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भारत माता के वीर सपूत का गांव में जोरदार स्वागत, टोला-पारा में बिछीं पलकें

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उपशीर्षक: नेवी की ट्रेनिंग पूरी कर लौटे प्रदीप सिवना का ग्रामीणों ने किया अभिनंदन, मुख्यातिथि रहे संजय बैस

कुसुमकसा, डोंडी, बालोद | 7 मई 2026 देश सेवा का जज्बा लेकर भारतीय नौसेना में भर्ती हुए ग्राम कुसुमकसा के होनहार बेटे प्रदीप सिवना के प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार गांव लौटने पर बुधवार को टोला-पारा में ऐतिहासिक स्वागत हुआ। गांव के हर घर से निकलकर ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत के लिए पलकें बिछा दीं और ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार अभिनंदन किया।इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि संतोष जैन शमशेर खान पुष्पजीत बैस जावेद खान जी रहे

शॉल-श्रीफल व पुष्पहार से हुआ सम्मान

सफेद नेवी यूनिफॉर्म में गांव पहुंचे प्रदीप सिवना का प्रवेश द्वार पर ही महिलाओं ने आरती उतारकर तिलक किया। इसके बाद पूरे गांव में जुलूस के रूप में उन्हें घर तक लाया गया। इस दौरान युवाओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी नारे लगाए। मुख्य मार्ग पर आयोजित अभिनंदन समारोह में अतिथियों ने प्रदीप को गेंदे की माला पहनाई, शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। स्वागत से अभिभूत प्रदीप ने सभी का आभार जताया।

मुख्यातिथि बोले- गांव का गौरव बढ़ाया

कार्यक्रम के मुख्यातिथि पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस ने कहा कि “प्रदीप जैसे युवा ही असली भारत के हीरो हैं। इन्होंने न सिर्फ अपने माता-पिता, बल्कि पूरे कुसुमकसा और डोंडी क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आज हर घर चाहता है कि उसका बेटा फौजी बने। प्रदीप की सफलता गांव के सैकड़ों युवाओं को प्रेरणा देगी।” समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित एलआईसी अभिकर्ता एवं समाजसेवी गौरी शंकर साहू ने कहा, “मेरा सौभाग्य है कि मुझे भारत माता के ऐसे वीर सपूत भाई प्रदीप सिवना का अभिनंदन करने का अवसर मिला। यह पल जीवन भर याद रहेगा। गांव से निकलकर देश की रक्षा करने का जज्बा हर युवा में होना चाहिए।” उन्होंने प्रदीप के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह, उमड़ा जनसैलाब

समारोह में सरपंच, पंच, स्कूल के शिक्षक, एवम ग्रामीण जन सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। महिलाएं और बच्चे सुबह से ही प्रदीप के स्वागत की तैयारी में जुटे थे। गांव के गणमान्य तुला राम ने कहा कि वर्षों बाद गांव में किसी फौजी का ऐसा स्वागत देखने को मिला है। प्रदीप के पिता ने बताया कि बेटे ने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। कार्यक्रम का संचालन ग्राम के कोषांक्ष्य जगन्नाथ सिवना ने किया व आभार प्रदर्शन युवा समिति अध्यक्ष द्वारा किया गया। अंत में सभी ने एक स्वर में कहा – “हमको है अभिमान, देश का वीर जवान”।

नव विवाहिता की मृत्यु एवं दहेज प्रताड़ना प्रकरण में पुलिस कार्यवाही

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नव विवाहिता मृतिका से दहेज मांग करने वाले आरोपीगण के विरूद्ध थाना गुरूर मे अपराध पंजीबद्ध

नव विवाहिता ने प्रताड़ित होकर लगायी थी फांसी,

नव विवाहिता मृतिका से दहेज की मांग करने वाले पति, सास, ससुर व ननंद को किया गया गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक महोदय योगेश कुमार पटेल द्वारा दिनांक 24.02.2026 को नव विवाहिता की मृत्यु के संबंध में बारिकी से जांच कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया था जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के दिशा निर्देश पर गुरूर एसडीओपी श्रीमती माया शर्मा एवं थाना प्रभारी गुरूर मुकेश सिंह के द्वारा बारिकी से जांच विवेचना कार्यवाही किया गया।विवरण:- संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 24.02.2026 को वार्ड क्र. 02 गुलमोहर कॉलोनी गुरूर में किराये के मकान मे निवासरत् मीनाक्षी भतरिया उम्र 28 वर्ष अपने मकान के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, उसके पति प्रवीण कुमार भतरिया जो रजिस्ट्रार ऑफिस तहसील कार्यालय गुरूर में दैनिक वेतन भोगी के रूप में बतौर आपरेटर का काम करता था, घटना की रिपोर्ट पर थाना गुरूर मे मर्ग क्रमांक 09/2026 धारा 194 बीएनएसएस कायम किया गया था। मृतिका के परिजनों एवं जांच के दौरान पता चला कि मृतिका नव विवाहिता थी तब मौके पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट गुरूर की उपस्थिति में शव का विधिवत् पंचनामा कार्यवाही किया गया। सायबर सेल बालोद की मदद से मृतिका व उसके पति का मोबाईल नंबरों का कॉल डिटेल प्राप्त किया गया तथा मृतिका के मायके पक्ष मृतिका की मां पुष्पा बाई खरे, पिता अजय खरे, बहन माधवी खरे, भाई अनिल कुमार व अन्य सामाजिक व्यक्तियों का कथन लिया गया तो पता चला कि मृतिका मीनाक्षी भतरिया को विवाह उपरांत उसके पति प्रवीण कुमार भतरिया व उसके ससुराल वाले ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया व डेढ़सास करूणा भतरिया द्वारा मृतिका मीनाक्षी भतरिया को कम दहेज लायी हो, नौकरानी की तरह रहना पड़ेगा, तुम हम लोगों को पसंद नही हो, रंग रूप व दहेज की बातों को लेकर बार-बार प्रताड़ित करते थे

, जिससे परेशान होकर मीनाक्षी भतरिया दिनांक 24.02.2026 को अपने किराये के मकान गुरूर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। संपूर्ण मर्ग जांच पर मामला धारा 80(1),80(2),3(5) बीएनएस का अपराध घटित होना पाये जाने से दिनांक 07.07.2026 को अपराध पंजीबद्ध किया गया। अपराध कायमी के तत्काल बाद एसडीओपी गुरूर श्रीमती माया शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपीगणों को उसके निवास ग्राम पथर्रा जिला दुर्ग भेजकर अभिरक्षा में लेकर थाना लाया गया, जिनसे घटना के संबंध में बारिकी से पूछताछ करने पर अपराध का घटित करना पाया गया। प्रकरण में मृतिका के पति प्रवीण कुमार भतरिया व उसका ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया व डेढ़सास करूणा भतरिया के विरूद्ध दहेज के नाम पर प्रताड़ित करने के संबंध में पर्याप्त अपराध धारा का सबूत पाये जाने पर वैधानिक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर रिमाण्ड में माननीय सीजेएम न्यायालय बालोद पेश कर न्यायिक रिमाण्ड में जेल दाखिल किया गया है।

उक्त प्रकरण की जांच व विवेचना कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती माया शर्मा एसडीओपी गुरूर, निरीक्षक मुकेश सिंह, सहा.उपनिरीक्षक कुलेशवर यादव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीणा मरावी, आरक्षक पिताम्बर निषाद, विवेक सिन्हा एवं कोमल साहू थाना गुरूर का सराहनीय भूमिका रहा। गिरफ्तार आरोपी:- 1. प्रवीण भतरिया पिता पग्गू लाल भतरिया उम्र 37 वर्ष 2. पग्गू लाल भतरिया पिता स्व. तिजऊ राम भतरिया उम्र 70 वर्ष 3. श्रीमती गीता भतरिया पिता पग्गू लाल भतरिया उम्र 60 वर्ष 4. श्रीमती करूणा चतुर्वेदानी पति तुलाराम चतुर्वेदानी उम्र 40 वर्ष सभी निवासी निवासी पथर्रा थाना भिलाई -3 जिला दुर्ग

बचेली की शराब दुकान में चल रहा है ओवर रेटिंग का खेल

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10 से 50 रुपए तक अधिक में खुलेआम बेची जा रही है शराब

जगदलपुर बस्तर संभाग की शराब दुकानों में ओवर रेटिंग का खेल खुलेआम चल रहा है। शराब प्रिंट दर पर न बेच कर मनमानी कीमत वसूली जा रही है। ऐसा ही एक और मामला दंतेवाड़ा जिले के बचेली से सामने आया है। बचेली स्थित शासकीय विदेशी मदिरा दुकान में ग्राहकों से प्रिंट रेट से ज्यादा दाम वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि दुकान में एमआरपी से 10 से 50 रुपए तक ज्यादा लेकर शराब बेची जा रही है। बिल मांगने और विरोध करने पर बदसलूकी करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।सिर्फ सरकारी दुकान ही नहीं, बचेली शहर के कई मोहल्लों, चौक-चौराहों और ढाबों पर अवैध रूप से शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। इन जगहों पर भी मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। सरकारी दुकान बंद होने के बाद रात में दोगुने-तिगुने दाम पर शराब बेचना आम बात हो गई है। इस पूरे मामले पर बचेली की जनता के मन में कई गंभीर सवाल हैं। आखिर इस ओवर रेटिंग और अवैध विक्रय को किसका संरक्षण मिला हुआ है? पुलिस और जिला प्रशासन अवैध बिक्री रोकने में नाकाम क्यों है? जब पूरा देश डिजीटल हो रहा है, तो शराब दुकानों में डिजीटल पेमेंट, क्यूआर कोड स्कैनिंग और ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम क्यों लागू नहीं किया जा रहा? पारदर्शिता के लिए CCTV और पॉइंट ऑफ सेल मशीन अनिवार्य क्यों नहीं? ओवर रेटिंग और अवैध बिक्री से सरकार को हर महीने लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है?

ढर्रा पुराना, डर नया

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके पूर्व भी जिले में शराब दुकानों में करोड़ों रुपए के घोटाले उजागर हो चुके हैं। बार कोड में हेरफेर कर व्यक्तिगत लाभ कमाने के मामले सामने आए थे। जनता को डर है कि कहीं उसी ‘ढर्रे’ को फिर से बढ़ावा तो नहीं दिया जा रहा है?बचेली के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि सरकारी दुकान में ओवर रेटिंग और शहर में हो रही अवैध बिक्री की निष्पक्ष जांच कर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए,सभी शराब दुकानों में अनिवार्य रूप से डिजिटल पेमेंट, कंप्यूटराइज्ड बिलिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, रेट लिस्ट बड़ी और साफ जगह पर लगाई जाए। दोषी कर्मचारियों, सेल्समैन और अवैध कारोबारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

एल्डरमेन नियुक्ति में महिलाओं की उपेक्षा, भाजपा का महिला विरोधी चेहरा उजागर – रतिराम कोसमा

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दल्ली राजहरा— ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दल्ली राजहरा के अध्यक्ष रतिराम कोसमा ने नगर पालिका दल्ली राजहरा में हाल ही में की गई एल्डरमेन नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान, महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला आरक्षण जैसे विषयों पर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जब महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का वास्तविक अवसर आया तो भाजपा पूरी तरह विफल साबित हुई।रतिराम कोसमा ने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और नगर पालिका दल्ली राजहरा में भी भाजपा का ही नियंत्रण है। इसके बावजूद एल्डरमेन की नियुक्ति में एक भी महिला को स्थान नहीं दिया गया। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या दल्ली राजहरा भाजपा में कोई सक्रिय एवं योग्य महिला कार्यकर्ता नहीं है, या फिर भाजपा महिलाओं को केवल भाषणों और नारों तक ही सीमित रखना चाहती है?उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीर होती, तो एल्डरमेन नियुक्ति में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व अवश्य देती। लेकिन महिलाओं की पूर्ण उपेक्षा कर भाजपा ने अपने कथनी और करनी के अंतर को उजागर कर दिया है।रतिराम कोसमा ने कहा कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखना भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। यह निर्णय नगर की महिलाओं के सम्मान और उनकी राजनीतिक भागीदारी की भावना के विपरीत है। भाजपा को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करते हुए महिलाओं को भी सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देना चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी की पक्षधर रही है तथा भविष्य में भी महिलाओं को उनका उचित अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।रतिराम कोसमाअध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, दल्ली राजहरा

लोहण्डीगुड़ा मण्डल में भाजयुमो की नवीन कार्यकारिणी घोषित

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जगदलपुर।भारतीय जनता पार्टी ने लोहण्डीगुड़ा मण्डल में भारतीय जनता युवा मोर्चा की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की है। जिसमें अध्यक्ष शिवनंदन पेगड़, उपाध्यक्ष धनसिंह ठाकुर, शिबोराम बघेल, जगदानन्द गजवीर, महामंत्री लखन ठाकुर व सीतराम मण्डावी, मंत्री गोंचू कश्यप, करण सेठिया, उमेन्द्र ठाकुर, कोषाध्यक्ष बसंत बघेल, मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार, कार्यालय प्रभारी मंगीराम बेंजाम, सोशल मीडिया प्रभारी टिपेन्द्र ठाकुर, सह सोशल मीडिया प्रभारी मनुराम बघेल, आई.टी.सेल प्रभारी दुष्यंत कश्यप बने हैं। वहीं कार्यकारिणी सदस्यों में गोविंद कश्यप, पुरूषोत्तम ठाकुर, लोकेन्द्र ठाकुर, मनीष पोयाम, देवनाथ मण्डावी, खेमशंकर, रमेश कश्यप, उमेश कश्यप, रविन्द्र कश्यप, मुन्नालाल कश्यप, दिव्या ठाकुर, लक्ष्मण बेंजाम, राजेश यादव, सुकमन कश्यप, मनीराम कश्यप के नाम शामिल हैं।

भाजपा झुग्गी झोपड़ी व सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी घोषित

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जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी ने झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की है। जिसमें भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ जिला संयोजक संतोष त्रिपाठी, सह संयोजक अतुल कौशल व कृष्णा ठाकुर, कोषाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश शुक्ला, सह कोषाध्यक्ष विकास जोशी, कार्यालय मंत्री अमर झा, सह कार्यालय मंत्री राजेश बघेल, सोशल मीडिया प्रभारी मनीष सकलेचा, सह सोशल मीडिया प्रभारी संजय गुप्ता बने हैं एवं कार्यकारिणी सदस्यों में उमेश वानखेड़े, सुरेश रैली, खालेश्वर पाणिग्राही, खलील खान, रंजीत सिंह बिसेन, नरेन्द्र गुप्ता के नाम शामिल हैं। वहीं भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक केतन महानंदी, सह संयोजक शैलेष जारी व सुनील दास, मीडिया प्रभारी शैैलेष श्रीवास्तव, सोशल मीडिया प्रभारी सुरेश ठाकुर बनाये गये हैं एवं कार्यकारिणी सदस्यों में धीरज कुमार कश्यप, रूकमणी यादव, सदाशिव ठाकुर, पुरूषोत्तम कश्यप, तिरूपति नागेश, प्रवीर पाल, मोतीराम कश्यप, मांझी मुचाकी, नरेन्द्र ठाकुर, अमरेश गुप्ता, राधेश्याम, सहदेव नाग, गणपत बैद, जयमन कश्यप, पवन कुमार नाग शामिल है

गिरफ्त में खाल के लिए बाघों का शिकार करने वाला गिरोह

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गिरोह में इंद्रावती टाइगर रिजर्व का चौकीदार और दो पूर्व नक्सली भी शामिल

8 आरोपी गिरफ्तार, बाघों की 3 खालें जप्त

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) क्षेत्र में बाघों के शिकार और उनकी खाल की तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामले में आठ आरोपी पकड़े गए हैं, जिनमें दो आत्मसमर्पित नक्सली और इंद्रावती टाइगर रिजर्व का एक चौकीदार भी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र शासन के वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में आईटीआर का चौकीदार समेत महाराष्ट्र के दो आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क अबूझमाड़ से महाराष्ट्र सीमा तक सक्रिय था। वन विभाग इस अंतर्राज्यीय तस्करी के मास्टर माइंड व गिरोह में शामिल लोगों की पतासाजी के साथ इनके जुड़े नेटवर्क को खंगाल रहा है। मामले में 5 बाघों की खाल की तलाश जारी है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप संचालक संदीप बल्गा ने बताया कि तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की टीमों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया है। 7 आरोपियों को ज्यूडिशियरी रिमांड पर भेजा गया है। अब तक तीन बाघों की खालें बरामद की जा चुकी हैं। साथ ही वन विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी।

निर्दोष किसानों को एनएमडीसी ने दे दी “काला पानी” की सजा

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नगरनार प्लांट के जहारीले पानी ने तबाह कर दिए सैकड़ों एकड़ खेत

गांवों के जल स्त्रोतों पर भी पड़ा प्रतिकूल प्रभाव

अर्जुन झा

जगदलपुर दशकों तक नक्सल आतंक की त्रासदी भोगते रहे बस्तर के आदिवासी ग्रामीणों और किसानों को माओवाद के खात्मे के बाद भी राहत नहीं मिल पाई है।. अब इन बेकसूर ग्रामीणों और किसानों को “काला पानी” की सजा भुगतनी पड़ रही है। काला पानी की यह सजा किसानों और ग्रामीणों को उनकी ही जमीन पर एनएमडीसी द्वारा स्थापित नगरनार स्टील प्लांट प्रबंधन ने दी है। प्लांट से निकलने वाले केमिकलयुक्त काले और जहरीले पानी ने दर्जनों किसानों के पचासों एकड़ खेतों को तबाह करके रख दिया है। इतना ही नहीं प्लांट के इस जहर से गांवों के तालाब और दीगर जल स्त्रोत भी जहरीले होते जा रहे हैं। इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी प्लांट प्रबंधन और एनएमडीसी मैनेजमेंट हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। प्लांट प्रबंधन का कहना है कि जिला प्रशासन जो भी आदेश देगा, उसका पालन किया जाएगा। इसका अर्थ यह हुआ कि प्लांट प्रबंधन अपने स्तर पर कोई कदम नहीं उठाएगा।

सड़कें और फैक्ट्रियां विकास और रोजगार की राह खोलती हैं। इसी उम्मीद के साथ नगरनार और आसपास के करीब दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों ने अपनी बेशकीमती उपजाऊ जमीन स्टील प्लांट की स्थापना के लिए दे दी थी। तब वादा किया गया था कि जिन ग्रामीणों और किसानों की जमीन ली गई है उनके परिवारों के सदस्यों को नौकरी दी जाएगी, ग्रामीणों के ईलाज के लिए बड़ा अस्पताल खोला जाएगा और ग्रामीणों के बच्चों की उत्कृष्ट शिक्षा के लिए स्कूल खोले जाएंगे। ये वादे आज तक पूरी तरह पूरे नहीं हो पाए हैं। उल्टे अब ग्रामीणों को काला पानी की सजा दी जा रही है। नगरनार स्टील प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट जल और केमिकल के प्रबंधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। प्लांट के सारे अपशिष्ट जल और केमिकल को प्लांट से बाहर खुले में बहाया जा रहा है। नगरनार प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के चलते वहां के 5 दर्जन से भी ज्यादा किसानों के करीब 150 एकड़ खेत जहरीले पानी से बर्बाद हो चुके हैं। स्टील प्लांट के गेट नं 3 से लेकर उपनपाल मार्ग तक काला पानी भरे रहने से सड़क लगभग बंद हो गई है और आसपास के इलाकों में तीक्ष्ण दुर्गंध फैली हुई है। इससे लोगों में जानलेवा बीमारी फैलने का खतरा बना बढ़ गया है। उपनगाल मार्ग पर लगभग ढाई फीट काला पानी भरा हुआ है। यह काला पानी सड़क पर बहते हुए आसपास के खेतों और तालाबों में पहुंच रहा है। इससे खेती की जमीन लगातार बंजर होती चली जा रही है और तालाब तथा अन्य जलस्त्रोत भी दूषित होते जा रहे हैं। बस्तर जिले के नगरनार में स्टील प्लांट की स्थापना होने से इलाके के लोगों को बड़ी उम्मीद थी लेकिन ग्रामीणों एवं किसानों की उम्मीदों पर काला पानी फिर गया है। स्थानीय ग्रामीणों को बड़ी उम्मीद बड़ी थी कि प्लांट प्रबंधन सीएसआर के तहत गांवों का चहुमुखी विकास होगा और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, लेकिन सारी उम्मीदें धरी रह गईं। जो जमीन पहले धान के रूप में सोना उगलती थी, वह अब बंजर हो चली है। किसानों की आमदनी का जरिया से छिन गया है, उनकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है। नगरनार स्टील प्लांट से निकलने वाला जहरीला धुंआ और काला पानी आसपास के गांवों के ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।ग्रामीण और पीड़ित किसान कई बार इस मसले को प्लांट प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष उठा चुके हैं, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नगरनार प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट पानी में खतरनाक केमिकल और जहरीले तत्व मौजूद रहते हैं। इस पानी को बिना उपचारित किए नदी, नालों, तालाबों और खेतों में छोड़ने से जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण और स्वास्थ्यगत गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। जमीन की उर्वरा क्षमता घट जाती है। काला पानी. के जल स्त्रोतों में मिलने से कैंसर, पीलिया, टाईफाईड, त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। नगरनार इस्पात संयंत्र में वार्षिक उत्पादन लगभग 30 लाख टन होता है। संयंत्र हर माह 25 लाख टन स्टील उत्पादन करता है। सूत्रों के अनुसार इस उत्पादन से प्रबंधन को तिमाही मुनाफा 30 करोड़ से अधिक है। एनएमडीसी प्रबंधन स्टील उत्पादन कर करोड़ों का मुनाफा कमा रहा है लेकिन ग्रामीणों की सुविधा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

वर्सन

करेंगे प्रशासन के निर्देश का पालन

वेस्टेज पानी के मामले में प्रबंधन एवं कलेक्टर बस्तर के बीच मीटिंग हो चुकी है। कलेक्टर जो आदेश देंगे, उसका पालन किया जाएगा।

रफीक अहमद,प्रमुख, जनसंपर्क विभाग नगरनार स्टील प्लांट वर्सन भेजा है मुआवजे का प्रस्ताव जिनकी जमीन काले पानी से बंजर हुई है उन सभी किसानों को मुआवजा देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर को भेजा जा चुका है। वेस्टेज पानी के स्थाई समाधान के लिए अंडर ग्राऊंड पाईप लाईन के माध्यम से पानी निकासी और पॉन्ड बनाने की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए जमीन तलाशी जा रही है।

तिवारी,एसडीएम, जगदलपुर

वर्सन

स्थाई समाधान निकाले प्रबंधन

बस्तर सांसद महेश कश्यप नगरनार स्टील प्रबंधन और सीएमडी को कह चुका हूं कि किसानों एवं ग्रामीणों की समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। एनएमडीसी के गेट नं 3 से निकल रहे काले पानी से ग्रामीणों और किसानों को बड़ी परेशानी हो रही है।जुझना नहीं पड़ता लेकिन प्रबंधन की लापरवाही इनके लिए आफत बन गया है। यह एक दिन की समस्या नहीं है, इसलिए इसका ठोस समाधान जरूरी है। *-महेश कश्यप, सांसद, बस्तर

सिर्फ मुआवजा हल नहीं: बघेल

इस मामले में नगरनार के पूर्व सरपंच एवं बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लेखन बघेल का सीधा आरोप है कि एनएमडीसी प्रबंधन को किसानों और ग्रामीणों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है। प्लांट से निकलने वाले दूषित पानी की व्यवस्थित निकासी के उपाय नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जमीन तो बंजर हो ही रहा है आसपास के ग्रामीण गंभीर बीमारी के चपेट में भी आने लगे हैं। मुआवजा के नाम पर किसानों को 30 से 40 फीसदी ही मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुआवजा समस्या का समाधान नहीं है, प्रबंधन एवं प्रशासन को इसकी स्थाई व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया जाएगा तो प्लांट के घेराव के साथ-साथ आंदोलन किया जाएगा।उन्होंने कहा स्थाई समाधान के लिए 40 से 50 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार हुआ है, जिस पर काम बारिश के बाद शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों की फसल खराब हुई है उन्हें 3100 रूपए प्की दर से मुआवजा देने का निर्देश प्रबंधन को दिया जाए। श्री बघेल ने कहा कि बीमारी फैलाने की आशंका को देखते हुए क्षेत्र में विशेष शिविर लगाकर जिला प्रशासन ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाए।

पीड़ितों को मिले इंसाफ: जैन

जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचद जैन ने कहा है कि एनएमडीसी ने नगरनार में प्लांट स्थापना के पूर्व बड़ी-बड़ी बातें कही थीं। किसानों, ग्रामीणों और गांवों के विकास का दम भरा गया था। लेकिन सारी बातें हवा हवाई साबित हुई हैं। जिन किसानों ने प्लांट लगाने के लिए जमीन दी है, उन्हीं किसानों की बची खुची जमीन काले पानी के जहर से बंजर हो गई है। इस मामले में प्रबंधन एवं प्रशासन स्थाई व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। इलाके में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन को समय रहते क्षेत्र में विशेष शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिए। प्रबंधन एवं प्रशासन समय जागे तो कांग्रेस पार्टी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करेगी।

बस्तर जिला सहकारी संघ मर्या. के अध्यक्ष के रूप में वेदांत दीक्षित ने पुनः संभाला पदभार

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जगदलपुर:- बस्तर जिला सहकारी संघ मर्या. के नवनियुक्त अध्यक्ष वेदांत दीक्षित ने आज प्रातः मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना एवं दर्शन के पश्चात मंदिर स्थित कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।पदभार ग्रहण करने के दौरान समर्थकों ने वेदांत दीक्षित का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा उन्हें पुनः इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।उल्लेखनीय है।

कि वेदांत दीक्षित इससे पूर्व भी बस्तर जिला सहकारी संघ मर्या. के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। उनके अनुभव एवं कार्यों को देखते हुए उन्हें पुनः इस दायित्व के लिए नियुक्त किया गया है।इस अवसर पर वेदांत दीक्षित ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सहकारिता के क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा किसानों एवं समितियों के हित में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

धर्मांतरित परिवार के सात सदस्यों ने की सनातन धर्म में वापसी

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महज 7 माह में मोहभंग हो गया दूसरे धर्म से

जगदलपुर बस्तर जिले के नानगुर क्षेत्र के कुलगांव में आज एक परिवार के सात सदस्यों ने ईसाई धर्म त्याग कर पुनः सनातन धर्म में वापसी कर ली। घर वापसी करने वालों में झिटकू राम कश्यप, रामबती कश्यप, आयती कश्यप, जगरनाथ कश्यप, उर्मिला कश्यप, भारती कश्यप एवं आशीष कश्यप शामिल हैं। समाज के अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप ने बताया परिवार लगभग सात माह पूर्व ईसाई पंथ में मतांतरित हुआ था।

धार्मिक रीति रिवाजों एवं वैदिक परंपराओं के अनुसार आयोजित कार्यक्रम में सभी सातों सदस्यों ने पुनः सनातन धर्म को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाज के लोगों ने परिवार का स्वागत किया और महारा समाज के अन्य मातांतरित परिवारों से भी आग्रह किया कि पुनः अपने सनातन धर्म की ओर लौटें, समाज आपका ससम्मान स्वागत हेतु तैयार है। प्रेम चालकी ने कहा हम किसी भी व्यक्ति के धर्म या आस्था का अनादर नहीं करते। जो लोग अपनी स्वेच्छा और बिना किसी दबाव के अपने पूर्वजों की परंपरा एवं सनातन धर्म में वापस लौटने का निर्णय लेते हैं, तो समाज सम्मानपूर्वक उनका स्वागत करता है। आज एक ही परिवार के सात सदस्यों ने अपनी इच्छा से घर वापसी की है। इस अवसर पर कचरा पाठी परगना महारा समाज के संरक्षक प्रेम चालकी, अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप, संपत कश्यप, सोमारु कुमार, लूदर बघेल, जीवनदास पाइक, सचिव प्रकाश नागेश, सुरेंद्र सोनी, सदानंद कश्यप, डमरू, गोजूराम, नारायण, भुरलु राम, रमेश कश्यप, भागीरथी, सदा तथा मोतीराम सहित समाज के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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