- लौटेंगे जगदलपुर के तालाबों के दिन अब
जगदलपुर शहर केसभी तालाबों की सफाई के लिए प्रतिबद्ध महापौर संजय पाण्डेय ने एक बड़ा ही नेक काम शुरू किया है।
जगदलपुर के जलाशयों को साफ सुथरा और दर्शनीय बनाने के लिए दृढ़ निश्चयी मेयर संजय पांडे ने इस कार्य को अच्छे अंजाम तक पहुंचने दिल्ली से पॉन्डमैन श्री तंवर को यहां आमंत्रित किया है। विदित हो कि महापौर अभी अस्वस्थ चल रहे हैं, फिर भी उन्हें शहर की चिंता है। वे गर्मी के मौसम में तालाबों को साफ और स्वच्छ देखना चाहते हैं। महापौर संजय पाण्डेय ने इस संवाददाता से चर्चा में बार बार इस विषय को दोहराया भी कि मेरी इच्छा है कि सभी तालाबों का मैं पुनरुद्धार कराऊं। इस कार्य के लिए पॉन्डमैन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात रामवीर तंवर की मदद ली जा रही है। तंवर देश के कई बड़े तालाबों का कायाकल्प करा चुके हैं।
उनके अनुभवों का लाभ जगदलपुर को भी मिले इसलिएउन्हें यहां विशेष रूप से मेयर संजय पाण्डेय ने बुलाया है। रामवीर तंवर दो दिन से जगदलपुर प्रवास पर हैं। दिल्ली से जगदलपुर आए पॉन्डमैन ऑफ इंडिया रामवीर तंवर ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन शहर के गंगामुंडा तालाब सहित अन्य छोटे तालाबों का निरीक्षण किया। महापौर संजय पाण्डे के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के सिलसिले में दंतेवाड़ा प्रवास पर रहने की वजह से आवास, पर्यावरण एवं लोक निर्माण विभाग के सभापति निर्मल पाणिग्रही, विधि तथा सामान्य प्रशासन विभाग के सभापति संजय विश्वकर्मा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के सभापति लक्षण झा, पार्षद श्याम सुंदर बघेल,आशा साहू और नगर निगम अमले के साथ रामवीर तंवर शनिवार सुबह तालाबों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने तालाबों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा तालाबों में जलकुंभी एक बड़ी समस्या है लेकिन तालाबों को जलकुंभी से मुक्त किया जा सकता है। मालूम हो कि नोएडा से पहुंचे पॉन्डमैन श्री तंवर अब तक सैकड़ों तालाबों का जीर्णोद्धार करा चुके हैं। इसी को देखते हुए महापौर संजय पाण्डे ने शहर के दलपत सागर, गंगामुंडा तालाब सहित अन्य छोटे तालाबों के संरक्षण के लिए उन्हें जगदलपुर बुलाया है। जिसकी सफाई व संरक्षण के लिए कई टीम एक साथ काम करेंगे।जलकुंभी को साफ करना एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, महापौर संजय पाण्डे, बस्तर कलेक्टर हरिस एस, निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा सहित नगर निगम के अमले ने इसे गंभीरता से लिया है। स्थानीय स्तर पर जो संसाधन की आवश्यकता होगी उसे पूरा करने जिला प्रशासन ने भी अपनी हामी भरी है।