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वाहन चालक कमल किशोर गंगराले के झूठे आरोपों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने हेतु ज्ञापन सौंपा 

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बालोद :- छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ, जिला इकाई बालोद के तत्वाधान में आज 22 अगस्त गुरुवार को बालोद जिले के पांचो विकासखंड के अनुविभागीय दंडाधिकारी अधिकारियों ने जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल को वाहन चालक कमल किशोर गगराले के झूठे आरोपों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने हेतु ज्ञापन सौंपा

सौंपे गए ज्ञापन में अनुविभागीय अधिकारियों ने कहा कि गत दिनों वाहन चालक कमल किशोर गंगराले के द्वारा शासकीय नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए अनुशासनहीनता और गलत आचरण की वजह से जहां गुरुर महिला एसडीएम की छवि धूमिल हो रही है वहीं दूसरी ओर संपूर्ण बालोद जिले में गलत संदेश जा रहा है शासकीय नियमों के अंतर्गत कार्य करने की शपथ लेने वाला कर्मचारी अगर शासकीय गोपनीय विषय को सार्वजनिक कर रहा है जो अनुचित है।

अनुविभागीय दंडाधिकारी आदि लोगों ने बताया कि वाहन चालक कमल किशोर गंगराले द्वारा अपने अधिकारी को नाम से संबोधित करना, अधिकारी के गाड़ी में रहने के बावजूद धुम्रपान का खुलेआम सेवन करना, लगातार बिना लिखित्त सूचना दिये अवकाश पर रहना एवं अवकाश से वापस आकर कमल किशोर गंगराले द्वारा उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित रहने के बावजूद हस्ताक्षर कर उपस्थिति दर्ज करने के अलावा डीजल पची में स्वयं हस्ताक्षर कर शासकीय वाहन खराब होने की लिखित जानकारी अधिकारी को दी गई। जिसका आधार बनाकर अधिकारी पर झूठा आरोप लगाया गया एव शासकीय वाहन बालक द्वारा कुछ मीडिया कर्मियों को झूठा बयान देते हुए अधिकारी की छवि धूमिल करने का असफल प्रयास किया गया,, हालांकि उस प्रयास में कमल किशोर गंगराले असफल हुआ, इस तरह के कृत्य करने वाले लोगों का छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अलावा जिला इकाई बालोद भी घोर निंदा करते हुए ।

घटना के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की सभी आवश्यक धाराओं के तहत एवं शासकीय सेवा के नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध उक्त वाहन चालक पर कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही किया जाये ताकि भविष्य में किसी भी कनिष्ठ कर्मचारी द्वारा किसी भी राज्य प्रशासनिक अधिकारी की छवि धूमिल न की जा सके,,अध्यक्ष एवं सदस्यगण छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ, जिला इकाई बालोद के 5 अनुविभागीय अधिकारियों आदि ने ज्ञापन सौंपा,जिस पर जिला कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल ने कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

भाजपा सदस्यता अभियान की जिलास्तरीय कार्यशाला आज, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक होंगे शामिल

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जगदलपुर :- भारतीय जनता पार्टी द्वारा पहली सितंबर से आरंभ होने वाले सदस्यता अभियान के लिये जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन कल 23 अगस्त शुक्रवार को दोपहर 2 बजे भाजपा जिला कार्यालय में रखा गया है। जिसमें विशेष रूप से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक उपस्थित रहेंगे। भाजपा जिला अध्यक्ष रुप सिंह मण्डावी ने सभी भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को सदस्यता अभियान की कार्यशाला में उपस्थित होने कहा है।

 

योगेन्द्र पाण्डेय बने भाजपा सदस्यता अभियान के जिला संयोजक

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जगदलपुर पहली सितम्बर से आरम्भ हो रहे भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के लिये भाजपा जिला अध्यक्ष रूपसिंह मण्डावी ने जिला संयोजक व सदस्यों की नियुक्ति की है। जिसमें सदस्यता अभियान के जिला संयोजक का दायित्व जिला उपाध्यक्ष योगेन्द्र पाण्डेय को सौंपा गया है। सदस्य के रूप में जिला महामंत्री रामाश्रय सिंह, जिला कोषाध्यक्ष रजनीश पाणिग्रही, जिला मंत्री नरसिंह राव, व्हीएस राजपूत एवं स्नेहलता बैस को स्थान दिया गया है।

ग्राम कुसुमकसा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कुल में स्थायी प्राचार्य एवं सेजेस बालोद में अटैच शिक्षक शिवम गुप्ता को ग्राम कुसुमकसा में पदस्थ की मांग को लेकर डीईओ के पास पहुँचे संजय बैस

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दल्लीराजहरा – जनपद पंचायत सदस्य कुसुमकसा के संजय बैंस के नेतृत्व में कुसुमकसा आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षको की कमी और आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य की नियुक्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी बालोद से मुलाकात कर शीघ्र शिक्षक शिवम गुप्ता को वापस कुसुमकसा स्कूल भेजने हेतु पत्र सौपा गया। इस अवसर पर सरपंच शिव राम सिंदरामे नितिन जैन मनीष जेठवानी संतोष जैन उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी को सौपे गए पत्र में बताया गया कि ग्राम कुसुमकसा स्थित सेजेस स्कूल दो पालियों में संचालित हो रहा है। प्रभारी प्राचार्य एक पाली में उपस्थित नही हो पाते है। जिससे शिक्षकगण अध्यापन कार्य छोड़कर अन्य गतिविधियों में संलग्न रहते है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। इस कारण स्थायी प्राचार्य की आवश्यकता है। तथा शिक्षक शिवम गुप्ता को बालोद आत्मानंद स्कुल में अटैच किया गया है।

ग्राम कुसुमकसा स्थित सेजेस स्कुल में नवमी कक्षा भी प्रारंभ किया जा चुका है। तथा शिक्षक शिवम गुप्ता गणित के शिक्षक है, इस सेजेस स्कुल में गणित के शिक्षक नहीं होने से यहां सेजेस स्कूल की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षक शिवम गुप्ता को तत्काल वापस सेजेस कुसुमकसा में पदस्थ करने कि आवश्यकता है। सेजेस स्कुल कुसुमकसा में स्थायी प्राचार्य की पदस्थ करने एवं सेजेस बालोद में अटैच शिक्षक शिवम गुप्ता को सेजेस स्कुल कुसुमकसा वापस पदस्थ करने की मांग की गई। कुसुमकसा के ग्रामीणों एवम पालको ने कहा कि संजय बैस द्वारा पत्र कुसुमकसा में पढ़ने वाले छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की ओर सराहनीय कदम है।

बस्तर जिले के 87 श्रद्धालु श्री रामलला दर्शन के लिए रवाना हुए अयोध्या धाम

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  •  सांसद महेश कश्यप ने शुभकामनाएं देकर किया रवाना 

जगदलपुर राज्य शासन की श्री रामलला दर्शन योजना के तहत जिले के 87 श्रद्धालु बुधवार को श्री रामलला दर्शन के लिए जय श्रीराम उद्घोष के साथ अयोध्या धाम रवाना हुए। इस मौके पर बस्तर सांसद महेश कश्यप और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय टाऊन हॉल परिसर में हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं के बस को रवाना किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को पुष्प भेंटकर उन्हें श्री रामलला दर्शन हेतु बधाई दी गई।

इस मौके पर सांसद कश्यप ने सभी श्रद्धालुओं को सकुशल यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कोई भी दिक्कत होने पर अपने सहयोगी एवं कर्मचारियों से तुरंत सम्पर्क करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि मानव जीवन में चार आश्रम का पालन किया जाता है, सबका साथ, सबका विकास के साथ बस्तर की जनता को धार्मिक स्थल का भ्रमण करवाने की योजना संचालित कर लाभ दिया है। भगवान राम का नाता छत्तीसगढ़ से रहा है। हमारा राज्य तो उनका ननिहाल है और वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने लगभग 12 साल हमारे दण्डकारण्य में गुजारे थे। इस रामलला दर्शन योजना से सरकार ने आम जनों को भगवान राम से जोड़ने की पहल की इसके लिए आभार।

इस दौरान आधिकारियों ने अवगत कराया कि इस योजनान्तर्गत 87 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया जा रहा है। इन सभी का स्वास्थ्य रिकार्ड पहले ले ही लिया गया है और यात्रा के पूर्व भी स्वास्थ्य जांच कराई गई है। इन श्रद्धालुओं के साथ उनके सहयोगी भी जा रहे हैं साथ ही प्रशासन द्वारा समुचित देखभाल के लिए कर्मचारियों की नामजद ड्यूटी लगाई गई है। जिले के इन श्रद्धालुओं का जत्था बस्तर एवं दुर्ग संभाग के श्रद्धालुओं के साथ दुर्ग रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन के जरिए सीधे अयोध्या धाम प्रस्थान करेगा। टाऊन हॉल में श्रद्धालुओं को रवाना करने के दौरान पार्षद संतोष पांडेय स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत के उप संचालक बीरेंद्र बहादुर तथा अन्य अधिकारी और श्रद्धालुओं के परिजन एवं नागरिक मौजूद थे।

विधायक अनिला भेड़िया का आदिवासियों ने ही किया जमकर विरोध, बिना भाषण दिए लौटना पड़ा

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  •  खनिज न्यास की राशि में भ्रष्टाचार के मसले पर भड़के आदिवासी युवा

अर्जुन झा

दल्ली राजहरा आरक्षण में क्रीमी लेयर संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय डौंडी में आयोजित प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र की आदिवासी विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया को आदिवासियों के ही भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि अनिला भेड़िया को भाषण देने का मौका भी नहीं दिया गया और आखिरकार उन्हें मंच से उतरकर जाना पड़ गया।

डौंडी में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक अनुसूचित जाति जनजाति एवं व ओबीसी समुदाय के लोगों ने सड़क जाम कर दिया और दुकानों को बंद कराया। बंद के दौरान ब्लॉक मुख्यालय डौंडी में विशाल आक्रोश रैली निकाली गईं। मथाई चौक पर लगभग 10 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया। समाज के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार हिंसाराम नायक को सौंपा। इस बीच कार्यक्रम में पहुंची डौंडी लोहारा क्षेत्र की विधायक व पूर्व केबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया को धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में अपने लोगों के ही भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अनिला भेड़िया द्वारा सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी पर टिप्पणी करने से आक्रोशित समाज के लोगों ने उनका जमकर विरोध किया। लोगों ने कहा कि पिछले साल सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले डौंडी विकासखंड के ग्रामीण अंचलों में व्याप्त समस्याओं तथा जिला खनिज न्यास मद से करोड़ों रुपयों के प्रशिक्षण के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन व चक्काजाम किया गया, तब आपने साथ नहीं दिया और आज आ गईं हैं। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं को समझाने का प्रयास किया। युवाओं और विधायक के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। उधर विवाद के बीच विधायक को बिना संबोधित किए मंच से वापस जाना पड़ा। कार्यक्रम में गंगाराम दर्रो जिला उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज जिला बालोद, मिथलेश निरोटी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद, मोहन हिड़को अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक डौंडी, हरमीत लेंपांडे ब्लॉक सचिव बौद्ध समाज, खोरबाहरा गौर ब्लॉक अध्यक्ष हल्बा समाज डौंडी, आत्माराम कौरव अध्यक्ष गोंडवाना गोंडी समाज डौंडी ब्लॉक, भोलाराम नेताम सलाहकार डौंडी ब्लॉक, रोहित माहला युवा अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक डौंडी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

धर्मान्तरण और लव जिहाद के खिलाफ तेज होगा अभियान

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  •  विहिप बजरंग दल नगरनार प्रखंड की सेमरा में बैठक
  • संगठन के 60 वर्ष पूर्ण पर होगा भव्य धर्म समागम

जगदलपुर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल प्रखंड नगरनार की बैठक सेमरा स्थित भवन में हुई। बैठक की शुरुआत नगरनार प्रखंड के अध्यक्ष कैलाश ठाकुर ने तीन बार ओम के उच्चारण के पश्चात 13 बार विजय महामंत्र पढ़कर की।

विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष हरि साहू ने कहा कि बस्तर जिले में आएदिन जो घटनाएं हो रही हैं और विवाद की स्थिति बढ़ रही है वहचिंतनीय है। उन्होंने सभी प्रखंड एवं खंड ग्राम समितियों में अपनी अपनी ग्राम समिति बनाकर समाज की संस्कृति परंपरा को बचाए रखने पर जोर देते और एक महीने का लक्ष्य देते हुए प्रत्येक गांव समिति बनाकर प्रखंड, खंड को मजबूत करने को कहा। नगरनार प्रखंड के प्रत्येक गांव तक पहुंच कर समाज में जागरूकता लाने, गांव की परंपराओं और संस्कृति को बचाने के लिए सभी समाज को एक मंच पर लाकर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की ग्राम समिति बनाने की बात कही। बैठक में बस्तर जिले में आएदिन आ रहे मामले लव जिहाद, मतांतरण, गौ तस्करी के मामलों को लेकर सभी बजरंगियों में आक्रोश दिखा। हरि साहू ने आगे बताया कि विहिप संगठन निर्माण को 60 वर्ष पूर्ण होने वाला है। विहिप ने राष्ट्रीय प्रतीकों एवं आस्था के केंद्रों की रक्षा के लिए कार्य किया है। श्री राम जन्मभूमि, बूढ़ा अमरनाथ, रामसेतु इनमें से कुछ उदाहरण हैं। गोवंश संरक्षण तथा मतांतरण का क़ानून लाने में विहिप के प्रयासों के परिणाम दिखने लगे हैं। 1966 में हुए प्रथम विश्व हिंदू सम्मेलन में संतों ने पहली बार प्रस्ताव पारित किया कि जो हिंदू भय, छल तथा प्रलोभन से धर्म छोड़कर गए हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा। तबसे अब तक लाखों लोग स्वधर्म में वापस आ चुके हैं। विहिप ने लव जिहाद से बचाकर हिंदू कन्या रक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है। प्रखंड अध्यक्ष कैलाश ठाकुर के अनुमोदन से वीरेंद कच्छ सहमंत्री ने प्रखंड के नए दायित्वों की घोषणा की। नवीन दायित्वों में प्रखंड उपाध्यक्ष बुदरी बघेल सरपंच सेमरा, बजरंग दल सह संयोजक आसमन भारती, विकास मुरला व पदमनाथ कश्यप, धर्म प्रसार सह प्रमुख रघुनाथ सेठिया को दायित्व दिया गया। बैठक में प्रखंड अध्यक्ष कैलाश ठाकुर, उपाध्यक्ष अंतूराम पूजारी, धनपति कश्यप, बुदरी बघेल सरपंच, प्रखंड सह मंत्री वीरेंद्र कच्छ, सीबो कश्यप, प्रखंड संयोजक सुरेश कश्यप, महादेव बघेल सरपंच गरावंड, सुकमन नागेश, शेखर देवांगन, नंदो कश्यप, मोहन ठाकुर, प्रखंड के सभी पदाधिकारी और दस गांवों की ग्राम समितियों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व माता बहने बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बंद का बस्तर संभाग में दिखा व्यापक असर, सड़कों पर उतरे अजा-अजजा वर्ग के लोग

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  • पूरे दिन थमे रहे यात्री बसों और अन्य वाहनों के पहिये

अर्जुन झा-

जगदलपुर :- आरक्षण में क्रीमी लेयर संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का बस्तर जिले में व्यापक असर देखने को मिला। यात्री बसों व अन्य वाहनों के पहिये थमे रहे दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

बस्तर संभाग में सर्व आदिवासी समाज के आव्हान पर भारत बंद का बस्तर में व्यापक प्रभाव दिखा। बंद को बस्तर चेंबर आफ कामर्स नें भी समर्थन दे रखा था। लिहाजा जगदलपुर के व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। अस्पताल, स्कूल कालेज व अन्य आवश्यक सेवाएं बंद से मुक्त रखी गई थीं। नगरनार स्टील प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार पर आदिवासी समाज के लोग प्रदर्शन करते रहे। गेट बंद कर दिया गया था। सभी अधिकारी, कर्मचारी प्लांट के पीछे के अस्थाई गेट नंबर दो से ड्यूटी पर पहुंचते रहे। शिफ्ट खत्म होने के बाद अधिकारी कर्मचारी पिछले दरवाजे से अपने अपने घरों की ओर लौटते रहे। वैसे बंद की वजह से स्टील प्लांट में उत्पादन पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ा। जगदलपुर शहर, बकावंड, नगरनार में व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप रहीं। जगदलपुर से अन्य स्थानों की ओर जाने वाली यात्री बसों के पहिये थमे रहे। ज्यादातर बसें यहां के बस स्टैंड पर ही खड़ी रहीं। सड़कों पर दीगर वाहन भी बहुत ही कम नजर आए। बकावंड और जगदलपुर में अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोग हाथों में झंडे बैनर लेकर सड़कों पर नारे लगाते हुए घूमते रहे। बकावंड में लोग और अधिकारी कर्मचारी संगठनों के सदस्य पदाधिकारी सुबह से बंद को लेकर सक्रिय हो गए थे। इस कस्बे में भी बंद का व्यापक प्रभाव रहा। जगदलपुर में हजारों आदिवासियों ने रैली निकाली। बंद को सफल बनाने के लिए बुधवार सुबह से ही अजा अजजा और ओबीसी वर्ग संगठन एवं समाज के लोग सड़कों पर निकल पड़े थे और दुकानों को बंद कराते रहे। इसके अलावा वाहनों को भी रोका जाता रहा। विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। जगदलपुर से 15 किलोमीटर दूर ग्राम केशलूर चौक दो नेशनल हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग 30 और 63 का संगम स्थल है। नेशनल हाइवे 30 ओड़िशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना को जोड़ता है, वहीं नेशनल हाइवे 63 महाराष्ट्र को जोड़ता है। केशलूर चौक पर बड़ी संख्या में बस्तर के मूल निवासी सुबह से मौजूद थे। कुछ देर तक जाम की स्थित बनी रही।इसके बाद चारपहिया निजी वाहन और मोटरसाकिलों के अलावा स्वास्थ्य से जुड़े वाहनों को छोड़ा गया। वहीं सड़क के दोनों ओर बसों और ट्रकों की लंबी कतार लग गई। बस्तर बंद को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल भी नगर में जगह जगह तैनात किया गया था। आदिवासी समाज के युवाओं के मुताबिक वे अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए बस्तर बंद किए हैं। सुप्रीम कोर्ट से आदेश को वापस लेने की मांग भी युवाओं ने की। बस्तर बंद के दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुकाने बंद रहने से घरेलू सामान और रोजमर्रा की चीजें नहीं मिलने से लोग परेशान होते रहे। रैली जगदलपुर के पीजी कालेज से निकाल कर मुख्य मार्ग से होती हुई कलेक्टर परिसर पहुंची, जहां कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा गया। रैली का समापन लालबाग आईजी ऑफिस के सामने अंबेडकर की मूर्ति के पास हुआ।

आदिवासियों ने दिखाई ताकत

आरक्षण संशोधन के विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति समाज द्वारा आहूत भारत बंद का दंतेवाड़ा जिले में व्यापक असर दिखा। सुबह से ही निजी दुकान व व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। छोटे ठेले, गुमटी से लेकर होटल तक नहीं खुले। जमीन पर पसरा लगाकर सब्जी बेचने वाले ग्रामीण तक दिखाई नहीं पड़े। दफ्तरों में भी सन्नाटा पसरा रहा। एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होने छुट्टी ले चुके थे। जिला मुख्यालय के मेंडका डोबरा मैदान पर इकट्ठा होकर सभा करने के बाद विशाल रैली निकाली गई, जो नगर भ्रमण के बाद कलेक्टरेट पहुंची। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, कुआकोंडा व गीदम ब्लॉक से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि रैली शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।

कलेक्ट्रेट की तगड़ी सुरक्षा

बलौदाबाजार अग्नि कांड से सबक लेते हुए पुलिस व प्रशासन ने काफी एहतियात बरती। कलेक्टरेट परिसर की तगड़ी नाकेबंदी की गई थी और अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। ज्ञापन लेने के लिए गेट के बाहर ही अधिकारी मौजूद रहे। ज्यादातर स्कूल बंद रहे। बच्चों की आवाजाही में संभावित दिक्कत और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई थी। वहीं दूसरी तरफ यात्री बस सेवाओं का संचालन भी बाधित रहा। सुबह राजधानी की तरफ से कुछ बसें जरूर पहुंचीं। इसके बाद दिन में बस संचालन बंद रहा। लोकल बस ऑपरेटर्स ने अपनी बसें स्टैंड में ही खड़ी कर रखी थीं।

बंद का बस्तर जिले में व्यापक असर

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  • सड़क पर उतर अजा -अजजा वर्ग के लोग

जगदलपुर आरक्षण के में क्रीमी लेयर संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का बस्तर जिले में व्यापक असर देखने को मिला। यात्री बसों व अन्य वाहनों के पहिये थमे रहे दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

बस्तर संभाग में सर्व आदिवासी समाज के आव्हान पर भारत बंद का बस्तर में व्यापक प्रभाव दिखा। बंद को बस्तर चेंबर आफ कामर्स नें भी समर्थन दे रखा था। लिहाजा जगदलपुर के व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। अस्पताल, स्कूल कालेज व अन्य आवश्यक सेवाएं बंद से मुक्त रखी गई थीं। नगरनार स्टील प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार पर आदिवासी समाज के लोग प्रदर्शन करते रहे। गेट बंद कर दिया गया था। सभी अधिकारी, कर्मचारी प्लांट के पीछे के अस्थाई गेट नंबर दो से ड्यूटी पर पहुंचते रहे। शिफ्ट खत्म होने के बाद अधिकारी कर्मचारी पिछले दरवाजे से अपने अपने घरों की ओर लौटते रहे। वैसे बंद की वजह से स्टील प्लांट में उत्पादन पर रत्ती भर भी असर नहीं पड़ा। जगदलपुर शहर, बकावंड, नगरनार में व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप रहीं। जगदलपुर से अन्य स्थानों की ओर जाने वाली यात्री बसों के पहिये थमे रहे। ज्यादातर बसें यहां के बस स्टैंड पर ही खड़ी रहीं। सड़कों पर दीगर वाहन भी बहुत ही कम नजर आए।

बकावंड और जगदलपुर में अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोग हाथों में झंडे बैनर लेकर सड़कों पर नारे लगाते हुए घूमते रहे। बकावंड में लोग और अधिकारी कर्मचारी संगठनों के सदस्य पदाधिकारी सुबह से बंद को लेकर सक्रिय हो गए थे। इस कस्बे में भी बंद का व्यापक प्रभाव रहा।

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध

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बकावंड आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के विरोध में आज 21 अगस्त को बकावंड ब्लॉक मुख्यालय और अन्य गांवों के ग्रामीण सड़क पर उतर आए।अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के आरक्षण में क्रिमि लेयर एवं वर्गीकरण निर्धारित कर आरक्षण प्रदान करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के संगठनों और कर्मचारी आधिकारी संगठनों में रोष व्याप्त है।

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