जगदलपुर वनमंत्री केदार कश्यप ने शनिवार को क्षेत्रीय प्रवास पर नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। प्रवास के दौरान वनमंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्रवासियों को करोड़ों की सौगात दी।
इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए विष्णुदेव साय सरकार लगातार कार्य कर रही है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी जब बस्तर आए थे, तब उन्होंने 300 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया था। वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर पूरे प्रदेश में तेज गति से विकसित होने वाला क्षेत्र बन गया है। यहां विकास की अनेकों संभावनाएं हैं। वनमंत्री केदार कश्यप ने बाकेल, चेराकुर, कुंगारपाल, गोंदियापाल, मांदलापाल, पाथरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गृह निर्माण, सीसी सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन सहित 10 करोड़ से अधिक की राशि के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया है।
पूरे हो रहे गरीबों के सपने
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी हितग्राहियों घर सौंपते और भूमिपूजन करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्रवासियों से कहा कि एक पक्का मकान हर गरीब का सपना होता है जिसे हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने पूरा करने का काम किया है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार केंद्र की सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर गरीब मजदूर परिवारों के सपने को साकार करने में जुटी हुई है। इस अवसर पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, बस्तर जिला भाजपा अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, प्रवीण सांखला, कुलेश्वर कशयप, विजय पांडेय, खितेश मौर्य, उमाकांत कशयप सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित रहे।
अर्जुन झा- जगदलपुर जल्द ही बस्तर संभाग को एक और मंत्री मिल सकता है। जगदलपुर विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह को साय केबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं प्रदेश भाजपा की बागडोर वरिष्ठ नेता धरम लाल कौशिक को सौंपी जा सकती है। अगर किरण देव मंत्री बनाए गए तो बस्तर के विकास को पंख लग जाएंगे। इस संभाग के नारायणपुर क्षेत्र से विधायक केदार कश्यप अभी वन मंत्री हैं और किरण देव दूसरे केबिनेट मंत्री हो जाएंगे। मकर संक्रांति के बाद साय मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल हो सकता है।
विष्णु देव साय कैबिनेट के संभावित विस्तार में दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव अपने पद से इस्तीफा देंगे और मंत्री पद की शपथ लेंगे। वे जगदलपुर सामान्य सीट से विधायक हैं। इस सीट के पूर्व विधायक रेखचंद जैन भूपेश बघेल सरकार में संसदीय सचिव बनाए गए थे और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ था। मंत्रिमंडल में शामिल होने की रेस में पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल का नाम भी शामिल है। इनके अलावा मंत्रियों के विभाग बदलने की भी चर्चा है। बीते दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात भी की थी। माना जा रहा है कि यह मुलाकात उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में की थी। इधर सरकार के एक साल पूरा होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश का दौरा कर सरकार के एक साल की समीक्षा की थी। सभी विभागों के मंत्रियों का कामकाज की समीक्षा कर उनकी परफॉरमेंस रिपोर्ट देखी थी। कुछ मंत्रियों के पास बड़े और भारी भरकम विभाग होने के कारण कई विभागों में काम की प्रगति अच्छी नहीं होने पर जेपी नड्डा ने जानकारी ली थी। अब उनके विभागों में फेरबदल कर नए सिरे से मंत्रियों के विभाग बांटे जाने की कवायद चल रही है। चर्चा यह भी है कि सरकार के एक साल पूरा होने पर अलग-अलग विभागों के मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड चेक किया जा रहा है, जिसके आधार पर मंत्रियों की जिम्मेदारी में फेरबदल करने की संभावना है। बताया जाता है कि समीक्षा के बाद कुछ मंत्रियों के पर कतरने की तैयारी कर ली गई है। पूरा प्लान तय हो चुका है, लेकिन विस्तार की डेट अभी तय नहीं की गई है। माना जा रहा है कि जनवरी के तीसरे सप्ताह तक पूरी तैयारी कर नए मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराया जाएगा।
कौन होगा तेरहवां मंत्री
प्रदेश में मंत्रियों की संख्या 13 किए जाने की चर्चा है ऐसे में पिछड़ा वर्ग से अभनपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर या दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव को शामिल किए जाने की चर्चा है। बताया जाता है कि मंत्री पद की दौड़ में कई वरिष्ठ विधायक शामिल हैं। इनमें से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक का नाम भी लिया जा रहा है। बताया जाता है कि उन्हें मंत्री न बनाकर प्रदेश संगठन का प्रभार देते हुए किरण देव की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके साथ ही मौजूदा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव को साय केबिनेट में शिफ्ट किए जाने की प्रबल संभावना है।
संक्रांति किसके लिए फलदायी?
सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल का विस्तार व फेरबदल की प्रक्रिया मकर संक्रांति के बाद ही होगी। ऐसे में इस बार की संक्रांति किस विधायक का भाग्योदय करेगा और किस मंत्री के लिए अशुभ फलदायी होगा, यह देखने वाली बात है। मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद किया जा सकता है। इस बाबत दिल्ली में बड़े नेताओं से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और संगठन के नेताओं की चर्चा हो चुकी है। अभी प्रदेश भाजपा संगठन का चुनाव चल रहा है। 10 जनवरी तक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जानी है। उसके बाद 15 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव किया जाना है।ऐसे में मंत्रिमंडल का विस्तार 15 जनवरी के बाद ही होने की संभावना है।
जगदलपुर आजकल राजनीति में शिष्टाचार नाम की चीज नहीं रह गई है। इस देश में प्रधानमंत्री खड़े रहते हैं और प्यादे कुर्सी पर शान से बैठे रहते हैं। राजनेताओं से शिष्ट भाषा और शिष्टाचार की उम्मीद करना भी बेमानी सी हो गई है। बावजूद आज भी कुछ नेता ऐसे हैं जिन्होंने शिष्ट राजनीति की मर्यादा बचाए रखी है, मानवीय संवेदना को मरने से बचाए रखा है। अपने दीपक बैज भी उन्हीं शिष्ट नेताओं में शुमार हैं। उनकी शिष्टता और मानवीय संवेदना की बानगी अक्सर देखने सुनने को मिलती रहती है। शनिवार को भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सांसद दीपक बैज की शिष्टता का शानदार उदाहरण सामने आया।
दीपक बैज अपने सौम्य एवं सरल व्यवहार तथा मृदु भाषिता के लिए जाने जाते हैं। भले ही वे कांग्रेस से हैं, मगर भाजपा और दूसरे दलों के नेताओं के साथ भी वे पूरी शिष्टता पूर्वक बात करते हैं। विपक्षी नेता के तौर पर उनके बयानों तथा व्यवहार में भी शिष्टता की झलक दिखाई देती है। शनिवार को कांग्रेस ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में नगरनार स्टील प्लांट एवं एनएमडीसी से जुड़े जनहित के मसलों को लेकर नगरनार के खूंटपदर से जगदलपुर तक न्याय पदयात्रा निकाली थी। इस पदयात्रा के ठीक एक दिन पहले बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की एक ठेकेदार परिवार द्वारा नृशंस हत्या कर दी गई थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए यात्रा निकलने से ठीक पहले दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि देने कुछ देर के लिए यात्रा पर विराम लगा दिया। मुकेश को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि बस्तर के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि ऐसे युवा पत्रकार की हत्या हो जाती है जो बस्तर के दुर्गम इलाकों में काम करता है। हमें राजनीति से परे उठ कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने सरकार से इसकी जांच की मांग की और 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के बाद ही यात्रा प्रारंभ कराई। सियासी दल अगर हत्या जैसे मामले में भी राजनीति प्रारंभ कर दें तो चौथा स्तंभ यूं ही दरकता रहेगा, मुकेश की तरह और भी पत्रकार मारे जाते रहेंगे। हालांकि दीपक बैज पर कुछ कुंठित लोगों ने आरोप भी लगाए हैं, किंतु राजनीति में सहिष्णुता के मायने पीसीसी अध्यक्ष ने अपने शालीनता से विरोधियों को सिखा दिए हैं।
जज्बा बताता है कि यह बच्चा भी दिखाएगा बस्तर ओलंपिक में एक दिन दम
–अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर ओलंपिक-2024 को संपन्न हुए माह बीतने को है, मगर इसका जादू अभी भी लोगों के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। क्या महिला, क्या बच्चा, क्या जवान, क्या बूढ़ा सभी इसके दीवाने हो गए थे और यह दीवानगी अब भी बरकरार है। इसकी तस्दीक यह चित्र कर रहा है, जिसमें करीब पांच साल की उम्र का बच्चा नेशनल हाईवे पर रोलर स्केटिंग करता नजर आ रहा है। शायद यह बालक बस्तर ओलंपिक-2025 में स्केटिंग का जौहर दिखाने बेताब है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने बस्तर ओलंपिक-2024 के रूप में जो शानदार प्रयोग किया, वह कई मायनों में इतिहास रच गया। इसमें संभाग के सातों जिलों के हर तरह के खिलाड़ियों ने भाग लिया। अंदरूनी गांवों की मातृशक्ति भी पीछे नहीं रही। बस्तर ओलंपिक 2024 की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसमें आत्मसमर्पित नक्सलियों, नक्सल पीड़ित युवाओं और ग्रामीणों के साथ ही नक्सली हमलों व नक्सलियों द्वारा प्लांटेड आईईडी की चपेट ने आकर अपाहिज हो चुके सैकड़ों लोगों ने भाग लिया था। आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के युवाओं को समाज एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, रचनात्मक गतिविधियों में लगाने और खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया यह आयोजन उद्देश्य पूर्ति में पूरी तरह सफल रहा। बस्तर ओलंपिक की चर्चा देश दुनिया में हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मन की बात कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की चर्चा करते हुए इसकी तारीफ की थी। माह भर बाद भी बस्तर ओलंपिक का जादू बस्तर वासियों के सिर से उतरा नहीं है। लोगों को अगले बस्तर ओलंपिक आयोजन का बेताबी से इंतजार भी है। यहां आलम यह है कि बच्चा बच्चा बस्तर ओलंपिक, बस्तर ओलंपिक बोल रहा है। अब इसी बच्चे को देख लीजिए, उसका जज्बा बताता है कि एक दिन वह बस्तर ओलंपिक में रोलर स्केटिंग चैंपियन जरूर बनेगा। जगदलपुर से नगरनार रोड पर एक ग्राम स्थित है सेमरा। यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसा है। यह जीवट बालक इसी सेमरा गांव का निवासी है। सेमरा का यह शूरवीर बालक अपनी मां के सुरक्षा घेरे में रहकर नेशनल हाईवे के किनारे किनारे रोजाना रोलर स्केटिंग का अभ्यास करता है। मां तालाब जाए, या खेत खलिहान जाए, बालक उसके आगे आगे स्केटिंग करते चलते रहता है। यह उसकी दिनचर्या में शामिल हो गया है। रोलर स्केटिंग का यह शौक अमूमन बड़े शहरों में बड़े घर के बच्चों, किशोरों और युवाओं में देखा जाता है। शहरों के रोलर स्केटर समतल मैदानों पर अभ्यास करते हैं, मगर बस्तर के इस लाल के लिए प्रेक्टिस के वास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा और कोई बेहतर विकल्प मौजूद नहीं है। बमुश्किल 4-5 साल की उम्र वाले इस बालक के नन्हें कदम आसमान चूमने बेताब हैं, उसकी जीवटता बस्तर का नाम इस खेल में चमकाने के उसके मजबूत इरादे को प्रदर्शित कर रही है। इस बालक की माता सेमरा में ही एक छोटी सी दुकान चलाती है। उसने नाम नही छापने का आग्रह किया। भविष्य में बालक को सफलता मिले, हमारी शुभकामनाएं।
जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर व दंतेवाड़ा जिलों के सीमावर्ती अति नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में कल शाम से जारी मुठभेड़ में एक जवान की शहादत हो गई है और चार नक्सली मारे जा चुके हैं। चारों नक्सलियों के शव और कई ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए हैं।
नक्सल विरोधी सर्च अभियान में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव जिले के डीआरजी जवानों के साथ एसटीएफ की टीम 3 जनवरी को अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए रवाना हुई थी। अबूझमाड़ नक्सलियों की सबसे बड़ी और सबसे सुरक्षित पनाहगाह है। सुरक्षा बलों के जवान क्षेत्र में 3 जनवरी से लगातार सर्चिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान 4 जनवरी की शाम सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से आज 5 जनवरी दोपहर तक रुक रुक कर फायरिंग जारी रहने की खबर है। मुठभेड़ के बीच सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 4 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सर्च में एके- 47, एसएलआर जैसे आटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ में दंतेवाड़ा डीआरजी के जवान प्रधान आरक्षक सन्नू कारम शहीद हो गए हैं।मुठभेड़ एवं सर्च अभियान जारी है।
कांकेर थाने में घंटों बिठाए रखा गया मीडियाकर्मी को
भ्रष्ट सचिव, सरपंच कर रहे बकावंड के पत्रकारों को फंसाने की साजिश
अर्जुन झा–
जगदलपुर मीडिया को लेकर राजनेता लंबे चौड़े भाषण देते हैं, पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और पत्रकारों को देश एवं समाज का सजग प्रहरी बताते नहीं थकते, मगर आज यही पत्रकार राजनेताओं, अफसरों, पुलिस और ठेकेदारों के हाथों पीड़ित प्रताड़ित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक बुरी हालत बस्तर के पत्रकारों की है। यहां एक के बाद एक पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। बस्तर के पत्रकारों को दोधारी तलवार पर चलते हुए काम करना पड़ रहा है। एक तरफ समाज के दुश्मन नक्सली हैं, तो दूसरी तरफ समाज के तथाकथित रखवाले अफसर, जनप्रतिनिधि, पुलिस और ठेकेदार। इस संभाग में पत्रकारों की प्रताड़ना के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं।
बस्तर संभाग के सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों के पत्रकारों को गांजा के झूठे केस में फंसाए जाने का मामला सुर्खियों में रहा। इन पत्रकारों की बड़ी मुश्किल से जमानत पर रिहाई हो पाई है। उसके बाद बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मामला सामने आ गया। मुकेश चंद्राकर की हत्या में एक ठेकेदार परिवार की संलिप्तता की बात सामने आई है। मामले में तीन लोग पकड़े गए हैं और इस हत्याकांड का मास्टर माइंड फिलहाल फरार है। इसी के साथ दो दिन पहले ही एक दैनिक अखबार के पत्रकार को कांकेर में कोतवाली पुलिस द्वारा अपने चहते की शिकायत पर थाने में बुलाकर खूब धमकी चमकी दी गई है। उक्त अधिकारी द्वारा उस पत्रकार को करीब 3 घंटे थाने में बिठवा दिया गया था। उस पत्रकार इस धमकी के साथ छोड़ा गया कि अगर तुमने बाहर जाकर मुंह खोला तो तुम्हारी खैर नहीं है। कल बस्तर जिले के बकावंड के दो पत्रकारों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। बकावंड जनपद पंचायत के बड़े अधिकारी के खासमखास एक पंचायत सचिव और कुछ सरपंचों द्वारा बकावंड थाने में शिकायत कर दोनों पत्रकारों को फर्जी पत्रकार बताते हुए उन पर मामला दर्ज करवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पंचायत सचिव ने कांग्रेस के कार्यकाल में कुछ सरपंचों के साथ मिलकर पंचायतों से संबंधित निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती थी। सचिव के इसी कारनामे को अपने अखबारों उजागर किए जाने पर दोनों पत्रकारों को फंसाने का ऐसा षडयंत्र रचने का प्रयास जारी है। 93 ग्राम पंचायतों वाले बकावंड विकासखंड में कुछ पंचायतों के सचिव दशकों से जमे हुए हैं। यही सचिव सरपंचों के अनपढ़ होने का फायदा उठाकर भ्रष्टाचार को अंजाम देते आ रहे हैं। अब जब उन्हीं सरपंचों द्वारा इन सचिव की कारस्तानी सामने लाई जा रही है तब ये सचिव बौखला कर पुलिस की मदद से पत्रकारों व सरपंचों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। सरकार पत्रकार को चौथा स्तंभ मानती है उन्हें सुरक्षा देने की बात भी करती है वहीं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों पर अपने ही भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के माध्यम से पत्रकारों को दबाने कुचलने का प्रयास भी कर रही है
जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के तहत नगरनार ख़ुटपदर से जगदलपुर तक विशाल न्याय यात्रा निकाली गई। दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को मौन श्रद्धांजलि देने के बाद न्याय यात्रा की शुरुआत की गई। ख़ुटपदर के कोपागुड़ा में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल खोलने, एनएमडीसी नगरनार के विनिवेशीकरण पर रोक लगाने, एनएमडीसी प्रभावित गांवों के लोगों को सीएसआर की राशि प्रदान करने, नगरनार एनएमडीसी में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने व एनएमडीसी मुख्यालय जगदलपुर में लाने की पांच सूत्रीय मांग को लेकर ऐतिहासिक 13 किलोमीटर की पदयात्रा निकालने से पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने खुटपदर के शीतला माता मंदिर में यात्रा की सफलता हेतु पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान जनसैलाब के साथ हजारों कांग्रेसियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में ख़ुटपदर से जगदलपुर की पदयात्रा कर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम बस्तर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में जगदलपुर पहुंची न्याय पदयात्रा के नेतृत्वकर्ता दीपक बैज का शहर के माडिन चौक, माडिया चौक, कुम्हारपारा चौक, एसबीआई चौक और शहीद पार्क चौक पर भव्य स्वागत किया गया।
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार में अस्पताल के लिए जमीन आवंटन हुआ था। बस्तर में प्रस्तावित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनना था। बस्तर के कोपागुड़ा में प्रस्तावित सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल को रद्द कर दिया गया है। बीजेपी सरकार नहीं चाहती बस्तर में अच्छा अस्पताल बने, अस्पताल और जमीन आवंटन को निरस्त कर दिया। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि जिस नगरनार स्टील प्लांट के लिए ग्रामीणों ने अपनी जमीन दी। जिस पर नगरनार प्लांट बना और वहां उत्पादन भी शुरू हुआ है। जब भी कोई कंपनी जमीन अधिग्रहण करती है और डीपीआर तैयार करती है, तब शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था वहां के प्रभावित लोगों के लिए पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। 5 साल जब हमारी सरकार थी, तब वहां कोपागुड़ा में सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के लिए जमीन चयनित की गई थी। प्रभावितों के लिए अस्पताल जरूरी है और इसे बनाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट का विनिवेशीकरण घातक निर्णय है। यह जनता के हितों के खिलाफ है और इसे केवल निजीकरण की साजिश के रूप में देखा जा सकता है। राष्ट्रीय संपत्ति की लूट नगरनार जैसे नवरत्न प्लांट का विनिवेशीकरण और इसके बाद निजीकरण भाजपा सरकार और प्रबंधन की पूंजीपतियों को खुश करने की नीति को उजागर करता है। विनिवेशीकरण के बाद इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर समाप्त हो आएंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में पारित प्रस्ताव के तहत 22 एकड़ जमीन खूंटपदर में आबंटित की गई थी जिस पर एनएमडीसी की साफ प्रतिक्रिया आई है कि अब हम अस्पताल नहीं बनाएंगे। एनएमडीसी ने वादा किया था कि अस्पताल हम बनाएंगे, किंतु भारतीय जनता पार्टी की सरकार उस प्रोजेक्ट पर पूर्णतः ग्रहण लगा चुकी है। जनता की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।सीएसआर मद की राशि प्रभावित गांवों के लोगों का हक है, जिसे छीना जा रहा है सीएसआर के तहत प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए निर्धारित राशि अभी तक जारी नहीं की गई है। कुल मिलाकर भाजपा सरकार ने बस्तरवासियों को सिर्फ छला है और विकास से हमेशा वंचित रखा है। सिर्फ पूंजीपतियों की सेवा में सीएसआर मद का उपयोग पूंजीपतियों के लाभ के लिए किया जा रहा है। एनएमडीसी क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार का प्रमुख स्त्रोत है मगर स्थानीय युवाओं को रोजगार न देकर बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है। यह क्षेत्रीय जनता के साथ अन्याय है।
एनएमडीसी मुख्यालय जगदलपुर में हो
दीपक बैज ने कहा कि एनएमडीसी का मुख्यालय जगदलपुर में लाया जाए, स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए एवं उन्हें प्रशिक्षित कर रोजगार के योग्य बनाया जाए। एनएमडीसी नगरनार प्लांट का विनिवेशीकरण, अधूरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, सीएसआर फंड का जारी ना होना और स्थानीय लोगों को रोजगार ना मिलना यह सभी क्षेत्र के विकास में बाधक है। केंद्र और प्रदेश की साय सरकार सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का कार्य कर बस्तर का दोहन कर रही है। इन सभी पदयात्रा कर राज्यपाल के नाम बस्तर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान राष्ट्रीय छत्तीसगढ़ सह प्रभारी सचिव संपत कुमार, राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, विधायक लखेश्वर बघेल, सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक मोहन मरकाम, रेखचंद जैन, राजमन बेजाम, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, विकास उपाध्याय, कोको पाढ़ी, राजीव शर्मा, आकाश शर्मा, कविता साहू मौजूद थे।
पूर्व आबकारी मंत्री और उनके बेटे से ईडी ने 9 घंटे तक पूछताछ
जगदलपुर शराब घोटाला मामले में शुक्रवार को रायपुर के ईडी दफ्तर में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। यह पूछताछ करीब 9 घंटे तक चली।
पूछताछ के बाद कवासी और हरीश लखमा ईडी दफ्तर के बाहर आए। इस दौरान कवासी लखमा ने बताया कि अधिकारियों के सभी सवालों का उन्होंने जवाब दिया। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा- ईडी के द्वारा मांगे गए दस्तावेज़ मैंने उन्हें सौंप दिए हैं। हालांकि, मेरे पूछे गए सवालों का जवाब ईडी के द्वारा नहीं दिया गया। मुझसे जो कागज मांगे गए थे, वे मैंने जमा किए हैं। कुछ बातें सभी ने पूछी, जिसका मैने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कुछ कागज बाकी हैं, जिन्हें पेश करने के लिए मैंने और कुछ दिन का समय मांगा है। मेरी बेटी और पत्नी ने संपत्ति का ब्योरा दिया है, अभी बड़े बेटे और बहू का देना है। उन्होंने यह भी कहा, “मेरे साथ कोई बदतमीजी नहीं हुई है। चाय-नाश्ते के लिए पूछा गया था, लेकिन कोई परेशानी नहीं हुई। अंदर की बातों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। मैं कांग्रेस पार्टी का सदस्य हूं और कानून को मानने वाला व्यक्ति हूं। बीजेपी ने जानबूझकर मुझे परेशान करने के लिए आरोप लगाए हैं। यह आरोप सरकार और बीजेपी के इशारे पर मुझ पर लगाए गए हैं। मैं इस लड़ाई को अंतिम सांस तक लडूंगा। जब तक जिंदा रहूंगा, आदिवासियों के लिए लड़ता रहूंगा। कवासी लखमा ने आगे कहा कि मैं घोटाले को कबूल नहीं कर रहा हूं, लेकिन जांच चल रही है। अगर दो नंबर की शराब भेजी गई है, तो अधिकारी के की जांच क्यों नहीं की गई, तीन शराब बनाने वाली कंपनियां हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? शराब कंपनियों पर जांच करो। उन्होंने कहा – ऐसा कोई ऑफर मुझे नहीं मिला है। वे जानते हैं कि मैं कांग्रेस पार्टी में हूं, इसलिए मुझे कोई ऑफर नहीं दिया गया।
जगदलपुर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनपूंजी के मैदान में जनपद पंचायत के रोज़गार सहायक संतोष द्वारा बिना किसी जानकारी अथवा अनुमति के गड्ढे खोद दिए गए हैं।
शाला प्रांगण के मैदान में गड्ढे खोदे जाने से बच्चों के खेलने के लिए मैदान का उपयोग नही कर पा रहे हैं। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनपूंजी प्रांगण में वर्तमान में बाउंड्रीवॉल निर्माण प्रस्तावित है। भविष्य में शाला के लिए विकास कार्य भी कराए जा सकते हैं। किंतु रोजगार सहायक की मनमानी के चलते बच्चों के खेलने का मैदान वर्तमान में गड्ढे में तब्दील हो गया है। रोजगार सहायक द्वारा स्कूल के मैदान में गड्ढा खोदाई से ऐसा प्रतीत होता है कि पंचायत विभाग के किसी योजना को अमली जामा पहना कर धन राशि की बंदरबांट करने की योजना नजर आ रही है।स्कूल के मैदान में खड्डा खोज जाने से स्कूली छात्र-छात्राओं में भारी रोष व्याप्त है। शीघ्र ही गढ्ढों कि पटाई न किए जाने की स्थिति में बच्चों द्वारा उग्र आंदोलन किया जा सकता है। जहां एक और शासन बच्चों के पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है वहीं दूसरी ओर रोजगार सहायक द्वारा इस प्रकार का अनधिकृत कृत्य निश्चित ही जांच का विषय है।
जगदलपुर बीजापुर के युवा पत्रकार स्व. मुकेश चंद्राकर के निवास पहुंचकर वन मंत्री केदार कश्यप व बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने मुकेश चंद्राकर की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे।