जगदलपुर बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने 5 बेसहारा बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए फोस्टर परिवारों के हवाले किया। ये पालक परिवार अब इन पांचों बच्चों का पालन पोषण अपने बच्चे की तरह करेंगे। बस्तर जिले में बाल संरक्षण और बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय कदम उठाया है। कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत दो जागरूक परिवारों को कुल 5 बच्चों की जिम्मेदारी विधिवत सौंपी गई। जिला बाल कल्याण समिति के निर्देशन में पूर्ण की गई इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को एक सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारीवारिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जिन्हें विशेष देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कलेक्टर छिकारा ने फोस्टर परिवारों से सीधा संवाद करते हुए बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, उत्तम शिक्षा और उनके समग्र पालन-पोषण को लेकर आवश्यक समझाइश दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन बाल संरक्षण तंत्र को निरंतर सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इन परिवारों को भविष्य में भी हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। बस्तर के इन दो परिवारों द्वारा 5 बच्चों के संरक्षण की जिम्मेदारी उठाना न केवल एक मानवीय पहल है, बल्कि यह ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी और संवेदनशील नेतृत्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करता है।इस पूरी प्रक्रिया को सफलता पूर्वक संपन्न करने में प्रशासनिक तालमेल और तकनीकी विशेषज्ञता का विशेष योगदान रहा। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही, सदस्य वर्षा श्रीवास्तव, धनेश्वरी वर्मा, संतोष जोशी, रामकृष्ण ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा और जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. विजय शंकर शर्मा की टीम ने बच्चों के सर्वोत्तम हित को सर्वोपरि रखते हुए इस कार्य को सुनिश्चित किया। वहीं तकनीकी सहयोगी के रूप में सीईएसी-यूनिसेफ के जिला अधिकारी रमेश कुमार दास ने फोस्टर केयर प्रक्रिया, क्षमता निर्माण और पारदर्शी दस्तावेजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सामुदायिक जागरूकता और प्रशासनिक तत्परता के समन्वय से शुरू हुई यह पहल न केवल इन पाँच बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी, बल्कि समाज में बाल अधिकारों के प्रति एक नई संवेदनशीलता भी जागृत करेगी। यह कदम भविष्य में जिले के भीतर बाल संरक्षण की एक सुदृढ़ और व्यवस्थित प्रणाली स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
जगदलपुर महुआ और बांस के घनघोर जंगलों के बीच स्थित तुलार गुफा सच में एक अद्भुत और रहस्यमयी स्थान है। यहां रोमांच और आस्था का अतुलनीय अनुभव होता है।एक समय यह इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, लोग नाम सुनकर ही डर जाते थे। लेकिन आज वही स्थान भगवान की भक्ति और श्रद्धा का केंद्र बन चुका है। समय कैसे करवट लेता है, इसका जीता-जागता उदाहरण है तुलार गुफा। यह गुफा बारसूर सातधार पार करने के बाद छिंदबहार हांडावाडा रोड पर दांयी ओर स्थित है।
तुलारगुफा तक पहुंचना आसान नहीं है। ऊंची-ऊंची पहाड़ियां, घुमावदार पगडंडियां, सातधार के बहते नाले, छोटी -छोटी नदियों को पार करके आगे बढ़ना पड़ता है। कई जगह रास्ता इतना संकरा कि बहुत संभलकर चलना पड़ता है। सच कहें तो बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह यात्रा थोड़ा कठिन है। जंगल में ऊंचे-ऊंचे महुआ और बांस के पेड़ प्राकृतिक प्रहरी की तरह खड़े नजर आते हैं। हवा जब बांस के झुरमुट से गुजरती है तो एक अलग ही संगीत सुनाई देता है। महुआ की खुशबू और जंगल की शांति मन को भीतर तक छू जाती है। गुफा तक पहुंचते-पहुंचते समझ में आता है कि भगवान अपने भक्तों की परीक्षा जरूर लेते हैं। कठिन रास्ता, पसीना, थकान सब कुछ सहने के बाद जब गुफा में विराजमान महादेव के दर्शन होते हैं तो सारी थकान पल भर में दूर हो जाती है।तुलार गुफा केवल एक स्थान नहीं, बल्कि साहस, आस्था और बदलाव की कहानी है। इसे नहीं देखा, उसने सच में क्या देखा? यह धर्म स्थल ओरछा क्षेत्र में आता है और संभवतः छिंदबहार विकासखंड में स्थित है। शिव के इस धाम तक बड़ी गाड़ियां नहीं जा पाती हैं। फोर व्हीलर को रास्ते में खड़े कर पूरा सफर पैदल या बाइक के जरिए तय किया जा सकता हैसाथ में कुछ खाने का सामान रखा जाए तो ठीक है क्योंकि उसे क्षेत्र में कुछ भी नहीं मिलता ना ही पंचर बनाने की दुकान है।
दल्ली राजहरा नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 बीएलसी के 19 हितग्राहियों को पिछले तीन माह से शासन द्वारा स्वीकृत राशि का भुगतान नहीं होने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे हितग्राहियों की इस गंभीर समस्या को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रतिराम कोसमा के नेतृत्व में मंडल अध्यक्षों एवं कांग्रेस पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर पालिका कार्यालय पहुंचा। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सह तहसीलदार देवेंद्र कुमार नेताम की अनुपस्थिति में कांग्रेस नेताओं ने इंजीनियर नित्यानंद उपाध्याय एवं सब इंजीनियर शहबाज से भेंट की। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि राशि के अभाव में गरीब परिवारों के आवास अधूरे पड़े हैं, जिसका जिम्मेदार प्रशासन है। इंजीनियरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सीएमओ देवेंद्र कुमार नेताम से दूरभाष पर चर्चा की। चर्चा के दौरान सीएमओ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम चरण में 19 चिन्हित हितग्राहियों की रुकी हुई राशि शीघ्र स्वीकृत कर सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी।जनता के संघर्ष के लिए संकल्पित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के इस सफल प्रयास पर स्थानीय हितग्राहियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया है। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने कहा कि शहर की जनता के अधिकारों के लिए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा हमेशा सड़कों पर उतरकर संघर्ष करती रहेगी।किसी भी गरीब का आशियाना राशि के अभाव में रुकने नहीं दिया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रतिराम कोसमा, मंडल अध्यक्षद्वय चंद्रप्रकाश सिन्हा व विवेक मसीह, जिला पदाधिकारी के. ईश्वर राव एवं लक्ष्मण प्रसाद शर्मा तथा अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताशामिल थे।
प्रदेश कांग्रेस सचिव दुर्गेश राय ने घटना पर जताई कड़ी नाराजगी
जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत बालाटिकरा स्थित पोटा केबिन में खाना बनाते समय आग लगने से दो महिलाएं और दो बालिकाएं झुलस गईं। घटना में एक बालिका की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका उपचार जिला चिकित्सालय सुकमा की बर्न यूनिट में जारी था और अब उस बच्ची को डिमरापाल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर रिफर कर दिया गया है। इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दुर्गेश राय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे पोटा केबिन प्रबंधन की घोर लापरवाही करार दिया है। बालाटिकरा पोटा केबिन में 25 वर्षीय महिला मल्लिका और 35 वर्षीय सोनादई खिचड़ी बना रही थीं। इस दौरान पोटा केबिन में अध्ययनरत 13 वर्षीय बालिका जिया (पिता– तामे) एवं 12 वर्षीय बालिका अमृता को भी खाना बनाने के कार्य में लगाया गया था। भोजन तैयार करते समय अचानक आग भड़क उठी खिचड़ी की गंजा की कुंडी टूट गई जिसकी चपेट में आकर चारों झुलस गईं,घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला मल्लिका, सोनादई और बालिका अमृता को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी बालिका जिया की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय सुकमा रेफर किया था। वहां प्राथमिक उपचार के बाद जिया को डिमरापाल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जगदलपुर लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।कांग्रेस नेता दुर्गेश राय ने कहा है कि सुकमा जिला के आश्रमों, छात्रावासों और पोटा केबिनों में रहकर पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बच्चों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम कराया जाता है। उन्होंने कहा है जबसे जिले के पोटा केबिनों के संचालन की जिम्मेदारी सत्ताधारी दल के परिवारों को दी गई है तब से पूरे सुकमा जिले के पोटा केबिनों में आराजकता फैली हुई है।किसी को प्रशासन का डर नहीं है। खुलेआम भ्रष्टाचार को अंजाम देकर नौनिहालों के निवाला छीन कर उसे अपने राजनीतिक आका की थाली में परोस रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस सचिव दुर्गेश राय ने कहा है कि लापरवाह अधीक्षक से लेकर सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कई दिनों तक इस मामले को दबाने का कार्य किया गया। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्रवाई हो। दुर्गेश राय ने कहा कि उचित निगरानी और देखरेख के अभाव में यहां रह रहे बच्चे दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। बालाटिकरा आवासीय पोटा केबिन की यह घटना भी इसी लापरवाही की ओर इशारा करती है, जहां नाबालिग बालिकाओं से रसोई का कार्य कराया गया, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ। उक्त मामले में जिला प्रशासन से मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी हो।
दल्ली राजहरा।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरण सिंह देव जी, प्रदेश महामंत्री माननीय यशवंत जैन तथा भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष माननीय राहुल टिकरिया जी के मार्गदर्शन में, संभाग एवं जिला प्रभारी के निर्देशानुसार भाजपा जिला अध्यक्ष माननीय चेमन देशमुख जी की अनुशंसा पर जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष गुलशन साहू की सहमति पर जिला कार्यकारिणी की घोषणा हुई जहां राजहरा मंडल अध्यक्ष श्री रामेश्वर साहू ने भाजयुमो राजहरा मंडल अध्यक्ष के दायित्व पर सागर गनीर के नाम पर सहमति जताई घोषित सूची में वहीं एम.एस. श्रीजीत को जिला मंत्री का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
इसके अतिरिक्त जिला सोशल मीडिया प्रभारी के रूप में सुमित जैन तथा जिला कार्यकारिणी सदस्य के रूप में साहिल सवालकर को स्थान दिया गया है। वहीं महिला मोर्चा जिला मंत्री का दायित्व गीता मरकाम जी को मिला गीता मरकाम पूर्व में महिला मोर्चा अध्यक्ष वर्तमान में मंडल उपाध्यक्ष रही उनकी नियुक्ति से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा!सागर गनिर पूर्व में भाजयुमो मंत्री के रूप में संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं एम.एस. श्रीजीत,जो पूर्व भाजयुमो नगर महामंत्री रह चुके हैं,छात्र राजनीति से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्वों में सक्रिय रहे हैं। उनकी नियुक्ति को युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इसी क्रम में नवनियुक्त नगर अध्यक्ष सागर गनिर के नेतृत्व में “आशीर्वाद रैली” के रूप में भव्य बाइक रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और पूरे नगर में संगठन की शक्ति का प्रदर्शन किया गया। जगह-जगह रैली का स्वागत भी किया गया, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला महामंत्री सौरभ लुनिया,नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू,नगर पालिका उपाध्यक्ष पिंटू दुबे,मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू,पूर्व मंडल अध्यक्ष गोविंद वाधवानी,पूर्व मंडल अध्यक्ष सुदेश सिंह,पूर्व मंडल अध्यक्ष महेश पांडेय,राजेश दशोड़े, राकेश द्विवेदी,पूर्व पार्षद बॉबी छतवाल,मुस्ताक अहमद,मंडल महामंत्री रमेश गुज्जर,पार्षद विशाल मोटवानी,पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष संजीव सिंह,स्वाधीन जैन,जयदीप गुप्ता,आशीष लालवानी,मंडल मंत्री समर्थ लखानी,दमनदीप सिंह,प्रणवशंकर साहू,ललित जैन,पार्षद भूपेंद्र श्रीवास,पार्षद निर्मल पटेल,मुकेशखस मंडल उपाध्यक्ष,प्रमोद उड़िया,राकेश देवांगन,गौरव कौमार्य,हरीश बाघ,नदीम बडगूजर,राहुल(चंद्रप्रकाश) शर्मा,रौनक साहू,शेखर करायत,कोमल बाघ,राहुल साहू, रिषभ उपाध्याय,अनिल जमुरिया,पुनीत,सिन्नी,देव निषाद,लक्की,दुर्गेश(गोलू)प्रदीप,तुषार,यश, इशू,सूरज,एम.अमन,रोशन,सहित भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएं प्रेषित किया उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सागर गनिर एवं एम.एस. श्रीजीत एवं सुमित जैन,साहिल सावलकर को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन की रीति-नीति एवं विचारधारा के अनुरूप कार्य करने का संकल्प लिया। रैली एवं नियुक्तियों के बाद नगर एवं जिले के कार्यकर्ताओं में हर्षोल्लास का माहौल है और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
शिव भक्त संजय बैंस ने निकाला महादेव की भव्य बरातपूरे अंचल में महाशिव रात्रि के पावन अवसर पर पूरा अंचल शिवमय हो गया हर मंदिरों रुद्राभिषेक मानस सम्मेलन के साथ बाजे गाजे और डीजे की धुन पर भोले बाबा की भव्य बरात तलाब पारा शिव मंदिर प्रांगण से निकाला गया शिव पार्वती विवाह का आयोजन धर्म प्रेमी संजय बैंस के अगुवाई में सम्पन्न हुआ इस भव्य आयोजन में गाजे बाजे के साथ सैकड़ों की संख्या में तलाब पारा शिव मंदिर समिति के भक्त जन बराती बनकर निकले इस बारात के आकर्षण शिव झांकी और अघोरी नृत्य रहा है जगह जगह शिव बरात में निकले बरातियों का का स्वागत किया गया इस आयोजन में प्राचीन शिव मंदिर समिति के पुजारी लखन गिरी गोस्वामी के नेतृत्व में आदर्श चौक और आजाद चौक के लोगों मैया पार्वती मैया के मायका पक्ष बनकर मंडप सजाकर बरात पहुंचते ही द्वार पूजा पुजारी लखन गिरी गोस्वामी के द्वारा सम्पन्न कर किया गया इस अवसर पर नूतन बैंस कंचन बैंस तुलसी सिन्हा गिरजा सिन्हा जी द्वारा शिव शंकर जी की आरती लेकर विवाह मंडप पर ले जाकर विवाह सम्पन्न हुआ सभी बरातियों का स्वागत का जिम्मा शिव भक्त सूरज कोसरिया गोविंद सिन्हा गजेन्द्र खरब गिया के द्वारा सारे बरातियों का भोजन और जलपान की व्यवस्था किया गया सारे भक्त शिवमय होकर शिव जी की आरती कर कार्यक्रम सम्पन्न हुआ
इस अवसर पर जनपद सदस्य मंजू बैंस तलाब पारा दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद यादव जी गौतम साहू हीरा लाल पड़ौती अर्जुन चंद्राकर संतु राम माहला प्रकाश यूके गौरी शंकर साहू गोयल सर श्रीमती कमला बैंस खेमिन निर्मलकर शशि यूके कुमारी पड़ौती बिमला चंद्राकर संतोषी पटेल राधिका पटेल लोकेश्वरी साहू शैलेन्द्री माहला निकिता बैंस ओमिका निर्मलकार श्वेता महाला सोनम पटेल खुशी पटेल मोनालिसा साहू नैना काजल राधे निर्मलकार धन्नू सिन्हा गायत्री मानिकपुरी जी के साथ समूचा कुसुमकसा के शिव भक्त उपस्थित रहे कुसुमकसा के सक्रिय जनप्रतिनिधि संतोष जैन पुष्पजीत बैंस कमलकांत साहू देवेश सिन्हा मुरली जेठवानी अशोक धर्मगुड़ी जी द्वारा जगह जगह शरबत चाय नाश्ता का व्यवस्था किया गया
दल्ली राजहरा। संयुक्त खदान मजदूर संघ (एटक) का प्रतिनिधिमंडल राजहरा माइंस हॉस्पिटल में व्याप्त समस्याओं को लेकर मुख्य महाप्रबंधक (खदान) श्री आर.बी. गहरवार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले लगभग 15 दिनों से अस्पताल में ब्लड टेस्ट की मशीन खराब पड़ी हुई है, जिसके कारण कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को आवश्यक जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि हो रही है।प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल में महिला एवं पुरुष ड्रेसर की तत्काल भर्ती, अटेंडेंट एवं नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति तथा मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर की शीघ्र पोस्टिंग की मांग भी रखी। संघ ने कहा कि खदान क्षेत्र के हजारों श्रमिकों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ एवं संसाधन उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है।मुख्य महाप्रबंधक श्री गहरवार ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।प्रबंधन की ओर से चर्चा में नीतीश छतरी, एच . आर . विभाग के मंडरिया, एस . पटनायक, लेबर ऑफिसर मुरली चंद्राकर यूनियन की ओर से कमलजीत सिंह मान ,श्रीनिवासलू , राजेश कुमार साहू, हंस कुमार, उमेश कुमार , ओम प्रकाश शर्मा , कुलदीप सिंह, राजकिशोर मोहंती, नरेंद्र जनबंधु, सुमित साहू, आर बी सिंह, जितेंद्र कुमार ,महेश शर्मा,जीवन, केवट, निर्मलकर, तथा अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
सौगातों से भरा रहा ग्राम पटेली में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर, मौके पर अनेक समस्याओं का किया गया निराकरण जिला प्रशासन बालोद की अभिनव शुरूआत, प्रशासनिक अमले के साथ बस में सवार होकर पहुँचे कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि शिविर में हुए शामिल, कलेक्टर ने स्वच्छता अभियान एवं बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु दिलाई शपथ
बालोद, 16 फरवरी 2026 राज्य शासन के निर्देशानुसार बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल के ग्राम पटेली में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर पटेली सहित ठेमाबुजुर्ग, ओरगांव, घोटिया, पचेड़ा, भर्रीटोला 36 एवं ढोर्रीठेमा सहित अंचल के अनेक गांवों के निवासियों के लिए सौगातों भरा रहा। शिविर में ग्रामीणों से आवेदनों का परीक्षण कर संबंधित विभागों के द्वारा उनके विभिन्न मांगों एवं समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। ग्राम पटेली में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में खास बात यह रही कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक के साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी एक साथ बस में सवार होकर जनसमस्या निवारण शिविर में पहुँचे। जिला प्रशासन के इस अभिनव पहल की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की है। आज आयोजित शिविर में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, राज्य एथेलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद पंचायत डौण्डी के अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी, वनमण्डलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डीडी मण्डले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जनपद सदस्य श्री तुलेश्वर हिचामी, शिव प्रसाद बारला, श्री पुनीत सेन, श्रीमती रत्ना हिरवारी, श्रीमती आशा आर्य एवं श्रीमती साधना सोरी के अलावा ग्राम पंचायत पटेली के सरपंच बाबूलाल सिहारे एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिविर में उपस्थित लोगों को जीवन में स्वच्छता के महत्व की जानकारी देते हुए स्वयं स्वच्छ रहने तथा स्वच्छता के प्रति सजग रहने और इसके लिए समय देकर स्वच्छता के कार्य में अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई।
इस दौरान उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बाल विवाह के रोकथाम के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की भी शपथ दिलाई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अतिथियों ने गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट भेंट कर उनका गोदभराई रस्म को पूरा करने के अलावा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया गया। इस दौरान शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों तथा आला अधिकारियों ने अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणों के साथ फाइलेरिया मुक्ति अभियान के अंतर्गत सामूहिक रूप से फाइलेरिया का दवाई का सेवन भी किया। इस मौके पर विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 386 आवेदनों में से अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
आज आयोजित शिविर में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने शिविर में पहुँचे आवेदकों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब कर ग्रामीणों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। शिविर में अतिथियों के द्वारा मछली पालन विभाग के मत्स्य पालन प्रचार योजना के अंतर्गत ग्राम पटेली निवासी गोपाल निषाद को 01 नग जाल एवं श्री किशुनराम को आईस बाॅक्स प्रदान किया गया। इसी तरह कृषि विभाग द्वारा 05 कृषकों को बैटरी चलित स्प्रेयर एवं 08 कृषकों को उन्नत उड़द बीज का वितरण किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 27 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान करने के अलावा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी के मरीजों को बेहतर पोषण प्रदान करने हेतु उन्हें निक्षय पोषण किट भी प्रदान किया गया। श्रम विभाग के द्वारा श्रमिकों को श्रम कार्ड के अलावा राजस्व विभाग के द्वारा शिविर में आवेदकों का आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाकर अतिथियों के कर कमलों से उन्हें सौंपा गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग के द्वारा 04 श्रवणबाधितों को श्रवण यंत्र एवं 04 बुजुर्गों को छड़ी भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य पूर्ण होने पर उन्हें आवास पूर्णता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल के ग्राम पटेली में इस वर्ष के पहले जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के आयोजन के लिए ग्राम पटेली सहित अंचल वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में भी जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप संपूर्ण प्रशासनिक अमले को आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिससे कि प्रशासन के आला अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ग्रामीणों एवं आम जनता के वास्तविक समस्याओं से रूबरू हो सके। इस अवसर पर उन्होंने आम जनता के कल्याण हेतु राज्य व केन्द्र सरकार के द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए सभी किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने आम जनता को आयुष्मान योजना अंतर्गत स्मार्ट कार्ड बनाकर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ लेनेे तथा ग्रामीणों एवं श्रमिकों को श्रम विभाग के योजनाओं का लाभ लेने हेतु अनिवार्य रूप से श्रम कार्ड बनाने को कहा। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को फाइलेरिया बीमारी के गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए शासन द्वारा चलाए जा रहे फाइलेरिया मुक्ति अभियान के अंतर्गत अनिवार्य रूप से फाइलेरिया की दवा का सेवन करने की भी अपील की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने संपूर्ण जिले वासियों के सहयोग से बालोद जिले को मिल रही निरंतर उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्होंने इसका श्रेय पूरे जिले वासियों को दिया। उन्होंने कहा कि बिना जनभागीदारी के किसी भी कार्य को पूरा कर पाना असंभव है।
श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले को अग्रणी बनाने तथा जिले के सर्वांगीण विकास हेतु जिले के जनप्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों के साथ-साथ समाज के सभी वर्ग के लोगों से सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की। श्रीमती मिश्रा ने आने वाले वर्षों में भयावह जल संकट के खतरे को देखते हुए भूजल की विदोहन की रोकथाम तथा जल संरक्षण के कार्य में अनिवार्य रूप से आम जनता से भागीदारी सुनिश्चित करने की भी अपील की। इसके साथ ही उन्होंने सड़क दुर्घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए दोपहिया वाहन चलाते वक्त अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करने तथा इसके लिए अन्य लोगों को प्रेरित करने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख ने डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम पटेली में इस वर्ष का पहले जनसमस्या निवारण शिविर की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा संपूर्ण राज्य की भाँति बालोद जिले के चंहुमूखी विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। श्री देशमुख ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व में बालोद जिला प्रशासन द्वारा अर्जित की गई उल्लेखनीय उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा सघन वृक्षारोपण के अलावा जल संचयन, जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत पूरे देश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए बालोद जिले को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय के तट को इको टूरिज्म के रूप में सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। जनसमस्या निवारण शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से 167, राजस्व विभाग से 63, समाज कल्याण विभाग से 12, वन विभाग से 14, परिवहन विभाग से 04, स्वास्थ्य विभाग से 14, पुलिस विभाग से 03, कृषि एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से 09-09, पशु चिकित्सा विभाग से 02, बीएसपी, जिला अग्रणी बैंक एवं चिप्स से 01-01, खाद्य विभाग से 03, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से 10, विद्युत विभाग से 13, श्रम विभाग से 33 एवं अक्षय ऊर्जा विभाग से 03 सहित आज शिविर में विभिन्न विभागों से कुल 386 आवेदन प्राप्त हुए थे। इस दौरान स्वास्थ्य और आयुष विभाग के स्टाॅल में आगन्तुकों एवं ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई।
मतांतरण के लिए नक्सलियों को विदेश से फंडिंग की भी चर्चा
-अर्जुन झा
जगदलपुर क्या नक्सली बस्तर समेत पड़ोसी राज्यों के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं? क्या नक्सलियों के संरक्षण में धर्मांतरण का खेल चल रहा है? क्या इसके लिए मिशनरी या विदेशी संस्थाओं से नक्सली संगठनों को फंडिंग हो रही है? ये सवाल कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा की मौत के बाद उसकी कब्र पर दीनकर्म करने के लिए बाहरी लोगों की भीड़ उमड़ने के बाद उठ रहे हैं।
सुकमा जिले के ग्राम पूवर्ती निवासी कुख्यात नक्सली हिड़मा और उसकी पत्नी राजे को मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों के शवों का अंतिम संस्कार ग्राम पूवर्ती के श्मशान घाट में किया गया था। दो दिन पहले आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के करीब 80 लोग हिड़मा दंपत्ति के अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचे थे। ये लोग वहां तथाकथित दीनकर्म कर रहे थे। ग्रामीणों के विरोध और शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इन सभी बाहरी सभी लोगों को सुकमा जिला मुख्यालय ले जाकर पूछताछ की गई और सुबह उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या हिड़मा अपना धर्म छोड़ कर मिशनरी के साथ हो लिया था, क्या उसने ईसाई धर्म अपना लिया था? हिड़मा के समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया में डाली गई कई रील्स, पोस्ट और गीत भी इस बात की तस्दीक करते प्रतीत हो रहे हैं। हिड़मा के समर्थक ऐसे बताते और प्रचार करते आ रहे हैं कि जैसे वह अपने समाज में मसीही बनकर मसीहा का कार्य कर रहा था। अभी हाल में ही सर्व आदिवास समाज के एक कार्यक्रम में हिड़मा को मसीहा बताने वाला एक गीत चर्चा में रहा, जिसकी भी पुलिस अधीक्षक स्तर पर जांच हुई और फिर मामला रफा दफा कर दिया गया। पूवर्ती अंचल के कई ग्रामीणों का कहना है कि कथित दीनकर्म करने आए आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के लोग धर्म विशेष से जुड़े हुए थे। नक्सलियों के मसीही धर्म के प्रति लगाव और हिंदुत्व के प्रति नफरत का एक उदाहरण यह भी है कि सुदूर बस्तर के जंगलों में नक्सलियों द्वारा आज तक कभी किसी चर्च को निशाना नहीं बनाया गया है। जबकि वहीं बारसूर की पहाड़ी पर स्थित भगवान गणेश की अति प्राचीन शिवलिंगों और दुर्गाजी की प्रतिमाओं को खंडित करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जबकि भगवान भोलेनाथ और आदिशक्ति मां दुर्गा आदिवासियों के आराध्य हैं।हालांकि नगा बटालियन जब सुकमा जिले में पदस्थ थी तो उनके कैंप में चर्च स्थापित हुए थे, जिसकी शिकायत तत्कालीन डीजीपी विश्वरंजन से की गई थी।कुछ माह बाद ही नगा बटालियन की वापसी बस्तर से हो गई। अब अगर नक्सली लीडरों के माध्यम से अगर कन्वर्जन की खबर आ रही है तो यह गंभीर विषय है क्योंकि इससे आदिवासी की संस्कृति बदलने का कृत्य इन नक्सली लीडरों द्वारा किया जा रहा है।
बालोद गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों ने कब्र में एक दफन स्थल के साथ छेड़छाड़ देखी। ग्रामीणों के अनुसार, कब्र की मिट्टी उखड़ी हुई थी और आसपास तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री पड़ी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में डर और तनाव का माहौल बन गया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किसने और किस उद्देश्य से कब्र के साथ छेड़छाड़ की।
जांच में जुटी पुलिस, आरोपियों की तलाश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में कब्र के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है—चाहे वह अंधविश्वास से जुड़ा मामला हो या कोई अन्य कारण। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में भय और आक्रोश
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। खासकर बच्चों के परिजन चिंतित हैं और रात में बाहर निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है