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बस्तर को पूरी तरह कांग्रेस मुक्त बनाएंगे भाजपा के कार्यकर्ता : महेश कश्यप

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  •  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी, बस्तर प्रभारी महेश जैन व महेश कश्यप ने ली बैठकें
  • बूथ को सशक्त बनाने हर मतदाता व लाभार्थी से संपर्क करें कार्यकर्ता :लता उसेंडी

जगदलपुर प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ में एकमात्र बस्तर लोकसभा सीट में होने वाले चुनाव में नामांकन पत्रों की संवीक्षा व नाम वापसी के बाद कुल 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। परंपरागत रूप से मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस के बीच ही है। भाजपा ने लोकसभा प्रत्याशी के रूप में महेश कश्यप के नाम की घोषणा काफी पहले 2 मार्च को कर दी थी, कांग्रेस के प्रत्याशी का नाम होली के त्यौहार के एक दिन पहले ले दे कर घोषित हुआ। लिहाजा प्रचार प्रसार में, क्षेत्र में जनता के बीच पहुंचने में भाजपा अब भी आगे ही चल रही है।

भाजपा के बस्तर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने रविवार को कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में पहुंच कर मंडल व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उनसे मुलाकात की। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोंडागांव की विधायक लता उसेंडी एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र प्रभारी महेश जैन की उपस्थिति में महेश कश्यप ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर को पूरी तरह से कांग्रेस मुक्त बनाना है। केंद्र की मोदी सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जन जन तक पहुंचा है। देश को समृद्ध बनाने व विकास के लिए केंद्र में लगातार तीसरी बार मोदी सरकार का निर्वाचित होना आवश्यक है। भाजपा के समस्त कार्यकर्ता राष्ट्र का गौरव बढा़ने के लिए परिश्रम करते हैं। प्रदेश में तीन महीने की कार्य अवधि में ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनता से किए वादों को पूरा कर मोदी की गारंटी को साकार किया है। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने कहा कि भाजपा के ऊर्जावान कार्यकर्ता ही पार्टी की शक्ति हैं। केंद्र में फिर से मोदी सरकार को स्थापित करने सभी कार्यकर्ताओं को एकजुटता के साथ मेहनत करनी है। एक एक बूथ को सशक्त बनाने बूथ स्तर के मतदाताओं, रहवासियों से जीवंत संपर्क बनाएं, लाभार्थियों से मुलाकात करें, केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के विकास कार्यों व योजनाओं के साथ जनता जनार्दन के मध्य जाएं।

भाजपा के बस्तर लोकसभा प्रभारी महेश जैन ने केंद्र में पुनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया। भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप ने कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र सामपुर, पल्ली, काटागांव, राधना, दुबारा, माकड़ी, हीरापुर, झिनारी, अनतपुर, बीजापुर, मनेदा में कार्यकर्ताओं की बैठकें ली और क्षेत्रवासियों से मुलाकात की। इस मौके पर संजू पोयाम, बालसिंह बघेल, गीतेश पाण्डेय सहित हजारों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नीबू’ से विरोधियों के पेट में जबरदस्त मरोड़ पैदा कर दी बाबा भोजराज नाग ने तो

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  •  नीबू की विशेषता पर दिए उनके बयान से विरोधी खेमे में मच गई खलबली

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग की कांकेर लोकसभा सीट से एक सनातनी आदिवासी भोजराज नाग को भाजपा ने प्रत्याशी बनाकर विरोधी दलों के नेताओं को जो सिरदर्द दे दिया है, उसकी काट विरोधी नेता अब तक नहीं निकाल पाए हैं। वहीं अब भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग ने एक नीबू से विरोधी नेताओं के पेट में ऐसी मरोड़ पैदा कर दी है कि कुछ पूछो मत। एक चुनावी सभा में भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग ने नीबू का महत्व समझते हुए कुछ ऐसी बातें कह दी कि विरोधी खेमे में जबरदस्त खलबली मच गई है।

अपने पाठकों की जानकारी के लिए यहां यह बताना जरूरी है कि भोजराज नाग बस्तर संभाग के जाने माने वैद्य हैं। वे पुराने और असाध्य रोगों का भी इलाज प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति से करते हैं। रोगों के उपचार के लिए जंगली जड़ी बूटियों और नीबू, आंवला, हर्रा, बेहरा जैसे फलों व पेड़ों की छाल का उपयोग करते हैं। कांकेर लोकसभा क्षेत्र की एक चुनावी सभा में भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग ने नींबू से और नींबू को निचोड़कर लोगों की दैवीय परेशानी दूर करने की बात कही। इसका मतलब है आयुर्वेदिक तरीके से लोगों को उपचार करने कराने की सलाह। वैसे भी नींबू का उपयोग पूजा के अलावा कई प्रकार के रोगों में भी किया जाता है। विशेष रूप से अजीर्ण के रोगियों के लिए नीबू लाभकारी है। अब जिन लोगों की बुद्धि ही अजीर्ण की चपेट में आ गई हो, उनका इलाज भी नींबू से ही संभव है। दैहिक और दैविक रोग या समस्या का इलाज नींबू से ही होता है। भारत में आदिकाल से लोग आयुर्वेद का सहारा लेकर अपने को स्वस्थ रखते आ रहे हैं। अब एलोपैथी का उपयोग करके अपने को चंगा रखते हैं। बावजूद बस्तर में आज भी हजारों लोग प्राचीन पद्धति से अपना इलाज कराना ज्यादा पसंद करते हैं।भोजराज नाग ने चुनावी समीकरण के तहत नींबू को निचोड़ कर लोगों का दुख दूर करने का दावा किया। वह दुख दैविक और दैहिक भी हो सकता है। जब लोग दुख से परे रहेंगे, तब वे अपने लिए खुद स्वालंबन की राह चुन पाएंगे। पुरातन काल से से चले आ रहे नींबू के रहस्य को उन्होंने लोगों के स्वास्थ्य से जोड़ा है। राजनीतिक विरोधियों के पेट में होने वाले दर्द को नींबू निचोड़कर ठीक करने का उन्होंने दावा किया।

छत्तीसगढ़ में बैगा गुनिया को लोग भावनात्मक रूप से मानते और पूजते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी बैगा गुनिया की शरण में जाकर अपने हाथों पर कोड़े अक्सर दशहरा पर्व पर लगवाते रहे हैं। वहीं कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री कवासी लखमा को देवता झूंपते और खुद के शरीर को सांकल मार मारकर लहूलुहान करते सैकड़ों लोगों ने देखा है। सभी राजनीतिक दल प्रसिद्ध लोगों को ही टिकिट देते हैं। चूंकि भोजराज नाग एक लोकप्रिय वैद्य और गुनिया हैं। उन्होंने देवगुड़ी के माध्यम से अपने आदिवासी समाज की रीति रिवाजों से लेकर आदिवासी परंपराओं को संरक्षित करने का बेहतरीन काम किया है। ऐसे में उनका यह बयान इस संदर्भ में काफी महत्व रखता है। उनके इस बयान को विरोधी दल किसी भी रूप में लेकर आलोचना करें, किंतु भोजराज के इस बयान ने पूरे प्रदेश के लोगों का ध्यान खींचा है। बीजेपी सनातन के लिए संघर्ष करने की बात करती है, इस अभियान में उनके प्रत्याशी अगर यह बयान देते हैं, तो उसकी सराहना सनातनी हिंदू समाज भी अब खुलकर कर रहा है।

ऐन लोकसभा चुनाव के बीच नक्सालियों ने दिया बड़ी वारदात को अंजाम, चार ट्रक फूंके

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  •  छोटेडोंगर थाने से चंद कदमों के फासले पर की ट्रकों पर आगजनी
  • लौह अयस्क लदे ट्रकों को किया आग के हवाले

अर्जुन झा-

जगदलपुर ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर संभाग में नक्सलियों ने तांडव मचाना और हिंसा की बड़ी वरदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। संभाग के बीजापुर जिले में करीब आधा दर्जन निरीह ग्रामीणों की हत्या के बाद शनिवार देर रात संभाग के ही नारायणपुर जिले में भी एकबार फिर नक्सलियों का तांडव देखने को मिला है।जहां नक्सलियों ने चार ट्रकों को आग के हवाले कर दिया है। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

ताजा घटना बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले की तहसील छोटे डोंगर की है। नक्सलियों ने छोटे डोंगर थाना परिसर से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़े चार ट्रक वाहनों में देर रात आगजनी कर दी। ये ट्रक आमदई स्थित निको जायसवाल ग्रुप की माइंस से आयरन ओर लेकर निकले थे। घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम जांच में जुट गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात लगभग 30 की संख्या में सशस्त्र नक्सली ग्रामीणों की वेशभूषा में पहुंचे और ट्रक चालकों को पहले तो ट्रक से नीचे उतारा और उनके मोबाइल फोन छीनकर ट्रक ड्राइवरों को एक तरफ खड़े कर दिया। उसके बाद लौह अयस्क लदे चारों ट्रकों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम नारायणपुर जिले की छोटे डोंगर तहसील मुख्यालय स्थित थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर हाई स्कूल के पास घटित हुआ है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और पुलिस की खुफिया एजेंसियों की सजगता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञात हो कि छोटे डोंगर में पूर्व में भी नक्सलियों ने भाजपा नेता सागर साहू, और कोमल मांझी की हत्या को अंजाम दिया था। इसके आलावा नक्सली समय -समय पर अपनी करतूतों से छोटे डोंगर इलाके में लगातार जान माल को नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं। जिसके चलते पूर्व से ही छोटे डोंगर पुलिस की कार्यप्रणाली और इंटेलिजेंस ब्यूरो सवालों के घेरे में रही है। बता दें कि छोटेडोंगर तहसील स्थित आमदई माइंस निको जायसवाल प्राइवेट लिमिटेड की देखरेख में संचालित है। माइंस का विरोध नक्सली शुरू से करते आ रहे हैं। नक्सली पूर्व में कई बार माइंस के वाहनों में आगजनी के साथ साथ माइंस वाहनों के लिए चेतावनियां भी जारी करते रहे हैं। इसके अलावा नक्सली माइंस के पास ही बारुदी विस्फोट भी कई दफे कर चुके हैं। लगभग सालभर पहले ऐसे ही एक बारूदी विस्फोट में दो युवा मजदूरों की मौत हो गई थी। वाहनों में आगजनी की ताजा घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

मारे जा चुके हैं कई भाजपा नेता

नक्सली लगातार खूनी वारदातों को अंजाम देते आ रहे हैं। उनके निशाने पर अमूमन भाजपा के नेता व भाजपा समर्थक ग्रामीण ही होते हैं। नारायणपुर जिले के भाजपा नेता सागर साहू और कोमल मांझी की हत्या की घटना में भी नक्सलियों का हाथ रहा है। कुछ माह पहले ही बीजापुर जिले के भाजपा नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। एक भाजपा नेता को तब मारा गया था, जब वे एक विवाह समारोह में भाग लेने बीजापुर जिले के ही एक गांव में गए हुए थे। वहीं दूसरे भाजपा नेता की हत्या उस समय की गई थी, जब वे तालाब निर्माण में लगी अपनी पे लोडर मशीन को देखने गए हुए थे। इसके आलावा बीजापुर जिले के बासागुड़ा की नदी पार बस्ती में नक्सलियों ने 3 युवकों पर हमला कर दिया था। हमले में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप घायल हो गया था, जिसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बासागुड़ा में दम तोड़ दिया। मृतकों में चंद्रिया मोडियम 25 वर्ष, अशोक भंडारी 24 वर्ष और कारम रमेश 25 वर्ष की इस घटना में मौत हो गई थी। ये सभी युवक बासागुड़ा के कलार पारा के निवासी थे। उन पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार व कुल्हाड़ी से हमला किया था। ये युवक होली के दिन बाजार पारा के समीप होली खेल कर रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया था। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने इस वारदात में नक्सलियों का हाथ होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन लोगों का मानना है कि इस कृत्य को नक्सलियों अथवा उनके सहयोगियों ने ही अंजाम दिया था। इसके पूर्व होलिका दहन की रात बीजापुर शहर के भीतर डीआरजी के एक जवान पर नक्सलियों ने फायरिंग कर दी थी। होली के एक दिन पहले नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने अटल आवास बीजापुर में डीआरजी जवान दीपक दुर्गम पर गोली चलाई थी। जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था,जिला अस्पताल में उपचार बाद उसे जवान को बीजापुर से ही रात में हैलीकॉप्टर द्वारा रायपुर भेज दिया गया था।

शांति वार्ता की बात बेमानी

नक्सली एक तरफ तो शासन के साथ शांति वार्ता की पेशकश कर रहे हैं और दूसरी ओर लगातार जघन्य वरदातों को लगातार अंजाम भी देते आ रहे हैं। ऐसे में आखिर नक्सली किस मुंह से शांति वार्ता की बात कह रहे हैं। इस तरह की वरदातों के बीच नक्सलियों द्वारा खुद को अमन का पैरोकार बताना बेमानी ही लगता है। कुछ दिनों पहले ही नक्सली संगठन की दंडकरण्य जोनल कमेटी की ओर से शांति वार्ता की पेशकश करते हुए एक लंबा चौड़ा पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के जरिए नक्सलियों ने संदेश दिया था कि शासन पहले सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों को छह माह तक जंगलों में सर्चिंग के लिए न भेजे और कैंपों में ही रहने दे, मुस्लिम व ईसाई अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के हितों की रक्षा व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, किसानों की उपज की खरीदी के लिए समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बनाया जाए।. नक्सलियों ने उल्टे सरकार पर ही शांति वार्ता के नाम पर महज जुबानी जमा खर्च करने का तोहमत लगाया था। जो नक्सली आदिवासी हितों की रक्षा और उनकी सुरक्षा की बात कह रहे हैं, वही नक्सली आदिवासियों का कत्लेआम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी कथनी और करनी स्वतः उजागर हो जाती है।

ऐन लोकसभा चुनाव के बीच नक्सालियों ने दिया बड़ी वारदात को अंजाम, चार ट्रक फूंके

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  •  छोटेडोंगर थाने से चंद कदमों के फासले पर की ट्रकों पर आगजनी
  • लौह अयस्क लदे ट्रकों को किया आग के हवाले

अर्जुन झा

जगदलपुर ऐन लोकसभा चुनाव के बीच बस्तर संभाग में नक्सलियों ने तांडव मचाना और हिंसा की बड़ी वरदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। संभाग के बीजापुर जिले में करीब आधा दर्जन निरीह ग्रामीणों की हत्या के बाद शनिवार देर रात संभाग के ही नारायणपुर जिले में भी एकबार फिर नक्सलियों का तांडव देखने को मिला है।जहां नक्सलियों ने चार ट्रकों को आग के हवाले कर दिया है। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

ताजा घटना बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले की तहसील छोटे डोंगर की है। नक्सलियों ने छोटे डोंगर थाना परिसर से महज 500 मीटर की दूरी पर खड़े चार ट्रक वाहनों में देर रात आगजनी कर दी। ये ट्रक आमदई स्थित निको जायसवाल ग्रुप की माइंस से आयरन ओर लेकर निकले थे। घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम जांच में जुट गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात लगभग 30 की संख्या में सशस्त्र नक्सली ग्रामीणों की वेशभूषा में पहुंचे और ट्रक चालकों को पहले तो ट्रक से नीचे उतारा और उनके मोबाइल फोन छीनकर ट्रक ड्राइवरों को एक तरफ खड़े कर दिया। उसके बाद लौह अयस्क लदे चारों ट्रकों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम नारायणपुर जिले की छोटे डोंगर तहसील मुख्यालय स्थित थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर हाई स्कूल के पास घटित हुआ है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और पुलिस की खुफिया एजेंसियों की सजगता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञात हो कि छोटे डोंगर में पूर्व में भी नक्सलियों ने भाजपा नेता सागर साहू, और कोमल मांझी की हत्या को अंजाम दिया था। इसके आलावा नक्सली समय -समय पर अपनी करतूतों से छोटे डोंगर इलाके में लगातार जान माल को नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं। जिसके चलते पूर्व से ही छोटे डोंगर पुलिस की कार्यप्रणाली और इंटेलिजेंस ब्यूरो सवालों के घेरे में रही है। बता दें कि छोटेडोंगर तहसील स्थित आमदई माइंस निको जायसवाल प्राइवेट लिमिटेड की देखरेख में संचालित है। माइंस का विरोध नक्सली शुरू से करते आ रहे हैं। नक्सली पूर्व में कई बार माइंस के वाहनों में आगजनी के साथ साथ माइंस वाहनों के लिए चेतावनियां भी जारी करते रहे हैं। इसके अलावा नक्सली माइंस के पास ही बारुदी विस्फोट भी कई दफे कर चुके हैं। लगभग सालभर पहले ऐसे ही एक बारूदी विस्फोट में दो युवा मजदूरों की मौत हो गई थी। वाहनों में आगजनी की ताजा घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ

मारे जा चुके हैं कई भाजपा नेता

नक्सली लगातार खूनी वारदातों को अंजाम देते आ रहे हैं। उनके निशाने पर अमूमन भाजपा के नेता व भाजपा समर्थक ग्रामीण ही होते हैं। नारायणपुर जिले के भाजपा नेता सागर साहू और कोमल मांझी की हत्या की घटना में भी नक्सलियों का हाथ रहा है। कुछ माह पहले ही बीजापुर जिले के भाजपा नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। एक भाजपा नेता को तब मारा गया था, जब वे एक विवाह समारोह में भाग लेने बीजापुर जिले के ही एक गांव में गए हुए थे। वहीं दूसरे भाजपा नेता की हत्या उस समय की गई थी, जब वे तालाब निर्माण में लगी अपनी पे लोडर मशीन को देखने गए हुए थे। इसके आलावा बीजापुर जिले के बासागुड़ा की नदी पार बस्ती में नक्सलियों ने 3 युवकों पर हमला कर दिया था। हमले में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप घायल हो गया था, जिसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बासागुड़ा में दम तोड़ दिया। मृतकों में चंद्रिया मोडियम 25 वर्ष, अशोक भंडारी 24 वर्ष और कारम रमेश 25 वर्ष की इस घटना में मौत हो गई थी। ये सभी युवक बासागुड़ा के कलार पारा के निवासी थे। उन पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार व कुल्हाड़ी से हमला किया था। ये युवक होली के दिन बाजार पारा के समीप होली खेल कर रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया था। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने इस वारदात में नक्सलियों का हाथ होने की पुष्टि नहीं की थी, लेकिन लोगों का मानना है कि इस कृत्य को नक्सलियों अथवा उनके सहयोगियों ने ही अंजाम दिया था। इसके पूर्व होलिका दहन की रात बीजापुर शहर के भीतर डीआरजी के एक जवान पर नक्सलियों ने फायरिंग कर दी थी। होली के एक दिन पहले नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम ने अटल आवास बीजापुर में डीआरजी जवान दीपक दुर्गम पर गोली चलाई थी। जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था,जिला अस्पताल में उपचार बाद उसे जवान को बीजापुर से ही रात में हैलीकॉप्टर द्वारा रायपुर भेज दिया गया था।

शांति वार्ता की बात बेमानी

नक्सली एक तरफ तो शासन के साथ शांति वार्ता की पेशकश कर रहे हैं और दूसरी ओर लगातार जघन्य वरदातों को लगातार अंजाम भी देते आ रहे हैं। ऐसे में आखिर नक्सली किस मुंह से शांति वार्ता की बात कह रहे हैं। इस तरह की वरदातों के बीच नक्सलियों द्वारा खुद को अमन का पैरोकार बताना बेमानी ही लगता है। कुछ दिनों पहले ही नक्सली संगठन की दंडकरण्य जोनल कमेटी की ओर से शांति वार्ता की पेशकश करते हुए एक लंबा चौड़ा पत्र जारी किया गया था। इस पत्र के जरिए नक्सलियों ने संदेश दिया था कि शासन पहले सुरक्षा बलों और पुलिस के जवानों को छह माह तक जंगलों में सर्चिंग के लिए न भेजे और कैंपों में ही रहने दे, मुस्लिम व ईसाई अल्पसंख्यकों और आदिवासियों के हितों की रक्षा व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, किसानों की उपज की खरीदी के लिए समर्थन मूल्य की गारंटी वाला कानून बनाया जाए।. नक्सलियों ने उल्टे सरकार पर ही शांति वार्ता के नाम पर महज जुबानी जमा खर्च करने का तोहमत लगाया था। जो नक्सली आदिवासी हितों की रक्षा और उनकी सुरक्षा की बात कह रहे हैं, वही नक्सली आदिवासियों का कत्लेआम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी कथनी और करनी स्वतः उजागर हो जाती है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर केंद्रीय पर्यवेक्षक ने की कार्रवाई

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  •  भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप के बैनर पोस्टर व फ्लेक्स को हटाया गया

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा बीजेपी के कुल 22 जगहों पर लगे अवैध पोस्टर बैनर को जप्त किया गया है।

मौर्य ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के परिपालन में किसी भी अभ्यार्थी अथवा राजनितिक दल के मान्यता प्राप्त उमीदवार द्वारा चुनाव प्रक्रिया के तहत अधिकृत रुप से चुनाव चिन्ह के आबंटन पश्चात ही चुनाव चिन्ह का उपयोग कर सार्वजनिक रुप से बैनर पोस्टर अथवा फ्लेक्स का प्रकाशन किया जाता है। परंतु भारतीय जनता पार्टी के उमीदवार महेश कश्यप द्वारा चुनाव चिन्ह आबंटन के पूर्व ही चुनाव चिन्ह (कमल छाप) का उपयोग करते हुए सार्वजनिक रुप से नगर निगम क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में बैनर पोस्टर एवं फ्लेक्स का प्रकाशन किया गया है, जो कि आदर्श आचार सहिता एवं चुनाव के समान्य नियमों के विरुद्ध है।

मामले की शिकायत शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दिनांक 29 मार्च को 12. 18 बजे की थी परंतु दूसरे दिन तक विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की गई और न ही पोस्टर फ्लेक्स को हटाया गया। फिर जिसकी शिकायत श्री मौर्य ने लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक से की। जिसके बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक द्वारा संज्ञान में लेकर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए अवैध बैनर पोस्टर को निगम द्वारा हटाया गया।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर केंद्रीय पर्यवेक्षक ने की कार्रवाई

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  • भाजपा प्रत्याशी महेश कश्यप के बैनर पोस्टर व फ्लेक्स को हटाया गया

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य की शिकायत पर लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा बीजेपी के कुल 22 जगहों पर लगे अवैध पोस्टर बैनर को जप्त किया गया है।

मौर्य ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के परिपालन में किसी भी अभ्यार्थी अथवा राजनितिक दल के मान्यता प्राप्त उमीदवार द्वारा चुनाव प्रक्रिया के तहत अधिकृत रुप से चुनाव चिन्ह के आबंटन पश्चात ही चुनाव चिन्ह का उपयोग कर सार्वजनिक रुप से बैनर पोस्टर अथवा फ्लेक्स का प्रकाशन किया जाता है। परंतु भारतीय जनता पार्टी के उमीदवार महेश कश्यप द्वारा चुनाव चिन्ह आबंटन के पूर्व ही चुनाव चिन्ह (कमल छाप) का उपयोग करते हुए सार्वजनिक रुप से नगर निगम क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में बैनर पोस्टर एवं फ्लेक्स का प्रकाशन किया गया है, जो कि आदर्श आचार सहिता एवं चुनाव के समान्य नियमों के विरुद्ध है।

मामले की शिकायत शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दिनांक 29 मार्च को 12. 18 बजे की थी परंतु दूसरे दिन तक विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की गई और न ही पोस्टर फ्लेक्स को हटाया गया। फिर जिसकी शिकायत श्री मौर्य ने लोकसभा निर्वाचन केंद्रीय पर्यवेक्षक से की। जिसके बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक द्वारा संज्ञान में लेकर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए अवैध बैनर पोस्टर को निगम द्वारा हटाया गया।

कोंडागांव क्षेत्र से महेश कश्यप को 30 हजार वोटों की लीड दिलाएंगे कार्यकर्ता

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  •  कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेताओं ने दिया जीत का मंत्र

कोंडागांव एनसीसी ग्राउंड में कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र स्तरीय भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, क्षेत्रीय विधायक लता उसेंडी, मंत्री केदार कश्यप व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव में जीत का मंत्र दिया। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि लोकसभा क्षेत्र बस्तर के प्रत्याशी महेश कश्यप को कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र से तीस हजार वोटों की लीड दिलाने के लिए मेहनत करें।

विधानसभा क्षेत्र स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक लता उसेंडी, वन मंत्री केदार कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, बस्तर महाराज कमलचंद्र भंजदेव, श्रीनिवास राव मद्दी, बस्तर लोकसभा के प्रत्याशी महेश कश्यप, बस्तर लोकसभा क्षेत्र सह प्रभारी जितेंद्र पाणिग्रही, जगदलपुर महापौर सफीरा साहू, जगदलपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे, यशवर्धन राव, कोंडागांव जिला भाजपा अध्यक्ष दीपेश अरोरा, बृजमोहन देवांगन, मनोज जैन समेत अन्य नेता उपस्थित थे। भाजपा नेताओं ने महतारी योजना, किसानों को एकमुश्त राशि का वितरण तथा दो वर्ष का बोनस सरकार के तीन माह के कार्य काल में समाज कल्याण के विभिन्न योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही प्रत्याशी महेश कश्यप को बस्तर लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र से 30 हजार की लीड दिलाने के लिए पार्टी के क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से आव्हान किया गया।

सीआरपीएफ जवानों का वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त, चालक समेत 11 घायल

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  •  पुसपाल कैंप के ये जवान चुनाव ड्यूटी के लिए जा रहे थे कोंडागांव जिला
  • सात जवान डिमरापाल मेडिकल कॉलेज रेफर

जगदलपुर कोंडागांव जिले की सीमा से लगे ग्राम रतेंगा में सीआरपीएफ जवानों से भरा वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ये सभी जवान चुनाव ड्यूटी में कोंडागांव जा रहे थे। इस हादसे में 11 जवान और ड्राइवर घायल हुए हैं। ये सभी जवान 188 बटालियन के हैं। जवानों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंडीगुड़ा भेजा गया है।

सभी जवान पुसपाल स्थित अपने कैंप से रवाना हुए थे। रतेंगा के अंधे मोड़ पर वाहन रोड से नीचे उतरकर पलट गया। हादसे में घायल 7 जवानों को डिमरापाल मेडिलकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। फिलहाल सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है अचानक ड्राइवर के स्टेरिंग पर नियंत्रण खो देने से वाहन पलट गया। ज्ञात हो कि सुरक्षा कारणों के चलते जवान एम्बुलेंस आदि वाहन का उपयोग करते है। घटना में अम्बुलन्स वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुई है।

गरीबों के हिस्से का चना ओड़िशा में खपा रहे हैं खाद्य विभाग के अधिकारी

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  •  बस्तर जिले सरकारी राशन दुकानों में चना घोटाला
  • खाद्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी करा रहे गड़बड़ी अर्जुन झा

बकावंड पूरे बस्तर जिले में खाद्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी चना की आड़ में सरकार को जमकर चूना लगा रहे हैं। ये अधिकारी और कर्मचारी गरीबों के हिस्से के चने को पड़ोसी राज्य ओड़िशा में ऊंची दरों पर धड़ल्ले से खपवा रहे हैं। हर माह करोड़ों रुपयों का चना घोटाला बकावंड विकासखंड समेत पूरे बस्तर जिले में किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उचित मूल्य की राशन दुकानों से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को पौष्टिक आहार के रूप में सस्ती दर पर चना उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन यह चना अब गरीबों का आहार नहीं होकर खाद्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कमाई का जरिया बन गया है। बस्तर जिले के गरीब परिवारों के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे चना को ओड़िशा राज्य में खापाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मात्र पांच रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गरीब उपभोक्ताओं को सरकार चना उपलब्ध कराती है, लेकिन खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के संचालक लाखों पैकेट चना को ओड़िशा के बाजारों में 25 से 30 रुपए की दर से बेच रहे हैं। बस्तर जिले के वे विकास खंड जो ओड़िशा राज्य से लगे हुए हैं वहां की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के जरिए इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं अन्य विकासखंडों की सरकारी उचित मूल्य दुकानों से चना अनाज व्यापारियों के पास बेचा जा रहा है। कोचियों की मदद से चना की अफरा तफरी की जा रही है। जानकारी तो यह भी मिली है कि माड़िया के साथ भी चना की अदला बदली हो रही है। बकावंड इलाके के दर्जनों गांवों में तथा समूचे बस्तर जिले में संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से चना अब ओड़िशा के बाजारों में खपाया जा रहा है।

सरकारी स्तर पर चना तस्करी

उल्लेखनीय है कि बकावंड विकासखंड की सीमा ओड़िशा से लगी हुई है। ओड़िशा से गांजा की तस्करी भी बड़े पैमाने पर इन्हीं सीमावर्ती गांवों के रास्ते होती है। इसके अलावा नगरनार थाना क्षेत्र के भी गांवों के रास्ते गांजा ओड़िशा से लाया जाता है। ओड़िशा से लाए गए गांजे की छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के साथ ही मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार आदि राज्यों तक सप्लाई की जाती है। बस्तर जिला पुलिस गांजा तस्करी के दर्जनों बड़े मामले पकड़ चुकी है। इसके अलावा ओड़िशा से धान लाकर बस्तर जिले के सरकारी खरीदी केंद्रों में खपाए जाने की शिकायतें भी प्रायः रोज आती रहीं। बीते खरीफ सीजन के दौरान कोंडागांव और बस्तर जिले में ओड़िशा से धान लेकर आ रहे दर्जनों ट्रकों, मिनी ट्रकों और ट्रेक्टरों को प्रशासनिक अमले ने पकड़ा था। अब यहां से सरकारी अधिकारी कर्मचारी ही चना की तस्करी ओड़िशा तक करवा रहे हैं

बड़े अधिकारी की है सहमति

बस्तर जिले के अकेले बकावंड विकासखंड में 95 पीडीएस दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों से उपभोक्ताओं को प्रति राशन कार्ड दो किलो चना देने का प्रावधान है। बकावंड विकासखंड में चना लेने के पात्र बीपीएल परिवारों की संख्या 36 हजार 786 है।जानकारी के अनुसार इनमें से 10 से 15 प्रतिशत बीपीएल राशन कार्डधारी उपभोक्ता ही सरकारी राशन दुकानों से चना खरीद कर ले जाते हैं।शेष करीब 85- 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं के हिस्से के चना को ओड़िशा में खपवाया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि खाद्य नियंत्रक कार्यालय से पीडीएस दुकानदारों को ऐसी अफरा तफरी करने के निर्देश मिले हैं। चना की कालाबाजारी से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा खाद्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। इस तरह हर माह करोड़ों रू. के चना का गोलमाल किया जा रहा है। सूत्रों का दावा तो यह भी है कि कांग्रेस कार्यकाल से चले आ रहे इस चना घोटाले को खाद्य विभाग के अधिकारी अब भी सरेआम अंजाम देकर बीजेपी की सरकार को बदनाम करने पर तुले हैं।

वर्सन

कराएंगे मामले की जांच

राशन दुकानों का चना बाहर बेचे जाने की शिकायत मुझ तक नहीं पहुंचाई है। फिर भी मामले की जांच कराएंगे।

गगन वर्मा,

एसडीएम, बकावंड

कांग्रेस के स्टार प्रचारक बनाए गए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज

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  • टॉप 10 स्टार प्रचारकों में शामिल किए गए हैं बैज
  • मुद्दे की बात करने में माहिर हैं मितभासी दीपक बैज

जगदलपुर लोकसभा चुनाव के लिए अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इस सूची में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज को टॉप टेन में जगह दी गई है।

कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में कांग्रेस अध्यक्षमल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, सचिन पायलट, कुमारी शैलजा, भूपेश बघेल, डॉ. चरणदास महंत टीएस सिंहदेव, फूलोदेवी नेताम, अमरजीत भगत, जयसिंह अग्रवाल, ताम्रध्वज साहू, मोहन मरकाम आदि समेत कुल जमा 40 कांग्रेस नेताओं को शामिल किया गया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि सूची में दीपक बैज का नाम सातवें क्रम पर रखा गया है। दीपक बैज कांग्रेस के आदिवासी नेताओं में सर्वाधिक शिक्षित मृदुभाषी के साथ समकालीन राजनीति पर दमदारी से अपनी बात रखने वाले नेता माने जाते हैं। दीपक बैज की एक बड़ी विशेषता यह है कि ट्राइबल लीडर होते हुए भी मैदानी और गैर आदिवासी इलाकों के युवा भी उन्हें सुनना पसंद करते हैं। बिना लागलपेट के खरी खरी बोलने वाले नेता दीपक बैज सभी वर्गों के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय और चर्चित हैं। पिछले पांच वर्षीय संसदीय काल में बतौर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने संसद में जन सरोकारों से जुड़े सैकड़ों मुद्दे उठाए। अकेले बस्तर संसदीय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आवाज बनकर दीपक बैज उभरे हैं।कांग्रेस के सांसदों के साथ बीजेपी ने भी उनके उठाए मुद्दों का समाधान करने में अपनी रुचि दिखाई थी। केंद्रीय मंत्रियों से तालमेल बनाकर छत्तीसगढ़ की अटकी पड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को शुरू कराने में दीपक बैज की महति भूमिका रही है। उन्हें स्टार प्रचारक बनाए जाने से निश्चय ही छत्तीसगढ़ की सभी लोकसभा सीटों पर कांग्रेस के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनेगा।

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