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21 नहीं, खरीदा जा रहा है 15 क्विंटल धान: कवासी लखमा

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  •  किसानों से छल कर रही है डबल इंजन की सरकार
  • बस्तर से हवाई सेवा को कर दिया गया बंद: लखमा

जगदलपुर पूर्व मंत्री एवं सुकमा के कोंटा से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने कहा है कि डबल इंजन वाली भाजपा सरकार ने बस्तर में विकास के बड़े-बड़े दावे तो किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद बस्तर से उड़ान भरने वाली हवाई सेवा को बंद कर दिया गया। जिससे लोगों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की दावा कर रही है, लेकिन यह दावा भी फिसड्डी साबित हो रहा है। सभी धान खरीदी केंद्रों में 10 से 15 क्विंटल धान प्रति एकड़ ही किसानों से खरीदी जा रहा है। सरकार किसानों के साथ छल कर रही है।

जगदलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि धान खरीदी और बस्तर को हवाई सेवा से वंचित किए जाने के मामले को वे पुरजोर ढंग से विधानसभा सत्र में उठाएंगे। कवासी लखमा ने कहा कि बस्तर की लाईफ लाईन कही जाने वाली जगदलपुर रायपुर वाली सड़क के केशकाल घाट पर मरम्मत कार्य को 15 दिनों में पूर्ण किया जाना था, मगर इस काम को पूरा कराने में सरकार को लगभग दो माह का वक्त लग रहा है। जिसके कारण लोगों को जगदलपुर-रायपुर आने-जाने में परेशानी हो रही है। श्री लखमा ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि स्व. महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोत्तरी को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए बढ़ी हुई फीस वापस लेकर विश्व विद्यालय बोर्ड का गठन किया जाए और गठित की गई टीम इन मामलों पर निर्णय ले। छात्रों की मांगों पर शीघ्र विचार नहीं हुआ तो बस्तर के नौजवान चुप नहीं बैठेगें।

कलेक्टर-एसडीएम हो कार्रवाई

लखमा ने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री यह कह रहे हैं कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल की धान खरीदी की जा रही है। इस तरह की झूठी अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करने की सरकार धमकी दे रही है। लखमा ने कहा कि कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार के दबाव में सभी धान खरीदी केंद्रों में 10 से 15 क्विंटल ही धान की खरीदी की जा रही है। प्रशासनिक अफसर ही अफवाह फैला रहे हैं। सरकार अफवाह फैलाने वाले अफसरों पर कार्रवाई क्यों नही करती?

आंध्रप्रदेश के भरोसे भर्ती

उन्होंने कहा कि वन विभाग में हो रही भर्ती को लेकर विभागीय मंत्री आंध्रप्रदेश की कंपनी का सहारा लेकर स्थानीय बेरोजगारों को उपेक्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी में मेकॉन कंपनी के बाद आंध्र मित्तल कंपनी की एंट्री हो चुकी है। बाहरी लोगों को नगरनार इस्पात संयंत्र में रोजगार दिया जा रहा है और स्थानीय को उपेक्षित रखा जा रहा है। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष से चर्चा कर स्थानीय को रोजगार दिलाने कांग्रेस आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते एंव प्रभावित किसानों की मंशा के अनुरूप नगरनार प्लांट को एनएमडीसी चलाए

तो राजनीतिक छोड़ दूंगा

पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर के विधायक ने हर पंचायत में धान खरीदी केंद्र और बैंक खोलने की घोषणा की थी। भाजपा की सरकार बनने के लगभग एक वर्ष बाद भी एक भी स्थान पर न बैंक खुला न सोसायटी खोली गई। उन्होंने कहा कि एक भी स्थान पर घोषणा पूरी हुई होगी तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ नेता उमांशकर शुक्ला और शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य उपस्थित रहे।

दल्लीराजहरा नपा में करोड़ों का टेंडर घोटाला; अध्यक्ष और सीएमओ पर होगी एफआईआर: श्याम जायसवाल

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  •  भाजपा नेता जायसवाल ने दिखाए कड़े तेवर, कहा कराएंगे कड़ी कार्रवाई 

दल्लीराजहरा भाजपा के युवा और तेज तर्रार नेता श्याम जायसवाल ने नगर अध्यक्ष और सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कथित करोड़ों के टेंडर घोटाले में नपा अध्यक्ष, सीएमओ और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर कराने की बात कही है।

भाजपा नेता श्याम जायसवाल ने कहा है कि अपने स्वार्थ के लिए सरकार को करोड़ों का चूना लगाने कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर व मुख्य नगर पालिका अधिकारी, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सब इंजीनियर द्वारा साजिश करके पात्र ठेकेदारों को जानबूझकर टेंडर फॉर्म लेने से वंचित किया गया है। जो कि काफी गंभीर विषय है। नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर व अधिकारियों के इस कृत्य से जहां एक ओर सरकार को करोड़ो की चपत लगाने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर हमारी भाजपा सरकार को बदनाम करने की भी साजिश की गई है। इस कृत्य को किसी भी हाल में बर्दाशत नही किया जाएगा। श्याम जायसवाल ने कहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर व जिला अध्यक्ष पवन साहू को देकर शीघ्र कांग्रेसी नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर , मुख्य नगर पालिका अधिकारी व इंजीनयरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने ठेकेदार विष्णु प्रताप सिंह को साथ लेकर राजहरा थाने जाएंगे। श्याम जायसवाल ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दिनों करोड़ों के ठेका कार्य हेतु नगर पालिका दल्लीराजहरा द्वारा टेंडर प्रक्रिया की गई थी, जो काफी विवादों में रही। नगर पालिका अध्यक्ष व मुख्य नगर पालिका अधिकारी की साठगांठ से करोड़ो का चूना लगाने प्लान तैयार किया गया था। पात्र ठेकेदाron को अपात्र कर दिया गया व अपने चहेतों ठेकेदारों को टेंडर फॉर्म जारी कर रिंग बनाने का प्रयास किया गया है। जिसकी शिकायत ठेकेदार विष्णु प्रताप सिंह ने शपथ पत्र देकर कलेक्टर बालोद से की है। जिसके बाद सभी टेंडर को स्थिर रखने अपर कलेक्टर बालोद ने आदेश जारी किया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी दल्ली राजहरा ने कार्यपालन अधिकारी लोक निर्माण विभाग को 18 नवंबर को पत्र भेजकर टूल्स एंड टेकल्स प्रमाण पत्र सत्यता की पुष्टि हेतु पत्र भेजा था। जिसमें ठेकेदार विष्णु प्रताप सिंह के टूल्स एंड टेकल्स का प्रमाण पत्र सही पाया गया है। इसे कार्यलय कार्यपालन अभियंता लोकनिर्माण विभाग संभाग बालोद द्वारा 26 नवंबर प्रमाणित भी कर दिया गया है। श्याम जायसवाल ने आगे कहा कि अब यह प्रमाणित हो चुका है कि नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और उनके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा सरकार को करोड़ो रूपये का चूना लगाने का षड्यंत्र किया गया। उन्होंने मांग की है कि कलेक्टर बालोद इस मामले पर संज्ञान लेकर तुरंत सभी टेंडर को रद्द करे साथ ही सरकार को करोड़ो का चूना लगाने का षडयंत्र करने वाले नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर व मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित जो भी जिम्मेदार कर्मचारी हैं, उन सभी पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी करें।

आश्रम अधीक्षक ने छात्रों से खेत में कराई मजदूरी; कलेक्टर ने अधीक्षक को कर दिया सस्पेंड

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  • छात्रावासी 14 बच्चों को खेत में भेज दिया था धान फसल की कटाई करने
  • वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर हुए सख्त
  • मामला बाआ गंगालूर के आवासीय आश्रम का

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम, छात्रावासों में रहकर पढ़ने वाले बच्चों को किस कदर मानसिक और शारीरिक यंत्रणा दी जाती है, इसका एक बड़ा उदाहरण संभाग बीजापुर जिले में सामने आया है। इस मामले में बीजापुर कलेक्टर ने सख्त तेवर दिखाते हुए आश्रम अधीक्षक रमेश काडरला को निलंबित कर दिया है।

बीजापुर जिले के जहां के गंगालूर स्थित आवासीय आश्रम के 14 बच्चों को आश्रम अधीक्षक ने खेत में मजदूरी करने के लिए भेज दिया था। खेत में धान की कटाई करते इन बच्चों का किसी शख्स ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद बीजापुर कलेक्टर ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। आश्रम के 14 बच्चों से खेत में मजदूरी कराने के मामले को गंभीर और अक्षम्य मानते हुए कलेक्टर ने आश्रम अधीक्षक रमेश काडरला को निलंबित कर दिया। आश्रम के छोटे- छोटे बच्चों से बाल श्रम करवाने वाले अधीक्षक रमेश काडरला ने चार माह पहले ही आश्रम का कार्यभार सम्हाला था। सूत्रों ने बताया कि शनिवार और रविवार दो दिन गंगालूर के गुन्नापारा के खेत में धान काटते हुए 14 बच्चों का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ था। इस मामले को कलेक्टर ने संज्ञान में लेकर कार्रवाई की है। गंगालूर बालक आश्रम के बच्चों से खेत में धान कटवाने वाले अधीक्षक को कलेक्टर ने निलंबित कर डीईओ कार्यालय में अटैच कर दिया है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण व नियम के विरुद्ध व दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।

मदमस्त वनपाल भी सस्पेंड

उधर वन विद्यालय में वन रक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान शराब के नशे में उत्पात मचाने वाले कोलेंग के वन परिक्षेत्र अधिकारी जीवन लाल नाग पर भी निलंबन की गाज गिरी है। वन मंडलाधिकारी बस्तर ने उच्च अधिकारी को पत्र प्रेषित कर जानकारी दी थी कि 26 नवंबर को वन विद्यालय जगदलपुर में वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा चल रही थी, जहां वन परिक्षेत्र अधिकारी जीवन लाल नाग वर्दी पहने हुए नशे की हालत में पहुंचे थे। श्री नाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया में व्यावधान डालते हुए अभ्यर्थियों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा श्री नाग को मैदान से बाहर किया गया। शासकीय जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल जगदलपुर में जीवन लाल नाग का मेडिकल टेस्ट कराया गया। डॉक्टर द्वारा दी गई रिपोर्ट में श्री नाग के अंडर अल्कोहल इन्फेलुएंस में होना बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक श्री नाग ने उस समय शराब पी रखी थी। डीएफओ के प्रस्ताव और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव ने वनपाल जीवन लाल नाग को निलंबित करते हुए उन्हें वन मंडलाधिकारी दंतेवाड़ा के कार्यालय में अटैच कर दिया है। इसके साथ ही श्री नाग के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

वनमंत्री केदार कश्यप का पीसीसी चीफ बैज पर तंज, कहा- निकाय चुनाव में लगाएंग हार का चौका

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  •  नगरीय निकाय चुनावों की हलचल के बीच शुरू हो गई नेताओं की जुबानी जंग 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सभी छोटी बड़ी पार्टियां तैयारी में जुट गईं हैं। संभावित उम्मीदवार भी वार्डों में सक्रिय नजर आने लगे हैं। पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस को विधानसभा, लोकसभा और उप चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है। लगातार मिल रही हार के कारण पार्टी में न केवल भितरघात की स्थिति बनी है, बल्कि नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

इस बीच छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज पर तीखा हमला किया है। मंत्री कश्यप ने कहा- “अब दीपक बैज निकाय चुनाव में हार का चौका लगाएंगे। उन्हें हार का चौका लगाने की अग्रिम बधाई। उनके नेतृत्व में कांग्रेस तीन चुनाव हार चुकी है। हमारी शुभकामनाएं हैं कि वे हार का शतक भी बनाएं। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उन्होंने हार की हैट्रिक लगाई है। कांग्रेस के बड़े नेता अब उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।” केदार कश्यप ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने कभी भी आदिवासियों का सम्मान नहीं किया। वे सिर्फ आदिवासियों को अपना वोट बैंक समझते हैं और चुनाव आते ही ऐसा ढोंग दिखावा करते हैं मानो उनसे बढ़कर आदिवासियों का हिमायती कोई नहीं है। श्री कश्यप ने कहा कि राज्य के आदिवासी कांग्रेसी ढोंग को अब अच्छे से भांप चुके हैं। कांग्रेस के आदिवासी नेता ही आदिवासियों के असली दुश्मन हैं। मंत्री केदार कश्यप के मुताबिक कांग्रेस का रुख और चुनावी रणनीति लगातार हार का कारण बन रही है।

प्रदेश में 184 नगरीय निकाय

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 184 नगरीय निकाय हैं। इनमें 14 नगर निगम, 48 नगर पालिकाएं और 122 नगर पंचायतें शामिल हैं। सभी राजनीतिक दल इस बार के नगरीय निकाय चुनाव में जीत के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। कांग्रेस जो पिछली बार की हार की हताशा से जूझ रही है, इस बार जीतने के लिए कड़ी मेहनत करती दिख रही है। हालांकि अभी तक नगरीय निकाय चुनाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस साल के अंत तक चुनावों की तारीखों का ऐलान हो सकता है।

कांग्रेस के लिए चुनाव नहीं, चुनौती

चुनाव की तैयारियों के बीच सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में लगी हैं। कांग्रेस के लिए यह चुनाव एक नई चुनौती है, जबकि भाजपा और अन्य दल अपने मजबूत प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए सक्रिय हैं। आगामी चुनाव परिणामों से छत्तीसगढ़ की राजनीति की दिशा तय हो सकती है।

टाइगर अभी जिंदा है; केदार कश्यप ने बाघ का कराया रेस्क्यू, छोड़ा गया गुरु घासीदास अभ्यारण्य में

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  •  जब तक बस्तर का टाइगर है, तब तक आबाद होते रहेंगे जंगली जानवर

अर्जुन झा-

जगदलपुर छत्तीसगढ़ का टाइगर अभी जिंदा है और जब तक यह टाइगर जिंदा है, तब तक जंगल और जंगली जानवर सुरक्षित हैं।विलुप्त होते जा रहे वन्य प्राणियों की राज्य के विभिन्न भागों में नजर आ रही चहलकदमी इस बात का सबूत है कि छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो गया है।

बीते चार पांच माह से बस्तर के सुकमा से लेकर अचानकमार और अन्य भागों तक बाघों की चहल कदमी नजर आने लगी है। बाघ अब रिहायशी इलाकों में भी पहुंचने लगे हैं। राज्य में बाघों की हलचल बड़ी सुखद बात है, मगर उससे भी बड़ी तसल्ली की बात यह है कि बाघों ने अब तक कोई जनहानि नहीं की है। वैसे तो बस्तर टाइगर की उपमा दिवंगत कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा को मिली हुई है, मगर बस्तर संभाग में एक और टाइगर हैं केदार कश्यप। महेंद्र कर्मा को बस्तर टाइगर की उपमा उनके द्वारा नक्सलियों के खिलाफ खुलकर बातें रखे जाने के कारण मिली हुई है। बस्तर में बहुत कम नेता ऐसे हैं, जो नक्सलियों के खिलाफ मुंह खोलते हों।

वहीं राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप को टाइगर इसलिए कहा जाने लगा है क्योंकि वे सिर्फ नक्सलियों के खिलाफ ही नहीं बोलते, बल्कि सही मायने में जंगल रखवाले आदिवासी हैं। इसे संयोग कहें यहां विभागीय स्तर पर की जा रही पहल का नतीजा कि केदार कश्यप के वन मंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ जंगल वन्य प्राणियों से आबाद होने लगे हैं। इस बीच कुछ विलुप्त प्राय वन्य प्राणियों की परिस्थिति जन्य कारणों से मौत भी हुई है। इन अपवादों को छोड़ दें तो बाघ जैसे संकट ग्रस्त प्रजाति के प्राणी की आबादी राज्य में बढ़ रही है। सबसे पहले बस्तर संभाग के सुकमा जिले के जंगलों में बाघ की चहल कदमी की खबर आई थी। यह बाघ संभवतः अभी सुकमा जिले में ही विचरण कर रहा है। इसके बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व में कुछ दिनों पहले ही एक बाघ को जंगल में तफरीह करते देखा गया था। अचानकमार टाइगर रिजर्व में सालों बाद बाघ की धमक सुनाई दी है। बाघ की हलचल देखने के तुरंत बाद वन मंत्री केदार कश्यप ने अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन को बाघ को सुरक्षित माहौल देने के निर्देश दिए। वहां अब बाघ की आबादी बढ़ाने के जतन किए जा रहे हैं। और अब कसडोल नगर के रिहायशी इलाके में बाघ घुस आया। जैसे ही वन मंत्री केदार कश्यप को कसडोल में बाघ की आमद की खबर मिली, उन्होंने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को बाघ और कसडोल के नागरिकों की सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए। इसके बाद वन महकमे ने बाघ को ट्रेंक्यूलाइज कर उसका रेस्क्यू कर लिया। इस बाघ को गुरु घासीदास तमोर पिंगला अभ्यारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने इसके लिए वन विभाग की टीम को बधाई दी है।

शहर जिला कॉंग्रेस कमेटी द्वारा डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनाया संविधान दिवस

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जगदलपुर शहर के अम्बेडकर वार्ड में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य व पूर्व विधायक रेखचंद जैन, कांग्रेस पार्षदों, शहर कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं व वार्डवासियों की उपस्थिति में डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान दिवस मनाया गया।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि आज का दिन बहुत ही पवित्र और ऐतिहासिक दिन है। देश की तरक्की और उत्थान के लिए बाबा साहब ने जो संविधान लिखा है, वो भारतीय इतिहास का सबसे महान ग्रंथ है। हम सभी कांग्रेसजन उनके बताए मार्ग पर चलने हेतु हमेशा प्रयासरत रहेंगे। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने भारतीय संविधान की विशेषताएं बताते हुए कहा कि संविधान नियमों और कानूनों का एक समूह है जो किसी देश के संचालन और नियंत्रण को विनियमित करता है। संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष डा.भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती पर 26 नवंबर 2015 को पहली बार देश में संविधान दिवस मनाया गया। श्री जैन ने कहा कि जब देश में धर्म, संप्रदाय और वर्ग भेद में लिप्त ताकतें सामाजिक समरसता को ध्वस्त कर रही हों तब सर्वग्राही संविधान ही प्रत्येक व्यक्ति के सुरक्षा चक्र के रूप में उसके हितों को संरक्षित करता है। ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश नाग ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को एक अधिसूचना जारी कर हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की। इस अवसर पर पूर्व विधायक रेखचंद जैन, ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश नाग, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, हनुमान द्विवेदी, सुखराम नाग, गौरनाथ नाग, सुरेंद्र झा, वेंकट राव, रविशंकर तिवारी, ईश्वर बघेल, रतन राव, देवालाल सोनी, जोनी, अंजना नाग, सूर्यपानी, हरीश साहू, कोमल सेना, महेश द्विवेदी, अनुराग महतो, मनीता राउत, शहनाज बेगम, पापिया गाईन, विशाल खंबारी, ज्योति, तरनजीत सिंह, करीम खान, नौशाद, प्रियंका, नंदकिशोर, दास, विककी निषाद, खिरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

मूल निवासी मंच पर प्रतिबंध सर्वथा निंदनीय : जीत गुहा नियोगी

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  • आदिवासियों के अधिकार के लिए लड़ता है संगठन

जगदलपुर जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी ने कहा है कि बस्तर आदिवासियों पर अत्याचार का विरोध करते आ रहे संगठन मूलनिवासी बचाओ मंच पर प्रतिबंध निंदनीय है। कठपुतली आदिवासी मुख्यमंत्री द्वारा अपने ही जात, सगा, समाज पर जन सुरक्षा कानून के तहत प्रतिबंध लगा देना जुल्म की पराकाष्ठा है।

जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी ने कहा है कि कांग्रेस व भाजपा द्वारा केंद्र व राज्य में बारी बारी से शासन करते हुए, बस्तर में आदिवासियों पर शोषण जुल्म के साथ-साथ बहुतायत में निर्दोष आदिवासियों की हत्या बदस्तूर जारी है। यह प्रतिबंध इस बात की पुष्टि करता है कि अब बस्तर के हित की बात करने वाले मूलनिवासियों को भी निशाना बनाना आसान हो जाएगा। आदिवासियों के कल्याण, उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात करने वाली सरकार बस्तर में ही आदिवासियों को जन मिलिशिया, बस्तर फाइटर, डीआरजी जैसे धड़ो में बांटकर निर्दोष आदिवासियों की निर्मम हत्या की योजना पर काम कर रही है। पूर्व से ही विदित है की बस्तर से आदिवासियों और मूलनिवासियों को विस्थापित कर आदिवासियों की नस्ल को खत्म कर यहां के जल जंगल जमीन खदान को बड़े उद्योगपतियों के हाथों को कौड़ियो के मोल देना चाहती है। इसीलिए बस्तर में कांग्रेस हो या भाजपा सत्ता में आने के बाद अंग्रेजों की तरह खोखले विकास को ढाल बनाकर बस्तर में शोषण अधारित राज करना चाहती है। सरकार के तलवे चांटते आदिवासी विधायक, सांसद भी आदिवासियों की हत्या को जायज बताते रहते हैं। सरकार को बड़े उद्योगपतियों की लूट के लिए रास्ता बनाने में नक्सलियों की चुनौती के बाद जागरूक आदिवासी जो अपने जल जंगल जमीन संस्कृती जिसमें खुद के वाद्य यंत्र साज सज्जा व अपने अस्तित्व व स्वाभिमान के लिए सरकार के समक्ष आवाज बुलंद करने वाले मुल निवासी, आदिवासियों के संगठन मूलनिवासी बचाओ मंच को चुनौती मानते हुए प्रतिबंध उस पर लगा दिया गया है। जीत गुहा नियोगी ने कहा है कि कॉर्पोरेट द्वारा पोषित सरकार बस्तर की आधी आबादी को जो, अपने जान-माल संस्कृतिक समागम, अस्तित्व व स्वाभिमान के लिए सच्चाई भरी लड़ाई को अवैध बताते हुए प्रतिबंधित किया गया है। जनमुक्ति मोर्चा सरकार से पूछना चाहती है कि क्या बस्तर की आधी अबादी जो सरकार की नजर में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके आदिवासियों से वोट की खातिर आदिवासी एकता विकास और भाईचारे की बात करेगा या फिर इन प्रतिबंधित आदिवासियों से मतदान के अधिकार को छीन लिया जाएगा ? जीत गुहा नियोगी ने कहा कि बस्तर की सार्वजनिक संपत्ति और संसाधन को लूटने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा बिना गुरेज के सेना की स्थापना से लेकर हवाई हमले, ड्रोन हमले व अति आधुनिक हथियारों के बल पर बस्तर के निहत्थे आदिवासियों, मासूम बच्चों , महिलायों, युवाओं, बुजुर्ग सभी को भय और सरकारी आतंक के दम पर उनकी पुश्तैनी जगह से हमेशा के लिए बेदखल करना चाहती है। ये समझ से परे है कि बस्तर के मूलनिवासी बिना सरकारी मोहताज के तन में आधे कपड़े, जीविकोपार्जन के लिए शिकार, बिना स्कूल अस्पताल बिजली व पीने लायक पानी के जीवित रहने वाले लोग सरकार की नजर में कैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हो गए हैं। जीत गुहा नियोगी ने मानवाधिकार संगठनों बुद्धिजीवियों, छात्र संगठनों, जन कला सांस्कृतिक कलाकारों व आम नागरिकों से आह्वान किया है कि सरकार के इस फासीवादी नीति के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन की अपील की है। ताकि बस्तर के सोना चांदी, लौह अयस्क, नदी नालों, जल जंगल पहाड़ को बड़े उद्योगपतियो कॉर्पोरेट घरानों से बस्तर के आदिवासियों की संपत्ति को चारागाह बनने से बचाया जा सके।

बस्तर जिले के कबीर पंथ अनुयायियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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  • दामाखेड़ा के गुनहगारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग 

जगदलपुर कबीर पंथ अनुयायियों के धर्मस्थल दामाखेड़ा बलौदाबाजार में कबीर पंथ के वंशाचार्य हुजूर उदितनाम साहेब पर हमला का जगह-जगह विरोध हो रहा है। इस पंथ के अनुयायियों में आक्रोश है। इसी मामले को लेकर बस्तर जिले के कबीर पंथ के सैकड़ों अनुयायियों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

कबीरपंथ अनुयायियों ने बताया कि कबीर पंथ का इतिहास 600 वर्षों से ज्यादा पुराना है। इसके अनुयायी देश के विभिन्न राज्यों में निवासरत हैं। कबीरपंथ शांति का पंथ है तथा व्यक्ति निर्माण एवं सदभावना, भाईचारा को बढ़ावा देता है। कबीरपंथी समाज के लोगों ने बताया कि 31 अक्टूबर को धर्मनगर दामाखेड़ा में असामाजिक तत्वों ने नवोदित वंशाचार्य हुजूर उदितमुनि नाम साहेब पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। कहा गया कि कबीर पंथ हमेशा सत्य, अहिंसा और शांति का पक्षधर रहा है। कबीर पंथ के अनुयायी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायक रहते हैं। सद्गुरु कबीर धनी धर्मदास वंशावली मिशन के बस्तर जिला प्रतिनिधि ने अपने वक्तव्य में कहा कि दामाखेड़ा का मामला सोची- समझी साजिश एवं दुर्भावना से किया गया हमला है। जो पंथ अनुयायियों के मन मस्तिष्क को विचलित कर रहा है। कबीरपंथियों के मन में मानवीय स्वभाव से दुख एवं आक्रोश है। अतः जल्द से जल्द हमलावरों पर कार्रवाई करवाने के लिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री को यह ज्ञापन प्रेषित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में सद्गुरु कबीर धनिधर्मदास साहब वंशावली मिशन जिला बस्तर के जिला प्रतिनिधि श्याम दीवान, परोपकारी प्रतिनिधि पवनदास बघेल, जिला सलाहकार महंत लक्ष्मीकांत पंत, जिला युवा प्रतिनिधि तुलेशदास, महिला प्रतिनिधि हीरामनी, तहसील प्रतिनिधि गिरधरदास, अनिल बघेल, सुखचंददास, महंत केदारदास, लक्ष्मण दास, सोनाधरदास, ललित दास, महंत बुधमन दास, महंत कपिल दास, अजर दास, रतनदास, रामचरण, फरसूदास सहित काफी संख्या में आमिन माता महिला मंडल, नवयुवक मंडल आदि प्रकोष्ठ के कबीर पंथ अनुयायी मौजूद रहे।

राजहरा परिवहन संघ ने कलेक्टर के निर्देश पर लौह अयस्क उत्पादन बाधित करने वाले चक्काजाम को कल बुधवार से स्थगित

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दल्लीराजहरा __राजहरा परिवहन संघ का पांच सूत्रीय मांगो को लेकर डडसेना पुलिया के पास दल्ली व राजहरा तथा महामाया माइंस से लौह अयस्क उत्पादन को दूसरे दिन भी चक्काजाम कर ठप्प किया गया ,राजहरा परिवहन संघ के सैकड़ों सदस्य सुबह से ही डडसेना पुलिया पास पहुंच गए ब शाम तक बैठे रहे किंतु लौह अयस्क परिवहन की एक भी गाड़ी राजहरा माइंस बंकर के लिए नहीं आई ,जिससे बी एस पी का उत्पादन प्रभावित हुआ

राजहरा परिवहन संघ की मांगो को लेकर प्रशासनिक अधिकारी , बी एस पी अधिकारी व राजहरा परिवहन संघ के सदस्यों के बीच त्रिपछिय वार्ता कलेक्टर कार्यालय के सभागार में शाम 4 बजे हुई जिसमे कलेक्टर इंद्रजीत अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ,आर के सोनकर अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) डोंडी , डॉ चित्रा वर्मा नगर पुलिस अधीक्षक दल्लीराजहरा , बी एस पी के सी जी एम (आईओसी राजहरा )गहरवार , डॉ जे एस बघेल ,राजहरा परिवहन संघ के इंद्रजीत सिंह तुली ,परविंदर सिंह छतवाल, अतिन्दर सिंह संधू ,नरेंद्र सिंह तुली ,जगजीत सिंह मरवाहा,अनिल सुथार उपस्थित थे त्रिपछीय वार्ता में राजहरा परिवहन संघ के सदस्यों ने अपनी मांगों के संबंध में विस्तार से जानकारी रखी , बी एस पी के अधिकारियों ने उन मांगो के संबंध में उच्चाआधिकारियो से उक्त मांगो को अवगत कराकर समस्या का समाधान निकालने की बात कही ,कलेक्टर ने राजहरा परिवहन संघ से आंदोलन समाप्त करने की बात कहते हुए बैठक समांप्त हुई ,

कलेक्टर बालोद ने राजहरा परिवहन संघ की मांगो को लेकर 9 दिसंबर को ई डी माइंस के साथ बैठक कराने की बात कही राजहरा परिवहन संघ ने कलेक्टर के निर्देश पर लौह अयस्क उत्पादन बाधित करने वाले चक्काजाम को कल बुधवार से स्थगित कर माइंस आफिस के समीप अनिश्चित धरनास्थल अनवरत जारी रखने का निर्णय लिया गया

डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में मनाया गया संविधान दिवस

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जगदलपुर लोकतांत्रिक राष्ट्र का संविधान देश के नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को तय करता है। सरकार के विभिन्न अंगों के अधिकार और कर्तव्यों को परिभाषित करता है। संविधान किसी भी देश की शासन प्रणाली और राज्य को चलाने के लिए बनाया गया एक दस्तावेज है। संविधान की जरूरत को महसूस करते हुए आजादी के बाद भारत ने भी संविधान को अपनाया। संविधान निर्माण के लिए कई देशों के संविधानों का अध्ययन किया गया और उनमें से अच्छे नियम कानूनों को निकालकर भारत का संविधान बनाया गया।

ये बातें डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य मनोज शंकर ने कही। उन्होंने कहा कि हर साल भारतीय संविधान के बारे में लोगों को जागरूक करने और संविधान के महत्व व बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के विचारों और अवधारणाओं को फैलाने के उद्देश्य से हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।दरअसल इस दिन 1949 में भारत का संविधान अपनाया गया था। हमारे संविधान को बनाने में दो वर्ष,11 माह और 18 दिन का समय लगा। जिसके बाद भारत गणराज्य का संविधान 26 जनवरी 1949 को बनकर तैयार हो गया। लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार में प्राचार्य मनोज शंकर के मार्गदर्शन में संविधान दिवस मनाया गया। विशेष प्रार्थना सभा में प्राचार्य मनोज शंकर द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद के छाया चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित,माल्यार्पण एवं पुष्पर्पित किए गए। पश्चात प्राचार्य मनोज शंकर ने सभा को संबोधित करते हुए सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी एवं संविधान के प्रति बच्चों में जागरूकता पैदा करने, भारतीय संविधान के महत्व व मौलिक अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी देते हुए संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया। इस मौके पर वहां उपस्थित शिक्षकों एवं बच्चों ने संविधान का सम्मान व पालन करने का संकल्प लिया। कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा तनूजा बघेल ने भाषण की प्रस्तुति दी।शिक्षक देवसिंह नेताम ने भी सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी एवं संविधान का विस्तार रूप से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के बेहतरीन दस्तावेजों में से एक है। हर भारतीय को इसकी रक्षा का प्रण लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रभात फेरी भी निकाली गई। जिसमें पूरे जोश के साथ संविधान के प्रति जागरूकता पैदा करने और अपने मौलिक अधिकारों के लिए छात्र छात्राओं और शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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