1 नवंबर से लागू होगा केंद्र का नया नियम, गड्ढों और ब्लाइंड स्पॉट के साथ दानीटोला घाट में भारी वाहनों की परेशानी बनी चिंता का विषय
बालोद। बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर ग्राम जमही स्थित टोल प्लाजा में 25 अक्टूबर से टोल वसूली शुरू हो चुकी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए रियायती वार्षिक पास की घोषणा की है। यह नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होगा। जहां एक ओर नए नियम से स्थानीय वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर जगह-जगह गड्ढे, कई स्थानों पर ब्लाइंड स्पॉट और दानीटोला घाट में भारी वाहनों को चढ़ाई के दौरान होने वाली परेशानी को लेकर सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को मिलेगा सालाना पासकेंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नए नियम के अनुसार, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों को सालाना रियायती लोकल पास मिलेगा। टोल प्लाजा नगरपालिका अथवा स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर होने पर पास की कीमत 1,500 रुपये सालाना और इन सीमाओं के भीतर होने पर 3,000 रुपये सालाना निर्धारित की गई है। इसके लिए वाहन पर वैध और चालू FASTag होना जरूरी है। पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया जाएगा। वाहन मालिक मौजूदा मासिक पास अथवा नए वार्षिक पास में से किसी एक का विकल्प चुन सकते हैं।हालांकि, यह सुविधा सभी टोल प्लाजा पर स्वतः लागू नहीं होगी। बंद टोल संग्रह प्रणाली वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर तथा जहां वाहन चालकों के उपयोग के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, वहां निर्धारित नियमों के अनुसार यह रियायत नहीं मिलेगी। इसलिए जमही टोल प्लाजा के लिए स्थानीय वाहन मालिकों की पात्रता और पास की लागू दर की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।सड़क पर गड्ढे और ब्लाइंड स्पॉट, सुरक्षा व्यवस्था पर सवालटोल वसूली शुरू होने के बाद एनएच-930 की सड़क की स्थिति को लेकर भी चर्चा हो रही है। सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे होने और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर ब्लाइंड स्पॉट होने से वाहन चालकों के लिए सामने से आने वाले वाहनों को समय रहते देख पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे स्थानों पर उचित संकेतक, दृश्यता और अन्य सड़क सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।गुजरा के पास दानीटोला घाट में भारी वाहनों को चढ़ाई के दौरान परेशानी होने की बात भी सामने आई है। भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क की ढाल, मोड़ और सतह का निर्धारित मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है। ऐसे मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों की कमी दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। इसके अलावा टोल प्लाजा पर एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।636 करोड़ की सड़क परियोजना, छह इंजीनियरों को नोटिसराष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर झलमला से महाराष्ट्र सीमा के कोहका तक सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 636 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत बनी सड़क के कुछ हिस्सों में सतह उखड़ने और धंसने की शिकायतों के बाद दो ठेकेदारों और छह इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है। हालांकि, नोटिस जारी होना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है और अंतिम जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही तय होगी।टोल वसूली के साथ सड़क सुरक्षा भी जरूरीकेंद्र सरकार के नए वार्षिक पास नियम से जमही टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है। दूसरी ओर, सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत, ब्लाइंड स्पॉट पर सुरक्षा उपाय, दानीटोला घाट में भारी वाहनों की आवाजाही की समस्या और टोल प्लाजा पर आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर आवश्यक सुधार करे और स्थानीय वाहन मालिकों के लिए नए पास की पात्रता तथा प्रक्रिया स्पष्ट करे।






