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उल्लास साक्षरता के लिए बीईओ दास ने दिए निर्देश

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जगदलपुर नवभारत उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आज बीआरसी कार्यालय जगदलपुर में विकासखंड स्तरीय बैठक रखी गई। बैठक बीईओ अनिल दास की अध्यक्षता में आयोजित की गई।सहायक खंड शिक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता, खंड स्रोत समन्वयक राजेंद्र ठाकुर और विशेष रूप से डीपीओ राकेश खापर्डे उपस्थित रहे। इनके अलावा ब्लॉक के समस्त संकुल समन्वयक भी उपस्थित थे।बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी श्री दास ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश दिए और मैदानी स्तर पर कार्य करने हेतु कहा।

लोक वैद्यों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की मांग

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शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय जगदलपुर में लोक वैद्यों का कार्यक्रम

जगदलपुर शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय कुम्हारवंड जगदलपुर में 20 मई को परंपरागत लोक वैद्यों का सफल एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर, छत्तीसगढ़ विज्ञान भारती संस्थान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए पारंपरिक वैद्य, ग्राम पदाधिकारी एवं समाज के गणमान्य सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वैद्य एवं ग्राम पदाधिकारी संघ छत्तीसगढ़ के संरक्षक जयनारायण सिंह बस्तरिया के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र सदियों से जड़ी-बूटी एवं वनौषधियों का समृद्ध केंद्र रहा है तथा यहां अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें संरक्षित और विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी विजन है कि परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर कम लागत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पूरे विश्व तक पहुंचाई जा सकती हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारंपरिक वैद्य एवं ग्राम पदाधिकारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष प्रेमसागर एबोरिजनल ट्राइब्स ने कहा कि बस्तर के जंगलों में अति दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोक वैद्य सदियों से गंभीर बीमारियों का उपचार करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लोक वैद्य आधुनिक विज्ञान के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ें। उन्होंने शासन एवं प्रशासन से मांग की कि लोक वैद्यों को आयुष्मान योजना से सीधे जोड़ा जाए तथा शासन द्वारा संचालित आयुर्वेद अस्पतालों से समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को उचित पहचान और सम्मान मिल सके। इस अवसर पर उन्होंने अनेक वनौषधियों एवं उनके औषधीय उपयोगों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग अपने पारंपरिक खान-पान में सदियों से मंडिया, कोदो, कुटकी, रागी, कुल्थी, बाजरा जैसी पौष्टिक फसलों का उपयोग करते आ रहे हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी हैं। साथ ही अनेक प्रकार की वनस्पतियों, फल-फूल एवं भाजियों का सेवन यहां की संस्कृति और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।अंत में उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन पारंपरिक ज्ञान, लोक चिकित्सा और जनजातीय विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

रावघाट से बिलासपुर तक एक्सप्रेस चलाने की उठने लगी मांग गुरुवार को

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दल्लीराजहरा के दौरे पर पहुंचे डीआरएम सदानंद से पार्षद भूपेंद्र श्रीवास ने औपचारिक मुलाकात कर सबसे पहले ताडोकी से रायपुर तक12 डिब्बों की ट्रेन चलाने पर आभार व्यक्त किया है एवं अंतागढ़ से रायपुर तक भी 8 की जगह 12 डिब्बों की ट्रेन चलाने की मांग की है क्योंकि सबसे ज्यादा संख्या में यात्री इसी ट्रेन में सफर करते हैं। रावघाट से बिलासपुर तक एक्सप्रेस चलाने की मांग करते हुए श्रीवास का कहना है कि 200 किमी तक लोकल ट्रेन चलाई जा रही है जिससे सफर करने में काफी समय बीत जाता है ऐसे में रावघाट से बिलासपुर तक एक्सप्रेस चलाया जाए ताकि दुर्ग भिलाई रायपुर बिलासपुर जाने वाले सभी यात्रियों को सफर करने में सुविधा हो साथ ही समय की भी बचत होगी अभी सीधी ट्रेन से हम रायपुर तक ही सफर करने को मजबुर है रायपुर के आगे तिल्दा भाटापारा बिलासपुर जाने वाले यात्रियों को रायपुर से फिर दूसरी ट्रेन बदलनी पड़ती है और बिना रिजर्वेशन के ट्रेन में सफर करना आसान नहीं होता साथ ही दूसरी ट्रेन पहले से ही खचाखच भरी रहती है ऐसे में रेलवे सैकड़ों यात्रियों की सुविधा हेतु रावघाट से बिलासपुर तक एक फेरा एक्सप्रेस ट्रेन चलाए जिससे बस्तर संभाग भी तेज रफ्तार से विकास कर सकें। जिसका समय सुबह 06 बजे रावघाट से छुटकर दोपहर 12 बजे बिलासपुर वापसी शाम को 5 बजे बिलासपुर से छुटकर रात को 11 बजे रावघाट रखे। इसके साथ ही पार्षद द्वारा 3 दिन तक चलने वाली दल्लीराजहरा से दुर्ग ट्रेन को सातों दिन चलाने की भी मांग की है एवं साथ ही इसके समय में बदलाव की भी बात कही है पहली ट्रेन सुबह 05:50 को दल्लीराजहरा से छुटती है उसके बाद दूसरी ट्रेन 06:25 को छुटती है केवल 35 मिनट के अंतराल में 2 ट्रेन चलती है इसी वजह से दूसरी ट्रेन की सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है ग़लत टाइमिंग की वजह से दूसरी ट्रेन में भीड़ कम रहती है रेलवे को अपनी आय बढ़ाने के लिए दूसरी ट्रेन सुबह 07:30 बजे दल्लीराजहरा से छोड़नी चाहिए ताकि लोगो को सुविधा मिल सके। रिज़र्वेशन काउंटर का समय शाम को 6 बजे तक खुला रखने की भी मांग की गई है। और पुरानी मांग में से वार्ड क्रमांक 21 से कंटीले तारों को निकालने के लिए निवेदन किया है जिस पर डीआरएम ने कंटीली तार हटा दिया जाएगा कहा है एवं बाकी सभी मांगों पर उन्होंने सहमति जताई है आशा है कि आने वाले समय में सभी मांगों को रेलवे प्रशासन जनहित में पूरा जरुर करेंगे।

दल्लीराजहरा रेलवे स्टेशन को मिलेगी नई सुविधाएं, ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच : अमित कुकरेजा

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दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज दल्ली राजहरा इकाई के अध्यक्ष अमित कुकरेजा ने मंडल रेल प्रबंधक (SECR) के शहर आगमन पर उनसे दल्ली राजहरा रेलवे स्टेशन में मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न रेल सुविधाओं को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पूर्व में रखी गई मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए ट्रेन की बोगियों की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 किए जाने एवं दल्ली राजहरा रेलवे स्टेशन को सर्वसुविधायुक्त स्टेशन बनाने की दिशा में कदम उठाने पर रेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया।अमित कुकरेजा ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक एवं सीनियर DCM से चर्चा के दौरान अंटागढ़-रायपुर ट्रेन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उसके कोच भी 12 किए जाने की मांग रखी गई। साथ ही इस ट्रेन में एक वातानुकूलित (AC) कोच जोड़े जाने की आवश्यकता भी बताई गई।इसके अलावा दल्ली राजहरा-दुर्ग डेमू ट्रेन, जो वर्तमान में सप्ताह में केवल तीन दिन संचालित होती है, उसे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सप्ताह के सभी दिनों में नियमित रूप से चलाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यह मांग आम यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं व्यापारिक गतिविधियों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।बैठक में दल्ली राजहरा मेन मार्केट के विस्थापित अलॉटमेंट एवं नॉन-अलॉटमेंट धारकों के लंबित नवीनीकरण कार्य को प्रक्रिया अनुसार शीघ्र पूरा करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।इस अवसर पर इकाई महामंत्री भूपेंद्र डहरवाल, प्रमुख सलाहकार संजय बैस, झूमर लालजी छाजेड़, राजू सोनी, व्यापारी संघ के अशोक लोहिया, प्रेम जैसवाल तथा अनाज किराना संघ के सुरेश जैसवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

दिलीप सिंह जूदेव की राह पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा

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धर्मांतरण के खिलाफ बिगुल फूंका भावना ने

575 आदिवासियों की करा चुकी हैं घर वापसी

फिर 6 गांवों के 200 लोग लौटे मूल धर्म में

पंडरिया जशपुर के प्रखर हिंदूवादी नेता दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव ने जिस तरह धर्मांतरण के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल रखा था। अब उसी राह पर पंडरिया क्षेत्र की भाजपा विधायक भावना बोहरा भी चल पड़ी हैं। श्रीमती बोहरा अब तक अपने क्षेत्र के धर्मांतरित हो चुके 575 आदिवासियों की मूल धर्म में वापसी करा चुकी हैं। गत दिवस 200 आदिवासी फिर अपनी जड़ों से जुड़े। विधायक भावना बोहरा ने उनके पांव पखार कर उन्हें फिर से उनके मूल धर्म से जोड़ा। पंडरिया विधायक भावना बोहरा, जैसा नाम वैसा कर्म। दिल में जनता, धर्म, संस्कृति और जनसेवा के प्रति समर्पण भावना, सौम्य एवं शालीन व्यवहार। यही श्रीमती बोहरा की खासियत है।

जिस तरह दिवंगत हिंदूवादी ने नेता दिलीप सिंह जूदेव ने धर्मांतरित हो चुके आदिवासी हिदुओं की मूल धर्म में वापसी के लिए मुहिम छेड़ रखी थी, उसी नक्शे कदम पर विधायक भावना बोहरा भी चल रही हैं। उनके प्रयास क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहे हैं, धर्मांतरण पर कड़ा प्रहार करते हुए भावना बोहरा ने पास्टर सहित वनांचल क्षेत्र के 6 गांवों के 200 लोगों की मूल धर्म में वापसी कराई।पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम पिपरहा, छिरहा और कुल्हीडोंगरी में अब धर्म सभाएं नहीं होंगी। अपने निजी स्वार्थ के लिए धर्मांतरण कराने वाले लोगों की मंशा पर कड़ा प्रहार किया गया है। ग्राम बूचीपारा में इन गांवों में धर्म सभा लगाने वाले पास्टर सहित 6 गांवों के 200 लोगों ने अपने मूल धर्म में घर वापसी की। विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में वनांचल क्षेत्रों में विकास, सांस्कृतिक जागरण और जनजागरण के प्रयास लगातार नई दिशा दे रहे हैं। वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, छात्रावास, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और आस्था के संरक्षण हेतु भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

इन्हीं सतत प्रयासों का परिणाम है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र आज धर्मांतरण के खिलाफ सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की मजबूत मिसाल बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बूचीपारा में विधायक भावना बोहरा द्वारा आयोजित सांस्कृतिक गौरव सम्मलेन एवं अभिनंदन समारोह में वनांचल क्षेत्रों में धर्मसभा का आयोजन करने वाले पास्टर सहित ग्राम छिरहा, पीपरहा, कुल्हीडोंगरी, जामुनपानी, नागाडबरा और नवापारा के 200 आदिवासी परिवारों के सदस्य अपने मूल धर्म में घर वापसी करते हुए अपनी संस्कृति, सभ्यता और स्वाभिमान की जड़ों से जुड़ गए । पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विधायक भावना बोहरा ने जनजातीय समाज के लोगों का अभिनंदन एवं स्वागत करने के बाद उनके पांव पखार कर उनके मूल धर्म में वापसी कराई। विदित हो कि इससे पूर्व पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल क्षेत्र नेऊर के आसपास के गांवों से 115, कुई- कुकदुर क्षेत्र से 70, ग्राम दमगढ़ में 50 एवं ग्राम कुल्हीडोंगरी में 140 आदिवासी ग्रामीण घर वापसी कर चुके हैं। इस तरह अब तक पंडरिया क्षेत्र के आदिवासी समाज के 575 से लोग अपने मूल धर्म में वापस आ चुके हैं। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व और भाजपा सरकार की विकास नीतियों से प्रभावित होकर आदिवासी समाज अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से पुनः जुड़ने के लिए आगे आ रहा है। इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आज पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की पहचान केवल विकास कार्यों से ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण से भी हो रही है। वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण का प्रयास किया गया, जिससे आदिवासी समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का काम हुआ। लेकिन अब समाज जागरूक हो रहा है और अपनी संस्कृति एवं मूल आस्था की ओर लौट रहा है। भाजपा सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास और सांस्कृतिक चेतना दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। वनांचल क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, छात्रावास, पेयजल, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ने से आदिवासी समाज का सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है।

यही कारण है कि अब लोग किसी प्रलोभन या भ्रम में नहीं आ रहे हैं, बल्कि अपनी जड़ों और परंपराओं से पुनः जुड़ने का संकल्प ले रहे हैं। यह उन लोगों की नकारात्मक मंशा और अपने निजी स्वार्थ के लिए धर्मांतरण कराने वाले लोगों पर कड़ा प्रहार है, जो हमारे छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों की सांस्कृतिक पहचान को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।विधायक भावना बोहरा ने कहा कि बूचीपारा में 200 आदिवासी भाई-बहनों की यह घर वापसी केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाभिमान, सामाजिक एकता और अपनी पहचान को बचाने का अभियान है। यह कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने वाला है। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ जनजागरण लगातार जारी रहेगा और समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा एवं आस्था से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। विगत वर्षों में डबल इंजन भाजपा सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इन वनांचल क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों, योजनाओं का सतत क्रियान्वयन और उसका लाभ मिलने से यहाँ निवासरत जनजाति परिवारों के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन आया है। विधानसभा क्षेत्र के वनांचल क्षेत्रों में निवासरत जनजाति परिवारों से निरंतर संवाद, जनसंपर्क, विकास कार्यों की पारदर्शी क्रियान्वयन प्रक्रिया और विश्वास निर्माण के प्रयासों ने सकारात्मक वातावरण निर्मित किया और आज निरंतर वे पुनः अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ रहें हैं और अपने मूल धर्म में वापसी कर रहें हैं।

कमजोर नहीं होने देंगे विरासत: भावना

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आदिवासी समाज की परंपराएं, लोकसंस्कृति और धार्मिक मान्यताएं हमारी सबसे बड़ी विरासत हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। धर्मांतरण केवल व्यक्ति के धर्म बदलने का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान को प्रभावित करने का प्रयास भी है। पंडरिया विधानसभा में हम विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक जनजागरण का व्यापक अभियान चला रहे हैं। जब समाज शिक्षित, जागरूक और आत्मविश्वासी बनता है, तब वह अपनी जड़ों और अपनी पहचान को समझता है। आज वनांचल क्षेत्र का आदिवासी समाज पुनः अपनी संस्कृति और परंपरा की ओर लौट रहा है, यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सकारात्मक संदेश है। वर्तमान में वनांचल क्षेत्रों में विकास की रोशनी पहुंचने से यहाँ निवासरत जनजातीय परिवारों के लोगों में उम्मीद की नई किरण जागी है और अब वे किसी प्रलोभन या भ्रम में नहीं आ रहे हैं, बल्कि अपनी संस्कृति और आस्था के संरक्षण के लिए स्वयं आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में भी पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, धार्मिक जनजागरण और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

बोहरा की पहल सराहनीय: लूनिया

इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी हरीश लूनिया ने भी संबोधित करते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों की सराहना की और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित करने में श्रीमती बोहरा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहi हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा लगातार पंडरिया विधानसभा क्षेत्र व विशेषकर वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनसेवा के कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं को प्रोत्साहन जैसे हर क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करते हुए एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। समाज प्रमुख पंचराम धुर्वे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि आदिवासी समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति व सभ्यता के संरक्षण के लिए जागरूक व संगठित है। कार्यक्रम में प्रेम सिंह टेकाम ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रोशन दुबे, जनपद अध्यक्ष नंदिनी साहू, उपाध्यक्ष छत्रकिशोर तिवारी, रुपेश जैन, कल्याण सिंह, नवल पांडेय, चंद्रू सोनी, शिव कुमार चंद्रवंशी, मंडल अध्यक्ष रविश ठाकुर, दिनेश चंद्रवंशी, हरीश जैन, महेंद्र धृतलहरे, प्रदीप पुरी गोस्वामी, रतिराम भट्ट, बालमुकुंद चंद्रवंशी, भगवन धुर्वे, दिनेश गुप्ता, मनोज ठाकुर, विष्णु चंद्रवंशी, स्वतंत्र तिवारी, अंजू शर्मा, हीरालाल चेलसे, विक्की तिवारी, थानेश्वर जायसवाल, रविशंकर चंद्रवंशी, रामू पांडेय, रामअवतार साहू, मनहरण साहू, तिलक सेन, राज कुमार नेताम सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

तपती गर्मी में विधायक विक्रम मंडावी ने अंदरूनी इलाके के 33 गांवों का किया दौरा

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सुनी ग्रामीणों की समस्याएं किए निराकरण के ठोस प्रयास

सुदूर गांवों में पहुंचने वाले पहले विधायक हैं मंडावी

अर्जुन झा

जगदलपुर दिल में अगर जनता के प्रति समर्पण हो, जनसेवा का जज्बा हो तो क्या धूप और छांव, क्या गर्मी और बरसात। बस्तर संभाग के बीजापुर से विधायक विक्रम मंडावी भी ऐसे ही जीवट कर्मयोगी विधायक हैं। उन्होंने प्रचंड गर्मी में चार दिनों तक बीजापुर और उसूर विकासखंड के 33 अंदरूनी गांवों का तूफानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी।

इस दौरान ग्रामीणों ने विधायक मंडावी के समक्ष स्कूल, अस्पताल, सड़क, शुद्ध पेयजल, बिजली, आंगनबाड़ी केंद्र और रोजगार की मांग रखी। विधायक विक्रम मंडावी ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।अपने चार दिवसीय दौरे के समापन पर विधायक मंडावी ने कहा उसूर और गंगालूर क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों के गांवों में अभी भी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। ग्रामीण स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा, सड़क, पेयजल, बिजली और रोजगार की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे और इन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करेंगे।

विदित हो कि विधायक विक्रम मंडावी गंगालूर और उसूर क्षेत्र के ग्राम पेदाकोरमा, पालनार, सावनार, तोड़का, ईतवार, कोरचोली, पुसानार, कावड़गांव, हिरमगुंडा, मुदवेंडी, पीड़िया, डोडीतुमनार, गमपुर, पेदागेलूर, गोमगुड़ा पालागुड़ा, पालागुड़ा, कंचाल, गंडाराजगुड़ा, एर्रापल्ली कंचाल, मेटागुड़ा दोरली, मंगलतोंग, रासपल्ली उड़तामल्ला, यमपुर उड़तामल्ला, सापेड़ पुजारी कांकेर, बड़े तर्रेम, पोलमपल्ली, कोंजेर गगनपल्ली, नरसापुर गगनपल्ली, टेकुलगुड़ा, मुरकीपाड़ गगनपल्ली, गुण्डाम कोत्तागुड़ा पुसबाका, पुसबाका और चिपुरभट्टी आदि गांवों का दौरा किया। यह पहला मौका है जब कोई विधायक जिले के इतने दूर-दराज के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचा और ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। विधायक के दौरे के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, उसूर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य मनोज अवलम, सुनील उद्दे, ब्लॉक अध्यक्ष मंगल राना, जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम, उपाध्यक्ष दिनेश पुजारी, भीमा कट्टम, पुरुषोत्तम खत्री, जनपद सदस्य अनिता तेलम, राजेश वासम, अरुण वासम और महेश मोडियम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।

दुर्ग में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, आर्य नगर में मचा हड़कंप

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दुर्ग, 22 मई 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। आर्य नगर स्थित एक मकान में पति-पत्नी और उनके दो बच्चों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना मोहन नगर थाना क्षेत्र की है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पारिवारिक तनाव के चलते परिवार ने आत्मघाती कदम उठाया। बताया जा रहा है कि दो बच्चों की मौत जहरीला पदार्थ सेवन करने से हुई, जबकि पति-पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृत बच्चों की उम्र करीब 13 और 17 वर्ष बताई जा रही है।शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके हुए पाए, जबकि दोनों बच्चों के शव कमरे में पड़े मिले। घटना का दृश्य देखकर इलाके में दहशत फैल गई।

सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे घर को सील कर जांच शुरू कर दी गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञ घर से मिले साक्ष्यों को जुटाने में लगे हैं, वहीं पुलिस पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी एकत्र कर रही है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी तक किसी सुसाइड नोट मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस आर्थिक परेशानी, घरेलू विवाद और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

घटना के बाद पूरे आर्य नगर क्षेत्र में शोक का माहौल है। पड़ोसियों के अनुसार परिवार सामान्य रूप से रह रहा था और किसी को इस तरह की घटना की आशंका नहीं थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था, लेकिन बच्चे अक्सर आसपास खेलते दिखाई देते थे।

पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

सप्तगिरी पार्क में जड़ दिया ताला

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गर्मी के बीच बच्चों और पर्यटकों की तफरीह पर लगा विराम

सुरक्षा गार्ड न होने से प्रबंधन ने की तालाबंदी

दल्लीराजहरा लौह अयस्क नगरी दल्लीराजहरा का एकमात्र प्रमुख मनोरंजन एवं स्वास्थ्य वर्धक स्थल सप्तगिरी पार्क इन दिनों बंद पड़ा है। सुरक्षा गार्ड की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए बीएसपी प्रबंधन द्वारा पार्क के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया गया है। सुबह-शाम तफरीह करने वाले, व्यायाम करने वाले युवा और बच्चों को घुमाने ले जाने वाले शहरवासी मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं।

पार्क बंद होने से आम नागरिकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।गर्मी की छुट्टियों के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के साथ सप्तगिरी पार्क पहुंच रहे हैं, लेकिन गेट पर ताला लगा देख उन्हें निराशा हाथ लग रही है। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पार्क और समीप स्थित व्यू पॉइंट घूमने पहुंचते हैं, ऐसे में पार्क का बंद रहना पर्यटकों के लिए भी मायूसी का कारण बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सप्तगिरी पार्क केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि शहरवासियों के स्वास्थ्य, मनोरंजन और पारिवारिक समय बिताने का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बच्चे झूले और फिसलपट्टी का आनंद लेते हैं। वहीं युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सुबह-शाम टहलने, योग और व्यायाम के लिए पहुंचते हैं। पार्क में मौजूद हरियाली, शांत वातावरण और लगभग 700 मीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक इसे शहर का सबसे पसंदीदा स्थल बनाता है। लेकिन पिछले लगभग 10 दिनों से पार्क बंद होने के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा पहले से ही उद्यान को सीमित समय के लिए खोला जाता रहा है और अब सुरक्षा गार्ड नहीं होने का कारण बताकर पार्क को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। गर्मी की छुट्टियों में जब बच्चों के पास खेलने और घूमने के सीमित विकल्प रह गए हैं। ऐसे समय में शहर के एकमात्र प्रमुख उद्यान का बंद होना कई सवाल खड़े कर रहा है।इस संबंध में नगर प्रशासक प्रभारी अतुल कालेस एवं उद्यान प्रभारी युवराज साहू ने बताया कि सुरक्षा गार्ड्स का ठेका समाप्त हो चुका है और नए टेंडर के रिन्यूअल की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने के तीन दिनों के भीतर पार्क को पुनः आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। फिलहाल शहरवासी यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही सप्तगिरी पार्क के ताले खुलें, ताकि बच्चे फिर से खेल सकें, बुजुर्ग टहल सकें और गर्मी की छुट्टियों में परिवारों को राहत मिल सके।

भानुप्रतापपुर में चेंबर ऑफ कॉमर्स इकाई का गठन, यश कथूरिया बने अध्यक्ष

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भानुप्रतापपुर। क्षेत्र के व्यापारियों को एकजुट करने एवं उनकी समस्याओं को प्रदेश स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से भानुप्रतापपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज इकाई का गठन किया गया है। इस नई इकाई के गठन में वरिष्ठ व्यवसायी एवं समाजसेवी प्रदीप “पम्मू” जैन तथा व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश रमानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा 20 मई 2026 को जारी आदेश में नई कार्यकारिणी को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई कार्यकारिणी में सतलाल चश्मा दुकान के संचालक एवं युवा व्यवसायी यश कुमार कथूरिया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।युवा व्यापारी चेहरे के रूप में पहचान बना चुके यश कथूरिया के अध्यक्ष बनने से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। व्यापारिक गतिविधियों को संगठित करने, व्यापारियों की समस्याओं को प्रशासन एवं प्रदेश स्तर तक पहुंचाने तथा नए व्यापारियों को मंच से जोड़ने की दिशा में उनसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद जताई जा रही है।नई कार्यकारिणी में प्रदीप जैन एवं नारायण पाढ़ी को संरक्षक बनाया गया है। विशेष सलाहकार के रूप में कपूर चंद जैन एवं विजय जैन (बारड़िया) को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नमन जैन को महामंत्री तथा आनंद जैन को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।उपाध्यक्ष पद पर एजाज रिजवी एवं प्रदीप नवलानी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री पद पर अजय लखानी, अनुप दास एवं लक्ष्मण माखीजा को शामिल किया गया है। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डेविड देवांगन, इरशाद खान हन्नी, लोकेश संचेती, राहुल रमानी, प्रतीक हर्दवानी एवं बलराम पंजाबी को स्थान मिला है।चेंबर पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक व्यापारियों से संगठन से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह मंच व्यापारियों की आवाज को मजबूती प्रदान करेगा।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय का बालोद आगमन, गंगा मैय्या का लिया आशीर्वाद

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दल्लीराजहरा के नेताओं ने किया भव्य स्वागत

बालोद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय के बालोद आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह एवं हर्ष का माहौल देखने को मिला। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने गंगा मैय्या मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं विकास की कामना की। मंदिर परिसर में उन्होंने श्रद्धालुओं एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा भी की।

इस अवसर पर दल्लीराजहरा से पहुंचे भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय का भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं द्वारा आतिशबाजी के बीच माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया गया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने योग्य रहा तथा “भारत माता की जय” एवं “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई थी। छात्र जीवन से ही उन्होंने संगठन के लिए कार्य करना प्रारंभ किया और निरंतर कार्यकर्ताओं के साथ जुड़कर जनसेवा को अपना उद्देश्य बनाया। उन्होंने कहा कि बालोद जिले से उनका विशेष लगाव रहा है तथा उन्होंने अपने जीवन का काफी समय बालोद क्षेत्र में बिताया है। यहां के कार्यकर्ताओं का स्नेह एवं अपनापन हमेशा उन्हें प्रेरित करता रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक विचारधारा आधारित संगठन है, जहां प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। संगठन की मजबूती ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है और कार्यकर्ताओं की मेहनत एवं समर्पण से ही पार्टी लगातार जनता का विश्वास जीत रही है। उन्होंने युवाओं से भी संगठन से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रदेश महामंत्री श्री मार्कंडेय ने आगे कहा कि भाजपा सरकार आम जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क बढ़ाने एवं लोगों के बीच सक्रिय रहने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व के आगमन को संगठन के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर मुख्य रूप से जयदीप गुप्ता, स्वाधीन जैन, हितेश कुमार, रोहित साहू, कासिम कुरैशी, अंकित टाटिया, चंद्रप्रकाश भारद्वाज, गजेंद्र सिंह, शुभम साहू, अनिल साहू, हिमांशु निषाद, गुलशन कश्यप, युवराज कुमार, लक्की साहू, पुनीत पटेल पब्जी, दिनेश नायक, शिवम कुमार, पंकज कुमार, ईश्वर ठाकुर, नीरज मंडावी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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