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दंतेवाड़ा जिले में अधिक वर्षा से किरंदुल पहाड़ी में निर्मित डेम हुआ क्षतिग्रस्त

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  • निचली बस्तियों में हुआ जल भराव
  • प्रशासन द्वारा लोगों को तत्काल पहुंचाया गया सुरक्षित स्थान पर

दंतेवाड़ा 2024/ दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल पहाड़ी में एनएमडीसी द्वारा निर्मित एन-1 बी डेम जिले में अत्यधिक बारिश होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण अनेक घर बाढ़ की चपेट में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थान ले जाया गया है। इसके अलावा किरंदुल के गाटर पुलिया एवं सीएससी सेंटर के पास भी बारिश से जल जमाव होने से जेसीबी मशीन के द्वारा रोड की साफ सफाई भी किया गया है। यहां भी जिला प्रशासन के द्वारा निचले स्तर पर बसी बस्तियों में जलभराव स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन मौके पर तैनात होकर रेस्क्यू कर रहा है तथा प्रभावित परिवारों को मंगल भवन में ठहराया जा रहा है। इस दौरान ट्यूशन पढ़ाने जा रहे बच्चे, जो बाढ़ की चपेट में आ गए थे, उन्हें भी रेस्क्यू कर बचाया गया है और उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के समीप रहने वाले लोगों को अन्य जगह शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग का चल रहा खेल, एनएच 30 के पुलिया को ही पाट दिया प्लाटिंग कर बेचने की फिराक में

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  • प्रशासनिक ढिलाई से भू माफिया के हौसले बुलंद 
    -अमरेश झा-
    कोंडागांव जिला मुख्यालय कोंडागांव सहित आसपास के क्षेत्रों में कृषि भूमि व शासकीय भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर बिना डायवर्सन के खरीद बिक्री करने का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है। अवैध प्लाटिंग कर जमीन को ऊंचे दामों में बिक्री करने वाले भू माफियाओं पर प्रशासनिक शिकंजा नहीं कसे जाने से भू उनके हौसले बुलंद हैं।
    बता दें कि जिला मुख्यालय कोंडागांव व आसपास के क्षेत्र में कालोनाइजर एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए भू माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर कृषि भूमि व नजूल शासकीय भूमि को बिना डायवर्सन कराए प्लाटिंग कर बेच दिया जा रहा है।
    जमीन खरीदी बिक्री में लगे लोगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि कृषि भूमि को प्लाटिंग करने के लिए हाईवे के नाले को ही पाट दिया गया है। ताजा मामला कोंडागांव से लगे नारंगी मुक्तिधाम के पास एनएच 30 में निर्माणाधीन बाईपास मार्ग के समीप कृषि भूमि को प्लाटिंग कर बेचने की फिराक में जमीन के कार्य में लगे कारोबारियों ने उक्त कृषि भूमि से होकर गुजरने वाले नाले के पुलिया को ही हाईवे के दोनों ओर से बंद करके मिट्टी पाट दिया है।मामले का खुलासा तब हुआ जब लगातार के बारिश में पानी अपने प्राकृतिक नाले के दिशा में न बहकर पानी का भारी जमाव होने लगा। इसके बाद आनन फानन में जेसीबी लगाकर उक्त खेतो में डाली गई मिट्टी को हटाकर नाले को क्लीयर करते हाइवे के रपटे को भी क्लीयर किया गया। जिससे नेशनल हाईवे की सड़क भी क्षतिग्रस्त होने से बच गई। उक्त मिट्टी पटाव के चलते अगर हाईवे क्षतिग्रस्त होता तो उक्त सड़क में किसी दुर्घटना की संभावना से से भी इनकार नहीं किया जा सकता था।

कृषि भूमि पर भी नजर

खेती की जमीन सिर्फ खेती किसानी के लिए ही होती है, लेकिन नियमों को ताक पर रख कर खेतों मेँ भी प्लाट के टुकड़े काट दिए गए हैं। जमीन कारोबार से जुड़े लोग व राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों के सहयोग से शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है। आपसी सांठगांठ से खेतों को प्लॉट में तब्दील किया जा रहा है। खेती की जमीन को कोई भी खरीद तो सकता है, लेकिन इसका उपयोग सिर्फ खेती के लिए ही किया जा सकता है।कृषि की जमीन का उपयोग कॉलोनी विकास या अन्य कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता। जमीन की खरीद बिक्री में अवैध प्लाटिंग कर भू माफिया मालामाल हो रहे है। कम पढ़े लिखे किसानों को झांसे में लेकर कम दाम में जमीन का सौदा कर बगैर प्रशासनिक अनुमति के अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इन प्लाटों के लिए कोई रास्ता निर्धारित नहीं है। इसके चलते भू माफिया खुद ही मुरुम की सड़क बनाकर इसे बेहतर प्लाट दिखाकर खरीददारों को झांसा देने में लगे हुए हैं। इसकी प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना कई संदेह को जन्म देता है।

नप जाएंगे कई अधिकारी अगर मामले की अगर निष्पक्ष जांच की गई तो कई पटवारी व अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। दैनिक श्रमबिंदु की पड़ताल में जानकारी मिली कि कोंडागांव से लगे नेशनल हाइवे 30 से सटे खसरा नबर 197 /6 व आसपास की खेती भूमि को जमीन के व्यापारियों के द्वारा मिट्टी डाल कर ऊंचा कर दिया गया है साथ ही हाइवे सड़क के नाले और पुलिया को भी पाट दिया गया गया है। पूछने पर राजस्व विभाग के पटवारी ने बताया कि उक्त भूमि जागेश्वर देवांगन व समीप की भूमि खसरा न.197/1 राधाबाई के नाम से राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। वहीं आसपास के किसानों ने बताया कि हाईवे सड़क से लगी दोनों ओर की खेती जमीन को किसी जमीन व्यापारी ने खरीद लिया है व खेत पर मिट्टी फीलिंग कर हाइवे के पुलिया को भी पाट दिया है। लगातार बारिश के चलते जब नाले का पानी पास नहीं हो सका तो हो खेतो में भारी मात्रा मे पानी के जमाव के चलते आनन-फानन में नाला को क्लियर कर पुलिया से जेसीबी लगाकर मिट्टी हटवाई गई।

आज से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर, सरकार से नहीं मिला कोई रिस्पांस

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  • आज से हड़ताल पर रहेंगे संविदा स्वास्थ्य कर्मी 
    जगदलपुर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एंव एड्स नियंत्रण कर्मचारियों को नहीं मिल पाई 27 प्रतिशत संविदा वेतन वृद्धि और न पूरी हुई 18 सूत्रीय मांगें। इसे लेकर 22 और 23 जुलाई को राज्यभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।  उच्च अधिकारियों से वार्ता विफल हो गई। किसी भी मांग पर सहमति नहीं बनी और लिखित में कोई अश्वासन भी नहीं मिला।कर्मचारियों की समस्याएं जस-की-तस बनी हुई हैं।
    संविदा कर्मचारियों का कहना है कि हमें है जन मानस की चिंता, इसलिए सिर्फ दो-2 दिवसीय ध्यानाकर्षण प्रदर्शन करेंगे। पिछले एक साल से हम छले जा रहे हैं, मांगे नहीं माने जाने पर आंदोलन का विस्तार किया जाएगा।
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा है। बीते एक साल से घोषित संविदा वेतन वृद्धि अप्राप्त है, 18 सूत्रीय मांगो पर कोई पहल नहीं हो रही है। वादों की बौछार हो रही है। कोरोना योद्धा लाचार हैं। 22 और 23 जुलाई को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी एवं एड्स नियंत्रण के कर्मचारी अपनी दो दिवसीय ध्यानाकर्षण प्रदर्शन पर जा रहे हैं। जिससे बस्तर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा सकती है। जिला अस्पताल, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा। कई संस्थाएं लगभग बंद मिलेंगे। यह एनएचएम कर्मचारियों के लिए दोहरी चिंता का विषय है|
  • कि वह पहले सरकार से 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग करें जो उन्हें 1 साल पहले ही मिल जानी चाहिए थी या नियमितीकरण की जो डबल इंजन सरकार ने मोदी की गारंटी में कहा था। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम एवं एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि एवं नियमितीकरण सहित 18 बिंदुओं की मांग के संबंध में प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय ध्यान आकर्षण प्रदर्शन करेंगे। एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा विगत 6 माह में वर्तमान सरकार को 24 बार से अधिक ज्ञापन एवं आवेदन दिया जा चुका है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारीयों में भारी रोष व्याप्त है। ज्ञात हो कि जुलाई 2023 में बजट सत्र के दौरान अनुपूरक बजट में 37000 संविदा कर्मचारियों के लिए 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि प्रदान किया गया था। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन वृद्धि लाभ स्वच्छता मिशन, मनरेगा, समग्र शिक्षा विभाग को मिल गया है जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के 16000 संविदा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि अब तक आप्राप्त है। जिसके कारण विवश होकर एनएचएम एवं एड्स नियंत्रण संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बड़ी संख्या में रायपुर में ध्यान आकर्षण प्रदर्शन मेँ शामिल होंगे। विधानसभा चुनाव पश्चात प्रदेश में नई सरकार गठन के बाद से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, स्वास्थ्य मंत्री, वित्त-मंत्री सहित तमाम सांसदों एवं विधायकों से मिलकर 24 से अधिक बार ज्ञापन दिया गया है, और जब मांग पूरी नहीं हुई तो अब हताश होकर दो दिन के ध्यान आकर्षण प्रदर्शन के लिए 22 और 23 जुलाई को रायपुर में इकट्ठा होंगे।

    चरमरा जाएगी व्यवस्था
    कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है और आम जनता की तकलीफ बढ़ेगी। लगभग 16000 की संख्या वाले इस संगठन में डॉक्टर, नर्स, एएनएम, सीएचओ, आरएमए, पैरामेडिकल स्टाफ, एमपीडब्ल्यू, चतुर्थ वर्ग, काउंसलर, फार्मासिस्ट टीबी वेक्टर बोर्न सुपरवाइजर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लेखा प्रबंधक, लैब टेक्नीशियन, प्रबंधकीय संवर्ग के कर्मचारी शामिल हैं।संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ.अमित कुमार मिरी ने बताया कि कर्मचारियों के लिए अनुपूरक बजट 19 जुलाई 2023 में 27 प्रतिशत संविदा वेतन वृद्धि की घोषणा विधानसभा में की गई थी, जिसके लिए 350 करोड़ का प्रतिवर्ष बजट भी रखा गया था। कई अन्य विभागों, योजनाओं में यह प्राप्त भी हो चुका है, किंतु 1 साल बीत जाने पर भी इसका लाभ एनएचएम कर्मचारियों को नहीं मिला है। अल्प वेतन पर काम कर रहे कर्मचारियों को घोषित वेतन वृद्धि का लाभ न देना सरकार अधिकारियों की नियत पर संदेह पैदा करता है। कोरोना काल मे इन्ही संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पूरा जिम्मा संभाले रखा था। कोरोना टेस्टिंग, आइसोलेशन वार्ड, कोरोना टीकाकरण सहित अन्य सभी कार्य अपनी जान में जोखिम डालकर कार्य करते रहे हैं। हड़ताल से संस्थागत प्रसव, टीकाकरण कार्य, गर्भवती माता जांच, दवाई वितरण सभी जांच, उच्च संस्थानों में रेफर, काउंसलिंग कार्य, आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण, सिकल सेल स्क्रीनिंग, हेल्थ मेला, शिशु संरक्षण कार्यक्रम, ओपीडी, आईपीडी, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय कार्यक्रम टीबी टेस्ट, डेंगू नियंत्रण, चिरायु कार्यक्रम, यू-विन पोर्टल में एंट्री, समस्त ऑनलाइन एंट्री, एनीमिया जांच, बीपी, शुगर जांच एवं दवा वितरण, मलेरिया, गर्भवती महिलाओं का रूटीन टेस्ट, एचआईवी ऐड्स टेस्ट-जांच एवं काउंसलिंग, डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। वर्तमान में जिले में डेंगू, डायरिया नियंत्रण एवं मलेरिया के संभावित मरीजों का सर्वे चल रहा है।
    कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित होंगे एवं आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

बस्तर जिला कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष के लिए कुर्सी दौड़ शुरू, नेताओं की लॉबिंग तेज

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  • सहदेव, शामू, प्रेमशंकर और बालेश दुबे दौड़ में
    योगेश पाणिग्रही
    जगदलपुर लोकसभा चुनाव के दौरान नाटकीय घटनाक्रम में बस्तर जिला कांग्रेस (ग्रामीण) अध्यक्ष बलराम मौर्य ने पार्टी छोड़ दी। उसके बाद से ग्रामीण जिला अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है। सामने नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव हैं। इसे देखते हुए जिला अध्यक्ष पद के लिए लाबिंग शुरू हो गई है। दौड़ में चार कांग्रेसियों के नाम सामने आ रहें हैं। जिसमें प्रमुख तोकापाल ब्लाक से सहदेव नाग, बस्तर ब्लाक से प्रेमशंकर शुक्ला, बालेश दुबे तथा पूर्व विधायक प्रत्याशी शामू कश्यप शामिल हैं।

सहदेव नाग तोकापाल ब्लाक अध्यक्ष का दायित्व संभाल रहें हैं और तो और वह आदिवासियों के बाद सबसे बड़े समाज माहरा समाज से आते हैं। जगदलपुर के शामू कश्यप भी इस पद के लिए लॉबिंग कर रहें हैं। वह भी माहरा समाज से ताल्लुक रखते हैं। पूर्व में माहरा समुदाय सामान्य वर्ग में आता था, किंतु पूर्व सांसद दीपक बैज की लगातार पहल के बाद केंद्र सरकार ने माहरा समुदाय को अनुसूचित जाति वर्ग में सम्मिलित कर दिया है। सामान्य वर्ग से जुड़े प्रेम शंकर शुक्ला कार्यकारी जिलाध्यक्ष की भूमिका में संगठन चला चुके हैं। वहीं बालेश दुबे में भी संगठनात्मक दक्षता है लेकिन वह क्या पद को डीजर्ब कर पाएंगे? बहरहाल ये चारों नेता हर दृष्टि से सुयोग्य हैं।

आदिवासी नेताओं का अकाल
आदिवासी बाहुल्य बस्तर जिले में सात विकासखंड हैं और कांग्रेस पार्टी के संगठन के लिहाज से 13 ब्लाक इकाईयां हैं। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में ऊर्जावान आदिवासी नेताओं का अकाल पड़ गया है। क्योंकि नामचीन चेहरे सामने नहीं आ रहें हैं। जिसके कारण बस्तर में संगठनात्मक ढांचा तैयार नहीं हो पा रहा है। छत्तीसगढ़ बनने के दौरान से संगठन का दायित्व संभालने वाले नेताओं में लखेश्वर बघेल, राजमन बेंजाम व बलराम मौर्य रहे हैं। ये तीनों नेता कभी सेकंड लीडरशिप खड़े नहीं कर पाए तो अब संगठन को खड़ा करना चुनौतीपूर्ण है।

बैज, बघेल की सहमति अहम
बस्तर में कांग्रेस संगठन की गतिविधियां शून्य जैसी हो गई हैं, जिसके कारण इस प्रकार की स्थिति निर्मित हो रही है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए और पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए बस्तर जिला ग्रामीण संगठन में जल्द ही अध्यक्ष की नियुक्ति की जा सकती है। बस्तर जिले से जमीनी ताल्लुकात रखने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज तथा पूर्व जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं बस्तर क्षेत्र के विधायक लखेश्वर बघेल की सहमति को महत्व दिया जाएगा।

दंतेवाड़ा में नक्सलियों के ‘गुरू’ हरेंद्र कुंजाम ने किया आत्मसमर्पण

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  • पांच लाख का ईनामी है नक्सल गुरु हरेंद्र कुंजाम
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के एक बड़े टीचर समेत पांच नक्सलियों ने रविवार को आत्मसमर्पण कर दिया। यह नक्सली टीचर ग्रामीणों और नए भर्ती होने वाले सदस्यों को नक्सल दर्शन सिद्धांत, संविधान, समाज शस्त्र आदि की शिक्षा दिया करता था। दंतेवाड़ा जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान ने जनता का विश्वास जीत लिया है। यही वजह है कि 5 लाख ईनामी नक्सली संगठन में प्लाटून पार्टी कमेटी मेंबर ) रैंक के उत्तर सब जोनल ब्यूरो राजनैतिक टीम कमांडर आत्मसमर्पण कर दिया है। वर्ष 2015 से नक्सल संगठन में कार्यरत आत्मसमर्पित माओवादी गंगालूर एरिया कमेटी में पार्टी सदस्य के रूप में और उत्तर सब जोनल ब्यूरो पीपीसीएम राजनैतिक टीम कमांडर के पद पर कार्य कर चुका है। आत्मसमर्पित माओवादी नक्सल संगठन में पार्टी सदस्यों को नक्सल संविधान, नक्सल साहित्य, समाजशास्त्र, दर्शन जैसे विषय पढ़ाने का कार्य किया करता था। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन एवं नक्सल पुनर्वास नीति के तहत विश्वास, विकास एवं सुरक्षा की भावना का जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। दंतेवाड़ा में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक परिचालन सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज विकास कठेरिया, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू अभियान तथा छग शासन की पुनर्वास नीति के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद कर शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए नक्सल गश्त सर्चिंग भी तेज कर दी गई है। इसके परिणाम स्वरूप व्यापक बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसी क्रम में 5 लाख ईनामी प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य एवं उत्तर सब जोनल ब्यूरो राजनैतिक टीम कमांडर 21 वर्षीय हरेंद्र उर्फ हुर्रा कुंजाम पिता भीमा कुंजाम जाति मुरिया निवासी मुदवेंडी नड़मापारा थाना गंगालूर बीजापुर ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुए आज 21 जुलाई को पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक कठेरिया, एसपी गौरव राय, एएसपी स्मृतिक राजनाला व रामकुमार बर्मन के समक्ष डीआरजी कार्यालय
    दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। हरेंद्र के आत्मसमर्पण में विशेष आसूचना शाखा दंतेवाड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हरेंद्र को पुनर्वास नीति के तहत् 25 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलायी जाने वाली अन्य सुविधाएँ भी मुहैया कराई जाएंगी। लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 190 ईनामी सहित कुल 851 माओवादी आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।

बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव में जल प्रलय के हालात, दर्जनों गांव टापू बने

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  •  सांसद कश्यप का गृहग्राम कलचा भी पहुंच से दूर
  •  समूचे बस्तर संभाग में अंधाधुंध बारिश जारी 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर में दो दिनों से जारी बरसात ने कोहराम मचा रखा है। जल प्रलय जैसा मंजर नजर आ रहा है। जगदलपुर तो जलमहल बन ही गया है, संभाग के अधिकांश जिलों के दर्जनों गांव जिला और विकासखंड मुख्यालयों से कट गए हैं। सारे नदी नाले उफान पर हैं। दर्जनों गांवों में आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण अपने गांव में ही कैद होकर रह गए हैं। बस्तर सांसद महेश कश्यप का गृहग्राम कलचा को जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह जलमग्न हो गई है।

बस्तर जिले में शुक्रवार देर रात से शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर रविवार को भी लगभग उसी गति से जारी रहा। उधर संभाग के बीजापुर और सुकमा जिलों में तो बारिश कहर बरपा रही है। लगातार हो रही बरसात से जगदलपुर विकासखंड के शहरी क्षेत्र से जुड़े ग्राम और दूरस्थ ग्राम तक पहुंचना अब मुश्किल हो चला है। तुरेनार, चितलुर, डोंगरीगुड़ा, समेत दर्जनों गांव पहुंच से दूर हो गए हैं। विकासखंड की ग्राम पंचायत गरावंड, तुरेनार कलचा, डोंगरीगुड़ा, चितालूर के रास्तों पर निर्मित छोटे पुल पुलिया नदी नालों की बाढ़ में डूब गए हैं। रोड बंद है खेत खलिहान भी लबालब नजर आ रहे हैं।

कलेक्टर निकले हालात देखने
बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जगदलपुर शहर के जलमग्न इलाकों का निरीक्षण किया। नगर के गायत्री नगर, दलपत सागर वार्ड का कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी के साथ भ्रमण कर पानी निकासी की व्यवस्था सहित ड्रेनेज की साफ-सफाई के लिए निगम के अधिकारियों को निर्देशित किए। जिस लगातार बारिश के कारण निचले इलाको में जल भराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने निचले ईलाके में सतत निगरानी रखने के साथ ही जल जमाव की समुचित निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पाटेश्वर धाम में आयोजित गुरू पूर्णिमा महोत्सव में शामिल हुए

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  • पाटेश्वर धाम में ब्रम्हलीन गुरुदेव राम जानकी दास की समाधि निर्माण कराने की घोषणा
  • मंदिर परिसर में हाई मास्ट लाईट लगाने एवं मंदिर परिसर के सीता रसोई में श्रद्धालुओं के लिए शेड निर्माण कराने की घोषणा
  • प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास जुगेंरा की सीटें 50 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा

रायपुर, 21 जुलाई 2024/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गुरू पूर्णिमा के अवसर पर बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखण्ड स्थित जामड़ी पाटेश्वर धाम आश्रम पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां सत्संग स्थल कौशल्या धाम में संत योगी बालकदास से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर सांसद श्री भोजराज नाग साजा विधान सभा क्षेत्र के विधायक ईश्वर साहू,बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष यशवंत जैन,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर,वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पवन साहू ,राकेश यादव, सहित एवं अन्य अतिथियों के अलावा, आई.जी.  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, प्रभारी एस.पी. जे.आर. ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  साय ने ब्रम्हलीन संत राम जानकी दास जी के समाधि स्थल में पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और सत्संग स्थल परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया। मुख्यमंत्री ने शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए उपस्थित सभी लोगों का स्वागत अभिनंदन किया। उन्होंने पाटेश्वर धाम में ब्रम्हलीन गुरुदेव राम जानकी दास की समाधि निर्माण कराने तथा मंदिर परिसर में हाई मास्ट लाईट लगाने एवं मंदिर परिसर के सीता रसोई में श्रद्धालुओं के लिए शेड निर्माण कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जुगेंरा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास की सीटें 50 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री के आदेश पर राज्य सरकार की बड़ी कार्यवाही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 6 ईई पर निलंबन की कार्यवाही चार को दिया गया कारण बताओं नोटिस

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रायपुर 19 जुलाई 2024। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश के बाद आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने छह कार्यपालन अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। साथ ही चार जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही चार जिलों के कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंत्रालय से आज छह कार्यपालन अभियंताओं के निलंबन के आदेश और चार कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

राज्य शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने और त्रुटिपूर्ण रिपोर्टिंग किए जाने को गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता जगदीश कुमार, बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता यू.के. राठिया, बैकुंठपुर के कार्यपालन अभियंता चंद्रबदन सिंह, बेमेतरा के कार्यपालन अभियंता आर.के. धनंजय, अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मंडावी और सुकमा के कार्यपालन अभियंता जे.एल. महला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं दुर्ग के कार्यपालन अभियंता उत्कर्ष पाण्डेय, बालोद के कार्यपालन अभियंता सुक्रांत साहू, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कार्यपालन अभियंता एस.एस. पैकरा तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कार्यपालन अभियंता कमल कंवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नगर निगम का अमला जुटा जल भराव की समस्या दूर करने में

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जगदलपुर लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से शहर के कई वार्डो में जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई है। हालात से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन दिन रात कार्य करते हुए निकासी की समुचित व्यवस्था कर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य कर रहा है ।

विधायक किरण देव के निर्देश व महापौर के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देशन में निगम का अमला लगातार जल भराव वाले वार्डों में पानी निकासी का कार्य कर रहा है। नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी जल भराव वाली निचली बस्तियों में निगम अमले के साथ पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं। आयुक्त स्वयं स्थल पर रहकर जल भराव वाले क्षेत्र में पानी निकासी की व्यवस्था को दूरस्त करने का कार्य कर रहे हैं । आयुक्त हरेश मंडावी ने बताया लगातार बारिश की वजह से शहर के कुछ वार्डों में जल भराव की स्थिति निर्मित हुई है जिसके लिए निगम अमला दिन-रात कार्य करते हुए पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था कर रहे हैं । जिससे लोगों को समस्या उत्पन्न ना हो । आयुक्त मंडावी ने बताया निगम प्रशासन को पूरे अलर्ट मोड पर रखा गया है । किसी भी प्रकार की स्थिति निर्मित होने पर निगम के कर्मचारी अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं । नेशनल हाईवे की तरफ प्राकृतिक निकासी के तरफ बड़े कच्चे नालों को मलबा डालकर पाटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। निचली बस्तियों के जिन क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है वहां सामुदायिक भवन एवं स्कूलों में समुचित व्यवस्था रखने का निर्देश विभाग को दिया गया है। प्रशासन पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड पर है। बाढ़ एवं आपदा राहत की टीम का गठन कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

भानपुरी में लगा चलित था और समस्या निवारण शिविर

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  • एक पेड़ मां के नाम मुहिम के तहत पौधे भी रोपे

जगदलपुर भानपुरी थाना पुलिस, वन विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग द्वारा भानपुरी में सामूहिक जन समस्या निवारण एवं चलित थाना का आयोजन किया गया।

आयोजन में एसडीओपी घनश्याम कामड़े अनुभाग भानपुरी, टीआई राकेश राठौर, वन विभाग के एसडीओ श्री बंजारे, रेंजर श्री पांडे, शिक्षा विभाग से प्रिंसिपल एवं स्टाफ, राजस्व विभाग से तहसीलदार लखीराम पांडे एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे। जनसमस्या निवारण एवं चलित थाना में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गई और समस्याओं का त्वरित निदान किया गया। बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के दिशा निर्देश पर एसडीओपी घनश्याम कामड़े के पर्यवेक्षण में ग्रामीणों की समस्याओं के निदान हेतु बस्तर पुलिस द्वारा लगातार लोगों के बीच जाकर उनके समस्याओं को रूबरू सुनने और उनका त्वरित निदान पहल करते हुए गांव गांव में चलित थाना लगाकर किया जा रहा है। इसी तारतम्य में थाना प्रभारी भानपुरी राकेश राठौर के नेतृत्व में भानपुरी में चलित थाना लगाया गया तथा अन्य विभागों द्वारा समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचे। इस दौरान एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुरी में वृक्षारोपण भी किया गया।

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