जगदलपुर। प्रयास संस्था के संरक्षक उद्योग मंत्री कवासी लखमा तथा कांग्रेसी नेता सुशील ओझा ने प्रियंका गांधी वाड्रा का जन्मदिन बच्चों के बीच पहुंचकर सादगी के साथ मनाया। इस अवसर पर लखमा ने संस्था के बच्चों को बिना डरे अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ने का उत्साह दिलाते आशिर्वाद दिया।
अनुभवहीन अधिकारी की नासमझी का खामियाजा भुगत रही जनता – जनप्रतिनिधि
जगदलपुर
लोक निर्माण विभाग में विगत तक़रीबन डेढ़ वर्ष से बतौर प्रभार संभाल रहे राजगुरु के ऊपर कुछ जनप्रतिनिधियों का वृहद्हस्त इस कदर हावी है की वे अपनी मीठी छुरी वाली छवि से अन्य जनप्रतिनिधियों को अपनी पदस्थापना से लेकर अब तक जेब में रखने से कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं. लेकिन इस नॉटी अधिकारी की नॉटी छवि अब कुछ जनप्रतिनिधियों व ठेकेदारों को रास नहीं आ रही है और इनकी मीठी छुरी वाली छवि की धार, कुछ जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों के बीच ख़त्म होने लगी है. इनकी पदस्थापना से लेकर विवादों में घिरे राजगुरु अब अपने स्तर से अपनी छवि बचाने की जद्दोजहत में लगे हुए हैं. केवल माया को ही प्राथमिकता देने वाले ये प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी जनप्रतिनिधियों के जनहित से जुड़े पत्र का जवाब आधा वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी देना जरुरी नहीं समझते, या फिर यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी की इन जनप्रतिनिधियों को ये अपनी जेब में रखते हैं.
दरअसल, तक़रीबन दो वर्ष पूर्व गुरु गोविन्द सिंह चौक से एक निजी विडियो दुकान तक प्रगति पथ में नाली निर्माण का कार्य शुरू हुआ था. तत्कालीन समय में हार्डवेयर की दूकान से लेकर उक्त चौक की दोनों ओर चौड़ी नाली के खुदाई का कार्य किया जा रहा था. इस 13 मीटर चौड़ी नाली निर्माण के कार्य के चलते सड़क संकरी हो गयी थी जिसे तत्कालीन भाजपा पार्षद सुरेश गुप्ता द्वारा रुकवा दिया गया था और इसका जमकर विरोध किया गया था. इसके बाद 17/05/2021 को कार्यपालन अभियंता के नाम इससे सम्बंधित जानकारी लेने के लिए 5 बिन्दुओं पर जानकारी चाही गयी थी, लेकिन अधिकारी राजगुरु ने जनहित से जुड़े इस सवाल का जवाब देना भी आज पर्यंत तक जरुरी नहीं समझा.
सुरेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि तत्कालीन समय में उक्त नाला निर्माण कार्य को अग्रसेन चौक से लेकर अनुपमा चौक तक बनाया जाएगा. इस बात की जानकारी स्वयं जिलाधीश ने तत्कालीन कार्यपालन अभियंता और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में बताई थी. इस निर्माण कार्य को एक वर्ष तक कई दफा रोड क्रासिंग लेआउट देते हुए बनायीं गयी. अप्रैल 2021 में खेतेश्वर मिठाई की दुकान से प्रारंभ किया गया जिसकी गहराई और चौड़ाई 600 मीटर रखा गया था. उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी लेने के लिए लोक निर्माण विभाग के साहू को तत्काल कॉल भी किया गया था और तीन दिन का समय दिया गया था, लेकिन आज पर्यंत वो तीन दिन कहाँ गायब हो गए ये तो साहू साहब ही बता सकते हैं. इस सम्बन्ध में गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रभारी कार्यपालन अभियंता को भी जानकारी दी लेकिन उन्होंने जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर केवल अपनी शाख बचाने आश्वासन का हांडा खोल दिया और आज पर्यंत जवाब नहीं मिला.
सुरेश ने कहा कि तत्कालीन समय में हार्डवेयर दुकान तक जिस नाली के कार्य को रोका गया था उसे कौन सी विशेष तकनीक के तहत मिठाई दुकान की ओर बनने वाली नाली से जोड़ा जायेगा, साथ ही संकरी हो चुकी सड़क से होने वाले जनता को लाभ की जानकारी भी चाही गयी थी, इसकी भी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी. सुरेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि इन प्रभारी अधिकारी को जनहित से जुड़े ऐसे विकराल मुद्दे से कोई सरोकार नहीं है, ऐसे अधिकारी कांग्रेस शासन में केवल जनता का खून चूसने में आमादा है, अगर शहर का विकास चाहिए तो मूल पद के अधिकारी की यहाँ पदस्थापना की जानी चाहिए.
क्षतिग्रस्त रोड,नालियों,पुलियों एवं जनता के नुक़सान का भरपाई करें निगम – संजय पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष-नगर निगम
जगदलपुर नगर निगम में इन दिनों भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का धंधा खुलेआम चल रहा है। जिस निगम को जनता के हित में काम करना चाहिए वह ठेकेदारों के हितैषी बनें हुए हैं और जनता को ठेंगा दिखा रहें हैं। भारी अनियमितता और भर्राशाही का खेल खुलेआम निगम में देखने को मिल रहा है और जनता की गुहार सुनने वाला कोई नहीं है। उक्त बातें नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पाण्डेय ने कही।
नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने महापौर को पत्र लिखकर अमृत योजना के अंतर्गत वॉटर सप्लाई स्कीम ( डब्ल्यू एस एस )में हो रही अनियमितताओं और भर्राशाही पर तत्काल रोक लगाने की माँग की है !पत्र के माध्यम से महापौर को अवगत कराते हुए उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना अमृत मिशन में बेहद घटिया तथा निम्न स्तरीय कार्य किया जा रहा है ! 24 घंटे 7 दिवस पानी आपूर्ति के नाम पर वार्डों में बिना किसी प्लानिंग के रोड को काटकर जनता के साथ गंदा मज़ाक किया जा रहा है! शीघ्र काम पूर्ण होने का आश्वासन देकर वार्ड में गलियों में गड्ढे तो कर दिए गए,परंतु साइट में प्लंबर भी नहीं रखा गया है जिसके कारण कई कई दिनों तक लोगों को पानी भी नहीं मिल पा रहा है ! एक तरफ़ गलियाँ नरक में तब्दील हो गयी है दूसरी तरफ़ भारी अव्यवस्था के कारण लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है !पाईप टूटने से दूषित जल की आपूर्ति हो रही है तथा मच्छर व उसमें जीवाणु पनप रहें हैं जिनकी दुर्गन्ध से बीमारी फैलने का डर बना हुआ है परन्तु निगम प्रशासन गहरी निंद्रा में लीन है। शहर की जनता त्रस्त है और निगम, ठेकेदार को लाभ पहुँचाने और अपना कमीशन साधने का कार्य कर रहा है !
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ठेकेदार के पास भिन्न भिन्न साइज़ की पाइप भी नहीं है , कई गलियां को सर्वे में पाइपलाइन बिछाने के लिए एस्टिमेट में भी नहीं लिया गया है,जिसके कारण किसी भी वार्ड में पूरी तरह से कार्य संपादित नहीं हो सकता ! आज से दस वर्ष पूर्व सर्वे हुवा था जिसमें लगभग 25 हज़ार नल कलेक्शन देना सुनिश्चित किया गया था परंतु आज की स्थिति में यह संख्या बहुत बढ़ गई है !ऐसे में नया सर्वे कराकर काम करना उचित होगा !
यथास्थिति में पाइप लाइन विस्तार को तत्काल रोकने की माँग करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि जितनी पाइपलाइन बिछाई गई है ,शीघ्र ही वहाँ वॉटर टाइटेनिक टेस्ट हाइड्रो टेस्ट कराकर, कनेक्शन हेतु पाइप बिछाकर तुरंत रोड बनाए जावें एवं क्षतिग्रस्त नालियों ,पुलियों एवं आम जनता को जो कुछ नुक़सान हुआ है उसका भी मरम्मत शीघ्र किया जाये !
नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस के माध्यम से कहा है कि निगम बिना किसी प्लानिंग के कार्य कर रहा है ! उसका उद्देश्य जनता के हित में कार्य करना नहीं बल्कि ठेकेदार के हित में कार्य करना हो गया है जिससे कमीशन की राशि में बढ़ोतरी हो सके ! इस कारण से निगम में हर कार्य में चाहे वो STP प्लांट हो ,सीवर पाईप लाईन हो या वाटर सप्लाई पाइप लाइन विस्तार हो !अमृत योजना से चल रहे समस्त कार्यों में कई करोड़ रुपये का लागत बढ़ाकर अलग से एस्टिमेट बनाया जाकर जनता की जेब में डाका डाला जा रहा है !
लोगों को रुपए डबल करने का झांसा देकर चिटफंड कंपनियों द्वारा लाखों करोड़ों रुपए का गबन किया गया। रुपए गबन करने के बाद कंपनी के डायरेक्टर सहित अन्य पदों पर बैठे लोग रफुचक्कर हो गए। इधर कंपनी में अपनी गाढ़ी कमाई जमा कर चुके लोग अपने पैसे के लिए ही भटक रहे हैं। छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों में चिटफंड कंपनियों ने ऐसा मकडज़ाल फैलाया कि इसमें लगभग हर कोई फंसा।
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ऐसा ही मामला जिसमे डायरेक्टर 08 साल से फरार थे | थाना देवरी के अप.क. 27/2013 धारा 420,34 भादवि, 3,5,6 चिटफंड अधिनियम एवं 6,10 छ0ग0 निवेशकों के हितो का संरक्षण अधिनियम के चिटफंड कम्पनी के डायरेक्टर आरोपीगण 1. सैययद अहमद उर्फ सईद अहमद पिता रफी अहमद उम्र 39 वर्ष साकिन एल 3/7 के डी ए कॉलोनी बाजार के पास कानपूर थाना चकेरी जिला कानपूर (उ.प्र.) 2. दिवाकर सिन्हा पिता दिनेश्वर प्रसाद उम्र 46 वर्ष साकिन 111 ए /393 अशोक नगर, थाना चमनगंज, जिला कानपूर (उ0प्र0) का जो पिछले 08 वर्षों से फरार था। जिसका अन्य जिला सूरजपुर, रायगढ, बालोद व अन्य राज्य उडीसा में भी अपराध दर्ज हुआ है। थाना कोतवाली सूरजपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। जिसे जिला जेल सुरजपूर से प्रोडक्शन वारंट में लाकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद में पेश किया गया।
बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं के हालात को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है, जगदलपुर के पूर्व विधायक व भाजपा नेता संतोष बाफना ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और गैरजरूरी तरीके से डीमरापाल मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टरों को अन्यत्र ट्रांसफर करने का मुद्दा उठाया है |
पूर्व विधायक संतोष बाफना ने आरोप लगाते हुए कहा हाल ही में मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से बड़ी संख्या में डॉक्टरों का स्थानांतरण दबाव पूर्वक कर दिया गया जिसको लेकर उन्होंने स्वास्थ्य सेक्रेटरी आलोक शुक्ला से दूरभाष में संपर्क किया एवं इस तरह डॉक्टरों को मेकाज से हटाने पर रोष जताया संतोष बाफना ने कहा स्वास्थ्य सेक्रेटरी आलोक शुक्ला ने जवाब ना देते हुए फोन को काट दिया पूर्व विधायक संतोष बाफना ने स्वास्थ्य सेक्रेटरी पर बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया |
वही बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने भी बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर कांग्रेस की राज्य सरकार पर निशाना साधा पूर्व सांसद ने कहा जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है तब से स्वास्थ्य सुविधाएं बद हाल हो गई हैं भारतीय जनता पार्टी के शासन में बस्तर को मेकाज की सुविधा मिली थी वहीं अब कांग्रेस के शासन में स्वास्थ्य सुविधाएं की स्थिति ठीक नहीं है पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के बीच खींचतान होने का आरोप भी लगाया जिसका खामियाजा स्वास्थ्य विभाग को उठाना पड़ रहा है |
बेमौसम बारिश लाखों किसान बर्बादी के कगार पर,सरकार उचित मुआवजा दे किसानों को – घनश्याम चंद्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष
अचानक खराब हुए मौसम के कारण प्रदेश के हजारों किसान धान नही बेच पाए,खरीदी की समस्य सीमा बढ़ाये सरकार – दीपक आरदे जिलाध्यक्ष बालोद
बेमौसम लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के हजारों किसान अबतक अपना धान नही बेच पाए है वही अधिकतर किसानों की फसल बारिश में भीग कर खराब हो चुकी है ऐसे में सरकार को उन तमाम किसानों को उचित मुआवजा देने की घोषणा जल्द करनी चाहिए ताकि किसानों को हौसला मिल सके। पहले सूखा, और दिसंबर से आज जनवरी महिने में भी प्राकृतिक आपदा के रूप में आए बेमौसम बारिश, और भूपेश बघेल की तानाशाही सरकार और गलत निर्णयों के चलते प्रदेश के किसानों को तबाही के कगार पर खड़ा कर दिया है। अव्यवस्था और भ्रष्ट नौकरशाही के चलते किसानों का अरबों रूपयों का धान इस बारिश में भींग गया और सरकार और उसकी सारी व्यवस्था हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम चन्द्रकर ने 105 लाख टन धान खरीदी लक्ष्य लेकर जुमलाबाजी करने वाले भूपेश बघेल सरकार से पूछते हुए कहा कि धान का उचित रख रखाव और उठाव के लिए इस सरकार ने पर्याप्त संख्या में गोदामों की व्यवस्था क्यूं नहीं की? राज्य के 1300 गोदाम है जिसमें 24 लाख टन क्षमता तक ही धान का रखाव हो सकता है यह जानते हुए भी पहले से इंतजाम की व्यवस्था क्यूं नहीं की ?
घनश्याम चन्द्रकर ने कहा की भूपेश बघेल की एक व्यक्ति वाली सरकार को जबाव देना होगा। कांग्रेस को यह बताना होगा की राज्य का पूरा अमला सफेद हाथी की तरह क्यूं कार्य कर रहा है? जब तमाम संचार माध्यमों मे से बार बार ये सूचना दी जा रही है कि बारिश होगी तो धान को खराब होने से बचाने के लिए क्यूं पहले से इंतजाम नहीं किए। क्यूं मुख्यमंत्री का आदेश का इंतजार करना पड़ रहा है ?
क्या प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को बर्बाद करने के लिए धान खरीदी की तिथि एक महीने पीछे सरकाना पड़ा। क्यूं ??
भूपेश बघेल सरकार को किसानों का भींगा धान खरीदना होगा साथ ही जिन किसानों के धान बारिश में पूरी तरह बर्बाद हो गए है उनको हुए नुकसान की भरपाई करने जल्द उचित मुआवजे की घोषणा करनी होगी ।
ऐसा नहीं कि इसी वर्ष धान बर्बाद हुआ है वर्ष 2019-20 में 80 हजार टन धान खराब हुए जिसकी कीमत 590 करोड़ रूपये है। जबकि एक 10 हजार टन क्षमता का गोदाम बनाने की लागत 2 करोड़ रूपये तक आती है यह जानते हुए भी बघेल सरकार ने न अधिक गोदाम निर्माण कराए न गोदाम किराये पर लिया। न किसानों को पर्याप्त बारदाने उपलब्ध करवा पायी है। भूपेश बघेल की सरकार किसान हितैषी नहीं किसान विरोधी सरकार है। जल्द ही सरकार ने किसानों के लिए उचित मुआवजा की घोषणा नहीं की तो पूरे राज्य भर में आप आंदोलन करेगी। आप के जिलाध्यक्षों ने भी इसको लेकर हामी भरी है।
जिलाध्यक्ष दीपक आरदे ने विज्ञप्ति के माध्यम से भुपेश सरकार से मांग की है कि 31 जनवरी तक किसानों के धान नही बिक पाएंगे और ऐसे में किसान दोहरी मार तले दब जाएगा तो भूपेश सरकार धान खरीदी की समय सीमा को आगे बढ़ाए जिससे बचे सभी किसान को इसका लाभ मिल सके व वे अपने मेहनत से उगाए धान को बेच सके ।
कोरोना के तीसरे लहर में दिनों दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है जल्द से जल्द इसे रोकने के लिए कोरोना जांच केंद्र बढ़ाने और डिमरापाल में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट में हो रही देरी को लेकर,इन विषयों को लेकर अभाविप ने आज मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा, और मांग की आरटीपीसीआर रिपोर्ट में हो रही देरी को जल्द ठीक किया जाये और कोरोना जांच केंद्र बढ़ाया जाय ।
जिसमें विभाग संगठन मंत्री मनीष वर्मा, नगर मंत्री यश ध्रुव, कार्तिक जैन, संजय कंवर आदि उपस्थित थे ।
बेरोजगारी पर कांग्रेस के मंत्री रविन्द्र चौबे ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के ट्वीट पर पलटवार करते हुए कहा कि में रमन सिंह को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने ऐसा मुद्दा उठाया है जिसपर आज कुछ दिनों से बहस चल रही है भुपेश सरकार ने 5 लाख से ज्यादा रोजगार दिया है उसके आंकड़े जारी किए गए हैं इसमें केंद्र की योजनाओं को शामिल नही किया है सरकार ने 4 नए जिलों की स्थापना करके युवाओं को रोजगार प्रदान किया है भाजपा आरोप इसलिए लगा रही है क्योंकि रमन सरकार ने 15 वर्षों तक सिर्फ आउट सौरसिंग का ही काम किया है इसलिए भाजपा को तकलीफ हो रही है |
🟥 सहायक आरक्षकों को आरक्षक के पद पर पदोन्नति एवं वेतन भत्ते दिए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने राज्य के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिए निर्देश…
🟥 सहायक आरक्षकों के वेतन में होगी बढ़ोत्तरी तथा वे अन्य भत्तों और सुविधाओं के भी पात्र होंगे कांग्रेस की भूपेश सरकार ने की इसकी घोषणा.
🟥 विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सहायक आरक्षकों को पदोन्नति देने का वादा किया था जिसे अतिशीघ्र अमल में लाने प्रक्रिया की चल रही तैयारी.
🟥 नक्सलक्षेत्र में नक्सलवाद/माओवाद के खिलाफ सहायक आरक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे है उनके और उनके परिवार के बारे में सोचना सरकार का कर्तव्य व दायित्व होता है जिसे कांग्रेस की भूपेश सरकार ने साकार करने का ठाना.
🟥 विगत लम्बे समय से चल रही छत्तीसगढ़ में सहायक आरक्षकों को आरक्षक के समकक्ष पद पर पदोन्नति की मांग का रास्ता हुआ साफ भाजपा के 15 के कुशासन ने किसी का भला नही किया कांग्रेस ने जो कहा सो किया – राजीव शर्मा
🔹 भूपेश है तो भरोसा है….
जगदलपुर. बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस में कार्यरत सहायक आरक्षकों को नववर्ष की सौगात देते हुए आरक्षक के समकक्ष पद पर पदोन्नति और वेतन भत्ते प्रदाय किए जाने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को प्रेषित करने हेतु पुलिस मुख्यालय को निर्देशित किया गया है वह निर्णय सराहनीय व स्वागत योग्य है. राजीव शर्मा ने कहा कि भूपेश सरकार के इस निर्णय व कदम से सहायक आरक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी होगी और वे अन्य भत्तों और सुविधाओं के भी पात्र होंगे. तथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की इस घोषणा से सहायक आरक्षकों में हर्ष का माहौल है तथा छत्तीसगढ़ में सहायक आरक्षको को आरक्षक के समकक्ष पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है | राजीव शर्मा ने कहा कि प्रदेश में करीब 30 हजार सहायक आरक्षकों को इसका फायदा मिलेगा, राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक ने विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेज दिया है प्रदेश में सहायक आरक्षकों की पदोन्नति की मांग लंबे समय से चल रही थी विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सहायक आरक्षकों को पदोन्नति देने का वादा किया था नक्सलवाद के लड़ाई में सहायक आरक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं जिसे कांग्रेस अपने घोषणा पत्र के अनुसार उसे पूरा करने के लिए कृत संकल्पित है 135 साल पुरानी पार्टी आम जनताओं की भावनाओं के अनुरूप अपने वादों और इरादों के अनुरूप जनहित में कार्य करती आई है राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री ने भी चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार जनता जनार्दन से किए वादों को क्रमशः पूरा कर रहे हैं | राजीव शर्मा ने कहा कि यह त्याग तपस्या और बलिदान की पार्टी है जो लोगों की भावनाओं को समझती और उनकी कद्र करती है नक्सल क्षेत्र में कार्यरत सहायक आरक्षकों को आरक्षक के पद पर पदोन्नति और वेतन भत्ता बढ़ाया जा रहा है जिससे सहायक आरक्षकों के जीवन मे सुधार आएगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
जगदलपुर।केंद्र के समान 31% महंगाई भत्ता तथा सातवां वेतनमान में गृह भाड़ा भत्ता की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला बस्तर के द्वारा प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूर्व निर्धारित आंदोलन 12 जनवरी को “मौलिक अधिकार रैली ” नहीं निकाल कर फेडरेशन के प्रमुख पदाधिकारी माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम 2 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर बस्तर गोकुल रावते को सौंपा।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी विगत 2 वर्षों से महंगाई भत्ते के लिए संघर्षरत हैं देश के अधिकांश राज्य अपने अपने कर्मचारियों को केंद्र के समान 31% महंगाई भत्ता दे चुकी है किंतु छत्तीसगढ़ में अभी भी कर्मचारी अधिकारी केवल 17% महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं इसी के साथ प्रदेश में वर्ष 2016 से सातवां वेतनमान लागू किया गया है किंतु अभी भी समस्त कर्मचारियों अधिकारियों को गृह भाड़ा भत्ता छठवें वेतनमान में ही दिया जा रहा है जिससे कर्मचारियों को महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता के रूप में अत्यधिक आर्थिक क्षति हो रही है। दोनों मौलिक अधिकार को लेने के लिए आज 12 जनवरी को मुख्यमंत्री जी के नाम का ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर को सौंपा गया !इसी के साथ दिनांक 28 एवं 29 जनवरी को बस्तर जिले के समस्त कर्मचारी अधिकारी मौलिक अधिकार के हनन के विरोध में काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे ।आज ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संभाग प्रभारी कैलाश चौहान, संभागीय संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव, जिला संयोजक आर डी तिवारी ,सहसंयोजक अजय श्रीवास्तव ,संरक्षक शिव मिश्रा , प्रांताध्यक्ष टार्जन गुप्ता के अलावा समस्त कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष_ मानसिंह भारद्वाज, नितेश महंत ,रजी वर्गीस, राजेंद्र सिंह, तुलसी ठाकुर ,धनंजय देवांगन, टीपी पांडे, भेनेश श्रीवास्तव , जे एन जोशी ,धर्मेंद्र देवांगन, हरीश पाठक, राजकुमार झा ,पीआर देवांगन ,मनोज कुमार ,मोतीलाल वर्मा, मनीष श्रीवास्तव,मनोज पारख, चंद्र प्रकाश देवांगन, राहुल सेठिया, दिनेश सिंह ,सुखराम आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।