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कवासी लखमा और बेटे हरीश कवासी को ईडी ने किया गिरफ्तार

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जगदलपुर कांग्रेस शासन के दौरान हुए शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश कवासी को ईडी ने गिरफ्तारकर लिया है। उन्हें शाम तक कोर्ट में पेश किया जा सकता है। कोर्ट ले जाए जाते समय कवासी लखमा ने कहा कि राजनैतिक साजिश के तहत मुझ गरीब को परेशान किया जा रहा है, मुझे गिरफ्तार किया गया है।

आज बुधवार को तीसरी बार ईडी पूछताछ के लिए कवासी लखमा और उनके सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष बेटे हरीश कवासी को रायपुर स्थित अपने दफ्तर में बुलाया था। तीसरे दौर की पूछताछ के बाद कवासी लखमा और हरीश कवासी की गिरफ्तारी हुई है। शाम तक उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है। ईडी ने पूरी संपत्ति के ब्योरे और अपने सीए के साथ कवासी लखमा एवं उनके बेटे हरीश कवासी को बुलाया था। कवासी लखमा ने ईडी दफ्तर जाते समय कहा था कि उनके सीए बाहर हैं इसलिए नहीं आ पाए। उल्लेखनीय है कि कवासी लखमा जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में आबकारी मंत्री थे, तब एक हजार करोड़ का यह शराब घोटाला हुआ था। कवासी लखमा बस्तर संभाग के सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार विधायक चुनकर आए हैं।

साय के सुशासन और शर्मा की नेकदिली का हार्डकोर नक्सलियों पर भी असर

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  •  ताड़मेटला मुठभेड़ में शामिल नक्सली सहित चार नक्सलियों ने किया सरेंडर 
  • हार्डकोर नक्सली कमलेश ने नक्सलवाद से मोड़ा मुंह 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की नेकदिली का असर अब हार्डकोर नक्सलियों पर भी पड़ने लगा है। वहीं एक के बाद एक बड़े नक्सलियों के मारे जाने का खौफ भी बड़े कैडर के नक्सलियों में दिखने लगा है। बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में दो बड़े कैडर के नक्सलियों समेत चार नक्सलियों ने इसी वजह से आत्मसमर्पण किया है।

नारायणपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे आत्मसमर्पण नीति माड़ बचाओ अभियान से प्रभावित होकर बड़े कैडर के माओवादी डीव्हीसीएम अरब उर्फ कमलेश, डीवीसीएम हेमलाल सहित पूर्व बस्तर डिवीज़न के 2 माओवादियों रंजित पीपीसीएम एवं काजल पीपीसीएम ने आत्मसमर्पण किया है। नारायणपुर जिले के नक्सल संगठन में सक्रिय रहे इन 4 माओवादियों 32 लाख से अधिक का इनामघोषित है।आत्मसमर्पित अरब उर्फ कमलेश डीव्हीसीएम माड़ डिवीजन संयुक्त मोर्चा प्रभारी तथा पूर्व नेलनार एरिया कमेटी प्रभारी एवं सचिव के पद पर कार्यरत था। नेलनार क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में पिछले 8 सालों से आतंक का पर्याय बना हुआ था। अरब उर्फ कमलेश 6 अप्रैल 2010 में सुकमा के ताड़मेटला की घटना में लिप्त था। इस घटना में 76 जवान शहीद हुए थे। माओवादी डीवीसीएम हेमलाल अमदई एरिया कमिटी सचिव वर्ष 2021 के बुकिन्नतोर आईडी ब्लास्ट की घटना में शामिल था, जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे।आत्मसमर्पित माओवादी अर्जुन उर्फ़ रंजीत 2018 की इरपानार एम्बुश की घटना में शामिल था, जिसमे 5 जवान शहीद हुए थे। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा जिलों के सीमावर्ती इलाकों में हुई 40 से अधिक नक्सल घटनाओं में ये आत्मसमर्पित माओवादी शामिल रहे हैं। डीवीसीएम अरब और डीवीसीएम हेमलाल सहित शीर्ष नेतृत्व के 4 माओवादियों के आत्मसमर्पण से नेलनार एरिया कमेटी, अमदई एरिया कमेटी एवं कंपनी 6 के माओवादियों को बड़ा झटका लगा है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी कांकेर रेंज अमित तुकाराम काम्बले के मार्गदर्शन, नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार एवं एएसपी रोबिन्सन गुड़िया के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा माओवादियों के विरूद्ध क्षेत्र में लगातार चलाए जा रहे नक्सल उन्मुलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सल संगठन में बड़े कैडर के 2 माओवादियों सहित कुल 4 के आत्मसमर्पण की महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। गांधी ताती उर्फ अरब उर्फ कमलेश पिता स्व. पाण्डू उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी ग्राम कोरसागुड़ा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर माड़ डिवीजन संयुक्त मोर्चा प्रभारी तथा पूर्व नेलनार एरिया कमेटी प्रभारी एवं सचिव 8 लाख इनामी, मैनू उर्फ हेमलाल कोर्राम डीवीसीएम, पूर्व बस्तर डिवीजन आमदाई एरिया कमेटी सदस्य, पिता स्व. सुक्कू कोर्राम 35 वर्ष कोसलनार पंचायत कोगेरा थाना झाराघाटी जिला नारायणपुर 8 लाख इनामी, रंजीत लेकामी उर्फ अर्जुन पिता स्व. सुक्कू 30 वर्ष पूर्व बस्तर डिवीजन कंपनी 6 पीपीसीएम प्लाटून1 सेक्सन बी कमांडर ग्राम डुंगा गंगालूर जिला बीजापुर 8 लाख इनामी और कोसी उर्फ काजल उर्फ कविता पति रंजीत लेकामी 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी पंचायत डोडी तुमनारपीपीसीएम कंपनी 6 प्लाटून नंबर 2 सेक्शन सदस्य कंपनी सीएनएम 8 लाख इनामी को आत्मसमर्पण हेत प्रोत्साहित करने में नारायणपुर पुलिस एव डीआरजी का विशेष प्रयास रहा है।

जगदलपुर नगर निगम को कांग्रेस देगी इंजीनियर मेयर या अध्यक्ष

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  • कांग्रेस से प्रबल दावेदार के रूप में निकेत झा का नाम आया सामने

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज उच्च शिक्षित युवाओं और महिलाओं को राजनीति में लाने संकल्पित हैं। भाजपा की तरह अब कांग्रेस में भी पढ़े लिखे युवाओं की टीम है। इन्हीं में एक नाम है निकेत झा। ये वो शख्स हैं जो सिविल इंजीनियर हैं और कांग्रेस में कई बड़े पदों पर उत्कृष्ट सेवाएं दे चुके हैं। निकेत झा की योग्यता को देखते हुए शहर के आम नागरिक और कांग्रेस के लोग उन्हें महापौर या फिर नगर निगम अध्यक्ष प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहे हैं।

पार्टी संगठन को गढ़ने या फिर किसी शहर को विकास का नया आयाम देने के लिए एक कुशल शिल्पी की जरूरत होती है। अभी नगर निगम चुनाव में भी ऐसे ही कुशल शिल्पी की जरूरत महसूस की जा रही है। कांग्रेस में एक कुशल शिल्पी हैं सिविल इंजीनियर निकेत झा। निकेत झा पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। वे वर्तमान में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री हैं। लगातार अपने प्रखर अंदाज में लोगों के बीच अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज खुद युवा हैं और वे चाहते हैं कि कर्मठ और पढ़े लिखे व्यक्तित्व सामने आकर पार्टी की जिम्मेदारी सम्हालें। नगर निगम चुनाव में महापौर अथवा अध्यक्ष पद के दावेदारों में कांग्रेस की ओर से निकेत झा का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। निकेत का पूरा नाम निकेत राज झा है और ब्राम्हण समाज से आते हैं। वे सिविल इंजीनियर, मास्टर्स इन बिल्डिंग हैं। वर्तमान में निकेत फ्लाई एश इंटों के निर्माण से जुड़े हैं। निकेत कॉलोनाइजर, नगर निगम मे पंजीकृत मानचित्रकार, रेरा कंसलटेंट हैं और ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य महामंत्री शहर जिला कांग्रेस कमेटी हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड क्र. 19 अनुपमा चौक जगदलपुर

निवासी निकेत राज झा जिला सचिव एनएसयूआई जिला दुर्ग, सचिव शहर जिला कांग्रेस कमेटी जगदलपुर रह चुके हैं और फिलहाल महामंत्री शहर जिला कांग्रेस कमेटी जगदलपुर का दायित्व बखूबी निभा रहे हैं। निकेत राज झा कार्यक्रम प्रभारी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नानगुर, वार्ड प्रभारी जगदलपुर, शहर जिला कांग्रेस कमेटी में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सेदारी दे चुके हैं।

 

सामाजिक दायित्व निभाने में भी निकेत राज झा अहम योगदान देते आए हैं। महिला सशक्तिकरण कार्य, सर्व धर्म की मौलिक नैतिकता के लिए समाज का उद्धार करने, पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत पेड़ लगाने, पीड़ित और दीन दुखियारों की सेवा हेतु सदैव तत्पर रहने वाले निकेत राज झा को मेयर अथवा पद के लिए प्रत्याशी बनाना कांग्रेस के लिए बड़ा ही फायदेमंद साबित होगा।

तहसीलदार और पटवारी के विरोध में गंगालूर के ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

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  •  निर्माणाधीन मकान को ढहाने का पुरजोर विरोध 

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की अति संवेदनशील ग्राम पंचायत गंगालूर में एक आदिवासी के निर्माणाधीन मकान पर तहसीलदार द्वारा बुलडोजर चलवाए जाने के विरोध में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि सड़क पर उतर आए। तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चार घंटे तक चक्काजाम किया गया।

गंगालूर के टोंडापारा निवासी सोमलू हेमला के निर्माणाधीन मकान को तहसीलदार द्वारा जेसीबी तोड़ दिया गया। उस वक्त घर के पास कोई नहीं था। किसी को खबर लगती उससे पहले निर्माणाधीन मकान को जमीदोज कर दिया गया। मकान तोड़े जाने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक की गई, चक्काजाम कर विरोध करने का निर्णय लिया गया। चक्काजाम में जिला पंचायत सदस्य बी. पुष्पा राव, सरपंच राजू कलमू उप सरपंच सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। मंगलवार बाजार के दिन सुबह 8 बजे से गंगालूर के 22 पारा के सैकड़ों ग्रामीणों ने चार घंटे तक चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण जिला प्रशासन और तहसीलदार के विरोध में नारे लगाते रहे। लोग पीड़ित ग्रामीण सोमलू को मुआवजा के साथ जमीन और घर देने की मांग कर रहे थे। सरपंच का आरोप है कि राजस्व विभाग ने ग्रामसभा के प्रस्ताव को भी अमान्य कर दिया। गंगालूर के ग्रामीणों का समर्थन देते हुए भाजपा पूर्व अध्यक्ष बस्तर जिला प्रभारी जी. वेंकट, भाजपा जिला अध्यक्ष घासीराम नाग, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुखलाल पुजारी भी बीच सड़क पर ग्रामीणों के साथ बैठ गए। तहसीलदार व अन्य राजस्व अमले की कार्रवाई पर एतराज़ जताया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने मनमानी से बाज आने की नसीहत दी। मंगलवार साप्ताहिक बाजार होने से गंगालूर के कोवापारा चौक पर सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर सड़क जाम कर दिया था। जाम से वाहनों की लंबी कतार लगी रही।शासकीय सेवक भी ड्यूटी जाने के लिए परेशान होते नजर आए। गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई‌। बाजार आए व्यापारी भी कुछ देर तक रोड पर बैठे रहे और उन्होंने भी ग्रामीणों का समर्थन किया। जिला व पुलिस प्रशासन की ओर sसे तहसीलदार, डीएसपी विनीत साहू ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन दो दिन के लिए रोका गया। चक्काजाम के दौरान गंगालूर थाना प्रभारी गिरीश तिवारी व जवान स्थिति को सम्हालने में लगे रहे।

विमल विद्या आश्रम मारीगुड़ा में बच्चों की जान से खिलवाड़

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  • टंकी का दूषित पानी पीने और कीड़ेयुक्त भोजन खाने मजबूर हैं नौनिहाल 

अर्जुन झा

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड सबसे शिक्षित ब्लॉक माना जाता है ब्लॉक के आश्रमों व छात्रावासों में साफ सफाई व खान पान में बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बकावंड के सुदूर गांव मारीगुड़ा विमल विद्या आश्रम बालक बालिका छात्रवास में इन दिनों खान पान व साफ सफाई में भारी अनियमिता बरती जा रही है।

इस आश्रम में साफ सफाई का सर्वथा अभाव है।कुछ पालकों व बाललों ने जानकारी चाही गई उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर अव्यवस्था का भंडाफोड़ किया। उन्होंने कहा कि यह पहले जैसा स्कूल नही रह गया है। यहां कीड़े लगे चावल का भात पकाकर बच्चों को खिलाया जाता है।यहां स्वच्छ भारत मिशन का भी मजाक बनाकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। मीनू चार्ट के आधार पर खाना बच्चों नही खिलाया जा रहा है।साउथ इंडियन के टीचर यहां ज्यादातर होने के चलते बच्चों को लेंग्वेज समझने में कठिनाई होती है। मैदान पर घास व झाड़ियां उग आई हैं।पूरे कैंपस में मच्छर पनप गए हैं। मलेरिया, डेंगू रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। पानी टंकी की कभी सफाई नही कराई जाती है। स्कूल में वाटर प्यूरीफायर भी नहीं है। टंकी का दूषित पानी बच्चों को पीना पड़ रहा है। लाइट पंखे का भी कोई ठिकाना नही है। ब्लाक के बीहड़ अंदरूनी क्षेत्र में स्थित होने के कारण उच्च अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का मारीगुड़ा में आना जाना नही होता है। पिछले वर्षों में भी गलत खाना खाने से कई बच्चे फ़ूडपाईजनिंग का शिकार हो गए थे और बीमार पड़ गए थे। बच्चों को मेडिसिन तो उपलब्ध है, किंतु बच्चों के बीमार होने पर भी उन्हें दवाएं नही दी जाती हैं। पालकों का कहना है कि इस स्कूल की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए

कैंपस में सुअर पालन

बकावंड विकासखंड में सुदूर स्थित इस हायर सेकंडरी स्कूल विमल विद्या आश्रम में अनेकों अनियमितताओं के साथ ही एक बड़ी विसंगति यह भी देखने को मिली है कि यहां कैंपस में ही सुअर पालन भी किया जा रहा है। इसका पालकों ने पुरजोर विरोध किया था, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।घटिया खाद्य पदार्थ से होने वाली गड़बड़ी के अलावा सुअर भी बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं। सुअर कई बीमारियों के जन्मदाता माने जाते हैं, बावजूद सुअर पालन बंद नहीं किया जा रहा है। इस तरह की खामियों के चलते इस आश्रम में कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।

भाजपा के प्रयासों से पिछड़ा वर्ग को मिल रहा अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण: किरण देव

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  •  अनारक्षित सीटों पर पिछड़ा वर्ग को मिलेगा ज्यादा प्रतिनिधित्व: किरण
  •  कांग्रेस का बवाल करवाने का बयान निंदनीय: साव

जगदलपुर आज भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि हमने इस बात को सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि अनारक्षित सीटों पर पिछड़े वर्ग को अधिक प्रतिनिधित्व देंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले की स्थिति बहाल रहेगी एवं पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी।

प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि कांग्रेस केवल झूठ की राजनीति करती है, वह मुद्दों के अभाव से जूझ रही है राजनीतिक पतन की तरफ बढ़ रही है इसलिए केवल वर्ग संघर्ष की बात करना, प्रदेश में माहौल खराब करने का प्रयास करना, षड्यंत्र करना यही कांग्रेस का काम रह गया है।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने तो वास्तव में ओबीसी आरक्षण के विरोध में कोर्ट जाने वाले और ओबीसी का आरक्षण रोकने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का काम किया है। भाजपा कांग्रेस के सभी षडयंत्र उजागर करती रहेगी और कांग्रेस का झूठ अब चलने वाला नहीं है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने विस्तार से आरक्षण के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से ओबीसी विरोधी रही है। श्री साव ने कहा कांग्रेस हमेशा पिछड़ा वर्ग का विरोधी रही है। वह आरक्षण के खिलाफ रही है। तब की कांगेस सरकार द्वारा ‘कालेलकर आयोग’ की अनुशंसा को ठंडे बस्ते में डाल देने के बाद आगे फिर मंडल आयोग तक का इंतज़ार करना पड़ा। पंडित नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक के आरक्षण विरोधी वक्तव्यों के अनेक संदर्भ आपको गाहे ब गाहे दिख भी जाएंगे। मसलन 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में पंडित नेहरु ने कहा था कि आरक्षण से अक्षमता और दोयम दर्जे का मानक पैदा होता है। इंदिरा गांधी ने मंडल आयोग की संस्तुति से किनारा कर लिया था। राजीव गांधी ने तो यहां तक कह दिया था कि आरक्षण से हम बुद्धुओं को बढ़ावा देते हैं। इस प्रकार बार-बार प्रमाणित हुआ है कि कांग्रेस पूरी तरीके से आरक्षण विरोधी रही है। आरक्षण संबंधी सभी संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए श्री साव ने कहा कि देश के संसद में 73वां 74वां संविधान संशोधन अधिनियम के द्वारा सशक्त और जवाबदेह पंचायत एवं नगर पालिका बनाने का प्रावधान संविधान में किया गया और साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़े हुए नागरिकों के किसी भी वर्ग के पक्ष में आरक्षण के लिए उपबंध (प्रावधान) करने का अधिकार राज्य के विधान मंडल को दिया गया है। साथ ही सभी वर्ग में महिलाओं के लिए भी आरक्षण से संबंधित उपबंध (प्रावधान) दिये हैं। अनुच्छेद 243 (घ) में पंचायतों के स्थानों के आरक्षण से संबंधित प्रावधान है, जिसमें 243(घ)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण का प्रावधान है। 243(घ) (2) में महिलाओं से संबंधित आरक्षण का प्रावधान और 243(घ)6 में पिछड़े हुए नागरिकों के लिए आरक्षण के संबंध में उपबंध है। इसी प्रकार नगर पालिकाओं में आरक्षण से संबंधित प्रावधान 243 (न) में उपबंधित है, जिसमें 243(न) (1) में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के उपबंध है। 243(न)(2) में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित उपबंध है एवं 243(न)(6) में कमजोर वर्गों से संबंधित आरक्षण के उपबंध है। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 में धारा (11) स्थानों में आरक्षण से संबंधित उपबंध है, जिसमें धारा (11) (1) में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। धारा (11) (2) में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का उपबंध करता है एवं धारा (11) (3) में महिलाओं के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। इसी प्रकार नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 (क) में स्थानों में आरक्षण से संबंधित उपबंध है। 29 (क)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। 29 (क)(2) अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। 29 (क)(3) में महिलाओं से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 13 में ग्राम पंचायत के गठन से संबंधित उपबंध है, जिसमें धारा 13 (4)(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। 13 (4)(2) अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित आरक्षण का उपबंध करता है एवं 13 (4)(5) महिलाओं के लिए आरक्षण का उपबंध करता है। पंचायत एवं नगर पालिकाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान इस प्रकार थे कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को मिलाकर 50 प्रतिशत या 50 प्रतिशत से आरक्षण कम होने पर अन्य पिछड़ा वर्ग को एकमुश्त 25 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलाकर कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक होने को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसमें किशोर कृष्ण राव गवली विरूद्ध महाराष्ट्र शासन आदेश दिनांक 4 जनवरी 2021 और सुरेश महाजन विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन आदेश दिनांक 10 मई .2022 के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय ने कुल आरक्षण 50 प्रतिशत तक सीमित करने एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट करने की अनिवार्यता प्रतिपादित की। इस प्रावधान के अनुपालन में राज्य सरकार नें 16 जुलाई 2024 के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया और आयोग ने प्रदेश के पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर सुझाव एवं अनुशंसाए 21 अक्टूबर 2024 को राज्य शासन के समक्ष प्रस्तुत की। उक्त प्रतिवेदन में आयोग द्वारा वर्तमान में पंचायत एवं स्थानीय निकायों में आरक्षण की एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत की सीमा तक आरक्षण का प्रावधान किया जाये। उक्त प्रतिवेदन को मंत्रिपरिषद् द्वारा 28 अक्टूबर 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। तदनुसार छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993, नगर पालिका निगम 1956 एवं नगर पालिका अधिनियम 1961 में सुसंगत धाराओं में संशोधन किया गया। उपरोक्त के अनुसार पंचायतों एवं नगरीय निकायों में आरक्षण किया गया। सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में किए गए आरक्षण में जनसंख्या के अनुपात में किये गये आरक्षण के कारण नगरीय निकाय के आरक्षण में विशेष अंतर नहीं पड़ा, परन्तु ग्रामीण क्षेत्र में 33 में से 16 जिले अधिसूचित जिले है तथा राज्य में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 12.72 प्रतिशत है। उस अनुपात में 4 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हुई है। इस तरह से कुल 33 में से 20 सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हुई, जोकि 50 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का कोई पद आरक्षित नहीं हो पाई है। जबकि जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच के पदों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए नियमानुसार पद आरक्षित हुए है। इस प्रकार राज्य सरकार ने जो आरक्षण निर्धारित किया है, वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के नियमानुसार ही है। सुप्रीम कोर्ट के उक्त दोनों फैसले सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू है तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट करना अर्थात् आयोग का गठन करना एवं उसके अनुशंसा को राज्य सरकार द्वारा स्वीकार करना बंधनकारी है। इसी के पालन में मध्यप्रदेश, बिहार, उड़ीसा जैसे राज्यों ने भी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत एवं नगरीय निकायों में प्रावधान करके चुनाव कराया है, जबकि झारखण्ड जैसे राज्य हैं जहां पर आयोग का प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं होने के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिए बिना 2021-22 में राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत संस्थाओं का चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई भी सीट आरक्षित किये बिना चुनाव संपन्न कराया है।

प्रेसवार्ता में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित थे।

वेणुधर पाणिग्रही ने पार्षद पद के लिए ठोंकी ताल

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  • भाजपा से की दावेदारी उच्च शिक्षित युवा नेता ने 

जगदलपुर नगर के शिव मंदिर वार्ड से वेणुधर पाणिग्रही ने पार्षद टिकट के लिए भाजपा से दावेदारी की है। उनकी दावेदारी कई मायनों में काफी मजबूत मानी जा रही है।

वेणुधर पानीग्रही लंबे समय से भाजपा से जुड़कर काम करते आ रहे हैं। वे आर्ट में ग्रेजुएट और राजनीति शस्त्र में मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हैं। पेशे से किसान वेणुधर शिव मंदिर वार्ड डोंगाघाट महादेव घाट जगदलपुर के निवासी हैं। वे

समाज के विभिन्न पदों पर सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। क्षेत्रीय आरण्यक ब्राम्हण समाज बस्तर संभाग जगदलपुर की यूथ विंग के अध्यक्ष, बस्तर संभाग 360 आरण्यक ब्राह्मण समाज जिला जगदलपुर के अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वे जेडीपी क्षेत्र में उपाध्यक्ष 360 आरणक्या ब्राह्मण समाज के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वेणुधर पाणिग्रही बीजेपी के बूथ अध्यक्ष हैं। वे बीजेपी से शिव मंदिर वार्ड से पार्षद पद के सशक्त दावेदार के रूप में सामने आए हैं। शिव मंदिर वार्ड के मिलनसार युवा नेता वेणुधर की हर वर्ग में अच्छी पैठ है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस वार्ड में लगभग 1500 मतदाता हैं और वार्ड दो भागों में बंट गया है। एक भाग महादेव घाट का क्षेत्र है। और एक डोंगाघाट का। डोंगाघाट में वेणुधर पाणिग्रही को हरा पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। शिव मंदिर एरिया में भी वेणुधर ने जबरदस्त पकड़ बना ली है। उस तरफ भी हर जुबां पर वेणु की ही चर्चा है। हर वर्ग वेणु के लिए ही संपर्क कर रहा है। यहां तक वेणु केवल राजनीति ही समाज से जुड़े व्यक्ति भी हैं।किसी को मदद की आवश्यकता हो हर समय आधी रात को भी उसके लिए खड़े होते हैं। हर कोई इस युवा चेहरे की ओर अपने वार्ड के और अपने हित के लिए नजरे टिकाए हुए है। और हर वर्ग चाहता है कि पार्टी इन्हें टिकट दे और इन्हें हम विजयी बनाकर हमारे वार्ड का विकास करा सकें।

राजस्व अमले की हड़ताल ने भाजपा के सुशासन की खोली पोल: रेखचंद जैन

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  •  पूर्व विधायक रेखचंद ने सीएम को लिखा पत्र 

जगदलपुर पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा है कि राजस्व विभाग के मैदानी अमले की हड़ताल ने भाजपा के सुशासन के वादों व दावों की पोल खोल कर रख दिया है। उन्होने एक माह से चल रहे हड़ताल को समाप्त कराने समुचित, ठोस व कारगर पहल करने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

जैन ने कहा है कि पटवारियों के हड़ताल पर जाने से जनता रजिस्ट्री, नामांतरण जैसे कार्यों के लिए भटक रही है। राज्य सरकार द्वारा हड़ताल खत्म कराने चर्चा न करने कोई पहल नहीं की जा रही है, जो निंदनीय है। रजिस्ट्री के सैकड़ों मामले एक जिले में लंबित होने से ही सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, सो अलग। इससे राज्य स्तर पर नुक्सान का आकलन आसानी से लगाया जा सकता है। सरकार को चाहिए कि वह हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पहल करे। राजस्व विभाग के मैदानी अमले को समुचित संसाधन मुहैया कराकर इस समस्या का निदान कर जनता को राहत देना सरकार का काम है जिसे शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।

यही है भाजपा का सुशासन?

पूर्व विधायक रेखचंद जैन के अनुसार राजस्व कर्मचारियो की लंबी हड़ताल और प्रदेश सरकार की चुप्पी ने भाजपा के सुशासन के दावों की पोल खोल दी है। उन्होने कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले घोषणावीर बने भाजपा नेताओं को आज न तो जनता का दुख- दर्द नजर आ रहा है, न ही उन्हें शासन से कोई सरोकार है। विधानसभा चुनाव के लिए जारी घोषणापत्र, जिसे मोदी की गारंटी नाम दिया गया था, में भाजपा ने वचनबद्ध सुशासन की जो बात कही थी, उसका पालन कराने तनिक भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों के नामांतरण, फौती, त्रुटि सुधार, नक्शा सुधार, सीमांकन जैसी समस्याओं का लोक सेवा अधिनियमों के अंतर्गत समयबद्ध निपटारा करने के वादे कहीं भी धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।

बंबू राफ्टिंग का आगाज

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जगदलपुर बस्तर कलेक्टर हरिस एस द्वारा दरभा ब्लॉक के ग्राम मांझीपाल में बम्बू राफ़्टिंग का शुभारंभ किया गया। साथ ही कलेक्टर ने पर्यटन के विकास हेतु ग्राम तीरथगढ़, मांझीपाल, धुड़मारास का दौरा कर वहां की स्थानीय समितियों एवं ग्रामीणों से चर्चा की। इस दौरान राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

जुंगेरा एवं करहिभदर मंडल की सयुक्त बैठक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर हुआ मंथन

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  •  त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-25 हेतु पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए आवश्यक कार्यशाला में जुंगेरा एवं करहिभदर मंडल ने कमर कसी।

इस अवसर पर प्रमुख वक्ता में जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख जी, पवन साहू नृवर्तमान जिलाध्यक्ष, वरिष्ठ नेता छगन देशमुख ने कहा कि ….

कोई भी कार्यकर्ता हारने के लिए चुनाव नहीं लड़ता बल्कि विजय प्राप्त करने के लिए लड़ते है। लड़ने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या बहुत है लेकिन लड़ना एक को है और भाजपा का पूरा कार्यकर्ता एवं नेता को उसको जिताने का प्रयास करना है। यह चुनाव आम कार्यकर्ता का चुनाव है,पंच से लेकर पार्ल्यामेंट तक भगवा लहराना है। जब तक बूथ में हमारा कार्यकर्ता सरपंच पंच जनपद एवं जिलापंचायत का सदस्य नहीं बनेगा तो विकास गांव का हम कैसे करवाये। जब हमारे गांव में भाजपा का कार्यकर्ता बैठेगा तब हम सरकार की योजनाओं का जमीन स्तर पर उतारने एवं अंतिम व्यक्ति तक पहुचाने हेतु सरलता होगी। आगामी दिनों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत का चुनाव में 2 जिला पंचायत 16 जनपद पंचायत सदस्य एवं अध्यक्ष सहित 60 पंचायत में भाजपा का कार्यकर्ता जीतकर आये और अपने गांव एवं जिला जनपद का चहुमुखी विकास की गंगा बहाना है।

जिला महामंत्री राकेश यादव ने बताया कि आगामी 14 एवं 15 जनवरी को सभी जनपद स्तर पर बैठक होगी जिसमें जिला एवं जनपद सदस्य के लिए आवेदन प्राप्त करना है ,जिसको मंडल चयन समिति 16 जनवरी को 3 नाम का पैनल बनाकर 18 जनवरी को जिला तक प्रेषित करना है ,और जिला से 20 जनवरी तक पूरा नाम तय हो जाएगी ।

नृवर्तमान मंडल अध्यक्ष प्रेम साहू ने 16 जनपद के लिए प्रभारी की घोषणा की। क्षेत्र क्रमांक 1 में प्रेम साहू,2 एवं 3 में अरुण साहू ,4 एवं 7 में सुरेंद्र देशमुख,5 में तोमन साहू,6 में दानेश्वर मिश्रा, 8 विकास साहू,9 एवं 16 में पालक ठाकुर,10 एवं 11 में धर्मेंद्र साहू, 12 बिरेन्द्र साहू, 13 एवं 14 के लिए देवधर साहू,15 में चित्रसेन साहू जनपद स्तरीय बैठक लेंगे जहाँ जनपद एवं जिलापंचायत के लिये आवेदन प्राप्त किया जाएगा।

बैठक में स्वागत उद्बोधन जुंगेरा मंडल अध्यक्ष अरुण साहू एवं आभार करहिभदर मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू ने किया। वही कार्यशाला का संचालन मंडल महामंत्री दानेश्वर मिश्रा ने किया। अंत मे नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का अभिनन्दन एवं स्वागत किया गया। वही देवारभांट के नन्दकिशोर साहू एवं परमेश्वर देहारे पूर्व सैनिक ने नरेंद्र मोदी के नीति रीति से प्रभावित होकर भाजपा प्रवेश किया।

इस कार्यशाला में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख जी,नृवर्तमान जिलाध्यक्ष पवन साहू जी ,जिला महामंत्री राकेश यादव ,वरिष्ठ नेता चमन साहू,छगन देशमुख,धरम साहू, प्रकाश नाहर ,पालक ठाकुर,सुरेंद्र देशमुख,कल्याण साहू, नृवर्तमान मंडल अध्यक्ष प्रेम साहू,मंडल अध्यक्ष जुंगेरा अरुण साहू,करहिभदर धर्मेंद्र साहू, तोमन साहू,महामंत्री दानेश्वर मिश्रा,चित्रसेन साहू,श्रीमती कृतिका साहू जिला मंत्री भाजपा,खिलेश्वरी साहू,महेश्वरी ठाकुर, सीता साहू,पूनम साहू,अशवन बारले,विकास साहू,बिरेन्द्र साहू,पार्थ साहू एवं काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

 

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