जगदलपुर/ राज्य साहित्य उत्सव का भव्य आयोजन राजधानी रायपुर में ” आदि से अनादि ‘ के प्रेरक वाक्य के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस साहित्य महोत्सव में मातृभूमि के प्रति समर्पण की गूंज राष्ट्र की वाणी के रूप में सुनाई दी। आयोजन में बस्तर की लोक लय और उत्साहपूर्ण अभिव्यक्ति ने विशेष पहचान बनाई।परिचर्चा सत्र में प्रसिद्ध साहित्यकार *रुद्र नारायण* *पाणिग्रही* ने “वाचिक परम्परा में साहित्य ” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सत्र संचालन करते हुए बस्तर अंचल की समृद्ध ग्राम्य वाचिक परम्परा के विविध उपादानों पर प्रकाश डाला।उन्होंने लोकगीतों, लोककथाओं तथा लोकाख्यानों की संरचना,संवेदना और सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये परंपराएं पीढ़ी दर पीढ़ी जनमानस को दिशा देती आ रही हैं। सहभागी साहित्यकारों शिवकुमार पांडेय, डॉ जयमती , सुधीर पाठक, डॉ महेंद्र मिश्र ने आज के दौर में वाचिक परम्परा को संजोए रखना आवश्यक बताया जिससे सांस्कृतिक पहचान जीवंत बनी रहे।
पल्लीभाटा के माघ मड़ई मेले में उमड़ी भारी भीड़
श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ भव्य आयोजन
जगदलपुर बस्तर अंचल की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली मड़ई परंपरा के अंतर्गत प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला माघ मड़ई मेला इस वर्ष भी बस्तर विकासखंड के पल्लीभाटा गांव में परंपरागत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मड़ई मेले में भारी भीड़ रही। बस्तर में मड़ई ग्रामीण आदिवासी अंचल का एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं धार्मिक मेला है, जिसका आयोजन मुख्य रूप से फसल कटाई के बाद दिसंबर से मार्च के बीच किया जाता है। इस दौरान पारंपरिक ढोल–मोहरी की धुन, आदिवासी नृत्य करसार, देवी-देवताओं की परिक्रमा तथा नए चावल का भोग नुआखाई की परंपरा निभाई जाती है।

माघ मड़ई मेला के अवसर पर गांव की प्रमुख आराध्य देवी दुलारदई माता के मंदिर प्रांगण में क्षेत्र के विभिन्न देवी-देवताओं का आगमन हुआ। परंपरा के अनुसार ढोल-मोहरी की अनंत नाद के बीच देवी-देवताओं ने मंदिर परिसर की परिक्रमा की। गांव के पुजारियों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई। ग्राम के पटेल, माझी, कोटवार, सरपंच एवं पंचगणों की उपस्थिति में माघ मड़ई मेला का विधिवत शुभारंभ किया गया। मेला के दौरान महिलाओं, बच्चों एवं ग्रामीणों ने देवी देवताओं के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।मेला का समापन बड़े ही उल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया। रात्रिकालीन कार्यक्रम के अंतर्गत उड़िया नाटक का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों, महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों ने मेले का भरपूर आनंद लिया। पल्लीभाटा का माघ मड़ई मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक सामाजिक जीवन का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
दल्ली राजहरा में आवारा कुत्तों के हमले में बच्ची घायल, सामाजिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
दल्लीराजहरा।नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर इसका शिकार मासूम बच्चे बने हैं। वार्ड नंबर 10 में आवारा कुत्तों ने बच्चों पर हमला कर दिया, जिसमें एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि यह घटना नगर की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और पशु नियंत्रण प्रणाली की विफलता को उजागर करती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अचानक हुए हमले में बच्चों के कान एवं शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे चोट के निशान आए हैं। घायलों को तत्काल इलाज के लिए चिखलाकसा स्थित शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर निधि राम द्वारा उनका उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, घाव गंभीर थे, हालांकि समय पर इलाज मिलने से स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर वे लंबे समय से शिकायत करते आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गली-मोहल्लों, स्कूल जाने वाले रास्तों और बाजार क्षेत्रों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं, जिससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है।नागरिकों का आरोप है कि शासन द्वारा पशु कल्याण और नियंत्रण के लिए योजनाएं, नसबंदी और टीकाकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव नजर नहीं आता। अधिकांश कार्य केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रह गए हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।पशु चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवालइस घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगरवासियों का आरोप है कि शासन द्वारा नि:शुल्क पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के बावजूद विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।लोगों का कहना है कि पालतू कुत्तों के टीकाकरण के नाम पर भी कई बार पैसे की मांग की जाती है। दवा, जांच और अन्य सुविधाओं के लिए अनौपचारिक शुल्क वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। नागरिकों का तर्क है कि जब पालतू पशुओं की देखरेख की स्थिति ऐसी है, तो आवारा कुत्तों के नियंत्रण की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की तत्काल धरपकड़, नसबंदी और टीकाकरण की प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पहाड़ी पर मिले नक्सल विस्फोटक
जगदलपुर सुरक्षा बलों ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुफा के जंगली पहाड़ी में माओवादी विस्फोटक आईईडी की बरामदगी की है। बरामद विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन के मार्गदर्शन में लगातार नक्सल गश्त व सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। सीआरपीएफ के पोलसेंट सीजी सेक्टर से थाना बारसूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुफा के वन क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा आईईडी प्लांट ए जाने के संबंध में सूचना प्राप्त हुई।

सूचना के आधार पर थाना बारसूर के ग्राम गुफा के समीप वन क्षेत्र में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया विस्फोटक डंप चिन्हित किया गया। 27 जनवरी को ऑपरेशन के दौरान प्रातः 6 बजे से ग्राम गुफा एवं उसके आसपास के वन क्षेत्र में डी-माइनिंग कार्रवाई की गई। सहायक कमांडेंट हिमांशु के नेतृत्व में यंग प्लाटून, 195 बटालियन एवं बम डिस्पोजल टीम और सिविल पुलिस थाना बारसूर ने ऑपरेशन शुरू किया। अभियान का समग्र नेतृत्व 195 बटालियन के कमांडेंट अनिल कुमार सिंह ने किया। मौके पर सघन तलाशी के दौरान 1 डायरेक्शनल पाइप बम एवं पांच किलो वजनी डेटोनेटर, पांच किलो वजन का एक प्रेशर कुकर आईईडी और 15 मीटर वायर बरामद किए गए।इन विस्फोटक सामग्री को बीडीएस टीम द्वारा निर्धारित मानक प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर सुरक्षा बलों एवं आम नागरिकों को होने वाली संभावित क्षति को टाल दिया गया। यह सफल कार्रवाई आसूचना एजेंसियों, सीआरपीएफ इकाइयों एवं स्थानीय पुलिस के बीच उत्कृष्ट समन्वय को दर्शाती है तथा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

आयोजन प्रमुखता बीएसपी मंगल भवन में 28 जनवरी को लर्निंग लाइसेंस शिविर, युवाओं से भाग लेने की अपील
दल्लीराजहरा। आम जनता की सुविधा और यातायात नियमों के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से लौह नगरी दल्लीराजहरा में 28 जनवरी को सुबह 11 बजे से बीएसपी मंगल भवन में एक दिवसीय ड्राइविंग लर्निंग लायसेंस शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ, जिला यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया है।शिविर में आने वाले आवेदकों को अपने साथ मूल दस्तावेज और उनकी छायाप्रति (फोटोकॉपी) लाना आवश्यक है। जिसमे प्रमुख रुप से आधार कार्ड (पहचान और पते के प्रमाण हेतु) 10वीं एवं 12वीं की अंकसूची (जन्म तिथि के प्रमाण हेतु) एक पासपोर्ट साइज नवीनतम फोटो, निर्धारित शुल्कः शासन द्वारा तय किया गया ऑनलाइन आवेदन शुल्क होगा । छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ , जिला यातायात पुलिस बालोद एवम परिवहन विभाग ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों और विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर अपना लर्निंग लाइसेंस बनवाये। बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाना न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह असुरक्षित भी है। यह शिविर एक पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से आम जन को राहत देने का एक सार्थक प्रयास है।
बालगृह में गणतंत्र दिवस की धूम
जगदलपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर बालगृह (बालक) जगदलपुर में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति (प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट न्यायपीठ), बस्तर के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान हुआ तथा बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत, नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों ने सराहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही ने बच्चों को गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक एवं संवैधानिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इसी दिन से देश की शासन व्यवस्था संविधान के अनुसार संचालित होने लगी। उन्होंने बच्चों को बताया कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व का अधिकार देता है। संविधान हमें मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों का भी बोध कराता है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह देश के कानूनों का पालन करे, राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करे तथा समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारा बनाए रखे।इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की सदस्य वर्षा श्रीवास्तव, रामकृष्ण ठाकुर, संतोष जोशी, धनेश्वरी वर्मा, प्रभारी अधीक्षक मनोजकांत जोशी सहित बालगृह के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
दल्ली राजहरा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने किया ध्वजारोहण; रतिराम कोसमा ने फहराया तिरंगा
दल्ली राजहरा 77वें गणतंत्र दिवस पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा द्वारा स्थानीय कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने विधिवत ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। ध्वजारोहण के पश्चात ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कोसमा ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा प्रेषित गणतंत्र दिवस संदेश का वाचन किया। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने संविधान की रक्षा और देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सैकड़ों कांग्रेस जनों के बीच प्रसाद एवं मिष्ठान्न वितरण कर खुशियां बांटी गईं।
आयोजन में मुख्य रूप से इंटक प्रदेश महामंत्री अभय सिंह, नगर पालिका छाया अध्यक्ष रवि जायसवाल, के. ईश्वर राव, इंटक अध्यक्ष तिलक मानकर, और पूर्व सैनिक संघ अध्यक्ष राजकुमार साहू सहित वरिष्ठजन और कांग्रेस पदाधिकारी युवराज साहू, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, भूपेंद्र दिल्लीवार, अशोक बांबेश्वर, चंदू सिन्हा, जोगेंद्र ठाकूर, तंजीला खान, जितेंद्र मेश्राम, जगदीश श्रीवास, पार्षद प्राची सिन्हा, पार्षद सुमरित उर्वसा, पवेंदर कोडप्पा, पुसइ बाई साहू, सक्रिय कार्यकर्ता फ़्रांसिस कॉलिन विल्सन मैथ्यू, दिनेश उर्वशा, श्रीनिवास राव, जयप्रकाश यादव, महेंद्रन अप्पू, टीनू पांडे, दीपक बिहारी, मुरली पटेल, पारसमणि जैन, बंटी नोन्हारे, कुलदीप नौन्हारे, नितेश बॉम्बेश्वर, राकेश जायसवाल, अजय बघेल एवं भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
देशभक्ति और उल्लास के रंग में रंगा बीजापुर, धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस
वन मंत्री केदार कश्यप ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
जगदलपुर बस्तर के बीजापुर जिले में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन मिनी स्टेडियम में किया गया, जहां वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मंत्री श्री कश्यप ने परेड की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री का जनता के नाम संदेश का वाचन किया।

समारोह के दौरान उत्साह और उमंग के प्रतीक रंगीन गुब्बारों को आकाश में छोड़ा गया। मंत्री कश्यप ने शहीद जवानों के परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत परेड कमांडरों के साथ फोटो सेशन तथा वंदे मातरम् का सामूहिक गायन भी किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर संबित मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्कूली बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं व्यायाम प्रदर्शन की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं पर आधारित झांकियां भी निकाली गईं।परेड प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल ने प्रथम स्थान, सीआरपीएफ ने द्वितीय स्थान एवं जिला पुलिस बल (महिला) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में गाइड प्रथम, एनसीसी द्वितीय एवं एनएसएस तृतीय स्थान पर रहे। विभागीय झांकियों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्रथम, वन विभाग को द्वितीय तथा स्वास्थ्य विभाग को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल बीजापुर प्रथम, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल बीजापुर द्वितीय एवं डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल मांझीगुड़ा तृतीय स्थान पर रहे। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में विधायक विक्रम शाह मंडावी पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन, पुलिस एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दानिटोला पंचायत के बनगांव में 9.37 लाख की सीसी रोड का भूमिपूजन, बूथ अध्यक्ष के हाथों हुआ शुभारंभ
आज कुसुमकसा मंडल के आश्रित ग्राम पंचायत दानिटोला के आश्रित ग्राम बनगॉव मे आज कुसुमकसा मंडल के आश्रित ग्राम पंचायत दानिटोला के आश्रित ग्राम बनगॉव मे भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख के आशीर्वाद से जिला खनिज न्यास की राशि से 9 लाख 37 हजार का C C रोड का भूमि पूजन बूथ अध्यक्ष उत्तम लेडिया के हाथो किया गया । इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा ने कहा भाजपा की पूंजी भाजपा का कार्यकर्ता है । इस लिए कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के लिए कुसुमकसा मंडल मे जो भी विकास कार्य का भूमि पुजा होगा उस ग्राम के बूथ अध्यक्ष व शक्ति केंद्र प्रभारी के हाथो ही कार्य का किया जाएगा । इस भूमि पूजन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा (गाँधी )मंडल के उपाध्यक्ष हितेश साहू पूर्व मंडल अध्यक्ष सोमेश साहू ग्राम पंचायत सरपंच हरीश चंद ठाकुर ग्राम पटेल लोकेश पुरुषोत्तम गिरी ग्राम प्रमुख उमेश भुअर्य दिन बंधु चुरेंद्र नन्हें लाल नायक सरिता टेकाम संगीता बढ़ाई हेमा साहू सहित ग्राम पंचायत के पंच गण व ग्रामीण उपस्थित रहे ।
सीटू ने हर्षोल्लास से मनाया गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन (सीटू) के कार्यालय परिसर में यूनियन के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया । जिसमें सर्वप्रथम यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने ध्वजारोहण किया, तत्पश्चात शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई । इस अवसर पर उपस्थित जन समूह समूह को संविधान की प्रस्तावना पढ़कर सुनाते हुए संविधान की रक्षा की शपथ दिलाई गई । यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को हमारा देश गणतंत्र घोषित हुआ तथा हमने एक संविधान प्राप्त किया । जिसमें यह अंतर्निहित है कि अब देश की सत्ता जनता के हाथों में होगी और देश के विकास के निर्णय में जनता का मत ही सर्वोपरि होगा। यही हमारे संविधान की गणतंत्र की आत्मा है। हमें हर हाल में अपने इस गणतंत्र को बचाने का संकल्प लेना होगा। यूनियन के सचिव पुरुषोत्तम सिमैया ने कहा कि आज गणतंत्र दिवस का अवसर हमारे लिए हर्षोल्लास का दिन है। किसी देश का गणतंत्र होना उस देश की समूची जनता के बराबर के अधिकारों को सुनिश्चित करना होता है । हमारे देश ने विगत 77 वर्षों में बहुत सारे उतार-चढ़ाव देखते हुए जो मुकाम हासिल किया है, उसे बचाना और सुरक्षित रखना हम सब की जिम्मेदारी है । यूनियन के संगठन सचिव प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि पिछले 77 वर्षों में हमने जो कुछ हासिल किया है वह हमारे लिए गर्व की बात है , हम आज जो भी विकास देख रहे हैं वह हमारे संविधान बनाने वाले महापुरुषों की दूरदृष्टि का पक्का सबूत है । इसलिए संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों पर हमें गर्व है। हम सबको धर्म जाति से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि मानना होगा तभी हम गणतंत्र होने का असली मकसद प्राप्त कर सकेंगे।












