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कम्युनिटी पुलिसिंग के लिए क्रिकेट को बनाया जरिया

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  • नारायणपुर पुलिस एवं जिला प्रशासन के तत्वावधान में क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन जारी
  • सामुदायिक पुलिसिंग के लिए नारायणपुर पुलिस की नई पहल
  • 9 फरवरी को बालक हाईस्कूल ग्राउण्ड में होगा फाईनल मुकाबला

नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा के नेतृत्व में नारायणपुर जिले में एक तरफ जहां सफलतापूर्वक नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सामुदायिक पुलिसिंग के लिए मुहिम चलाकर आम जनता से समन्वय स्थापित पुलिस के प्रति लोगों में विश्वास को भी बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में नारायणपुर पुलिस एवं जिला प्रशासन के तत्वावधान में ‘सद्भावना कप- 2023 क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन जिला मुख्यालय नारायणपुर में 6 फरवरी से आरंभ किया जा गया है। प्रतियोगिता 9 फरवरी तक नारायणपुर में ही सेमीफाईनल एवं फाईनल प्रतियोगिता का आयोजन होगा। क्रिकेट प्रतियोगिता में जिले की 14 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में कुल 14 मैच प्रस्तावित हैं। आज कुम्हारपारा खेल मैदान में नॉक आउट क्वार्टर फाइनल का आयोजन थाना सोनपुर एवं थाना एड़का के विजेता टीम के मध्य हुआ।

प्रतियोगिता में अबूझमाड़ क्षेत्र के थाना ओरछा, कोहकामेटा एवं सोनपुर क्षेत्र की भी टीमें शामिल हो रही हैं। 6 से 8 फरवरी तक सलेक्शन मैंच कुम्हापारा खेल मैदान एवं 9 फरवरी को फाईनल मैच का आयोजन बालक हाई स्कूल मैदान नारायणपुर में होना है। 27 जनवरी से 5 फरवरी तक थाना स्तर पर लीग मैचों का आयोजन किया गया था, जिसमे जिले से 149 टीमों ने भाग लिया था। थाना स्तर पर 14 विजेता टीमों को नॉकआउट क्वार्टर फाइनल, सेमीफाईनल एवं फाईनल मैच के लिए चयन किया गया है। चयनित टीमों के खिलाड़ियों को आयोजन समिति की ओर से जर्सी, खेल सामग्री एवं रूकने व भोजन की व्यवस्था पुलिस विभाग द्वारा निःशुल्क की गई है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपस में जोड़कर टीम भावना विकसित कर जिले में सद्भाव का माहौल बनाना है। मैच शुभारंभ कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नेडवाड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, उप पुलिस अधीक्षक उन्नति ठाकुर, मोनिका मरावी, डिप्टी कलेक्टर आशीष बघेल, रक्षित निरीक्षक दीपक साव, पुलिस के अधिकारी एवं जिले के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अवैध वसूली के फेर में खनिज विभाग के कर्मचारी का ड्रामा

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  • कर्मचारी को बचाने माईनिंग इंस्पेक्टर पहुंचे थाने, मेडिकल कराने से रोका

जगदलपुर खनिज विभाग के उडऩदस्ता दल का एक कर्मचारी शराब के नशे में धुत्त होकर खनिज लदे वाहनों की चेकिंग करते हुए अवैध वसूली को अंजाम देता रहा। इसी चक्कर में वह एक वाहन का पीछा करते हुए ट्रक मालिक के घर जा पहुंचा और खुद पुलिस के चक्कर में फंस गया। हालांकि धुत्त कर्मचारी को खनिज विभाग का एक निरीक्षक बचाने थाने पहुंच गया। अंततः खनिज निरीक्षक अपने कर्मचारी का बिना डॉक्टरी मुलाहिजा कराए उसे थाने से बचा ले जाने में सफल हो गए, लेकिन तब तक इस ड्रामे के चर्चे आम हो गए।जानकारी के मुताबिक तीन फरवरी की रात बोधघाट चौक पर खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम का एक कर्मचारी नशे में धुत्त होकर वाहनों की चेकिंग कर रहा था जांच। जांच के दौरान पिट पास दिखाने के बाद भी उक्त कर्मचारी लेनदेन के मसले पर वाहन चालकों से विवाद करता रहा। इसी बीच ओड़िशा पासिंग रेत लदा एक वाहन बोधघाट चौक से गुजरा।कर्मचारी इस वाहन का पीछा करते हुए वाहन मालिक के घर पहुंच गया और रकम की मांग करने लगा। वाहन मालिक के साथ विवाद होने पर मामला थाने तक जा पहुंचा। वाहन मालिक ने उक्त कर्मचारी पर शराब के नशे में धुत्त होने का आरोप लगाते हुए उसकी मेडिकल जांच कराने की मांग करता रहा। देर रात एक माईनिंग इंस्पेक्टर थाना पहुंच गया और पुलिस को मेडिकल जांच कराने से रोकने लगा। अंततः देर रात उक्त कर्मचारी को देर रात थाने से छोड़ दिया गया। ज्ञातव्य हो कि वाहन क्रमांक ओआर 23 डी 6784 ओड़िशा से रेत लेकर 3 फरवरी की रात जगदलपुर आ रहा था। वाहन का पिट पास का बुक क्रमांक 10775 है और नियमानुसार रेत की रायल्टी अदा कर वाहन मालिक रेत को अपने घर ला रहा था। बोधघाट चौक के पास उक्त वाहन को रोकने वाले व्यक्ति ने खुद को खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल का कर्मचारी बताकर पिट पास की मांग करने लगा। वाहन चालक ने पिट पास दिखाया और वाहन को अपने गंतव्य पर ले जाकर खड़ा कर दिया।

रकम के लिए जा पहुंचा घर

वाहन मालिक ने बताया कि उक्त कर्मचारी वाहन का पीछा करते हुए उसके घर आ पहुंचा और रेत का अवैध परिवहन करने की बात कहते हुए रकम की मांग करने लगा। वाहन मालिक ने बताया कि उक्त कर्मचारी शराब के नशे में धुत्त था और विवाद करने पर आमादा हो गया था। कर्मचारी की हरकतें जब असहनीय हो गईं, तब वाहन मालिक ने मामले की सूचना बोधघाट पुलिस को दी। कर्मचारी को थाना भी ले जाया गया, जहां वाहन मालिक ने उक्त कर्मचारी की मेडिकल जांच कराने तथा उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

नाक कटी, तब माईनिंग इंस्पेक्टर आए सामने

जब मामले की जानकारी विभाग के माइनिंग इंस्पेक्टर को लगी और पता चला कि विभाग की नाक कट रही है, तो वे भी देर रात थाना पहुंच गए। माइनिंग इंस्पेक्टर कर्मचारी की मेडिकल जांच नहीं कराने का आग्रह करते हुए जांच कराने से रोकने की कोशिश करने लगे। अंततः घंटों चले ड्रामे के बाद माइनिंग इंस्पेक्टर अपने कर्मचारी को देर रात थाने से छुड़ाकर अपने साथ ले गए।

माइनिंग इंस्पेक्टर ने साधी चुप्पी

माईनिंग इंस्पेक्टर गुहा इस मामले में किसी तरह की सफाई देने से बचते हुए चुप्पी साधे रहे। यहां तक कि उन्होंने फोन भी रिसीव नहीं किया। गुहा के उस सरकारी सेलफोन नंबर पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, जिस नंबर को जिला कलेक्टर ने खनिज के अवैध खनन, परिवहन एवं अवैध वसूली की शिकायत करने के लिए जारी किया है। गुहा से कथित कर्मचारी के नशे में धुत्त व अवैध वसूली में लिप्त रहने के संबंध में विभाग का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन गुहा के सेलफोन पर कॉल तो जाता रहा, लेकिन उन्होंने फोन उठाने की जरूरत नहीं समझी। फोन कॉल रिसीव नहीं करने के कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं ली जा सकी ।

सामाजिक भवनों के निर्माण में देरी, ईई को मंत्री लखमा ने फटकारा

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जगदलपुर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने धरमपुरा में महारा समाज और परपा थाना के पास बन रहे कोया समाज के भवन निर्माण कार्य का सोमवार को जायजा लिया। महारा समाज के भवन निर्माण के लिए केवल गड्ढा ही खोदा जा सका है, जबकि कोया समाज भवन का काम आधा-अधूरा है। इसे देख मंत्री ने नाराजगी जताते पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को सर्किट हाऊस में तलब कर खूब फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे प्रदेश में सभी समाजों के लोगों को सामाजिक भवन बनाने के लिए जमीन के साथ ही निर्माण के लिए लाखों रूपए भी दे रहे हैं। बस्तर के दो प्रमुख महारा और कोया समाज के लिए मेरे अनुरोध पर जमीन के साथ बड़ी धनराशि मुख्यमंत्री ने प्रदान की है, लेकिन निर्माण कार्य सुस्त गति से चल रहा है ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने अभियंता से कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द काम पूरा कराया जाए। बारिश का मौसम आने पर आप ही लोग काम को छोड़ देते हैं। उन्होंने साफ कहा कि कब तक काम पूरा होगा यह जल्दी बताओ और उस समय तक समाज को भवन मिल जाना चाहिए। भवन पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री को बुलाकर उनके हाथों से दोनों समाज के लोगों को भवन की सौगात देंगे। अफसर ने दोनों भवन के निर्माण में तेजी लाने और जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। साथ ही गुणवत्ता का भी पूरी तरह पालन करने की बात कही। इस दौरान इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम मौर्य, पार्षद विक्रम सिंह डांगी, कमलेश पाठक समेत अन्य जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद थे।

सांसद दीपक बैज ने लोस में उठाया वाशिंग लाइन का मामला

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  • जगदलपुर रेलवे स्टेशन में आधा अधूरा काम हो पाया है अब तक
  • बजट में प्रावधान न होने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी बस्तर सांसद ने

बस्तर बस्तर के कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने सोमवार को लोकसभा में जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन निर्माण का मामला उठाया। ज्ञात हो कि वर्ष 2018 में वाशिंग लाइन का निर्माण रेलवे ने प्रारंभ किया था, पर उसे आधा अधूरा छोड़ दिया गया है और कार्य वर्षों से बंद पड़ा है। लोकसभा में बैज ने नियम 377 के तहत इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन का निर्माण हो जाने से यहां से चलने वाली और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की सफाई धुलाई करने का प्रस्ताव पूर्व तट रेलवे का था। इससे स्थानीय लोगो को रोजगार का अवसर मिलेगा, लेकिन यह कार्य अधर में लटकाकर रख दिया गया है। चिंता की बात है कि केंद्र सरकार के आम बजट 2023-24 में भी छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्टेशन पर वाशिंग लाइन आधे अधूरे निर्माण को पूर्ण करने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बैज ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि जगदलपुर रेलवे स्टेशन में वाशिंग लाइन का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए।

देवांगन पुराण व माता परमेश्वरी महोत्सव देवांगन समाज कोहका के द्वारा मनाया गया

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भिलाई – देवांगन समाज कोहका के द्वारा माता परमेश्वरी के मंदिर प्रांगण में लिमहा तालाब के पास शिक्षक नगर कोहका भिलाई मके पांच दिवसीय देवांगन पुराण कथा आयोजन किया गया। कथा वाचक परम पूज्य पंडित संतोष राव (खरोरा वाले ) के द्वारा कथा किया गया। उक्त जानकारी देते हुए समाज के सचिव मुकेश देवांगन ने बताया कि कथा आयोजन के प्रथम दिवस विशेष शोभायात्रा महिलाओं के कलश एवं गेड़ी नृत्य के साथ यात्रा बहुत ही शोभायमान थी , तथा अंतिम दिवस आज देवांगन समाज के 21 जोड़ों के द्वारा हवन पूजा कार्यक्रम साथ ही गोदान सहस्त्रधारा व अन्य पूजा विधि के पश्चात माता परमेश्वरी महोत्सव मनाया गया तथा साथ ही माता परमेश्वरी की मूर्ति विसर्जित किया गया इस कथा के माध्यम से कथा वाचक ने समाज व अन्य लोगों को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा आपसी संबंधों की मिठास को बढ़ाने व अन्य कई महत्वपूर्ण ज्ञान की बातें लोगों को बताई गई ताकि लोग अपने जीवन मूल्यों को समझकर श्रेष्ठ मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल कर सकें और एक अच्छे और स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरीश देवांगन (अध्यक्ष खनिज विकास निगम छत्तीसगढ़ शासन) मुख्य अतिथि विजय साहू (क्रेड़ा सदस्य) नीरज पाल (महापौर नगर पालिक निगम भिलाई) गिरवर साहू सभापति (नगर पालिक निगम भिलाई) धर्मेंद्र यादव( वरिष्ठ नेता कांग्रेसी ) तथा देवांगन समाज कोहका के पदाधिकारी गण अध्यक्ष सूरज देवांगन सचिव मुकेश देवांगन व समाज के पदाधिकारी गण भूषण देवांगन टीकाराम देवांगन शैलेंद्र देवांगन, गेंदलाल, तारा, पुष्पा, छबीलाल, हीरदे, कन्हैया राजापूजया कन्हैया तरार, मनोज, नरेश, कौशल, गौकरण, गौरीशंकर ,हेमंत ,तरुण तथा महिला पदाधिकारी गण सीमा ,रीना, प्रेमलता ,करुणा, नेहा, मीरा ,कविता, प्रिया, कौशल्या व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए छत्तीसगढ़ शासन तत्पर :- मंत्री लखमा

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  • अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए किया गया सम्मेलन का आयोजन

जगदलपुर 06 फरवरी 2023/ अल्पसंख्यक आयोग द्वारा समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए सम्मेलन का आयोजन सोमवार 5 फरवरी को किया गया। कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है।मंत्री लखमा ने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े विवादों को तत्परतापूर्वक सुलझाने के लिए अल्पसंख्यक आयोग के भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए यहां सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इसके लिए आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा स्वयं पिछले दो दिनों से बस्तर में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है तथा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने जगदलपुर में अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास संचालित करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष करने की बात भी कही।

इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं और उनकी आकांक्षाओं को जानने के लिए यहां संवाद स्थापित करते हुए सार्थक चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के हितों का संरक्षण आयोग का प्रमुख दायित्व है। इसके साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की धरातल पर निगरानी भी की जा रही है, जिससे इसका लाभ समुदाय के सदस्यों को मिले। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा सभी स्थानों में प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करने के साथ ही उनके आवेदनों के निराकरण का कार्य भी कर रही है। उन्होंने मदरसों के अनुदान से संबंधित समस्या के समाधान के लिए पहल करने की बात भी कही। उन्होंने छात्रवृत्ति योजना के लाभ के लिए विद्यार्थियों का बैंक पासबुक की आवश्यकता अनिवार्य तौर पर होने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके लिए गुरुद्वारा, मस्जिद, दादाबाड़ी, बौद्ध विहार आदि स्थानों में बैंक अधिकारियों को जाकर विद्यार्थियों का पासबुक बनाने के निर्देश दिए गए हैं।संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने सभी धर्मों का सम्मान करने के साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए निरंतर प्रयास किया है। किसी भी समाज के विकास के लिए शिक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शिक्षा में सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। उन्होंने शासन की नई उड़ान, पढ़ो परदेश, नई रोशनी इत्यादि योजनाओं की जानकारी देते हुए इनका लाभ लेने की अपील की। इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने जगदलपुर में पहली बार अल्पसंख्यक समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए सम्मेलन का आयोजन करने के साथ ही इस समुदाय के कल्याण के लिए शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित किताबों के प्रकाशन के लिए आयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों सम्मानित भी किया गया।अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष छाबड़ा की अध्यक्षता में इसके साथ ही समुदाय के सदस्यों को प्राप्त होने वाले शासन की योजनाओं के लाभ की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सदस्य श्री बलराम मौर्य, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रकाश सर्वे, आदिवासी विकास विभाग की प्रभारी सहायक आयुक्त सुश्री आस्था राजपूत, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान सहित अल्पसंख्यक समुदाय के जनप्रतिनिधिगण, मुस्लिम, इसाई, जैन, बौद्ध एवं सिख समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

दो दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे

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  • दो दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन में ग्राम मगरदाह (मरदेल) पहुंचे मुख्य अतिथि विक्रम धुर्वे

दल्लीराजहरा भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे डौंडी ब्लॉक के ग्राम मगरदाह में एम स्टार द्वारा आयोजित दो दिवसीय महिला एवं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर खिलाड़ियों एवं ग्रामीणों ने भी बड़े ही आत्मियता के साथ उनका स्वागत किया । वही विक्रम धुर्वे ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया । विक्रम धुर्वे ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे । विक्रम धुर्वे ने आगे कहा की कबड्डी के क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों के भविष्य के लक्ष्‌य को साकार करे यह प्रतियोगिता इसी दिशा का प्रयास है।

ग्रामीण क्षेत्र में खेलों के प्रति जो जागरूकता है और उसे हम विभिन्ना खेल आयोजनों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा मंडल अध्यक्ष डौंडी मनीष झा ने भी सभी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए खेल को खेल भावना से खेलने को कहा और आयोजन समिति को इतने अच्छे कबड्डी प्रतियोगिता के लिए धन्यवाद भी दिया। इस दौरान विशेष अतिथि के रूप में हिरदेय राम कोवाची (सरपंच ग्राम मरदेल), रमिता मरकाम (जनपद सदस्य जनपद पंचायत डौंडी), नेहरूराम तेता (सर्कल अध्यक्ष), रामकिशन कोरेटी (सरपंच नर्रलगुड़ा), पतिराम नरेटी, रुपेश नायक (उपाध्यक्ष नगर पंचायत डौंडी) संजीव मानकर (पार्षद व अध्यक्ष युवा मोर्चा डौंडी) आशीष गुप्ता (उपाध्यक्ष युवा मोर्चा डौंडी)समिति के अध्यक्ष अश्वन तेता व समिति के सभी सदस्य, ग्राम मगरदाह (मरदेल) के समस्त खेल प्रेमी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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कांग्रेस में नेताम के लिए फिर आये दिन बहार के

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  • असल सवाल तो यह है कि प्रतिबद्धता कहां होगी? कांग्रेस या आदिवासी समाज के साथ?

अर्जुन झा

जगदलपुर किसी जमाने में बस्तर की राजनीति के चमकदार सितारे रहे और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शोभित होने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद नेताम बदलते वक्त में पार्टी में बेगाने हो कर सर्व आदिवासी समाज नाम के सामाजिक संगठन की राजनीति में सक्रिय हो गए। उन्हें कांग्रेस ने अपनी तरफ से घर बैठा दिया। लेकिन अब उनके लिए कांग्रेस में बहार के दिन फिर से आने के संकेत मिल रहे हैं। रायपुर में होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्हें स्वागत समिति में शामिल किया गया है। जबकि बीते दिनों में उन्हें कांग्रेस में अहमियत नहीं दी जा रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक अवसर पर उन्हें संदेश दे चुके हैं कि उनकी पारी समाप्त हो चुकी है, अब दीपक बैज और राजमन बेंजाम को खेलने दें। मतलब यह कि अब बस्तर में नई पौध को कांग्रेस के बगीचे में खिलने दिया जाए। वैसे भी प्रकृति का नियम यही है। सूखे पत्ते या तो खुद ब खुद झर जाते हैं अथवा झरा दिए जाते हैं। राजनीति में ऐसा कुछ ज्यादा ही होता है। सूखे पत्तों को मार्गदर्शक बताकर मूकदर्शक बना दिया जाता है। कांग्रेस की बात है तो सिर्फ कांग्रेस की ही बात की जा रही है अन्यथा भाजपा में भी यही रीत है कि आशीर्वाद तो सब लेते हैं लेकिन सुनता कोई नहीं। अब बस्तर में कांग्रेस की तरुणाई को आशीर्वाद देने के लिए बुजुर्ग नेता अरविंद नेताम और उनकी पत्नी छबीली नेताम को मान देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सुध ली है। इस अवसर पर यह भी स्मरण किया जा सकता है कि कुछ अरसे पहले अरविंद नेताम ने मंत्री कवासी लखमा को उपदेश दिया था तो जवाब में कवासी लखमा ने नसीहत दे दी थी कि नाती पोते खिलाने की उम्र है तो नेताम घर बैठकर नाती पोते खिलाएं। आशय यही है कि नेताम राजनीति में दखल नहीं दें। नेताम भी राजनीति के पुराने योद्धा हैं। योद्धा कितना भी बुजुर्ग हो जाये, उसका जोश कम नहीं होता। महाभारत के युद्ध में कौरवों की तरफ से बुजुर्ग सेनापतियों ने ही नेतृत्व किया था। राजनीति भी एक युद्ध का मैदान ही है तो यहां भी बुजुर्गों की स्थिति भीष्म पितामह और गुरु द्रोण जैसी ही है। बुढ़ापे में मोतीलाल वोरा जैसे तपे तपाये नेता की राज्यसभा टिकट काटकर दूसरे आंगन की तुलसी छत्तीसगढ़ के आंगन में स्थापित करना इसका एक उदाहरण समझ में आता है लेकिन यह भी राजनीतिक जरूरत है कि नवीनता को स्थान प्राप्त हो अन्यथा बूढ़ी कांग्रेस देश भर में कृशकाय हो गई है। कांग्रेस में अनुभव और जोश का सामंजस्य बिठाने की परंपरा है, इसलिए अनुभव के धनी मल्लिकार्जुन खड़गे आज कांग्रेस के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। इस हिसाब से देखें तो कांग्रेस अब भी बुजुर्ग पीढ़ी के अनुभव को मान्यता दे रही है। नई और पुरानी पीढ़ी के बीच विचारों में फर्क होता है। यहां समन्वय की दरकार है। अब अरविंद नेताम की याद छत्तीसगढ़ कांग्रेस को क्यों आई है तो सीधी सी बात है कि चुनाव सिर पर है। बस्तर में अरविंद नेताम एक बड़ी शख्सियत हैं। उनके संरक्षण में चल रहा सर्व आदिवासी समाज संगठन तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा है। इसकी बानगी भानुप्रतापपुर उपचुनाव में सामने आ चुकी है। अब अरविंद नेताम जिस मुकाम पर खड़े हैं, वहां सर्व आदिवासी समाज के संगठन को अधर में छोड़कर वे कांग्रेस के लिए पूर्ण समर्पित होने की स्थिति में नहीं हैं। कांग्रेस ने उन्हें मान दिया है, जिसे उन्होंने पुराने रिश्तों की वजह से स्वीकार किया है किंतु सवाल यह है कि उनकी प्रतिबद्धता कहां होगी? कांग्रेस के प्रति या आदिवासी समाज के साथ?

सांसद बैज की पहल पर महरा, माहरा भी जल्द अजा सूची में

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  • संसद में संवैधानिक मान्यता के लिए तेज हो गई है कवायद
  • संसद में प्रस्ताव पारित होते ही मिल जाएगा अनुसूचित जाति का दर्जा

अर्जुन झा

बस्तर बस्तर के सांसद दीपक बैज के प्रयासों से महरा माहरा जाति को जल्द ही अनुसूचित जाति का दर्जा मिल जाएगा। इस मसले से जुड़े लगभग सभी चरणों की प्रक्रियाएं केंद्रीय स्तर पर पूरी हो चुकी हैं। सिर्फ अंतिम चरण की प्रक्रिया के तहत संसद में प्रस्ताव पारित कर इस जाति को अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा दिया जाना ही बाकी रह गया है। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग में महरा, माहरा जाति के लोग बहुतायत में सदियों से निवासरत हैं। इस जाति के लोग अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं, लेकिन इस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा अब तक नहीं मिल पाया है। इस समुदाय के लोग अनुसूचित जाति का दर्जा पाने के लिए वर्षों से संघर्षरत हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बस्तर के संसद इस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने लगातार गंभीरता के साथ पहल कर रहे हैं। सांसद श्री बैज की पहल पर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में माहरा महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। कुछ दिनों पहले सांसद श्री बैज के नेतृत्व में माहरा महरा जाति के प्रतिनिधि मंडल ने नई दिल्ली में केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और भारत के महारजिस्ट्रार से मुलाकात की थी। श्री बैज ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, आयोग अध्यक्ष एवं महारजिस्ट्रार को इस जाति की पीड़ा और केंद्र व राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं तथा आरक्षण के लाभ से उनके वंचित रहने की जानकारी दी थी। केंद्रीय मंत्री, आयोग अध्यक्ष व महारजिस्ट्रार ने इस संबंध में जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर मंजूरी के लिए राज्य सरकार के प्रस्ताव को जल्द केंद्र सरकार के पास भेजने का भरोसा दिलाया था। ज्ञात हो कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर इन तीनों विभागों की सहमति जरूरी है।*बॉक्स**गेंद अब केंद्र सरकार के पाले में*माहरा, महरा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने का सारा दारोमदार अब केंद्र सरकार पर टिका हुआ है। हाल ही में सांसद श्री बैज को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का एक आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के प्रस्ताव को नियमानुसार परीक्षण एवं विचार के बाद अनुसूचित जाति आयोग, महारजिस्ट्रार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सहमति मिल गई है। अब प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद 341 (2) के तहत संसद के समक्ष विचारार्थ एवं एक विधेयक के रूप में स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि संसद में राज्य सरकार का यह प्रस्ताव जल्द स्वीकृति मिल जाएगी।*वर्सन – फोटो के साथ लगाएं**समुदाय को अब मिलेगी राहत*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने और केंद्र सरकार ने महरा माहरा जाति के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुझे पूरा भरोसा है कि संसद में भी इस समुदाय को अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा जल्द मिल जाएगा।

तीरथगढ़ माघी मेले में धड़ल्ले से चल रहा है खड़खड़ी का खेल

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  • आदिवासियों को जुए का आदी बना रहे हैं अपराधी तत्व
  • पुलिस की नाक के नीचे चलाया जा रहा जुए का यह अवैध कारोबार

जगदलपुर बस्तर के प्रसिद्ध मड़ई मेलों में अपराधी तत्व खुलेआम खड़खड़ी का खेल चला रहे हैं। यह खेल जुआ का ही एक रूप है। अंतर सिर्फ इतना है कि इस जुए में ताशपत्ती का उपयोग नहीं होता, लेकिन इस खेल के फेर में फंसकर आदिवासी अपनी कमाई दांव पर लगाकर बर्बाद हो रहे हैं।बस्तर में इन दिनों मड़ई मेलों का सीजन चल रहा है।

बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन और देवस्थलों में मांघी मेले का दौर लगातार जारी है। इन मेलों का आकर्षण ऐसा रहता है कि इनका लुत्फ़ उठाने बस्तर संभाग के साथ ही दूर दूर से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। प्राकृतिक छटाओं और विहंगम जलप्रपात के अनुपम सौंदर्य से भरपूर तीरथगढ़ में भी मांघ पूर्णिमा मेला लगा हुआ है। तीरथगढ़ में भी देश- विदेश के पर्यटक आकर इस क्षेत्र के सौंदर्य का दर्शन करते हैं। तीरथगढ़ में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आज से मेला का आयोजन प्रारंभ हुआ है। शांति व्यवस्था बनाने के लिए दरभा थाने का पुलिस बल तैनात है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी का कोई असर अपराधी तत्वों पर पड़ता नहीं दिख रहा है। इस मेले में मनोरंजन के नाम खड़खड़ी का खेल चलाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस के संरक्षण में प्रतिबंधित खड़खड़ी का खेल खेलाया जा रहा है। इस खेल के माध्यम से लोगों को एक रूपए के 16 रूपए देने का झांसा देकर खड़खड़ी संचालक लोगों की जेब काटने पर तुले हुए हैं। एक के सोलह के चक्कर में भोले भाले आदिवासी ग्रामीण सबकुछ लुटाकर तबाह होते जा रहे हैं। पिछले 2 दिनों से इस क्षेत्र में चल रहे मेले में मुर्गा बाजार का भी आयोजन हुआ था। मुर्गा बाजार में भी धड़ल्ले से स्थानीय पुलिसकर्मी खड़खड़ी का खेल चलाने में अपना संरक्षण देते नजर आ रहे थे। पुलिस के संरक्षण में यह खेल आज भी जारी है। मेले में खड़खुड़ी खेलाए जाने के सवाल पर क्षेत्र के डीएसपी ऐश्वर्या चंद्राकर ने कहा कि मेले में तो, नहीं लेकिन मुर्गा बाजार के आसपास कुछ लोग खड़खड़ी जरूर चलाते हैं। चंद्राकर ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों की धरपकड़ कर रही है, फिर भी लोग चोरी छिपे खड़खड़ी चलाने में कामयाब हो जाते हैं।

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