जगदलपुर। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित बस्तर संभाग माओवादी समस्याओं से जूझ रहा है और राज्य सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एक कारगर रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने प्रथम बस्तर प्रवास पर आए थे तो पत्रकारों को बताया कि माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई में पीड़ित, आत्मसमर्पित नक्सलियों, शहादत हुए जवानों से बैठकर माओवादियों से लड़ने की नीति बनाई जाएगी। इसी तारतम्य में बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी की पहल पर बस्तर पुलिस द्वारा”बस्तर ता माटा” कार्यक्रम के तहत कई कार्यक्रम आयोजित कर रहें हैं। इसी परिपेक्ष्य में पुलिस जनता की सुख-दु:ख में जुड़कर पुलिस के प्रति जनता के समक्ष छवि सुधारने के सकारात्मक परिणाम मिल रहा है और माओवादियों से लड़ाई में पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है।
बस्तर आईजी पी.सुंदरराज के बस्तर संभाग के मांझी एवं चालकियों के सम्मान कार्यक्रम में अपने-अपने परगना से संबंधित परिस्थिति को अवगत कराते हुये बस्तर संभाग के सातों जिलों में पुलिस एवं सुरक्षाबल द्वारा जनता के विश्वास अर्जित करने हेतु की जा रही सकारात्मक पहलुओं की सराहना की गई। पुलिस अधीक्षक बस्तर दीपक झा द्वारा समस्त मांझी एवं चालकियों को उपहार भेंटकर सम्मानित करते हुये सभी क्षेत्र की सुरक्षा एवं विकास कार्यों के प्रति सकारात्मक विचार एवं सुझाव देने हेतु आभार प्रकट किया गया।कुल मिलाकर पुलिस माओवादियों से लड़ने में अप्रत्यक्ष रूप से मांझी-चालकियों से अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग मां ग रही है।
जगदलपुर:छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ की बस्तर इकाई जिसे जगदलपुर शहर से दूर सेमरा ग्राम पंचायत में स्थापित किया गया है। इस औद्योगिक इकाई को बस्तर में स्थापित करने के पीछे उद्देश्य यही था कि इस पंचायत के लोगों को रोजगार मिले एवं जिले के लोगों को सरकारी देवभोग दुग्ध प्रतिष्ठान के माध्यम से शुद्ध एवं ताजा दूध उपलब्ध हो सके।
लेकिन पिछले अविभाजित मध्यप्रदेश के जमाने में करोड़ो रुपए की लागत से बना यह दुग्ध संयंत्र अब लगभग बंद होने की कगार पर है।सेमरा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1989-90 में सांची दुग्ध के नाम से इस संयंत्र के माध्यम से दुग्ध का प्रसंस्करण कर दूध की पैकेजिंग के अलावा दूध से बनने वाले अन्य वस्तुओं का निर्माण एवं उसकी बिक्री सुचारू रूप से की जाती थी।
समूचे बस्तर जिले के विभिन्न विकास खंड से दूध का संग्रहण किया जाता था। साथ ही साथ क्षेत्र के पशुपालकों को उनके पशुओं द्वारा दूध के उत्पादन विकास हेतु विभिन्न प्रकार की योजनाएं भी संचालित की जाती थी। जिससे ग्राम पंचायत के लोगों को इस औद्योगिक इकाई लगने का फायदा मिलता था।
किंतु छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान दुग्ध महासंघ का पुनर्गठन किया गया।जिमसें अध्यक्ष रसिक परमार के बनने के साथ ही समस्त इकाइयों में नए प्रभारी की नियुक्ति हुई।
मिली जानकारी के अनुसार सेमरा स्थित देवभोग दुग्ध इकाई प्लांट के प्रभारी के रूप में जब से वर्तमान प्रभारी की नियुक्ति हुई है ।उसके पश्चात से ही इस इकाई का दोहन राजधानी के दुग्ध महासंघ अधिकारियों द्वारा किए जाने लगा है। इस इकाई से प्रतिदिन 8000 लीटर दूध की खरीद बिक्री होती थी।
गौपालकों की उपेक्षा कर व्यापारी से साठगाँठ इस प्रभारी अधिकारी ने अपने पद स्थापना के बाद से इसमें स्थानीय गौपालको की उपेक्षाकर बाहर से दुग्ध मंगाना प्रारंभ कर दिया ।साथ ही इसके द्वारा ग्राम पंचायत की किसानों की उपेक्षा कर शहर के बड़े व्यापारियों को अपने निश्चित कमीशन के बदले दुग्ध की खरीद बिक्री का काम दे दिया गया। जो अब तक अनवरत जारी है।
देवभोग दुग्ध इकाई सेमरा से प्रतिदिन करीब 5000 लीटर दूध की आवक कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र से होती है। इस दूध की पैकेजिंग सहित खुली बिक्री के तहत करीब 3000 लीटर दूध इस प्रभारी द्वारा अपने एक चहेते दुग्ध संचालक को दे दिया जाता है। बाकी बचे दूध को बस्तर के बाहर कुछ विभिन्न जगहों पर औपचारिकता के तौर पर भेजा जाता है।
वहीं कुछ दूध से पनीर अथवा दूध से दही बनाया जाता है।प्रतिदिन देवभोग की सेमरा इकाई के माध्यम से दूध की बिक्री अथवा उससे बनने वाले पदार्थों की बिक्री से करीब डेढ़ से दो लाख रुपए की आवक होने की संभावना बनती है।
प्रभारी ने बेरोजगारी बढ़ाया और खुद मलाई खाया किंतु इस प्रभारी के माध्यम से अपने कार्यकाल से आज तक इस ग्राम पंचायत के बेरोजगारों के लिए किसी प्रकार की दुग्ध से संबंधित किसी भी प्रकार के रोजगार हेतु क्षेत्र के बेरोजगार महिला पुरुष को प्रोत्साहित नहीं किया जा रहा है।बल्कि इस प्रतिष्ठान की साख को गिराकर बस्तर जिले के अन्य निजी दूध एजेंसी को प्रोत्साहित किए जाने की बात सामने आ रही है।
यह भी जानकारी मिली है कि इस दुग्ध इकाई से जुड़े मार्केटिंग कर्मचारी जो पिछले कई महीनों से यहां पदस्थ हैं वे अपने दूध इकाई की मार्केटिंग नहीं करके दूसरे दुग्ध इकाइयों की मदद करते हैं। देवभोग दुग्ध इकाई प्रभारी के इस संयंत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत एवं वहां के निवासियों को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहित नहीं किए जाने की बात पर कई बार इस प्रभारी एवं पंचायत के प्रतिनिधि के बीच बातचीत हुई।किंतु इस प्रभारी के असहयोग पूर्ण रवैये के कारण आज तक इस औद्योगिक इकाई के माध्यम से पंचायत का विकास नहीं हो पाया।
सरकार बदली है तो प्रभारी क्यों नही ? अब बदले राजनीतिक परिवेश में जब कांग्रेस की सरकार है। इस पंचायत के लोगों में विश्वास जाग उठा है कि अगर इस देवभोग दुग्ध इकाई के प्रभारी को हटाकर किसी ऊर्जावान अधिकारी को मौका दिया जाए तो इस जर्जर दुग्ध प्रतिष्ठान का कल्याण संभव हो सकता है। इन्हीं पंचायत के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान देवभोग दुग्ध इकाई प्रभारी के द्वारा जो अपने चहेते दुग्ध विक्रय करने वाले ठेकेदार को काम दिया जाता है। उससे केवल इसी प्रभारी का फायदा होता है।
अगर दुग्ध महासंघ देवभोग रायपुर के अन्य पदाधिकारी इस प्रभारी के कार्यकाल की जांच कर इसे इसके चहेते ठेकेदार को हटाकर अगर इसी पंचायत के महिला स्व सहायता समूह के द्वारा दुग्ध का वितरण समेत अन्य पदार्थ बनाने का कार्य सौंपा जाए तो इससे पंचायत के लोगों को विशेषकर महिला स्व सहायता समूह को इसका लाभ मिलेगा। जिससे महिलाएं इस रोजगार के माध्यम से अपने आप को आत्मनिर्भर बना पाएंगी।
छत्तीसगढ़ महाप्रबंधक ने कहा होगी जांच इस मामले पर जब छत्तीसगढ़ देवभोग दुग्ध महाप्रबंधक नरेंद्र दुग्गा से बात की गई तो उनका कहना था कि हमारे द्वारा स्वस्छ एव ताजा दूध उपलब्ध कराने का प्रावधान है। लेकिन बस्तर स्थित सेमरा देवभोग इकाई प्रभारी द्वारा अगर इस प्रकार की गड़बड़िया की जा रही है तो इसकी जांच अवश्य करायी जाएगी में स्वयं इस मामले को संज्ञान में लेकर कुछ दिनों के भीतर इसकी जांच कराऊंगा।
जगदलपुर।छत्तीसगढ़ की सिध्दशक्ति पीठों में एक दंतेवाड़ा जिले में स्थित मां दंतेश्वरी देवी बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने आई हुई थी जोकि दशहरा पर्व की समाप्ति के बाद वापस लौट रही है जिनकी ससम्मान विदाई दशहरा कमेटी द्वारा किया गया है। विदाई के पूर्व बस्तर सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्त शिल्प बोर्ड अध्यक्ष चंदन कश्यप ने स्थानीय मंदिर में पूजा अर्चना किया और क्षेत्र की जनता की खुशहाली की कामना की। ज्ञात हो कि बस्तर में 75 दिनों का दशहरा पर्व मनाया जाता है और इस पर्व में सभी गांवों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाती है। कोरोना संक्रमण काल में भी सभी प्रकार की विधान निर्विघ्न संपन्न हुआ।
जगदलपूर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा नई रेत नीति बनाया गया है और पर्यावरण संरक्षण के अनुरुप रेत खनन की अनुमति प्रदान किये जाने का प्रावधान है किंतु बड़े आमाबाल के रेत खनन ठेकेदार द्वारा शासन के नियमों को दरकिनार कर रेत कानून को तार -तार किया जा है। रेत खदान नियम को पालन कराने वाले प्रशासनिक अधिकारियों का सुस्त रवैय्या भी इसके लिए जिम्मेदार है।
देखें विडियो किस प्रकार अवैध खनन जारी है
छत्तीसगढ़ सरकार की रेत खनिज नीति के तहत बस्तर ब्लाक के बडे आमाबाल में नारंगी नदी में रेत उत्खनन हेतु …… पांड़े नामक किसी ठेकेदार को 2 वर्ष के लिए यह खनि पट्टा दिया गया है। खनि पट्टे में रेत खनन के लिए कई प्रकार की शर्ते दी गई है जिसमें खनन के मेन पावर का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना है तो उसके विपरित जेसीबी मशीन से खुदाई किया जा रहाहै। वहीं रेत खनन के दौरान सीसीटिव्ही की निगरानी में यह उत्खनन होना चाहिए किंतु सम्पूर्ण क्षेत्र में कहीं भी सीसीटिव्ही नहीं है। इसी प्रकार स्थानीय लोगों को भी यह ठेकेदार काम नहीं दे रहा है जबकि कांग्रेस पार्टी के युवा नेता व व्यवसायी सूरज कश्यप इस उत्खनन कार्य में लगे हैं। सर्वाधिक दिलचस्प बात यह है कि देर रात तक मशीनों द्वारा उत्खनन किये जाने से इस क्षेत्र के लोगों की रात में खलल पढ़ रही है वहीं जिला खनिज विभाग द्वारा इस हेतु किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने से कई प्रकार की चर्चाओं का बाजार गर्म है। बड़े आमाबाल रेत उत्खनन के बारे में जब स्थानीय संवाददाताओं ने चर्चा करने के लिए युवा नेता व व्यवसायी सूरज कश्यप से संपर्क किया तो पहले उसने सभी दस्तावेज वाट्सअप से भेजने की बात कही यहीं नहीं दूसरी तरफ दूसरे नेता के माध्यम से मामले को नहीं छापने के लिए दवाब बनाने की भी कोशिश की गई।पुःन जब चैनल इंड़िया के संभागीय मुख्य कार्यालय से इस बारे में युवा नेता सूरज कश्यप से चर्चा किया गया तो उन्होंने ज्यादा जानकारी देने की बजाय सिर्फ यह स्वीकार किया कि कोई पांड़े इसके ठेकेदार है सिर्फ वह यह कामकाज देखते है।सवाल यह है कि ठेकेदार ने तकनीकी स्तर पर जानकारी नहीं होने वाले व्यक्ति कौ यह जिम्मेदारी क्यों सौंपा हैं जिससे यहां अवैध उत्खनन जोरों से जारी है।
चिखलाकसा – चिखलाकसा अटल चौक पर लगाया गया साइन बोर्ड “चिखलाकसा नगर पंचायत आपका हार्दिक स्वागत करता है” को हाईवा द्वारा तोड़ा गया | हाईवा का जैक उठने से साइन बोर्ड टुटा हाईवा का डाला खुला होने के कारण साइन बोर्ड को अपने साथ घसीटते हुए 100 मीटर की दुरी तक ले गया बोर्ड मोटे एंगल एवं पाइप से बना हुआ था इसी से अंदाजा
हाईवा ट्रक का ड्राईवर
लगाया जा सकता है कि हाईवा ट्रक की स्पीड क्या रही होगी | बड़ी दुर्घटना होते होते बची प्राप्त जानकारी के अनुसार हाईवा ग्राम गुजरा निवासी राजेश चुरेन्द्र की बताई जा रही है | हाईवा रेत खाली कर बीटाल की ओर से तेज गति से आ रही थी और मानपुर चौक में तार को तोड़ते हुए
आ रहा था ड्राईवर नशे में होने के कारण लापरवाही से व हाईवा की तेज गति के कारण इस प्रकार की घटना हुई | इस प्रकार की लापरवाही से किसी की जान भी जा सकती थी अभी 2 दिन पूर्व चिकला कथा पुल पर दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान गई फिर भी इस प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है |
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा में आज कोरोना से मिली राहत | आज मिले कोरोना संक्रमित 06 मरीज |
एक नजर – दल्लीराजहरा के किस वार्ड से कितने संक्रमित मिलें | आज जिन वार्डों में कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है वे इस प्रकार है – वार्ड क्र 03 से 01, वार्ड क्र 15 से 01, वार्ड क्र 19 से 01 और थाना वार्ड से 03 मरीजों की पुष्टि हुई है |
इस प्रकार एंटीजन से 05 और ट्रू नॉट से 01 की रिपोर्ट के आधार पर आज कुल 06 लोग कोरोना संक्रमित मिले |
विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया सिटी मीडिया भी नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध करता है कि घरों से कम से कम निकले एवं सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें जिससे स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रख बड़ी हानि से बचे |
बालोद – कोरोना संक्रमण से बचाव तथा जनजागरूकता हेतु मुख्य रूप से बाजार, दुकानों, भीड़भाड़ वाले स्थलों में जनसामान्य द्वारा मास्क का उपयोग, दो गज की दूरी का पालन तथा सेनेटाईजर के उपयोग को प्रोत्साहित करने पोस्टर, स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि स्कूल, कॉलेज के ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राए पोस्टर, स्लोगन प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु सात नवम्बर 2020 तक ऑनलाइन प्रविष्टियाँ व्हाट्सएप्प नम्बर – 9479090752 पर भेज सकते है।
बीजापुर:– शुक्रवार को गंगालूर थाना क्षेत्र के सावनार गांव के ग्रामीणों ने गस्त पर गए जवानों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है ग्रामीणों का कहना है कि गश्त के दौरान सुबह तकरीबन 6 बजे से लेकर 10 के बीच जवानों द्वारा ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई है, गस्त पर आए जवान गांव के एक युवक लखू पुनेम को गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा रहे थे इसी दौरान जब ग्रामीणों ने युवक की गिरफ्तारी का विरोध किया तो जवानों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट की गई इस मारपीट में एक दर्जन से ज्यादा महिलाएं घायल बताई जा रही है जिनमें से एक महिला का जवानों की पिटाई के चलते सर फट गया है सावनार के मुक़ापारा निवासी लक्खी पुनेम ने बताया कि गश्त के लिए गांव में पहुंचे जवानों द्वारा उसके 15 वर्षीय बेटे लखू पूनेम पर नक्सली होने का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा रहे थे जिसका उनके द्वारा विरोध किया गया जिसके बाद जवानों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट की गई मारपीट में घायल महिलाओं में लखी कुरसम,पीड हेमला, मेरी हेमला लखमी हेमला, हेमला आयती, हेमला गुटो, सुखी हेमला, लकी हेमला, लखमी कुरसम, सोमली हेमला और आयती हेमला घायल बताए जा रहे हैं जिनमें से हेमला गुटो का सर जवानों की पिटाई के चलते फट गया है ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब भी जवान गश्त के दौरान गांव में आते हैं तो ग्रामीणों के साथ अक्सर मारपीट की घटना को अंजाम दिया करते हैं वहीं दूसरी ओर इस मामले में बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा जवानों पर पत्थरबाजी की गई परंतु जवानों द्वारा उनके साथ किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है जवानों पर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद है साथ ही वहां से एक जन मिलिशिया कमांडर की गिरफ्तारी भी की गई है।
वहीं दूसरी ओर चेरपाल में पदस्त सीआरपीएफ 85 बटालियन के कम्पनी कमांडर अविनाश राय का कहना है कि जवानों पर ग्रामीणों ने पत्थरों से हमला किया था जिसमे कंपनी कमांडर को अंदरूनी चोट आयी है फिर भी संयम नहीं खोया और पीछे की महिलाओ द्वारा फेंके गए पत्थरों से घायल कुछ महिलाओ का जवानो द्वारा उपचार भी किया गया है।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ने राजधानी-रायपुर में एक दिवसीय धरना मौन रैली के आयोजन से पूर्व शासन ने वार्ता के लिए शिक्षा सचिव से वार्ता हेतु संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने पत्र जारी किया। जिसके चलते सहायक शिक्षक फेडरेशन ने मौन रैली स्थगित कर सिर्फ धरना का आयोजन किया गया ।
आज फेडरेशन के आहवान पर बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर हजारों सहायक शिक्षक उपस्थित हुए।
ज्ञात हो कि सहायक शिक्षक फेडरेशन के इस आंदोलन का 26 संघो ने समर्थन किया । राजधानी के बूढ़ा तालाब में हुए धरना सभा मे राजनांदगांव जिले से बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक साथी पहुचे थे। प्रदेश अध्यक्ष-मनीष मिश्रा व जिला अध्यक्ष शंकर साहू के मार्गदर्शन एवं प्रांतीय एवं जिला पदाधिकारियों के दिशा – निर्देश में जिला राजनांदगांव के सभी 09 ब्लॉक
से ब्लॉक अध्यक्ष द्वय रोशन साहू, कौशल श्रीवास्तव, नंदकिशोर सिंमकर, हीरालाल मौर्य, ओमप्रकाश साहू,पारख प्रकाश साहू, कीरत कुमार गणवीर, देव कुमार यादव, सुनील शर्मा,यशवंत देशमुख के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक राजधानी पहुचे थे।
आज के धरना को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने मौजूद सहायक शिक्षको का आभार जताते हुए कहा कि हमारे इस मौन रैली से पहले ही शासन ने फेडरेशन से वार्ता का दौरा शुरू कर दिया था जिसके चलते फेडरेशन ने मौन रैली को स्थगित कर एक दिवसीय धरना का आयोजन रखा है । जिला अध्यक्ष शंकर साहू ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि लोक
शिक्षण संचालनालय से वार्ता हेतु पत्र जारी हुआ है और प्रांतीय टीम से वार्ता भी हुआ है जिसमें प्रांतीय टीम हमारी वेतन विसंगति, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर क्रमोन्नति, पदोन्नति की मांगों को दमदारी से वार्ता में रखा गया। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने पूरी तैयारी कर लिया था । वार्ता में पहली प्राथमिकता है कि सहायक शिक्षक के वेतन में जो विसंगति अर्थात शिक्षक के वेतन की तुलना में सहायक शिक्षक के वेतन में जो 15 से 17 हजार का अंतर पैदा हुई है उसका हर हाल में हल निकल पाए जिसके लिए हमने सरकार से बार बार गुहार लगाई थी। पर बात नही बन पाई पर जो पत्र हमे वार्ता के लिए मिला है इससे
हमें विश्वास जगा है कि अब सहायक शिक्षको के साथ न्याय होगा । कार्यक्रम में राजनांदगांव जिला अध्यक्ष- शंकर साहू ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राजधानी में धरना सभा मे उपस्थित हुए सहायक शिक्षको का जन सैलाब बता रहा है कि सहायक शिक्षको की समस्या कितनी बड़ी है। हर सहायक शिक्षक आज सरकार से अपने 23 वर्ष की सेवा का सम्मान मांग रहा है और जल्द ही हमे आशा है सहायक शिक्षको की विसंगति का निदान होगा । धरने को प्रदेश अध्यक्ष-मनीष मिश्रा, प्रवक्ता विकास मानिकपुरी,प्रदेश महामंत्री-राजकुमार यादव,प्रदेश महासचिव-प्रेमलता शर्मा,प्रदेश सहसचिव-राजू यादव,जिला अध्यक्ष-शंकर साहू,जिला सचिव-रामलाल साहू,जिला संयोजक-माला गौतम,मंजू देवांगन, दोदेश्वर चंदेल,डोंगरगढ़ ब्लॉक संयोजक-ओमप्रकाश साहू ने भी सम्बोधित किया । आज के धरना सभा मे बस्तर से लेकर सरगुजा तक 28 जिला के सभी 146 ब्लॉक से सहायक शिक्षक शामिल होकर मांग को शीघ्र पूर्ण करने का आहवान सरकार से किया है। उक्त धरना में राजनांदगांव जिला से प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा, जिलाध्यक्ष- शंकर साहू प्रदेश प्रवक्ता-विकास मानिकपुरी,प्रदेश महामंत्री-राजकुमार यादव,प्रदेश महासचिव- प्रेमलता शर्मा,प्रदेश सहसचिव-राजू यादव,जिला संयोजक-दोदेश्वर चंदेल,मंजू देवांगन,माला गौतम,सीता साहू रामेश्वर साहू,मोमन साहू,राजकुमार ठाकुर,अजय ठाकुर,मिलन साहू,शैलेन्द्र साहू,तुलेश्वर सेन, ललित प्रताप सिंग,देवेन्द्र खोबरागड़े,भिखेंद्र जंघेल,नंदकिशोर साहू,गांधी राम साहू,हीरालाल मौर्य, शिवशंकर कोर्राम,मितेन्द्र बघेल,भरत भोपले,सुशील शांडिल्य,करुणा ठाकुर,विद्या श्रीरंगे,अनुपमा सोनी,भजन साहू,राजेन्द्र साहू,शेख शफीक कुरैशी, राधेश्याम नेताम,भूपेंद्र भारद्वाज सहित राजनांदगांव जिला के सभी 09 ब्लॉक राजनांदगाँव, छुई खदान, खैरागढ़, डोंगरगढ़, डोंगरगाँव, छुरिया, अंबागढ़ चौकी, मोहला व मानपुर के सहायक शिक्षक अधिक संख्या में उपस्थित थे। जिला फेडरेशन-राजनांदगांव ने धरना को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले सभी शिक्षक साथियों को आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया है और भविष्य के सभी गतिविधियों में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त करते हुए अपील किया है।
उपरोक्त जानकारी मीडिया में रामलाल साहू जिला सचिव ने दी है।