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प्रदीप गुहा बस्तर वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन के संभाग उपाध्यक्ष नियुक्त

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बस्तर में वेटरन क्रिकेट को मिलेगा बढ़ावा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में वेटरन क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और संभाग स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा प्रदेश को पांच संभागों में विभाजित कर संगठनात्मक विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में यहां हुई बैठक में बस्तर क्षेत्र में वेटरन क्रिकेट के विकास एवं प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रदीप गुहा को सर्वसम्मति से वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन का बस्तर संभाग उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

एसोसिएशन के सचिव तरुणेश सिंह परिहार ने कहा कि प्रदीप गुहा ने वर्षों से बस्तर में क्रिकेट के विकास के लिए निरंतर कार्य किया है। क्रिकेट के प्रति उनकी मेहनत, समर्पण, संगठन क्षमता और खेल के प्रति जुनून को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में बस्तर संभाग में वेटेरन क्रिकेट को नई पहचान और मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर पूर्व सचिव, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ सिद्धार्थ पाठक सहित बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के खिलाड़ी, खेल प्रेमी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रदीप गुहा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। नवनियुक्त उपाध्यक्ष प्रदीप गुहा ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बस्तर में वेटेरन क्रिकेट को और अधिक मजबूत बनाने, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा क्रिकेट गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। बस्तर में क्रिकेट को नई दिशा देने की इस पहल से क्षेत्र के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर बस्तर वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन केखिलाड़ी और पदाधिकारी उपस्थित थे! इस अवसर पर राबिन कुमार अध्यक्ष छत्तीसगढ़ वेटेरन क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें टेलीफोन पर बधाई दी।

बस्तर के प्रसिद्ध रैली कोसा पर पलायन की बड़ी मार

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कोसा उत्पादन से मुंह मोड़ा आदिवासियों ने

टसर उत्पादन छोड़ पलायन कर रहे लोग

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर के रैली कोसा पर पलायन की बड़ी मार पड़ी है। इसके संग्रहण में लगे आदिवासियों ने इस काम से मुंह मोड़ लिया है। वे ज्यादा कमाई की आस में दूसरे प्रदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसका सीधा असर टसर उत्पादन पर पड़ा है। टसर उत्पादन में 45 फीसदी तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

बस्तर का नैसर्गिक रैली कोसा अपने मजबूत और लंबे धागे के लिए प्रसिद्ध है। रैली कोसा का विश्व में एकमात्र उत्पादन स्थल बस्तर के घने जंगल हैं। यहां रैली कोसा का उत्पादन तो बहुतायत में हो रहा है, मगर इसके संग्रहण में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैज्ञानिकों के अध्ययन से पता चला है कि कोरोना महामारी के बाद वर्ष 2019-2021 से इसका संग्रहण लगातार गिरता जा रहा है। इस बारे में कालीपुर स्थित क्षेत्रीय रेशम अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक और तकनीशियनों ने इसका सबसे प्रमुख कारण आदिवासी संग्राहकों का टसर संग्रहण से मुंह मोड़ना बताया है। इनके अध्ययन और शोध से पता चला है कि टसर संग्राहक अब रोजी रोटी की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब बहुत कम लोग लोग ही जंगल में रैली कोसा टसर का संग्रहण कर रहे हैं।वहीं नई पीढ़ी शिक्षित होने के बाद वनोपज संग्रहण से भी दूर हो रही है। यह भी टसर संग्रहण में आई गिरावट का बड़ा कारण है।

जुड़े बस्तर विवि के शोधार्थी

बीते वर्ष बस्तर विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र के बीच एक एमओयू हुआ था। इस एमओयू के अनुसार बस्तर विश्वविद्यालय के छात्रों को रेशम केंद्र में शोध का अवसर मिला है। इस सत्र में विवि की प्रीति जोशी, श्रद्धा सिंह, ललिता नेताम, भूमिका तांडिया, नीलेश कुमार सिन्हा और चंद्रशेखर केंद्र में अपने अपने टॉपिक पर शोध कर रहे हैं। इन्हें केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार एस, वरिष्ठ तकनीकी सहायक सुनील कुमार परीक्षा, बी बी कांजीलाल और अन्य जरूरी अध्ययन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं।वैज्ञानिक अरविंद कुमार ने बताया कि अभी केंद्र मेरा रेशम मेरा अभियान पर ध्यान केंद्रित कर विभिन्न गांवों में रेशम उत्पादन और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने जुटा हुआ है।

खाता बटवारे के लिए तीन साल से भटक रहा किसान

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अब भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी

जगदलपुर बस्तर नगर पंचायत अंतर्गत परचनपाल निवासी किसान रितेश कुमार पांडेय बीते तीन सालों से भूमि खाता बंटवारे के लिए तहसील दफ्तर का चक्कर काट रहा है। तहसीलदार बस्तर की ओर से मामले का निराकरण नहीं होने से क्षुब्ध किसान ने बुधवार को कलेक्टर बस्तर को दिए गए सूचना पत्र में 10 दिनों में निराकरण नहीं होने पर कलेक्ट्रेट परिसर के समक्ष आमरण अनशन शुरू करने की बात कही है।

पीड़ित किसान रितेश पांडे ने बताया कि ग्राम परचनपाल में उसके व बड़े भाई के सयुंक्त नाम से कृषि भूमि राजस्व अभिलेख मे दर्ज है। आपसी सहमति से उक्त भूमि का बंटवारा किए जाने के लिए उन्होंने 2023 में तहसील दफ्तर में आवेदन किया था। तहसीलदार द्वारा बिना समंस तामिली करवाए राजस्व न्यायालय मे प्रकरण चलाया गया और बाद में प्रकरण को नस्तीबद्ध भी कर दिया गया। इसके बाद पुनः तहसीलदार के मौखिक निर्देश पर पटवारी के माध्यम से बंटवारा हेतु आवेदन दिया था। इसके बाद से ही हल्का पटवारी टालमटोल करता आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीते वर्ष राजस्व विभाग के कामकाज को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही ग्राम चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार द्वारा समय सीमा में किसानों की समस्याओं के निराकरण किए जाने आदेशित किया गया है, इसके बावजूद सीमांकन नामांतरण खाता बटवारा जैसे राजस्व कार्य सालों से लंबित हैं। विभाग के कामकाज को लेकर किसानों में लगातार आक्रोश पनप रहा है।

केरलापाल में भी पादरी और बाहरी धर्म प्रचारकों का प्रवेश वर्जित

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लगाया गया बोर्ड ग्रामीणों ने ग्रामसभा के निर्णय का किया समर्थन

जगदलपुर बस्तर संभाग में धर्मांतरण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। गांव-गांव में ग्रामीण अब धर्मांतरण गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ लामबंद होते जा रहे हैं। धर्मांतरण गतिविधियां संचालित करने वाले लोगों के गांवों में प्रवेश पर पाबंदी लगाने का सिलसिला सा चल पड़ा है। ऐसा ही वाकिया बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में भी अब होने लगा है।

नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत केरलापाल में ग्रामीणों द्वारा गांव के प्रवेश मार्ग पर एक सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिस पर पादरियों, बाहरी धर्म प्रचारकों एवं धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात लिखी गई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने ग्रामसभा के प्रस्ताव का हवाला देते हुए बताया कि यह निर्णय गांव की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। बोर्ड में उल्लेख किया गया है कि केरलापाल अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां पेसा अधिनियम 1996 लागू है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा को स्थानीय परंपराओं, रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। इसी आधार पर ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर बाहरी धर्म प्रचारकों एवं धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से सामाजिक सौहार्द और पारंपरिक मान्यताओं के संरक्षण को लेकर चर्चा चल रही थी। इसके बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। सूचना बोर्ड लगाए जाने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने ग्रामसभा के निर्णय का समर्थन किया।ग्रामीणों का कहना है कि यह कदम किसी विशेष समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि गांव की पारंपरिक व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। वहीं, इस विषय को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव के प्रयास एवं पहल पर जगदलपुर विधानसभा में दो महतारी सदन निर्माण की मिली स्वीकृति

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का माना आभार

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में महतारी सदन का होगा निर्माण

जगदलपुर जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र को विकास के पथ पर अग्रसर करने के दिशा में एक और महत्वपूर्ण सौगात मिली है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में महतारी सदन निर्माण कार्य की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसपर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का सहृदय धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में 02 महतारी सदन के निर्माण के स्वीकृति के साथ जगदलपुर विधानसभा में इसके पूर्व 04 महतारी सदन का निर्माण ग्राम कोलेंग, चिंगपाल,मारकेल एवं नानगुर में कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसके साथ जगदलपुर में 06 महतारी सदन निर्माण कार्य हो जायेगा। महतारी सदन हमारे मातृशक्ति को सशक्त, सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव के प्रयास से क्षेत्र के माड़पाल एवं पंडरी पानी में महतारी सदन निर्माण कार्य के लिए लागत 60 लाख रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन वाली सरकार के नेतृत्व में महतारी सदन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुयी है। जिसमें ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में 30 – 30 लाख रुपए लागत से निमार्ण कार्य किया जायेगा। महतारी सदन निर्माण से क्षेत्र के महिला बहनों में हर्ष व्याप्त है। महिलाओं ने क्षेत्र के संवेदनशील विधायक किरण देव का आभार व्यक्त किया है। महतारी सदन के स्वीकृति के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का सहृदय धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव के प्रयास व पहल पर गत वर्ष जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में चार ग्राम पंचायतों में महतारी सदन की स्वीकृति प्राप्त हुयी थी । जिसमें जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम कोलेंग ,चिंगपाल ,मारकेल एवं नानगुर में महतारी सदन का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। महतारी सदन के निर्माण से क्षेत्र के महिला बहने वहां सामाजिक,समूह बैठक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का संचालन कर रही है । महतारी सदन के निर्माण से क्षेत्र की महिला बहनों में हर्ष व्याप्त है। वहीं वर्तमान में जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम माड़पाल एवं पंडरीपानी में महतारी सदन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुयी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने कहा महतारी सदन के निर्माण से हमारी माता बहनों को महिला समूहों की बैठक, प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता अभियान तथा विभिन्न सामाजिक आयोजनों का संचालन किया जायेगा। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के महिला बहनों को अपनी प्रतिभा व नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का बेहतर मंच मिलेगा। और सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने का बेहतर विकल्प होंगा। किरण देव ने कहा महिला सशक्तिकरण में महतारी सदन का विशेष योगदान होगा। देव ने कहा विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर लगातार विकास कार्य किया जा रहा है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 06 महतारी सदन का निर्माण कार्य होगा। महतारी सदन निर्माण से हमारी मातृशक्ति को इसका लाभ मिलेगा।

डीएवी स्कूल प्रबंधन ने फीस के नाम पर रोकी टीसी

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स्कूल स्टॉफ को 6 माह से नहीं मिली है तनख्वाह

बकावंड विकासखंड बकावंड में संचालित डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट रोक दी गई हैं। बस शुल्क और अन्य फीस जमा न करने वाले विद्यार्थियों की टीसी जारी नहीं की जा रही है। इसके चलते विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं और दूसरे स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। वहीं दूसरी ओर जानकारी मिली है कि शासन द्वारा डीएवी स्कूलों के स्टॉफ का वेतन पिछले छह माह से जारी नहीं किया गया है।

बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और यहां के गरीब आदिवासी बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा दिलाने के लिए शासन ने डीएवी पब्लिक स्कूल समूह के साथ अनुबंध किया है। इस अनुबंध के तहत इन स्कूलों का नाम मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल रखा गया है। लेकिन शासन से वित्तीय सहयोग प्राप्त इस स्कूलों में अब स्थानीय आदिवासी बच्चों का स्कूल प्रबंधन द्वारा अन्य अन्य माध्यमों से शोषण किया जा रहा है। कई प्रकार की फीस के अलावा स्कूल बस के नाम पर बच्चो से भारी भरकम वसूली की बात सामने आई है। साथ ही साथ फीस नहीं देने पर टीसी देने से मना किया जा रहा है। ग्राम पंचायत टलनार के किसान नरसिंह पुजारी ने बताया कि उन्हें और उनके ग्राम के कई बच्चों से बिना फीस दिए टीसी नहीं देने की शिकायत हमने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दी है। नरसिंह पुजारी ने कहा कि उनका बेटा दस साल से डीएवी स्कूल टलनार में पढ़ रहा है। नरसिंह का बेटा सन 2023 से खुद के वाहन से स्कूल जा रहा है। इसकी सूचना भी उन्होंने डीएवी स्कूल को दे दी है, फिर भी इस साल उनके बच्चे से बस फीस की जबरन वसूली की जा रही है।

वर्सन

नहीं भर रहे हैं फीस

पालक समय पर फीस जमा नहीं करते हैं, तब हमें ऐसे कठोर कदम उठाने पड़ते हैं।हम लोगों को भी करीब छः महीने से सैलरी नहीं मिली है। अगर छात्रों से फीस नहीं लेंगे तो स्कूल और हमारी स्थिति खराब हो जाएगी।

शेरपार में धूमधाम से मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

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जिपं अध्यक्ष नम्रता सिंह ने निर्माण कार्यों को पूरा कराने का दिया भरोसा

मोहला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शेरपार में संकुल स्तरीय एवं विद्यालय स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के प्रवेशित बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें, गणवेशवितरित किए गए। बच्चों का मुंह मीठा कर उन्हें प्रवेश दिलाया गया। न्योता भोज भी कराया गया। शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह थीं। समारोह में नम्रता सिंह ने कहा कि सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें और पालक बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें। बच्चे पढ़ाई के अलावा खेलकूद, वृक्षारोपण, स्वच्छता आदि में भी सहभागिता दें और हमारे वनांचल क्षेत्र से डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, अधिकारी बनकर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित करें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शला प्रबंधन व विकास समिति अध्यक्ष खिलेश्वरी गुनेंद्र ने की। विशेष अतिथि जनपद सदस्य श्री कनक राम नागवंशी, शाला प्रबंधन समिति सदस्य लोकनाथ रावटे, प्राचार्य निर्मला ठाकुर, सेवनिवृत प्रधान पाठक किशनलाल यदु, प्रधान पाठक रमेश सलामे थे। शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की मांग पर प्रार्थना शेड निर्माण, सांस्कृतिक कला मंच, मध्यान्ह भोजन किचन शेड व साईकल स्टैंड को पूरा करने की घोषणा श्रीमती नम्रता सिंह ने की। कार्यक्रम में संकुल केंद्र शेरपार के समस्त शिक्षक शंकर लाल बंजारे, खेदूराम लरिया, संजय देवांगन, केशव राम साहू, विकास अमरिया, चंद्रशेखर देवांगन, संतोष राणा, चित्रलेखा साहू, इंदुमती ठाकुर, रिंकू बिस्वास, मोनिका सिन्हा, वरिंदर पाल सिंह गाले, रमेश सलामे, शंकर साहू, लता पटवा, आरती साखरे, पवनरेखा साहू, ज्योति ऊके, अनिल रामटेके, ओगेश चिडा, संकुल समन्वयक कुशल हदगिया, राजेश निषाद, सियाराम कोमरे, मथुरा मंडावी, संतोष महोबिया, दीपक भूआर्य, रोशन गुनेंद्र एवं विद्यार्थी एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक शंकर साहू ने व आभार प्रदर्शन व्याख्याता संजय देवांगन ने किया।

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय: जी वेंकट

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अभिव्यक्ति की आजादी का घोंट दिया था गला

कांग्रेस ने पूरे देश में बनाया था भय, दमन और असुरक्षा का वातावरण =

सुकमा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की वर्षगांठ पर इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का कार्य किया था।

जी. वेंकट ने जारी बयान में कहा है कि 25 जून 1975 की रात देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार किया गया था। उस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थक नागरिकों को बिना किसी ठोस कारण के गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया। प्रेस की स्वतंत्रता पर कठोर प्रतिबंध लगाए गए, समाचार पत्रों की सेंसरशिप की गई और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंट दिया गया। पूरे देश में भय, दमन और असुरक्षा का वातावरण निर्मित कर दिया गया था।उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का आधार संविधान, स्वतंत्र न्यायपालिका, स्वतंत्र प्रेस और नागरिकों के मौलिक अधिकार हैं, लेकिन आपातकाल के दौरान इन सभी संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। यह कालखंड देश के इतिहास में एक ऐसी घटना के रूप में दर्ज है, जिसने लोकतंत्र को गंभीर चुनौती दी थी। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष करने वाले हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने यातनाएं सहन कीं, जेलों में समय बिताया और अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटे।

उनके त्याग, संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश में पुनः लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हो सकी और नागरिकों को उनके अधिकार वापस मिल सके।जी वेंकट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसे सभी लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करती है, जिन्होंने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।उन्होंने कहा कि आपातकाल की स्मृति केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के प्रति निरंतर सजग रहने का संदेश भी देती है। आज आवश्यकता है कि देश का प्रत्येक नागरिक संविधान की मर्यादा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व को समझे तथा लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। जी. वेंकट ने कहा कि आज के दिन हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि भारत के संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहेंगे तथा लोकतंत्र विरोधी और राष्ट्रविरोधी विचारों को कभी सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि एक सशक्त, समृद्ध और लोकतांत्रिक भारत के निर्माण के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।

इसे ही तो कहते हैं दीया तले अंधेरा

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नगर निगम कार्यालय के सामने के वार्डवासी तरस रहे हैं पानी के लिए

गांधीनगर वार्ड में चार दिनों से पेयजल संकट

अर्जुन झा-

जगदलपुर दीया तले अंधेरा की कहावत जगदलपुर में चरितार्थ हो रही है। नगर निगम कार्यालय के सामने बसे गांधीनगर वार्ड क्रमांक 22 में चार दिनों से पानी सप्लाई बंद है। वार्डवासी बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। आए दिन उपजने वाली पानी की समस्या को लेकर वार्डवासियों में भारी आक्रोश है। इसकी सूचना वार्ड पार्षद मनप्रीत कौर को वार्डवासियों द्वारा दी गई है।पार्षद ने नागरिकों को बताया कि उन्होंने हालात से नगर निगम आयुक्त को अवगत करा दिया है। इस संबंध में जल्द ही कोई रास्ता निकाला जाएगा, परंतु तीन दिन बीत जाने के बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है। वार्ड पार्षद मनप्रीत कौर का कहना है कि इस वार्ड के तीन नलों के वाल्व में लीकेज है। नगर निगम आयुक्त को इस संबंध में कई बार सूचना दी जा चुकी है, परंतु कार्य में कोई प्रगति नजर नहीं आ रही है। फिलहाल टैंकर द्वारा वार्डवासियों को पानी दिया जा रहा है।

पाईप लाइन में लीकेज यह

वार्ड नगर निगम कार्यालय के ठीक सामने ही स्थित है। इस संबंध में नगर निगम एवं आयुक्त मौन क्यों हैं? यह सवाल वार्ड के नागरिकों को परेशान किए जा रहा है।वार्डवासियों को पिछले कई दिनों से पानी की जगह सिर्फ आश्वासन की ही घुट्टी पिलाई जा रही है। गर्मी के दिनों की शुरुआत से ही इस वार्डवासियों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आएदिन किसी न किसी करण से वार्ड में पानी सप्लाई बंद हो जाती है। वार्डवासियों ने बताया कि पानी सप्लाई की टाइमिंग फिक्स नहीं है। किसी भी समय नल खोल दिया जाता है और बंद कर दिया जाता है। पाइप लाइन जगह- जगह से फूट गई है, जिससे नाली की गंदगी पाइप के जरिए पानी के साथ मिलकर घरों में पहुंच रही है। वार्डवासियों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है। इसके कारण बीमारियां फैलने का अंदेशा बढ़ गया है।

वर्सन

दुरुस्त करेंगे व्यवस्था

कुछ असामाजिक तत्वों ने पाइप लाइन को बार बार बाधित कर वहां की जमीन अतिक्रमण कर लिया है, जिससे पाइप में पानी का प्रेशर कम हो गया है। मैं आज खुद मौके पर जाकर इस मामले को देखूंगा और जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू करवाऊंगा। फिलहाल वार्ड में टैंकर दके जरिए लगातार जलापूर्ति की जा रही है।

शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर जेडी से मिले फेडरेशन पदाधिकारी

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दूर की जाएंगी शिक्षकों की समस्याएं, जारी होगी वरिष्ठता सूची भी

जगदलपुर छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने बस्तर संभाग के शिक्षकों की लंबित समस्याओं एवं मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एचआर सोम से सौजन भेंट की। श्री सोम से शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मर्ज की गई शालाओं के लिए शाला अनुदान राशि जारी करने अथवा विद्यालय संचालन हेतु आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई।बताया गया कि अनुदान के अभाव में प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों को अपने निजी संसाधनों से विद्यालयीय आवश्यकताओं का व्यय वहन करना पड़ रहा है, जिससे संचालन में कठिनाइयां हो रही हैं। इसके अलावा 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में सहायक शिक्षकों की संभाग स्तरीय अंतिम वरिष्ठता सूची का शीघ्र प्रकाशन करने की मांग की गई, ताकि लंबे समय से लंबित शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिल सके।

साथ ही वीएसके एप की तकनीकी समस्याओं तथा बस्तर के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क बाधाओं का उल्लेख करते हुए इन समस्याओं के समाधान तक शिक्षकों का वेतन आहरण प्रभावित नहीं करने का आग्रह भी किया गया। प्रतिनिधि मंडल ने बस्तर संभाग में विषयवार शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पदस्थापना एवं पदोन्नति संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी।संयुक्त संचालक शिक्षा एचआर सोम ने प्रतिनिधि मंडल से स्पष्ट समस्याओं का जल्द निराकरण करने तथा पदोन्नति के पदों को भी सार्वजनिक करने की बात कही। इसके लिए पर प्रतिनिधि मंडल ने उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रतिनिधि मंडल में समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष देवराज खूंटे, जिला सचिव गणेश्वर नायक, जिला कोषाध्यक्ष एसएस जॉन एवं अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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