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नलसलियों के सहारे कन्वर्जन का खेल

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मतांतरण के लिए नक्सलियों को विदेश से फंडिंग की भी चर्चा

-अर्जुन झा

जगदलपुर क्या नक्सली बस्तर समेत पड़ोसी राज्यों के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं? क्या नक्सलियों के संरक्षण में धर्मांतरण का खेल चल रहा है? क्या इसके लिए मिशनरी या विदेशी संस्थाओं से नक्सली संगठनों को फंडिंग हो रही है? ये सवाल कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा की मौत के बाद उसकी कब्र पर दीनकर्म करने के लिए बाहरी लोगों की भीड़ उमड़ने के बाद उठ रहे हैं।

सुकमा जिले के ग्राम पूवर्ती निवासी कुख्यात नक्सली हिड़मा और उसकी पत्नी राजे को मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों के शवों का अंतिम संस्कार ग्राम पूवर्ती के श्मशान घाट में किया गया था। दो दिन पहले आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के करीब 80 लोग हिड़मा दंपत्ति के अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचे थे। ये लोग वहां तथाकथित दीनकर्म कर रहे थे। ग्रामीणों के विरोध और शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इन सभी बाहरी सभी लोगों को सुकमा जिला मुख्यालय ले जाकर पूछताछ की गई और सुबह उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या हिड़मा अपना धर्म छोड़ कर मिशनरी के साथ हो लिया था, क्या उसने ईसाई धर्म अपना लिया था? हिड़मा के समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया में डाली गई कई रील्स, पोस्ट और गीत भी इस बात की तस्दीक करते प्रतीत हो रहे हैं। हिड़मा के समर्थक ऐसे बताते और प्रचार करते आ रहे हैं कि जैसे वह अपने समाज में मसीही बनकर मसीहा का कार्य कर रहा था। अभी हाल में ही सर्व आदिवास समाज के एक कार्यक्रम में हिड़मा को मसीहा बताने वाला एक गीत चर्चा में रहा, जिसकी भी पुलिस अधीक्षक स्तर पर जांच हुई और फिर मामला रफा दफा कर दिया गया। पूवर्ती अंचल के कई ग्रामीणों का कहना है कि कथित दीनकर्म करने आए आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के लोग धर्म विशेष से जुड़े हुए थे। नक्सलियों के मसीही धर्म के प्रति लगाव और हिंदुत्व के प्रति नफरत का एक उदाहरण यह भी है कि सुदूर बस्तर के जंगलों में नक्सलियों द्वारा आज तक कभी किसी चर्च को निशाना नहीं बनाया गया है। जबकि वहीं बारसूर की पहाड़ी पर स्थित भगवान गणेश की अति प्राचीन शिवलिंगों और दुर्गाजी की प्रतिमाओं को खंडित करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जबकि भगवान भोलेनाथ और आदिशक्ति मां दुर्गा आदिवासियों के आराध्य हैं।हालांकि नगा बटालियन जब सुकमा जिले में पदस्थ थी तो उनके कैंप में चर्च स्थापित हुए थे, जिसकी शिकायत तत्कालीन डीजीपी विश्वरंजन से की गई थी।कुछ माह बाद ही नगा बटालियन की वापसी बस्तर से हो गई। अब अगर नक्सली लीडरों के माध्यम से अगर कन्वर्जन की खबर आ रही है तो यह गंभीर विषय है क्योंकि इससे आदिवासी की संस्कृति बदलने का कृत्य इन नक्सली लीडरों द्वारा किया जा रहा है।

कब्र के साथ छेड़छाड़ से गांव में दहशत, पुलिस जांच में जुटी

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बालोद गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों ने कब्र में एक दफन स्थल के साथ छेड़छाड़ देखी। ग्रामीणों के अनुसार, कब्र की मिट्टी उखड़ी हुई थी और आसपास तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री पड़ी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में डर और तनाव का माहौल बन गया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किसने और किस उद्देश्य से कब्र के साथ छेड़छाड़ की।

जांच में जुटी पुलिस, आरोपियों की तलाश

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में कब्र के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है—चाहे वह अंधविश्वास से जुड़ा मामला हो या कोई अन्य कारण। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों में भय और आक्रोश

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। खासकर बच्चों के परिजन चिंतित हैं और रात में बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है

डॉक्टर चायवाला की प्रेरक पहल

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वैवाहिक वर्षगांठ पर मेडिकल कॉलेज के प्रसूति वार्ड में लगवाया गीजर

अशोक जायसवाल ने पेश की शानदार मिसाल

जगदलपुर समाज में अपनी सेवा भावना के लिए “डॉक्टर चाय वाला” के नाम से प्रसिद्ध अशोक जायसवाल ने अपनी वैवाहिक वर्षगांठ को एक नई दिशा देते हुए अनुकरणीय पहल की है। इस विशेष अवसर पर उन्होंने महारानी अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल के प्रसूति वार्ड में माताओं और नवजात शिशुओं की सुविधा के लिए गीजर मशीन लगवाकर गर्म पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराई है।

प्रसूति वार्ड में भर्ती माताओं को विशेष रूप से ठंड के मौसम और रात्रि के समय गर्म पानी की अत्यंत आवश्यकता होती है। नवजात शिशुओं की देखभाल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अशोक जायसवाल की इस पहल से अब वार्ड में उपचाररत माताओं को बड़ी राहत मिलेगी। इस अवसर पर अशोक जायसवाल ने कहा,“वैवाहिक वर्षगांठ केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्व को निभाने का भी अवसर है। यदि हमारे इस छोटे से प्रयास से किसी माँ को सुविधा और किसी नवजात को सुरक्षा मिलती है, तो यही हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है। हम चाहते हैं कि समाज का हर व्यक्ति अपने विशेष अवसरों को सेवा से जोड़े।”अस्पताल प्रशासन ने इस सराहनीय पहल के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना भी बढ़ाते हैं।अशोक जायसवाल की यह अनोखी पहल समाज के अन्य नागरिकों, व्यवसायियों और संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को सामाजिक सेवा से जोड़े, तो निश्चित ही हमारे अस्पतालों और जरूरतमंदों की स्थिति और बेहतर हो सकती है। यह पहल संदेश देती है कि सच्चा उत्सव वही है, जो दूसरों के जीवन में राहत, सुविधा और मुस्कान लेकर आए।

अब बस्तर में भी ‘बाबू-सोना’ का खेल

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बस्तर की अस्मिता पर पश्चिमी संस्कृति का हमला

बस्तर पंडुम महोत्सव वाली जगह पर वेलेंटाइन डे की सजावट

अर्जुन झा-

जगदलपुर जिस जगह पर बस्तर की समृद्ध और वैभवशाली संस्कृति के साक्षी देश की श्रीमती राष्ट्रपति द्रौपदी, राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बने थे, उस जगह पर बाबू सोना के वेलेंटाइन डे सेलिब्रेट करने का मामला सामने आया है। यह बस्तर की संस्कृति और परंपराओं पर करारा हमला है। हालिया संपन्न हुए बस्तर पंडुम की पूरे देश में चर्चा हुई है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने संभाग स्तरीय इस आयोजन का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर राजयपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत अन्य कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। राष्ट्रपति ने बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इनके संरक्षण संवर्धन पर जोर दिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बस्तर पंडुम के आयोजन की तारीफ करते हुए बस्तर की समृद्ध धरोहरों को विश्व पटल पर स्थापित करने की बात कही थी। इसे चार दिन नहीं बीते थे कि आधुनिकता और पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध में फंसे कुछ सिरफिरों ने बस्तर की संस्कृति पर हमला कर दिया। बस्तर पंडुम आयोजन स्थल की वेलेंटाइन डे पर विशेष रूप सजावट की गई थी। लाल, गुलाबी रंग के दिल के आकार वाले बलूनों और फूलों से इसे सजाया गया था। यहां आधुनिक वेशभूषा में सजी धजी कुछ युवतियां टहलती भी नजर आईं।इससे जाहिर होता है कि बस्तर में भी बाह्य संस्कृति की घुसपैठ हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बस्तर की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण संवर्धन के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर की आदिमकालीन प्रमुख विरासत घोटुल संस्कृति को कायम रखने के उपाय किए जा रहे हैं। इसी के तहत बस्तर संभाग के नारायणपुर क्षेत्र में करोड़ों की लागत से भव्य घोटुल का निर्माण कराया गया है। यहां की लोक संस्कृति और परंपराओं से आज की युवा पीढ़ी को जोड़े रखने के लिए बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लेना शुरू कर दिया है। नक्सलियों को समाज, लोकतंत्र और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में ये आयोजन बड़े ही सहायक साबित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बस्तर की युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध और गौरवशाली संस्कृति को छोड़ वेलेंटाइन डे, हग डे, मदर्स डे, फादर्स डे, फ्रेंडशिप डे, रोज डे जैसी पश्चिमी सभ्यता के दीवाने हुए जा रहे हैं। जगदलपुर की कई युवतियां दो कदम आगे निकल गई हैं। इसकी झलक वेलेंटाइन डे पर बस्तर पंडुम आयोजन स्थल पर देखने को मिली, जहां कुछ युवतियां चहल कदमी करती हुई अपने बाबू का इंतजार कर रही थीं। शहर के होटलों में वेलेंटाइन डे पर विशेष सजावट नहीं हुई, लेकिन बस्तर पंडुम स्थल पर की गई व्यवस्था चर्चा में है,।बजरंग दल और अन्य बाबू सोना को पकड़ने वाले अन्य संगठनों के लोग बस्तर पंडुम स्थल पर नजर नहीं आए।

पीटीएस की बॉउंड्रीवॉल का दायरा बढ़ाना जनहित में नहीं: राजेश चौधरी

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नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी और वार्डवासियों ने बाउंड्रीवॉल मौजूदा हद में रखने सौंपा ज्ञापन =*जगदलपुर।* नगर पालिक निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा है कि भगत सिंह वार्ड क्रमांक 6 में लालबाग स्थित पीटीएस की बाउंड्री वॉल बनाने से बगल से गई पुरानी नाली की सफाई कराने में परेशानी होगी। इसे लेकर पीटीएस के अधिकारियों से बाउंड्रीवॉल नाली से लगभग 4 फीट दूर बनाने का आग्रह किया गया था, परंतु पीटीएस के अधिकारी उक्त परेशानी को नजर अंदाज करके जबरन बाउंड्री वॉल बनाने की बात कर रहे हैं।

दायरा बढ़ा कर बॉउंड्रीवॉल बनाए जाने से वार्डवासियों को भविष्य में नाली सफाई को लेकर काफी परेशानी होगी। नवनिर्मित आईजी कार्यालय का आउटलेट भी इस नाली से जाता है और पीटीएस का पानी भी इसी नाले से बहता है। बावजूद इसके पीटीएस के अधिकारी द्वारा नाली से सटाकर बाउंड्री वॉल बनाने की बात कही जा रही है जिसे लेकर वार्ड वासियों द्वारा आयुक्त नगर पालिक निगम को आवेदन दिया तथा वार्डवासियों ने नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में बस्तर आईजी. सुंदरराज पी. को भी समस्या को लेकर आवेदन दिया गयस। जिस पर आईजी ने संबंधित विभाग से बात करके समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया है। वार्ड के निवासियों द्वारा अवगत कराया गया कि नाली की जहां समस्या है उस लाइन में शहीद उपेंद्र साहू का भी मकान आता है और उनके परिवार इस लाइन में रहते हैं। आईजी एवं आयुक्त नगर निगम के आश्वासन के बाद वार्डवासी संतुष्ट हुए एवं जल्द समस्या का निदान करने का आग्रह किया। इस दौरान राजेश चौधरी नेता प्रतिपक्ष नगर निगम जगदलपुर, सिविल लाइन वार्ड से संध्या महंती, मदर टेरेसा वार्ड के पार्षद शुभम यदु, वरिष्ठ कांग्रेसी आभास महंती, संतलाल साहू, गीता, सीमा साहू, भाग्यश्री, तरुण साहू, महेश मिश्रा, कैकेयी साहू, राज देवांगन, कमल साहू, शाहिद एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय भानपुरी में सप्त शक्ति संगम का आयोजन

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जगदलपुर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के संयोजन में सप्त शक्ति संगम का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय भानपुरी में शनिवार को किया गया। अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती व भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया

इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बस्तर जनपद सदस्य जमुना ठाकुर, जनपद सदस्य बस्तर, विशिष्ट अतिथि कमला नाग, संध्या कश्यप, सरपंच करंदोला थीं। सर्वप्रथम कमला नाग ने सप्तशक्ति प्रस्तावना का वाचन किया। उन्होंने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि समाज तभी आगे बढ़ेगा जब बेटियों को भी समान अवसर, शिक्षा और सम्मान मिलेगा। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नारी शक्ति ही समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है।महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की नीव है। इस दौरान विद्यालय के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।माताओं द्वारा सप्तशक्ति प्रस्तुत कर अभिनय किया गया । गुब्बारे फुलाओ प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम हुआ जिसमें सभी माताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रश्न का उत्तर बताया गया सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अभियान में सप्त शक्ति संगम दृढ़ संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य रामदयाल नाग ने किया। इस दौरान आचार्य शीबूराम यादव, बंशीराम पटेल, माधुरी भद्रे, विनीता ठाकुर, शशिकला, रोशनी चंद्रा, पोमेश्वरी ध्रुव, प्रभा सेठिया एवं आसपास के अभिभावक सम्मिलित हुए

जगदलपुर के सभी वार्डों के अधोसंरचना विकास के लिए 764.60 लाख रुपए की मंजूरी

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होंगे नाली-पुलिया, सड़क चौड़ीकरण, डामरीकरण, सामुदायिक भवन एवं अन्य निर्माण कार्य

जगदलपुर नगर पालिक निगम जगदलपुर के 48 वार्डों में अधोसंरचना विकास को गति देने हेतु 764.60 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से वार्डों में आरसीसी नाली निर्माण, सीसी सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण, डामरीकरण सड़क, पेवर ब्लॉक कार्य, सीसी शोल्डर निर्माण, आरसीसी पुलिया निर्माण, शेड एवं एप्रोच मार्ग निर्माण, सुरक्षा दीवार निर्माण तथा सामुदायिक भवन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। नगर निगम क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव, आवागमन में असुविधा एवं सामुदायिक आयोजनों हेतु उपयुक्त स्थान की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही थी। स्वीकृत राशि से प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर इन समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा शहर की आधारभूत संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी। आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्यों से वर्षा ऋतु में होने वाले जलभराव की समस्या का समाधान होगा। जल निकासी की समुचित व्यवस्था होने से सड़कों एवं आवासीय क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होगा जिससे नागरिकों को राहत मिलेगी।

आवागमन होगा सुगम

सीसी सड़क निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, डामरीकरण तथा सीसी शोल्डर निर्माण से सड़कों की गुणवत्ता एवं मजबूती बढ़ेगी। एप्रोच रोड निर्माण से मोहल्लों और मुख्य मार्गों के बीच संपर्क बेहतर होगा, जिससे वाहन चालकों एवं राहगीरों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।सामुदायिक भवन एवं शेड निर्माण कार्यों से विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा। इससे नागरिकों को कार्यक्रम आयोजित करने में सुविधा मिलेगी तथा सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिलेगा।बॉक्स *सड़कें होंगी और भी मजबूत*पेवर ब्लॉक कार्य, सीसी रोड चौड़ीकरण तथा डामरीकरण कार्यों से सड़कों की आयु बढ़ेगी। साथ ही सुरक्षा दीवार निर्माण से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित होगी।नगर निगम द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों से न केवल शहर की आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं भी प्राप्त होंगी। निगम प्रशासन ने शीघ्र ही कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। *बॉक्स**महापौर पाण्डेय ने माना आभार*इन कार्यों से जगदलपुर शहर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहर आधुनिक और सुव्यवस्थित नगरी के रूप में विकसित होगा।महापौर संजय पांडे ने सभी कार्यों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग एवं स्वीकृति के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक जगदलपुर किरण सिंह देव एवं सांसद महेश कश्यप का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है।

दहया 28 साल पुराना नक्सली स्मारक

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जगदलपुर बस्तर संभाग में पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलियों का नामोनिशान मिटा देने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के जंगल में स्थापित 28 साल पुराने नक्सली स्मारक को ढहा दिया गया। यह स्मारक सुकमा जिले के बुर्कलंका में 1998 में बनाया गया था। इसे सीआरपीएफ जवानों ने ध्वस्त कर दिया।सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन के जवानों ने कमांडेंट प्रेमजीत कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई की,बीते 3 जनवरी को इसी इलाके में 12 नक्सली मारे गए थे। लगातार नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षबलों की कार्रवाई जारी है। वर्तमान में दक्षिण बस्तर के सबसे विशालकाय स्मारक के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बुलडोजर की मदद से की गई।

सुकमा में बड़ी कार्रवाई: नक्सलियों का स्मारक ध्वस्त, सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई

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सुकमा ब्रेकिंग नक्सलियों के खिलाफ सुकमा जिले में जारी है सुरक्षाबलों की कार्यवाही नक्सलियों के आधार स्तम्भ के रूप में मौजूद स्मारक को जवानों ने किया गया ध्वस्तथाना चिंतागुफा क्षेत्रांतर्गत ग्राम कडतीपारा में नक्सलियों ने बना रखा था स्मारकनक्सलियों के एक स्मारकों को सीआरपीएफ की सेकण्ड बटालियन के जवानों ने किया ध्वस्तकमांडेंट कमलेश कुमार के निर्देशन पर की गई कार्यवाही

नक्सली हिड़मा के चिता स्थल पर कर्मकांड

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आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से आए दर्जनों लोग कर रहे थे कथित दीनकर्म एमएमपुलिस ने पूछताछ करने के बद छोड़ दिया

अर्जुन झा

जगदलपुर कुछ माह पहले मुठभेड़ में मारे गए खूंखार नक्सली हिड़मा की चिता पर कर्मकांड करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कर्मकांड करने वाले लोग पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से आए थे और उनकी संख्या करीब 80 रही होगी। सबसे खतरनाक श्रेणी के नक्सलियों में शुमार रहे हिड़मा को कुछ माह पहले सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस और सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में टॉप पर रहा हिड़मा बस्तर संभाग के सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का मूल निवासी था। मुठभेड़ में हिड़मा की पत्नी राजे भी मारी गई थी। दोनों के शवों का अंतिम संस्कार उनके गृहग्राम पूवर्ती में किया गया था।बीती देर शाम पूवर्ती के श्मशान घाट में एकसाथ पहुंचे 70-80 लोगों द्वारा नक्सली कमांडर हिड़मा व उसकी पत्नी राजे की चिता पर कर्मकांड किया जा रहा था।

बताया जाता है कि ये सभी लोग बाहरी थे और तेलंगाना तथा आंध्रप्रदेश से आए थे। ये सभी लोग श्मशान में तथाकथित दीनक्रिया को अंजाम दे रहे थे। जब ग्रामीणों ने इस कर्मकांड का विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत की तब पुलिस ने 70-80 लोगों पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेकर पुलिस सभी लोगों को पूवर्ती से सुकमा ले गई। सुकमा में उनसे देर रात तक पूछताछ चलती रही।पूछताछ के बाद सभी लोगों को पुलिस ने रिहा कर दिया। तथाकथित दीनकर्म करने वाले लोग किस संगठन से जुड़े हुए हैं और इस कर्मकांड को अंजाम देने के पीछे की उनकी मंशा क्या थी? यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसे लेकर पूरे सुकमा जिले में तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

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