एकल शिक्षकीय स्कूल, जर्जर भवन, छात्रावासों की व्यवस्था और परीक्षा परिणाम की समीक्षा
जगदलपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जिला पंचायत सभागार में शिक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। समिति के सभापति बलदेव मंडावी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं, छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य तथा शैक्षणिक गुणवत्ता सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन स्कूलों की स्थिति पर विशेष चिंता जताई गई। संलग्नीकरण समाप्त होने के बाद शिक्षकों को उनकी मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में भेजने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। साथ ही मरम्मत योग्य शाला भवनों का सर्वे कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए। समिति ने स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने तथा सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरित साइकिलों का उपयोग कर बालिकाओं की नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। शाला प्रबंधन समितियों के पुनर्गठन और नियमित बैठकें आयोजित कर जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई गई। आश्रमों और छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, मौसमी बीमारियों से बचाव तथा पर्याप्त मच्छरदानियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
कर रहे बेहतर कोशिश: बघेल
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने सत्र 2026-27 के लिए विभाग की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार और बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। बैठक में जिला पंचायत सदस्य बनवासी मौर्य, कामदेव बघेल, शकुंतला कश्यप और ललिता कश्यप सहित डीएमसी अशोक पांडे, एडीपीओ जयंती कश्यप, एपीसी राकेश खापर्डे, सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा खंड स्रोत समन्वयक मौजूद रहे।



