City Media - Page 2 of 1851 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 2

कुसुमकसा रेलवे स्टेशन में जल्द शुरू होगा आरक्षण काउंटर, GM तरुण प्रकाश ने दिए त्काल निर्देश

0

बालोद/डौण्डी। कुसुमकसा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी। 50 साल पुराने कुसुमकसा रेलवे स्टेशन में अब घर बैठे टिकट मिलेगा। दक्षिण मध्य रेलवे, बिलासपुर के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के आज तडोकी दौरे के दौरान पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस ने स्टेशन की मूलभूत समस्याएं उनके सामने रखीं। GM साहब ने गंभीरता से सुनते हुए आरक्षण काउंटर जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।*ग्राउंड पर उठाया मुद्दा, त्काल हुआ एक्शन* आज महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश का बिलासपुर से तडोकी तक का निरीक्षण दौरा था। इस अवसर पर कुसुमकसा पहुंचने पर पूर्व जनपद सदस्य और रेल्वे सलाहकार सिमिति के सदस्य संजय बैस ने GM जी से मुलाकात कर स्टेशन की समस्याओं से अवगत कराया। संजय बैस ने बताया कि कुसुमकसा स्टेशन से 40 गांव के 20 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होते हैं, लेकिन आरक्षण काउंटर न होने के कारण यात्रियों को डौण्डी या बालोद जाना पड़ता है।GM श्री तरुण प्रकाश ने समस्या को गंभीरता से लिया और रेलवे अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया जल्द कि कुसुमकसा स्टेशन परिसर में आरक्षण काउंटर जल्द ही प्रारम्भ कर दिया जाएगा।

जनप्रतिनिधियों की एकजुटता रंग लाई

इस ऐतिहासिक अवसर पर ग्राम पंचायत कुसुमकसा की सरपंच वेद बाई पिस्दा, उप सरपंच नितिन जैन सहित पंचगण दीपक यादव, संतोष जैन, पंकज जेठवानी, सुगरा बेगम, खेमिन निर्मलकर, उर्मिला ठाकुर और अशोक धर्मगुड़ी जी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया।बैठक के बाद पूर्व जनपद सदस्य रेल्वे सलाहाकार सिमिति के सदस्य संजय बैस ने महाप्रबंधक तरुण प्रकाश सहित पूरे रेलवे अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही मांग आज पूरी होने जा रही है। इससे कुसुमकसा क्षेत्र के किसान, छात्र, मरीज और व्यापारी सभी को बड़ी राहत मिलेगी।

जनहित का काम, 20 हजार लोगों को फायदा

कुसुमकसा स्टेशन क्षेत्र का सबसे बड़ा ग्राम पंचायत है। यहां शीतला माई मंदिर भी है जहां रोजाना दर्शनार्थी आते हैं। आरक्षण काउंटर शुरू होने से न केवल टिकट की सुविधा मिलेगी, बल्कि रेलवे राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। बरसात में सड़क खराब होने के कारण जो लोग स्टेशन नहीं पहुंच पाते थे, अब उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सुविधा मिल जाएगी।जनपद पंचायत डौण्डी क्षेत्र क्रमांक 4 से जनपद सदस्य रहते हुए संजय बैस और वर्तमान जनपद सदस्य मंजू संजय बैस लगातार कुसुमकसा के विकास के लिए प्रयासरत हैं। इससे पहले भी उन्होंने रेलवे स्टेशन तक सड़क निर्माण और किसानों के लिए लिफ्ट इरीगेशन जैसी योजनाओं के लिए मांग की थी।

बस्तर के विकास के लिए सक्रिय हुए जनप्रतिनिधि

0

डिप्टी सीएम विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप से जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात

बस्तर के समग्र विकास पर हुई सार्थक चर्चा

जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने बेटा बेटी के साथ वन मंत्री से लिया आशीर्वाद

बकावंड रायपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बकावंड जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनबारी भद्रे ने अपने पुत्र एवं पुत्री के साथ बस्तर के माटीपुत्र एवं छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप से उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर वन मंत्री ने जनपद पंचायत अध्यक्ष से क्षेत्र के हालात, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा बकावंड सहित बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अध्यक्ष के दोनों बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं।

मुलाकात के पश्चात वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से भी उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस दौरान बस्तर संभाग के विभिन्न विकास कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गंभीरता से सुना तथा विकास कार्यों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर बस्तर जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, तोकापाल जनपद पंचायत अध्यक्ष रामबती भंडारी, बकावंड जनपद पंचायत उपाध्यक्ष तरुण कुमार पांडे, तोकापाल जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रितेश जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। रायपुर में हुई यह सौजन्य मुलाकात केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि बस्तर के समग्र विकास, ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करती नजर आई। जनप्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से बस्तर में विकास की गति और तेज होगी तथा क्षेत्र के लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

भाजपा की बस्तर विधानसभा स्तरीय बैठक आयोजित

0

चुनावी तैयारियों में चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ रही भाजपा, मजबूत बूथ और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर फोकस

सशक्त बूथ से निकलता है जीत का रास्ता – श्रीनिवास राव मद्दी

जगदलपुर।भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ रही है। भाजपा जिला कार्यालय में आज शुक्रवार को बस्तर विधानसभा स्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें एक-एक बूथ को सशक्त बनाने, बूथ कमेटी और प्रत्येक कार्यकर्ता को सक्रिय करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गयी और ज़मीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में बस्तर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले चारों मण्डल बकावण्ड, सरगीपाल, करपावण्ड व बस्तर के प्रभारी, मण्डल अध्यक्ष व महामंत्री एवं शक्ति केन्द्र के सभी प्रभारियों को बुलाया गया था।

बैठक में बस्तर विधानसभा के नवनियुक्त प्रभारी श्रीनिवास राव मद्दी, सहप्रभारी श्रीनिवास मिश्रा व भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने संबोधन दिया और जीत का लक्ष्य साधकर सर्वप्रथम बूथ को मज़बूत बनाने कहा। कार्यकर्ताओं से सतत संपर्क और संवाद स्थापित करने सहित विविध बिन्दुओं पर चर्चा कर मार्गदर्शन दिया। महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक डा सुभाऊ कश्यप, जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही,परीस राम बेसरा, रोहित त्रिवेदी, खीतेश मौर्य, तरूण पाण्डेय, पुरूषोत्तम जोशी, सुखदेव मण्डावी, पीताम्बर कश्यप, विषम ठाकुर, रणवीर सिंह ठाकुर, अनिल बिसाई, दामोदर बघेल, हेमराज कश्यप,चमरूराम यादव आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस के दामन से कभी नहीं मिट सकता आपातकाल के कलंक का दाग: सांसद महेश कश्यप

0

इंदिरा गांधी ने की थी लोकतंत्र की हत्या: महेश

जगदलपुर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा है कि कांग्रेस द्वारा देश में लोकतंत्र की हत्या कर जबरिया थोपे गए आपातकाल की 51वीं बरसी भारतीय जनता पार्टी मना रही है। आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐसा कलंक है, जिसका दाग कांग्रेस के दामन से कभी नहीं मिट सकता। आपातकाल में कांग्रेस शासन का अत्याचार देश व देशवासियों ने भोगा है। आपातकाल के संबंध में आज देश के प्रत्येक युवा व नागरिकों को जानना चाहिए।

भाजपा जिला कार्यालय में पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए सांसद महेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को महज अपनी सत्ता बचाने के लिए देश को आपातकाल की कैद में डाल दिया था। लागातार 19 माह चले आपातकाल में नागरिकों को बोलने की स्वतंत्रता नही थी, समाचार पत्रों में निष्पक्ष लिखने की स्पष्ट मनाही थी, लाखों लोगों को रातो-रात जेलों की सीखचों के पीछे डाल दिया गया था। जिसने भी सरकार के विरूद्ध आवाज उठाई, उसे तत्काल गिरफतार किया जाता था। एक तानाशाही शासन कैसे होता है, यह कांग्रेस ने अपनी सरकार चलाने के लिए किया। भाजपा सांसद महेश कश्यप ने कहा कि आपातकाल के उस दौर में देश के उन कठिनतम समय की कल्पना तक हम नहीं कर सकते कि देश के एक- एक नागरिक के मौलिक अधिकार तक कांग्रेस ने छीन लिए थे।

आज उसी कांग्रेस के नुमांईदे देश के लोकतंत्र को बचाने की दुहाई देकर ओछी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के आपातकाल के कलंक को भारतीय जनता पार्टी काला दिवस कहती है और कांग्रेस द्वारा संविधान की हत्या मानती है। देश व समग्र देशवासियों को कांग्रेस ऐसी काली और जघन्य करतूत की जानकारी होनी चाहिए। पत्रवार्ता के दौरान प्रमुख रूप से भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पांडे, सुधीर पाण्डे, योगेंद्र पांडे, रामाश्रय सिंह, आर्येंद्र सिंह आर्य, परिसराम बेसरा, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, प्रकाश झा, राजेंद्र बाजपेयी, कृष्ण कुमार शुक्ला, दिनेश के.जी., ब्रिजेश शर्मा मौजूद रहे।

प्रदीप गुहा बस्तर वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन के संभाग उपाध्यक्ष नियुक्त

0

बस्तर में वेटरन क्रिकेट को मिलेगा बढ़ावा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में वेटरन क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और संभाग स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा प्रदेश को पांच संभागों में विभाजित कर संगठनात्मक विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में यहां हुई बैठक में बस्तर क्षेत्र में वेटरन क्रिकेट के विकास एवं प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रदीप गुहा को सर्वसम्मति से वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन का बस्तर संभाग उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

एसोसिएशन के सचिव तरुणेश सिंह परिहार ने कहा कि प्रदीप गुहा ने वर्षों से बस्तर में क्रिकेट के विकास के लिए निरंतर कार्य किया है। क्रिकेट के प्रति उनकी मेहनत, समर्पण, संगठन क्षमता और खेल के प्रति जुनून को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में बस्तर संभाग में वेटेरन क्रिकेट को नई पहचान और मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर पूर्व सचिव, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ सिद्धार्थ पाठक सहित बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के खिलाड़ी, खेल प्रेमी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदीप गुहा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। नवनियुक्त उपाध्यक्ष प्रदीप गुहा ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बस्तर में वेटेरन क्रिकेट को और अधिक मजबूत बनाने, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा क्रिकेट गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। बस्तर में क्रिकेट को नई दिशा देने की इस पहल से क्षेत्र के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर बस्तर वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन केखिलाड़ी और पदाधिकारी उपस्थित थे! इस अवसर पर राबिन कुमार अध्यक्ष छत्तीसगढ़ वेटेरन क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें टेलीफोन पर बधाई दी।

बस्तर के प्रसिद्ध रैली कोसा पर पलायन की बड़ी मार

0

कोसा उत्पादन से मुंह मोड़ा आदिवासियों ने

टसर उत्पादन छोड़ पलायन कर रहे लोग

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर के रैली कोसा पर पलायन की बड़ी मार पड़ी है। इसके संग्रहण में लगे आदिवासियों ने इस काम से मुंह मोड़ लिया है। वे ज्यादा कमाई की आस में दूसरे प्रदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसका सीधा असर टसर उत्पादन पर पड़ा है। टसर उत्पादन में 45 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

बस्तर का नैसर्गिक रैली कोसा अपने मजबूत और लंबे धागे के लिए प्रसिद्ध है। रैली कोसा का विश्व में एकमात्र उत्पादन स्थल बस्तर के घने जंगल हैं। यहां रैली कोसा का उत्पादन तो बहुतायत में हो रहा है, मगर इसके संग्रहण में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैज्ञानिकों के अध्ययन से पता चला है कि कोरोना महामारी के बाद वर्ष 2019-2021 से इसका संग्रहण लगातार गिरता जा रहा है। इस बारे में कालीपुर स्थित क्षेत्रीय रेशम अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक और तकनीशियनों ने इसका सबसे प्रमुख कारण आदिवासी संग्राहकों का टसर संग्रहण से मुंह मोड़ना बताया है। इनके अध्ययन और शोध से पता चला है कि टसर संग्राहक अब रोजी रोटी की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बहुत कम लोग लोग ही जंगल में रैली कोसा टसर का संग्रहण कर रहे हैं।वहीं नई पीढ़ी शिक्षित होने के बाद वनोपज संग्रहण से भी दूर हो रही है। यह भी टसर संग्रहण में आई गिरावट का बड़ा कारण है।

जुड़े बस्तर विवि के शोधार्थी

बीते वर्ष बस्तर विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र के बीच एक एमओयू हुआ था। इस एमओयू के अनुसार बस्तर विश्वविद्यालय के छात्रों को रेशम केंद्र में शोध का अवसर मिला है। इस सत्र में विवि की प्रीति जोशी, श्रद्धा सिंह, ललिता नेताम, भूमिका तांडिया, नीलेश कुमार सिन्हा और चंद्रशेखर केंद्र में अपने अपने टॉपिक पर शोध कर रहे हैं। इन्हें केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार एस, वरिष्ठ तकनीकी सहायक सुनील कुमार परीक्षा, बी बी कांजीलाल और अन्य जरूरी अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं।वैज्ञानिक अरविंद कुमार ने बताया कि अभी केंद्र मेरा रेशम मेरा अभियान पर ध्यान केंद्रित कर विभिन्न गांवों में रेशम उत्पादन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने जुटा हुआ है।

खाता बटवारे के लिए तीन साल से भटक रहा किसान

0

अब भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी

जगदलपुर बस्तर नगर पंचायत अंतर्गत परचनपाल निवासी किसान रितेश कुमार पांडेय बीते तीन सालों से भूमि खाता बंटवारे के लिए तहसील दफ्तर का चक्कर काट रहा है। तहसीलदार बस्तर की ओर से मामले का निराकरण नहीं होने से क्षुब्ध किसान ने बुधवार को कलेक्टर बस्तर को दिए गए सूचना पत्र में 10 दिनों में निराकरण नहीं होने पर कलेक्ट्रेट परिसर के समक्ष आमरण अनशन शुरू करने की बात कही है।

पीड़ित किसान रितेश पांडे ने बताया कि ग्राम परचनपाल में उसके व बड़े भाई के सयुंक्त नाम से कृषि भूमि राजस्व अभिलेख मे दर्ज है। आपसी सहमति से उक्त भूमि का बंटवारा किए जाने के लिए उन्होंने 2023 में तहसील दफ्तर में आवेदन किया था। तहसीलदार द्वारा बिना समंस तामिली करवाए राजस्व न्यायालय मे प्रकरण चलाया गया और बाद में प्रकरण को नस्तीबद्ध भी कर दिया गया। इसके बाद पुनः तहसीलदार के मौखिक निर्देश पर पटवारी के माध्यम से बंटवारा हेतु आवेदन दिया था। इसके बाद से ही हल्का पटवारी टालमटोल करता आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीते वर्ष राजस्व विभाग के कामकाज को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही ग्राम चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार द्वारा समय सीमा में किसानों की समस्याओं के निराकरण किए जाने आदेशित किया गया है, इसके बावजूद सीमांकन नामांतरण खाता बटवारा जैसे राजस्व कार्य सालों से लंबित हैं। विभाग के कामकाज को लेकर किसानों में लगातार आक्रोश पनप रहा है।

केरलापाल में भी पादरी और बाहरी धर्म प्रचारकों का प्रवेश वर्जित

0

लगाया गया बोर्ड ग्रामीणों ने ग्रामसभा के निर्णय का किया समर्थन

जगदलपुर बस्तर संभाग में धर्मांतरण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। गांव-गांव में ग्रामीण अब धर्मांतरण गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ लामबंद होते जा रहे हैं। धर्मांतरण गतिविधियां संचालित करने वाले लोगों के गांवों में प्रवेश पर पाबंदी लगाने का सिलसिला सा चल पड़ा है। ऐसा ही वाकिया बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में भी अब होने लगा है।

नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत केरलापाल में ग्रामीणों द्वारा गांव के प्रवेश मार्ग पर एक सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिस पर पादरियों, बाहरी धर्म प्रचारकों एवं धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात लिखी गई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने ग्रामसभा के प्रस्ताव का हवाला देते हुए बताया कि यह निर्णय गांव की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। बोर्ड में उल्लेख किया गया है कि केरलापाल अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां पेसा अधिनियम 1996 लागू है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा को स्थानीय परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। इसी आधार पर ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर बाहरी धर्म प्रचारकों एवं धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से सामाजिक सौहार्द और पारंपरिक मान्यताओं के संरक्षण को लेकर चर्चा चल रही थी। इसके बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। सूचना बोर्ड लगाए जाने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने ग्रामसभा के निर्णय का समर्थन किया।ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम किसी विशेष समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि गांव की पारंपरिक व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। वहीं, इस विषय को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव के प्रयास एवं पहल पर जगदलपुर विधानसभा में दो महतारी सदन निर्माण की मिली स्वीकृति

0

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का माना आभार

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में महतारी सदन का होगा निर्माण

जगदलपुर जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र को विकास के पथ पर अग्रसर करने के दिशा में एक और महत्वपूर्ण सौगात मिली है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में महतारी सदन निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसपर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का सहृदय धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में 02 महतारी सदन के निर्माण के स्वीकृति के साथ जगदलपुर विधानसभा में इसके पूर्व 04 महतारी सदन का निर्माण ग्राम कोलेंग, चिंगपाल,मारकेल एवं नानगुर में कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसके साथ जगदलपुर में 06 महतारी सदन निर्माण कार्य हो जायेगा। महतारी सदन हमारे मातृशक्ति को सशक्त, सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव के प्रयास से क्षेत्र के माड़पाल एवं पंडरी पानी में महतारी सदन निर्माण कार्य के लिए लागत 60 लाख रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन वाली सरकार के नेतृत्व में महतारी सदन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुयी है। जिसमें ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में 30 – 30 लाख रुपए लागत से निमार्ण कार्य किया जायेगा। महतारी सदन निर्माण से क्षेत्र के महिला बहनों में हर्ष व्याप्त है। महिलाओं ने क्षेत्र के संवेदनशील विधायक किरण देव का आभार व्यक्त किया है। महतारी सदन के स्वीकृति के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का सहृदय धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव के प्रयास व पहल पर गत वर्ष जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में चार ग्राम पंचायतों में महतारी सदन की स्वीकृति प्राप्त हुयी थी । जिसमें जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम कोलेंग ,चिंगपाल ,मारकेल एवं नानगुर में महतारी सदन का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। महतारी सदन के निर्माण से क्षेत्र के महिला बहने वहां सामाजिक,समूह बैठक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का संचालन कर रही है । महतारी सदन के निर्माण से क्षेत्र की महिला बहनों में हर्ष व्याप्त है। वहीं वर्तमान में जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में महतारी सदन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुयी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने कहा महतारी सदन के निर्माण से हमारी माता बहनों को महिला समूहों की बैठक, प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता अभियान तथा विभिन्न सामाजिक आयोजनों का संचालन किया जायेगा। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के महिला बहनों को अपनी प्रतिभा व नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का बेहतर मंच मिलेगा। और सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने का बेहतर विकल्प होंगा। किरण देव ने कहा महिला सशक्तिकरण में महतारी सदन का विशेष योगदान होगा। देव ने कहा विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर लगातार विकास कार्य किया जा रहा है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 06 महतारी सदन का निर्माण कार्य होगा। महतारी सदन निर्माण से हमारी मातृशक्ति को इसका लाभ मिलेगा।

डीएवी स्कूल प्रबंधन ने फीस के नाम पर रोकी टीसी

0

स्कूल स्टॉफ को 6 माह से नहीं मिली है तनख्वाह

बकावंड विकासखंड बकावंड में संचालित डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट रोक दी गई हैं। बस शुल्क और अन्य फीस जमा न करने वाले विद्यार्थियों की टीसी जारी नहीं की जा रही है। इसके चलते विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं और दूसरे स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। वहीं दूसरी ओर जानकारी मिली है कि शासन द्वारा डीएवी स्कूलों के स्टॉफ का वेतन पिछले छह माह से जारी नहीं किया गया है।

बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और यहां के गरीब आदिवासी बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा दिलाने के लिए शासन ने डीएवी पब्लिक स्कूल समूह के साथ अनुबंध किया है। इस अनुबंध के तहत इन स्कूलों का नाम मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल रखा गया है। लेकिन शासन से वित्तीय सहयोग प्राप्त इस स्कूलों में अब स्थानीय आदिवासी बच्चों का स्कूल प्रबंधन द्वारा अन्य अन्य माध्यमों से शोषण किया जा रहा है। कई प्रकार की फीस के अलावा स्कूल बस के नाम पर बच्चो से भारी भरकम वसूली की बात सामने आई है। साथ ही साथ फीस नहीं देने पर टीसी देने से मना किया जा रहा है। ग्राम पंचायत टलनार के किसान नरसिंह पुजारी ने बताया कि उन्हें और उनके ग्राम के कई बच्चों से बिना फीस दिए टीसी नहीं देने की शिकायत हमने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दी है। नरसिंह पुजारी ने कहा कि उनका बेटा दस साल से डीएवी स्कूल टलनार में पढ़ रहा है। नरसिंह का बेटा सन 2023 से खुद के वाहन से स्कूल जा रहा है। इसकी सूचना भी उन्होंने डीएवी स्कूल को दे दी है, फिर भी इस साल उनके बच्चे से बस फीस की जबरन वसूली की जा रही है।

वर्सन

नहीं भर रहे हैं फीस

पालक समय पर फीस जमा नहीं करते हैं, तब हमें ऐसे कठोर कदम उठाने पड़ते हैं।हम लोगों को भी करीब छः महीने से सैलरी नहीं मिली है। अगर छात्रों से फीस नहीं लेंगे तो स्कूल और हमारी स्थिति खराब हो जाएगी।

MOST POPULAR

HOT NEWS