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सप्तगिरी पार्क में जड़ दिया ताला

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गर्मी के बीच बच्चों और पर्यटकों की तफरीह पर लगा विराम

सुरक्षा गार्ड न होने से प्रबंधन ने की तालाबंदी

दल्लीराजहरा लौह अयस्क नगरी दल्लीराजहरा का एकमात्र प्रमुख मनोरंजन एवं स्वास्थ्य वर्धक स्थल सप्तगिरी पार्क इन दिनों बंद पड़ा है। सुरक्षा गार्ड की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए बीएसपी प्रबंधन द्वारा पार्क के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया गया है। सुबह-शाम तफरीह करने वाले, व्यायाम करने वाले युवा और बच्चों को घुमाने ले जाने वाले शहरवासी मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं।

पार्क बंद होने से आम नागरिकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।गर्मी की छुट्टियों के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के साथ सप्तगिरी पार्क पहुंच रहे हैं, लेकिन गेट पर ताला लगा देख उन्हें निराशा हाथ लग रही है। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पार्क और समीप स्थित व्यू पॉइंट घूमने पहुंचते हैं, ऐसे में पार्क का बंद रहना पर्यटकों के लिए भी मायूसी का कारण बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सप्तगिरी पार्क केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि शहरवासियों के स्वास्थ्य, मनोरंजन और पारिवारिक समय बिताने का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बच्चे झूले और फिसलपट्टी का आनंद लेते हैं। वहीं युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सुबह-शाम टहलने, योग और व्यायाम के लिए पहुंचते हैं। पार्क में मौजूद हरियाली, शांत वातावरण और लगभग 700 मीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक इसे शहर का सबसे पसंदीदा स्थल बनाता है। लेकिन पिछले लगभग 10 दिनों से पार्क बंद होने के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा पहले से ही उद्यान को सीमित समय के लिए खोला जाता रहा है और अब सुरक्षा गार्ड नहीं होने का कारण बताकर पार्क को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। गर्मी की छुट्टियों में जब बच्चों के पास खेलने और घूमने के सीमित विकल्प रह गए हैं। ऐसे समय में शहर के एकमात्र प्रमुख उद्यान का बंद होना कई सवाल खड़े कर रहा है।इस संबंध में नगर प्रशासक प्रभारी अतुल कालेस एवं उद्यान प्रभारी युवराज साहू ने बताया कि सुरक्षा गार्ड्स का ठेका समाप्त हो चुका है और नए टेंडर के रिन्यूअल की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने के तीन दिनों के भीतर पार्क को पुनः आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। फिलहाल शहरवासी यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही सप्तगिरी पार्क के ताले खुलें, ताकि बच्चे फिर से खेल सकें, बुजुर्ग टहल सकें और गर्मी की छुट्टियों में परिवारों को राहत मिल सके।

भानुप्रतापपुर में चेंबर ऑफ कॉमर्स इकाई का गठन, यश कथूरिया बने अध्यक्ष

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भानुप्रतापपुर। क्षेत्र के व्यापारियों को एकजुट करने एवं उनकी समस्याओं को प्रदेश स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से भानुप्रतापपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज इकाई का गठन किया गया है। इस नई इकाई के गठन में वरिष्ठ व्यवसायी एवं समाजसेवी प्रदीप “पम्मू” जैन तथा व्यापारी संघ अध्यक्ष राकेश रमानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा 20 मई 2026 को जारी आदेश में नई कार्यकारिणी को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई कार्यकारिणी में सतलाल चश्मा दुकान के संचालक एवं युवा व्यवसायी यश कुमार कथूरिया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।युवा व्यापारी चेहरे के रूप में पहचान बना चुके यश कथूरिया के अध्यक्ष बनने से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। व्यापारिक गतिविधियों को संगठित करने, व्यापारियों की समस्याओं को प्रशासन एवं प्रदेश स्तर तक पहुंचाने तथा नए व्यापारियों को मंच से जोड़ने की दिशा में उनसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद जताई जा रही है।नई कार्यकारिणी में प्रदीप जैन एवं नारायण पाढ़ी को संरक्षक बनाया गया है। विशेष सलाहकार के रूप में कपूर चंद जैन एवं विजय जैन (बारड़िया) को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नमन जैन को महामंत्री तथा आनंद जैन को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।उपाध्यक्ष पद पर एजाज रिजवी एवं प्रदीप नवलानी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री पद पर अजय लखानी, अनुप दास एवं लक्ष्मण माखीजा को शामिल किया गया है। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डेविड देवांगन, इरशाद खान हन्नी, लोकेश संचेती, राहुल रमानी, प्रतीक हर्दवानी एवं बलराम पंजाबी को स्थान मिला है।चेंबर पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक व्यापारियों से संगठन से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह मंच व्यापारियों की आवाज को मजबूती प्रदान करेगा।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय का बालोद आगमन, गंगा मैय्या का लिया आशीर्वाद

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दल्लीराजहरा के नेताओं ने किया भव्य स्वागत

बालोद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय के बालोद आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह एवं हर्ष का माहौल देखने को मिला। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने गंगा मैय्या मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं विकास की कामना की। मंदिर परिसर में उन्होंने श्रद्धालुओं एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा भी की।

इस अवसर पर दल्लीराजहरा से पहुंचे भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय का भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं द्वारा आतिशबाजी के बीच माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया गया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने योग्य रहा तथा “भारत माता की जय” एवं “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई थी। छात्र जीवन से ही उन्होंने संगठन के लिए कार्य करना प्रारंभ किया और निरंतर कार्यकर्ताओं के साथ जुड़कर जनसेवा को अपना उद्देश्य बनाया। उन्होंने कहा कि बालोद जिले से उनका विशेष लगाव रहा है तथा उन्होंने अपने जीवन का काफी समय बालोद क्षेत्र में बिताया है। यहां के कार्यकर्ताओं का स्नेह एवं अपनापन हमेशा उन्हें प्रेरित करता रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक विचारधारा आधारित संगठन है, जहां प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। संगठन की मजबूती ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है और कार्यकर्ताओं की मेहनत एवं समर्पण से ही पार्टी लगातार जनता का विश्वास जीत रही है। उन्होंने युवाओं से भी संगठन से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रदेश महामंत्री श्री मार्कंडेय ने आगे कहा कि भाजपा सरकार आम जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क बढ़ाने एवं लोगों के बीच सक्रिय रहने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व के आगमन को संगठन के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर मुख्य रूप से जयदीप गुप्ता, स्वाधीन जैन, हितेश कुमार, रोहित साहू, कासिम कुरैशी, अंकित टाटिया, चंद्रप्रकाश भारद्वाज, गजेंद्र सिंह, शुभम साहू, अनिल साहू, हिमांशु निषाद, गुलशन कश्यप, युवराज कुमार, लक्की साहू, पुनीत पटेल पब्जी, दिनेश नायक, शिवम कुमार, पंकज कुमार, ईश्वर ठाकुर, नीरज मंडावी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मतांतरित व्यक्ति के कफन दफन को लेकर फिर बवाल

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अब ग्राम पंचायतों में भी मिशनरी हो रही हावी

जगदलपुर अब बस्तर की ग्राम पंचायतों में भी मिशनरी का कब्जा होने लगा है। धर्म विशेष के व्यक्ति को सरपंच चुनवा कर पूरे गांव को कन्वर्ट करने का खेल खेला जाने लगा है। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चित्रकोट के पदरगुड़ा पारा से सामने आया है। पदरगुड़ापारा गांव के निवासी धर्मांतरित परिवार के व्यक्ति पुरेंद्र बघेल के कफन दफन को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। परिजन शव को गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम में दफनाना चाहते थे।इसके

विरोध में चित्रकोट, पदरगुड़ा समेत आसपास के पांच गांवों के आदिवासी सामने आ गए। खबर मिलते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, विभाग सेवा प्रमुख अनिल अग्रवाल, जिला संयोजक विष्णु ठाकुर, सह संयोजक योगेश रैली, प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला, मंत्री शिवा नाग, पूर्व जिला संयोजक नरेश कोरी , पवन नामदेव, अजय बघेल, लोकेंद्र नाथ नाग, संजय बघेल, रोहित झा, इंद्रा भी मौके पर पहुंच गए।. पूर्व सरपंच रैतूराम कश्यप और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मिशनरी के लोग ग्राम पंचायतों में अपने लोगों को चुनाव लड़वा कर सरपंच, पदों पर कब्जा कर लेते हैं

और फिर धीरे धीरे पूरे गांव के लोगों को मातांतरित कराने लग जाते हैं।ग्राम के माटी पुजारी नाईक, पाइक, सिरहा गुनिया और ग्रामीणों के मुताबिक मिशनरी के लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जानबूझ कर शवों को हिंदू मुक्तिधामों में दफनाने की कोशिश कर विवाद की स्थिति पैदा करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने गांव का माहौल और परंपरा को प्रभावित नहीं होने देंगे। अंततः प्रबल विरोध के बाद मृतक के छोटे भाई पुष्पेंद्र बघेल ने लोहंडीगुड़ा तहसीलदार को आवेदन देकर शव को नजदीकी मसीही कब्रिस्तान में दफनाने की सहमति जताई।

भारतीय जनता पार्टी जिला प्रशिक्षण वर्ग ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ के द्वितीय दिवस का सफल आयोजन

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भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित जिला प्रशिक्षण वर्ग “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026” के द्वितीय दिवस का सत्र उत्साहपूर्वक प्रारंभ हुआ। दूसरे दिन की शुरुआत योग एवं प्रार्थना के साथ हुई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां भारती, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैलचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् एवं संगठन गीत के माध्यम से कार्यक्रम को गति प्रदान की गई।दिनभर आयोजित विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया।द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय श्रीमती रंजना साहू जी ने “अपनी सरकारों की गरीब कल्याण योजनाएं एवं उनके क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका” विषय पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया।द्वितीय सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता माननीय अमित चिमनानी जी ने “मीडिया प्रबंधन” विषय पर कार्यकर्ताओं को बारीकी से जानकारी प्रदान की।तृतीय सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ आईटी सेल के प्रदेश सहसंयोजक माननीय प्रमोद सिंह जी ने “स्थायी कार्यक्रम, बूथ प्रबंधन, मन की बात एवं आईटी सेल” विषय पर प्रशिक्षण दियाचतुर्थ

सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य माननीय श्री योगेश साहू जी ने “सोशल मीडिया का उपयोग, नई तकनीक AI, प्रभावी सूचना तंत्र एवं संगठन के सकारात्मक परसेप्शन निर्माण” विषय पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया।पंचम सत्र में भाजपा छत्तीसगढ़ ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री अशोक साहू जी ने “कार्य विस्तार” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।अंतिम सत्र में प्रशिक्षण वर्ग प्रभारी माननीय श्री शिरीष अग्रवाल जी ने “लाभार्थी संपर्क, सोशल मीडिया, आईटी सेल, AI मातृशक्ति समूह, कार्यालय एवं कोष प्रबंधन, मीडिया प्रबंधन एवं विमर्श (नैरेटिव)” विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।प्रशिक्षण वर्ग में डिजिटल साक्षरता एवं मूल्यांकन प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की विशेष बात यह रही कि प्रतिभागियों को अंत में डिजिटल सर्टिफिकेट वितरित किए गए तथा जिला परीक्षा प्रमुखों द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया भी अपनाई गई, ताकि कार्यकर्ताओं के सीखने के स्तर का आकलन सुनिश्चित किया जा सके।प्रशिक्षण वर्ग के दौरान प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के इतिहास एवं विकास यात्रा को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।पूरे प्रशिक्षण वर्ग का संचालन जिला महामंत्री श्री राकेश छोटू यादव द्वारा किया गया। यह दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण वर्ग था, जिसमें कुल 11 सत्र आयोजित किए गए।कार्यक्रम के समापन पर ध्वज अवतरण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सभी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक जलपान किया तथा अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन कार्य को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही आगामी चुनाव एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर रणनीति पर भी चर्चा की गई।प्रशिक्षण वर्ग में युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। युवा कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने एवं समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।महिला कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति भी कार्यक्रम की विशेषता रही। उन्होंने संगठन विस्तार एवं सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र, संगठन एवं समाज सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में जिला अध्यक्ष द्वारा अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।कमल पनपालिया जिला मीडिया प्रभारी भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद

संजीवनी साधना शिविर में शामिल हुए परिव्राजक

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अभनपुर शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित 9 दिवसीय संजीवनी साधना शिविर में गायत्री शक्तिपीठ खोरपा का भी 39 सदस्यीय जत्था शामिल हुआ। जत्थे में 28 बालिकाएं और 11 पुरुष शामिल थे। गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा और वंदनीय माताजी भगवती देवी शर्मा एवं मां गायत्री की कृपा से इस साधना की अदभूत अनुभूति सहभागियों को हुई। शिविर में व्यक्ति कल्याण और आत्म कल्याण के लिए प्रशिक्षण दिया गया। परिव्राजकों को हरिद्धार के आसपास हिमालय की गोद के वातावरण का अदभूत दृश्य भी देखने को मिला।गंगा मैय्या के निर्मल जल में स्थान कर शरीर को भी पावन बनाने का अवसर मिला। हम बदलेंगें युग् बदले की भाव को लेकर युग निर्माण योजना के भाव जन जन पहुंचाने का हर मानव में भाव जगाने से ही सभी का कल्याण संभव है। यह जानकारी साथ में गए सामाजिक कार्यकर्ता राघवेंद्र साहू ने दूरभाष पर दी

नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदल चुके बस्तर का शानदार नजारा

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पहली बार इंद्रावती नदी के उस पार माड़ क्षेत्र में तेंदूपत्ता का संग्रहण == नाव से हो रहा तेंदूपत्ता बोरों का परिवहन

तेंदूपत्ता श्रमिकों और नविकों को मिला रोजगार का जरिया, खिले चेहरे

अर्जुन झा-

जगदलपुर नक्सल समस्या के खात्मे के बाद बस्तर में आए बदलाव का शानदार नजारा देखने को मिल रहा है। जहां कभी नक्सलियों के खौफ के चलते निरीह आदिवासियों के रोजगार का बड़ा जरिया छिन गया था, वहां अब उम्मीदों की फसल लहलहा रही है। जिंदगी फिर से पटरी पर दौड़ने लगी है।श्रमिकों और नाविकों की जिंदगी में खुशियों की बहार आ गई है।

बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से जो तस्वीर आई है, वह बस्तर में आए बदलाव की कहानी बयां कर रही है। बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी के उस पार स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य चल रहा है। बीजापुर वन मंडल द्वारा यहां मई के प्रथम सप्ताह से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य शुरू किया गया है। प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के फड़ों में संग्रहित तेंदूपत्ता का उपचारण के बाद बोरा भर्ती कार्य कर फड़ों से अस्थायी एवं स्थायी गोदामों तक परिवहन का कार्य करवाया भी किया जा रहा है। जिला यूनियन बीजापुर के उप मंडलाधिकारी के अनुसार 346 फड़ों से सीधे फड़ से बीजापुर एवं मद्देड़ स्थित स्थायी गोदामों एवं 236 फड़ों का फड़ से समिति हेतु निर्धारित अस्थायी गोदामों तक तेंदूपत्ता के बोरों का परिवहन करवाया जा रहा है। फड़ों से तेंदूपत्ता का परिवहन संबंधित फड़ ग्राम के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ट्रैक्टरों के माध्यम से करवाया जा रहा है। वर्तमान में कृषि कार्य बंद होने पर ग्रामों में ट्रैक्टरों का उपयोग नहीं के बराबर होता है।

ऐसी स्थिति में स्थानीय ट्रैक्टर मालिक किसानों को आर्थिक नुकसान होता है, मगर अब तेंदूपत्ता बोरों का परिवहन करने से उन्हें अतिरिक्त आय हो रही है। नक्सलमुक्त होने के बाद तेंदूपत्ता तोड़ाई और विक्रय से यहां के श्रमिकों को भी आमदनी का बड़ा जरिया मिल गया है। तेंदूपत्ता संग्रहण में ग्रामीण और परिवहन में ट्रैक्टर मालिक किसान बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति गुदमा के लॉट क्रमांक 23 अ गुदमा के 11 फड़ों पर संग्रहित 3163 मानक बोरा एवं 23 ब गुदमा के 10 फड़ों पर संग्रहित 4165 मानक बोरा तेंदूपत्ता का परिवहन 42 ट्रैक्टरों से मात्र एक सप्ताह के अंदर कर ट्रैक्टर मालिकों ने 11.35 लाख की आय अर्जित की है। यह राशि उनके बैंक खातों में विभाग द्वारा डाली जाएगी।

नाविकों की भी बल्ले- बल्ले

इंद्रावती नदी के उस पार स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र के 7 तेंदूपत्ता फड़ों से तेंदूपत्ता बोरों का परिवहन स्थानीय लकड़ी की नावों के माध्यम से किया जा रहा है। दो-दो नावों को जोड़कर तेंदूपत्ता बोरों को परिवहन किया जा रहा हैं जिससे स्थानीय ग्रामीण नाविकों को भी अतिरिक्त आमदनी का जरिया प्राप्त हो रहा है। इन फड़ों पर संग्रहित लगभग 1712 बोरा तेंदूपत्ता का परिवहन कराने पर स्थानीय नाविकों को 1.16 लाख रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे आदिवासी श्रमिक भी अब अच्छी कमाई कर रहे हैं। बदल चुके बस्तर में ट्रैक्टर मालिक किसान, नाविक और तेंदूपत्ता श्रमिक सभी खुश हैं।

डायरेक्टर रुंडवाल ने देखी पीएम आवास की प्रगति

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जगदलपुर भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक वैभव रुंडवाल (आईईएस) ने नगर निगम जगदलपुर में प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत एएचपी घटक के एमपीएम साइट अघनपुर में स्लम से व्यवस्थापित हितग्राहियों से मुलाकात की एवं उनके जीवन में इस योजना से आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। एएचपी घटक अंतर्गत परियोजना स्थल धरमपुरा 116 यूनिट में निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उनके साथ नगर निगम जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता गोपाल भारद्वाज, संबंधित सीएलटीसी भूपेश साहू एवं संजय पांडेय तथा संभाग कार्यालय से क्षेत्रीय कार्यपालन अभियंता प्रशांत शुक्ला एवं डिवीजनल सीएलटीसी अतुल डोंगरे, विकल्प चंद्रवंशी व प्रतीक जोशी और समस्त सर्वेयर उपस्थित थे।

रुंडवाल ने निर्माण पूर्ण होने के उपरांत लंबे समय से रिक्त एएचपी आवासों की जानकारी लेते हुए जल्द से जल्द व्यवस्थापन के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने उन साइटों में निवासरत हितग्राहियों से निवास उपरांत आ रही समस्याओं को सुना तथा त्वरित निवारण हेतु निगम के कार्यपालन अभियंता को आदेशित किया। उन्होंने निर्माणाधीन एएचपी साइट का निर्माण कार्य अगस्त माह से पूर्व पूर्ण करने आदेशित किया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अंतर्गत बीएलसी के क्रमशः 1-1 कच्चे घर, निर्माणाधीन मकान व पूर्ण आवास का भौतिक निरीक्षण कर हितग्राहियों से चर्चा की और उन्हें जल्द निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया गया।

कृषि के छात्रों ने सीखा आधुनिक पोल्ट्री का मैनेजमेंट मॉडल, औरी गांव बना लर्निंग हब

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दुर्ग कृषि के क्षेत्र में केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव ही भविष्य की राह तय करता है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कृषि महाविद्यालय दुर्ग भिलाई की बीएससी कृषि छात्रा कुसुमश्री रेड्डी ने अपने शैक्षणिक मॉड्यूल के तहत भिलाई-3 के पास औरी गांव स्थित आधुनिक पोल्ट्री फार्म का विस्तृत अध्ययन किया।

इस विज़िट का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि कैसे पारंपरिक खेती से हटकर तकनीक के माध्यम से एक सफल ‘बिजनेस सिस्टम’ खड़ा किया जा सकता है।अध्ययन के दौरान यह बात सामने आई कि युवा उद्यमी प्रसंग चंद्राकर ने अपने फार्म को एक प्रोफेशनल सिस्टम के रूप में विकसित किया है। उन्होंने पुणे से प्राप्त पोल्ट्री डिप्लोमा के ज्ञान को जमीन पर उतारते हुए यहां एनवायरमेंट कंट्रोल हाउस स्थापित किया है। छात्रों के लिए यह देखना दिलचस्प था कि कैसे ऑटोमेशन के जरिए तापमान और आर्द्रता को नियंत्रित कर पक्षियों की मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सकता है और उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।

सेल्फ-सस्टेनेबल मॉडल पर जोर

छात्रों ने सीखा कि बिजनेस में लागत कम करने के लिए स्वयं का प्रबंधन कितना जरूरी है। फार्म में मक्का और सोयाबीन आधारित संतुलित फीड (दाना) खुद तैयार किया जाता है, जिससे लागत पर नियंत्रण रहता है। साथ ही बायो सिक्योरिटी और नियमित टीकाकरण के जिस सख्त सिस्टम को यहां अपनाया गया है, वह कृषि के छात्रों के लिए एक बेहतरीन व्यावहारिक सबक है।

मार्केट लिंकेज और भविष्य की संभावनाएं

इस केस स्टडी के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सही प्रबंधन और मार्केट लिंकेज के साथ पोल्ट्री फार्मिंग को एक लाभकारी उद्योग बनाया जा सकता है। कॉलेज प्रशासन और छात्रों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर मौजूद ऐसे आधुनिक फार्मिंग सिस्टम भविष्य के कृषि स्नातकों के लिए किसी प्रयोगशाला से कम नहीं हैं।

कागजों की उलझन में फंसा बुढ़ापा: संजय बैंस की पहल से 70 वर्षीय गणेशिया बाई को मिली पूरी महतारी वंदन राशि

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संजय बैंस के मदत से अब 1000 मिलेंगे तो मैं तो पूरी तरह से उम्मीद ही छोड़ दी थी,भगवान बनकर आए मेरे लिए संजय बेटा ।” यह कहते हुए 70 वर्षीय गणेशिया बाई देशमुख की आंखें भर आईं। कुसुमकसा निवासी गणेशिया बाई पिछले कई महीनों से महतारी वंदन योजना की आधी-अधूरी राशि के कारण परेशान थीं। सरकारी योजना में महिलाओं को 1000 रुपये मिलते हैं, लेकिन उनके खाते में हर माह सिर्फ 500 रुपये ही पहुंच रहे थे।दरअसल, फॉर्म भरते समय हुई विभागीय त्रुटि ने गणेशिया बाई का सहारा छीन लिया था। उनके आवेदन में गलती हो गया, जबकि उन्होंने कभी वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन ही नहीं किया था। नतीजा यह हुआ कि महतारी वंदन योजना से 1000 की जगह केवल 500 रुपये मिलने लगे। बार-बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर काटने पर भी उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं।गणेशिया बाई अपने पति के साथ रहती हैं। दोनों की उम्र 70 पार है और उनकी कोई संतान नहीं है। बुढ़ापे में जीवनयापन का एकमात्र सहारा सरकार की यह योजना ही थी। आधा पैसा मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा था।हताश होकर गणेशिया बाई ने पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस से गुहार लगाई। संजय बैंस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी जुटाई। उनकी पहल पर विभागीय चूक सुधारी गई और इस माह से गणेशिया बाई के खाते में पूरे 1000 रुपये आना शुरू हो गए हैं।खाते में पूरी राशि देखकर गणेशिया बाई भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “संजय भैया ने बुढ़ापे में हमारा सहारा बनकर दिखाया। अब दो वक्त की रोटी की चिंता थोड़ी कम होगी।”स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि संजय बैंस ने फिर साबित किया है कि जनप्रतिनिधि संवेदनशील हो तो कागजों में अटकी योजनाएं भी जमीन पर उतरती हैं। यह मामला बताता है कि एक छोटी सी लिपिकीय गलती किसी बुजुर्ग की जिंदगी कितनी मुश्किल बना सकती है।इस पर संजय बैंस ने कहा, “प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनना हमारा फर्ज है। जब कोई बुजुर्ग मदद के लिए आता है तो उसकी समस्या को टालना नहीं चाहिए। आज गणेशिया बाई के चेहरे की मुस्कान देखकर लगता है कि प्रयास सार्थक हुआ।” एक जनप्रतिनिधि की पहल ने न सिर्फ 70 साल की बुजुर्ग महिला को उसका हक दिलाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि व्यवस्था में संवेदना जिंदा हो तो समाधान निकल ही आता है।

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