जगदलपुर। बस्तर जिले के छात्र नेताओं ने नगर के वृद्धाश्रम पहुंच कर भिलाई विधायक का जन्मदिन मनाया और उनके कुशलक्षेम होने का आर्शीवाद मांगा।
नगर के धरमपुरा स्थित आस्था निकुंज वृद्धाआश्रम में जशकेतन जोशी व उनके दोस्तों के साथ दोपहर में पहुंचे और उनके द्वारा वृद्ध माताओं की उपस्थिति में अपने आदर्श नेता भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की जन्मदिवस के अवसर पर केक काटकर जन्मदिवस मनाया। इसके बाद छात्र नेताओं ने फल व मिठाई बांटा। माताओं ने विधायक देवेंद्र यादव के दीघार्यु होने का आर्शीवाद प्रदान किया। ज्ञात हो कि विधायक यादव पूर्व में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एन एसयुआई के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके कार्य करने की पद्धति से कई युवा प्रभावित हैं।
संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को जनादेश का सम्मान करना चाहिये
रायपुर, 19 फरवरी । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और कर्मचारियों द्वारा स्थानीय कुलपति के नियुक्ति की मांग पर भारतीय जनता पार्टी अपना मत स्पष्ट करे। वह छत्तीसगढिय़ा कुलपति की मांग से सहमत है अथवा नहीं?
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों में छत्तीसगढिय़ा कुलपति के मामले में भाजपा का मौन स्पष्ट कर रहा है कि वह राज्य में छत्तीसगढ़ के प्रतिभाओं के साथ हो रहे अन्याय की समर्थक है तथा अपनी विचारधारा के लोगों की नियुक्ति के लिये छत्तीसगढ़ के लोगों की अनदेखी कर रही है। छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हमारे प्रोफेसर, रिचर्स स्कालर, वैज्ञानिक, विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में देश-विदेश में अपनी प्रतिभाओं का लोहा मनवा चुके है। ऐसे में अपने ही राज्य में कुलपति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपने राज्य की प्रतिभाओं की अनदेखी किया जाना अनुचित और अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि कुलपतियों की पिछली कुछ नियुक्तियों में जो प्रक्रिया अपनाई गई जिन लोगों की नियुक्तियां हुई उससे एक बात स्पष्ट हुई कि कुलपतियों के चयन में विचारधारा विशेष से प्रभावित व्यक्तियों को ही नियुक्त किया गया, इससे छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं की उपेक्षा के साथ राजभवन की मर्यादा भी आहत हुई है। राजभवन दल विशेष के एजेंडे का पैरोकार है ऐसा संदेश जनता में नहीं जाना चाहिये। इससे संवैधानिक पद की मर्यादायें आहत होती है।
उन्होंने कहा कि कुलपति की नियुक्ति का विशेषाधिकार राजभवन के पास है लेकिन यह भी मान्य परंपरा है कि राजभवन राज्य सरकार की अनुशंसा पर निर्णय लेता है। प्रजातंत्र में संविधान ने विधायिका और मंत्रिमंडल को कानून बनाने और उनके क्रियान्वयन का अधिकार दिया गया है। लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि है। संवैधानिक पद पर मनोनीत व्यक्ति उनको जनादेश का सम्मान करना चाहिये तथा अधिकारों का उपयोग संविधान की निहित मंशा के अनुरूप करना चाहिए ताकि जनादेश का रंचमात्र भी अपमान नहीं हो।
कहा-हंटर चलाए तो ठीक रहेगा, क्योंकि इससे पूर्व बस्तर में थूका था तो पूरे बस्तर से भाजपा साफ हो गई थी
रायपुर, 19 फरवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के छग प्रवास को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अब हंटर चलाए तो ठीक रहेगा। इससे पहले बस्तर में थूका था तो पूरा बस्तर से भाजपा साफ हो गई।
मुख्यमंत्री बघेल आज लखनऊ के लिए रवाना हुए। रवानगी से पूर्व एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बघेल ने कहा कि तीसरा चरण का मतदान कल हो जाएगा, लेकिन चौथा, पांचवा, छठवां, सातवां चरण के मतदान के लिए सभी लोग लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दो चरण में भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह पिछड़ गई है। अब संकेत आने शुरू हो गए हैं कि भाजपा की सरकार जा रही है।
मुख्यमंत्री बघेल ने भाजपा की छग प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के प्रदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि नगरीय निकाय चुनाव के सदमे से उबर गए लगता हैं। अब फिर से आई है और हंटर चलाएं तो ठीक रहेगा। क्योंकि इससे पहले बस्तर में पुरंदेश्वरी ने थूका था तो पूरे बस्तर से भाजपा साफ हो गई थी।
बघेल ने बड़े नेताओं को दौरे पर नहीं बुलाए जाने पर कहा कि बिल्कुल स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी नया नेतृत्व खोज रही है। पुराने जो लोग हैं उसको दरकिनार करना चाहते हैं। इतने सालों तक रहे हैं। उनके साथ इस तरीके का अपमान उनके पार्टी के द्वारा किया जा रहा है। यह तो बहुत चिंतनीय है।
बघेल ने राज्यपाल अनुसूईया उइके के बयान पर कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग यदि मांग कर रहे हैं उसको अनदेखा क्यों किया जाना चाहिए। हाल बेहाल में नियुक्ति की गई है। वह तो छत्तीसगढ़ के नहीं थे। क्या हम अपनी मांग नहीं रख सकते। आखिर राज्यपाल भी तो हमारी राज्यपाल है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल राजनीति करना बंद करें जो राजनीति कर रहे हैं। वह अच्छी बात नहीं है और छत्तीसगढ़ के हित के लिए तो बिल्कुल भी नहीं है।
मुख्यमंत्री ने रेत और सीमेंट के बढ़ रहे दामों पर बोले कि जहां तक सीमेंट की बात है वह हमारे हाथों में नहीं है। सीमेंट के दाम भारत सरकार के अधीन है। दूसरी बात यह है कि रेत के मामले में लगातार शिकायत मिल रही थी। अवैध उत्खनन होने की कार्यवाही की गई तो उसका रिएक्शन देखने को मिल रहा है और बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने कुमार विश्वास के बयान पर पूछे गए एक प्रश्र के जवाब में कहा कि केजरीवाल को जवाब देना चाहिए। 12,000 ई स्मार्ट क्लास बनाएं जो कि 75 साल में नहीं बना था। बोल रहे हैं स्मार्ट क्लास का कॉन्सेप्ट अभी आया है। कुछ वर्ष पहले आया है। उसके पहले तो नहीं था। स्मार्ट क्लास का कॉन्सेप्ट दुनिया में नहीं था। कुमार विश्वास के सवाल का उनको सीधा-सीधा जवाब देना चाहिए क्योंकि यह देश की एकता, अखंडता व भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसलिए उनको दाएं बाएं नहीं करना चाहिए। सीधे उनको सवाल का जवाब देना चाहिए।
बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर की टीम उत्तरप्रदेश के लिए हुए रवाना…
आज बस्तर सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर लोकसभा के लगभग 20-30 कार्यकर्ता सुबह 11 बजे यूपी के लिए रवाना हुवे, इस दौरान बस्तर की टीम ने रास्ते में केशकाल घाट स्थित माता के मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया…बस्तर की टीम यूपी चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार है।
तमिलनाडु की छात्रा लावन्या पर मिशनरी संस्था ने बनाया मतांतरण का दबाव
दोषियों पर कार्यवाही की मांग,स्टॉलिन सरकार पर आरोपियों को संरक्षण का आरोप
जगदलपुर – तमिलनाडु के तंजावुर में मिशनरी संस्था में लावण्या नामक छात्रा की आत्महत्या मामले में अभाविप ने देश भर में मोर्चा खोला है जगदलपुर में मतांतरण के दोषियों पर कार्यवाही व चेन्नई में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे आभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी समेत छात्रनेताओं के असंवैधानिक गिरफ्तार पर आपत्ति जताई है।
अभाविप नगर मंत्री यश ध्रुव ने कहा कि तमिलनाडु के सेक्रेट हाई स्कूल में एक लावण्या नाम की छात्रा पढ़ाई करती थी। वह हमेशा अपनी पढ़ाई में अव्वल आती थी उसके पश्चात सेक्रेट हाई स्कूल के प्रशासन द्वारा जबरन धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था,उसके इंकार करने के पश्चात उससे विद्यालय शारीरिक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था उससे विद्यालय के बाथरूम साफ कराया जाता था इन सभी प्रताड़ना से लावण्या ने कीटनाशक जहर पी लेना सही समझा विद्यालय के लोगो को मालूम था कि किस वजह से लावण्या ने यह किया है उसके बाद लावण्या को अस्पताल में भर्ती कराया गया फिर विद्यालय प्रबंधन ने उनके माता पिता को बताया उसके बाद लावण्या से पूछताछ के दौरान यह बताया था कि मुझपर जबरन धर्मान्तरण करने को दबाव बनाया जाता था किस तरह उसके इनकार करने के बावजूद मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, फिर तमिलनाडु पुलिस ने सेक्रेट स्कूल की कर्मचारी को पूछताछ के लिए रिमांड में लेती है लेकिन वहां के डीएमके सरकार के दबाव में उन्हें रिहा किया गया वहाँ के स्टालिन सरकार के विधायक माला लेकर स्वागत के लिए पहुचते है जो की दुर्भाग्यपूर्ण है।
मामले जब मद्रास हाईकोर्ट ने CBI जांच के लिए कहती है तो तमिलनाडु सरकार किसी भी प्रकार का जांच में सहयोग प्रदान नहीं करती है!
अभाविप के विभाग संयोजक अर्पित मिश्रा ने कहा कि आभाविप के कार्यकर्ता तमिलनाडु के चेन्नई में लावण्या की न्याय के मांग को लेकर सीएम हॉउस का घेराव करने आंदोलनरत कार्यकर्ताओ को बलपूर्वक असंवैधानिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया क्या तमिलनाडु की सरकार उस लावण्या को न्याय नहीं देना चाहती यह बड़ा सवाल है।
बस्तर में शिक्षा के नाम पर मिशनरियों का शोषण जारी – कमलेश दीवान
अभाविप जिला संयोजक कमलेश दीवान ने मिशनरी द्वारा संचालित स्कूलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बस्तर में भी शिक्षा स्वास्थ्य सेवा के नाम पर ग्रामीण और शहरी इलाकों में केंद्र बनाकर भोले भाले लोगो का शोषण किया जा रहा है पिछले कुछ साल दक्षिण बस्तर की एक छात्रा को नन बनाने मध्यप्रदेश ले जा रही सिस्टर कांकेर में पकड़ाई थी ऐसे ही कई मामले देश भर में है इसलिए लावण्या मामले को दबाया जा रहा है ताकि इनके कृत्यों का उजागर न हो सके।
प्रदर्शन के दौरान अर्पित मिश्रा,मनीष वर्मा, कमलेश दीवान, यश ध्रुव, सोनू कश्यप, राजेंद्र ठाकुर, अच्युत सामंत,टिकेश नाग, कार्तिक जैन,आसमन बघेल , ईश्वर आचार्य , प्रवीण भोयर, लखेश्वर बैध, नीलू मौर्य, सरस्वती, शुभम बघेल, कोमल देव, वेदप्रकाश, पितेश्वर बघेल,गजेंद्र बघेल, सौरभ,पंकज, दीपक, संजय मुखर्जी, अजय पाणिग्राही ,हेमराज बंछोर, चन्दन कश्यप,जयप्रकाश समेत अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जगदलपुर – शहर में सटोरियों एक बार फिर हुए सक्रिय , इन दिनों रोजाना शहर से लेकर गांव तक क्रिकेट मैच में लाखों का दांव लगाने की खबर है सटोरियों जहां इस बार इन रणनीति के साथ पुलिस को विश्वास में लेकर सट्टा का व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। जिसका पुलिस को खबर तक नहीं है। कई सटोरियों तो शहर के थानों के पास देखे जा सकते है। जो पुलिस वालों के साथ चाय की चुसकी लगाकर पुलिस को भी चकमा दे रही है।
ज्ञातव्य है कि शहर से लेकर गांव-गांव तक सट्टा का कारोबार एक बार फिर जड़ पकड़ – लिया है कई पुराने खाईवाल फिर सक्रिय होकर लाखों की दांव पेंच रोजाना लगा रहे हैं। ऐसी खबर है कि कुछ सटोरियों शहर में बैठकर गांव-गांव तक अपना नेटवर्क फैला चुका है। गांव में भी लोग इन दिनों क्रिकेट बैच पर सट्टा लगाने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने लगे हैं।
ज्ञातव्य हो कि पुलिस कप्तान सभी थानेदारों को अपराधियों एवं सटोरियों के खिलाफ नकेल कसने हुए बैठकों में नसीहत दिया करते हैं। लेकिन सटोरियों भी पुलिस को चकमा देने से बाज नहीं आते।
खबर है कि कुछ बड़े सटोरियों जो शहर के थानों के आस-पास से ही रोजना दांव लगा रहे हैं और पुलिस को खबर तक नहीं । ऐसी खबर है कि थानेदार भी बड़े खाईवाल को अपने गिरफ्त में लेने कई बार जाल फेंक चुके हैं लेकिन इनके जाल में बड़े सटोरियों फंसने से बचते रहे हैं। पुलिस भी हार मानने वालों में से नहीं हुई तकनीकि के तहत सटोरियों पर भी नजर रख रही है। यहां तक की सट्टा के व्यवसाय में खा तौर से युवा वर्ग ही संलिप्त है जो इस हाईटेक के जमाने में सट्टा का अपना व्यवसाय बना रहा है। क्रिकेट मैच ही नहीं अन्य कई खेलों में भी सटोरियों दांव पेंच लगाया करते हैं।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सरपंच एवं ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
सुकमा कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग
सरपंच पति को पुलिस ने पीटा
जगदलपुर/सुकमा – सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड कोंडासावली पंचायत एवं आस-पास के गांव में सलवा जुडुम के समय ग्रामीणों के साथ हुई अत्याचार का मामला अब 15 वर्षों बाद निकलकर सामने आने लगा है। कोंडासांवली के सरपंच एवं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सलवा जुडूम के समय उनसे जुड़े लोगों ने वर्ष 2006-07 में 50 से अधिक घरों को आग के हवाले कर लूट पाट की वारदात को अंजाम देकर एक दर्जन से अधिक बेगुनाह ग्रामीणों का हत्या किया गया था। बेगुनाह ग्रामीणों के हत्यारें आज खुलेआम घुम रहे हैं। सरपंच एवं पंचायत पदाधिकारियों ने सुकमा कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञातव्य हो कि भाजपा शासनकाल में नक्सलियों के खिलाफ सलवा जुडूम आंदोलन चलाया गया था। जिसमें स्थानीय स्तर के नेता पुलिस एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया गया था। तब सैकड़ों बेगुनाहों के घरों आग के हवाले कर ग्रामीणों की हत्या जैसी वारदात घटित हुई थी। यह मामला सामने नहीं आया था। हादसे के बाद ऐसे कई सारे फाईल बंद कर दिये थे लेकिन उन दोषियों को सजा दिलाने 15 वर्षों बाद अब जिन बाह आया है। नक्सलियों के गढ़ से एक महिला सरपंच ने उक्त मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की आवाज उठाई है।
बेगुनाहों की हुई हत्या :
धुर नक्सल प्रभावित जगरगुण्डा इलाके के कोंडासांवली पंचायत एवं आस-पास के गांव में सलवा जुडुम के लोगों द्वारा जमकर उत्पाद मचाया गया था। वहां की महिला सरपंच ने आरोप लगाया है कि सलवा जुडुम से जुड़े लोगों ने सैकड़ों बेगुनाह आदिवासी भाईयों के घरों को जलाकर बंधक बनाकर उनके घरों की सामान लूट ले गये थे। उन बेगुनाहों को हत्या तक कर दी गई थी। सरपंच ने आरोप लगाया है कि 50 से अधिक घरों में आगजनी एवं दर्जन से अधिक ग्रामीणों की हत्या की गई थी। इन वारदातों में शामिल सजवा जुडूम से जुड़ कई लोग आज भी खुलेआम घुम रहे
सरपंच ने किया कलेक्टर से शिकायत:
सलवा जुडुम से समय हुई वारदातों को लेकर किसी ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताने का साहस 15 वर्षों में नहीं जुठाया। कोंडासांवली के महिला सरपंच ने साह जुटाते हुए सुकमा कलेक्टर को लिखित शिकायत कर मामले की निश्पक्ष जांच कराने की मांग के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या प्रशासन करा पायेगी निश्पक्ष जांच:
नक्सलियों के गढ़ से निकलकर मुख्यालय तक पहुंचने वाली महिला सरपंच का शिकायत काफी गंभीर है अब देखना होगा की सुकमा जिला प्रशासन कितना गंभीरता से लेती है क्यों कि ऐसे भी सुकमा जिले में महिला सरपंच की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जाता है। पूर्व में भी एलमपल्ली के महिला सरपंच ने सचिव के खिलाफ राशि बंदरबांट का शिकायत भी कलेक्टर सुकमा से किया था जिसका आज दिनांक तक कोई कार्रवाई तक नहीं हुई है।
ग्राम सभा में कलेक्टर से शिकायत का निर्णयः
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों कोंडासांवली में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें सरपंच-पंच एवं ग्रामीणों के सर्व सहमति से निर्णय लिया गया था की सलवा जुड़म के समय हुई अत्याचार की निश्पक्ष जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों के सर्वसहमति से सुकमा कलेक्टर को मामले की शिकायत की गई है।
सरपंच पति का जगरगुण्डा पुलिस द्वारा मारपीट करने का आरोप सरपंच के द्वारा लगाया गया है जिसकी शिकायत भी कलेक्टर से की गई है।
उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस के द्वारा आपराधिक तत्वों के विरूद्ध कार्यवाही किया जा रहा है। इसी तारतम्य में आज बस्तर पुलिस को अवैध नशीली सिरप के तस्करी पर कार्यवाही करने में सफलता मिली है। ज्ञात हो कि थाना कोतवाली को सूचना प्राप्त हुआ था कि किसी व्यक्ति के द्वारा अवैध नशीली दवा सिरप की तस्करी किया जा रहा है। सूचना पर उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा एवं अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी केातवाली एमन साहू के नेतृत्व में कार्यवाही हेतु टीम गठित कर धरमपुरा की ओर रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा धरमपुरा चौक में 01 संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर घेराबंदी कर पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर जिसने अपना नाम मोहम्मद मुकीम रजा @ बंटी निवासी कालीपुर अटल आवास का होना बताया, जिसके वाहन स्कुटी क्रमांक सीजी-04-एल.यु.-5814 की तलाशी लेने पर वाहन के डिक्की में 85 नग अवैध नशीली सिरप जेनरेक्स (ZENREX- Chlorpheniramine maleasty codeine phosphate syrup ) मिला। जो प्रतिबंधित और नशीले दवा की श्रेणी में आता है। जिस संबंध में पूछताछ पर संदेही के द्वारा उक्त सिरप के रखने और परिवहन करने के संबंध में वैधानिक प्रत्युत्तर प्रस्तुत नही किया गया। आरोपी मोह.मुकीम रजा @ बंटी का कृत्य एनडीपीएस के परिधि में आने से उक्त 85 नग नशीली सिरप जेनरेक्स जिसकी मात्रा 8.5 लीटर है बरामद कर जप्त किया गया है। आरोपी के विरूद्व थाना कोतवाली में धारा 21 एन0डी0पी0एस0 एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर रिमाण्ड पर न्यायालय भेजा जा रहा है। जप्तशुदा नशीली सिरप की कीमत 11,000 ₹. है।
🔅 नाम आरोपी:-
मोहम्मद मुकीम रजा @ बंटी पिता मो. महसूद रजा निवासी कालीपुर अटल आवास जगदलपुर जिला बस्तर (छ.ग.)
🔅 महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी:- निरीक्षक – एमन साहू सउनि. – सुधराम नेताम प्रधान आरक्षक – पुनीत शुक्ला, संजीव मिंज आरक्षक – युवराज ठाकुर, उत्तम धु्रव, भूपेंद्र नेताम,
राजनांदगांव। जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष व पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस का इस प्रदेश में दूसरी बार सरकार बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा। गड़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना सपना ही रह गया है। विकसित और विकासशील राज्य छत्तीसगढ़ देश की नक्शा में धूल खा रहे है। छत्तीसगढ़ की भोली भाली जनता को लोक-लुभावन घोषणा पत्र और छल कपट एवं गंगाजल को हाथ में लेकर कसम खाने वाले कांग्रेस सरकार से प्रदेश की जनता पूरी तरह उब चुका है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की माली हालत के लिए कांग्रेस के सरकार जिम्मेदार है। प्रदेश में ना विकास और जनता पर विश्वास कांग्रेस दोनों खो चुका है। प्रदेश पूरी तरह शराब के नशे में डूब चुका है। नौजवान नौकरी के लिए भटक रहा है किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर है। 2 साल का बोनस भगवान ही मालिक बेरोजगारी भत्ता अता पता नहीं प्रदेश में वर्तमान सरकार से विकास की उम्मीदें खत्म हो चुका है छत्तीसगढ़ अव्वल राज्य की श्रेणी में आने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई ने कहा था छोटे राज्य बनने से विकास की अपार संभावना होती है छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा से भरा पड़ा है इसलिए छत्तीसगढ़ राज्य तेजी से विकास करेगा।
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वर्मा ने आगे कहा कि इस प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में बड़ा बड़ा कार्य शुरुआत किया था परन्तु सरकार आने के बाद वह सभी विकास कार्य आधे अधूरे बंद पड़े हुए हैं। गरीबों के लिए बनने वाले प्रधानमंत्री आवास सरकार के द्वारा राशि नहीं देने के कारण मकान आधे अधूरे बंद पड़े हुए हैं। कर्ज लेकर घी पीओ की राजनीति करने वाले प्रदेश सरकार को जनता समझ चुकी है। पूरे छत्तीसगढ़ में पूर्व से निर्माण सड़कों की दशा खराब है। नया विकास तो सोचना ही नहीं है। और दूसरी बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने का सपना देखें रहे हैं।
बालोद जिले के ग्राम सुरडोंगर में हुए अमानवीय दुःखद घटना को लेकर हेमंत कांडे अध्यक्ष संयुक्त मोर्चा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक दल्ली राजहरा जिला बालोद छत्तीसगढ़ ने पिछले दिनों हुए डौंडी ब्लाक के ग्राम सूरडोंगर के गणेशराम बघेल के साथ घटी दुखद घटना के संबंध में कलेक्टर जिला बालोद छत्तीसगढ़ को ग्राम सूर डोंगर के अनुसूचित पिछड़े वर्ग के लोगों को प्रताड़ित कर बेघर करने वाले सरपंच उमेश कोर्राम को गिरफ्तार कर सरपंच पद से बर्खास्त करने की मांग की है |
पत्र अनुसार उपरोक्त विषय अंतर्गत लेख है कि ग्राम सूर डोंगर में गणेश राम बघेल पत्नी सहित बच्चे व अन्य जो अनुसूचित जाति पिछड़े वर्ग के लोगों के घर जेसीबी से तोड़कर मारपीट करने की घटना रविवार 6 फरवरी 2022 को समाज के संज्ञान में आया तत्व संबंध में वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के लिए सभी जाति समाज के लोग सामाजिक दायित्व का निर्वाह करने प्रभावित व प्रताड़ित व्यक्तियों से प्रत्यक्ष भेंट करने के लिए सामाजिक लोग सुबह गए थे। घटनास्थल पर पहले से ही नायब तहसीलदार विनय देवांगन जी और टीआई अनिल ठाकुर जी अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ उपस्थित थे । वह प्रताड़ित वह प्रभावितों का बयान दर्ज कर रहे थे उनका काम हो जाने के पश्चात उनके समक्ष ही वस्तु स्थिति की जानकारी ली गई प्रताड़ित व प्रभावित परिवार ने बताया कि हम लोग लगभग 20 वर्षों से ग्राम सुर डोगर में निवास कर रहे हैं और वह मोची अनुसूचित जाति के हैं ।विगत 10 वर्षों से घास जमीन पर मकान बनाकर निवास कर रहे हैं यहां आस-पास में कोई सार्वजनिक समुदायिक वह शासकीय भवन नहीं है और ना ही हमारे कारण किसी को कोई परेशानी है । यह स्थल ग्राम से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित है। जिसे ग्राम पंचायत के सरपंच उमेश कोराम वा उनके भड़कावे में आकर ग्राम वासियों द्वारा जेसीबी लगाकर उनके घर को तोड़ दिया गया । दैनिक उपयोग की सामग्री गंजी बर्तन को कुचल दिया गया। बच्चे के पुस्तक कॉपी को फाड़ कर आग लगा दी गई । ओढ़ने बिछाने व पहनने के कपड़े भी नष्ट कर दिए गए। चावल के गंजी में मिट्टी में मिला दिया गया। जातिगत गाली गलौज करते हुए मारपीट की गई है । जिसका वीडियो वायरल है डाक्टरी मुलाहिजा ठीक से नहीं किया गया। शासन व प्रशासन से कोई मदद नहीं मिला है बयान में हमारी जाति मोची का उल्लेख नहीं किया गया है।
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उक्त जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल में मौजूद तहसीलदार जी व टीआई जी से जानकारी ली गई वा बयान में मोची जाति का उल्लेख कराया गया । विनय देवांगन तहसीलदार व अनिल ठाकुर टीआई से प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता पहुंचाने का निवेदन किया गया और आगंतुक सामाजिक बंधुओं ने स्वत स्फूर्त चंदा एकत्रित कर ₹2700 तत्काल सहायता राशि प्रदान किया गया । उपरोक्त समस्त घटनाक्रम के समय प्रभावित व प्रताड़ित परिवार तथा सामाजिक बंधुओं के साथ उल्लेखित अधिकारी उपस्थित रहे। इस दरमियान हम ना सरपंच से मिले ना ही हमारी ग्राम वासियों से भेंट हुइ और ना ही किसी प्रकार का वार्तालाप किया गया।।
दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार व वायरल बाइट के द्वारा अत्याचारी सरपंच अपनी राजनीतिक गुरुर में दबंगई दिखाते हुए यह कह रहा है कि विद्युत विभाग के अधिकारी आर एस करपाल व शिक्षक देवलाल भूआर्या प्रताड़ित प्रभावित लोगों को भड़का रहा है कार्यवाही करने की बात फैलाई जा रही है जो अपने अनैतिक अवैधानिक और अधिकारों के दुरुपयोग को साजिश के तहत अपराधी प्रवृत्ति दबंगई और राजनीतिक रसूख को मंत्री के सानिध्य प्राप्त होने के कारण जायज ठहराने के लिए गांव के ग्रामीण के बहलाकर गैर कानूनी कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है।।
ततसंबंध में प्रताड़ित परिवार ने बताया कि घास जमीन पर अतिक्रमण का मामला न्यायालय तहसीलदार में लंबित है। उसे तोडा जाना उपयुक्त था तो न्यायालय तहसीलदार संबंधित थाना के टी आई पुलिस प्रशासन अनुविभागीय अधिकारी के आदेश व उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जानी थी व सरपंच कोराम अपने दबंगई राजनीतिक पहुंच का दम भरते हुए शासन व प्रशासन व कानून न्यायालय को धता बताकर उपरोक्त कार्य को ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा कर उपरोक्त जघन्य घटना को अंजाम दिया गया जोकि दंडनीय अपराध है। फिर अपने अवैधानिक कार्यों को उचित ठहराने हेतु ग्रामीणों को पुनः भड़का कर चक्का जाम वा घेराव कर अधिकारी व कर्मचारी पर कार्यवाही करने के लिए माहौल उत्पन्न करने का कुतिस्त प्रयास किया जा रहा है । प्रभावित वा प्रताड़ित व्यक्तियों के जीवन जीने के न्यायिक व संवैधानिक अधिकारों की पूर्ति हेतु सामाजिक व समुदायिक दायित्व को पूरा करने व शोषितों को न्याय प्रदान की जाने की मंशा को दुर्भावना वश अधिकारी व कर्मचारी को चिन्हित कर कार्यवाही करने की मांग करना अनैतिक अवैधानिक वा सामाजिक दायित्व के पूरा करने में बाधा पहुंचाना है। जो माननीय सह्रदयता का उल्लंघन है जबकि ग्राम वासियों को स्थानीय सरपंच व सत्तारूढ़ राजनीतिक दल का पदाधिकारी उमेश कोर्राम यह कहते हुए पाया जा रहा है कि शासन प्रशासन मेरा कुछ नहीं बिगाड़ कर सकते जोर शोर से आवाज बुलंद कर अन्याय अत्याचार शोषण प्रताड़ना मारपीट गाली गलौज वह धमकी दिया जा रहा है । जो कि अनैतिक अवैधानिक एवं कानून के विरुद्ध है ।चोरी और सीनाजोरी पर उतर कर शासन की मनसा को प्रदर्शित करता है। उपरोक्त घटना की जानकारी छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ,महिला व बाल विकास मंत्री स्थानीय विधायक अनिला भेड़िया, मोहन मंडावी व सांसद कांकेर को वायरल वीडियो सहित जानकारी प्रेषित किया गया है। एसडीएम राजहरा सीएसपी दल्ली राजहरा को प्रत्यक्ष भेंट कर मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया है ।उपरोक्त तथ्यों के संदर्भ में निवेदन है कि शासन प्रशासन न्यायालय को धता बताकर कानून को अपने हाथ की कठपुतली बनाने वाले सरपंच को कोमेश कोर्राम को अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही करें ।ताकि भविष्य उक्त घटना का पूर्णआवृत्ति किसी भी पंचायत प्रतिनिधि के द्वारा ना किया जा सके और कोई भी अनुसूचित व पिछड़े वर्गों पर अन्याय शोषण व जुल्म ना कर सके । उपरोक्त घटना से जन आक्रोश उत्पन्न होने की आशंका है शांति प्रिय क्षेत्र को शांत करने की घटना पहपने के पहले ही अपराधियों पर त्वरित कार्यवाही करके पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान करने की कृपा करें।