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उधर नक्सली लीडर मनाते रहे के पार्टी विलय दिवस, इधर 8 सक्रिय नक्सलियों ने कर दिया आत्मसमर्पण

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  • समर्पित नक्सलियों में 11 लाख के 3 ईनामी नक्सली 

-अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के नक्सली लीडर उधर पार्टी विलय दिवस मनाते रहे और इधर आठ सक्रिय नक्सलियों ने उनका दामन झटक कर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 11 लाख के तीन ईनामी नक्सली भी शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों नक्सली संगठनों के नेता पार्टी विलय दिवस का जश्न मनाने में डूबे हुए हैं। ऐसे खास मौकों पर नक्सली और भी आक्रामक हो उठते हैं और जगह जगह वरदातों को अंजाम देने की फिराक में लगे रहते हैं। मगर अब नक्सल सहयोगियों और सक्रिय नक्सलियों का हिंसा से मोहभंग होता जा रहा है। उनके मन से बड़े नक्सलियों का डर खत्म होता जा रहा है। यही वजह है कि उधर नक्सली लीडर विलय दिवस के जश्न में डूबे रहे और इधर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से अहिंसक समाज के लिए पुर सुकून खबर आ गई कि आठ सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज, डीआईजी सीआरपीएफ बीजापुर सेक्टर के मार्गदर्शन में बीजापुर जिले में सघन नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत डीआरजी, बस्तर फाईटर, सीआरपीएफ की 85वीं व 222वीं वाहिनी एवं 202, 210 कोबरा बटालियन की 202वीं व 210वीं वाहिनी के संयुक्त प्रयासों से व छग शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति तथा शासन द्वारा चलाए जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर आठ सक्रिय नक्सलियों ने शनिवार को सरेंडर कर दिया। गंगालूर एरिया कमेटी, नेशनल पार्क एरिया कमेटी एवं उसूर पामेड़ एरिया कमेटी के प्लाटून कमांडर, पार्टी सदस्य एवं अध्यक्ष सहित 8 नक्सलियों ने 21 सितंबर को उप पुलिस महानिरीक्षक, केरिपु ऑप्स बीजापुर देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ जितेंद्र कुमार यादव, कमांडेंट 85वीं वाहिनी सुनील कुमार, कमांडेंट 222वीं वाहिनी केरिपु विजेंद्र कुमार, कमांडेंट 202 कोबरा बटालियन अमित कुमार, कमांडेंट 210वीं कोबरा बटालियन अशोक कुमार, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार के समक्ष नक्सलियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर एवं छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में चंदर कुरसम प्लाटून नंबर 12 कमांडर, ईनाम 8 लाख रुपए, मंगली पोटाम ऊर्फ क्रांति प्लाटून नंबर 2 पार्टी सदस्य, ईनाम 2 लाख रुपए, आयतू कोरसा आरपीसी अध्यक्ष, ईनाम 1 लाख रुपए, 18 स्थाई वारंट लंबित, रामू लेकाम आरपीसी सीएनएमस अध्यक्ष, महेश यादव ऊर्फ आपू मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन कमांडर, सुदरू हेमला ऊर्फ पोट्टी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून ए सेक्शन कमांडर, हुंगा डोडी सीएनएम उपाध्यक्ष, सुरित यादव ऊर्फ सुरेश बुरजी आरपीसी शामिल हैं। इन नक्सलियों पर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, लूटपाट, सड़क अवरुद्ध करने, जवानों पर हमले कई मामले दर्ज हैं। नक्सलियों द्वारा आदिवासियों पर किये जा रहे अत्याचार से त्रस्त होकर एवं छग शासन की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने पर उन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 25- 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

गृहमंत्री शर्मा की है यह विजय

नक्सलियों के पार्टी विलय दिवस के बीच सक्रिय और ईनामी नक्सलियों के आत्मसमर्पण को गृहमंत्री विजय शर्मा की बड़ी विजय के रूप में देखा जा रहा है। विजय शर्मा नक्सल समस्या के उन्मूलन और नक्सल प्रभावित इलाकों के आदिवासियों के मन में सरकार और सिस्टम के प्रति भरोसा जगाने के मामले में सबसे सफल गृहमंत्री के रूप में देखे जा रहे हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस और फोर्स जहां बड़े ही आक्रामक तरीके और योजनाबद्ध ढंग से लगातार नक्सलियों पर नकेल कस रही है, वहीं प्रभावित इलाकों के लोगों का भरोसा जीतने में भी लगातार कामयाब हो रही है। विजय शर्मा छत्तीसगढ़ के पहले गृहमंत्री हैं, जो नक्सल गढ़ में कई बार जा चुके हैं। वे धुर नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ितों और आम आदिवासियों का दुख दर्द साझा करने में कभी पीछे नहीं हटते। इससे पहले कभी किसी गृहमंत्री ने ऎसी पहल की ही नहीं थी। विजय शर्मा के इस अंदाज के कायल आदिवासी हो गए हैं और सरकार एवं व्यवस्था के प्रति उनमें विश्वास भी बढ़ा है। इसी विश्वास और भरोसे का नतीजा है कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण का अनवरत सिलसिला बस्तर में चल पड़ा है।

अभाविप जगदलपुर की नई नगर कार्यकारिणी घोषित

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  • अश्विन पिल्ले को दिया गया नगर मंत्री का दायित्व 

जगदलपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्तर जिला की जगदलपुर नगर इकाई की नई कार्यकारिणी का घोषणा की गई।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला संयोजक शैलेश ध्रुव ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के व्यापक परिप्रेक्ष्य में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के कार्य में संलग्न है। इसके लिए सभी क्षेत्रों में राष्ट्र के विकास के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समावेशी और रचनात्मक दृष्टिकोण पर जोर देती है और सदैव छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहती है। विद्यार्थी परिषद प्रति वर्ष नगर की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा करती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के सदस्य एवं बस्तर विभाग के संगठन मंत्री शअमित कुमार ने नगर इकाई की नई कार्यकारिणी घोषित की। परिषद की जगदलपुर नगर इकाई के इस सत्र के नगर मंत्री के रूप में अश्विन पिल्ले का चयन किया गया। इसके साथ अवनीश मिश्रा, ऋतिक जोगी, वैभव दास, वनिता नेताम को नगर सह मंत्री के लिए निर्वाचित किया गया। नगर एग्जिबिशन प्रमुख गौरव भवानी, सह प्रमुख अमन वर्मा, नगर महाविद्यालय प्रमुख राजेंद्र सिंह ठाकुर, सह प्रमुख प्रशांत लाटिया, मनीष, नगर सोशल मीडिया प्रमुख तेमान मंडल, सह प्रमुख दीपक गुहा, नगर एसएफएस प्रमुख दिशा, सह प्रमुख अक्षत दहिया, नगर एसएफडी प्रमुख यश राठी, सह प्रमुख लक्ष्य दहिया , नगर आरकेएम सह प्रमुख राजकमल, नगर खेलो भारत प्रमुख रघुराज, नगर विद्यालय प्रमुख देव यादव, नगर स्टडी प्रमुख अजय आरकी, कार्यालय मंत्री पुनव कुंजाम, नगर कार्यकारिणी सदस्य नुशांत गोविंद, निखिल, दिव्यराज, करण, आयुष, पप्पू, पवन मनोनीत किए गए हैं।

प्राकृतिक आपदा से कहीं ज्यादा कीट व्याधि से पहुंचता है फसलों को नुकसान

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  • हर साल कीट प्रकोप से चौपट हो जाती है 
  • बकावंड ब्लॉक में धान की फसलों पर कीट प्रकोप 

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड के खेतों में लहलहा रही धान की फसलों को कीट प्रकोप लग गया है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों ने मौसम की मार के साथ ही कीट व्याधि से भी फसल क्षतिग्रस्त होने पर बीमा राशि देने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की है।

धान की फसल जब पकने को होती है तब उस पर तना छेदक, हरा माहो, भूरा माहो, टिड्डी, झुलसा रोग, अन्य कीटों का प्रकोप शुरू हो जाता है। कीट व्याधि के चलते धान की बालियों में दूध नहीं भर पाता और फसल लगभग सूख जाती है। हालत यह हो जाती है कि किसानों को अपने मवेशियों के लिए पैरा तक नहीं मिल पाता, अनाज तो दूर की बात है। पकी पकाई फसल तैयार होने के दौरान अगर तेज बारिश होती है तथा आंधी या हवाएं चलती हैं, तो फसल खेत में गिर जाती है, धान की बालियां भीग जाती हैं। मगर ऐसे हालात में भी किसानों को थोड़ा बहुत और गुणवत्ता विहीन ही सही, खाने लायक अनाज तो मिल जाता है। वहीं कीट व्याधि लगने पर थोड़ी भी उपज मिलने की उम्मीद खत्म हो जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सिर्फ प्राकृतिक आपदा में ही बीमित किसान को बीमा राशि देने का प्रावधान है। जबकि फसलों को बेतहाशा नुकसान पहुंचाने वाले कीट पतंगे भी प्रकृति प्रदत्त जीव हैं। फसल बीमा के दायरे में कीट प्रकोप और टिड्डी दलों के फसलों पर हमले को भी शामिल किया जाना चाहिए, तभी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सार्थकता सिद्ध होगी और किसानों को राहत मिल सकेगी। इन दिनों बकावंड विकासखंड के कई गांवों की धान फसल आप ही आप सूखती जा रही है। पौधे झुलसे हुए नजर आ रहे हैं। फसलों की ऎसी हालत देख किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि हर साल कीट प्रकोप से भी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचता है। ग्राम पंचायत बकावंड, टलनार, बनियागांव, बेलगांव के किसान सुधरु नाग, हरिबंधु नाग, संजय सेठिया, तुलाराम सेठिया, जानकी राम भारती, नरसिंह पुजारी, बृजलाल सेठिया, राजिम सेठिया, मनसिंह सिन्हा, सुधन सिन्हा आदि किसानों ने कीट व्याधि व अन्य रोगों के चलते क्षतिग्रस्त होने वाली फसल को भी बीमा के दायरे में लाने तथा मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

मां की याद में हर माह एक बेटी कराती है बच्चों को न्यौता भोज

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  •  हर बार अलग- अलग व्यंजनों के स्वाद लेते हैं स्कूल के बच्चे 
  • नवरात्रि में खीर पूड़ी और पावभाजी खिलाने का वादा

जगदलपुर एक बेटी अपनी दिवंगत मां की स्मृति में हर माह स्कूली बच्चों को न्योता भोज देती आ रही है। ऐसा करके इस बेटी का दुख थोड़ा हल्का हो जाता है और उसे दिली तसल्ली भी मिलती है। वहीं स्कूल के बच्चों को महीने में एकबार स्वादिष्ट पकवान खाने को मिल जाता है। स्कूल के बच्चे अपनी विभा आंटी का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

विकासखंड बस्तर के ग्राम परचनपाल निवासी विभा चावड़ा हर माह गांव के स्कूल के बच्चों को न्योता भोज कराती हैं। प्राथमिक शाला परचनपाल में प्रति माह की तरह इस माह भी शनिवार को विभा चावड़ा द्वारा प्राथमिक शाला के बच्चों को न्यौता भोज कराया गया। जबसे शासन द्वारा न्योता भोज की शुरआत की गई है तबसे नियमित रूप से प्रतिमाह विभा चावड़ा स्वेच्छा से बच्चों के लिए खुद अपने घर से खाना पका कर लाती हैं। उन्होंने अब तक बच्चों को, खीर पूड़ी, छोले, ढोकला, इडली, डोसा, बड़ा, भजिया, साबूदाना की खिचड़ी, वेज खिचड़ी, लड्डू, केक, सूजी का हलवा जैसे पकवान खुद बनाकर बच्चों को स्कूल में खिला चुकी हैं। समय समय पर वे बच्चों को कॉपी पेन रबर कटर जैसी चीजें भी बांटती हैं। पिछले वर्ष राजनांदगांव निवासी उनकी माताजी का देहावसान हुआ था। अपनी स्वर्गवासी माताजी की स्मृति में प्रत्येक माह विभा चावड़ा स्कूल में यह नेक कार्य करती आ रही हैं। उनका कहना है कि मां को जो भी चीजें पसंद थीं, वह सारी चीजें वे न्योता भोज में परचनपाल प्राथमिक शाला के बच्चों को परोसती हैं। सारे पकवान विभा चावड़ा खुद अपने हाथों से तैयार करती हैं। भावुक होकर विभा चावड़ा ने कहा कि बच्चों को खिलाकरमुझे ऎसी अमूभूति होती है जैसे मेरी मां ने मेरे हाथों से खाना खा लिया है।विभा ने नवरात्रि के लिए अभी से मैन्यू तैयार कर लिया है। वे बताती हैं कि अगले महीने नवरात्रि में खीर पूड़ी और बच्चों की मांग पर पावभाजी खिलाने का वादा उन्होंने बच्चों से किया है। इस अवसर पर प्रधान अध्यापिका प्रिया ठाकुर, जयश्री जेठवा मुख्य रूप से मौजूद थीं।

आंदोलन से नगरनार स्टील प्लांट को करोड़ों की चपत, प्रबंधन ने कॉइल उत्पादन में की कटौती

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  • माल उत्पादन भी 1 हजार टन प्रतिदिन घटा दिया 

अर्जुन झा-

जगदलपुर जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन व्यावसायियों की जायज मांगों को चल रही हड़ताल से नगरनार स्टील प्लांट को बड़ा झटका लग रहा है। संयंत्र में उत्पादन प्रभावित होने लगा है और रोजाना दो करोड़ का घाटा हो रहा है। का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है तो प्लांट में अचानक एक हजार टन उत्पादन घटा दिया गया है जबकि प्रबंधन को रोलर मिल मालिकों और परिवहनकर्ताओं के बीच मध्यस्थता करनी थी लेकिन उल्टे नगरनार स्टील प्लांट द्वारा धमकी -चमकी दी जा रही है। केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एनएमडीसी द्वारा नगरनार स्टील प्लांट लगाया है। इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए जब जमीन की जरूरत पड़ी, तब एनएमडीसी के अधिकारी नगरनार समेत आसपास की सभी ग्राम पंचायतों के पंच सरपंचों और ग्रामीणों से चिरौरी करते नहीं थकते थे। जमीन लेने के लिए गांव वालों की सारी शर्ते स्थानीय स्तर पर मान ली गईं थीं, मगर अब कहा जाने लगा है कि मांगों को पूरा करना स्थानीय प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन संघ के लोग शर्तों के मुताबिक ही स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी देने, माल परिवहन के कार्य में नगरनार और बस्तर जिले के ट्रांसपोर्टरों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। समझौते से प्लांट प्रबंधन के मुकरने के बाद उसकी ही राह पर चलते हुए रोलिंग मिल मालिकों का रवैया भी अड़ियल हो गया है। मिल मालिकों ने भाड़ा घटा दिया है। स्थानीय लोगों के परिवहन कार्यो में राशि की कटौती कर दी गई है। जिसके फलस्वरूप अब परिवहन व्यवसायी सड़क की लड़ाई लड़ रहें हैं। प्लांट के गेट नंबर -2 के सामने जारी आंदोलन के चलते प्लांट से न माल लेकर ट्रक बाहर आ पा रहे हैं और न ही अंदर जा पा रहे हैं। इससे प्रबंधन को भारी नुकसान हो रहा है। उत्पादन गतिविधियां भी अब प्रभावित होने लगी हैं। गेट जाम करने के बाद रोज महज 4 हजार टन माल का 225 नग कॉइल्स का ही उत्पादन हो पा रहा है। सूत्र बताते हैं कि नगरनार स्टील प्लांट ने आंदोलन को देखते हुए पहले दिन की हड़ताल के बाद एक हजार टन का उत्पादन घटा दिया है, जिससे एक दिन में ही 17 करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इधर आंदोलनकारी गेट के सामने से हटने को तैयार नहीं हैं और प्रबंधन है कि मानने को राजी नहीं दिख रहा है। ऐसे में प्लांट को और भी बड़ी आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।

सुबह 6 बजे से डटे हैं गेट पर

आंदोलन के दूसरे दिन यानि 21 सितंबर को जय झाड़ेश्वर समिति तथा बस्तर परिवहन संघ के पदाधिकारी सदस्य सुबह छः बजे से ही मटेरियल गेट नंबर 2 के सामने डेरा डाल कर बैठ गए हैं जिसकी वजह से वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। एचआर कॉइल्स के अलावा दीगर माल के भी परिवहन कार्य में भी बड़ी बाधा आ गई है। संयंत्र के सामने वाहनों की रेलमपेल मच गई है। झाड़ेश्वर समिति अध्यक्ष बनमाली नाग, बीपीएस अमर सिंह के नेतृत्व में धरना- प्रदर्शन जारी है। भाजपा नेत्री व डीकेएम अध्यक्ष गीता मिश्रा, प्रकाश राव, जुगल किशोर, चरण सेठिया, दिनेश सेठिया, ओमप्रकाश दास, तपन राय सहित बड़ी संख्या में परिवहन व्यवसायियों की उपस्थिति है। इन लोगों ने नगरनार स्टील प्लांट महाप्रबंधक मीडिया रफीक अहमद जनवाड़े के बयान को आड़े हाथों लिया है और परिवहनकर्ताओं ने कहा है कि सोच समझकर ही कोई निर्णय लिया जाता है वाजिब मांगों के लिए हम लड़ेंगे- डरेंगे नहीं। महाप्रबंधक हमें डराने धमकाने की कोशिश न करें। आंदोलन के समर्थन में अब सभी प्रभावित गांवों के ग्रामीण भी अपने घरों से बाहर निकल कर आंदोलन स्थल पर पहुंचने लगे हैं।

बंद कराने सड़कों पर निकले दीपक बैज

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रायपुर कवर्धा जिले के लोहारीडीह में घटित कचरू साहू हत्याकांड और पुलिस कार्रवाई के विरोध में आज आयोजित छत्तीसगढ़ बंद को सफल बनाने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज 21 सितंबर को सुबह से ही सड़कों अपनी टीम के साथ निकल पड़े। स्वयं एक्टिवा वाहन चलाते हुए दीपक बैज लोगों से बंद का आह्वान करते रहे। हालांकि दीपक बैज जब सुबह निकले तब दुकानें खुली नहीं थीं, मगर उनके इस तरह सड़क पर निकलने का असर भी कुछ देर बाद दिखने लगा। खुलने के समय के बाद भी सभी दुकाने बंद ही रहीं। श्री बैज एमजी रोड, पंडरी, जय स्तंभ चौक, समेत अन्य व्यवसायिक क्षेत्रों से गुजरे। बाद में श्री बैज अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ पैदल चलते हुए दोनों हाथ जोड़कर व्यापारियों और आम नागरिकों से बंद को सफल बनाकर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के संघर्ष में सहयोग की अपील करते रहे।

दुखती रग पर हाथ रखा तो प्लांट प्रबंधन उतर आया डराने धमकाने पर

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  •  जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन संघ ने प्लांट का गेट किया जाम
  • प्रबंधन ने कहा घातक हो सकता है गेट ब्लॉक करना

अर्जुन झा

नगरनार नगरनात स्टील प्लांट के गेट नंबर- 2 का शुक्रवार को सुबह 10 बजे से झाडेश्वर समिति और बस्तर परिवहन संघ के सदस्यों ने घेराव कर रखा है। इसके कारण कोई भी वाहन माल लेकर स्टील प्लांट में प्रवेश नहीं कर पा रहा और न ही बाहर जा पा रहा है। वहीं दूसरी ओर जिस प्रबंधन ने समिति और परिवहन संघ की कभी एक नहीं सुनी, वह प्रदर्शन कर रहे लोगों को डराने धमकाने पर उतर आया है। दरअसल प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन की दुखती रग पर हाथ रख दिया है।

20 सितंबर को सुबह से बस्तर परिवहन संघ और जय झाडेश्वर समिति के सदस्य संयंत्र में माल परिवहन का काम बस्तर के ही परिवहन व्यवसायियों को देने और प्लांट में स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी देने की मांग को लेकर डटे हुए हैं। ये लोग प्लांट के गेट नंबर 2- को जाम किए बैठे हैं। इससे पहले भी जय झाड़ेश्वर समिति और परिवहन संघ के पदाधिकारी सदस्य दसियों बार प्लांट से कुछ दूर पंडाल लगाकर कई कई दिनों तक प्रदर्शन कर चुके हैं। तब एक भी बार प्रबंधन की ओर से कोई पूछने तक नहीं पहुंचा। वहीं आज जब इन लोगों ने कड़े तेवर दिखाते हुए प्लांट का माल परिवहन ठप कर दिया, तो प्रबंधन कांप उठा है।

ये कहा है प्रबंधन ने

प्लांट के संचार विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि

वाहनों पर लगाया गया यह प्रतिबंध न केवल गलत है, बल्कि अवैध भी है। इससे सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, क्योंकि एकीकृत स्टील प्लांट एक अत्यधिक खतरनाक कारखाना होता है।गेट नंबर 2 यानि मटेरियल गेट वह गेट है, जिसके माध्यम से आवश्यक कच्चा माल स्टील प्लांट में आता है और तैयार माल बाहर भेजा जाता है। इस गेट को बंद करने से कई नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। एकीकृत स्टील प्लांट में महत्वपूर्ण कच्चे माल की समय पर डिलीवरी न होना भी सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है। आज रात या उसके बाद कोई अप्रिय घटना होने पर इसका दोष सीधे जय झाड़ेश्वर समिति और बस्तर परिवहन संघ पर आएगा। उनकी मांगे एनएसएल के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं और इसलिए एनएसएल उन मांगों को पूरा करने की स्थिति में नहीं है। यह बात आंदोलनकारियों को बता दी गई है। यही बात जिला प्रशासन और उनके नेताओं के माध्यम से भी उन्हें बताई गई है। इसके बावजूद ये विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।काम बंद होने से स्टील प्लांट को भारी नुकसान होता है और समर्पित श्रमिकों का मनोबल भी गिरता है। स्टील प्लांट में नियमित विरोध प्रदर्शन और काम बंद होना एनएसएल के कामकाज और बस्तर की छवि के लिए बेहद हानिकारक है, क्योंकि यह स्टील प्लांट बस्तर की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और बस्तर के औ‌द्योगीकरण और प्रगति का प्रतीक है। स्थानीय नगरनार पुलिस स्टेशन और जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है और हमने इस नाकेबंदी को हटाने में उनकी सहायता का अनुरोध किया है।

5 रुपये में भरपेट खाना, फिर शुरू होंगे दाल भात केंद्र

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छत्तीसगढ़ में BJP की रमन सरकार के दौरान प्रदेश भर में दाल भात केंद्र खोले गए। जहां 5 रुपये में खाना दिया जाता था। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद योजना पर ध्यान नहीं दिया गया।

अब एक बार फिर प्रदेश में दाल भात केंद्र खोलने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इसकी घोषणा की है। राज्य के सभी जिलों में अन्नपूर्णा दाल-भात केंद्र श्रमिकों के लिए खोले जाएंगे।

CM साय की घोषणा को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष पवन साहू सहित BJP नेताओ ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि, विष्णुदेव साय सरकार ने श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लिया है।

दाल-भात केंद्र खुलने से बाहर रहने वाले, मज़दूर, और गरीबों को कम खर्च में भरपेट खाना मिल जाएगा।

अस्पताल के कर्मचारियों के साथ हो रहे गाली गलौज व मारपीट को गंभीरता से लेते हुए थाना अर्जुन्दा पुलिस ने दिखाई सख्ती

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  •  थाना अर्जुन्दा पुलिस टीम द्वारा तत्परता दिखाकर रायपुर से खोज कर लाये आरोपियों को।
  • आरोपी रितेश ऊर्फ गोरिया जो थाना अर्जुन्दा का गुण्डा बदमाश है जिसके खिलाफ कई मामले है दर्ज।
  • सहयोगी आरोपी द्रिवेश ऊर्फ डम्पी देवांगन जिसके खिलाफ थाना पुरानी बस्ती जिला रायपुर में है धारा 307 भादवि0 का मामला , जो दोनों व्यक्ति आदतन अपराधी है।
  • धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5), 221, 132, 117 (2),121(2) बीएनएस एवं छ0ग0 चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान अधि0 2010 की धारा 3 के तहत् आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

पुलिस महानिरीक्षक महोदय दुर्ग  राम गोपाल गर्ग,  पुलिस अधीक्षक महोदय  सुरजन राम भगत के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय  अशोक कुमार जोशी एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस गुण्डरदेही श्रीमति गीता वाधवानी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अर्जुन्दा टीम द्वारा मुखबीर की सूचना पर टीम गठित कर थाना अर्जुन्दा के अप0क्र0 157/2024 धारा धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5), 221, 132, 117 (2),121(2) बीएनएस एवं छ0ग0 चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान अधि0 2010 की धारा 3 के आरोपी 1. रितेश उर्फ गोरिया गांधी पिता स्व0 संपत गांधी उम्र 34 साल साकिन वार्ड क्रमांक 14 अर्जुन्दा थाना अर्जुन्दा वर्तमान पता- कुशालपुर दन्तेश्वरी मंदिर के पास थाना पुरानी बस्ती, जिला रायपुर 02. द्रिवेश उर्फ डम्पी देवांगन पिता स्व0 जगदीश प्रसाद देवांगन उम्र 29 साल साकिन जगन्नाथ मंदिर के पास अश्वनी नगर थाना पुरानी बस्ती, जिला रायपुर छ0ग0 की पता तलाश कर गिर0 कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा l

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी मनेश कुमार पिता बिसम्भर सिंह उम्र 35 साल साकिन वार्ड क्रमांक 15 अर्जुन्दा थाना अर्जुन्दा जिला बालोद जो सीएचसी अर्जुन्दा में चौकीदार के पद पर कार्यरत् है, कि दिनांक 30.07.24 को प्रार्थी सीएचसी अर्जुन्दा में ड्यूटी में था, कि करीबन 09.15 बजे रात्रि में रितेश ऊर्फ गोरिया व एक अन्य साथी आया और हम लोगो को ईलाज कराना है, कहकर महिला वार्ड में घुस गये जिसे प्रार्थी द्वारा थोडा रूको सबका ईलाज होगा कहने पर रितेश और उसका साथी दोनो मिलकर तुम हम लोगो को जानते नही हो हम लोग क्या कर सकते है, कहकर मां बहन की गंदी गंदी गाली गलौच कर हाथ मुक्का से मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने लगे। मारपीट करने से प्रार्थी के बाये जबड़ा, दाहिने हाथ के छोटी उंगली में चोट आया है। जिसका ईलाज सीएचसी अर्जुंदा में कराया है, रितेश उर्फ गोरिया एवं उसके अन्य साथी द्वारा शासकीय चिकित्सा कर्मचारी जानते हुए भी प्रार्थी के साथ मारपीट कर चोंट पहुंचाये है। घटना को स्टाप नर्स कु0 नीलम ध्रुव व श्रीमती धामिनी देशमुख देखे सुने है कि रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान प्रार्थी का कथन लेकर घटनास्थल का नजरी नक्शा तैयार कर प्रार्थी के आयी चोंटों का एक्स-रे रिपोर्ट आने पर दाहिनें हाथ फ्रेक्चर होना बताये जाने एवं शासकीय चिकित्सा कर्मचारी होने से प्रकरण में धारा 221, 132, 117 (2),121(2) बीएनएस छ0ग0 चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान अधि0 2010 की धारा 3 पर प्ररकण में जोडी गई। प्रकरण सदर के आरोपी का पता तलाश करने टीम रायपुर रवाना की गई। जो जरिये मुखबीर सूचना पर से आरोपी रितेश उर्फ गोरिया को पकड कर थाना लाया गया जिसे पुछताछ कर मेमोरेण्डम कथन के आधार पर आरोप द्रिवेश उर्फ डम्पी देवांगन का अपराध में शामिल होना एवं घटना कारित करना पाये जाने पर प्रार्थी से पहचान कार्यवाही करा कर आरोपियों के विरूद्ध अपराध धारा का सबुत पाये जाने पर दिनांक 20.09.2024 को गिर0 किया गया। गिर0 की सूचना परिजनों को दी गई है व जुर्म अजमानतीय होने एवं आरोपियों के अपराधिक रिकार्ड होने से ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है।

सीटू ने किया बोनस की मांग को लेकर प्रदर्शन

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हिन्दुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू राजहरा ने सेल चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन के अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिमैया ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि एवं दीपावली त्यौहार बहुत ही करीब आ गया है किंतु सेल कर्मचारियों को बोनस भुगतान हेतु एन जे सी एस यूनियनो के साथ नया फार्मूला अभी तक तय नहीं हुआ है। वर्ष 2022 में सेल कर्मचारियों को यूनियन के साथ हुए एमओ यू के तहत 40500 रूपये बोनस भुगतान हुआ था। अगले वर्ष 2023 में बहुमत यूनियन के साथ हुए एम ओ यू के आधार पर जिससे सेल कर्मचारियों को लगभग आधी राशि का ही बोनस भुगतान हुआ ।इस एमओ यू का सीटू सहित दो प्रमुख यूनियनों ने लगातार विरोध करते हुए यह मांग किया कि नया बोनस फार्मूला तय किया जाए जिसमें पूर्व वर्ष मिला बोनस राशि 40500 रूपये से अधिक राशि भुगतान हो सके ।

कंपनी में लगातार स्थाई श्रमिकों की संख्या में भारी गिरावट के बावजूद कंपनी उच्चतम उत्पादन- उत्पादकता उच्चतम टर्नओवर कर रही है। इस तरह का अभूतपूर्व प्रदर्शन स्थाई और ठेका श्रमिकों के योगदान के बिना हासिल नहीं किया जा सकता ।किंतु प्रबंधन द्वारा सम्मानजनक बोनस तय किए जाने के बदले नकारात्मक रवैया से माइंस कर्मचारियों में काफी आक्रोश है ।जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा ।कई ठेका कार्य में संलग्न ठेका श्रमिकों को त्योहार पूर्व बोनस नहीं मिल पाता है ,तथा हर वर्ष उन्हें बोनस के लिए जूझना पड़ता है। अतः यूनियन मांग करती है की माइंस सहित समस्त सेल कर्मचारियों को कंपनी के उत्पादन -उत्पादकता एवं कारोबार के अनुरूप यूनियनो द्वारा रखी जा रही सम्मानजनक बोनस की मांग को एक 1/10/ 2024 एन जे सी एस की बैठक में हर हाल में तय किया जाए तथा नियमित एवं ठेका श्रमिकों का बोनस भुगतान नवरात्रि दीपावली त्यौहार के पूर्व सुनिश्चित किया जाए। धरना प्रदर्शन में जे गुरूवुलु , सुजीत मंडल, बालमुकुंद ठाकुर,विजय शर्मा, शशिकांत, बृजमोहन गजभिये सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

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