, मिट्टी ईट बनाने में सहयोग कर कौशल विकास का परिचय दिया। नालों में छोटे-छोटे डेम बनाकर पानी बचाओ का संदेश दिया।

वही स्वयंसेवकों को प्रत्येक दिन अलग-अलग वक्ताओं ने प्रेरित किया राष्ट्रहित देश हित मानवता आधारित अलग-अलग विषय पर बौद्धिक चर्चा हुआ प्रेरक प्रशिक्षक सुमन कार्तिक ने मानव स्वधर्म मानव जीवन में सोच वर्तमान परिवेश में युवा शक्ति युवा का लगाव युवा का प्रभाव और युवाओं की मानसिकता एवं युवाओं को सही दिशा निर्देश के बारे में प्रेरित किया। प्रथम बार ऐसा बौद्धिक प्रेरक प्रशिक्षण पाकर युवाओं में उत्साह भर गया। सभी ने नव वर्ष में अपने जीवन में अपने सोच का बदलाव करने के साथ ही राष्ट्रहित में स्वयं योगदान देने और योगदान के लिए लोगों को भी प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम अधिकारी परमानंद सिंह ठाकुर एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी आशिष कुमार ने स्वयं सेवकों के सात दिवसीय कार्य का मूल्यांकन किया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष महावती मंडावी, प्राचार्य रोहित सरोज रहे। साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील कुहरामी, जनपद सदस्य मनकू पोड़ियामी, लक्ष्मण कर्मा सरपंच गुड़िया पारा, पंच एवं ग्रामीण जन शामिल हुए।

नारायणपुर के हर गांव तक विकास पहुंचाना साय सरकार का संकल्प: मंत्री केदार कश्यप

0

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया 24 करोड़ 53 लाख से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन

जगदलपुर वनमंत्री केदार कश्यप आज अपने क्षेत्रीय प्रवास के दौरान नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मंत्री केदार कश्यप नें मर्दापाल क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा स्टॉप डैम निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्य मार्गों का डामरीकरण, स्वास्थ्य विभाग द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण, तथा वन विभाग द्वारा देवगुड़ी संरक्षण एवं निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया साथ ही छात्र-छात्राओं को सायकल वितरण भी किया।

मंत्री कश्यप नें गोंदियापाल में 313.39 लाख की लागत के विकास कार्य प्रस्तावित सड़क निर्माण पुल-पुलिया सहित, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना अंतर्गत पुलिया निर्माण, बस्तर विकास प्राधिकरण द्वारा सीसी सड़क निर्माण तथा सामुदायिक भवन कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मंत्री केदार कश्यप ने बड़े आमाबाल एवं तारागांव में पुलिया निर्माण, 3.70 किमी सड़क पुल-पुलिया सहित, सीसी सड़क, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र तथा मुक्तिधाम, प्रतीक्षालय शेड, जलाशय बांध पर गेट, स्पिलवे, नहर लाइनिंग एवं स्ट्रक्चर निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, सोलर हाई मास्ट स्थापना तथा महातारी सदन लोकार्पण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। जनसभा को संबोधित करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार के तहत बस्तर विकास के पथ पर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने बस्तर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सहकारिता के क्षेत्र में कार्य चल रहा है। केदार कश्यप ने बताया कि सरकार ने बस्तर में 15 हजार प्रधानमंत्री आवास, 45 नए आंगनबाड़ी केंद्र, पीएससी भवन, महतारी सदन और नए स्वास्थ्य केंद्रों की मंजूरी दी है, जिससे गांव-गांव तक सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बस्तर के युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए होटल मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दे रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किसान हो मजदूर हो या महिला वर्ग, हर वर्ग को सरकार की योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा गरीबों और वंचितों के उत्थान को प्राथमिकता दी है।

5-6 वर्ष पहले की स्थिति को देखें तो प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीबों को घर मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इस योजना को रोककर रखा। इससे गरीबों को उनके अधिकार से वंचित किया गया। आज भाजपा सरकार और हमारे देश के प्रधानमंत्री ने यह संकल्प लिया है कि हर गरीब को उसका घर मिले और उसका सपना साकार हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को आर्थिक सहयोग देने की पहल की गई है। यह स्पष्ट है कि भाजपा सरकार गरीबों के घर बनाने से लेकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने तक हर क्षेत्र में काम कर रही है। यही संकल्प है- गरीब, किसान, मजदूर और महिला वर्ग को सम्मानजनक जीवन देना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना।

गांवों में विकास कार्यों की बढ़ती श्रृंखला

छोटे-छोटे गांवों और पंचायतों में विकास कार्यों की श्रृंखला लगातार आगे बढ़ रही है। इन सबके साथ-साथ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बच्चों को साइकिल वितरण भी किया गया है। बेटियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया है ताकि वे आगे बढ़ें और समाज में अपनी भूमिका निभा सकें। इन सभी कार्यों से क्षेत्र में अधोसंरचना, शिक्षा और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

नंदपुरा क्रिकेट प्रतियोगिता का शानदार समापन

0

बस्तरबस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत नंदपुरा में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन समारोह बहुत ही उत्साह और आनंद के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक चन्दन कश्यप और जिला पंचायत सदस्य शंकुतला कश्यप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और खिलाड़ी उपस्थित थे।

पूर्व विधायक चन्दन कश्यप ने कहा कि खेल हमें न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कौशल भी सिखाता है।उन्होंने विजेता टीम को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

जिला पंचायत सदस्य शंकुतला कश्यप ने कहा कि इस तरह के आयोजन से युवाओं में खेल भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे और नंदपुरा पंचायत के युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहेंगे।इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों ने अपनी प्रतिभा और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि उपविजेता टीम को भी सम्मानित किया गया।

MOST POPULAR

HOT NEWS