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ड्रीप लगान के नाम पर दलालों ने किसान के जमीन को बेचा -क्रेता के द्वारा बाउड्रीवाल कर जमाया कब्जा -ग्रामीण जिला प्रशासन से करेंगे शिकायत

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अर्जुन झा – जगदलपुर

मसगांव में दो दर्जन किसानों को खेतों में ड्रीप लगाने एवं बैंक से फायनेंस कराने के नाम पर दलाल ने 40 एकड़ जमीन को शहर के एक आदिवासी महिला के नाम बेचा । क्रेता के द्वारा 30 एकड़ बंजर भूमि सहित 70 एकड़ भूमि पर जमाया कब्जा । बाउण्ड्रीवाल के घेराबंद के बाद किसानों को अपने जमीन बिक्री किए जाने के खुलासे के बाद जमीन मालिक के होश उड़ गये । जबकि ग्रामीणों को कहना है कि हमने जमीन का बिक्री किया ही नहीं है । ग्रामीण अब कलेक्टर से शिकायत कर अपनी जमीन वापसी के लिए करेंगे गुहार । जानकारी के अनुसार जिले के बकावण्ड तहसील के मसगांव पंचायत में भी किसानों के जमीन का फर्जीवाड़ा ढंग से रजिस्ट्री कराकर हड़पने का हुआ षड़यंत्र । क्रेता द्वारा जमीन की बाउण्ड्रीवाल कराने के बाद जमीन मालिक को जमीन बिक्री किए | जाने का हुआ खुलासा ।

ग्रामीणों ने कहा जमीन नहीं बेचा : मसगांव के ग्रामीण तुलसी , बलराम , रघुनाथ , बुधमन , सदन , फगनू , गंगाधर , दामोदर , रघु , बलराम , शोभा , संग्राम , सोनसाय ,
सुकालू ने बताया कि ड्रीप लगाने एवं बैंक फायनेंस के नाम पर बस्तर के दो व्यक्तियों द्वारा सभी से संपर्क किया गया था उसी दौरान कुछ दस्तावेज में हस्ताक्षर कराया गया था इसके बाद वह कभी ग्रामीणों के संपर्क में नहीं आया । ग्रामीणों का कहना है कि हमलोगों ने अपनी जमीन की बिक्री नहीं की है हर वर्ष की भांति जमीन पर कास्त कार्य करते आ रहे है । कुछ माह पूर्व शहर के साहूकार तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे और जमीन का सीमांकन करने लगे जिसका ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर तहसीलदार द्वारा कहां गया कि यह जमीन बिक्री की जा चुकी है । शासीय कार्यों में बाधा डालने पर जेल भेजने की भी धमकी दी गई थी । ग्रामीणों के विरोध के बाद भी बाउण्ड्रीवाल खड़ाकर किसानों के जमीन पर कब्जा किया गया ।

30 एकड़ शासकीय भूमि पर जमाया कब्जा :
जानकारी के अनुसार मसगांव में खसरा नं .124,151 , 157 , 162 , 134 , 290 , 349 , 351 , 169 , 553 , 562,563 एवं अन्य खसरा की भूमि किसानों के नाम से दर्ज है । उक्त भूमि को शहर के एक आदिवासी महिला एवं एक अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज होना बताया जा रहा है । बताया जा रहे है इस भूमि से सटा लगभग 30 एकड़ शासकीय भूमि है उक्त भूमि पर भी राजस्व विभाग से सांठगांठ कर कब्जा किया जा चुका है । उक्त स्थान
पर बाउण्ड्रीवाल कर घेराबंदी भी किया जा चुका है । जमीन मालिक अपनी ही जमीन पर कब्जा पाने प्रशासन के चक्कर लगाने पर मजबूर है ।

कलेक्टर से करेंगे शिकायतः
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मामले की शिकायत कलेक्टर से कर जमीन वापसी की गुहार लगाई जायेगी । नियमों के तहत जमीन का सीमांकन किसानों को वापसी नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी दी जा रही है ।
मुझे इसकी जानकारी नहीं है :
बकावण्ड तहसीलदार पोयाम ने बताया कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है और नहीं मेरे पास शिकायत आई है ।

मामले की निष्पक्ष जांच होगी :
बस्तर एसडीएम श्री रावटे ने बताया कि आपके द्वारा मामले को संज्ञान में लाया गया है इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी जांच में सही पाये जाने पर रजिस्ट्री निरस्त कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी ।

अध्यात्मिक स्थल पाटेश्वर सेवा संस्थान पर वन विभाग द्वारा किये जा रहे अनुचित कार्यवाही को रोकवाने के संबंध में भाजपा कार्यकर्ता नगर पंचायत चिखलाकसा द्वारा राज्यपाल को ज्ञापन

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चिखलाकसा – बालोद जिले के अध्यात्मिक देवभुमि पाटेश्वर धाम छत्तीसगढ़ में ही नही वरन पूरे भारतवर्ष में गौ रक्षा एवं सनातन धर्म के लिये विगत 45 वर्ष से कार्य कर रहे है। इन 45 वर्षों में वन विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किये जाने के संबंध में नोटिस नहीं दिया गया है। वर्तमान में वनमंडलाधिकारी, वनमंडल बालोद द्वारा पत्र कं. 62 दिनांक 07.11.2020 को पाटेश्वर सेवा संस्थान को अवैध कब्जा बताकर अतिकमित क्षेत्र को खाली

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करने की सूचना दी गई है खाली नहीं करने की स्थिति में कार्यवाही किये जाने का भी उल्लेख किया गया है. चुकि सेवा संस्थान लगभग 45 वर्षो से संचालित है तो आज पर्यन्त तक वन मंडल बालोद द्वारा क्यु कार्यवाही नहीं की गई है। वर्तमान में राजनितिक दबाव से आदिवासी समाज को भड़का कर पाटेश्वर धाम के खिलाफ करने की साजिश की जा रही है।

पाटेश्वर सेवा संस्थान में देश भर के हजारों भक्त दर्शन के लिये आते है। जिससे हमारे जिले का नाम देशभर में प्रसिद्ध हो चुका है।

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अत: महोदया जी सनम्र आग्रह है कि पाटेश्वर धाम के खिलाफ वन विभाग द्वारा किये जा रहे अनुचित कार्यवाही को रोकवाने की कृपा करें।

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ज्ञापन सौंपते समय भाजपा कार्यकर्ता के साथ सांसद प्रतिनिधि विक्रम ध्रुवे, भिखी मसिया अध्यक्ष नगर पंचायत चिखलाकसा, अब्दुल इब्राहीम उपाध्यक्ष नगर पंचायत चिखलाकसा इसके अलावा पार्षदगण संगीता साहू, सुनीता गुप्ता, कुन्ती देवांगन आदि उपस्थित रहे |

बालोद जिले के समस्त धान खरीदी केन्द्रो में जन चौपाल का आयोजन किया गया

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बालोद – आज प्रदेश नेतृत्वा के आदेशानुसार जिले के समस्त धान खरीदी केन्द्रो में जन चौपाल का आयोजन किया गया जिसमे केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि विधेयक के लाभ, किसानों को धान बेचने में होने वाले परेशानी या तकलीफ के बारे में जानकारी ली गई.,किसानों ने बताया बारदाना की समस्या है और फटे बारदानेसोसायटी द्वारा दे रहे वही धान का उठाव नही होने से समस्या आ रही जिला भारतीय जनता पार्टी व किसान मोर्चा द्वारा 9 मंडलों में धान खरीदी के लिए प्रभारी और निगरानी समिति के सदस्य निरीक्षण किये जिला भाजपा के अध्यक्ष कृष्णकांत पवार जी ने जुंगेरा, तरौद, दरबारी नवागांव, जगन्नाथपुर,लाटाबोड़

औराभाटा समिति में किसानों से मिलकर उनकी परेशानी का जायजा लिए जिसमे प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष के साथ किसान नेता पवन साहू ,जिला मंन्त्री शरद ठाकुर, मंडल अध्यक्ष ग्रामीण प्रेम साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कीर्तिका साहू जिला महामंत्री किसान मोर्चा तोमन साहू वरिस्ट नेता गोपाल बोहरा पूर्व मंडल अध्यक्ष शहर कमलेश सोनी ग्रामीण सुरेंद्र देशमुख

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कार्यालय प्रभारी लोकेश श्रीवास्तव, जिला प्रचार प्रसार प्रभारी राजीव शर्मा, ,दुर्जन साहू, बीरेंद्र साहू ,जनपद सदस्य छगन देशमुख, यशवंत साहू मणिकांत बाघेल कमाता साहू , लिखन साहिरो शशीकांत साहू संतोष कौसिक ,नरेंद्र सोनवानी, हरी राम शाटिया ,माहेश्वरी भूपेंद्र चंद्राकार चित्रसेन साहू अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी अबरार सिद्धिकी, कुशल साहू,लिखन साहू आदि भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

धान खरिदी केद्र चिखलाकसा मे जन चौपाल कार्यक्रम हेतु निगरानी समिति के सदस्यो ने आदिम जातिय सेवा सहकारी समिति चिखलाकसा मे अपनी उपस्थिति दर्ज की –

धान खरिदी केद्र चिखला कसा मे जन चौपाल कार्य क्रम हेतु निगरानी समिति के सदस्यो ने आदिम जातिय सेवा सहकारी समिति चिखलाकसा मे उपस्थित अध्यक्ष भिखी मसिया उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे समस्त भाजपा पार्षद संगीता साहू , शांति रावटे, विमला जैन, सुनीता गुप्ता, विजय डड़सेना, कुंती देवांगन आदि उपस्थित रहे |

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आसना जंगल में जुआ खेल रहे जुआरियों पर कोतवाली पुलिस की कार्यवाही

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जगदलपुर – 06 जुआड़ी जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़े गये , आरोपियों के कब्जे से 26,000/- रूपये नगदी बरामद,  मौके से 08 मोटर सायकल, 06 मोबाईल एवं ताश के पत्ते बरामद , जप्त सम्पत्ति की कुल कीमत 2,07,500/- रूपये (मोटर सायकल, मोबाईल, नगद) जप्ती की गई |

थाना सिटी कोतवाली जगदलपुर को आसना जंगल में चल रहे जुआ के फड़ पर रेड कार्यवाही कर 06 आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की गई है । प्राप्त जानकारी के अनुसार आसना जंगल में कुछ जुआड़ी ताश के पत्तो पर रूपये पैसे का दांव लगाकर जुआ खेल रहे है सूचना पर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा, अति. पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में रेड कार्यवाही हेतु थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू के नेतृत्व में टीम तैयार कर दर्शित स्थल पर रेड कार्यवाही किया गया । रेड कार्यवाही के दौरान 06 जआडी जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़े गये जिनके फड़ एवं पास से 26,000/-रूपये नगद, 06 नग मोबाईल, 08 नग मोटर सायकल, ताश के पत्ते बरामद किया गया ।

पकड़े गए आरोपीयों के नाम इस प्रकार है –

1. विमल दास पिता स्व0 नेपाल दास साकिन इंदिरा वार्ड जगदलपुर 2. कारू राम बघेल पिता सकरू राम बघेल साकिन फारेस्ट कालोनी कुम्हारपारा 3. प्रदीप पटेल पिता मनमोहन पटेल साकिन प्रवीर वार्ड 4. महेश यादव पिता शंभू यादव साकिन मोती तालाबपारा 5. हीरालाल पिता स्व0 रामचरण पटेल साकिन दंतेश्वरी वार्ड 6. धरमू नाग पिता धनर नाग साकिन मदर टेरेसा वार्ड जगदलपुर

उक्त 06 आरोपियों के विरूद्ध धारा 13 जुआ एक्ट के तहत अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर कार्यवाही किया गया है । उक्त जप्त सम्पत्ति की सम्पूर्ण अनुमानित कीमत – 2,07,500/- रूपये ऑकी गई है । महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले अधिकारी – निरी0 एमन साह, उप निरीक्षक होरीलाल नाविक, सउनि0 विनायक सिंह, आर0 बबलू ठाकुर, रवि ठाकुर, रवि सरदार, लम्बोदर मौर्य, भूपेन्द्र नेताम, गीतम सिन्हा

दल्लीराजहरा न्यू बस स्टैंड के अवैध निर्माण को तोड़ने की मांग की – प्रशांत बोकड़े

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दल्ली राजहरा बस स्टैंड में दशक पूर्व व्यवसाय हेतु साडा द्वारा आंबटित गुमटी में वर्तमान में लगभग सभी ने कुछ हिस्सों में अवैध पक्का निर्माण करवा लिया गया है । इस मसले में एक संगठन द्वारा किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अवैध निर्माण तोड़े जाने बाबत आंदोलन में बैठा हुआ है ।

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मामले में किसी एक व्यक्ति विशेष को किये जाने वाली प्रताड़ना , व व्यक्तिगत लड़ाई की आड़ साफ दिख रही है । सारी वस्तुस्थिति अनुसार युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रशांत बोकड़े ने अनुविभागीय दंडाधिकारी को विज्ञप्ति सौंपी , जिसमे उन्होंने एक व्यक्ति को प्रताड़ित करने के बजाय समानांतर कार्यवाही करते हुए सभी अवैध निर्माणों पे कार्यवाही की बात कही ।

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बकावण्ड ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडानार में यंग स्टार क्रिकेट क्लब द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

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बकावण्ड ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडानार में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यंग स्टार क्रिकेट क्लब द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन व उद्धघाटन ग्राम पंचायत सरपंच पूनी भारती एवं उप सरपंच हेमकांत सिंह ठाकुर द्वारा उद्धघाटन किया गया।जिसमें ग्रामीण अंचल की 16 टीमों को आमंत्रित किया गया *हैं।प्रत्येक मेच 10 ओबर का खेलाया जा रहा है जिसमें एम्पायर का निर्णय आकरी निर्णय होगा ।प्रत्येक टीम ग्रामीण होगा और बड़ा टीम का अनुमति नही है।

जिसमें इंट्रीपीस 1100 एक हजार एक सौ रु.।

प्रथम पुरस्कार10 दस हजार रु.।

द्वितीय पुरुस्कार5 हजार रु.रखा गया है।

इस अवसर में उपस्थित कुरसो पटेल,अर्जुन,लखेश्वर,दामोधर आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

पॉल मेडिकल स्टोर में बिल के साथ दिया जा रहा है एक्सपायरी दवा : ड्रग अधिकारी बेसुद

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नारायणपुर – सैय्यद वली आज़ाद

जिला नारायणपुर में स्थित पाल मेडिकल जो की तहसिलपारा में स्थित है जहां बेधड़क बिल के साथ एक्सपायरी दवा का किया जा रहा है बिक्री मरीज मिथलेश ठाकुर द्वारा पॉल मेडिकल स्टोर से 14.12.20 को दवा लिया गया साथ ही बिल भी लिया गया घर जाकर मरीज ने दवा की एक्सपायरी डेट देखा गया तो जुलाई 2020 तक का दवा की समय अवधि पाई गयी जिससे मरीज तुरंत उसे उपयोग नही किया इस प्रकार से इस प्रकार से और लोगों के द्वारा भी बताया जा रहा है की बिना डॉक्टर के पर्ची के दवाईयों का विक्रय किया जाता है।

जिसे पाल मेडिकल संचालक द्वारा सामने वाले को समझा लिया बात वहीं खतम कर दिया गया,वहीं बेसुद ड्रग अधिकारी को इस मामले की कोई जानकारी नही न ही आडिट में यह दिखा इस प्रकार पॉल मेडिकल संचालक द्वारा एक्सपायरी दवा विक्रय करने से लोगों के जान को खतरा है, एक्सपायरी दवा के दुषपरिणाम से मरीजों की जान भी जा सकती है।

यादों के झरोखे से…..

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दो वर्ष पूर्व आज ही के दिन विधायक निर्वाचित होने के बाद पहली बार संसदीय सचिव रेखचंद जैन,अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार व शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव शर्मा राजधानी रायपुर रवाना हुए थे और ठीक दो दिनों के बाद छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार का गठन हुआ था।

मुख्यमंत्री के पिता द्वारा समय-समय पर हमारे आराध्य पेन पुर का राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह उठा समाज को भी विभिक्त करने का प्रयास कर रहें हैं

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जगदलपुर – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्री राम के ननिहाल इस पवित्र बंधन क्षेत्र को राम के द्वारा त्रेता युग में गुजरे हुए मार्गों को राम वन गमन सर्किट पर्यटन एवं आस्था के साथ संरक्षित करने की योजना राम गमन वन पर सर्किट का निर्माण किया जा रहा है जो कि स्वागत योग्य है किंतु महोदय लगातार देखा जा रहा है कि नंद कुमार बघेल मुख्यमंत्री के पिता के द्वारा समय-समय पर हमारे आराध्य पेन पुर का राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह उठाते हैं समाज को भी विभिक्त करने का प्रयास कर रहें हैं इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के श्रेष्ठ नेतृत्व के द्वारा भी राम एवं सेतु जैसे संस्कृतिक धरोहर को काल्पनिक बतना भी मुख्य रहा है तीसरी कड़ी में आप सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के नाम से संगठन द्वारा राम वन गमन पथ का विरोध किया जा रहा है |

बस्तर मूल आदिवासी समाज सहित अन्य अनुसूचित जाति अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के अतिरिक्त विभिन्न पंथ सिख बौद्ध जैन द्वारा भी राम को पूजा जा रहा है एवं सदियों से समस्त समाज सामाजिक सद्भाव के साथ रहते हुए आये हैं बस्तर में आदिवासी समाज द्वारा पुरातन काल से ही सनातन संस्कृति पर आस्था रखते हुए उन्हें मनाते आ रहे हैं जिसका प्रमाण बस्तर के हर कोने कोने में विद्यमान श्री राम जी की आराध्य बूढ़ादेव शिव के अनेकों अनेकों शिवलिंग केशकाल रामपाल देवड़ा ढोल काल गणेश जी की प्रतिमा बारसूर मामा भांजा मंदिर कंकालिन काली माता देवी शीतला मां सीता नारायण पाल शिव जैसे कई प्रमाण मिलते हैं जनजाति समूह ने अपने बड़ों का नाम के साथ राम जुड़ा होता है हिडकोराम बलीराम संतराम यह नाम रखना सिर्फ नाम नहीं अपितु ईश्वर का नाम लेकर स्वयं को पूर्ण मानते हैं ऐसेऔर कई आदर्श द्वारा मिलते हैं तथाकथित सर्व आदिवासी समाज बस्तर का समुचित जनजाति समाज विरोध करता है जनजाति गौरव समाज बस्तर संभाग के द्वारा माननीय कलेक्टर महोदय जगदलपुर को ज्ञापन सौंपा गया |


परीश बेसरा, राम प्रसाद मौर्य, धनेश्वर नेताम ,सुखदेव मंडावी, कमलेश विश्वकर्मा ,निलंबर बघेला, यमरु राम यादव ,डूमर बघेल ,गौरव कश्यप ,पवन कुमार नाग ,बंसी कश्यप ,सुदाम कश्यप, महेस कश्यप ,पूरन सिंह बघेल, सेमसिग बेसरा ,सुकलदर कश्यप

सूत न कपास, कहीं आस, कहीं प्यास…दो साल का जश्न और ये सियासी सरगर्मी

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अर्जुन झा – जगदलपुर

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने के जश्न के दौर में सियासी सरगर्मी तेज है। नेतृत्व परिवर्तन का कहीं सूत नज़र आ रहा न ही राजनीतिक कपास के फूल। लेकिन सियासी गलियारों में कहीं आस और कहीं प्यास का आलम चर्चा का सबब बना हुआ है। भूपेश बघेल के राज में विपक्ष राहत का पानी चाहता है। भूपेश बघेल के अंदाज से विरोधियों का गला सूख रहा है। वे चाहते हैं कि यदि कांग्रेस में फिफ्टी फिफ्टी का कोई खेल हो जाय तो भूपेश की सख्ती से छुटकारा मिले। जबकि कांग्रेस का वह खेमा आस लगाए बैठा है, जो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सक्रियता के बीच सामंजस्य स्थापित नहीं कर पा रहा और खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। इस खेमे को उम्मीद है कि प्रयास करने से कुछ हासिल हो सकता है।

नेतृत्व न सही, अहमियत मिल जाय, यही कुछ कम नहीं। अभी तो केवल नाम की ओहदेदारी से काम चलाना पड़ रहा है। इस प्रसंग में राज्य की राजनीति में इस समय भारी खलबली मची हुई है। क्या कोई राजनीतिक तूफ़ान आने वाला है? आसार तो नहीं हैं, लेकिन राजनीति में कुछ भी असम्भव नहीं होता। वैसे कांग्रेस में बमुश्किल निष्प्रभावी हुईं गुटबाजी इस माहौल में फिर से पनपने के आसार दिखते महसूस किए जा रहे हैं। इस समय प्रदेश में ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री की चर्चाओं ने जनता को भ्रम में डाल रखा है कि क्या छह माह बाद वाकई नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है? राज्य में तीन चौथाई बहुमत वाली कांग्रेस सरकार गठित होते समय ढाई ढाई साल के सीएम का फार्मूला चर्चा में आया था। मगर जल्द ही वह चर्चा बंद हो गई थी। अब दो साल पूरे होने के समय नए सिरे से यह बात सामने आ रही है तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहली बार इस मामले में स्पष्ट कर दिया है कि आलाकमान का आदेश होगा तो वे फौरन इस्तीफा दे देंगे। भूपेश बघेल का कहना है कि आलाकमान के कहने पर ही वे मुख्यमंत्री बने हैं और अगर पार्टी आलाकमान कह दे तो अभी पद से इस्तीफा दे दूंगा।

उनका कहना है कि मुझे मुख्यमंत्री पद से मोह नहीं है। इस तरह उन्होंने खुलासा कर दिया है कि पार्टी आलाकमान जो चाहे वह तत्काल प्रभाव से मंज़ूर है। अब मूल बात तो यह है कि आलाकमान क्या चाहता है? भाजपा ने मांग उछाल दी है कि कांग्रेस आलाकमान स्पष्ट करे कि कौन मुख्यमंत्री होगा। अब यह तो स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री जो भी हो, वह कांग्रेस का ही होगा तब भाजपा बेगानी शादी में नाचने क्यों उतावली हो रही है? बात यह है कि विपक्ष के तौर पर भाजपा सीएम बघेल को लेकर आरम्भ से ही सहज नहीं है। सीएम बघेल के आक्रामक तेवर उसे बदलापुर की राजनीति नज़र आते हैं। वैसे यदि सरकार और विपक्ष के नेता के बीच सहज संबंध हों तो विपक्ष को सियासी नुकसान होता है। यह बात भाजपा बेहतर तरीके से जानती है। जब कांग्रेस संगठन अध्यक्ष की हैसियत से भूपेश बघेल ने तीखे तेवरों के साथ भाजपा सरकार को घेरा तो उसके डेढ़ दशक की सत्ता छिन गई। कांग्रेस सरकार के मुखिया की भाजपा के प्रति आक्रामकता ही भविष्य में उसके लिए उम्मीद के द्वार खोल सकती है, यह बात उसके नेताओं को समझना चाहिए। विपक्ष में रहते हुए राहत की तलाश करना संघर्ष की धार को खत्म करने की कोशिश के समान होता है।

कांग्रेस सरकार में मौजूदा हालात ही भाजपा के भविष्य के लिए उपयुक्त हैं। यदि हालात में बदलाव होगा तो भाजपा की आक्रामकता पर प्रभाव पड़ेगा, यह उसके लिए घातक हो सकता है। वैसे मुख्यमंत्री बघेल का कहना है कि जो लोग ऐसी गलतफहमी पैदा कर रहे हैं वे राज्य के साथ अच्छा नहीं कर रहे। उनसे राज्य का विकास नहीं देखा जा रहा है। विकास देखकर तकलीफ हो रही है। यानी सीएम बघेल को अपने कामकाज पर पूरा भरोसा है कि वे राज्य का विकास जनता की भावनाओं के अनुरूप कर रहे हैं। उनकी अपनी पार्टी का आला कमान तो यह महसूस कर ही रहा है। तभी उन्हें चुनाव में दीगर राज्यों में स्टार प्रचारक बनाया जाता है। इसके अलावा केंद्र की विपरीत विचारधारा की सरकार भी भूपेश बघेल सरकार के काम की तारीफ कर रही है। तब काम के मामले में तो नेतृत्व परिवर्तन की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं है। अगर ढाई ढाई साल वाली कोई बात है तो वह अब तक एक अबूझ पहेली ही है। मुख्यमंत्री बघेल का कहना है कि जनादेश 5 साल के लिए मिला है तो यह समझा जा सकता है कि वे यह बात अपने नेतृत्व वाली सरकार के बारे में कह रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले को तूल देने की क्या जरूरत है, जबकि नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की मांग है कि कांग्रेस आलाकमान स्थिति स्थिति साफ करे।

कौशिक का कहना है कि प्रदेश के एक कद्दावर नेता के बयान पर मुख्यमंत्री का बयान आया है। कांग्रेस आलाकमान को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि क्या प्रदेश में ढाई-ढाई साल के सीएम का कार्यकाल तय किया गया या नहीं। वैसे भाजपा इसी बहाने सत्ताधारी दल की उथल पुथल से उत्साहित हैं। उसके राजधानी रायपुर के शहर जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक श्रीचन्द सुंदरानी ने ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री वाले बयान पर कहा है कि भूपेश बघेल द्वारा अभी इस्तीफा देने और यहां से चले जाने की बात दो साल की विफलता का अहसास है। राहुल गांधी हस्तक्षेप कर मध्यप्रदेश के उदाहरण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के बीच सुलह करवाएं। अब यहां प्रश्न यह है कि भाजपा यह सुलह क्यों चाहती है और उसके अपने भीतर क्या सब ठीक ठाक चल रहा है? कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी जवाबी फायरिंग करते हुए कह रहे हैं कि भाजपा यह देखने की बजाय कि कांग्रेस के भीतर क्या चल रहा है, यह देखे कि भाजपा के अंदर क्या चल रहा है। वैसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तो अपनी बात खुलकर सामने रख दी। फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है, लेकिन भाजपा में जो कलह चल रही है और जिसके कारण वह विधानसभा चुनाव में बस्तर से पूरे सफाए के साथ ही प्रदेश में चौदह सीटों पर सिमट गई, उसका समाधान कब और कैसे होगा, यह भी तो एक बड़ा विषय है। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा के भीतर से ही सवाल उभरते हैं तब भाजपा मौन व्रत धारण कर लेती है। सियासी लिहाज से यही सही होगा कि भाजपा अपनी जमीन मजबूत करने और कमजोरी दूर करने की कोशिशों पर ध्यान देते हुए सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करे। दो साल बीत गए। देखते ही देखते बाकी वक्त और गुजर जायेगा। इन पांच सालों में सरकार और विपक्ष दोनों को ही जनता अच्छे से जान लेगी। भूपेश बघेल सरकार अपने काम और भाजपा अपने संघर्ष को किस तौर तक ले जाते हैं, ये आने वाला समय बताएगा। अभी तो भाजपा सत्ताधारी कांग्रेस की खिड़कियों के सुराख में झांकने की बजाय अपना घर देखे तो ज्यादा अच्छा होगा।

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