जिला न्यायालय बालोद में संविधान दिवस का किया गया आयोजन

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बालोद, 26 नवंबर 2025 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार-प्रसार हेतु तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी स्टेट प्लॉन आफ एक्शन के अनुसार जिला न्यायालय बालोद में आज 26 नवंबर को संविधान की उद्देशिका का वाचन कर संविधान दिवस का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के अध्यक्ष एस.एल. नवरत्न की उपस्थिति में किया गया।

प्रधान जिला न्यायाधीश एस.एल. नवरत्न ने अपने उद्बोधन में बताया कि भारतीय संविधान देश की आत्मा और सर्वोच्च विधान है। यह केवल नियमों और कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि एक ऐसा पवित्र ग्रंथ है जो हमें एक राष्ट्र के रूप में दिशा दिखाता है और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सुचारु संचालन की गारंटी देता है। आज, जब हम 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाते हैं, तो यह हमें उस ऐतिहासिक यात्रा की याद दिलाता है जो स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक थी। यह दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि हमारा संविधान विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों वाले करोड़ों लोगों को एकता के धागे में पिरोता है।

संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में संवैधानिक मूल्यों की न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। संविधान दिवस हमें हमारे मौलिक अधिकारों के बारे में जागरूक करता है, साथ ही हमें अपने मौलिक कर्तव्यों की याद दिलाता है, क्योंकि राष्ट्र का निर्माण केवल अधिकारों के उपभोग से नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के निर्वहन से होता है। संविधान दिवस के अवसर पर किरण कुमार जांगडे, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद, कृष्ण कुमार सूर्यवंशी जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट बालोद, ताजुद्दीन आसिफ, जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश बालोद, श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद, संजय कुमार सोनी मुख्य न्यायिक मजिस्टेट बालोद, भारती कुलदीप सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद, कु. भूमिका धु्रव, व्यवहार न्यायाधीश बालोद, अजय साहू अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ बालोद व समस्त अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम के कौंसिलगण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण तथा पैरालीगल वालिटियर्स उपस्थित थे।