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ढाई साल में 7 करोड़ का गांजा जब्त

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नक्सालियों की आमदनी का जरिया छीना पुलिस ने – एसपी
जगदलपुर। पुलिस ने बस्तर जिले में नक्सालियों की अर्थव्यवस्था को लगभग ध्वस्त कर दिया है। लगातार गांजा तस्करी के मामले पकड़ कर पुलिस ने नक्सालियों की आमदनी का बड़ा जरिया छीन लिया है। पुलिस ने ढाई साल के भीतर 7 करोड़ रुपये से भी अधिक का गांजा बरामद कर तस्करो को सलाखों क पीछे पहुंचाया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा के बस्तर में कमान संभालने से लेकर अब तक अपराधियों पर नकेल कसने में बेहतर सफलता मिली है। श्री मीणा के बेहतर सूचनातंत्र एवं स्टाफ की सक्रियता का परिणाम है कि गांजा तस्करों तथा इस तस्करी में योगदान देने वाले नक्सलियों की कमर तोडऩे में बस्तर पुलिस सफल रही है। पुलिस कप्तान के कुशल नेतृत्व के कारण विगत 30 माह में गांजा तस्करों के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 करोड़ से अधिक का गांजा जब्त कर 300 से अधिक तस्करों को हवालात भी भेजा जा चुका है। ढाई वर्षो में गांजा के 163 प्रकरण दर्ज किये गये है जिसमें नगरनार पुलिस गांजा तस्करों पर कार्रवाई करने में सबसे आगे है जहां 72 प्रकरण दर्ज किये गये है। गांजा तस्करों पर बस्तर पुलिस की लगातार ह़ई कार्रवाई से नक्सलियों की कमर भी टूटी है। जानकारों की माने तो गांजा तस्करी से नक्सलियों को बड़ी आमदनी प्राप्त होती है। सूत्रों के मुताबिक उडीसा के मलकानगिरी से गांजा तस्करी करने में नक्सली सक्रिय है।
ज्ञातव्य हो कि सीमावर्ती राज्य उड़ीसा के मलकानगिरी इलाके में बड़े पैमाने पर गांजा की खेती की जाती है। गांजा की तस्करी से नक्सलियों की मोटी कमाई होती है। गांजा तस्करों के खिलाफ बस्तर पुलिस की लगतार हुई कार्रवाई से नक्सलियों की कमर भी टूटी है। गांजा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जंगलों के रास्ते बस्तर होते हुए छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई नगरों और कसबों में पहुंचाया जाता रहा है लेकिन बस्तर पुलिस कप्तान के चक्रव्यूह में गांजा तस्कर फंसते गये और बस्तर पुलिस को नशीले पदार्थो की तस्करी रोकने के मामले में बड़ी सफलता मिली है। गांजा तस्करों से लाखों के लग्ज़री वाहन भी जब्त किये गये है।

तस्कर पहुंचे हवालात:
बस्तर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र सिंह मीणा ने चर्चा में बताया कि गांजा तस्करों सहित नशीली पदार्थो की तस्करी रोकने को लेकर सूचनातंत्र अहम कड़ी होती है। उन्होंने कहा कि सूचना तंत्र को मजबूत कर गांजा तस्करों पर नकेल कसने में बड़ी सफलता मिली है। 30 माह में गांजा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न थानों में गांजा के 163 प्रकरण दर्ज कर 7 करोड़ 10 लाख से अधिक का गांजा बरामद कर 300 से भी अधिक गांजा तस्करों को हवालात भेजा जा चुका है। वर्ष 2020 में गांजा के 58 प्रकरण दर्ज किए गये जिसमें तीन करोड़ 15 लाख, वर्ष 2021 में 55 प्रकरण दर्ज हुए जिसमें 2 करोड़ 66 लाख 95 हजार एवं जनवरी 2022 से 31 अगस्त तक 55 प्रकरण दर्ज कर 1 करोड़ 27 लाख 94 हजार का गांजा जप्ती की कार्रवाई की गई है।
नगरनार थाने में सर्वाधिक प्रकरण पुलिस कप्तान श्री मीणा के कुशल नेतृत्व में कई थाना प्रभारियों ने बेहतर कार्य करते हुए अपने कप्तान की उम्मीदो पर खरा उतरने में सफलता पाई है। इसमें नगरनार थानेदार की बड़ी भूमिका रही है। 30 माह के आंकड़ों पर नजर डाली जाये तो 72 प्रकरण नगरनार थाने में दर्ज है जो सबसे अधिक है। इसी मार्ग से गांजा की तस्करी की जाती है। करपावण्ड पुलिस 30 माह में महज एक ही प्रकरण दर्ज कर पाया। एसपी मीणा ने बताया कि गांजा तस्करों के साथ अन्य नशीले पदार्थो की तस्करी में लिप्त लोगों की धरपकड़ के लिए अभियान सतत जारी रहेगा सभी थानेदारों को नशीले पदार्थो के खरीदी बिक्री एवं परिवहन पर रोक लगाने विशेष हिदायत दी गई है। गांजा तस्करी के साथ-साथ नशीली दवाएं बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है जिसमें टेबलेट, कैप्सूल, सीरप सहित अन्य नशीले पदार्थो के खिलाफ भी कार्यवाही की गई है।

बस्तर में भारी वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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दो दिनों के लिए येलो अलर्ट, प्रशासन ने महकमे को किया सतर्क

जगदलपुर। बस्तर संभाग के अधिकतर जिलों मे झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। हालत को देखते हुए प्रशासन ने सभी सम्बंधित विभागों को सजग रहने के लिए निर्देशित किया है।
शुक्रवार से ही बस्तर संभाग में बारिश का कहर जारी है। संभाग के बस्तर , दंतेवाड़ा, बीजापुर तथा सुकमा एवं कोंडागांव के अलावा नारायणपुर एवं जगदलपुर जिलों में 2-3 दिनों से भारी बारिश हो रही है नदी नालो में बाढ़ कि स्थिति निर्मित होने लगी है। राज्य के मौसम विभाग ने बारिश के हालात को देखते हुए इन सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया था। बस्तर संभाग के कमिश्नर एवं सातों जिलों के कलेक्टरो ने भारी वर्षा को देखते हुए राजस्व विभाग लोक निर्माण विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन कि टीम को बाढ़ से बचाव के लिए पूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए है और औरेंज एलर्ट के मामले में कोताही न बरतने के निर्देश भी दिए गए हैँ। बस्तर संभाग में शुक्रवार से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है। रूक-रूककर जमकर बारिश हो रही है। रोज सुबह से घने काले बादल छा जाते हैँ और दोपहर बाद से ही तेज बारिश शुरू हो जाती है। मौसम विभाग ने बस्तर संभाग में गरज-चमक के साथ भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 12 घंटे में जिले के जगदलपुर ब्लॉक में 41.4 मिमी, लोहण्डीगुड़ा में 64.2 मिमी, दरभा में 12.6 मिमी, तोकापाल में 18.2 मिमी, बास्तानार में 48 मिमी, बस्तर में 22.2 मिमी व बकावण्ड ब्लॉक में 16.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चन्द्रा के अनुसार एक निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम- मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। अगले 24 घंटे में इसके और प्रबल होकर पश्चिम- मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी-उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश दक्षिण तटीय उड़ीसा के ऊपर पहुंचने की संभावना है। बस्तर में इसके प्रभाव से ही बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिक एसपी चंद्रा ने बताया कि एक निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर तटीय आंधप्रदेश तथा उत्तर तटीय उड़ीसा से उपर स्थित है इसके साथ ही हवा का चक्रवर्ती घेरा 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर विस्तारित है। जिसकेचलते छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बरसात हो सकती है।

मौतों का जश्न मना रही है भूपेश सरकार

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कोंटा के सिलगेर में 65 मौतों के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार : कश्यप दर्जनों आदिवासियों कि मृत्यु के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

जगदलपुर। आदिवासियों की जान के प्रति छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार कितनी लापरवाह है, इसका एक जीता जगता उदहारण कोंटा विकास खंड के सिलगेर में देखने को मिला है। इस गांव में एनीमिया जैसी बीमारी से 65 आदिवासियों की मृत्यु हो गई और मुख्यमंत्री नये जिलों के गठन के जश्न में मगन रहे। ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस सरकार इन मौतो का जश्न मना रही है।

उक्त आरोप पूर्व मंत्री तथा प्रदेश भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रवक्ता केदार कश्यप ने लगाए हैँ। इन मौतों को ले कर उन्होंने प्रदेश सरकार को जमकर घेरा है। श्री कश्यप ने सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के सिलगेर में हुई 65 मौतों के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए , कहा है कि राज्य सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये की वजह से ग्रामीणों की मौत हुई है । कश्यप ने कहा कि सुकमा में शासन प्रशासन पूरी तरह फेल हो चुके है। लापरवाही का आलम ये है कि एनीमिया जैसी बीमारी का इलाज भी नही हो पा रहा है । राज्य सरकार के तमाम दावों के बावजूद ये बात स्पष्ट हो चुकी है कि सिलगेर सहित अन्य ग्रामों में ग्रामीण मूलभूत स्वास्थ सुविधाओं से बस्तर के आदिवसी वंचित हैँ। कश्यप ने कहा कि सिलगेर में हुई मौतों पर प्रशासन सच्चाई छुपा रहा है। स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कहा जा सकता है कि पूरा प्रशासन मामले की लीपापोती में लगा हुआ है । एक ही गांव में 65 मौतों से पूरे सुकमा जिले में हाहाकार मचा हुआ है और पूरा सिस्टम लकवाग्रस्त हो चुका है । कश्यप ने कहा कि आदिवासियों के दम पर सरकार बनाने वाली कांग्रेस पार्टी ने सुकमा के सिलगेर में आदिवासियों की मौत के बावजूद न तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने और ना ही उनके किसी मंत्री ने सिलगेर के आदिवासियों की सुध ली है। उन्होंने आरोप लगाया है की सिलगेर में हुई मौतों के तथ्यों को छुपाने के लिए उल्टे सीधे स्वांग रचे जा रहे हैं। ये पूरा मामला जांच का विषय है। सरकार सिलगेर मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाकर जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर कठोर से कठोर कार्यवाही करे। उन्हों ने आरोप लगाया है की काग्रेस सरकार की लापरवाही आदिवासियो की मौत के लिए जिम्मेदार है। कश्यप ने कहा है कि राज्य सरकार ने न केवल लापरवाही बरती है, बल्कि पीड़ित आदिवासियों की सुध लेने के बजाये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नये जिलों के गठन के जश्न में मशगूल रहे। उल्लेखनीय है कि अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी आदिवासियों की मौत के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार को जम कर घेरा था।

अंतर्राज्यीय गिरोह तक क्यों नहीं पहुंच पा रही बस्तरिया पुलिस

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ओड़िशा के मलकानगिरी से ज्यादा तश्करी की बातें शासकीय रिकार्ड में दर्ज
जगदलपुरछत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में गांजे की बड़ी-बड़ी खेपें लगातार पकड़ में आती है और रोज नामचे ,एफआईआर व चालान में ओडिशा से तश्करी होने की बातें बकायदा शासकीय दस्तावेजों में रिकॉर्ड होती है किंतु जो गांजा का मुख्य व्यापारी से उस तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है जिसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहें हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सीमावर्ती राज्य उड़ीसा के मलकानगिरी इलाके में बड़े पैमाने पर गांजा की खेती की जाती है , अंतर्राज्यीय युनिफाइंड कमांड की बैठक में कई बार यह मुद्दा उठ चुका है। विगत दिनों मध्यप्रदेश में गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में गांजा की तस्करी का मुद्दा छाया रहा जिसमें नक्सलियों को गांजा से बड़े राजस्व होने की जानकारी सामने आई थी जिसके लिए ओड़िशा व छत्तीसगढ़ पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करने की बातों के साथ गांजा तस्करों के खिलाफ संयुक्त कार्यवाही बस्तर पुलिस की करने वाली थी किन्तु एक प्रकरण भी ऐसा सामने नहीं आया कि अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही हो जिसको लेकर भी तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है। बस्तर की पुलिस सटीक कार्यवाही करते हैं जिसके कारण कई बड़े महानगरों में तश्करी की बातें सामने आती हैं लेकिन बस्तर पुलिस ओड़िशा में धमक देती है ना पैडलरों के बताए ठिकानों पर छापा मारा जाता है।यह बातें भी सामने आई है कि विवेचना का ढ़र्रा भी वही पूरानी है जिसके कारण भी बड़े माफियाओं पर नकेल नहीं कस पा रही है और इसके लिए समन्वय का अभाव है।

यूनिसेफ के भारत प्रमुख और छत्तीसगढ़ प्रमुख बस्तर दौरे पर

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एर्राकोट में बेलमेटल बनाने की प्रक्रिया देखी और और युवोदय की गतिविधियों से हुए रूबरू
समाचार, 10 सितंबर 2022/यूनिसेफ के भारत प्रमुख यास किमोरा और छत्तीसगढ़ प्रमुख श्री जॉब जकारिया आज बस्तर के दौरे पर रहे। बस्तर दौरे के दौरान आज उन्होंने तोकापाल विकासखंड के एर्राकोट में बेलमेटल निर्माण करने वाले हस्तशिल्पकारों के परिवार से मिले और बेलमेटल कलाकृति के निर्माण की पूरी प्रक्रिया देखी।

यहां हरि सागर और देवी बघेल द्वारा उन्हें बेलमेटल कलाकृति निर्माण की पूरी प्रक्रिया के साथ ही इसकी मार्केटिंग के संबंध में जानकारी दी। बस्तर के हस्तशिल्पकारों द्वारा परंपरागत तरीके से तैयार किए जा रहे इस कलाकृतियों के सुंदरता की प्रशंसा करते हुए इसकी बारीकियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने को कहा। यूनिसेफ के इन अधिकारियों ने युवोदय के स्वयंसेवकों द्वारा शिक्षा, पोषण, स्वच्छ्ता और आजीविका के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान को भी देखा और इसकी सराहना की।

नशे की गिरफ्त में बंद ट्रक चालक, खेल रहे लोगों की जिंदगी से

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अमरेश झा

आज जन सामान्य के लिए हर वस्तु इतना अनमोल एवं जरूरी हो गया है कि उसकी पूर्ति के लिए व हर आधुनिक चीज को पाना चाहता है जिसमें से इन चीजों के आवागमन हेतु वाहनों की जरूरत पड़ती है जिसमें जरूरी ट्रक भी हैं जो आज के दौर में बड़े से बड़े वाहन इन चीजों के आवागमन के लिए रोड पर दौड़ रहे हैं इन सामानों को लाने ले जाने की जिम्मेदारी ट्रक के चालक की होती है जो दिन रात मेहनत करके परिवहन में संलिप्त रहते हैं परंतु जब यही ट्रक चालक नशे में धुत होकर अपने वाहनों को रोड में फर्राटे से दौड़ाते हैं तो वह सामान ही नहीं अपितु आम जनमानस भी खतरे में आ जाता है।आज इस आपाधापी में सैकड़ों वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं जब ड्राइवर नशे में वाहनों को दौड़ायेगे तो दुर्घटनाएं अवश्य होंगे और ऐसा ही एक मामला जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसे देखने में आ रहा है कि कैसे एक ट्रक ड्राइवर रायपुर जगदलपुर मार्ग में प्रसिद्ध केशकाल घाट में एक सवारी बस को ओवरटेक कर रगड़ते हुए आगे जाकर पलट गई जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया और बस में सवार यात्रियों की जान-माल की रक्षा हुई इस हादसे से विचलित हुए बस के चालक एवं परिचालक एवं कुछ सवारियों ने नशे में धुत ट्रक ड्राइवर को मारपीट भी कर दिया अब यह तो मानव प्रवृत्ति का ही एक हिस्सा है कि गुस्सा एवं विचलित इंसान उस क्षण में अपना आपा खो देता है। परंतु इसका यह मतलब नहीं है की संबंधित व्यक्ति बाद में इसका बदला ले गौरतलब है कि इस हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर के लोगों ने अपने क्षेत्र में संबंधित बस चालक व परिचालक को रोक कर उनसे भी गाली गलौज कर मारपीट किया गया अब यह न्याय उचित तो नहीं होगा कि कि कोई गलत करें और लोग उनका साथ दें बल्कि यहां यह कहना भी लाजमी होगा की आज जब नशे में लिप्त वाहन चालक जिसकी वजह से कितने ही लोगों की जान जाते जाते बची क्योंकि उक्त हादसा एक बेहद खतरनाक घाट में हुई जंहा वह बस पलट भी सकती थी और एक भयावह दुर्घटना भी हो सकती थी उसका साथ दे रहें हैं क्या गलत व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी एक गलत बात व गलत काम नही है।
आपको यह भी बता दें कि 10 सितंबर की रात को रायपुर जगदलपुर मार्ग पर ही नशे में धुत्त एक ट्रक ड्राइवर ने एक स्थानीय व्यक्ति को रौंद दिया जिसकी मृत्यु फरसगांव के सामुदायिक अस्पताल में हो गई, क्या एक आम जन की जिंदगी एवं उसका परिवार उस नशे से छोटी है जंहा एक भरा पूरा परिवार उजड़ गया। अब यह तो वह ड्राइवर ही बता सकता है कि उसे उस नशे में क्या मजा आया होगा। आज जब केंद्र एवं राज्य की सरकार एवं प्रशासन नशा रोकने के लिए बहु आयामी कार्यक्रम चला रही है ऐसे में इन वाहन चालकों के ऊपर वैधानिक कार्यवाही नहीं होना भी इनके मनोबल बढ़ने का एक कारण है। क्या नशा करके वाहन चलाना सही है क्या पुलिस प्रशासन को इन पर कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिए जबकि पुलिस प्रशासन ने जगह जगह एक स्लोगन चस्पा कर रखा है जिसमें यह लिखा है कि शराब पीकर वाहन ना चलाये क्या ये स्लोगन ये जज्बा महज दिखावा मात्र है,जब पुलिस प्रशासन के पास ऐसे यंत्र तंत्र मौजूद है जिससे मिनटों में पता चल जाता है कि ड्राइवर ने कितना नशा किया है तो उनका इस्तेमाल क्या ये प्रदर्शनी में करेंगे?

अंतर्राज्यीय गिरोह तक क्यों नहीं पहुंच पा रही बस्तरिया पुलिस

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जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में गांजे की बड़ी-बड़ी खेपें लगातार पकड़ में आती है और रोज नामचे ,एफआईआर व चालान में ओडिशा से तश्करी होने की बातें बकायदा शासकीय दस्तावेजों में रिकॉर्ड होती है किंतु जो गांजा का मुख्य व्यापारी से उस तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है जिसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहें हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सीमावर्ती राज्य उड़ीसा के मलकानगिरी इलाके में बड़े पैमाने पर गांजा की खेती की जाती है , अंतर्राज्यीय युनिफाइंड कमांड की बैठक में कई बार यह मुद्दा उठ चुका है। विगत दिनों मध्यप्रदेश में गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में गांजा की तस्करी का मुद्दा छाया रहा जिसमें नक्सलियों को गांजा से बड़े राजस्व होने की जानकारी सामने आई थी जिसके लिए ओड़िशा व छत्तीसगढ़ पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करने की बातों के साथ गांजा तस्करों के खिलाफ संयुक्त कार्यवाही बस्तर पुलिस की करने वाली थी किन्तु एक प्रकरण भी ऐसा सामने नहीं आया कि अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही हो जिसको लेकर भी तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है।
बस्तर की पुलिस सटीक कार्यवाही करते हैं जिसके कारण कई बड़े महानगरों में तश्करी की बातें सामने आती हैं लेकिन बस्तर पुलिस ओड़िशा में धमक देती है ना पैडलरों के बताए ठिकानों पर छापा मारा जाता है।यह बातें भी सामने आई है कि विवेचना का ढ़र्रा भी वही पूरानी है जिसके कारण भी बड़े माफियाओं पर नकेल नहीं कस पा रही है और इसके लिए समन्वय का अभाव है।

जल संसाधन विभाग में बड़ा घोटाला बिना कार्य कराए लाखों रूपए डकारने का आरोप

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अर्जून झा

जगदलपुर जल संसाधन विभाग बीजापुर के कार्यपालनयंत्री पर डेम मरम्मत की आड़ में करीब लाखों रूपये का गबन करने संबंधी गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर सत्तापक्ष के एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ने कार्यपालनयंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को आवेदन दिया है। राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, राजस्व विभाग, जन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग जैसे अनेक विभाग हैं, जो भ्रष्टाचार और सरकारी धन की बंदरबांट के मामले में कुख्यात हैं। अब तो बेदाग माने जाने वाले शिक्षा विभाग पर भी भ्रष्टाचार की कालिख लग चुकी है।हाल ही में विकास खंड शिक्षा अधिकारी जगदलपुर से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आ चुका है।प्रदेश शासन का जल संसाधन विभाग तो भ्रष्ट अधिकारियों के लिए ……के खजाने से कम नहीं है। बारहों माह इस खजाने की लूट मची रहती है। विभाग टाईम कीपर, सब इंजीनियर से लेकर कार्यपालन यंत्री और अन्य वरिष्ठतक अधिकारी तक इस लूट में भागीदार होते हैं।बारिश का मौसम हो या सूखे का, इन कर्मियों व अधिकारियों की अवैध कमाई धड़ल्ले से चलती रहती है। मरम्मत के कार्य हो या फिर नए निर्माण हर काम में बेतहाशा अवैध कमाई होती है। छोटे-मोटे निर्माण और मरम्मत के कार्य सिर्फ कागजों पर कराए जाते हैं और ऐसे कार्यों के नाम पर राशि-रकम अफसरों की जेब में समा जाती है।ऐसा ही एक बड़ा घोटला जल संसाधन विभाग के बीजापुर कार्यालय में उजागर हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग बीजापुर के अधीन स्टापडेम मरम्मत कार्य के लिए प्रति डेम 9 लाख रू़ के मान से कुल 13 कार्याें के लिए 1 करोड़ 17 लाख रूपए की मंजूरी जिला पंचायत बीजापुर एवं जिला निर्माण समिति बीजापुर द्वारा प्रदान की गई थी। स्वीकृत राशि में प्रत्येक कार्य के लिए राष्टीय रोजगार गारंटी मद से 4.50 लाख रूपए एवं डीएसएफ मद से भी 4.50 लाख रूप्ए शामिल थी। कलेक्टर बीजापुर ने इन कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। इस हेतु जल संसाधन विभाग बीजापुर को कार्य एजंेसी नामित्त किया गया था। जून से लेकर अगस्त 2022 के अंत तक भारी बरसात के चलते किसी भी तरह का निर्माण एवं मरम्मत कार्य किसी भी सूरत में संभव नहीं था, बावजूद बीजापुर में मरम्मत कार्य दर्शाकर बड़ा खेला कर दिया गया। माप पुस्तिका में दर्ज किये बिना ही जिला पंचायत द्वारा स्वीकृत सरकारी राशि का गबन कर लिया गया। बाक्स—-जीएसटी का भी फर्जीवाड़ा आरोप है िकइस मामले में जीएसटी का भी फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायर्ता के अनुसार स्टापडेम में मरम्मत कार्य के नाम पर कोर्राम गणपत को 18 लाख 61 हजार 430 रूपए भुगतान किया जाना बताया गया है एवं इस व्यक्ति के नाम से फर्जी जीएसटी अंकित कर फर्जी बिल लगाए गए और लाखों रूपए आहरित कर लिए गए। बताया गया है कि कथित कोर्राम गणपत के नाम से न तो क्रय-विक्रय का बिल है और न ही वह जीएसटी के लिए शासन द्वारा रजिस्टर्ड है। इस तरह दोहरी जालसाजी करते हुए शासन को लाखों की चपत लगा दी गई।बाक्स—पहले भी आ चुके हैं पकड़ में शिकायतकर्ता राज्य युवा आयोग के सदस्य अजय सिंह ने बताया है कि उक्त कार्यपालनयंत्री इस पद पर पदोन्नति से पहले भोपालपटनम में जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी थे। उस दौरान भी उन पर 29 लाख 67000 रू की गड़बड़ी के आरोप लगे थे। और अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा की गई जांच में आरोप सही पाया गया था तब अनुविभागीय दंडाधिकारी ने एसडीओ जो कि मौजूदा समय में बीजापुर में जल संसाधन विभाग के कार्यपालनयंत्री है, के खिलाफ जांच प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया था। प्रतिवेदन में एसडीएम ने उक्त अधिकारी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने एवं गबन की गई रकम की वसूली उनसे करने सिफारिश की थी। इस प्रतिवेदन पर जिला प्रशासन ने आश्चर्य ढंग से किसी तरह की कार्यवाई नहीं की।शिकायतकर्ता अजय सिंह ने बीजापुर थाना प्रभारी को दिए गए शिकायत पत्र में कार्यपालनयंत्री एम एल टंडन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर डकारी गई रकम की वसूली की मांग की है।

बस्तर सांसद दीपक बैज पहुँचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शंकर राव के निवास परिवारजनों को बंधाया ढाँढस

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विगत दिनों वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शंकर राव के पिता स्व एम नागेश्वर राव जी का आकस्मिक निधन हो गया था। आज बस्तर सांसद दीपक बैज अपने कन्याकुमारी दौरे से वापसी के तुरन्त बाद श्री राव के निवास स्थल जाकर परिवारजनों को ढाँढस बंधाया। इस दुःख की घड़ी में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मलकित सिंह गैदु,निगम अध्यक्ष कविता साहू,अनुराग महतो, सायमा अशरफ,शहजाद हुसैन एवं परिवारजन उपस्थित रहे।

भाजपा का प्रयोग ला सकता है दुर्योग, पहले प्रदेशाध्यक्ष, फिर प्रदेश प्रभारी को हटा दिया एक झटके मे

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(अर्जुन झा)

राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मंच साझा कर रही पुरंदेश्वरी को हटाने से गया गलत सन्देश

जगदलपुर। भाजपा में संगठन स्तर पर किये जा रहे नित नये प्रयोग और मास्टर स्ट्रोक का खेल आगामी चनावों में पार्टी के लिए भारी पड़ सकते हैँ। भाजपा के ऐसे प्रयोग पार्टी के लिए दुर्योग भी साबित हो सकते हैँ। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष के बाद अब प्रदेश प्रभारी को एक झटके मे ही पद से चलता कर दिया यह कार्यवाही तब हुई, जब भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी जब प्रत्येक के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ मंच साझा कर रही थी। इसके पहले विश्व आदिवासी दिवस के दिन पार्टी के अध्यक्ष विष्णुदेव साय को अध्यक्ष पद से हटाया गया था। इस से प्रदेश मे आदिवासी समाज, आम नागरिकों के बीच भाजपा के प्रति गलत धारणा बनने लगी है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा छत्तीसगढ़ में हुंकार भरते हुए कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार कर रहे थे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी डी.पुरंदेश्वरी भी साथ में मंच साझा कर रहीं थी। लेकिन कुछ ही देर बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी डी.पुरंदेश्वरी को पद से हटाकर ओमप्रकाश माथुर को नया छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी नियुक्त कर दिया गया। भारतीय जनता पार्टी के अधिकारिक फेसबुक में जगत प्रकाश नड्डा के नाम से यह आदेश जारी किया गया। सूत्रों से जानकारी मिली कि जिस समय पार्टी का यह फरमान जारी हुआ, उस समय डी.पुरंदेश्वरी मीटिंग रूम में जगत प्रकाश नड्डा के साथ पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहीं थी। इस कार्यवाही से भाजपा के कार्यकर्ताओं तथा पार्टी के प्रति झुकाव रखने वाले मतदाताओं को ठेस पहुंची है।

इसी तरह 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के दिन छत्तीसगढ़ के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज से आने वाले विष्णु देव साय को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर बिलासपुर सांसद अरुण साव को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। जिसके बाद चर्चाएँ गर्म थी कि आदिवासी दिवस के मौक़े पर एक आदिवासी नेता को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा कर भाजपा ने आदिवासी समाज का अपमान किया है। इसी तरह आज जब एक तरफ छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी डी.पुरंदेश्वरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ मंच साझा कर रहीं थीं, तब उन्हें पद से अचानक हटा दिया गया। उनकी जगहा ओमप्रकाश माथुर को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किये जाने का आदेश जारी कर दिया गया।

ऐसा कयास लगाया जा रहा है की इस बार छत्तीसगढ़ सहित कुछ राज्यों, जहाँ भाजपा की सरकार नहीं है और वहां चुनाव नजदीक है, वहां पार्टी ने इस तरह का अचानक बदलाव की कार्यवाही का प्रयोग किया है। चर्चा के अनुसार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मार्गदर्शन के अनुसार ही भाजपा मे इस तरह के कदम उठाये जाते हैँ। भाजपा मे संघ का निर्णय सर्वमान्य होता है। छत्तीसगढ़ मे राष्ट्रीय स्वयं संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत समेत शीर्ष पदाधिकारियों की मौजूदगी के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति में प्रदेश प्रभारी को बदले जाने से तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैँ।

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