- साय सरकार की भ्रष्टाचारियों पर बस्तर संभाग में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
- समिति का सरगना किस्टाराम प्रबंधक संजय रेड्डी फरार, एसीबी तलाश में जुटी
जगदलपुर (चैनल इंडिया)। सुकमा वनमण्डल में तेंदूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि की डकार लगाकर गरीबों को शोषण करने वाले 7 समिति प्रबंधक 4 वनकर्मी को एसीबी ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से सभी 11 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वहीं समिति के सरगना के नाम से चर्चित पूर्व आबकारी मंत्री के करीबी किस्टाराम के प्रबंधक संजय रेड्डी एसीबी को चकमा देकर हुआ फरार। टीम अन्य आरोपियों के तलाश में जुटी है। विष्णुदेव साय सरकार में भ्रष्टचारियों के खिलाफ बस्तर संभाग में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई होने होने अन्य विभागों में दहशत का माहौल है। गरीब आदिवासियों को मिलने वली लगभग 5 करोड़ से अधिक के बोनस राशि के गोलमोल मामले में एसीबी के टीम ने मामले की पड़ताल करते हुए प्रबंधक एवं वन कर्मियों पर नकेल कस चुकी है। पूर्व में ही सुकमा के पूर्व डीएफओ अशोक पटेल को दोषी मानते हुए जेल भेजा जा चुका है।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विगत तीन दिनों से सुकमा में डेरा जमाये हुए थे। इस मामले में संलिप्त सभी प्रबध्ंाकों को तलब किया गया था। इन प्रबंधक एव वन कर्मियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 26/2025, धारा 409,120 बी के तहत 8 अपै्रल 2025 को अपराध दर्ज किय गया था। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर 7 समिति प्रबंधक 4 वनकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
समिति का सरगना फरार:-
एसीबी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में समिति प्रबंधकों का मुख्य सरगना किस्टाराम प्रबंधक संजय रेड्डी को एसीबी आने की भनक लगते ही बुधवार को ही फरार होने की खबर है। ऐसी जानकारी मिली है कि उक्त आरोपी दिगर प्रांतों में सुरक्षित ठिकानों पर अपने आका के ठिकानों पर दुबके होने की खबर है। एसीबी के टीम उक्त आरोपी को गिरफ्तारी के लिये अपना जाल बिछा चुकी है। फुलबगड़ी के प्रबंधक उपचार को लेकर दिगर प्रान्त में होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। सुकमा प्रबंधक भी एसीबी के गिरफ्तारी से बचा है। 11 समिति प्रबंधकों पर 34 हजार गरीब आदिवासियों का 5 करोड़ से अधिक के राशि डकारने का आरोप है।
दोषियों को बक्शा नहीं जायेगा:- केदार कश्यप
प्रदेश के वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के विष्णुदेव की सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टोरेंसी के तहत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बोनस राशि में घालमेल मामले में जो भी दोषी है उन्हें बक्शा नहीं जायेगा मामले की फिलहाल जांच जार है, जिनका भी नाम इस मामले में शामिल है सभी को जेल भेजने की कार्रवाई की जायेगी।



