बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं के हालात को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है, जगदलपुर के पूर्व विधायक व भाजपा नेता संतोष बाफना ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और गैरजरूरी तरीके से डीमरापाल मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टरों को अन्यत्र ट्रांसफर करने का मुद्दा उठाया है |
पूर्व विधायक संतोष बाफना ने आरोप लगाते हुए कहा हाल ही में मेडिकल कॉलेज जगदलपुर से बड़ी संख्या में डॉक्टरों का स्थानांतरण दबाव पूर्वक कर दिया गया जिसको लेकर उन्होंने स्वास्थ्य सेक्रेटरी आलोक शुक्ला से दूरभाष में संपर्क किया एवं इस तरह डॉक्टरों को मेकाज से हटाने पर रोष जताया संतोष बाफना ने कहा स्वास्थ्य सेक्रेटरी आलोक शुक्ला ने जवाब ना देते हुए फोन को काट दिया पूर्व विधायक संतोष बाफना ने स्वास्थ्य सेक्रेटरी पर बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया |
वही बस्तर के पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने भी बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर कांग्रेस की राज्य सरकार पर निशाना साधा पूर्व सांसद ने कहा जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है तब से स्वास्थ्य सुविधाएं बद हाल हो गई हैं भारतीय जनता पार्टी के शासन में बस्तर को मेकाज की सुविधा मिली थी वहीं अब कांग्रेस के शासन में स्वास्थ्य सुविधाएं की स्थिति ठीक नहीं है पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के बीच खींचतान होने का आरोप भी लगाया जिसका खामियाजा स्वास्थ्य विभाग को उठाना पड़ रहा है |
बेमौसम बारिश लाखों किसान बर्बादी के कगार पर,सरकार उचित मुआवजा दे किसानों को – घनश्याम चंद्राकर प्रदेश उपाध्यक्ष
अचानक खराब हुए मौसम के कारण प्रदेश के हजारों किसान धान नही बेच पाए,खरीदी की समस्य सीमा बढ़ाये सरकार – दीपक आरदे जिलाध्यक्ष बालोद
बेमौसम लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के हजारों किसान अबतक अपना धान नही बेच पाए है वही अधिकतर किसानों की फसल बारिश में भीग कर खराब हो चुकी है ऐसे में सरकार को उन तमाम किसानों को उचित मुआवजा देने की घोषणा जल्द करनी चाहिए ताकि किसानों को हौसला मिल सके। पहले सूखा, और दिसंबर से आज जनवरी महिने में भी प्राकृतिक आपदा के रूप में आए बेमौसम बारिश, और भूपेश बघेल की तानाशाही सरकार और गलत निर्णयों के चलते प्रदेश के किसानों को तबाही के कगार पर खड़ा कर दिया है। अव्यवस्था और भ्रष्ट नौकरशाही के चलते किसानों का अरबों रूपयों का धान इस बारिश में भींग गया और सरकार और उसकी सारी व्यवस्था हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष घनश्याम चन्द्रकर ने 105 लाख टन धान खरीदी लक्ष्य लेकर जुमलाबाजी करने वाले भूपेश बघेल सरकार से पूछते हुए कहा कि धान का उचित रख रखाव और उठाव के लिए इस सरकार ने पर्याप्त संख्या में गोदामों की व्यवस्था क्यूं नहीं की? राज्य के 1300 गोदाम है जिसमें 24 लाख टन क्षमता तक ही धान का रखाव हो सकता है यह जानते हुए भी पहले से इंतजाम की व्यवस्था क्यूं नहीं की ?
घनश्याम चन्द्रकर ने कहा की भूपेश बघेल की एक व्यक्ति वाली सरकार को जबाव देना होगा। कांग्रेस को यह बताना होगा की राज्य का पूरा अमला सफेद हाथी की तरह क्यूं कार्य कर रहा है? जब तमाम संचार माध्यमों मे से बार बार ये सूचना दी जा रही है कि बारिश होगी तो धान को खराब होने से बचाने के लिए क्यूं पहले से इंतजाम नहीं किए। क्यूं मुख्यमंत्री का आदेश का इंतजार करना पड़ रहा है ?
क्या प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को बर्बाद करने के लिए धान खरीदी की तिथि एक महीने पीछे सरकाना पड़ा। क्यूं ??
भूपेश बघेल सरकार को किसानों का भींगा धान खरीदना होगा साथ ही जिन किसानों के धान बारिश में पूरी तरह बर्बाद हो गए है उनको हुए नुकसान की भरपाई करने जल्द उचित मुआवजे की घोषणा करनी होगी ।
ऐसा नहीं कि इसी वर्ष धान बर्बाद हुआ है वर्ष 2019-20 में 80 हजार टन धान खराब हुए जिसकी कीमत 590 करोड़ रूपये है। जबकि एक 10 हजार टन क्षमता का गोदाम बनाने की लागत 2 करोड़ रूपये तक आती है यह जानते हुए भी बघेल सरकार ने न अधिक गोदाम निर्माण कराए न गोदाम किराये पर लिया। न किसानों को पर्याप्त बारदाने उपलब्ध करवा पायी है। भूपेश बघेल की सरकार किसान हितैषी नहीं किसान विरोधी सरकार है। जल्द ही सरकार ने किसानों के लिए उचित मुआवजा की घोषणा नहीं की तो पूरे राज्य भर में आप आंदोलन करेगी। आप के जिलाध्यक्षों ने भी इसको लेकर हामी भरी है।
जिलाध्यक्ष दीपक आरदे ने विज्ञप्ति के माध्यम से भुपेश सरकार से मांग की है कि 31 जनवरी तक किसानों के धान नही बिक पाएंगे और ऐसे में किसान दोहरी मार तले दब जाएगा तो भूपेश सरकार धान खरीदी की समय सीमा को आगे बढ़ाए जिससे बचे सभी किसान को इसका लाभ मिल सके व वे अपने मेहनत से उगाए धान को बेच सके ।
कोरोना के तीसरे लहर में दिनों दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है जल्द से जल्द इसे रोकने के लिए कोरोना जांच केंद्र बढ़ाने और डिमरापाल में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट में हो रही देरी को लेकर,इन विषयों को लेकर अभाविप ने आज मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा, और मांग की आरटीपीसीआर रिपोर्ट में हो रही देरी को जल्द ठीक किया जाये और कोरोना जांच केंद्र बढ़ाया जाय ।
जिसमें विभाग संगठन मंत्री मनीष वर्मा, नगर मंत्री यश ध्रुव, कार्तिक जैन, संजय कंवर आदि उपस्थित थे ।
बेरोजगारी पर कांग्रेस के मंत्री रविन्द्र चौबे ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के ट्वीट पर पलटवार करते हुए कहा कि में रमन सिंह को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने ऐसा मुद्दा उठाया है जिसपर आज कुछ दिनों से बहस चल रही है भुपेश सरकार ने 5 लाख से ज्यादा रोजगार दिया है उसके आंकड़े जारी किए गए हैं इसमें केंद्र की योजनाओं को शामिल नही किया है सरकार ने 4 नए जिलों की स्थापना करके युवाओं को रोजगार प्रदान किया है भाजपा आरोप इसलिए लगा रही है क्योंकि रमन सरकार ने 15 वर्षों तक सिर्फ आउट सौरसिंग का ही काम किया है इसलिए भाजपा को तकलीफ हो रही है |
🟥 सहायक आरक्षकों को आरक्षक के पद पर पदोन्नति एवं वेतन भत्ते दिए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने राज्य के संवेदनशील यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिए निर्देश…
🟥 सहायक आरक्षकों के वेतन में होगी बढ़ोत्तरी तथा वे अन्य भत्तों और सुविधाओं के भी पात्र होंगे कांग्रेस की भूपेश सरकार ने की इसकी घोषणा.
🟥 विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सहायक आरक्षकों को पदोन्नति देने का वादा किया था जिसे अतिशीघ्र अमल में लाने प्रक्रिया की चल रही तैयारी.
🟥 नक्सलक्षेत्र में नक्सलवाद/माओवाद के खिलाफ सहायक आरक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे है उनके और उनके परिवार के बारे में सोचना सरकार का कर्तव्य व दायित्व होता है जिसे कांग्रेस की भूपेश सरकार ने साकार करने का ठाना.
🟥 विगत लम्बे समय से चल रही छत्तीसगढ़ में सहायक आरक्षकों को आरक्षक के समकक्ष पद पर पदोन्नति की मांग का रास्ता हुआ साफ भाजपा के 15 के कुशासन ने किसी का भला नही किया कांग्रेस ने जो कहा सो किया – राजीव शर्मा
🔹 भूपेश है तो भरोसा है….
जगदलपुर. बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस में कार्यरत सहायक आरक्षकों को नववर्ष की सौगात देते हुए आरक्षक के समकक्ष पद पर पदोन्नति और वेतन भत्ते प्रदाय किए जाने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को प्रेषित करने हेतु पुलिस मुख्यालय को निर्देशित किया गया है वह निर्णय सराहनीय व स्वागत योग्य है. राजीव शर्मा ने कहा कि भूपेश सरकार के इस निर्णय व कदम से सहायक आरक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी होगी और वे अन्य भत्तों और सुविधाओं के भी पात्र होंगे. तथा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की इस घोषणा से सहायक आरक्षकों में हर्ष का माहौल है तथा छत्तीसगढ़ में सहायक आरक्षको को आरक्षक के समकक्ष पद पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है | राजीव शर्मा ने कहा कि प्रदेश में करीब 30 हजार सहायक आरक्षकों को इसका फायदा मिलेगा, राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक ने विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेज दिया है प्रदेश में सहायक आरक्षकों की पदोन्नति की मांग लंबे समय से चल रही थी विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सहायक आरक्षकों को पदोन्नति देने का वादा किया था नक्सलवाद के लड़ाई में सहायक आरक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं जिसे कांग्रेस अपने घोषणा पत्र के अनुसार उसे पूरा करने के लिए कृत संकल्पित है 135 साल पुरानी पार्टी आम जनताओं की भावनाओं के अनुरूप अपने वादों और इरादों के अनुरूप जनहित में कार्य करती आई है राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री ने भी चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार जनता जनार्दन से किए वादों को क्रमशः पूरा कर रहे हैं | राजीव शर्मा ने कहा कि यह त्याग तपस्या और बलिदान की पार्टी है जो लोगों की भावनाओं को समझती और उनकी कद्र करती है नक्सल क्षेत्र में कार्यरत सहायक आरक्षकों को आरक्षक के पद पर पदोन्नति और वेतन भत्ता बढ़ाया जा रहा है जिससे सहायक आरक्षकों के जीवन मे सुधार आएगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
जगदलपुर।केंद्र के समान 31% महंगाई भत्ता तथा सातवां वेतनमान में गृह भाड़ा भत्ता की मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला बस्तर के द्वारा प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूर्व निर्धारित आंदोलन 12 जनवरी को “मौलिक अधिकार रैली ” नहीं निकाल कर फेडरेशन के प्रमुख पदाधिकारी माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम 2 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर बस्तर गोकुल रावते को सौंपा।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी विगत 2 वर्षों से महंगाई भत्ते के लिए संघर्षरत हैं देश के अधिकांश राज्य अपने अपने कर्मचारियों को केंद्र के समान 31% महंगाई भत्ता दे चुकी है किंतु छत्तीसगढ़ में अभी भी कर्मचारी अधिकारी केवल 17% महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं इसी के साथ प्रदेश में वर्ष 2016 से सातवां वेतनमान लागू किया गया है किंतु अभी भी समस्त कर्मचारियों अधिकारियों को गृह भाड़ा भत्ता छठवें वेतनमान में ही दिया जा रहा है जिससे कर्मचारियों को महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता के रूप में अत्यधिक आर्थिक क्षति हो रही है। दोनों मौलिक अधिकार को लेने के लिए आज 12 जनवरी को मुख्यमंत्री जी के नाम का ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर को सौंपा गया !इसी के साथ दिनांक 28 एवं 29 जनवरी को बस्तर जिले के समस्त कर्मचारी अधिकारी मौलिक अधिकार के हनन के विरोध में काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे ।आज ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संभाग प्रभारी कैलाश चौहान, संभागीय संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव, जिला संयोजक आर डी तिवारी ,सहसंयोजक अजय श्रीवास्तव ,संरक्षक शिव मिश्रा , प्रांताध्यक्ष टार्जन गुप्ता के अलावा समस्त कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष_ मानसिंह भारद्वाज, नितेश महंत ,रजी वर्गीस, राजेंद्र सिंह, तुलसी ठाकुर ,धनंजय देवांगन, टीपी पांडे, भेनेश श्रीवास्तव , जे एन जोशी ,धर्मेंद्र देवांगन, हरीश पाठक, राजकुमार झा ,पीआर देवांगन ,मनोज कुमार ,मोतीलाल वर्मा, मनीष श्रीवास्तव,मनोज पारख, चंद्र प्रकाश देवांगन, राहुल सेठिया, दिनेश सिंह ,सुखराम आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।
जगदलपुर। बोधघाट पुलिस सिर्फ और सिर्फ पट्टीबाज कहें या छुट भैय्या सटोरियों को ही पकड़ कर अपराध पंजीबद्ध कर रही है जबकि बड़े-बड़े खाईवालों को पकड़ने में क्या परेशानी आ रही है। जगदलपुर के राजेंद्र नगर वार्ड में विगत छः दिनों में छः पट्टीबाज या छुट भैय्ये सटोरिए ही हत्थे चढ़ सके जिसके खिलाफ जुआ एक्ट की धाराओं के तहत पकड़ कर निजी मुचलके पर रिहा किया गया किन्तु पुलिस यह पता नहीं लगा पाई कि इन पट्टीबाजों का खेवनहार कौन है या जान बूझ कर वह यह पता नहीं लगाना चाहती। शहर में लाखों रुपए के इस गोरखधंधे की भनक सभी को है उसके बावजूद इस कृत्य पर क्यों अंकुश नहीं लग रहा विचारणीय प्रश्न है?
केशकाल। केशकाल वनमंडल में चल रहे भर्राशाही भ्रष्टाचार की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग को लेकर आप पार्टी के केशकाल इकाई ने कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी (रा.) केशकाल को ज्ञापन सौंपा।
पार्टी कार्यकर्ताओं के सांथ केशकाल पंहुचे पार्टी के जिला उपाध्यक्ष उदय सिन्हा ने जानकारी दिया कि केशकाल में पदस्थ वनमंडलाधिकारी पर पहले से ही गंभीर आर्थिक अनियमितता का आरोप लग चुका है जिसके चलते उनका पदोन्नति रोक दिया गया है फिर भी वो पदोन्नति का इंतजार करते फिर से गंभीर आर्थिक अनियमितता को अंजाम दे रहे हैं। अगर वनमंडल में चल रहे भर्राशाही भ्रष्टाचार की जांच करके कार्रवाई नहीं किया जायेगा तो आने वाले दिनों में पार्टी द्वारा जबर्दस्त आंदोलन किया जाएगा।
जांच कार्रवाई की मांग करते दिये गये ज्ञापन में निवर्तमान वनमंडलाधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त चुस्त दुरुस्त व्यवस्था कायम करने लागू किए गये आनलाईन भुगतान व्यवस्था की जगह नगद भुगतान की व्यवस्था आरंभ कराने कलेक्टर को प्रस्ताव प्रेषित कर अनुमोदन अनुमति प्राप्त कर लिया गया। नगद भुगतान व्यवस्था आरंभ करवाकर प्राप्त होने वाले आबंटन में जमकर भ्रष्टाचार किया जाने लगा। नगद भुगतान करने के लिए निर्धारित नियम शर्तो को दरकिनार रखकर पूरे वनमंडल में नगद भुगतान किया जाने लगा। वनमंडल में बैंक के 5कि.मी.के भीतर आने वाले गांव के लोगों को भी नगद भुगतान मनमाफिक किया जाने लगा। सामग्री खरिदी में शासन के क्रय विक्रय नियम का खुला उल्लघंन करते खरिदी किया जाने लगा और मनमाफिक सप्लायरों ठेकेदारों को काम दिया जाने लगा है।
वनमंडलाधिकारी के द्वारा कार्यालय और बंगले से तथा उनके मातहत दोनों उपवनमंडलाधिकारी अपना मुख्यालय आवास छोडकर जिला मुख्यालय में निवास करके अपना अपना काम निपटा रहे हैं जिसके चलते वनमंडल के अधिकतर कर्मचारी भी अपने कार्यस्थल एवं मुख्यालय से दूर रहकर अनमोल वन संपदा को भगवान भरोसे छोड़कर अपने अपने कर्तव्य निर्वाह की खानापूर्ति कागज में कर लें रहे हैं । जो अधिकारी खुद मुख्यालय में न रहते हों वो अपने अधीनस्थ कर्मचारी को मुख्यालय में रहने की सीख कैसे दे सकते हैं। अधिकारियों ने अपने कार्यप्रणाली से विभागीय प्रशासन चौपट कर चुके है । ज्ञापन में फरसगांव उपवनमंडल के उपवनमंडलाधिकारी महेंद्र यदु पर यह आरोप लगाया गया है की वो अपने मुख्यालय में न रहकर कोंडागांव में निवास करके वंहा से आना-जाना करते हैं और वो अपने फरसगांव उपवनमंडल के काम को देखने की बजाय केशकाल उपवनमंडल में चल रहे कामों में हस्तक्षेप करते अपने हिसाब से सप्लायरों ठेकेदारों को काम देते हैं।
बगैर प्राक्लन स्वीकृति के लाखों लाखों का काम
ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है की टाटामारी में बगैर प्राक्लन स्टीमेट और बगैर स्वीकृति के धडल्ले से लाखों लाखों का काम करवाया जा रहा है। नियम विरूद्ध करवाये गये कामों का भुगतान न करके हुए भुगतान की जांच करने की मांग कलेक्टर से किया गया है।
आज कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी द्वारा धनोरा सोसाइटी का औचक निरीक्षण किया गया मौके पर पाया गया कि बारिश के बावजूद खुले में धान रखे हुए हैं और धान में अंकुरित होने लगे हैं साथ ही निरीक्षण पंजी का अवलोकन करने पर पाया गया कि पास की धन संग्रह होते हुए भी दूर के धान संग्रहण केंद्रों में धान का उठाव किया जा रहा है जिस पर सांसद नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएमओ राहुल चंद्राकर को इस संबंध में फटकार लगाई गई व इस संबंध में सांसद जी ने कहा की इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी |
किसानों को एक एक दाना खरीदने वाली सरकार कहां है जबकि वह किसानों से खरीदी गई धान को भी सुरक्षित नहीं कर पा रही है यह शासन की आक्रमणता को दर्शाती है इस अवसर पर जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष तोमन साहू, जिला महामंत्री मनोहर सिन्हा, मंडल अध्यक्ष गुरुर पन्ना साहू, मंडल अध्यक्ष शहर शशिकांत साहू, युवा मोर्चा महामंत्री आजेंद्र साहू, भोलाराम साहू, अश्वन बारले, चैतराम साहू, ध्रुव कुमार, त्रिलोचन साहू, अटल ठाकुर आदि उपस्थित रहे |
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दल्लीराजहरा नगरपालिका द्वारा वार्ड क्र 09 में लगभग 6 माह पूर्व बोर खनन कार्य किया गया था जिसमे मोटर पंप फिट करने के लिए कई बार वार्डवासियों ने वार्ड पार्षद एवं नगरपालिका अध्यक्ष को अवगत कराया परन्तु उनके द्वारा बार बार आश्वासन मिला कि जल्द ही उक्त बोर में मोटर पंप फिट कर दिया जायेगा |
इस प्रकार के आश्वासन से त्रस्त वार्डवासियों द्वारा कल मुख्य नगरपालिका अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपने के साथ ही सिटी मीडिया न्यूज़ पोर्टल पर भी प्रकाशित किया गया जिसे देखते हुए नगरपालिका द्वारा सक्रियता दिखाते हुए आज सुबह मोटर पंप फिट किया गया |
वार्डवासियों को पानी की गंभीर समस्या से निजात दिलाने में विशेष सहयोग प्रदान करने के लिए सांसद प्रतिनिधि राजेश दसोड़े मेवा पटेल तीरथ दास जमीर खान संतोष राजपूत एवं समस्त मोहल्लेवासी द्वारा नगरपालिका अधिकारीयों, कर्मचारियों एवं सिटी मीडिया न्यूज़ पोर्टल का धन्यवाद् किया गया |
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