City Media - Page 1372 of 1853 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 1372

सरपंच ने की आत्महत्या, परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप

0

नारायणपुर – नारायणपुर जिले के रायनार ग्राम पंचायत के सरपंच ने बीती रात आत्महत्या कर ली। युवा सरपंच राकेश कोर्राम 40 वर्ष पिता सुखराम कोर्राम की मौत के बारे में परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को धनोरा थाने से आने के बाद तनाव में था इसके बाद रात 11:30 बजे के आसपास घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। वही मृतक की पत्नी मंगली कोर्राम व भाई के किशोर कोर्राम ने पुलिस पर आरोप लगाते बताया कि कल धनोरा टीआई गणेश यादव ने उसके भाई को धनोरा थाना बुलाकर पूछताछ कर धमकी दिया था। जिसकी वजह से राकेश कोर्राम काफी तनाव में था और उसने यह कदम उठाया है।

This image has an empty alt attribute; its file name is ajay-692x1024.jpg

ग्रामीण देवलाल ने बताया कि मृतक सरपंच के साथ मै शुक्रवार को थाना धनोरा पहुंचा जहां पर थाना प्रभारी के द्वारा मुझे बाहर भेजा गया था। करीब आधे घंटे तक सरपंच के साथ किस विषय को लेकर बात की मुझे जानकारी नहीं है, परंतु जब सरपंच बाहर निकला तो वहां बहुत डर से कांप रहा था, कांपते-कांपते बताया कि थाना प्रभारी बार-बार मुझे जेल में डाल दूंगा वही सड़ते रहना बोल रहे है |

युवा जनप्रतिनिधि के द्वारा आत्मघाती कदम उठाने से पूरे गांव में मातम का माहौल बना हुआ है वहीं सरपंच संघ जिला नारायणपुर मृतक के परिवार में दुख बॉटने रायनार पहुँचे थे। सरपंच संघ के अध्यक्ष बिसेल नाग ने बताया कि घटना की विस्तृत जानकारी जानने ग्राम रायनार पहुंचे हैं,यह जानकारी मिल रही है कि धनोरा थाना प्रभारी के द्वारा सरपंच को परेशान किया जा रहा था जिसके कारण वे मानसिक रूप से परेशान थे। एक जनप्रतिनिधि को पुलिस प्रशासन इस तरह से बार-बार थाना बुलाकर परेशान कर रहा है तो आम नागरिक की क्या दशा हो सकती है, इसके लिए उच्च अधिकारी को जांच हेतु शिकायत की जाएगी।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur-cine.jpg

पुलिस ने कहा नक्सलियों के दबाव में था सरपंच

थाना प्रभारी गणेश यादव से सरपंच की आत्महत्या के बारे में जानकारी दी कि सरपंच नक्सलियों के दबाव में थे पिछले 4 महीने से वह घर छोड़कर बयानार अपने ससुराल चला गया था। थाना प्रभारी ने बताया कि पंचायत के निर्माण कार्यों को लेकर नक्सली सरपंच राकेश कोर्राम से मोटी कमीशन की मांग कर रहे थे जिससे वह तनाव में चल रहा था इस वजह से शराब का ज्यादा सेवन कर रहा था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सरपंच को थाने में बुलाया गया था लेकिन धमकी जैसी कोई बात नहीं हुई। सरपंच के साथ गांव की साफ-सफाई को लेकर चर्चा हुई थी और धनोरा थाना से रवाना हुए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों के द्वारा उन पर लगाए जा रहे आरोप में किसी प्रकार की सच्चाई नहीं है।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

मंत्री का बयान निंदनीय – विक्रम ध्रुवे

0

बालोद जिला के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे द्वारा कहा कि मंत्री महोदय आमाडुला क्षेत्र के सिंघोला में आयोजित कार्यक्रम के वायरल वीडियो में छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री द्वारा सुकड़ी गहन की ग्रामीण आदिवासी महिलाओं द्वारा गांव में कच्ची महुआ शराब बिक्री को रोकने की मांग को लेकर शिकायत करने पहुंची महिलाओं को दी गई नसीहत छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार की नीयत को स्पष्ट करती है छत्तीसगढ़ में पूर्व शराबबंदी की घोषणा हाथ में गंगाजल उठाकर करने वाले प्रदेश के मुखिया ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी शराबबंदी के क्षेत्र में कोई भी सकारात्मक पहल करने से बचते नजर आ रहे हैं उनके द्वारा करोना काल में आवश्यक वस्तुओं की सेवा उपलब्ध होने से पहले शराब दुकाने खुलवा दी वहीं आम नागरिकों की जरूरत को ध्यान में रख केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो चावल को भी हजम कर जाते हैं | उनके आबकारी मंत्री राशन दुकानों में

This image has an empty alt attribute; its file name is ajay-692x1024.jpg

मिलने वाले चने को चखने के रूप में उपयोग करने की सलाह देते हैं तो उनके मंत्रीमंडल की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ग्रामीण आदिवासी महिलाओं की अवैध शराब बिक्री रोकने की फरियाद पर मंत्री महोदया द्वारा पुरुषों को थोड़ा-थोड़ा पीने एवं पीकर सो जाने की सलाह देती है और प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश देती हैं इससे कांग्रेस सरकार की करनी है कथनी में स्पष्ट अंतर नजर आता है 15 साल सत्ता से बाहर रहने के बाद, सत्ता के लोभ में आम नागरिकों एवं किसानों से झूठे वादे कर सत्ता प्राप्त करने वाली कांग्रेस सरकार की पोल खुलती नजर आ रही है अपने आपको किसान पुत्र कहने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों का दर्द भूल चुके हैं खाद बीज के लिए किसानों को दर-दर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है | वही पूर्ण शराबबंदी की घोषणा पर उनके सिपहसालारओं का उलूल जुनून बयान उनकी स्थिति स्पष्ट करता है |

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur-cine.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

धनवंतरी योजना के तहत सस्ती दवाई दुकान हेतु चिखलाकसा में बने काम्प्लेक्स, दुकानो का जिला कलेक्टर ने औचक निरीक्षण किया

0

आज दिनांक 17.10.2021 को नगर पंचायत चिखलाकसा क्षेत्र में कलेक्टर महोदय द्वारा धनवंतरी योजना के तहत सस्ती दवाई दुकान हेतु चिखलाकसा में बने काम्प्लेक्स, दुकानो का निरीक्षण किया गया, तथा जनऔषधि केंद्र हेतु दुकानों के बारे में दूकान खोलने हेतु चर्चा की गई एवं दुकानों को जल्द से जल्द संचालित करने के अधिकारियों को निर्देश दिये गए , जिसमें सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे जी द्वारा दुकानों के आबंटन के बारे में कलेक्टर महोदय से एवम शासकीय उ.मा. वि. चिखलाकसा जर्जर स्कूल के बारे में चर्चा किया गया तो कलेक्टर महोदय द्वारा बताया गया कि स्कूल हेतु प्रस्ताव शासन को नया भवन हेतु 1.5 करोड़ का प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है,जिसमे मुख्य रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष भिखी मसिया, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैयद, पार्षद गण कुंती देवांगन, विमला जैन, लीला डड़सेना, सुनीता गुप्ता, संगीता साहू, पूर्व पार्षद राजू रावटे, एवं विजय डडसेना , और नगर पंचायत के उपअभियंता शशिकांत वर्मा, लिपिक राहुल मेंढे, सफाई दरोगा सन्नी चौधरी, राकेश साहू, केशव पटेल, दुरेन्द पटेल, पुष्कर दास एवं अन्य सफाई कर्मचारी उपस्थित थे |

This image has an empty alt attribute; its file name is ajay-692x1024.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is mathur-cine.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

बस्तर दशहरा के समापन अवसर पर मुरिया दरबार पहुँचने से पहले हेलीपैड पर भूपेश बघेल ने पत्रकारों से की चर्चा

0

बस्तर दशहरा के आखिरी दिन समापन अवसर पर मुरिया दरबार के निमंत्रण पर निकलने से पहले हेलीपैड पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि मुझे दरबार मैं शामिल होने के लिए निमंत्रित किया गया है मैं आज और कल बस्तर प्रवास पर रहूंगा और हमारी सरकार दलित गरीब और आदिवासियों की सरकार है यह बस्तर की भोली भाली जनता बहुत अच्छे से जानती है और हम उसी के अनुरूप काम कर रहे हैं आज नक्सल प्रभावित बस्तर जिसकी छवि पूरे विश्व में बहुत बिगड़ी हुई थी हमारी सरकार आने के बाद जो खाली पड़े गांव हैं उनमें हमने शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं उपलब्ध कराई है युवाओं का रुझान सरकार के प्रति बड़ा है

हम वहां शांति स्थापित कर रहे हैं और लोगों को एक बेहतर जीवन यापन करने का मार्ग हमारी सरकार सुनिश्चित कर रही है आज वहां के जनप्रतिनिधियों के साथ दरबार में उनकी समस्याएं सुनने का अवसर मिलेगा यथाशक्ति उसका निराकरण भी सरकार के द्वारा किया जाएगा भाजपा के आरोप पर मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मादक पदार्थों की बात भारतीय जनता पार्टी कर रही है मैं भारतीय जनता पार्टी से पूछना चाहता हूं गांजा उड़ीसा से आ रहा है उसमें जो लोग सम्मिलित हैं वह उनकी ही पार्टी जहां पर शासन कर रही है मध्य प्रदेश के हैं ऐसे में हम पर आरोप लगाने से पहले अपने साथ ही मुख्यमंत्री जो कि भाजपा के हैं उनसे जांच करवाना चाहिए और रही सवाल लखीमपुर खीरी और जयपुर की घटना का तो दोनों घटनाओं में बहुत अंतर है वहां पर आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन हमारी सरकार ने और पुलिस प्रशासन ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया है हमारे राज्य में कानून सबसे सर्वोपरि है कानून से बढ़कर कोई नहीं है |

बस्तर का दशहरा हिन्दुस्तान में सबसे अलग और अनुठा : लखमा, तेतरखुटी के दुर्गोत्सव में शामिल हुए प्रभारी मंत्री

0

जगदलपुर। भगवान राम ने रावण को मार कर असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया है। हमेशा सच्चाई की जीत होती है देवी दुर्गा भी शक्ति की देवी है जो राक्षसों का संहार करती है। बस्तर का 75 दिन तक चलने वाला दशहरा पूरे हिन्दुस्तान में अलग और अनुठा है। यहां दुर्गोत्सव में उपस्थित सभी लोगों की खुशहाली और उन्नति के लिए नवरात्र और दशहरा की शुभकामनाएं देता हूं। प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने शुक्रवार की रात शहर के तेतरखुटी में दुर्गोत्सव समिति के आमंत्रण पर पहुंचकर अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने नन्हें बच्चों की प्रस्तुति से खुश होकर कहा कि बस्तर में कलाकारों की कमी नहीं है। मेरे कोंटा क्षेत्र का बालक सहदेव पूरे हिन्दुस्तान में धुम

मचाकर नाम कमाया। यहां हर गांव और क्षेत्र में प्रतिभाएं लगातार अपनी मेहनत और कला से बस्तर का नाम रोशन कर रही है। आज कल हर हाथ में मोबाईल और हर घर में टीवी है। जिससे हर तरह की जानकारी लोगों को मिल रही है पहले ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों का कर्जा माफ और 2500 रूपये क्विंटल में धान खरीदा जो हिन्दुस्तान में ऐसा करने वाली पहली सरकार है। आज जो दशहरा और नवरात्र में चारों ओर खुशहाली दिख रही है इसका उदाहरण है क्योंकि सभी तरफ लोग आगे बढ़कर खुश हैं।

उन्होंने देवी दुर्गा प्रतिमा का दर्शन कर बस्तर एवं छत्तीसगढ़ वासियों की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर पार्षद नेहा धु्रव और कमलेश पाठक, दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष छोटू धु्रव, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, सोहन सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद थे।
सुरेश रावल, मीडिया सलाहकार

बस्तर में अब बड़े उद्योग लगाने आदिवासियों की जमीन का नहीं होगा अधिग्रहण, केवल शासकीय जमीन का ही होगा उपयोग – लखमा

0

वनोपज पे आधारित उद्योग लगाने उद्योगपतियों को दी जाएगी प्राथमिकता, गोवा के फेनी की तर्ज पर अब होगा महुआ का बस्तर में उपयोग

जगदलपुर

छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग आबकारी एवं बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर दशहरा के अवसर पर मुख्यमंत्री प्रवास के एक दिन पूर्व कुछ अख़बार नवीसों से चर्चा की. इस चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल हटने के पश्चात प्रदेश में नए उद्योगों की सम्भावना तलाशने देश के दो औद्योगिक राज्य पंजाब एवं राजस्थान का दौरा किया. वहां उन्होंने राज्य के मंझले उद्योग एवं लघु उद्योग सञ्चालन करने वाले कुछ उद्योगपतियों से मुलाकात की. उनके अनुसार, पंजाब के लुधियाना शहर में साइकिल बनाने के उद्योग से लेकर साइकिल के कल-पुर्जों पर आधारित कई उद्योग हैं जिसमें प्रदेश के लाखों लोग जुड़कर अपना रोजगार चला रहे हैं. इसी प्रकार ऊनी वस्त्रों से सम्बंधित कई उद्योग वहां संचालित हैं जिसे उद्योगपतियों के अलावा महिलाओं के समूह भी उसे संचालित कर रहे हैं.

इसी प्रकार राजस्थान में हीरे तराशने से लेकर मार्बल की कटाई से सम्बंधित उद्योग फल-फूल रहे हैं. हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के लिए नयी उद्योग नीति बनायी है जिसमें, बस्तर को काफी प्राथमिकता दी है. इसके अनुसार बस्तर में लगने वाले उद्योगों के लिए किसी भी आदिवासी की जमीन का उपयोग नहीं किया जायेगा, वरन केवल शासकीय जमीन पर ही उद्योग लगाये जायेंगे. मुख्यमंत्री की मंशानुसार बड़े उद्योग के बजाय छोटे-छोटे उद्योग लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी. चूँकि, बस्तर वनों से आच्छादित संभाग है, इस संभाग के सभी जिलों में प्रमुख वनोपज के रूप में तेंदू पत्ता, महुआ, टोरा, चिरोंजी, इमली, काजू इत्यादि बहुतायत से पाए जाते हैं. अतः इनसे सम्बंधित लघु उद्योग लगाने, आने वाले उद्योगपतियों को शत-प्रतिशत सरकारी अनुदान भी दिया जायेगा.

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की उन्नत उद्योग नीति नहीं अपनाई गयी इसलिए बस्तर संभाग में बड़े, मंझले तथा लघु उद्योग नहीं लग पाए. वहीँ, एनएमडीसी द्वारा लगाये गए नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इसे बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगी. नगरनार स्टील प्लांट, बस्तर वासियों की संपत्ति है और इसका उपयोग केवल बस्तर वासियों के हित के लिए किया जायेगा. इसी लिए राज्य के मुख्यमंत्री ने इसके निजीकरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर घोषणा की कि एनएमडीसी अगर इसे संचालित नहीं करेगी तो राज्य शासन द्वारा इस स्टील प्लांट का सञ्चालन किया जायेगा.

श्री लखमा ने आगे कहा कि औद्योगिक रूप से विकसित जिले रायपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा एवं रायगढ़ में लगने वाले उद्योगों पर अब राज्य शासन द्वारा अनुदान नहीं दिया जायेगा बल्कि इनसे अलग अन्य जिलों में अगर कोई उद्योगपति उद्योग लगाना चाहे तो उसे शत-प्रतिशत अनुदान देने की बात राज्य शासन द्वारा कही गयी है. कांग्रेस सरकार के तीन साल के कार्यकाल में बस्तर में विकास अब दिख रहा है. किसानों व तेंदुपत्ता हितग्राहियों को दिए जा रहे बोनस से आम बस्तरिया खुशहाल हुए हैं जिसका उदाहरण यह है इस बार के दशहरा में गाँव-गाँव से शहर पहुंचे लोग घुमने-फिरने एवं खरीदारी की है, उसने चेहरे पर दिखने वाली मुस्कान से प्रतीत होता है कि उनकी आर्थिक स्थिति विगत तीन वर्षों में मजबूत हुई है. कृषि क्षेत्र में बस्तर की तरक्की अब सड़कों पर भी दिखने लगी है. उन्होंने उदहारण देते हुए कहा कि पहले ओडिशा राज्य के कोटपाड शहर से सब्जियां शहर पहुँचती थी. वहां के व्यापारी मनमाने मूल्य पर बेचते थे पर विगत तीन वर्षों में लघु वनोपज के साथ ही साथ साग-सब्जी की इतनी उपज हुई है कि अब ग्रामीण लोग खेत से उपजे फल-सब्जियों के अलावा अपने गोठानों से उपजाए सब्जी लेकर सड़कों पर लाकर लोगों के सामने विक्रय हेतु रख रहे हैं. इससे यह साबित हो गया है कि पंद्रह वर्षों की सरकार के मुकाबले कांग्रेस की सरकार ने तीन वर्षों में ही आम बस्तर वासियों के लिए बेहतर कार्य किया है.

इस प्रवास के दौरान अपने व्यस्ततम समय में से कुछ समय निकाल कर मंत्री कवासी लखमा शहर से प्रकाशित दैनिक अख़बार चैनल इंडिया जाकर अख़बार प्रबंधन एवं कर्मचारियों से सौजन्य मुलाकात की. इस अवसर पर मंत्री के साथ बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी, चैनल इंडिया के प्रबंध संपादक नरेन्द्र दुबे, सुब्बा राव, अर्जुन झा, बलराम दुबे के अलावा मशीन विभाग के कर्मचारीगण उपस्थित थे.

परदा जो उठ गया तो भेद खुल जाएगा…मंत्री के समर्थन में मीडिया के खिलाफ थाने पहुंचे कांग्रेसी

0

(अर्जुन झा)

दल्ली राझहरा। डोंडी लोहारा विधायक और छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया ने बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान शराब पीने वाले पुरुषों को कम पीकर सो जाने की नसीहत दी थी, वह सोशल मीडिया में छा गई और मंत्री अनिला भेंडिया की तरफ से सफाई भी आ गई कि उन्होंने किस वजह से किस तरह क्या कहा था। यह बात यहीं खत्म हो सकती थी लेकिन कांग्रेसी कदाचित यह पसंद नहीं कर रहे और मंत्री की विवादास्पद सलाह के समर्थन में बाकायदा मीडिया के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग के साथ थाने पहुंच गए। इस मामले के अब और तूल पकड़ने की गुंजाइश निकलती जान पड़ रही है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी डोंडी के पदाधिकारियों ने थाने पहुंच कर शिकायत पत्र सौपते हुए इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। कहा जा रहा है कि जब मंत्री के स्पष्टीकरण के बाद मामले का पटाक्षेप हो सकता था तो कांग्रेसियों को यह क्या सूझ गया कि वे मीडिया पर कार्रवाई के लिए थाने पहुंच गए। अब बिना जांच पड़ताल के, केवल कांग्रेसियों की मांग पर तो पुलिस कोई कार्रवाई कर नहीं सकती। राज्य के धीर गंभीर और संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस तरह की कार्रवाई की इजाजत दे भी नहीं सकते। कानून को सबसे ऊपर मानने वाले मुख्यमंत्री की सहयोगी मंत्री के समर्थक इतना भी नहीं समझ पा रहे हैं कि अगर पुलिस उनकी शिकायत पर जांच पड़ताल करेंगी तो सारे तथ्य सामने आ जायेंगे। खुद मंत्री अनिला भेंडिया की ओर से सामने आए स्पष्टीकरण में यह नहीं कहा गया कि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही थी। अलबत्ता यह कहा गया है कि उन्होंने किस भावना से ऐसी बात कही थी और उनकी बात का क्या अर्थ है। राजनीति के गलियारों में यह भी चर्चा है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेसी इस विवाद को आखिर किस वजह से शांत नहीं होने देना चाहते?

This image has an empty alt attribute; its file name is ajay-692x1024.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is mathur-cine.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

कांग्रेस विधायक दिखे भोलेनाथ की वेशभूषा में

0

छत्तीसगढ़ में कई ऐसे विधायक है जो अपने अंदाज़ से पहचाने जाते है | इन्ही विधायकों में कांग्रेस के केशकाल विधायक संतराम नेताम का भी नाम शामिल है जो कि कल दशहरा पर्व के दिन भोलेनाथ के वेश भूषा में लोगो के बीच उपस्थित हुए। फूल पौधे के साथ जटा स्वरूप धारण किये विधायक यह रूप लोगो को बहुत पसंद आया। बकौल विधायक मैं जनता का सेवक हु। उनके चेहरे पर प्रसन्नता दिखी ।

This image has an empty alt attribute; its file name is ajay-692x1024.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is mathur-cine.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज ने हर्षोल्लास से मनाया धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस।

0

दल्ली राजहरा :- छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज द्वारा डॉ.अंबेडकर संस्कृतिक भवन पुराना बाजार में धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस धूमधाम से मनाया गया । प्रातः काल समाज के अध्यक्ष गुलाब मेश्राम ,महिला मंडल की अध्यक्ष शशि चुनारकर ,समाज के संरक्षक जी.एस. खोबरागड़े ,पूर्व अध्यक्ष डॉ.जे.डी. गजभिए, कार्यकारी अध्यक्ष पवन मेश्राम सहित समस्त पदाधिकारियों ने अंबेडकर सांस्कृतिक भवन पुराना बाजार एवं अंबेडकर शिशु मंदिर सुभाष चौक में पंचशील एवं नीले झंडे का ध्वजारोहण किया तत्पश्चात उपस्थित उपासक उपासिकाओ ने त्रिशरण पंचशील का पाठ कर वंदना की। सायंकाल मुख्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित नगर पालिका दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शीबू नायर विशिष्ट अतिथि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक बांबेश्वर ,विशेष अतिथि नगर पालिका की पार्षद श्रीमती टी. ज्योति, पार्षद चंद्र कुमार बोरकर , संरक्षक जी .एस .खोबरागडे , समाज के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जे.डी .गजभिए ,अनिल खोबरागडे एवं समाज के अध्यक्ष गुलाब मेश्राम की अध्यक्षता एवं समाज प्रमुखों की उपस्थिति में वंदना कक्ष का लोकार्पण किया तत्पश्चात सामूहिक वंदना की गई।

इस अवसर पर उपस्थित उपासक उपासिकाओ को संबोधित करते हुए समाज के संरक्षक जी एस खोबरागड़े ने बाबासाहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के साथ धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर विस्तार से जानकारी दी । दल्ली राजहरा नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज की बड़ी भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन एवं नए भारत के निर्माण में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । तत्कालीन समाज में दलितों से हो रहे छुआछूत ,भेदभाव एवं उत्पीड़न से मुक्ति दिलाने के लिए बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाकर धम्म चक्र प्रवर्तन किया । विशिष्ट अतिथि अशोक बांबेश्वर ने बाबासाहेब का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें सिंबल ऑफ नॉलेज एवं सविधान पिता बताया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि पार्षद टी.ज्योति ,पार्षद चंद्रप्रकाश बोरकर , पूर्व अध्यक्ष डॉ . जे. डी . गजभिए ,पूर्व अध्यक्ष अनिल खोबरागडे, कार्यकारी अध्यक्ष पवन मेश्राम ने संबोधित किया। समाज

This image has an empty alt attribute; its file name is ajay-692x1024.jpg

की प्रतिभाशाली छात्रा कुमारी तृप्ति खोबरागड़े ने बाबासाहेब आंबेडकर के धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस पर अपनी स्व लिखित कविता प्रस्तुत की ।समाज अध्यक्ष गुलाब मेश्राम ने मुख्य अतिथि को मांग पत्र सौपते हुए अध्यक्षीय भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन दीनदयाल रंगारी एवं आभार प्रदर्शन अमित बांबेश्वर ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ईश्वर खोबरागडे ,अरूण उके ,पवन खोबरागडे, मदन चुनारकर, अनिल रामटेके, विकास खोबरागड़े ,बंटी रंगारी, ओमप्रकाश खोबरागड़े मुरली रंगारी, राजेंद्र मेश्राम ,जैनेंद्र श्रीरंगे, राजू रामटेके, निखिल जयंवते ,छत्तीसगढ़ बौद्ध महिला मंडल की अध्यक्षा शशि चुनारकर,पूर्व अध्यक्ष माया मेश्राम, गोदावरी खोबरागडे ,आशा गजभिए, शबनम खोबरागडे ,सुजाता मेश्राम ,प्रतिभा खोबरागडे ,लता मेश्राम, ममता भोयर, सीमा अलमोरे, संध्या दहीवेले ,रानू मेश्राम, वृंदा बाई ,नंदा, आदि उपस्थित थे।

This image has an empty alt attribute; its file name is mathur-cine.jpg
This image has an empty alt attribute; its file name is image-21.png
This image has an empty alt attribute; its file name is image-1.png

बस्तर का दिल जलाने वाले अब सियासी पर्यटन पर आ रहे हैं…सांसद दीपक बैज ने साधा निशाना

0

(अर्जुन झा)

जगदलपुर। दिल्ली में बस्तर की आवाज कहलाने वाले सांसद दीपक बैज का कहना है कि पंद्रह साल तक बस्तर का दिल जलाने वाले लोग अब यहां सियासी पर्यटन पर आ रहे हैं और कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार द्वारा किए जा रहे ठोस विकास को देखकर जल रहे हैं। ये लोग किसी न किसी तरह बस्तर के विकास में रोड़े अटका रहे हैं। ये बस्तर का विकास, बस्तरियों का सुख, शांति, चैन, सुकून बर्दाश्त नहीं कर पा रहे, इसलिए कभी अपनी किसी महिला नेता से अभद्र टिप्पणी करवाते हैं तो कभी किसी से भ्रम पैदा करवाने की कोशिश करते हैं। जनता से झूठ बोलते हैं।

बस्तर सांसद दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्दोष आदिवासियों को झूठे मामलों मे फंसाकर जेल में डाल देने वाले लोग, आदिवासियों की जमीन औद्योगिक उपयोग के लिए दे देने वाले लोग, बस्तर के भोले भाले आदिवासियों का हर तरह से उत्पीड़न करने वाले लोग आज बस्तर का विकास सहन नहीं कर पा रहे हैं और बस्तर की जनता के सपनों को साकार होते नहीं देख पा रहे। बस्तर से उखड़ जाने पर भी बस्तर की जन भावनाओं का सम्मान करना इन्होंने नहीं सीखा। अगर कुछ सीखे होते तो नगरनार प्लांट के डी मर्जर की नौबत नहीं आती। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जब यह संकल्प पारित करा चुकी है कि अगर एनएमडीसी नगरनार प्लांट खुद चलाने की स्थिति में नहीं है तो इसे राज्य को संचालित करने दे दिया जाय तब इन्हें क्या दिक्कत है? ये केवल औद्योगिक घरानों का हित देखने वाले लोग हैं। इन्हें गरीब आदिवासियों, गरीब किसानों, मजदूरों से, उनके हितों से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा के पंद्रह साल के राज में बस्तर अंचल को केवल अशांति और छलावा मिला। बस्तर विकास का झांसा देकर आदिवासियों की जमीन औद्योगिक घराने को दे दी गई थी, जिसे कांग्रेस की सरकार ने वापस लौटा दिया। भाजपा राज में जबरन फसाए गए आदिवासियों को कांग्रेस सरकार ने जेल से मुक्ति दिलाकर उन्हें न्याय दिलाया। आज किसान, मजदूर के साथ साथ पशु धन को भी न्याय मिल रहा है। बस्तर में विकास और विश्वास की धारा बह रही है। लोग सुरक्षित हैं। भाजपा के राज में तो उनके मंत्री तक सड़क पर नहीं उतरते थे और उड़नखटोले का सहारा लिया करते थे। आज सड़क मार्ग से हमारे जनप्रतिनिधि दूर दूर तक जनता के बीच जाते हैं और उनकी भावनाओं के अनुरूप विकास सुनिश्चित करते हैं। यह बुनियादी फर्क सबको दिखाई दे रहा है। सिर्फ उन्हें यह नहीं दिखता, जिनकी सोच पर परदा पड़ा है। अन्यथा उनकी राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी इस तरह की बेहूदा टिप्पणी नहीं करतीं, जैसी यहां करके जन भावनाओं का अपमान करके गई थीं। उनकी केंद्रीय मंत्री ने भी बस्तर का सियासी पर्यटन किया लेकिन बस्तर का भला करने का विचार उनके मन में होता तो नगरनार प्लांट को बचाने के लिए बस्तर का समर्थन करना चाहिए था। ये लोग बस्तर का अब हो रहा विकास देखने आएं, बस्तर का अमन चैन देखने आएं, बस्तर की धरती पर बिखरे प्रकृति के सौंदर्य को निहारने आएं, पर्यटन के लिए आएं, बस्तर में इनका स्वागत है। लेकिन अब यहां की जनता इनके सियासी पर्यटन को कोई अहमियत नहीं देने वाली। बेहतर होगा कि “न विकास करेंगे और न करने देंगे” की संकुचित मानसिकता वाले लोग यहां की खुशहाली को नज़र न लगाएं।

MOST POPULAR

HOT NEWS