जगदलपुर विजय वार्ड पार्षद गौतम पाणिग्रही व इंदिरा वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद रामकृष्ण तिवारी की अनायास मुलाकात हो गई। इस दौरान पार्षद पाणिग्रही ने तिवारी का जोशीले अंदाज में गले मिलकर स्वागत किया। दोनों पार्षदों ने एक- दूसरे का कुशलक्षेम पूछते हुए वार्ड विकास में एकजुटता से संघर्ष करने का संकल्प लिया।
विजय वार्ड के पार्षद गौतम पाणिग्रही ने बताया कि रामकृष्ण मुन्नू तिवारी संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी हैं। पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद की असामायिक मृत्यु के बाद भी वह इंदिरा वार्ड के लोगों के लिए बिना पद के डेढ़ वर्षों से कार्य कर रहे थे। विगत दो वर्षों से राज्य सरकार द्वारा आयोजित समाधान शिविर हो या सुशासन शिविर में भी तिवारी संबंधित सेक्टरों में पार्षदों के साथ मिलकर जनहित के मुद्दे उठाते रहे।ज्ञात हो कि तिवारी उप चुनाव में इंदिरा वार्ड के पार्षद चुनाव लड़े और अपने प्रतिद्वंद्वी सत्तारूढ़ भाजपा के मनोहर दत्त तिवारी को 436 वोटों से हराया था।
दर्जनों ग्रामीणों से बेतहाशा रकम वसूल कर गायब हो गया पटवारी
अर्जुन झा
बकावंड छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव बढ़ाने और स्थानीय लोगों में नक्सलियों के प्रति झुकाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह वन विभाग के लोग और पटवारी रहे हैं। इनकी प्रताड़ना और बेजा वसूली से त्रस्त होकर बस्तरवासियों ने माओवादियों का साथ देना शुरू किया था। हालांकि नक्सलियों ने भी बाद में स्थानीय लोगों का शोषण और अपनी तिजोरी भरने का काम शुरू कर दिया। बस्तर से माओवाद भले ही समाप्त हो गया है, लेकिन पटवारियों द्वारा स्थानीय लोगों की प्रताड़ना का दौर बदस्तूर जारी है। ताजा मामला बस्तर जिले की बकावंड तहसील से सामने आया है, जहां एक पटवारी पर ग्रामीणों का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
बकावंड तहसील अंतर्गत कोलावल हल्का के पटवारी पर ग्रामीणों से जमीन संबंधी कार्यों के नाम पर लाखों रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि पट्टा, नामांतरण, सीमांकन, सरकारी दस्तावेज और अन्य राजस्व संबंधी कार्य कराने का भरोसा देकर पटवारी ने कई ग्रामीणों से मोटी रकम वसूल ली, लेकिन न तो काम किया और न ही पैसे लौटाए। अब ग्रामीण न्याय की उम्मीद में सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित भूमि संबंधी मामलों को जल्द निपटाने का आश्वासन देकर पटवारी ने लोगों से अलग-अलग रकम ली। किसी ने अपनी मेहनत की कमाई पटवारी को दे दी, किसी ने तो बैल तक बेच दिए ताकि जमीन का पट्टा और अन्य जरूरी दस्तावेज बन सकें, लेकिन पैसा लेने के बाद पटवारी कथित रूप से गायब हो गया और अब उसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। पटवारी के खिलाफ एसडीएम से शिकायत की गई है। पीड़ित ग्रामीण लालाराम का कहना है कि बीते डेढ़ साल पूर्व उसे अपने नजूल भूमि का पट्टा बनवाना था। इसके एवज में पटवारी उपेंद्र बघेल ने 30 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें 10 हजार रुपए एडवांस दिए गए। एडवांस देने के बाद पटवारी गांव से गायब हो गया। न कॉल रिसीव करता है और नाही उसकी कोई जानकारी है, हम चाहते हैं कि हमारा पैसा वापस मिले। ग्रामीण मंगतू का कहना है कि उसे अपने जमीन का दस्तावेज बनवाना था, जिसके एवज में उसने पटवारी को एक बकरा दिया और 40 हजार रुपये नगद राशि भी दी, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ और पटवारी गायब है। एक अन्य पीड़ित ग्रामीण बनसिंग का कहना है कि उसे पटवारी से पट्टा बनवाना था, जिसके लिए उसने 15 हज़ार रुपए पटवारी को दिए, लेकिन न ही पट्टा बना और न ही पैसे वापस हुए। पीड़ित ग्रामीण संपत ने बताया कि उसे अपने जमीन का पट्टा बनवाना था, जिसके लिए पटवारी ने 30 हजार रुपए की मांग की थी। पट्टा बनाना जरूरी था। पटवारी को रुपए देने के लिए उसने अपने 1 जोड़ी बैल को बेच दिया। बेचे गए बैल से 45 हजार रुपये मिले थे, जिसमें से 30 हजार रुपए पटवारी को दिए लेकिन पट्टा नहीं बना। पीड़ित ग्रामीण रूपसाय ने बताया कि पट्टे के लिए पटवारी ने किश्तों में उससे कुल 55 हजार रुपये वसूल लिए। फिर भी पट्टा बना ही नहीं और पटवारी पैसे लेकर गायब हो गया है।
जमीन दलाली भी करता है पटवारी
पीड़ित ग्रामीण बुधराम नेताम का कहना है कि करीब 2 वर्ष पूर्व कोलावल हल्का के मैलबेड़ा, रताखंडी, भिरेंडा, कोलावल गांव के लोगों को पट्टे बनवाने, नाम कटवाने, नाम जुड़वाने, संशोधन करवाने , सीमांकन जैसे अन्य राजस्व से जुड़े कार्यों के एवज में पटवारी ने कई लोगों से लाखों रुपये की वसूली किश्तों में की है। यह भी आरोप है जमीन खरीदी बिक्री के मामलों में भी पटवारी खुद डील करता था। एक जमीन को 6 लाख रुपये में बिकवाया और खुद 2 लाख रुपये उसी के हाथो से लिया, लेकिन जमीन के सही दस्तावेज नहीं होने के कारण क्रेता ने जमीन लेने से मना कर दिया। ऐसे में विक्रेता को 6 लाख रुपये वापस करना पड़े। पटवारी द्वारा वसूल लिए गए 2 लाख रुपये किसान को अपनी जेब से भरने पड़े।जिसका गवाह वो खुद अपने आप को बता रहा है। रताखंडी निवासी मंगतू से भी बकरा और 40 हजार रुपये पटवारी ने ले लिए। पूरे गांव के ग्रामीण यह चाहते हैं कि जितने भी ग्रामीण पटवारी से प्रभावित हुए हैं उन्हें उनका पैसा वापस मिले और उच्च अधिकारी पटवारी पर कार्रवाई करें। मामले की एसडीएम बकावंड से शिकायत की गई है। यदि मांगे पूरी नहीं होगी तो आगामी दिनों में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
वर्सन
पटवारी कहीं भी रहे, छोड़ेंगे नहीं
पटवारी उपेंद्र बघेल के खिलाफ शिकायत मिली है। जांच की जाएगी और सभी तथ्यों को सामने लाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। चाहे संबंधित पटवारी कहीं भी पदस्थ रहे, उसी गांव में जाकर लोगों से बयान भी लिया जाएगा।
रायकेरा नाला पर स्टॉप डेम की मांग, नेगानार एवं मूली के स्टॉप डेमों की मरम्मत की दरकार
बकावंड भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जनपद पंचायत बकावंड की अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने अपने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर जल संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत पंडानार के आश्रित ग्राम नेगानार स्थित शिव मंदिर के समीप रायकेरा नाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त स्थल पर स्टॉप डेम कम एनीकेट निर्माण होने से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकता है तथा आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ किसानों को दोहरी फसल लेने का अवसर भी मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थल जांच कराई तथा रायकेरा नाला पर प्राथमिकता के आधार पर स्टॉप डेम निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए स्थायी संरचनाओं का निर्माण जरूरी है। इसके साथ ही जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत मूली एवं नेगानार स्थित स्टॉप डेमों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि इन डेमों में पानी रोकने के लिए आवश्यक प्लेट (गेट) नहीं होने के कारण उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही कई स्थानों पर साफ-सफाई एवं रखरखाव के अभाव में जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।सोनबारी भद्रे ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दोनों स्टॉप डेमों में आवश्यक प्लेट लगाने, साफ-सफाई कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संचयन क्षमता बढ़ेगी, किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जनपद अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और किसानों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है तथा क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में बढ़ते जल संकट के बीच जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनबारी भद्रे की यह पहल ग्रामीणों और किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग एवं संबंधित विभाग इन मांगों पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं। यदि रायकेरा नाला पर नया स्टॉप डेम बनता है और पुराने डेमों को पुनः उपयोगी बनाया जाता है, तो यह क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
आरोपियों से कुल 72.621 किलोग्राम गांजा कीमती 36,31,050 रूपये एवं 04 नग मोटर सायकल, 04 नग विभिन्न कंपनियों का मोबाईल जुमला कीमती 40,52,050 रूपये जप्त किया गया।
05 गांजा तस्कर गिरफ्तार जिसमें एक नाबालिक भी शामिल।
आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 97/2026 धारा 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत् मामला दर्ज कर भेजा गया जेल।
पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश पटेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमति मोनिका ठाकुर उप0 पुलिस अधीक्षक बोनी फॉस एक्का के निर्देशन में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक सुनील तिर्की एवं सायबर सेल टीम बालोद तथा थाना डौण्डीलोहारा स्टाफ के द्वारा ग्राम भेड़ी तिराहा डौण्डीलोहारा बालोद मार्ग के पास गांजा तस्करों के खिलाफ बडी कार्यवाही करते हुए कुल 72.621 किलोग्राम गांजा कीमती 36,31,050 रूपये व आरोपियों से 04 नग मोटर सायकल, 04 नग विभिन्न कंपनियों का मोबाईल जप्त कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। —00—विवरण दृ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है दिनांक 09.06.2026 को जरिए मोबाइल से सूचना मिला कि 04 मोटर सायकल में कुल 06 लोग सवार होकर उड़ीसा से अधिक मात्रा में गांजा लेकर निकले है। पहले मोटर सायकल में 02 लोग बैठे है जो सामने का रास्ता देख रहे है, तथा उसके पीछे 02 मोटर सायकल में एक एक लोग सवार है तथा दोनो मोटर सायकल में पीछे की ओर लोहा का कैरियर बनाकर उसके उपर काला रंग का बड़ा बड़ा प्लस्टिक का टब रखे है जिसमें गांजा को छीपाकर रखे है और एक मोटर सायकल पीछे है जिसमें भी दो लोग बैठे है जो पीछे का रास्ता देख रहे है सभी लोग बालोद होते हुए डौण्डी लोहारा से मप्र. की ओर जा रहे है।
इस ग्रुप में सामने चल रहे मोटर सायकल का नंबर एमपी 38 जेड ए 6414 है तथा अन्य तीनो मोटर सायकल भी एमपी पासिंग का होना बताया कि सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना से अवगत कराकर आवष्यक दिषा-निर्देष प्राप्त कर हमराह स्टाफ, सायबर सेल टीम बालोद व गवाहन के मौके पर रवाना हुए, ग्राम भेड़ी के तिराहा के पास पहुंचकर स्टाफ के साथ दबिश देकर नाकाबंदी कर एंबुश लगाया गया। कुछ समय तक बालोद की ओर से आने जाने वाले वाहनो को चेक करते रहे इसी दौरान मुखबीर द्वारा बताये गया एक मोटर सायकल क्रमांक एमपी 38 जेड ए /6414 आते दिखाई दिया जिसे रोकने पर पीछे बैठा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर मोटर सायकल से कूद कर भाग गया मोटर सायकल चालक को घेराबंदी कर रोका एवं एंबूश को बनाये रखे समय पर एक-एक करके संदेही एमपी पासिंग वाहन जिसमें बड़ा बड़ा प्लास्टिक टब काला रंग का बंधा था आये जिन्हे भी मौके पर रोका गया चौथे मोटर सायकल भी कुछ समय बाद आया जिसे भी रोक कर रखा गया। सभी को रोक कर नाम पता पुछे तो अपना नाम पता बताने पर आना कानी करने लगे फिर सभी ने रायसेन भोपाल मप्र. क्षेत्र का होना बताकर अपना नाम पता बताये क्यों और किस कारण से इधर आए थे पूछने पर टाल मटोल करने लगे। संदेही 01. श्याम गोंड, पवन गोंड, प्रदीप चौहान, संजय कुमावत, धारा सिंह उर्फ तारा सिंह का बारी बारी तलाशी लिया गया। तीन संदेही के पास मोटर सायकल एवं मोटर सायकल में रखे बेग में दैनिक कपड़ो के अलावा कोई भी आपत्ति जनक वस्तु नही मिला। दो संदेही जो अपने मोटर सायकल में पीछे भाग में लोहा के राड पटटी से कैरियर बनाकर उसके उपर बड़ा बड़ा काला रंग प्लस्टिक टब रखे थे जिनका तलाशी क्रमषः लिया गया संदेही पवन कुमार गोड़ के कब्जे से मोटर सायकल बिना नंबर एसपी होण्डा साइन काला लाल रंग का तलाशी लेने पर प्लास्टिक टब में रस्सी बंधा था को जिसे खोलकर देखने पर बारी बारी टब को हटाते गया उपर से दो टब हटाने पर अन्य टब का पेंदा/सतह भाग को काटकर होल बनाना पाया गया जिसमे भूरे रंग के छोटे बड़े पैकेट में कुछ वजनी वस्तु रखा मिला बारी बारी पैकेट को निकालने पर कुल 22 नग पैकेट मिला तथा कुल टब की संख्या 28 नग जिसमे दो टब का सतह/पेंदा सही था बाकी काटकर होल बनाया गया था। संदेही श्याम गोड़ के कब्जे के मोटर सायकल लियो होण्डा एमपी 04/क्यू एल /2667 का तलाशी लेने कुल 28 नग पैकेट मिला जिसे जप्त किया गया। बरामद वस्तु को गांजा मादक पदार्थ होना पाये जाने से इलेक्ट्रानिक तराजू वजन करया गया जो गांजा का कुल वजन 72.621 किलोग्राम कीमती 36,31,050 रूपये व आरोपियों से 04 मोटर सायकल व 04 नग विभिन्न कंपनियों का मोबाईल जप्त किया गया। मामले की संपूर्ण कार्यवाही कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया एवं विधि से संघर्षरत् बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील तिर्की, सउनि अनित राम यादव प्र.आर. विरेन्द्र साहू, प्र.आर. दिगम्बर वर्मा आरक्षक- विनोद अजय, पुनम खरे, कुमलाल वर्मा, रविषंकर देषलहरे सायबर सेल टीम बालोद – सउनि धरम भुआर्य, विपिन गुप्ता, पुरन देवांगन, भोपसिंह, आकाष दुबे, संदीप यादव, गुलजारी साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गिरफ्तार आरोपीः- 01. श्याम गोड़ पिता किषन गोड़ उम्र 26 साल पता ग्राम टपराटोला थाना व जिला रायसेन मप्र । 02. पवन गोड़ पिता दारा सिंह गोड़ उम्र 26 साल पता वार्ड नंबर 13 राहत गढ़ हनुमान मंदिर के पीछे थाना राहत गढ़ जिला सागर मप्र. । 03. प्रदीप चौहान पिता भीम सिंह चौहान उम्र 20 साल जाति बैरागी पता ग्राम टपरापठारी थाना व जिला रायसेन मप्र. । 04. संजय कुमावत पिता मदन कुमावत उम्र 20 साल ग्राम टपरा पठारी थाना रायसेन जिला रायसेन मप्र. 05. विधि से संघर्षरत् बालक।
रायकेरा नाला पर स्टॉप डेम की मांग, नेगानार एवं मूली के स्टॉप डेमों की मरम्मत की दरकार
बकावंड भीषण गर्मी और लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जनपद पंचायत बकावंड की अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने अपने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर जल संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत पंडानार के आश्रित ग्राम नेगानार स्थित शिव मंदिर के समीप रायकेरा नाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त स्थल पर स्टॉप डेम कम एनीकेट निर्माण होने से वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सकता है तथा आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ किसानों को दोहरी फसल लेने का अवसर भी मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थल जांच कराई तथा रायकेरा नाला पर प्राथमिकता के आधार पर स्टॉप डेम निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए स्थायी संरचनाओं का निर्माण जरूरी है। इसके साथ ही जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने ग्राम पंचायत मूली एवं नेगानार स्थित स्टॉप डेमों का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण में सामने आया कि इन डेमों में पानी रोकने के लिए आवश्यक प्लेट (गेट) नहीं होने के कारण उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही कई स्थानों पर साफ-सफाई एवं रखरखाव के अभाव में जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।सोनबारी भद्रे ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दोनों स्टॉप डेमों में आवश्यक प्लेट लगाने, साफ-सफाई कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से जल संचयन क्षमता बढ़ेगी, किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। जनपद अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और किसानों की सुविधा उनकी प्राथमिकता है तथा क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में बढ़ते जल संकट के बीच जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनबारी भद्रे की यह पहल ग्रामीणों और किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अब देखना होगा कि जल संसाधन विभाग एवं संबंधित विभाग इन मांगों पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं। यदि रायकेरा नाला पर नया स्टॉप डेम बनता है और पुराने डेमों को पुनः उपयोगी बनाया जाता है, तो यह क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
जगदलपुर केंद्रीय जेल जगदलपुर में कैदियों की लगातार हो रही मौतों पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है। कांग्रेस का कहना है कि 10 दिनों के भीतर तीसरी मौत का सामने आना जेल प्रशासन की आपराधिक लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि लगातार मौतें चिंताजनक है।जगदलपुर केंद्रीय जेल अब मौत का केंद्र बनती जा रही है। 10 दिन में 3 कैदियों की मौत ने जेल की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। मौर्य ने कहा कि जानकारी के अनुसार कैदी या तो फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहे हैं या इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो रही है। दोनों ही स्थितियां जेल प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाती हैं। सवाल उठता है कि जेल के अंदर फांसी लगाने के लिए सामग्री कैसे पहुंच रही है? बीमार कैदियों को समय पर समुचित इलाज क्यों नहीं मिल रहा? जेल में बंद कैदी भी इंसान हैं और उनके जीवन की रक्षा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। लगातार हो रही मौतें मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
कांग्रेस ने मांग की है कि 10 दिनों में हुई तीनों मौतों की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। दोषी जेल अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जाए। मृत कैदियों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।जेल में स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए। पूरे मामले की रिपोर्ट 7 दिन में सार्वजनिक की जाए।सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जेल तक में लोग सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता का क्या होगा? यदि सरकार ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के संबंध में की गई विस्तृत चर्चा
बालोद, 08 जून 2026 जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में एडीशनल पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने नशापान एवं तेज गति से ड्राइविंग को सड़क दुर्घटना का प्रमुख कारण मानते हुए पुलिस एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती ठाकुर ने पुलिस, यातायात एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से जाँच अभियान चलाकर शराब पीकर एवं तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चलाने वालों के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने वाहन चालकों के लायसेंस जांचकर बिना लायसेंस के वाहन चलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर ने जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में बैठक में उपस्थित अधिकारियों से जानकारी ली। इसके अंतर्गत उन्होंने सड़कों एवं चैक-चैराहों में विचरण करने वाले मवेशियों की रोकथाम के अलावा गुड सेमेरिटन के कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने हेतु सुझाव भी लिया। इस दौरान अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों के संबंध में आवश्यक सुझाव भी दिए। बैठक में कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला परिवहन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
जगदलपुर बस्तर जिले की नगरनार थाना पुलिस ने बिलासपुर के एक आरोपी को 18 किलो गांजा की तस्करी करते हुए पकड़ा है। आरोपी को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। यह गांजा उड़ीसा से लाया गया था और जगदलपुर के रास्ते बिलासपुर ले जाया जा रहा था।
बस्तर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नगरनार साथ थाना पुलिस ने मंगला चौक बिलासपुर निवासी 28 वर्षीय गांजा तस्कर राहुल पांडे पिता राजेश्वर पांडे को 18.085 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। इस गांजे की कीमत 9 लाख 4 हजार 250 रूपए बताई गई है। आरोपी को ग्राम धनपुंजी फारेस्ट नाका एनएच 63 के पास पकड़ा गया। वह वहां पर जगदलपुर की ओर जाने वाली बस का इंतजार कर रहा था। आरोपी को 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया है।आरोपी को पकड़ने में निरीक्षक संतोष सिंह, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दीपक कुमार सिंह, सहायक उप निरीक्षक द्वय जदुराम बघेल व सतीश तिवारी, आरक्षक राधाकृष्ण राय, दशरू नाग, नेल्सन टोप्पो सैनिक जगन्नाथ का विशेष योगदान रहा।
वर्षों से काबिज व्यक्ति की जमीन पर दूसरे से करा दिया अवैध कब्जा
अपर कलेक्टर स्टे आर्डर को भी ठेंगा दिखा रहा है यह कर्मचारी
दली राजहरा नगर में बेशकीमती नजूल एवं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऎसी गतिविधियों को बढ़ावा देने में नगर पालिका के राजस्व विभाग के तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी की भूमिका पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब तक यह कर्मचारी नगर में सामाजिक विद्वेष का जहर घोलने पर भी आमादा हो गया है।
शासकीय अधिकारी पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने स्थगन आदेश जारी करते हैं, मगर नगर पालिका के राजस्व विभाग के बुद्धिमान कर्मचारी सरकारी आदेश की परवाह नहीं करते हुए नगर पालिका सीएमओ के साथ मिलकर रोज नया अवैध कब्जे को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसी बुद्धिमान कर्मचारी की वजह से एक और कब्जे को लेकर बवाल मचने की संभावना बन गई है। नगर के आशा टॉकीज की जगह पर शुरू से काबिज व्यक्ति को मुगालते में रख कर दूसरे के नाम से वर्षों से काबिज दर्शाते हुए नगर पालिका के राजस्व विभाग ने रसीद काट दी है। पूर्व से काबिज व्यक्ति ने शासन से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है।
लेकिन उक्त बुद्धिमान कर्मचारी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर जबरदस्ती उक्त जगह को कब्जाने का ऐलान कर दिया है। नगर पालिका का यह कर्मचारी अब नगर में सामाजिक विद्वेष फैलाने पर भी आमादा हो गया है। बता दें कि इससे पहले भी नगर के वार्ड 22 में महिला पुष्पा प्रसाद की जमीन पर इसी कर्मचारी ने एक अन्य महिला से अवैध कब्जा करा दिया है। इस जमीन पर पक्का मकान निर्माण कराया जा रहा।. इस मामले में एसडीएम और तहसील न्यायालय से स्थगन आदेश जारी होने के बाद भी नगर पालिका के ये बुद्धिमान कर्मचारी इस अवैध कब्जे और बेजा निर्माण में खुलकर सहयोग करते रहे हैं।
जगदलपुर बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर अवैध शराब के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के तहत करपावंड थाना पुलिस ने मध्यप्रदेश में निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।बस्तर जिले में अवैध शराब के विरूद्ध कार्यवाही करने निर्देशित किया गया था जिसके अंतर्गत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग एवं एसडीओपी प्रवीण भारती के मार्गदर्शन में करपावंड थाने की टीम ने ग्राम मंगनार में 22 वर्षीय आरोपी मनसा भारती पिता कमलोचन भारती निवासी मंगनार के कब्जे से मध्यप्रदेश निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब गोवा व्हिस्की के 88 नग पौव्वे बरामद किए हैं। जप्त शराब की कीमत 11 हजार 880 रुपए बताई गई है। आरोपी मनसा भारती के खिलाफ थाना करपावंड में आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस मामले के खुलासे में निरीक्षक शिवानंद सिंह, उप निरीक्षक हरिश्चंद्र निषाद, प्रधान आरक्षक रामनाथ भारती, आरक्षक निरंजन महानदी, कैलाश भास्कर, धर्मेंद्र नेताम एवं डीएसएफ बोहितलाल नाइक का योगदान रहा।