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कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर एसपी ने लाईन लगकर किया अपने मताधिकार का प्रयोग

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  •  बस्तर के मतदाताओं से मताधिकार का उपयोग करने किया आग्रह

जगदलपुर बस्तर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े और आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने शुक्रवार को जगदलपुर शहर के शहीद भगतसिंह हाईस्कूल के मतदान केंद्र 75 में तथा कलेक्टर विजय दयाराम के. और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने भैरमगंज स्कूल स्थित मतदान केंद्र 104 में सपरिवार कतारबद्ध होकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस दौरान उन्होंने आदर्श मतदान केंद्र परिसर में बनाए गए सेल्फी जोन में सेल्फी भी ली। वहीं मतदान करने के लिए मतदान केंद्र में पहुंचे मतदाताओं की हौसला-अफजाई की। इस अवसर पर कमिश्नर, आईजी, बस्तर कलेक्टर ने बस्तर लोकसभा के सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में व्यापक सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

इस मौके पर कमिश्नर श्याम धावड़े ने बस्तर संभाग के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र का महापर्व है और मतदाता के रूप में हम सभी को बहुमूल्य अधिकार मिला हुआ है। इसका उपयोग अवश्य करें। बस्तर के सब मतदाताओं से विनम्र अपील करता हूं कि आप मतदान केंद्र जाएं अपने मताधिकार का उपयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सहभागी बनें। पुनः सभी मतदाताओं से आग्रह है कि घर से निकलिये मतदान कीजिये और एक जिम्मेदार नागरिक बनें। आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने बस्तर अंचल के सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र को मजबूत बनाना हम सबकी सयुंक्त जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए सभी मतदाता अपने घर से निकलकर मतदान केंद्र तक पहुंचें और निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें, ताकि लोकतंत्र की नींव को मजबूत कर सकें और बस्तर क्षेत्र के विकास हेतु शांति एवं सुरक्षा के लिए अमूल्य योगदान निभा सकें। पुनः बस्तर क्षेत्र के नागरिकों एवं मतदाताओं से अपील है कि वे आज अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्र पहुंचे और मतदान अवश्य करें। इस मतदान केंद्र पर सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे ने भी कतारबद्ध होकर अपने मताधिकार का उपयोग किया।

अफसरों ने ली सेल्फी भी

स्थानीय शहीद भगतसिंह उच्चतर माध्यमिक स्कूल पथरागुड़ा के परिसर में 4 मतदान केंद्रों बूथ क्रमांक 75, 76 तथा 146 एवं 148 को आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया है। जहां बस्तर की पारंपरिक लोक संस्कृति को रेखांकित किया गया है। घासफूस की झोपड़ी के साथ सिर पर गौर सींग लगाए लोक नर्तक, ग्रामीण महिलाओं को बखूबी प्रदर्शित किया गया है। इस आदर्श मतदान केंद्र के सेल्फी बूथ में कमिश्नर बस्तर श्याम धावड़े, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के., एसपी शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी तथा अन्य अधिकारियों ने मतदान के उपरांत एक साथ सेल्फी ली। वहीं अन्य मतदाताओं को मताधिकार का उपयोग करने अभिप्रेरित किया। वोट करने के बाद ज्यादातर मतदाता भी इस जगह पर सेल्फी लेते दिखाई दिए। दिव्यांग एवं वयोवृद्ध मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़ चढ़कर भाग लिया। शहीद भगतसिंह स्कूल में स्थापित आदर्श मतदान केंद्रों में दिव्यांग मतदाताओं के साथ ही वयोवृद्ध मतदाताओं ने भी अपने मताधिकार का उपयोग कर अन्य मतदाताओं को मतदान करने के लिए संदेश दिया। यहां के आदर्श मतदान केंद्र क्रमांक 75 में हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी 66 वर्षीय दिव्यांग बृजमोहन मेहरा तथा 56 वर्षीय दिव्यांग ममता ननकानी ने परिजनों के सहयोग से अपने मताधिकार का उपयोग किया। वहीं आदर्श मतदान केंद्र क्रमांक 146 में 72 वर्षीय दिव्यांग शेख जुमन रिजवी ने अपनी पत्नी 68 वर्षीया शबीना बानो रिजवी के साथ मतदान कर अन्य मतदाताओं को मताधिकार का उपयोग अवश्य करने का संदेश दिया।

सुकमा जिले के धुर नक्सल गढ़ के गांवों से आई लोकतंत्र की बहुत ही खूबसूरत तस्वीर

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  • इन तस्वीरों में है बस्तर के सुनहरे भविष्य की उम्मीद की सतरंगी किरण
  • 12 किमी पैदल चलकर मतदान करने पहुंचे ग्रामीण
  • कुछ ट्रैक्टर से पहुंचे, कुछ बच्चों को कंधे पर लादकर

अर्जुन झा-

जगदलपुर जिस नक्सल गढ़ में कोई भी चुनाव पुरसुकून अंदाज में नहीं निपटता था, उसी लाल आतंक के गढ़ में अब लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिल रही है। बस्तर लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान लगा कि बस्तर के आदिवासी भी अपने लोकतंत्र को लेकर बेहद संजीदा हैं। उनका भरोसा नक्सलवाद से उठ चुका है और अब वे भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में विश्वास करने लगे हैं। इसकी शानदार बानगी शुक्रवार को बस्तर संभाग के धुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में देखने को मिली। इस खूबसूरत तस्वीर में बस्तर के सुनहरे भविष्य की उम्मीद भरी सतरंगी किरण नजर आ रही है।

लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बस्तर लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को मतदान हुआ। बस्तर का सुकमा जिला नक्सली गतिविधियों के मामले में बेहद संवेदनशील माना जाता है। इस जिले में कई गांव ऐसे हैं, जहां आज तक विकास की किरण नहीं पहुंच पाई है, लेकिन इन गांवों में रहने वाले संतोषी प्रवृत्ति के आदिवासियों को इस बात का ज्यादा मलाल नहीं है। मगर हां उन्हें इस बात का थोड़ा अफ़सोस जरूर होता है कि जिन्हें वे अपने क्षेत्र की बागडोर सौंपते हैं, उन नुमाइंदों को क्षेत्र का बाशिंदों की जरा भी परवाह नहीं रहती। किसी गांव में सड़क नहीं है, किसी गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई और किसी गांव में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बावजूद इन गांवों के लोगों की उम्मीद अभी टूटी नहीं है और इसी उम्मीद के साथ वे इस लोकसभा चुनाव में भी अपने देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के महायज्ञ में आहुतियां देने अपने घरों से निकल पड़े। गांव तक पक्की सड़क बने जिस पर चलकर विकास गांव तक पहुंचे। इसी उम्मीद के सहारे भीमा अपने छोटे बच्चे को कंधे पर बिठाकर सपरिवार मतदान करने के लिए पैदल 10 किमी का सफर तय करता नजर आया। शरीर को झुलसा देने वाली 40 डिग्री की गर्मी और तेज धूप के बावजूद ग्रामीण मतदाता 10 से 12 किलोमीटर तक का सफर तय कर मतदान करने पहुंचते रहे। यही तो हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है। केरलापाल से 10 किमी दूर स्थित गोनंदीगुड़ा मतदान केंद्र को शिफ्ट किया गया। गांव तक जाने के लिए कच्ची सड़क है। इलाका नक्सल प्रभावित है जिसके कारण वाहनों की आवाजाही न के बराबर है। लेकिन मतदान जरूरी है इसलिए ग्रामीण पैदल चलकर पहुंचते रहे।गांव का भीमा अपने बेटे को कंधे पर लिए मतदान करने जा रहा था। साथ मे कुछ महिलाएं भी पैदल जा रही थीं। भीमा कहता है कि गांव तक जाने के लिए पक्की सड़क नही है। जब सड़क बनेगी तभी बाकी सुविधाएं पहुंच पाएंगी। यह तभी संभव होगा मतदान कर सही जनप्रतिनिधि चुनने से। इसलिए हम लोग मतदान करने के लिए जा रहे हैं। ग्रामीण बहुत परेशान रहते है, कोई भी सुविधा नही है। कोई भी काम हो तो इसी तरह हम लोग पैदल आते हैं।

उम्मीद के भरोसे 12 किमी का सफर

रबड़ीपारा व पोंगाभेज्जी गांव में विधानसभा चुनाव में मतदान गांव में ही हुआ था, लेकिन इस बार मतदान केंद्र को 12 किलोमीटर दूर स्थित मांझीपारा मे शिफ्ट कर दिया गया है। इन गांवों के ग्रामीण ट्रेक्टर पर सवार होकर पहुंचते रहे। जबकि ये नक्सल प्रभावित है, बावजूद जोखिम उठाकर मतदान करने ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नही है। पुल की जरूरत है। बारिश के समय हांडी के सहारे नदी पार करते हैं। गांव में सरकारी राशन नही पहुंचता है। प्रधानमंत्री आवास तक नही बने हैं। इसलिए हम लोग मतदान करने जा रहे है। ताकि सरकार बने और विकास कार्य गांव तक पहुंचें।सालों से मतदाता इसी उम्मीद के साथ वोट देते आ रहे है, ताकि उनकी समस्याएं दूर होगी और विकास कार्य होंगे। लेकिन मतदान के बाद सरकार बनती है और जनप्रतिनिधि इन ग्रामीणों को भूल जाते है। बावजूद ये ग्रामीण मतदान कर अपना फर्ज निभा रहे हैं।

जैसे हम फंसे थे 75 पार में, वैसे ही भाजपा फंस गई है 400 पार में : कवासी लखमा

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  • कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री का भाजपा पर तंज
  • 150 भी पार नहीं कर पाएगी भाजपा : लखमा

जगदलपुर कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रहे और मौजूदा लोकसभा चुनाव में बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा ने भाजपा पर करारा हमला बोला है। सुकमा जिले के नागारास के पोलिंग बूथ में सपरिवार मतदान करने के बाद कवासी लखमा मीडिया से मुखातिब थे। मतदान करने से पहले कवासी लखमा ने पूजा पाठ भी किया था।

मीडिया से चर्चा करते हुए कवासी लखमा ने कहा कि जिस तरह रमन सिंह ने 65 पार का नारा लगाया था जिसके बाद सरकार चली गई। और वैसे ही हम लोग (कांग्रेस) पिछले विधानसभा चुनाव 75 पार में फंस गए और निपट गए। अब भाजपा ने 400 पार का नारा दिया है लेकिन 150 भी पार नहीं कर पाएंगे भाजपाई। कवासी लखमा ने कहा कि इस बार जनता मुझे मौका देगी, क्योकि कांग्रेस हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलती है। हमारा मुद्दा बस्तर की जनता की समस्याओं को दिल्ली तक पहुंचाना है। यहां नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण को रोकना है। पोलावरम बांध से प्रभावित लोगों की समस्याओं को दूर करना है। बस्तर को रेल व हवाई मार्ग से कैसे जोड़ा जाए इसपर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षण कराना है। आदिवासियों के विकास को लेकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ झूठ बोलने का काम करती है।

कांग्रेस का कचरा हो रहा है साफ

कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के कांग्रेस छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के सवाल पर

कवासी लखमा ने कहा कि स्वार्थी लोग ही पार्टी छोड़ रहे हैं। कांकेर में कांग्रेस के पास बहुत नेता हैं, उन्हें मौका मिलेगा। ये कचरा लोग है जिनके जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि कांग्रेस का शुद्धिकरण ही हो रहा है।. कवासी लखमा ने कहा कि ये लोग जब कांग्रेस में थे तब मलाई खा रहे थे। अब भाजपा की सरकार बनी तो भाजपा में चले गए। दलबदलू लोगों को जनता सबक जरूर सिखाएगी।

काम कैसा भी कराओ चलेगा, मगर कमीशन जरूर दो : एसडीओ का जलवा

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  • 300 करोड़ का काम मिलने से पीडब्ल्यूडी अफसर की हो गई है बल्ले बल्ले
  • भानुप्रतापपुर सब डिवीजन के एसडीओ हो गए मालामाल

भानुप्रतापपुर /जगदलपुर एक लोकप्रिय पुराना फिल्मी गाना है – मुझे खुशी मिली इतनी कि दिल में न समाए, पलक बंद कर लूं, कहीं छलक न जाए। वैसे तो यह गीत प्रेमी प्रेमिका पर आधारित है, मगर यह लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर सब डिवीजन में पदस्थ एसडीओ पर बिल्कुल फिट बैठता है। इन साहब के लिए सरकारी दौलत ही उनकी असली मेहबूबा है। अब उन्हें 300 करोड़ के कार्य कराने की जिम्मेदारी मिल गई है, तो कमाई के चक्कर में वे बावले हो गए हैं और कमीशन के लिए विभागीय मापदंडों की सीमा रेखा को भी लांघ रहे हैं।

बीस साल तक लोक निर्माण विभाग में सब इंजीनियर के तौर पर पदस्थ रहे यह एसडीओ कई कारगुजारियों को अंजाम दे चुके हैं। इस वजह से वे सस्पेंड भी कर दिए गए थे। बताते हैं कि ये इंजीनियर साहब एक बुरी लत के भी शिकार हैं और जब यह लत उनके सिर पर चढ़कर बोलने लगती है, तब वे अपनी करतूत को खुद उगलने लग जाते हैं। ऐसी हालत में वे अपने हम प्याला मित्रों के सामने कई बार कह चुके हैं कि यार अपने पास अब पैसा बहुत हो गया है, अब मुझे काम से ज्यादा इन पैसों को सम्हालने की जरूरत है। अब 300 करोड़ का काम क्या मिल गया है, एसडीओ साहब की तो बल्ले बल्ले हो गई है। वे खुलकर कहने लगे हैं कि काम कैसा भी कराओ चलेगा, मुझे तो बस कमीशन चाहिए। लोक निर्माण विभाग के भानुप्रतापपुर सब डिवीजन में पदस्थ इस अनुविभागीय अधिकारी को करीब 300 करोड़ रुपए की लागत वाले सड़क निर्माण व अन्य कार्यों की जिम्मेदारी मिल गई है। इससे एसडीओ साहब की बांछें खिल गई हैं। वर्षों बाद कमाई का जरिया मिल जाने से उनकी खुशी का कोई पारावार नहीं रह गया है। सरकारी धन लूटने के चक्कर में वे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी पूरी तरह नजरअंदाज करने पर तुल गए हैं। इतनी बड़ी रकम से कई सड़क निर्माण कार्य इस एसडीओ के माध्यम से कराए जा रहे हैं। इस एसडीओ को पिछले कई वर्षों से लोक निर्माण विभाग के बड़े अधिकारी द्वारा लूप लाइन में डाल दिया गया था। बिल्ली के भाग्य से सींका टूटा और इस एसडीओ के भाग्य जाग गए। राज्य में सरकार बदलते ही उन्हें लूप लाईन से निकाल कर मेन लाईन में ला दिया गया है। बताते हैं कि एकसाथ इतने सारे काम की जिम्मेदारी मिलते ही कमीशनखोरी के फेर में यह एसडीओ सुर्खियों में हैं।विभागीय ठेकेदारों से अनबन भी शुरू हो गई है। वे काम कराने वालों खुलकर दबाव डालने लगे हैं कि मुझे इतना कमीशन चाहिए मतलब चाहिए। बाकी तुम कुछ भी करो, काम कैसा भी कराओ, मुझे उससे कोई मतलब नहीं है। एसडीओ गुणवत्ता विहीन कार्य करा रहे हैं।

सच आ ही जाता है सामने

आदमी अपनी करतूत को छुपाने के लिए कितना भी जतन कर ले, लेकिन जब दो चार घूंट गले से नीचे उतर जाते हैं तब व्यक्ति सच्चाई खुद ब खुद उगलने लग जाता है। ऐसा ही कुछ इन एसडीओ साहब के साथ भी हो रहा है। बताते हैं कि इन जनाब को सरकारी दौलत से जितनी मोहब्बत है, उतना ही प्यार वे सुरा सुंदरी से भी करते हैं। वे अक्सर अपने खास दोस्तों के साथ मिलकर महफिल सजाते और जाम छलकाते हैं। जब अंगूरी रानी इन साहब पर सवार हो जाती है तब वे अब वे अपनी कमाई और उसका जरिया खुद बताने लग जाते हैं। ये अधिकारी नशे की हालत में अपने निकटतम मित्रों से अक्सर कहा करते हैं कि यार मेरे पास पैसा बहुत हो गया है। अब मुझे नौकरी से ज्यादा इन पैसों को सम्हालने की लगी रहती है। मतबल साहब ने अपार संपत्ति अर्जित कर ली है। उनकी इस करतूत से राज्य की भाजपा सरकार की भी बदनामी हो रही है। कहा जा रहा है कि ईओडब्ल्यू वाले किसी भी दिन इस जनाब की गर्दन पकड़ सकते हैं।

यूं ही नहीं हर किसी के दिल पर विजय प्राप्त कर लेते हैं हमारे कलेक्टर विजय

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  •  अपनी नेकदिली के चलते बन गए हैं हरदिल अजीज

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के. यूं ही नहीं हर दिल अजीज बन गए हैं। वे वास्तव में युवा जोश से भरपूर एक ऊर्जावान प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि एक नेकदिल इंसान भी हैं। कलेक्टर विजय अपनी नेकदिली के चलते ही हर किसी के दिल पर विजय प्राप्त कर चुके हैं। बेटियों, युवतियों, महिलाओं और कुछ कर गुजरने का हौसला रखने वाले विद्यार्थियों के लिए कलेक्टर विजय रोल मॉडल बन चुके हैं।

महिलाओं के प्रति कलेक्टर विजय दयाराम के. के मन में जो सम्मान और संवेदनशीलता है, वह लाजवाब है। कलेक्टर विजय जब जिले के गांवों के दौरे पर जाते हैं, तब वे असहाय और जरूरतमंदों की मदद के लिए अग्रसर हो उठते हैं। अपने कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों की भीड़ में मौजूद महिलाओं की समस्याओं के निपटारे पर कलेक्टर पहले ध्यान देते हैं। महिलाओं के सम्मान का वे पूरा ध्यान रखते हैं। इसकी झलक लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान भी देखने को मिली।बस्तर लोकसभा क्षेत्र के ज्यादातर हिस्से नक्सली गतिविधियों के मामले में संवेदनशील और कई तो अति संवेदनशील हैं। वहीं हमारे बस्तर के युवा जोश से लबरेज ऊर्जावान कलेक्टर विजय दयाराम के महिलाओं के हितों के मामले में बहुत ही ज्यादा संवेदनशील हैं। उनकी इस संवेदनशीलता की झलक हमें गाहे बगाहे देखने को मिलती रहती है। कलेक्टर विजय दयाराम के. की ऐसी सदाशयता और संवेदनशीलता लोकसभा चुनाव की तैयारियों और मतदान दलों की रवानगी के दौरान भी देखने को मिली इस बार लोकसभा निर्वाचन के सफल क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी महिला कर्मचारियों पर है। लोकसभा क्षेत्र बस्तर में पहले चरण के मतदान को लेकर जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम ने इस बार बड़ी जिम्मेदारी महिला कर्मियों को दी है। शहरी क्षेत्र मे महिला संगवारी बूथ बनाए गए हैं।कलेक्टर विजय दयाराम के. सभी मतदान दलों के लिए आयोजित प्रशिक्षण में जाकर मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण देने के साथ ही कर्मचारियों की हौसला अफजाई भी करते रहे हैं। इसी कड़ी में एक कदम आगे बढ़ाते हुए कलेक्टर ने गुरुवार को सुबह महिला मतदान कर्मियों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी और उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया। रवानगी से पहले कलेक्टर विजय ने महिला मतदान दलों के साथ फोटोशूट भी करवाई। महिला मतदान कर्मियों की ड्यूटी मैदानी और सुरक्षित मतदान केंद्रों में लगाई गई है। मतदान केंद्रों के लिए रवानगी के दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के. का सानिध्य पाकर महिला मतदान कर्मी काफी उत्साहित नजर आ रहीं थीं।

दल्ली राजहरा पुराना बाजार क्षेत्र में संदेहास्पद अवस्था में ट्रेन से कटी युवक की लाश मिली

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दल्लीराजहरा ट्रेन से कटकर युवक की मौत बिती रात ताड़ोकी से आने वाली ट्रेन की पटरी पर युवक का कटा हुवा शव देखा गया शव पर चोट के निशान दिखाई पड़ रहे हैं जिसे देखकर अंदाज लगाया जा रहा है कि युवक के साथ मारपीट की संभावना हो सकती है । युवक कुआं गोंदी का रहने वाला था, युवक का नाम दुसांत साहू उम्र 23 वर्ष बताया जा रहा है पढ़ाई पुरी होने के बाद कोचिंग कर रहा था। दो भाई बहन थे बहन की शादी हो गई थी । सूत्रों से पता चला है की युवक कल सुबह अपने नाना को फोन कर बताया है कि मुझको कुछ लोग एक रूम में बंद करके रखे हैं मारपीट कर रहे हैं और पैसे की मांग कर रहे हैं युवक, दुसांत साहू अपने नाना से ज्यादा करीब था हर बात नाना को पहले साझा करता था युवक परसों के दिन अपनी बहन के यहां संबलपुर शादी कार्ड बांटने के लिए निकला था उसके बाद कल दोपहर 2:30 बजे के बाद से उसका फोन बंद बता रहा था। मौके पर सीएसपी राजहरा एवं थाना प्रभारी उनकी टीम पहुंचकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया आगे की कार्रवाई जारी है।

अंततः कांकेर में हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ के मामले में छंट गए शक के कोहरे वाले बादल

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  •  नक्सलियों ने जारी की मारे गए साथियों के की लिस्ट
  • 29 में से 27 के नाम जारी किए महिला संगठन ने

-अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के कांकेर जिला अंतर्गत छोटे बेठिया के जंगल में दो दिन पहले हुई पुलिस नक्सली मुठभेड़ पर से शक के कोहरे के बादल छंट गए हैं। इसी के साथ मुठभेड़ को लेकर छत्तीसगढ़ में मचे सियासी बवाल में अब नया मोड़ आ सकता है। नक्सलियों की महिला विंग ने मारे गए नक्सलियों की सूची जारी की है।

क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन दंडकारण्य की प्रवक्ता रामको हिचमी ने बस्तर संभाग के सुकमा जिले में एक सूची जारी की है। इस सूची में कांकेर जिले के छोटे बेठिया के जंगल में दो दिन पहले सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए 27 नक्सलियों के नाम शामिल हैं। जबकि मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए हैं और सभी के शव बरामद भी कर लिए गए हैं। बुधवार को नक्सलियों के परिजन शव लेने पाखांजुर पहुंचे थे। दो नक्सलियों के नाम इस सूची में नहीं हैं। वहीं रामको हिचमी का कहना है कि पुलिस ने मारे गए नक्सलियों के जो नाम बताए हैं, वह गलत हैं। इसके कारण लोगों में और मृतकों के परिजनों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। आदिवासी क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन दंडकारण्य द्वारा जारी सूची में शीर्ष पर शंकर का नाम है। शंकर नक्सली संगठन में डीवीसीएम था। वह आंध्रप्रदेश के वारंगल जिला अंतर्गत भोपलपल्ली के गांव चल्लागरिग का निवासी था। शेष नक्सलियों में बदरू निवासी करेगुडेम दक्षिण बस्तर, अनिता निवासी खोंडोस पूर्व बस्तर, विनोद मानपुर क्षेत्र, रीता मानपुर क्षेत्र, रमेश ओयम ग्राम वेच्छाम भैरमगढ़, बचनू ग्राम अवकेम गंगालूर, सुरेखा ग्राम मिडंदापल्ली गढ़चिरौली महाराष्ट्र, कविता ग्राम नेंडूर, रजिता आदिलाबाद, भूमे ग्राम अपेल दक्षिण बस्तर, कार्तिक ग्राम मरूम पश्चिम बस्तर, रोशन दरभा डिवीजन, देवाल ग्राम पीड़िया गंगालूर, दीनू उर्फ गुड्डू ग्राम दुरदा, अण्वेष ग्राम उकुड़ दक्षिण बस्तर, संजिला मड़कम ग्राम करका बस्तर, जनिला उर्फ मोदी कोवादी ग्राम कोरेंजेड़ बस्तर, गीता ताकीलोड इंद्रावती, राजू क़ुरसाम ग्राम परकेली, शर्मिला बटवेड़ा इंद्रावती, सुनीला रेकावाई इंद्रावती, शंतिला ग्राम कुम्डीगुंडा उत्तर बस्तर, पिंटो गटूम, बजनाथ वटेकल उत्तर बस्तर, शीला ग्राम उतला इंद्रावती और जैनी वटेकल उत्तर बस्तर के नाम शामिल हैं

अब शुरू होगी नई सियासत

क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन ने मारे गए लोगों को अपना सहयोगी कामरेड माना है और किसी को निरीह आदिवासी करार नहीं दिया है। साथ ही दो शेष साथियों के नाम और अन्य जानकारी जल्द साझा करने की बात कही गई है। उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले के इस मुठभेड़ को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक बयान को लेकर भाजपा नेता जमकर कांग्रेस को घेर रहे हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि भूपेश बघेल ने मुठभेड़ को फर्जी बताकर पुलिस और सुरक्षा बलों के शौर्य पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं कांग्रेस को नक्सलियों का पैरोकार बताने की भी कोशिश लगातार की जा रही है। अब शेष बचे दो मृत नक्सलियों को लेकर कांग्रेस सवाल उठा सकती है। हो सकता है कि कांग्रेस इन दोनों को निरीह आदिवासी ठहरा दे।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने साबित कर दिया कि बुरे वक्त में अपने ही आते हैं काम

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  • भूपेश बघेल के बचाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सम्हाला मोर्चा
  • भाजपा को घेरा प्रदेश कांग्रेस हेड दीपक बैज ने =

अर्जुन झा

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की सहनशीलता और सब कुछ भुलाकर अपनों पर आए बुरे वक्त में दमदारी के साथ खड़े हो जाने की भावना निसंदेह दाद देने योग्य है। अपने साथ हुए तमाम छल प्रपंच को भुलाकर दीपक बैज अपने कांग्रेस परिवार के सदस्यों के साथ हमेशा खड़े नजर आते हैं। इस बार भी वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बचाव में सीना तान कर खड़े हो गए हैं।

दरअसल भूपेश बघेल के एक बयान पर छत्तीसगढ़ में इन दिनों जबरदस्त सियासी बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा के तमाम नेता और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक भूपेश बघेल को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं।भूपेश बघेल के तथाकथित बयान की आड़ में कांग्रेस नेताओं को नक्सलियों का हमदर्द तक ठहराया जा रहा है। कांकेर में हुए सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए 29 नक्सलियों को पूर्व सीएम भूपेश बघेल द्वारा फर्जी मुठभेड़ बताए जाने वाले तथाकथित बयान के बहाने भूपेश बघेल को घेरे जाने पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आक्रामक तेवर दिखाए हैं। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के बालोद में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रस्तावित आमसभा के सिलसिले में बालोद पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक ने भूपेश के बचाव में जो बातें कही, वे उनकी सदाशयता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव संसदीय सीट पर भूपेश बघेल की मजबूत स्थिति और राज्य की अन्य 10 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को मिल रहे अपार जन समर्थन से भाजपा के नेता बौखला गए हैं। इसीलिए वे भूपेश बघेल के बयान को तोड़मरोड़ कर जनता के सामने पेश कर रहे हैं। बैज ने कहा कि भूपेश बघेल एक बहुत ही जिम्मेदार नेता हैं और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। वे कभी भी सुरक्षा बलों के शौर्य पर सवाल नहीं उठा सकते।दीपक बैज ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जो बयान दिया है, वह कांकेर की मुठभेड़ के पहले का बयान है। वहीं दीपक बैज ने अपने इस आरोप को फिर दोहराया कि बस्तर में कई फर्जी एनकाउंटर हुए हैं। दीपक बैज ने कहा कि कोयलीबेड़ा में फर्जी एनकाउंटर हुआ है। वहां 3 निरीह आदिवासियों को मार दिया गया। साढ़े तीन माह में बहुत से केस ऐसे फर्जी हुए है। वहीं दीपक बैज ने यह भी कहा कि कांकेर मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए है तो यह फोर्स की मेहनत का नतीजा है और फोर्स ने अपने तरीके से इस एनकाउंटर को अंजाम दिया है। मै उसकी सराहना करता हूं और हमारे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इसकी सराहना करते हुए जवानों को बधाई दी है। दीपक बैज ने कहा कि जब प्रदेश में हमारी सरकार थी, तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ही नेतृत्व में बस्तर में विकास की नई गाथा लिखी गई, बस्तर के नक्सल गढ़ में ऐसी जमीन तैयार की गई कि फोर्स आसानी से नक्सलियों की मांद में घुस सके और नक्सल समस्या का नाश कर सकें। कांकेर में सुरक्षा बलों को जो कामयाबी मिली है, वह भूपेश बघेल सरकार द्वारा तैयार की गई जमीन की बदौलत ही मिली है। दरअसल पीसीसी चीफ बुधवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर बालोद ब्लॉक के ग्राम हथौद पहुंचे थे, जहां उन्होंने आगामी 21 अप्रैल को कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी के आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। और व्यवस्थाओं को लेकर दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, बालोद जिला प्रभारी शाहिद खान, पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा, पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्णा दुबे, बालोद ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, जिला महामंत्री रतिराम कोसमा सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

दल्ली राजहरा के तेज तर्रार नेता श्याम जायसवाल को मिली सशस्त्र सुरक्षा

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  •  क्षेत्र में हमेशा बना रहता है नक्सली वारदात का खतरा

दल्ली राजहरा कांकेर में दो दिन पहले हुई मुठभेड़ में 29 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए राजहरा के तेज तर्रार भाजपा नेता श्याम जायसवाल को शासन स्तर पर हथियारबंद सुरक्षा मुहैया कराई गई है। दल्ली राजहरा कांकेर लोकसभा क्षेत्र में है और वहां के जंगल नक्सलियों की पनाह गाह भी हैं। दल्ली राजहरा में नक्सली घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके मद्देनजर ही श्याम जायसवाल को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

श्याम जायसवाल भाजपा के विधानसभा क्षेत्र घोषणा पत्र प्रभारी हैं।  जायसवाल पार्टी के विचारों को प्रमुखता से सामने लाते हैं इस कारण उनकी छवि क्रांतिकारी नेता के रूप में बनी हुई है। वे नक्सलवाद के खिलाफ भी हमेशा से मुखर रहे हैं। संभवतः इसी कारण उनको शासन स्तर पर सुरक्षा दी गई है। दल्ली राजहरा संवेदनशील इलाका है जहां कभी भी कोई घटना घट सकती है। कुछ साल पहले दल्ली राजहरा के बोइरडीह डेम में नक्सलियों ने उत्पात मचाया था। डेम के चौकीदार को बंधक बनाकर डेम में बने ऑफिस में तोड़फोड़ की गई थी। इसके अलावा नजदीक स्थित रावघाट माइंस में भी अक्सर नक्सली धमक सुनाई देती रहती है। माना जा रहा है कि अपने 29 साथियों की मौत से बौखलाए नक्सली कहीं भी और कुछ भी बड़ी अवांछित हरकत कर सकते हैं। इस लिहाज से भी श्याम जायसवाल को सुरक्षा मुहैया कराया जाना जरूरी थी।

सुशील मौर्य ने दी जिज्ञासा सहारे को शुभकामनाएं

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जगदलपुर कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने यूपीएससी परीक्षा में चयनित बस्तर की बेटी जिज्ञासा सहारे को उनके निवास स्थान जाकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई और शुभकामनाए दी। इस दौरान वार्ड पार्षद व महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, ललिता राव, पापिया गाईन, ज़ाहिद हुसैन, असीम सुता, ज्योति राव आदि मौजूद रहे।

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