फिर तीन ईनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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  •  कई संगीन वारदातों में लिप्त रहे हैं तीनों नक्सली 

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में फिर दो दो दो लाख के ईनामी तीन नक्सलियों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया। ये नक्सली कई संगीन वारदातों में लिप्त रहे हैं।

छत्तीसगढ़ शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति, सुकमा पुलिस द्वारा चलाई जा रही नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैंप स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव किए जाने तथा उनके द्वारा स्थानीय आदिवासियों के साथ की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय दो महिला और एक पुरुष नक्सली ने आत्म समर्पण किया है। ये नक्सली हैं कवासी मंगड़ी पिता स्व. सन्ना पार्टी सदस्या, प्लाटून नंबर 24, उम्र 27 वर्ष जाति मुरिया निवासी पोरर्देम गोटूमपारा थाना गादीरास जिला सुकमा, रव्वा भीमे पिता सन्ना डीएकेएमएस अध्यक्षा, पामेड़ एरिया कमेटी उम्र 32 वर्ष जाति मुरिया निवासी एर्रनपल्ली थाना पामेड़ जिला बीजापुर, और हेमला भीमा पिता स्व. चिंगा डीएकेएमएस अध्यक्ष, मोरपल्ली आरपीसी, उम्र 37 जाति मुरिया निवासी कुमोड़तोंग थाना चिंतनार जिला सुकमा। इन तीनों ने नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के इरादे से 28 मार्च को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा मे बिरेंद्र कुमार खंतवाल, द्वितीय कमान अधिकारी, 226वीं वाहिनी सीआरपीएफ, परेश्वर तिलकवार एसडीओपी सुकमा, विश्वनाथ आर्य, सहायक कमांडेंट, 226वीं वाहिनी सीआसरपीएफ, निरीक्षक कमलेश मीना, 74वीं वाहिनी सीआरपीएफ एवं उप निरीक्षक कृष्ण मोहन पाठक, 203वीं वाहिनी कोबरा के समक्ष बिना हथियार के समर्पण किया। नक्सली कवासी मंगड़ी को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में थाना गादीरास पुलिस एवं 226वीं वाहिनी सीआरपीएफ, नक्सली रव्वा भीमे को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 203वीं वाहिनी कोबरा और हेमला भीमा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 74वीं वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के कर्मिकों का बड़ा योगदान रहा। आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि एवं अन्य सुविधाएं प्रदान कराई जाएंगी।